उद्योग पतियों से सीएम ने किया मेडिकल इक्वीपमेंट देने का अनुरोध

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्य में कोविड के खिलाफ लङाई में उद्योगों से सहयोग लेने के लिये देश के जाने माने उद्योगपतियों से वार्ता की है। उन्होंने अडाणी ग्रुप के गौतम अडाणी और आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार आदित्य बिड़ला से बात कर देवभूमि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थिति से अवगत कराया। साथ ही कोविड 19 संक्रमण के तेजी से बढ़ते प्रभाव से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सीएसआर में कोविड से संबंधित मेडिकल इक्वीपमेंट देने का अनुरोध किया। दोनों उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री को हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।
इसी क्रम में महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महेंद्रा और पेटीएम के विजय शेखर शर्मा के साथ वर्चुअल मीटिंग करते हुए प्रदेश में कोविड से लङाई में सीएसआर के तहत राज्य सरकार का सहयोग करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने सहायता मेडिकल उपकरणों के रूप में दिये जाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सीधे आवश्यक मेडिकल इक्वीपमेंट देने से राज्य सरकार को सरकारी औपचारिकताएं नहीं करनी पङेंगी और अनावश्यक विलम्ब नहीं होगा।

आनंद महिंद्रा के साथ वार्ता में मुख्यमंत्री ने 1000 आक्सीजन सिलेंडर, 1000 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स, एमआरई मशीन, 10 मेडिकल ऑक्सिजन जेनरेटर (छोटा अक्सीजन प्लांट) 500 बी.आइ.पी.ए.पी 500 सी.पीए.पी, मॉनिटर इत्यादि सहित करोना संक्रमण से बचाव के अन्य उपकरण उपलब्ध कराने का आग्रह किया। आनंद महिंद्रा ने हर सम्भव सहयोग देने के प्रति मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया। वर्चुअल मीटिंग मे महेंद्रा ग्रूप के वरिष्ठ अधिकारी अनीश शाह, मनोज, श्रुति, कवींद्र सिंह व उज्बेक ईरानी मौजूद थे।

एक अन्य वर्चूअल मीटिंग में पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वार्ता की। मुख्यमंत्री ने उन्हें भी राज्य की आवश्यकताओं से अवगत कराया। पेटीएम के सीईओ ने 100 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स उत्तराखण्ड को शीघ्र उपलब्ध कराने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने आनंद महिंद्रा और विजय शेखर शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से कोविड से लड़ाई में अवश्य जीत हासिल करेंगे। वर्चुअल मीटिंग में उद्योग जगत से समन्वय हेतु नोडल अधिकारी नीरज खैरवाल भी उपस्थित थे।

बंगाल में हिंदू परिवारों को ही क्यों बनाया जा रहा निशानाः नरेश बंसल

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र की हत्या के विरोध में आज राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने धरना दिया। बंसल ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर जो प्रहार हो रहा है हम सभी इस विपत्ति काल में बंगाल के कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होकर प्रजातात्रिंक तरीके से लड़ने के लिए कृतसंकल्प है। बंगाल मे क्यों हिन्दू परिवारो को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी हत्या हो रही है मां बहनों के साथ दुष्कर्म व दुर्व्यवहार हो रहा है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं को घर से बाहर रहना पड़ रहा है ।सासंद बंसल ने कहा कि क्या यहीं पश्चिम बंगाल का लोकतंत्र है ,जहां एक महिला मुख्यमंत्री है?

