राष्ट्रपति ने किया 2001.94 करोड़ रूपये की 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु का पहली बार उत्तराखण्ड आगमन पर मुख्यमंत्री आवास में नागरिक अभिनन्दन किया गया। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित गरिमापूर्ण कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने 2001.94 करोड़ रूपये की 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। राष्ट्रपति ने 528.35 करोड़ रूपये की 3 योजनाओं का लोकार्पण और 1473.59 करोड़ की 6 योजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.), मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति द्वारा लोकार्पित की गयी योजनाओं में 330.64 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान (मेडिकल कॉलेज) अल्मोड़ा, पिटकुल द्वारा हरिद्वार जनपद के पदार्था में 84 करोड़ रूपये की लागत से 132 के.वी. के आधुनिक तकनीक के बिजली घर एवं इससे संबंधित लाइन का निर्माण, जिला रूद्रप्रयाग में 113.71 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 4.5 मेगावाट की कालीगंगा-द्वितीय लघु जल विद्युत परियोजना शामिल हैं।
राष्ट्रपति द्वारा जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें 306 करोड़ रूपये की लागत से चीला पॉवर हाऊस 144 मेगावाट की योजना का रेनोवेशन कार्य, देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत 204.46 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड ऑफिस कॉम्पलेक्स ग्रीन बिल्डिंग का निमार्ण, 131 करोड़ रूपये की लागत से हरिद्वार के मंगलोर में 220 के.वी. सबस्टेशन, 750 करोड़ रूपये की लागत से देहरादून के मुख्य मार्गों की ओवर हेड एचटी एवं एलटी विद्युत लाइनों को भूमिगत किये जाने का कार्य, 32.93 करोड़ रूपये की लागत से राजकीय पॉलिटेक्निक नरेन्द्र नगर में दूसरे चरण का निर्माण कार्य और चंपावत के टनकपुर में 49.20 करोड़ रूपये की लागत से आधुनिक अन्तर्राज्यीय बस टर्मिनल का शिलान्यास शामिल है।
इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में राष्ट्रपति उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित हुई। राष्ट्रपति के समक्ष प्रदेश की लोक संस्कृति का लोक कलाकारों द्वारा प्रदर्शन किया गया।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा कि देव-भूमि, तपोभूमि और वीर-भूमि उत्तराखंड में आना, मैं अपना सौभाग्य मानती हूं। हिमालय को महाकवि कालिदास ने ‘देवात्मा’ कहा है। राष्ट्रपति के रूप में, हिमालय के आंगन, उत्तराखंड में, आप सब के अतिथि-सत्कार का उपहार प्राप्त करके, मैं स्वयं को कृतार्थ मानती हूं। राष्ट्रपति ने अभिनंदन-समारोह के उत्साह-पूर्ण आयोजन के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उत्तराखंडवासियों को धन्यवाद दिया।
राष्ट्रपति ने विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से लोगों के लिए जन-सुविधाएं बढ़ेंगी। उन्होंने इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के सुव्यवस्थित मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ऊर्जावान नेतृत्व में, उत्तराखण्ड समग्र विकास के पथ पर अग्रसर है। राज्य के विकास की इस यात्रा में उत्तराखंड के परिश्रमी और प्रतिभाशाली निवासियों का महत्वपूर्ण योगदान है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी परंपरा में नगाधिराज हिमालय के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को देवताओं का वंशज माना गया है। इस प्रकार उत्तराखंड के भाई-बहन एक दिव्य परंपरा के वाहक हैं। आप सबके बीच आकर मैं विशेष प्रसन्नता का अनुभव कर रही हूं। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और यहां के लोगों के प्रेमपूर्ण व्यवहार ने स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी से लेकर प्रकृति के सुकुमार कवि, सुमित्रानंदन पंत को मंत्रमुग्ध किया था। इस प्राकृतिक सुंदरता को बचाते हुए ही विकास के मार्ग पर हमें आगे बढ़ना है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत माता की धरती के बहुत बड़े भाग को निर्मित और सिंचित करने वाली नदी-माताओं के स्रोत उत्तराखंड में हैं। हिमालय और उत्तराखंड भारत-वासियों की अंतरात्मा में बसे हुए हैं। हमारे ऋषि-मुनि ज्ञान की तलाश में हिमालय की गुफाओं और कंदराओं में आश्रय लेते रहे हैं। यह लोक-मान्यता है कि लक्ष्मण जी के उपचार के लिए इसी क्षेत्र के द्रोण-पर्वत को ‘संजीवनी बूटी’ सहित हनुमान जी ले कर गए थे। इस तरह आध्यात्मिक शांति और शारीरिक उपचार दोनों ही दृष्टियों से उत्तराखंड कल्याण का स्रोत रहा है।
