पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा ने ली अंतिम सांसे, पूर्णानंद घाट पर हुआ अंतिम संस्कार


कई दिनों से एम्स में भर्ती मशहूर पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा ने आज अपनी अंतिम सांसे ली। उनके निधन की खबर से प्रदेशभर में शोक की लहर फैल गई। राज्यपाल बेबीरानी मौर्य, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और स्पीकर उत्तराखंड प्रेमचंद अग्रवाल ने अपनी-अपनी संवेदनाए व्यक्त की। वहीं, राजकीय सम्मान के साथ मुनिकीरेती स्थित पूर्णानंद घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके कार्याें को स्मरण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।

हिमालय रक्षक, चिपको आंदोलन के प्रणेता सुंदरलाल बहुगुणा का अंतिम संस्कार मुनिकीरेती के पूर्णानंद घाट पर राजकीय सम्मान के साथ हुआ। स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने सुंदरलाल बहुगुणा के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कहा कि आज हमने देश के एक बहुमूल्य रत्न को खो दिया। हिमालय की रक्षा और पर्यावरण की सुरक्षा के लक्ष्य को सदैव सर्वोपरि रखने वाले बहुगुणा जी ने सर्वोदय आंदोलन, चिपको आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता संग्राम में अपना ऐतिहासिक योगदान दिया। कहा कि उनका सौभाग्य है कि कई विषयों पर बहुगुणा जी के साथ उनकी चर्चा होती थी और वह हमेशा मार्गदर्शक की भूमिका अदा करते थे। कहा कि उनके जाने से एक युग की समाप्ति हुई है।

इस दौरान देहरादून के जिला अधिकारी आशीष श्रीवास्तव, ऋषिकेश के उप जिलाधिकारी वरुण चैधरी, कोतवाल रितेश शाह कई लोग मौजूद रहे।

विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के खुले कपाट, अखंड ज्योति के हुए दर्शन


श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज मंगलवार को वैदिक मंत्रोचार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से आज मेष लग्न पुष्य नक्षत्र में प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर खोल दिये गये है। ग्रीष्म काल में निरंतर भगवान बदरीविशाल की पूजा- अर्चना होगी।

मंदिर तथा मंदिर मार्ग को श्री बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति द्वारा लगभग 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया था‌। प्रातः तीन बजे से ही कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गयी श्री कुबेर जी बामणी गांव से लक्ष्मी द्वार से मंदिर प्रांगण पहुंचे। श्री उद्धव जी भी मुख्य द्वार से अंदर पहुंचे। ठीक प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले इस अवसर पर कुछ ही लोग अखंड ज्योति के गवाह बने। रावल द्वारा गर्भगृह में प्रवेशकर मां लक्ष्मी को उनके परिक्रमा स्थित मंदिर में विराजमान किया तत्पश्चात भगवान के सखा उद्धव जी एवं देवताओं के खजांची श्री कुबेर मंदिर गर्भगृह में विराजमान हो गये। डिमरी पंचायत प्रतिधियों द्वारा भगवान बदरीविशाल के अभिषेक हेतु राजमहल नरेन्द्र नगर से लाये गये तेल कलश( गाडू घड़ा) को गर्भ गृह में समर्पित किया।

इसके साथ ही भगवान को माणा गांव के महिला मंडल द्वारा शीतकाल में कपाट बंद करते समय औढाया गया घृतरू कंबल उतारा गया तथा प्रसाद स्वरूप बांटा गया। भगवान के निर्वाण दर्शन के बाद अभिषेक किया गया। तत्पश्चात भगवान बदरीविशाल का श्रृंगार किया गया। इस तरह निर्वाण दर्शन से श्रृंगार दर्शन की प्रक्रिया पूरी होती है। इस संपूर्ण पूजा प्रक्रिया में रावल, डिमरी भीतरी वडुवा, आचार्यों, हक हकूकधारियों, तीर्थ पुरोहितों की भूमिका रही।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रथम महाभिषेक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से जनकल्याण एवं आरोग्यता की भावना से समर्पित किया गया है। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी श्रद्धालुजनों को बधाई दी है तथा सभी के आरोग्यता की कामना की। कहा कि लोग अपने घरों में रहकर पूजापाठ करें।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई कहा कि कोरोना की समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा पुनः शुरू होगी।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर बधाई दी है कहा कि श्री बदरीनाथ धाम को आध्यात्मिक हब के रूप में विकसित करने हेतु शासन के स्तर पर प्रयास जारी है। कई संस्थाये इसके लिए आगे आ रही है।