क्यो तथाकथित सेकुलर गिरोह शांत है? क्यो सुप्रिम कोर्ट संज्ञान नही ले रही ,चुनाव आयोग व सुप्रीम कोर्ट ने जब कहा कोई चुनावी जश्न नहीं होगा तो पश्चिम बंगाल में कैसे हो रहा है? राष्ट्रपतिं जी से बंगाल मे राष्ट्रपति शासन की मांग की।

उन्होंने कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के साथ है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नडडा तुरंत बंगाल पहुंचे है, उनके धरने का मंच तोड़ दिया गया। यह बहुत चिंता जनक है।
सासंद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आराजकता चरम पर है तुरंत लोकतंत्र स्थापित हो। कार्यकर्ताओं की शहादत को शत-शत नमन करते हुए कहा कि वह व्यर्थ नहीं जाएगी, हम उनकी विचारधारा की लड़ाई निर्णायक मोड़ तक पहुंचाएंगे।

सासंद ने कहा कि गृह मंत्री माननीय अमित शाह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए राज्यपाल व चीफ सेक्रेटरी से रिपोर्ट मांगी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार देश मे कही भी आराजकता नही फैलाने देगी। कोरोना संकट काल में टीएमसी कार्यकर्ताओं का यह व्यवहार घोर निन्दनीय है, ममता बनर्जी को तुरंत इस पर लगाम लगा पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र स्थापित करना होगा।

सासंद बंसल ने पुछा कि ममता दीदी, क्या बंगाल की जनता ने आपको सत्ता इसलिए सौंपी है कि आप गरीब जनता पर ऐसा अत्याचार करें? क्या बंगाल में सिर्फ टीएमसी कार्यकर्ता रह सकते हैं?

चारधाम के पट नियमित समय पर ही खुलेंगे, नहीं चलेगी यात्रा

देहरादून। राज्य में कोविड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को स्थगित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धामों के कपाट निर्धारित समय पर ही खुलेंगे और तीर्थ-पुरोहित मंदिरों में नियमित रूप से पूजा-पाठ करेंगे। लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर चारधाम यात्रा को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है।

गढ़ी कैंट स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चार धामों में केवल तीर्थ पुरोहितों को ही नियमित पूजा पाठ की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा की किसी को अनुमति नहीं होगी, केवल तीर्थ-पुरोहित ही पूजा करेंगे। स्थानीय जिले के निवासी भी मंदिरों में पूजा-पाठ के लिए नहीं जा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि नियमित समय पर ही चारधाम के पट खुलेंगे और तीर्थ-पुरोहित ही पूजा करेंगे बाकी देश के लोगों के लिए चारधाम यात्रा अभी बंद है। कहा कि पूरे देश में इस समय कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। उत्तराखण्ड में भी लगातार कोविड के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे समय में सरकार पूरी तरह से सजग है और इसी क्रम में तय हुआ है कि अभी चारधाम यात्रा को स्थगित रखा जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। राज्य सरकार की ओर से कोविड-19 से लड़ाई में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

रेमडिसिविर इंजेक्शन को उत्तराखंड लेकर आएगा स्टेट प्लेन

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के विशेष प्रयासों के बाद प्रदेश को आज 7500 रेमडिसिविर इंजेक्शन प्राप्त हो गए हैं। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देशों पर आज सुबह ही स्टेट प्लेन को अहमदाबाद भेजा गया था, राज्य सरकार का यह विशेष विमान रेमडिसिविर इंजेक्शन की खेप लेकर देर रात तक उत्तराखंड पहुँचेगा। अब प्रदेश में अब अगले कुछ दिनों तक रेमडिसिविर इंजेक्शन की किल्लत नहीं होगी।

अहमदाबाद से इस खेप के आ जाने के बाद कोविड 19 संक्रमण के बाद इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाले रेमडिसिविर इंजेक्शन का पर्याप्त कोटा प्रदेश के पास हो जाएगा। ’मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए है कि सभी जिलों में रेमडिसिविर इंजेक्शन के खपत और अनुपात तय करते हुए पर्याप्त मात्रा में रेमडिसिविर इंजेक्शन भेज दिए जाएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से जूझ रहे किसी भी प्रदेश वासी को रेमडिसिविर इंजेक्शन की कमी ना हो’। बीते 72 घंटों में उत्तराखंड में लगभग 11 हजार रेमडिसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति हो गई है। बीते शनिवार को भी उत्तराखंड में 3500 रेमडिसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति हुई थी। अगले 24 घंटों में उत्तराखंड को 2000 रेमडिसिविर इंजेक्शन की और आपूर्ति हो जाएगी।