आधुनिक चिकित्सा तथा आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्रों में उत्तराखंड निरंतर अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए नए-नए संस्थान भी स्थापित कर रहा है। उत्तराखंड में नेचुरोपैथी के अनेक प्रसिद्ध केंद्र हैं जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग आकर स्वास्थ्य-लाभ करते हैं। उत्तराखंड में नेचर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इससे युवाओं में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वयं पर्वतराज हिमालय और उत्तराखंड के शूरवीर लोग भारत माता के प्रहरी भी रहे हैं। हमारे वर्तमान सीडीएस जनरल अनिल चौहान उत्तराखंड के ही सपूत हैं। भारत के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी इसी धरती की विभूति थे। 1990 के दशक में जनरल बिपिन चंद्र जोशी ने चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में भारत माता की सेवा की थी। कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा करने वाले मेजर राजेश सिंह अधिकारी और मेजर विवेक गुप्ता का बलिदान सभी देशवासी हमेशा याद रखेंगे। उन दोनों सूरमाओं को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। 1962 के युद्ध में अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले महावीर चक्र से सम्मानित जसवंत सिंह रावत एक अमर सेनानी के रूप में भारतवासियों को हमेशा याद रहेंगे। स्वाधीनता के तुरंत बाद कश्मीर में घुसपैठियों से लोहा लेते हुए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले सैनिक दीवान सिंह को कृतज्ञ राष्ट्र ने महावीर चक्र से सम्मानित किया था। भारत माता के लिए मर-मिटने वाले उन सभी वीरों को मैं सादर नमन करती हूं और ऐसे वीरों की जननी उत्तराखंड की भूमि को शत-शत प्रणाम करती हूं। इस धरती के शूरवीरों को अशोक-चक्र और कीर्ति-चक्र से भी सम्मानित किया गया है। मैं सभी देशवासियों की ओर से उत्तराखंड के वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती हूं।
राष्ट्रपति ने कहा कि हिमालय की पुत्री अर्थात पर्वत-पुत्री पार्वती हम सभी देशवासियों के लिए नारी-चरित्र की गरिमा और शक्ति का प्रतीक हैं। उत्तराखंड सहित सारी हिमालय-भूमि अनादिकाल से शक्ति की उपासना का केंद्र रही है। उसी गरिमा और शक्ति का अंश रानी कर्णावती जैसी वीरांगना, गौरा देवी जैसी वन-संरक्षक और बछेंद्री पाल जैसी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने वाली प्रथम महिला की जीवन-गाथाओं में देखने को मिलता है। उत्तराखंड की श्रीमती बसंती बिष्ट ने राज्य की प्रथम महिला ग्राम-प्रधान के रूप में जन-सेवा कर के तथा प्रौढ़-शिक्षा से लेकर स्वच्छता तक अनेक जन-कल्याण के कार्यों में योगदान दे कर देश की सभी बहनों-बेटियों के लिए आदर्श स्थापित किया है। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उत्तराखंड की एक और बहन बसंती देवी ने घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का सामना करने वाली महिलाओं की मुक्ति के लिए अभियान चलाया, अनेक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता की, महिला समूहों के माध्यम से नदी और जंगल के संरक्षण का कार्य किया और बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता का प्रसार किया। उन्हें भी पद्मश्री से अलंकृत किया गया। उत्तराखंड की बेटी वंदना कटारिया ने भारत की राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम की श्रेष्ठ खिलाड़ियों में अपना स्थान बनाया है। उत्तराखंड की इस विलक्षण प्रतिभा-संपन्न बेटी को 30 वर्ष से कम की आयु में ही पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड में बेटियों की युवा पीढ़ी भी प्रगति के पथ पर अग्रसर है। यह सामाजिक परिवर्तन एक विकसित उत्तराखण्ड और विकसित भारत की दिशा में बढ़ता हुआ कदम है। आज से पांच दिन पहले ही दिव्यांग-जनों के सशक्तीकरण के विकास में संलग्न सर्वश्रेष्ठ संगठन का राष्ट्रीय पुरस्कार उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी को दिया गया। यह उपलब्धि एक संवेदनशील समाज का परिचय देती है। इस संवेदनशीलता को सभी देशवासी और अधिक व्यापकता तथा दृढ़ता प्रदान करें।