गढ़वाल आयुक्त व उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि श्री बदरीनाध धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारों धामों के कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई। कहा अभी यात्रियों को यात्रा की अनुमति नहीं है लेकिन स्थितियां सामान्य होने पर यात्रा को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है।
कपाट खुलने के अवसर पर रावल ईश्वरीप्रसाद नंबूदरी, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह, उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान, उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, डिमरी पंचायत पदाधिकारी आशुतोष डिमरी, विनोद डिमरी, तहसील दार चंद्रशेखर वरिष्ठ पुलिस जिला प्रशासन आईटीबीपी, सेना के अधिकारी मौजूद रहे।

देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी. डी. सिंह ने बताया कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा मंदिर परिसर,बस टर्मिनल तथा स्वागत कार्यालय, आवासों में पर्याप्त सेनिटाईजेशन किया है, कपाट खुलने के दौरान कोविड बचाव मानकों का पालन हुआ मास्क पहनना, सोशियल डिस्टेंसिंग, सेनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग का प्रयोग हो रहा है।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिक्रमा स्थित मंदिरों माता लक्ष्मी मंदिर, हनुमान जी, गणेश जी, श्री आदि केदारेश्वर, श्री शंकराचार्य मंदिर, माता मूर्ति मंदिर माणा तथा पंच बदरी में एक श्री भविष्य बदरी मंदिर के कपाट भी खुल गये है जबकि चारधामों में से श्री यमुनोत्री धाम के कपाट 14 मई, श्री गंगोत्री धाम के 15 मई, श्री केदारनाथ धाम के कपाट 17 मई को खुल चुके है। तृतीय केदार तुंगनाथ जी एवं चतुर्थ केदार रूद्रनाथ जी के कपाट भी 17 मई को खुल गये है। द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर के कपाट 24 मई को खुल रहे हैं जबकि श्री हेमकुंड गुरूद्वारा साहिब तथा लोकपाल श्री लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुलने की तिथि अभी तय नहीं है।

कल खुलने जा रहे बदरी विशाल के कपाट, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनायें

आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी, उद्धव, कुबेर रावल ईश्वरीय प्रसाद नंबूदरी एवं श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधि तेल कलश गाडू घड़ा सहित श्री योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे।

कल ब्रह्म मुहुर्त 4 बजकर 15 मिनट में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इस अवसर हेतु श्री बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति ने श्री बदरीनाथ धाम को फूलों से सजाया है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्रद्धालुओं को शुभकामनायें देते हुए घर से ही पूजा अर्चना करने का आग्रह किया है।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट खुलने की तैयारिया पूर्ण कर दी गयी है। आदिगुरू शंकराचार्य की जयंती पर आज श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में सादगी पूर्वक आदि गुरू शंकराचार्य का स्मरण किया गया। रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने आदि गुरू शंकराचार्य महाराज की वैदिक परंपराओं को अक्षुण बनाये रखने का आवह्वान किया।
इस अवसर पर उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, डिम्मर उम्मटा डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, डिमरी केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष विनोद डिमरी आदि मौजूद रहे।

श्री केदारनाथ धाम के खुले कपाट, पीएम ने नाम से किया गया रूद्राभिषेक

ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट विधि विधान पूर्वक मंत्रोचारण के साथ आज सोमवार मेष लग्न, पुनर्वसु नक्षत्र में प्रातरू पांच बजे खुल गये हैं। कपाट खुलने की प्रक्रिया प्रातरू तीन बजे से शुरू हो गयी थी। रावल भीमाशंकर एवं मुख्य पुजारी बागेश लिंग तथा देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह एवं जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मनुज गोयल ने पूरब द्वार से मंदिर मुख्य प्रांगण में प्रवेश किया।