दूरदर्शन में दिखेंगे ऋषिकेश के प्रभु, पूर्व सीएम बहुगुणा का निभा रहे हैं रोल

ऋषिकेश बाल कलाकार प्रभु भट्ट जल्द ही पर्दे पर दिखाई देंगें। जी हां, दूरदर्शन पर यूपी के पूर्व सीएम व उत्तराखंड के मूल निवासी स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा के जीवन पर आधारित फिल्म में वह दिखाई देंगे। इस फिल्म में प्रभु भट्ट ने स्व. बहुगुणा के बचपन का किरदान निभाया है।

आईडीपीएल निवासी बाल कलाकार प्रभु भट्ट के किरदार की यह फिल्म दुरदर्शन में रविवार को प्रसारित की जाएगी। बता दें कि इससे पहले प्रभु भट्ट जेएसआर प्रोडक्शन की 72 आवर्स में भी अभिनय कर चुके है और इसी वर्ष उनकी दो फिल्म सौम्या गणेश जो पद्माँ सिद्धि फिल्म्स के बैनर तले बनी है और बधाई दो रिलीज होने वाली है। बधाई दो, बधाई हो का सीक्वल है और जंगली प्रोडक्शन की फिल्म है। इसमें प्रभु अभिनेता राजकुमार राव और अभिनेत्री भूमि पेडनेकर के भांजे का किरदार निभाते दिखाई देंगे। प्रभु भट्ट 9 वर्ष के है और निर्मल दीपमाला पब्लिक स्कूल श्यामपुर में कक्षा 4 के विद्यार्थी है। प्रभु के पिता ऋषि राज भट्ट भी फिल्मों से जुडे है वह अभिनय के साथ साथ फिल्मों में राइटर का कार्य भी करते हैं।

बीएससी, एमएससी सहित नेट की तैयारी कर रहे विद्यार्थी डा. खाती की पुस्तक ने भी कीजिए ज्ञान अर्जित

राजकीय महाविद्यालय ऋषिकेश (श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय कैंपस) के रसायन विभाग में कार्यरत प्रोफेसर डा. पूरन सिंह खाती की पुस्तक Pollutant Dynamics in some of the lakes of Nainital ऐसे युवाओं को समर्पित है, जो वर्तमान में नेट, सेट तथा पीएचडी की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा ‘जल’ विषय पर जो पीएचडी करने की चाह रखते है, उनके लिए वह वरदान का कार्य करेगी। यही नहीं डा. खाती की इस पुस्तक से बीएससी तथा एमएससी के विद्यार्थियों को भी उचित लाभ मिलेगा।

डा. पूरन सिंह खाती ने इस पुस्तक को बहुत ही सरल और सहज भाषा में लिखा है इसमें उनके शोध कार्य सम्मिलित है। बतौर डा. खाती बताते हैं कि यह पुस्तक में जल से संबंधित सभी जानकारियां है, इसे विद्यार्थी गूगल पर भी सर्च कर पढ़ सकते है।

इस किताब में डॉक्टर खाती डॉक्टर खाती ने विशेष रुप से उन झीलों का वर्णन किया है। नैनीताल, भीमताल, नौकुचियाताल, खुरपा ताल तथा सात ताल इन पांच लेखों में डॉक्टर खाती ने अपना शोध कार्य किया है। आपको बता दें कि डॉक्टर खाती ने अपना शोध कार्य सुपरवाइजर प्रोफेसर एस पीएस मेहता डीएसबी केंपस नैनीताल कुमाऊं यूनिवर्सिटी नैनीताल के निर्देशन में किया है।
डॉक्टर खाती ने वाटर से संबंधित कार्य आईआईटी रुड़की, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी, गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी पंतनगर तथा डब्ल्यूटीए नोएडा तथा डीएसबी परिसर नैनीताल मैं किया है।