राष्ट्रपति ने कहा कि सभी देशवासी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ज्ञात-अज्ञात स्वाधीनता सेनानियों का स्मरण करना हम सभी का कर्तव्य है। बागेश्वर में जन्मीं बिशनी देवी शाह ने स्वाधीनता संग्राम के दौरान अल्मोड़ा नगर-पालिका-भवन पर तिरंगा लहराया और गिरफ्तार की गईं। वे साधारण परिवार की अल्प-शिक्षित महिला थीं। लेकिन भारत के स्वाधीनता संग्राम को उनके द्वारा दिया गया योगदान असाधारण है। पेशावर कांड के ऐतिहासिक नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की शौर्य-गाथा हमारे स्वाधीनता संग्राम के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। इसी तरह श्रीदेव सुमन, केसरी चंद और इन्द्रमणि बडोनी जैसे अनेक स्वाधीनता सेनानियों ने स्वतन्त्रता संग्राम की गौरव गाथाएं लिखी हैं। उत्तराखंड के सपूत गोविंद वल्लभ पंत ने स्वाधीनता संग्राम, संविधान सभा के विचार-विमर्श तथा राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान द्वारा इस क्षेत्र का और भारत का गौरव बढ़ाया है। उत्तराखंड की इन विभूतियों के योगदान से पूरे देश की युवा पीढ़ी को परिचित कराने के प्रयास होने चाहिए।
राष्ट्रपति ने युवा पीढ़ी के संदर्भ में विश्व के सबसे अच्छे बैडमिंटन खिलाड़ियों में अपना स्थान बनाने वाले लक्ष्य सेन का भी उल्लेख किया। आज से कुछ दिनों पहले ही राष्ट्रपति भवन में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि युवा पीढ़ी के उत्साह और योगदान के बल पर वर्ष 2047 में यानि आज़ादी के शताब्दी वर्ष में हमारा देश विश्व-समुदाय में अपनी क्षमता के अनुरूप श्रेष्ठता प्राप्त कर चुका होगा। तब तक उत्तराखंड के सभी निवासियों का जीवन-स्तर भी कहीं अधिक बेहतर हो चुका होगा। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर प्रस्तुत किये सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत के सभी राज्यों की संस्कृति का संरक्षण और विकास किया जाना चाहिए। पहाडों में रहने वाले निवासी अपनी संस्कृति से वन के फूल जैसे आनंदित करते हैं, उन्हें संरक्षित करना आवश्यक है।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने राष्ट्रपति का देवभूमि उत्तराखण्ड की जनता की ओर से स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के उत्तराखण्ड आगमन से यहां का कण-कण स्वयं को ऊर्जावान और गौरवशाली महसूस कर रहा है। राष्ट्रपति पूरे देश की बेटियों, बहनों और माताओं के लिए प्रेरणा का सर्वाेच्च स्रोत हैं। देवभूमि उत्तराखण्ड की यह भूमि गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियों का उद्गम है। यहाँ श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ के पावन धाम हैं। गुरु गोबिन्द सिंह की तपस्थली हेमकुंड साहिब और जागेश्वर धाम हैं। दो-दो अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं से घिरा यह प्रदेश देवभूमि है, वीरभूमि है, सैन्य भूमि है। यहाँ अधिकांश परिवारों का कोई न कोई सदस्य सेनाओं में या किसी पैरामिलिट्री फोर्स में शामिल हो कर, देश की रक्षा में लगा हुआ है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड के निवासियों का जीवन और संस्कृति यहाँ के वातावरण की तरह पवित्र है। हमारे प्रदेश का 70 प्रतिशत से अधिक भाग वन क्षेत्र है। अपने वनों के माध्यम से यह प्रदेश, देश को प्राण-वायु प्रदान करता है। उत्तराखण्ड के पर्यटक स्थल देश-विदेश में विख्यात हैं। उत्तराखण्ड राज्य विकास के कई पैमानों पर आज तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत यहाँ की महिलाए हैं। वर्षों-वर्षों से उत्तराखण्ड की महिलाओं ने न सिर्फ यहाँ के समाज को रास्ता दिखाया है बल्कि देश के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत किया है। चिपको आंदोलन की गौरा देवी ने पूरे विश्व को पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया है। महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएँ न सिर्फ उत्तराखण्ड के ग्रामीण उत्पादों को आगे ला रही हैं बल्कि अपनी आर्थिक समृद्धि की कहानी भी स्वयं लिख रही हैं। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री जी ने अपने बद्रीनाथ भ्रमण के दौरान यहाँ की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रशंसा की थी।