मुख्य द्वार पर पूजा अर्चना की मंत्रोचार के पश्चात ठीक पांच बजे भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट खोल दिये गये। मंदिर के कपाट खुलने के पश्चात मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने स्यंभू शिवलिंग को समाधि से जागृत किया तथा निर्वाण दर्शनों के पश्चात श्रृंगार तथा रूद्राभिषेक पूजाएं की गयी। श्री केदारनाथ धाम में भी प्रथम रूद्राभिषेक पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से की गयी तथा जनकल्याण की कामना की गयी। कोरोना महामारी को देखते हुए चारधाम यात्रा अस्थायी तौर पर स्थगित है धामों में केवल पूजापाठ संपन्न हो रही है यात्रियों को आने की अनुमति नहीं है। केदारनाथ के कपाट खुलते समय पूजापाठ से जुड़े चुंनिंदा लोग मौजूद रहे। धाम में मौसम सर्द है मंदिर के कुछ दूरी पर बर्फ मौजूद है। तथा रास्ते में कहीं- कहीं हिमखंड नजर आ रहे है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रसन्नता ब्यक्त की है तथा भी के आरोग्यता की कामना की है। कहा है कि कोरोना महामारी के कारण अस्थाई तौर पर यात्रा स्थगित है सभी लोग वर्चुअली दर्शन करें तथा अपने घरों में पूजा-अर्चना करें।

पर्यटनमंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि कोरोना महामारी समाप्त होगी तथा शीघ्र चारधाम यात्रा शुरू होगी। उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से जनकल्याण की भावना के साथ सभी धामों में प्रथम पूजा संपन्न करवायी जा रही है।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर ऋषिकेश के दानीदाता सौरभ कालड़ा ग्रुप द्वारा श्री केदारनाथ मंदिर को 11 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। इस अवसर पर रावल भीमाशंकर लिंग, केदार लिंग, मुख्य पुजारी बागेश लिंग, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह, जिलाधिकारी मनुज गोयल, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिल मनराल बीकेटीसी पूर्व सदस्य शिवसिंह रावत, एसडीएम रवीन्द्र वर्मा, तहसीलदार जयराम बधाड़ी, धर्माधिकारी आचार्य औंकार शुक्ला, मंदिर प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रबंधक अरविंद शुक्ला एवं प्रदीप सेमवाल, पारेश्वर त्रिवेदी, महावीर तिवारी,मृत्युंजय हीरेमठ, विपिन कुमार आदि मौजूद रहे।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया की श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पश्चात केदारनाथ मास्टर प्लान कार्यों में अधिक गति आयेगी।

कपाट खुलने के दौरान कोरोना बचाव मानकों का पालन किया गया। मास्क, सेनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य किया गया। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कपाट खुलने के लिए एसओपी द्वारा ब्यापक दिशा निर्देश जारी किये हैं। केदारनाथ में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ तथा स्वास्थ्य विभाग, विद्युत, जल संस्थान की टीम अपना कार्य कर रही हैं।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर खुल रहे है। आज श्री योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी के साथ उद्धव, कुबेर तथा तेलकलश (गाडू घड़ा) श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेगा। तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट आज दोपहर में खुल रहे है जबकि चतुर्थ केदार रूद्रनाथ के कपाट भी आज खुल रहे हैं। द्वितीय केदार मदमहेश्वर के कपाट 24 मई को खुल रहे हैं। जबकि गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब एवं श्री लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुलने की तिथि अभी निश्चित नहीं है।

17 मई को श्री केदारनाथ धाम के खुलेंगे कपाट

श्री केदारनाथ धाम के कपाट सोमवार 17 मई को प्रातः 5 बजे खुलेंगे। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्रद्धालुओं को शुभकामनायें दीं हैं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अपने घरों में रहकर पूजा- अर्चना करें।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देवस्थानम बोर्ड एंव मंदिर समितियों द्वारा चारों धामों में पहली पूजाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से जनकल्याण हेतु की जा रही हैं। बीते कल शाम श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम पहुंची। कल सोमवार को प्रात: 5 बजे श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंंगे। जबकि श्री यमुनोत्री धाम के कपाट 14 मई तथा श्री गंगोत्री धाम के कपाट 15 मई को खुल चुके है।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई को प्रात: 4 बजकर 15 बजे खुल रहे है। श्री नृसिंह मंदिर से आदि गुरू शंकराचार्य जी की गद्दी, रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी के साथ योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंच गयी है। कल शाम उद्धव एवं कुबेर के साथ ही आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी श्री बदरीनाथ धाम पहुंच जायेगी।