18 प्लस लोगों को कोरोना की वैक्सीन 1 मई से

केंद्र सरकार कोरोना टीकाकरण का तीसरा चरण शुरू करने जा रही है। सरकार के अनुसार एक मई से टीकाकरण का तीसरा चरण शुरू होगा। इसमें 18 वर्ष से ऊपर सभी आयु के लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। डॉक्टरों के साथ आज हुई बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक साल से सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि देश में ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की डोज दी जाए। इसलिए सरकार यह एलान कर रही है कि अब 18 साल से ऊपर सभी लोगों को एक मई से कोरोना का टीका लगाया जाए।

महाकुंभ का मुख्य शाही स्नान सफलता पूर्वक सम्पन्न


कुम्भ मेला का मुख्य शाही स्नान सकुशल और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो गया। मेष संक्रांति के स्नान पर विगत के कुम्भ मेलों में घटित कुछ अप्रिय घटनाओं के इतिहास एवं कोविड की अभूतपूर्व चुनौतियों को देखते हुए शाही स्नान को सुव्यवस्थित व निर्विघ्न संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा था। इन चुनौतियों के बीच मुख्य शाही स्नान बिना किसी अप्रिय घटना के सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सायं तक 13 लाख 51 हजार श्रद्धालु कुम्भ क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर स्नान कर चुके थे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कुम्भ मेले के मुख्य शाही स्नान के सकुशल सम्पन्न होने पर मेले से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों, स्वयं सेवी संस्थाओं सहित सभी जनमानस को बधाई देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों का सामना करते हुए मेले से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मिकों ने जिस मनोयोग से कुम्भ की व्यवस्थाओं को संभाला तथा देश-विदेश के श्रद्वालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करायी, वह सराहानीय है। शाही स्नान सकुशल सम्पन्न होने से राज्य सरकार की दिव्य-भव्य एवं सुरक्षित कुम्भ की परिकल्पना भी साकार हुई है। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले से सफल आयोजन का सामूहिक प्रयासों का भी नतीजा बताते हुए साधु-संतों, अखाडों, मेला क्षेत्र की जनता, व्यापारियों, गंगा सभा, तीर्थ पुरोहितों, मीडियाकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों आदि का भी अत्यधिक उल्लेखनीय सहयोग रहा है। जिसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र है।

मेला अधिकारी दीपक रावत ने शाही स्नान सम्पन्न होने के बाद मीडिया सेंटर कुम्भ मेला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुम्भ मेलों के बैसाखी के शाही स्नानों में कुछ छोटी मोटी घटनाएं हुई थी, इसलिए मेला प्रशासन व पुलिस के आपसी सहयोग से इसे सफल बनाने की पूरी कोशिश की थी और इसमें हम सब सफल रहे। उन्होंने इस सफलता के लिए पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाओं व सफाई कर्मियों के अलावा व्यापारी व आम जनता का भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि थोड़ी बहुत परेशानी के बावजूद उन्होंने पूरे दिल से प्रशासन का साथ दिया। उन्होंने बताया कि कोरोना के मध्यनजर जिला स्वास्थ्य विभाग व मेले में जुड़ी अन्य एजेंसियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 50 हजार टेस्ट हो रहे हैं।

पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने बताया कि मेला क्षेत्र की सीमाओं पर श्रद्धालुओं के कोबिड सर्टिफिकेट की सघन जांच हो रही है, जिस कारण सर्टिफिकेट न होने पर अब तक 56 हजार श्रद्धालुओं को सीमा से ही वापस लौटाया जा चुका है। उन्होंने शाही स्नान को सफलता से आयोजित करने में राज्य की पुलिस सहित केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों, अन्य राज्यों की पुलिस एवं पी.एस.सी., होमगार्ड्स आदि की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस बार पुलिस, केन्द्रीय सुरक्षाबलों के अतिरिक्त पहली बार एन.एस.जी को भी तैनात किया गया था। कोरोना काल के बावजूद शाम तक करीब 13 लाख 51 हजार लोग गंगा में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला जनमेजय खण्डूड़ी नेग मेला में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
नोडल अधिकारी सूचना मनोज श्रीवास्तव ने देशभर के मीडिया के साथ साथ स्थानीय मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि खासकर स्थानीय मीडिया ने मेला प्रशासन के मिलकर एक मेजबान की भूमिका भी निभाई और कुम्भ की महत्ता को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री तीरथ ने वर्चुअली प्रेसवार्ता कर दी शाही स्नान को लेकर अपडेट