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखण्ड ने चहुँमुखी विकास की यात्रा तय की है। कभी पहाड़ में रेल का सपना देखा जाता था आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर तेजी से काम चल रहा है। चारधाम सड़क योजना ने पहाड़ों में सड़क नेटवर्क को मजबूत किया है। अब उड़ान योजना के अन्तर्गत पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी जैसे सीमांत जनपद हवाई कनेक्टिविटी से जुड़ रहे हैं। अच्छी कनेक्टिविटी उत्तराखण्ड को पर्यटन और बिजनेस इन्वेस्टमेंट के लिए भी अच्छा डेस्टीनेशन बनाती है। यहाँ आर्गेनिक खेती, जड़ी-बूटी, योग-आयुर्वेद को बढ़ावा देकर इन्हें रोजगार के साधनों से जोड़ा जा रहा है। उत्तराखण्ड कई दशकों से अपनी स्कूली शिक्षा के लिए जाना जाता रहा है लेकिन अब हम इसे उच्च शिक्षा के लिए भी एक आदर्श राज्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देवभूमि आगमन पर स्वागत और अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैनिक परिवार में जन्मे बेटे के घर तीनों सेनाओं की प्रमुख, देश की राष्ट्रपति महोदया कभी आएंगी, ऐसा मैंने कभी सोचा भी नहीं था भले ही यह मेरा सरकारी आवास हो, परंतु आपका यहां स्वयं आना मेरे और उत्तराखंड के सवा करोड़ नागरिकों के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में उत्तराखंड आने पर उन्होंने अनुरोध किया था कि राष्ट्रपति बनने के पश्चात आप पुनः देवभूमि अवश्य पधारें। यह अनुरोध स्वीकार करने के लिये उन्होंने राष्ट्रपति का धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का अत्यंत कठिन जीवन संघर्ष, अदम्य साहस और प्रेरणास्पद राजनीतिक यात्रा प्रत्येक भारतीय को प्रेरित करती है। उनकी जीवन यात्रा हम सबके लिए इसलिए भी प्रेरणादायी है क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में आई समस्त कठिनाइयों को ही अपनी शक्ति बनाकर जीवन सफर में विजय प्राप्त की। वे भारतवर्ष के समस्त नागरिकों विशेष रूप से गरीबों, शोषितों और वंचितों के लिए आशा की किरण हैं। हर संकट का सामना आपने पूरी दृढ़ता से किया। राष्ट्रपति जी सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण का जीता जागता प्रतीक हैं। अपने जीवन में सदा ‘कर्म प्रधान विश्व करी राखा‘ के सिद्धांत को सर्वाेपरि माना और विकट परिस्थितियों में भी अपने विनम्रतापूर्ण आचरण को बनाए रखा।
राष्ट्रपति सदैव ’’सादा जीवन-उच्च विचार’’ के मूल मंत्र पर चलती रहीं और यही कारण है कि आज जन-जन के भीतर यही भाव है कि उनके बीच से निकली एक आम महिला देश कि प्रथम नागरिक है। अपने हर दायित्व को आपने पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से निभाया। सदैव समाज कल्याण को वरीयता दी और समाज में पिछड़ों व वंचितों के सशक्तिकरण पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए प्रेरणा का विषय है कि जीवन में इतने महत्वपूर्ण दायित्वों पर रहने के बावजूद, आज भी राष्ट्रपति साधारण जीवन ही व्यतीत करती हैं। आपके मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में हमारा राष्ट्र पुनः विश्व गुरु बनने की अपनी यात्रा में इसी प्रकार गतिमान रहेगा और अपने गंतव्य तक शीघ्र पहुंच सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राष्ट्रपति द्वारा जो लगभग 2002 करोड़ रुपयों की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हो रहा है, वो इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम राष्ट्रपति के मार्गदर्शन व प्रधानमंत्री के निर्देशन में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। देश के प्रथम नागरिक के रूप में राष्ट्रपति भारत ही नहीं वरन समस्त विश्व के लिए ’’सशक्त स्त्री-नव दृष्टि’’ विचार का प्रत्यक्ष उदाहरण बनेंगी।

मंत्री ने किया सैन्य धाम के निर्माण कार्यों को लेकर स्थलीय निरीक्षण

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को देहरादून के गुनियाल गांव पहुंचकर सैन्य धाम के निर्माण कार्यों को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया। मौके पर पहुंचे मंत्री गणेश जोशी ने निर्माण कार्यों का मौका मुआयना कर सैन्य धाम के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सम्बंधित कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। सैनिक कल्याण मंत्री जोशी ने कहा निर्माण कार्यों में इस्तामेल हो रही सामग्री में गुणवत्तता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के स्वरूप उत्तराखण्ड में सैन्य धाम निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा यह मेरा भी ड्रीम प्रोजेक्ट है, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार सैन्य धाम की मॉनिटरिंग करते रहते है।
मंत्री जोशी ने कहा सैन्य धाम का निर्माण कार्य तेजी के साथ चल रहा है ओर जिस प्रकार निर्माण कार्य की रफ्तार है,निश्चित ही हम तय समय सीमा से पूर्व की सैन्य धाम का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। मंत्री जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड का सैन्य धाम यहां के चार धामों की तरह ही विकसित हो। इसके लिए सैन्य धाम को भव्य रूप दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि 2023 के अंत से पहले ही हम सैन्य धाम का निर्माण पूर्ण कर लेंगे।