कोविड के दृष्टिगत चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित किया जा चुका है। नित्यनियम से पूजा – अर्चना चलेगी। धामों में पूजपाठ से जुड़े लोगों को जाने की अनुमति है तथा कोरोना बचाव मानकों का पालन हो रहा है।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम तथा श्री केदारनाथ धाम में देवस्थानम बोर्ड ने कपाट खुलने की तैयारियां पूरी कर ली है। सेनिटाईजेशन, साफ-सफाई, बिजली-पानी की आपूर्ति, रावल, पुजारियों, वेदपाठियों हेतु आवास ब्यवस्था की गयी है। मास्क पहनना, सोशियल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग को अनिवार्य किया गया है।

देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी सिंह केदारनाथ धाम में ब्यवस्थाओं का अवलोकन कर रहे है। गढ़वाल आयुक्त/ उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने चारधाम के कपाट खुलने के अवसर पर कोविड गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

देशभर के बुद्धिजीवियों ने लाइव जुड़कर किया कोविड से निराश लोगों में जोश भरने का काम


“इंटरनेशनल डे ऑफ लिविंग टुगेदर इन पीस” के अवसर पर कोविड-19 के पश्चात समाज से डर, निराशा, लाचारी और नकारात्मकता को दूर करने के लिए आत्मविश्वास पैदा करने के उद्देश्य से स्पीकर के बेटे पीयूष अग्रवाल ने लाइव वेबीनार के माध्यम से एक मुहिम की शुरुआत की है। लाइव वेबीनार के माध्यम से कई बुद्धिजीवियों ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव एवं इस चुनौतीपूर्ण समय से उबरने के लिए अपने विचार रखे।

इस दौरान महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज, स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल, पतंजलि के महासचिव आचार्य बालकृष्ण, एम्स झारखंड के निदेशक सौरव वर्शनि, उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार, सूफी गायक कैलाश खेर, इंडिया फाउंडेशन के निदेशक शौर्य डोभाल, भारतीय बास्केटबॉल के पूर्व कैप्टन तृदीप राय, आयुर्वेद लिमिटेड के अध्यक्ष सुनील रेखी, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ अरविंद यादव, हिमालयन अस्पताल के कैंसर इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर सुनील सैनी सहित अन्य नामचीन लोगों ने कार्यक्रम के साथ लाइव जुड़कर अपने वक्तव्य से समाज को प्रेरित करने का काम किया। इस लाइव वेबीनार के कार्यक्रम में देश के 400 से अधिक छात्रों एवं लोगों ने प्रतिभाग किया।

इस दौरान महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि वायरस से हमें डरने की नहीं, बल्कि इससे लड़ने की आवश्यकता है। डर हर वक्त सिर्फ कमजोर करता है। अगर हम सकारात्मक सोच और पूरी हिम्मत एवं आत्मविश्वास के साथ इसका मुकाबला करें तो यह डर हम पर हावी हो ही नहीं सकता।

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि यह एक-दूसरे पर अंगुली उठाने का समय नहीं है। यह एक साथ मिलकर खड़े होने का समय है-एक राष्ट्र के रूप में ही नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज के रूप में। उन्होंने कार्यक्रम के माध्यम से आध्यात्मिक, धार्मिक गुरु-संस्थाएं, सामाजिक व उद्यमी संस्थाओं समेत समाज के अन्य समुदाय से मिलकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में समाज व सरकार की मदद करने का अनुरोध किया।

पतंजलि के महासचिव आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि संयम, अनुशासन एवं कोरोना मुक्ति के नीति-नियमों से समृद्ध होकर कोरोना व्याधि एवं संकट के बीच भी जीवन को आनंदित बना सकते हैं, समाज और राष्ट्र के लिए भी ज्यादा उपयोगी साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सदा उत्साहित रहकर खुद को ऊर्जा से भरपूर रखें, इससे व्यक्तित्व को नई पहचान एवं आत्मविश्वास मिलेगा।