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ 2021 के दूसरे शाही स्नान का आयोजन भी कोविड 19 की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए दिव्यता व भव्यता के साथ संपंन हो गया है। सुरक्षित और सफल आयोजन में सहयोग के लिए सभी सहयोगियों का आभार।

सचिवालय में पत्रकारों से वर्चुअली बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए शाही स्नान में अखाड़ों के संत समाज से लेकर लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं ने हरिद्वार कुंभ 2021 में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। उन्होंने प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बताया सोमवती अमावस्या पर हुए दूसरे शाही स्थान को लेकर श्रद्धालुओं में बहुत उत्साह रहा। सुबह आठ बजे तक ही 15 लाख श्रद्धालू स्नान कर चुके थे। वहीं सायं 6 बजे जो आंकड़ा आया है उसमें स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 28 लाख पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि शाही स्नान के समापन तक करीब 35 लाख श्रद्धालु स्नान कर लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की विपरीत परिस्थितियों में हो रहे कुंभ के आयोजन में चुनौतियां बहुत हैं। लेकिन हमारी सरकार ने उस चुनौती का स्वीकार किया है और कुंभ को दिव्यता और भव्यता के साथ सुरक्षित ढंग से संपंन कराया जा रहा है। कहा कि मेले में संत समाज की हर सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उनके स्वागत में कोई कमी नहीं है। किसी श्रद्धालू को भी कहीं परेशानी का सामना ना करना पड़े इसका अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ में व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के लिए हर अखाड़े के स्नान का समय निर्धारित है। और श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में टीका उत्सव के लिए व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं। और टीकाकरण को जनपद से लेकर ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। कहा कि टीकाकरण को लेकर अन्य प्रांतों की अपेक्षा हम बहुत बेहतर स्थिति में हैं। इसके लिए भारत सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ने उन्होंने हृदय से आभार जताया।

स्किल इंडिया पैवेलियन कौशल मेला का हुआ वर्चुअल शुभारंभ

Need to link skill development program with self-reliant India and vocal for local: CM

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक व कौशल विकास व उद्यमशीलता मंत्री भारत सरकार, डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय ने हरिद्वार कुम्भ मेले में स्किल इंडिया पैवेलियन-कौशल मेला का वर्चुअल उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री भारत सरकार डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, भारत सरकार आरके सिंह, उत्तराखण्ड के कौशल विकास मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत एवं विधायक व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने वर्चुअल उपस्थिति दर्ज कराई। इसमें कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा हरिद्वार में आयोजित कुंभ मेले में स्किल इंडिया पैवेलियन का डिजिटल लॉन्च कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय कौशल विकास मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने स्किल इंडिया के मेले में प्रतिभाग कर रहे युवाओं से बातचीत कर युवाओं को कौशल विकास के लिए अन्य लोगों को प्रेरित करने एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिये जाने और कौशल विकास कार्यक्रम को आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल से जोड़ने की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने हरिद्वार कुम्भ मेले में स्किल इंडिया पैवेलियन-कौशल मेला के वर्चुअल उद्घाटन के अवसर पर कहा कि इस स्किल इंडिया पैवेलियन के द्वारा देश के युवाओं का कौशल विकास होगा और वे एक नए भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार सम्पूर्ण विश्व में यह कुम्भ मेला भारत की आध्यात्मिक ताकत का बोध कराता है उसी प्रकार हम सभी का एकजुट प्रयास हो कि स्किल इंडिया पैवेलियन देश के युवाओं को आने वाले भविष्य के अनुरूप कौशल का निर्माण करने में एक दिशा दे और हम सभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कुम्भ मेले में केंद्र सरकार से बहुत महत्वपूर्ण सहयोग मिला है। हमारे कुशल कार्यबल की ही लगन और मेहनत का फल है कि इस महाकुम्भ का आयोजन ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी किया जा सका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों से देश को एक नई दिशा दी है। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है कौशल विकास कार्यक्रम। भारत युवाओं का देश है। हमारे युवाओं में देश को आगे ले जाने की योग्यता और क्षमता है। आज का विश्व प्रतिस्पर्धा का विश्व है। हमें अपने युवाओं को इस प्रतिस्पर्धा में जीतने योग्य बनाना है। इसके लिए बाजार की मांग के अनुरूप युवाओं के कौशल विकास पर खास ध्यान देना है। कोरोना की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कौशल विकास कार्यक्रम को आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल से जोङने की जरूरत है। इसके लिए जरूरत है, स्थानीय संसाधनों की उपलब्धता और भविष्य के बाजार की मांग के अनुसार रूपरेखा तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कृषि, उद्यानिकी, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन विशेष तौर पर साहसिक पर्यटन और आईटी पर फोकस किया जा सकता है। इन क्षेत्रों में कौशल विकास के कार्यक्रम चलाए जाएं। इनकी मार्केटिंग पर भी ध्यान देना होगा। प्रदेश में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों और इनमें भी महिला स्वयं सहायता समूहों को कौशल विकास से जोड़ें तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 में उत्तराखंड को अधिक लक्ष्य आवंटित किये जाने का अनुरोध किया।

कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री, भारत सरकार डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि कुंभ मेला हमारे संस्कारों का अभिन्न अंग रहा है। कुभ में आने का लोगों का मुख्य उद्देश्य धर्म एवं मोक्ष से होता है, वहीं स्किल इंडिया कार्यक्रम का उद्देश्य अर्थ और काम की प्राप्ति करना है। उन्होंने कहा कि मेलों का आयोजन भारतीय परम्पराओं का अभिन्न अंग रहा है। मेलों में खेती एवं कारोबार से संबंधित यंत्रों की प्रदर्शनी की भारत में पहले से ही परंपरा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कौशल विकास एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा आगे बढ़ने के लिए जो देशवासियों से आह्वाहन किया है, आज देश उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश को शीर्ष स्तर पर ले जाने के लिए प्रधानमंत्री जी प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जरूरतों के हिसाब से राज्य में कौशल विकास के लिए योजनाएं बनाई जा रही है। एडवेंचर, आर्गेनिक खेती, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में कौशल विकास के प्रशिक्षण के लिए उत्तराखण्ड को केन्द्र की ओर से पूरा सहयोग दिया जायेगा।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि कुंभ दुनिया का आकर्षण का केन्द्र होता है, कुंभ के समय कौशल विकास की दृष्टि से लोगों में जागृति फैलाने का यह सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, कौशल विकास से उनकी प्रतिभाएं उजागर होंगी। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कौशल विकास विभाग द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं।

कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, भारत सरकार आरके सिंह ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट विकास का मुख्य आधार रहा है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एवं लोगों में कार्य करने के हुनर को विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कौशल विकास एवं उद्यमशीलता नया मंत्रालय बनाया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के क्षेत्र में सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। व्यवस्थाओं में सुधार की गुंजाइश हमेशा होती है। इसके लिए राज्यों से जो भी सुझाव प्राप्त होंगे, उन पर गम्भीरता से विचार किया जायेगा।

प्रदेश के कौशल विकास मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री के कौशल भारत एवं कुशल भारत के संकल्प को लेकर हरिद्वार कुंभ के दौरान यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। युवाओं के हाथों में हुनर देकर हम इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से राज्य में युवाओं को स्किल से जोड़ा जा रहा है। एडवेंचर, ईको टूरिज्म, आर्गेनिक खेती और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में युवाओं का कौशल विकास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के साथ ही राज्य सरकार द्वारा युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार के अपर सचिव अतुल कुमार तिवारी, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सीईओ डॉ. मनीष कुमार, सचिव कौशल विकास, डी. सेंथिल पांडियन एवं निदेशक कौशल विकास आर राजेश कुमार आदि उपस्थित थे।