योग साधकों ने लठमार और अवधि शैली की मनाई होली

ऋषिकेश में स्थित मुनि की रेती में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव’ का मंगलवार को समापन हो गया है। सात दिवसीय योग महोत्सव के आख़िरी दिन फूलों की होली के साथ विदेशी पर्यटक खूब झूमें। इस योग महोत्सव में 1600 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया।
योग महोत्सव के अंतिम दिन के कार्यक्रमों में पर्यटन विभाग के सहयोग से योग स्कूलों में से एक हार्टफुलनेस संस्थान की छवि सिसोदिया ने रक्तचाप उपचार के लिए एक योग सत्र का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने योग साधकों को बल्ड प्रेशर नियंत्रण के लिए अनेक योग प्रणायामों के बारे में बताया व इनके करने की विधि समझाई। इस दौरान उन्होंने बताया कि बल्ड प्रेशर अनेक रोगों का कारक है। आज रोजमर्रा के जीवन में लोगों की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या हाई बल्ड प्रेशर है, जो अनेक रोगों का जनक है, जिनमें हृदय, किडनी एवं आँख संबंधी रोगों के साथ मेटाबॉलिक सिन्ड्रोम, सांस लेने में कठिनाई, नींद की समस्या, थायरॉइड समस्या आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा अन्य दूसरे सत्र में छवि सिसोदिया के मार्गदर्शन में साधकों ने ध्यान योग किया। अन्य सहयोगी योग संस्थान में चेन्नई स्थित कृष्णामचार्य योग मंदिरम के योगाचार्य एस श्रीधरण ने भक्ति सत्र का आयोजन किया।
योग महोत्सव के समापन कार्यक्रम पर उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद निदेशक विपणन व प्रचार सुमित पंत ने योग महोत्सव में आये सभी योग विद्यालयों के गुरूओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किए। योग महोत्सव के समापन कार्यक्रम का संचालन पर्यटन विभाग के जनसंपर्क अधिकारी कमल किशोर जोशी ने किया।
समापन कार्यक्रम में डॉ. सुनील जोशी उप कुलपति आयुर्वेद विश्वविद्यालय, डॉ. छवि सिसौदिया हार्टफुलनेस संस्थान, राजीव कालरा ईशा फाउंडेशन, वीपी सिंह कैवल्यधाम, अरूण पेरूमल कृष्णामचार्य योग मंदिरम, सुश्री एकता राममणि स्मृति योग संस्थान, नंदलला शिवानंद आश्रम, कुमार नारायण आर्ट ऑफ लिविंग, सुनील भगत नारायण स्वामी सहित देश-विदेश के पर्यटक मौजूद रहे।
अंतिम दिन के कार्यक्रमों में दैनिक आधार पर चल रहे सहयोगी योग संस्थानों द्वारा 2 घंटे का योग, हास्य योग विशेषज्ञ मनोज रंगढ़ द्वारा हास्य योग सत्र, आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा नाड़ी परीक्षण का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त होली के उपलक्ष्य में शाम को इस्कॉन द्वारा राधा कृष्ण की मूर्ति का पुष्पाभिषेक किया गया, जिसके बाद फूलों की होली खेली गई।
गौरतलब है कि पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ एक मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा किया गया। सात दिनों के इस महोत्सव में योगाभ्यास, भक्ति के अलावा विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किए गये।
महोत्सव में आए पर्यटकों ने ईशा फाउंडेशन, शिवानंद आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, कृष्णामचार्य योग मंदिरम, कैवल्यधाम, राममणि स्मृति योग संस्थान, हार्टफुलनेस संस्थान के योगाचार्यों व प्रशिक्षकों के सान्निध्य में विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास व योगकलाएं सीखी। साथ नाड़ी परीक्षण, ध्यान योग एवं भक्ति सत्रों से आरोग्य एवं भक्ति का लाभ कमाया। विदेशी योग साधकों में राज्य के परिधानों व स्वादिष्ट व्यंजनों एवं लोक कलाओं को लेकर खासी दिलचस्पी देखी गई। इसके अलावा विभिन्न विषयों पर पैनल परिचर्चाओं एवं रात्रि के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आगंतुकों को ज्ञान अर्जन के साथ मनोरंजन का भी सुख प्रदान किया।
योग महोत्सव के दौरान उत्तराखण्ड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय द्वारा मर्म चिकित्सा, नाड़ी परीक्षण, चिकित्सीय परामर्श एवं निःशुल्क औषधि वितरण किया गया। विश्वविद्यालय के चिकित्सक डॉ. विपिन चंद्र ने बताया कि 1 मार्च से 7 मार्च तक ओपीडी में 500 से अधिक लोगों ने अपना परीक्षण करवाया एवं चिकित्सीय परामर्श प्राप्त किया।

सीएम आवास में होली मिलन कार्यक्रम, सीएम ने खूब लगाया आगुन्तकों को रंग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा होली के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, मीडिया तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों तथा अधिकारियों ने भागीदारी कर मुख्यमंत्री को होली की बधाई दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आत्मीयता के साथ सभी से मिले तथा होली की शुभकामना दी। मुख्यमंत्री ने उमंग और आपसी सौहार्द के पर्व को आपसी सद्भाव तथा भाईचारे के साथ मनाने की सभी से अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति आपसी भाईचारे का संदेश देती है। होली के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख शांति एवं समृद्धि के साथ खुशहाल जीवन की भी कामना की।