मुनस्यारी के लिए कई घोषणाएं, सीएम ने कहा-प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है क्षेत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुनस्यारी स्थित जोहार क्लब मैदान में आयोजित मुनस्यारी महोत्सव 2022 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनस्यारी महोत्सव धीरे-धीरे विश्व प्रसिद्ध महोत्सव के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। मुनस्यारी के प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जोहार की पावन भूमि नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण तो है ही इसका इतिहास भी बहुत गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि मुनस्यारी के नैसर्गिक सौंदर्य ने उन्हें बचपन से ही आकर्षित किया है। मुनस्यारी जैसा रमणीक स्थल भारत में ही नहीं विश्व में मिलना मुश्किल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुनस्यारी महोत्सव के लिये 8 लाख की धनराशि दिये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर मुनस्यारी में एकलव्य विद्यालय खोले जाने, मुनस्यारी को नगर पंचायत बनाये जाने, मुनस्यारी में गौ रक्षा के लिए सहयोग दिए जाने, बकरियों के चुगान की अनुमति दिये जाने एवं बोना गांव में गार्डर पुल बनाए जाने की घोषणा की। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिये इनके अधिकतम उपयोग किये जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुनस्यारी क्षेत्र की महान विभूतियों को याद करते हुए कहा कि जोहार की भूमि महान समाज सेवकों, चिंतकों, भू -सर्वेक्षकों एवं पर्वतारोहियों की भूमि है। उन्होंने क्षेत्र की सभी महान विभूतियों का नाम लेते हुए उनके महान कार्यों को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार हर क्षेत्र में विकास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सीमान्त क्षेत्रों एवं गांवों के विकास के लिए निरन्तर कार्य कर रहे है। उन्होंने देश के सीमान्त गांवों को देश का अंतिम गांव न मानकर देश का पहला गांव माना है। प्रधानमंत्री ने सभी से अपनी यात्रा व्यय की 05 प्रतिशत धनराशि स्थानीय उत्पादों के क्रय पर व्यय करने की बात कही है, इससे हमारे स्थानीय उत्पादों को देश व दुनिया में पहचान मिलेगी तथा हमारे लोग स्थानीय उत्पादों के उत्पादन के प्रति और अधिक ध्यान देने तथा इससे रोजगार, स्वरोजगार के साधन उपलब्ध होने के साथ ही आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। मुनस्यारी क्षेत्र के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनस्यारी क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र है। इस क्षेत्र का संपूर्ण विकास सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुनस्यारी क्षेत्र के विकास के लिये 66 घोषणायें की हैं जिनमें से 32 पूर्ण हो चुकी हैं, शेष घोषणाओं को पूर्ण करने के लिये जनपद एवं शासन स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। राज्य के विकास के लिये चिंतन शिविरों के माध्यम से विकास का रोड मैप तैयार किया जा रहा है। सभी के सहयोग एवं विश्वास के साथ 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिये हमारे प्रयास निरंतर जारी हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पिथौरागढ़ दीपिका बोहरा, विधायक फकीर राम, हरीश धामी, जिलाधिकारी रीना जोशी, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह आदि उपस्थित रहे।

नौसेना का इतिहास शौर्य और पराक्रम भरा रहा है-धामी

नौसेना दिवस के अवसर पर राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से “इण्डियन वार्निंग इनफार्मेशन एंड नेविगेशन सर्विस” व “मैरीटाइम इनफार्मेशन चार्ट” का लोकार्पण किया, साथ ही नौसेना की प्रदर्शनी का अवलोकन कर देश की सुरक्षा में नौसेना के योगदान की सराहना की।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने नौसेना दिवस की शुभकामनाऐं देते हुए कहा कि भारतीय नौसेना पर हम सब को गर्व है। उन्होंने कहा कि आज के दिन 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना के ’ऑपरेशन ट्राइडेंट’ की उपलब्धियों को भी याद करने का दिन है। राज्यपाल ने कहा कि जिस ट्रांसफॉर्मेशन, डिजिटलीकरण के साथ मैप बनाने का कार्य भी भारतीय नौसेना कर रही है, वह हम सब के लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी नौसेना दिवस के अवसर पर नौसेना के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि नौसेना का इतिहास शौर्य और पराक्रम का रहा है। राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण कार्यालय में जिस प्रकार नौसेना द्वारा साइंस एवं टेक्नोलॉजी का उपयोग कर डिजिटल मैप तैयार करना आरम्भ किया गया है वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत तथा आत्मनिर्भर भारत की भावना को साकार कर रहा है।