इस अवसर पर सूफी गायक कैलाश खेर ने कहा कि हमें अब प्रकृति का संरक्षण करना ही होगा एवं कोरोना की इस लड़ाई में जुनून के साथ काम करना होगा।इस दौरान कैलाश खेर ने अपने एक गाने “इश्क जुनून हद से बढ़ जाए” को गुनगुना कर प्रेरित करने का काम किया।

डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि हमें वर्ल्ड शांति की ओर जाना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मिशन हौसला शुरू कर लोगों को उत्साहित करने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम के आयोजक पीयूष अग्रवाल ने कहा कि लाइव वेबीनार के माध्यम से कोविड-19 के कारण समस्या का सामना कर रहे भारत सरकार, कोरोना योद्धाओं और अन्य लोगों के प्रयास को सुनने, पहचानने, सम्मान और सराहना करने की सोच के साथ समाज के बुद्धिजीवियों को जोड़कर समाज में सकारात्मकता फैलाने एवं शांति का संदेश देने का काम किया गया है।

जीएमवीएन की वेबसाइट से तीर्थयात्रियों ने हेली सेवा के लिए की थी बुकिंग, अब लौटाई जाएगी


कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया था। इसके फलस्वरूप जिन यात्रियों ने श्री केदारनाथ हेली सेवा के लिए अग्रिम बुकिंग करायी थी उन यात्रियों की धनराशि वापिस करने का उत्तराखंड सरकार ने निर्णय लिया है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने जीएमवीएन को तीर्थयात्रियों को टिकट की धनराशि लौटाने के निर्देश दिये हैं।

जीएमवीएन ने देहरादून के राजपुर रोड स्थित यस बैंक के शाखा प्रबंधक को पत्र लिखकर तीर्थयात्रियों की धनराशि हस्तांतरित करने का निर्देश दिया है। कहा ‘‘चारधाम यात्रा सदैव से ही देश-विदेश के लाखों तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करती रही है। हालांकि कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण फैलने के खतरे और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार की ओर से इस साल चारधाम यात्रा को स्थगित करने का फैसला लिया गया है।’’

देश-विदेश के तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 17 मई से संचालित की जाने वाली हेली सेवा के लिए 2 अप्रैल 2021 से जीएमवीएन की वेबसाइट के माध्यम से टिकटों की अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग शुरू की गई थी। जिसके लिए कई तीर्थयात्रियों की ओर से ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग की गई थी।

जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक आशीष चैहान ने बताया कि बुकिंग की धनराशि हेली ऑपरेटर्स की ओर से जीएमवीएन द्वारा ली जाती है, जो कि जीएमवीएन के यस बैंक लिमिटेड द्वारा संचालित खाते में हस्तांतरित होती है। आज यस बैंक को २०० रुपए की प्रोसेसिंग फीस छोड़ कर बाकी धनराशि यात्रियों के बैंक खातों में जमा करने के निर्देश दे दिए गए है ।

अब तक 11 हजार से अधिक यात्रियों ने हेली सेवा की बुकिंग की थी। इस फैसले से देश-विदेश के हजारों तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

उद्योग पतियों से सीएम ने किया मेडिकल इक्वीपमेंट देने का अनुरोध

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्य में कोविड के खिलाफ लङाई में उद्योगों से सहयोग लेने के लिये देश के जाने माने उद्योगपतियों से वार्ता की है। उन्होंने अडाणी ग्रुप के गौतम अडाणी और आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार आदित्य बिड़ला से बात कर देवभूमि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थिति से अवगत कराया। साथ ही कोविड 19 संक्रमण के तेजी से बढ़ते प्रभाव से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सीएसआर में कोविड से संबंधित मेडिकल इक्वीपमेंट देने का अनुरोध किया। दोनों उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री को हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।
इसी क्रम में महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महेंद्रा और पेटीएम के विजय शेखर शर्मा के साथ वर्चुअल मीटिंग करते हुए प्रदेश में कोविड से लङाई में सीएसआर के तहत राज्य सरकार का सहयोग करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने सहायता मेडिकल उपकरणों के रूप में दिये जाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सीधे आवश्यक मेडिकल इक्वीपमेंट देने से राज्य सरकार को सरकारी औपचारिकताएं नहीं करनी पङेंगी और अनावश्यक विलम्ब नहीं होगा।