वात्सल्य योजना के 6286 लाभार्थियों के खाते में मुख्यमंत्री ने किया डिजिटल हस्तान्तरण

राज्य में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की जायेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के तहत आयोजित महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘एकल महिला संघर्ष से सशक्तिकरण की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एकल महिलाओं को सम्मानित भी किया। वात्सल्य योजना के 6286 लाभार्थियों को माह फरवरी के 01 करोड़ 89 लाख रूपये का डिजिटल हस्तान्तरण मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि हमारी भारतीय सनातन संस्कृति में नारी को देवी का दर्जा प्राप्त है। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है,वे हर जगह पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपने आपको साबित किया है। आज प्रदेश के दुर्गम गांवों में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही हैं। अपनी कौशल क्षमता के माध्यम से महिलाएं अपने परिवारों की आर्थिकी को शक्ति प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मातृशक्ति को सशक्त बनाने में अनेक प्रयास हुए हैं। आज देशभर में करीब 23 करोड़ महिलाओं को जन धन खातों के जरिए बैंकों से जोड़ा जा चुका है। आज वित्तीय समावेश से लेकर सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा से लेकर आवास, शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक, हमारी नारी शक्ति को भारत की विकास यात्रा में सबसे आगे रखने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। ये प्रयास आने वाले समय में और भी अधिक उत्साह के साथ जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में राज्य की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण का संपूर्ण लाभ देने के लिए तेजी से कार्य किया है। आज प्रदेश की समस्त माताओं और बहनों ने अपने अथक परिश्रम से जहां एक ओर आर्थिक रूप से अपने आपको आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है, वहीं देवभूमि की सभ्यता और संस्कृति को भी जीवंत रखा है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सरकार को मातृशक्ति का आशीर्वाद एवं समर्थन चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह महिला सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम सरकार के सशक्त मातृशक्ति, सशक्त राज्य के संकल्प को पूर्ण करने में सहायक सिद्ध होगा।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से मजबूती प्रदान करने के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। राज्य में विधवा पेंशन में बढ़ोत्तरी की गई है। एकल महिलाएं जिस मजबूती के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं, इसके लिए वे सराहना के पात्र हैं। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं हैं।
इस अवसर पर विधायक दलीप सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव एच. सी. सेमवाल, अपर सचिव निवेदिता कुकरेती एवं मातृशक्ति मौजूद रही।

होल्यारों के बीच पहुंचे सीएम ने गांए होली के गीत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चंपावत के बनबसा एवं टनकपुर में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने होली को आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का पर्व बताया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की होली अपने आप में विशिष्ट पहचान रखती है। होली में बड़े-छोटे का भेद नहीं रहता। सब एक समान रंगों में सराबोर होकर खुशी व आनंद से होली मनाते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की बधाई देते हुए सभी की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि होली के रंगों की तरह सभी के जीवन में सात रंगीय हर रंग घुले रहे मिलें रहें, सभी के जीवन को सुखमय बनाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी धर्मपत्नी गीता धामी के साथ शनिवार को चंपावत जिले के रामलीला मंच, डेविड पेंटर, हाईस्कूल गुदमी बनबसा एवं टनकपुर स्थित गांधी मैदान में पहुंचकर होली मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। होली मिलन कार्यक्रम में महिला एवं पुरुष होली गायकों के साथ मिलकर विशेष रूप से लोहाघाट से आई महिलाओं, पुरुषों के साथ मुख्यमंत्री द्वारा होली गायन किया और होली के सराबोर में झूमें। उन्होंने