इस दौरान चीफ हाइड्रोग्राफर, वाइस एडमिरल अधीर अरोड़ा ज्वाइंट चीफ हाइड्रोग्राफर, रियल एडमिरल लोचन सिंह पठानिया समेत नौसेना के अफसर मौजूद रहे।

तीर्थनगरी के संत समाज ने धर्मान्तरण कानून बनाने पर सरकार को दिया साधुवाद

उत्तराखंड विधानसभा में धर्मांतरण पर सख्त कानून बनने से तीर्थनगरी के संत-समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई है। साधु-संतों की ओर से इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल को शुभकामनाएं दी हैं।
बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में श्री राम तपस्थली आश्रम ब्रम्हपुरी के महामंडलेश्वर दयाराम दास महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस कानून से पूरे देश का संत समाज आनंदित और आह्लादित है। धर्मांतरण रोकने के लिए मुख्यमंत्री धामी एक कठोर कानून लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में धामी जी ने यह बहुत सुंदर निर्णय लिया है। यह उत्तराखंड सरकार की बहुत अच्छी पहल है।
स्वामी जगन्नाथ आश्रम के महंत लोकेश दास महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगा दिया है यह देश एवं समाज हेतु बेहद हितकारक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी और मंत्री डॉ अग्रवाल को हम हृदय से धन्यवाद देते हैं और प्रभु से प्रार्थना करते हैं वे समाज हित में इसी प्रकार से कार्य करते रहें।
स्वामी धर्मदास महाराज ने कहा कि जो लोग बल से या कपट से धर्मांतरण करते हैं वह सबसे बड़ा पाप है। उत्तराखंड सरकार ने यह कानून पास करके नया उदाहरण दिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री धामी और मंत्री डॉ अग्रवाल को साधुवाद। कहा कि मुख्यमंत्री धामी के दूरदर्शी कदम की सराहना करता हूं।
इस मौके पर मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल को संत समाज ने आशीर्वाद देकर शुभकामनाएं दी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, ब्रम्हपुरी आश्रम से प्रमोद दास, मण्डल अध्यक्ष ऋषिकेश भाजपा दिनेश सती, मंडल अध्यक्ष श्यामपुर भाजपा गणेश रावत आदि उपस्थित रहे।

धामी ने उत्तराखंड में सामाजिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत की-महेन्द्र भटट

भाजपा ने विधानसभा में पास महिला आरक्षण व धार्मिक स्वतंत्रता संसोधन विधेयक के पास होने पर खुशी जताते हुए इसे प्रदेश में सामाजिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत बताया है।
पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने प्रदेशवासियों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं की तरफ से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत समूचे सदन को इस ऐतिहासिक कदम के लिए धन्यवाद दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने बयान जारी करते हुए कहा कि राज्य आंदोलन एवं विकास में मातृ शक्ति के अमिट योगदान के मद्देनजर, भाजपा सरकार का महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी क्षेतिज आरक्षण देने का यह कदम, समाज मे बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा। यह कदम भाजपा सरकार की मातृ शक्ति के सम्मान, स्वभिमान और सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, इसी तरह जबरन या प्रलोभन से धर्मान्तरण करने वालों पर लगाम कसने के उद्देश्य से धार्मिक स्वतंत्रता कानून को अधिक सख्त बनाने वाला संसोधन विधेयक भी पार्टी के जनता से किये संकल्पों को पूरा करने वाला है। उन्होंने सदन में पास सभी विधेयकों को जनसरोकारों से जुड़ा हुआ बताते हुए स्वागत किया है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूरा किया वायदा, सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि इतिहास में दर्ज