आनंद महिंद्रा के साथ वार्ता में मुख्यमंत्री ने 1000 आक्सीजन सिलेंडर, 1000 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स, एमआरई मशीन, 10 मेडिकल ऑक्सिजन जेनरेटर (छोटा अक्सीजन प्लांट) 500 बी.आइ.पी.ए.पी 500 सी.पीए.पी, मॉनिटर इत्यादि सहित करोना संक्रमण से बचाव के अन्य उपकरण उपलब्ध कराने का आग्रह किया। आनंद महिंद्रा ने हर सम्भव सहयोग देने के प्रति मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया। वर्चुअल मीटिंग मे महेंद्रा ग्रूप के वरिष्ठ अधिकारी अनीश शाह, मनोज, श्रुति, कवींद्र सिंह व उज्बेक ईरानी मौजूद थे।

एक अन्य वर्चूअल मीटिंग में पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वार्ता की। मुख्यमंत्री ने उन्हें भी राज्य की आवश्यकताओं से अवगत कराया। पेटीएम के सीईओ ने 100 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स उत्तराखण्ड को शीघ्र उपलब्ध कराने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने आनंद महिंद्रा और विजय शेखर शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से कोविड से लड़ाई में अवश्य जीत हासिल करेंगे। वर्चुअल मीटिंग में उद्योग जगत से समन्वय हेतु नोडल अधिकारी नीरज खैरवाल भी उपस्थित थे।

बंगाल में हिंदू परिवारों को ही क्यों बनाया जा रहा निशानाः नरेश बंसल

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र की हत्या के विरोध में आज राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने धरना दिया। बंसल ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर जो प्रहार हो रहा है हम सभी इस विपत्ति काल में बंगाल के कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होकर प्रजातात्रिंक तरीके से लड़ने के लिए कृतसंकल्प है। बंगाल मे क्यों हिन्दू परिवारो को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी हत्या हो रही है मां बहनों के साथ दुष्कर्म व दुर्व्यवहार हो रहा है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं को घर से बाहर रहना पड़ रहा है ।सासंद बंसल ने कहा कि क्या यहीं पश्चिम बंगाल का लोकतंत्र है ,जहां एक महिला मुख्यमंत्री है?

क्यो तथाकथित सेकुलर गिरोह शांत है? क्यो सुप्रिम कोर्ट संज्ञान नही ले रही ,चुनाव आयोग व सुप्रीम कोर्ट ने जब कहा कोई चुनावी जश्न नहीं होगा तो पश्चिम बंगाल में कैसे हो रहा है? राष्ट्रपतिं जी से बंगाल मे राष्ट्रपति शासन की मांग की।

उन्होंने कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के साथ है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नडडा तुरंत बंगाल पहुंचे है, उनके धरने का मंच तोड़ दिया गया। यह बहुत चिंता जनक है।
सासंद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आराजकता चरम पर है तुरंत लोकतंत्र स्थापित हो। कार्यकर्ताओं की शहादत को शत-शत नमन करते हुए कहा कि वह व्यर्थ नहीं जाएगी, हम उनकी विचारधारा की लड़ाई निर्णायक मोड़ तक पहुंचाएंगे।

सासंद ने कहा कि गृह मंत्री माननीय अमित शाह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए राज्यपाल व चीफ सेक्रेटरी से रिपोर्ट मांगी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार देश मे कही भी आराजकता नही फैलाने देगी। कोरोना संकट काल में टीएमसी कार्यकर्ताओं का यह व्यवहार घोर निन्दनीय है, ममता बनर्जी को तुरंत इस पर लगाम लगा पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र स्थापित करना होगा।

सासंद बंसल ने पुछा कि ममता दीदी, क्या बंगाल की जनता ने आपको सत्ता इसलिए सौंपी है कि आप गरीब जनता पर ऐसा अत्याचार करें? क्या बंगाल में सिर्फ टीएमसी कार्यकर्ता रह सकते हैं?