टनकपुर गांधी मैदान में आए लोहाघाट के महिला एवं पुरुषों की होली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंड में प्रथम ऐसी होली होगी जो लोहाघाट के होल्यारों द्वारा गाई जाती है। हरेला क्लब सांस्कृतिक क्षेत्र में इस प्रकार के आयोजन करते रहता है इसके लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। इस अवसर पर उन्होंने सभी बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं से मिलकर उन्हें होली की शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होली रंगों का त्यौहार है इससे जीवन में खुशी बढ़ती है। होली हमारी संस्कृति एवं परंपरा है। सरकार ने हाल ही में पीसीएस परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरी, मां शारदा, गोल्जू के आशीर्वाद तथा यहां के लोगों के सहयोग से सरकार ने एक के बाद एक बड़े फैसले लिए है। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून केवल और केवल प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए है न कि किसी स्कूल और कॉलेज की परीक्षाओं के लिए। केन्द्र एवं राज्य सरकार की नीतियां सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए भविष्य में भी जो सुझाव आएंगे उन्हें भी हमारी सरकार आवश्यकतानुसार लागू करेगी। राज्य सरकार अंत्योदय के मंत्र पर कार्य करते हुए अंतिम व्यक्ति को मुख्य धारा से जोड़ रही है। विकसित उत्तराखंड का जो स्वप्न हमने देखा है, उसके लिए हम एक विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा संकल्प है राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष तक उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना और यह हमारा ’’विकल्प रहित संकल्प’’ है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी अंत्योदय कार्ड धारकों के साल में 3 सिलेंडर मुफ्त में रिफिल किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में महिलाए, स्वयं सहायता समूहों के साथ ही विभिन्न माध्यम से अपनी आजीविका चला रही है और अन्य लोगों को भी रोजगार दे रही है।
इस अवसर पर विभिन्न गांवों से आए होली गायक स्थानीय जनता, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेनू अग्रवाल, टनकपुर विपिन कुमार लोहाघाट गोविन्द वर्मा, प्रदेश भाजपा मंत्री हेमा जोशी, विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार, मंडल अध्यक्ष कमलेश भट्ट सहित जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, सीडीओ आरएस रावत, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम सुन्दर सिंह, रिंकू बिष्ट सहित अनेक लोहाघाट रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता स्थानीय जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखण्ड जनजाति और अन्तर्राष्ट्रीय थारू सम्मेलन में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा स्थित थारू विकास भवन में उत्तराखण्ड जनजाति एवं अन्तर्राष्ट्रीय थारू सम्मेलन 2023 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य जनजाति महोत्सव का आयोजन जो प्रतिवर्ष किया जाता है उसके लिये उत्तराखण्ड जनजाति शोध संस्थान से धनराशि दी जायेगी। खटीमा जनजातिय खेल प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने हेतु प्रतिवर्ष जनजातिय युवा खेल महोत्सव आयोजित किया किये जाने व ग्राम पहेनिया में देवा पोषक शारदा नहर क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण किया जायेगा तथा ग्राम लामाखेड़ा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि थारू समाज, हमारे लिए एक परिवार की तरह है और थारू समाज के उत्थान और कल्याण के लिए हमारी सरकार दिन रात कार्य कर रही है। उन्होने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार का मानना है कि थारू समाज का मजबूत और आत्मनिर्भर बनना हमारे देश और प्रदेश की उन्नति के लिए परम आवश्यक है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ के मूल मंत्र को लेकर कार्य रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार ने ही थारू समाज को उसका हक दिलाने का कार्य किया था और आज मोदी के नेतृत्व वाली सरकार थारू समाज सहित सभी जनजातियों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारें, 70 सालों में गरीबों का खाता नहीं खोल पाई, उनके जमाने में गरीब आदमी बैंक के दरवाजे तक नहीं पहुंच सकते थे अब जब प्रधानमंत्री मोदी ने प्रत्येक गरीब का बैंक में खाता खुलवा दिया तो अब वही लोग उनके खातों में पैसे जमा करने का वादा कर रही है। प्रदेश में विकास के रास्ते तभी खुलेंगे जब राष्ट्र सुरक्षित रहेगा। बीते वर्षों में देश में भी आतंकी घटनाओं पर लगाम लगी है ये है आपके एक वोट की ताकत का कमाल।