उत्तराखंड में विधानसभा अनुपूरक बजट सत्र के दूसरे दिन दो महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा में ध्वनिमत से पास हो गए हैं। उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2022 के पास होने के बाद प्रदेश में धर्मान्तरण को लेकर कठोर कानून का प्राविधान हो गया है। इसके अलावा उत्तराखण्ड लोकसेवा (महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022 से प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था एक बार फिर से लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। कुछ दिन पूर्व राज्य सरकार ने इन दोनों विधेयकों को कैबिनेट से मंजूरी दी थी। बुधवार को विधानसभा में इन विधेयकों के पास होने से प्रदेश में इसे लागू करने की जल्द अधिसूचना जारी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभमि है यहां पर धर्मान्तरण जैसी चीजें हमारे लिए बहुत घातक है इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में धर्मान्तरण पर रोक के लिए कठोर से कठोर कानून बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि इस कानून को पूरी दृढ़ता से प्रदेश में लागू किया जाएगा। वहीं उत्तराखण्ड में महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड निर्माण में मातृशक्ति का बहुत बड़ा योगदान है और सरकार ने यह पहले ही तय किया था कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस प्रदेश में मातृशक्ति का सम्मान करते हुए उन्हें इस क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिले। महिलाओं के लिए राज्याधीन सेवाओं में क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था देने करने यह अधिनियम मातृ शक्ति को समर्पित है।

बर्फ पड़ने से पहले दोनों धामों में निर्धारित कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य एवं बद्रीनाथ मास्टर प्लान कार्यों की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने कहा कि बद्रीनाथ धाम एवं केदारनाथ धाम दोनों में बर्फ पड़ने से पहले पूर्ण किए जाने वाले कार्यों को निर्धारित समयसीमा तक पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांट्रेक्टर का पैसा किसी भी हाल में रुकना नहीं चाहिए, कांट्रेक्टर का भुगतान समय पर किया जाए। जो कार्य देर से शुरू हुए हैं या अभी तक शुरू ही नहीं हो पाए हैं, उनकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बद्रीनाथ में रिवरफ्रंट डेवलपमेंट वर्क्स को अगले सीजन में नदी का जल स्तर बढ़ने से पहले पानी के स्तर से ऊपर तक पूर्ण कर लिया जाए, जिससे बाद में कार्य बाधित न हो। उन्होंने कार्यों में आ रही समस्याओं से उन्हें अवगत कराए जाने के भी निर्देश दिए ताकि समस्याओं का शीघ्र से शीघ्र निस्तारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के कारण लेबर कम होने से जो समस्याएं आ रही हैं, इसके लिए अन्य राज्यों से भी लेबर की व्यवस्था की जाए, साथ ही पीडब्ल्यूडी अपनी विभागीय लेबर और टेक्निकल लेबर की भी व्यवस्था करे। उन्होंने कहा कि अगली यात्रा शुरू होने से पहले जो कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण होने हैं उन कार्यों पर उपलब्ध लेबर को शिफ्ट कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यों को पूर्ण किया जाए।
इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गंगा तट हुआ गुंजयमान

श्री शत्रुघ्न घाट मुनिकीरेती में आज माँ गंगा की दैनिक आरती से पूर्व भारत एवं इंडोनेशिया सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें दोनों देशों के कलाकारों ने आध्यात्म एवं भारतीय संस्कृति से जुडे विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री शत्रुघ्न मंदिर के महन्त एवं गंगा गौ सेवा समिति के अध्यक्ष महन्त मनोज प्रपन्नाचार्य, इंडोनेशिया बाली शहर में गाँधीपुरी आश्रम के संस्थापक पद्मश्री सम्मान से सम्मानित इन्दिरा उदयाना, गढभूमि लोक संरक्षण समिति के अध्यक्ष आशाराम व्यास, रमाबल्लभ भट्ट, पतंजलि योग संस्थान मुनिकीरेती की संस्थापिका ऊषा माता ने संयुक्तरुप से दीप प्रज्वलन कर किया। उसके बाद श्री दर्शन महाविद्यालय के छात्रों ने वैदिक मंगलाचरण एवं गणेश वन्दना प्रस्तुत की। उसके पश्चात जर्मनी से मैनफ्रेड एवं क्रिस्टा ने सुन्दर भजन प्रस्तुत किये। पंचाक्षर शिव स्तोत्र पर इंडिया गो टैलेंट की सेमीफाइलिस सुजाता राय ने बहुत सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। इंडोनेशिया से आये हुए कलाकारों ने चोंडोंग डांस ,चन्द्रावासी डांस एवं योगा आर्ट डांस प्रस्तुत किया। डाँक्टर रीता वत्स ने विष्णु वन्दना एवं शिव वन्दना पर बहुत सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का आनंद सैकड़ों की संख्या में स्थानीय एवं भारत वर्ष के विभिन्न प्रांतों से आये हुए लोगों ने लिया।