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महान विजन के अनुरूप और उन्हीं के दिशा निर्देशन में हम प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हम विकसित उत्तराखंड का जो विकल्प रहित संकल्प लेकर चल रहे हैं उसकी सिद्धि के लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि हमारा मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि जब हम सभी वर्ष 2025 में राज्य का रजत जयंती वर्ष मना रहे होंगे, तब हम सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड के सपने को साकार होता हुआ देखेंगे। उन्हे प्रसन्नता है कि प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति इस संकल्प की पूर्ति के लिए सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रहा है। आज इस महासम्मेलन में आपका यह मुख्य सेवक आपको विश्वास दिलाता है कि मेरी सरकार उत्तराखंड में थारू समाज के विकास के लिए दिन-रात कार्य करती रहेगी। उन्होने नेपाल, बिहार, यूपी, धारचूला, मुनस्यारी, जौनसार, गदरपुर आदि कोने-कोने से आये थारू, बुक्सा, जौनसारी, आदिवासी लोगों का अभिनन्दन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने थारू समाज के साथ होली खेली व होली की शुभकामनायें दी।
इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने खटीमा में उत्तराखण्ड जनजाति एवं अन्तर्राष्ट्रीय थारू सम्मेलन 2023 के आयोजन हेतु शुभकामनाएं व बधाई दी। उन्होंने नेपाल देश से आये थारू समाज के लोगों का अभिनंदन करते हुये बधाई दी। उन्होंने कहा कि नेपाल से हमारा वैसे भी रोटी-बेटी का रिश्ता है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व धामी जी के नेतृत्व में सभी वर्ग क्षेत्र के लिये कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर नेपाल देश से आये पूर्व कैबिनेट मंत्री नारद मुनि, कृपा राम राणा, विधायक गोपाल सिंह राणा, थारू राणा परिषद के अध्यक्ष दान सिंह राणा, नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सोनी राणा, अन्तर्राष्ट्रीय थारू राणा परिषद के अध्यक्ष दीप नारायण, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी आदि उपस्थित रहे।

बागेश्वर की कविता देवी और देहरादून की निकिता चौहान को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर जिले की कविता देवी तथा देहरादून जिले की निकिता चौहान को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए चयनित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे राज्य की महिला सरपंचों को यह सम्मान मिलना प्रदेशवासियों विशेषकर यहां की महिलाओं के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान उत्तराखण्ड में जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व के असाधारण योगदान का सम्मान है। यह सम्मान उन सभी लोगों को प्रेरित करेगा जो अपने गांवों को स्वच्छ बनाने तथा गांवों में जल संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। गांवों को स्वच्छ बनाने, ओडीएफ प्लस मॉडल गांवो के निर्माण, हर घर जल मिशन व जल संरक्षण में ग्राम प्रधानों एवं सरपंचों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तराखण्ड में महिला ग्राम प्रधान, महिला सरपंच, महिला स्वच्छाग्रही, महिला स्वयं सहायता समूह, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री बहनें धरातल स्तर पर अपनी प्रभावी नेतृत्व क्षमता और कुशल प्रबन्धन के माध्यम से राज्य के विकास में असाधारण योगदान दे रही हैं।
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान के तहत 04 मार्च से अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष उत्तराखण्ड की दो महिलाओं का चयन भी स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए हुआ है। 04 मार्च को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू तथा केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत इन्हें सम्मानित करेंगे। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जनपद बागेश्वर से सरपंच कविता देवी तथा देहरादून जिले से सरपंच निकिता चौहान को अपने गांवो को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) प्लस मॉडल बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य तथा असाधारण योगदान देने हेतु स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए चयनित किया गया है।

सीएम की पहल पर हॉकी खिलाड़ी बॉबी सिंह धामी को मिली हॉकी किट और सहायता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। नई खेल नीति हो या वृहद स्तर पर खेलों का आयोजन धामी सरकार लगातार नये आयामों को छू रही है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी धामी सरकार आवश्यक संसाधनों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित कर रही है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड राज्य के हॉकी खिलाड़ी बॉबी सिंह धामी जो भारतीय जूनियर हॉकी टीम के उप कप्तान हैं द्वारा पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार से मुलाकात कर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था, जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा यथोचित सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार की ओर से बॉबी सिंह धामी को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जाने हेतु प्रयास किये गये हैं। राज्य सरकार की ओर से सीएसआर के माध्यम से उत्कृष्ट खिलाड़ी को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के क्रम में मेसर्स बहल पेपर मिल लिमिटेड द्वारा बॉबी सिंह धामी को हॉकी किट एवं अन्य आवश्यक संसाधनों को स्पॉन्सर किया गया है। जिस हेतु धनराशि रू 6.6 लाख उपलब्ध कराये गये हैं।
खेल मंत्री रेखा आर्य द्वारा खेल विभाग की मुखिया के रूप में मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के इस प्रयास पर आभार प्रकट करते हुये मेसर्स बहल पेपर मिल लिमिटेड को आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा किये गये इस प्रयास से खिलाड़ियों के मनोबल के साथ-साथ उनके खेल कौशल को भी सकारात्मक दिशा मिलती है। बॉबी सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बहल पेपर मिल लिमिटेड और खेल विभाग उत्तराखंड का आभार व्यक्त किया गया है।

राष्ट्रपति ने प्रो. दाता राम पुरोहित को संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से सम्मानित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरूवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में देश भर से चयनित प्रख्यात संगीतकारों, नर्तकों, लोक एवं आदिवासी कलाकारों और रंगकर्मियों को उनके विशिष्ट योगदान हेतु वर्ष 2019, 2020, 2021 के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया। भारत में प्रदर्शन कला वर्ग में दिए जाने वाला यह सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार है। श्रीनगर गढ़वाल निवासी प्रख्यात संस्कृतिकर्मी और शिक्षाविद प्रो दाता राम पुरोहित को उत्तराखंड की लोक कलाओं के संवर्धन में अमूल्य योगदान के लिए साल 2021 का संगीत नाटक अकादमी सम्मान प्रदान किया गया. देश के इस प्रतिष्ठित पुरस्कार वितरण की परंपरा 1952 से चली आ रही है। जिसके तहत हर साल संगीत, नृत्य, रंगमंच, पारंपरिक कलाओं, कठपुतली कला और अन्य विविध प्रदर्शन कला के क्षेत्र में कलाकारों द्वारा दिए गए विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें रत्न सदस्यता और अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। प्रो डी आर पुरोहित ने अपना पूरा जीवन उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवम उसके कलाकारों के संवर्धन के लिए समर्पित कर दिया. उत्तराखंड की लोक कलाओं को अपने शोध कार्यों के माध्यम से पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाने के लिए प्रो पुरोहित ने जर्मनी की प्रतिष्ठित हाइडिलबर्ग युनिवर्सिटी से लेकर अमेरिका की प्रिंस्टन युनिवर्सिटी तक दुनियाभर की दर्जनभर विश्वविद्यालयों और संस्थानों में व्याख्यान दिए. प्रो पुरोहित ने उत्तराखंड की ढोल वाद्य शैली, पंडवाणी, भड़वार्ता, जागर, रम्माण, नंदा के गीत और बादी बदीणों के गीतों पर शोध कर उनके अकादमिक प्रचार प्रसार में अहम भूमिका निभाई है. श्रीनगर के हेनब गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय में लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र की अवधारणा एवम उसे मूर्त रूप देने का श्रेय भी प्रो डी आर पुरोहित को जाता है. प्रो पुरोहित अभी भी उत्तराखंड में लोक नाट्य कलाओं की जड़े सींचने के लिए निरंतर स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोध कार्यों, लेखन, निर्देशन एवं नए कलाकारों के मार्गदर्शन में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस दौरान प्रो डी आर पुरोहित के अलावा शास्त्रीय गायक छन्नू लाल मिश्र, लोक गायिका तीजन बाई, भजन गायक अनूप जलोटा समेत देश के कई प्रतिष्ठित कलाकारों को भी सम्मानित किया. अकादेमी फेलो के सम्मान में तीन लाख की पुरस्कार राशि दी जाती है, जबकि अकादेमी पुरस्कार में एक ताम्रपत्र के अलावा एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है। केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और उत्तर पूर्व विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी और संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और संगीत नाटक अकादेमी की चेयरपर्सन डॉ संध्या पुरेचा भी उपस्थित रहे.