महन्त मनोज प्रपन्नाचार्य ने बाताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों की संस्कृति को आदान-प्रदान करना एवं प्रचार-प्रसार करना है। उन्होंने कहा ऋषिकेश आध्यात्मिक नगरी है इस प्रकार के कार्यक्रमों से एक अच्छा संदेश जाता है। आचार्य सुभाष चन्द्र डोभाल के संचालन में चल रहे इस कार्यक्रम में बीना जोशी, पुष्पा ध्यानी, घनश्याम नौटियाल, मनमोहन शर्मा, सुनील कपरुवान, दरम्यान सिंह रावत, सुरेन्द्र भंडारी, मधुलिका द्विवेदी, मनन द्विवेदी, मीना मदवाण, आरती चौहान, राजीव तिवारी, विजय विष्ट, अंजू गैरोला, विश्वेश्वरी उनियाल, हरि चरण सिंह, विनोद बडथ्वाल सहित आरती के सभी आचार्यों सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के बाद माँ गंगा की होने वाली दैनिक भव्य आरती सम्पन्न हुई।

सीएम ने धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र को 29 योजनाओं की सौगात दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद टिहरी क्षेत्रान्तर्गत परोगी (अगलाड़) थत्यूड़ में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने अठजूला क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधान सभा क्षेत्र धनोल्टी की विभिन्न विकास योजनाओं के तहत लगभग 126.58 करोड़ रुपए की 29 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर क्षेत्र के लोगों को विकास की सौगात दी गई। जिसमें 21.53 करोड़ रुपए के 7 लोकार्पण एवं 105.5 करोड़ रूपये के 22 शिलान्यास शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने परोगी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना की स्वीकृति प्रदान करने तथा अठजूला क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास समिति, परोगी नैनबाग जौनपुर टिहरी गढ़वाल को इस वर्ष महोत्सव हेतु 2 लाख देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम, मेले एवं महोत्सव गांवों को जोड़ने का कार्य करने के साथ ही लोक संस्कृति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इगास के दिन अवकाश घोषित की गई। आज लगभग 125 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया, जिसमें लम्बे समय से मांग की जा रही काण्डी पम्पिंग पेयजल योजना भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक लोगों की सेवा के लिए तत्पर है। अधिकारियों को सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण के मूल मंत्र पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में आयोजित चिंतन शिविर में राज्य के विकास के लिए अनेक विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को 2025 तक देश के श्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी प्रदेशवासियों के सहयोग से उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है।
विधायक राजपुर खजान दास एवं विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार द्वारा भी जनता को सम्बोधित किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जो विकास कार्य किये जा रहे हैं, वह दिख रहे हैं, जितनी भी घोषणाएं की गई हैं, वह पूरी हो रही है। विकास गोष्ठियां विकास का एक मंच होता है। इस अवसर पर उन्होंने नंदा गौरा कन्या योजना में आने वाली समस्याओं के शीघ्र समाधान की भी बात कही।
विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने परोगी क्षेत्र में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें लोक संस्कृति प्रेमी बताया। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री का इस क्षेत्र से विशेष लगाव है। हमारे जौनपुर क्षेत्र ने हमेशा हमारी लोक संस्कृति, खान पान का संरक्षण किया है। उन्होंने कहा आज मुख्यमंत्री द्वारा 126 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है, जो इस क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
इस मौके पर जिला प्रशासन द्वारा बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉलों के माध्यम से केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उपकरण, दवा एवं बीज वितरित किये गये। आयुष विभाग द्वारा 60 लोगों को दवा वितरण, स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगभग 4 लोगों का पंजीकरण/स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा वितरित की गई तथा 10 लोगों का कोविड वैक्सीनेशन किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 17 नये पेंशन के आवेदन पत्र प्राप्त किये गये। कृषि विभाग द्वारा 26 लोगों को कृषि बीमा एवं 05 लोगों सब्सिडी पर कृषि यंत्र वितरित किये गये।