पौड़ी में सीएम ने की विभिन्न समूहों के पदाधिकारियों के साथ भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जनपद पौड़ी मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में पूर्व सैनिक संगठन एवं शहीदों के परिजनों, प्रबुद्ध नागरिकों, महिला स्वयं सहायता समूह व महिला संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के साथ संवाद व भेंटवार्ता की। इस अवसर पर उन्होंने सर्किट हाउस प्रांगण में पौधारोपण भी किया।
विभिन्न संगठनों के साथ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार एकरूपता से उत्तराखंड की जनता के लिए कार्य कर रही है। संवाद कार्यक्रम के दौरान जो भी शिकायत या मांग पत्र उपलब्ध कराए गए हैं, उन पर समय रहते सकारात्मकता के साथ हर संभव कार्यवाही की जाएगी।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक लैंसडौन महंत दलीप सिंह रावत, विधायक पौड़ी राजकुमार पौरी, विधायक यमकेश्वर रेनू बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्षा शांति देवी, जिलाधिकारी डॉ आशीष चैहान, एसएसपी श्वेता चैबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि व संगठन के पदाधिकारी सदस्य आदि उपस्थित रहे।

ईको टूरिज्म में विभिन्न आयामों को शामिल करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिए जाने हेतु गठित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि ईको टूरिज्म के क्षेत्र में पर्यटन, वन, आयुष और अन्य विभाग अपने-अपने स्तर पर विभिन्न कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभागों द्वारा पर्यटकों को इस ओर आकर्षित करने के लिए एक सम्पूर्ण पैकेज की दिशा में कार्य करना होगा। इसके लिए ही इस उच्च अधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि ईको टूरिज्म की दिशा में आज हो रही गतिविधियों से 100 गुना अधिक सम्भावनाएं हैं। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को एक साथ मिलकर एक कंप्लीट पैकेज की दिशा में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन, वन, ग्राम्य विकास और आयुष को मिलकर ईको टूरिज्म योजना पर कार्य किया जाए। उन्होंने वन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न ईको टूरिज्म गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग को भी वनों के आसपास के क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, साथ ही आयुष विभाग इन्हीं के आसपास अपने वेलनेस सेंटर या हर्बल गार्डन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे तो पर्यटकों को एक साथ सम्पूर्ण पैकेज मिलने से पर्यटन को बहुत अच्छा बूस्ट मिलेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि देश-विदेश में हर्बल उत्पादों की बहुत अधिक मांग है। उत्तराखण्ड इस मांग को पूरा करने में बहुत ही अधिक सक्षम है। साथ ही, पर्यटन गतिविधियों में हॉर्टी टूरिज्म के साथ जोड़कर ईको टूरिज्म की दिशा में कार्य किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने वन पंचायतों को इसमें किस प्रकार से जोड़ा जा सकता है, इस पर मंथन किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग को सभी क्षेत्रों के लिए गाईड प्रशिक्षण प्रोग्राम को बड़े स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव सचिन कुर्वे, बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं विजय कुमार यादव सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।