पौड़ी के अभिनव ने नौसेना में पाया कमीशन

पौड़ी के एक लाल अभिनव रावत ने शनिवार को नौसेना में सेकेंड लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन हासिल कर लिया है। केरल के इजीमाला स्थित नेवल अकादमी में पासिंग आउट परेड के बाद अभिनव नौसेना की मुख्यधारा में शामिल हो गया। अभिनव की पीपिंग सेरमनी में उसके पिता मातवर सिंह रावत और मां लक्ष्मी रावत भी मौजूद रही। अभिनव पौड़ी जिले के एकेश्वर ब्लाक के चमाली गांव का निवासी है। सेकेंड लेफ्टिनेंट अभिनव रावत ने कहा कि वह उत्तराखंड की देशसेवा और कर्तव्यपरायणता की समृद्ध और गौरवशाली परम्परा से प्रभावित था, इसलिए सेना को प्राथमिकता दी। उसकी इस उपलब्धि पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है। अभिनव के दादा भोपाल सिंह रावत और दादी दूरा देवी गांव में ही रहते हैं। दादा भोपाल सिंह रावत ने कहा कि पोते की इस उपलब्धि पर उन्हें गर्व है।
22 वर्षीय सेकेंड लेफ्टिनेंट अभिनव रावत ने 2018 में इंद्रापुरम गाजियाबाद के कैंब्रिज स्कूल से 12वीं करने के बाद नेवल अकादमी के लिए आवेदन किया और पहली बार में ही सर्विस सलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) क्लियर कर दिया। अभिनव का सलेक्शन आईआईटी के लिए भी हुआ था लेकिन उसने देशसेवा को प्राथमिकता दी। अभिनव के पिता मातबर सिंह रावत दिल्ली की एक कंपनी में सीनियर मैनेजर हैं। उनका कहना है कि अभिनव ने पहले से ही तय किया था कि वह सेना में जाएगा। उसकी इस उपलब्धि पर हमें गर्व है।
गौरतलब है कि चमाली गांव वीर योद्धाओं का गांव है। देश सेवा यहां की परम्परा है। इस गांव के हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में है। गांव के हवलदार बुद्धिसिंह रावत और हवलदार झगड़ सिंह रावत स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। गांव में दो पूर्व कर्नल और दर्जन भर से भी अधिक पूर्व जेसीओ हैं। कारगिल युद्ध में अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले लांसनायक बलवीर सिंह नेगी भी इसी गांव के हैं।

गढ़ भूमि लोक संस्कृति संरक्षण समिति ने आगामी कार्यक्रमों को लेकर की बैठक

गढ़ भूमि लोक संस्कृति संरक्षण समिति ढालवाला द्वारा माह जनवरी 2023 में दो दिवसीय लोक संस्कृति कार्यक्रम आयोजित करेगी।
गढ़ भूमि लोक संस्कृति संरक्षण समिति ढाल वाला द्वारा जनवरी 2023 में दो दिवसीय लोक संस्कृति कार्यक्रम के संदर्भ मे आसाराम व्यास के संरक्षण में बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता समिति के महासचिव विशाल मणि पैन्यूली एवं संयोजन गजेंद्र कंडियाल द्वारा की गई। बैठक में सुरेंद्र सिंह भंडारी, घनश्याम नोटियाल, धनीराम बिंजोला, रवि नोटियाल, महिपाल बिष्ट,के डी व्यास, निर्मला शर्मा, शशि कंडारी ने अपने विचार व्यक्त किए
उक्त बैठक मे समिति के सदस्यों ने निर्णय लिया कि दिनांक 2 जनवरी 2023 से 3 जनवरी 2023 तक दो दिवसीय लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें उत्तराखंड की लोक गाथा पर आधारित वीर भड़ माधो सिंह भंडारी नाट्य मंचन आयोजित किया जाएगा। साथ ही स्थानीय विद्यालयों के छात्र छात्राओं के द्वारा लोक संस्कृति कार्यक्रम के साथ समाज मे श्रेष्ठ कार्य करने वाले प्रतिभा संवर्धन सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।

एक नए जोश के साथ एक नई सुबह देखने के लिए तैयार युवावस्था में खड़ा उत्तराखंड

उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शुमार करने का लक्ष्य लेकर चल रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश में पहली बार आयोजित हुआ तीन दिवसीय चिंतन शिविर राज्य की नौकरशाही को एक नई ऊर्जा से लबरेज कर गया है। इस चिंतन शिविर में जहां कार्यप्रणाली की पुरानी जड़ता को खत्म करने का प्रयास हुआ तो साथ ही नौकरशाहों को चिंतन शिविर यह भरोसा भी देने में कामयाब रहा कि युवावस्था में खड़ा उत्तराखंड एक नए जोश के साथ एक नई सुबह देखने के लिए तैयार है।
प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यप्रणाली से बेहद प्रभावित हैं। यूं भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि से गहरा लगाव है और पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में विशेषरूप से पर्वतीय जिलों पर ध्यान केंद्रित कर ऑल वेदर रोड से लेकर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर काम गतिमान है। इन योजनाओं का सीधा लाभ पहाड़ की आर्थिकी को अभी से मिलने लगा है। बहरहाल, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नक्शे कदमों पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से राज्य में पहली बार आयोजित हुआ नौकरशाहों का चिंतन शिविर भी उसी तर्ज पर आयोजित हुआ जिस तरह पीएम मोदी केंद्र एवं इससे पहले गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए कर चुके हैं।
पहाड़ों की रानी मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में तीन दिनों तक चले चिंतन शिविर में राज्य के पर्वतीय जिलों को केंद्र में रखकर आगामी वर्षों का विकास का एजेंडा तय किया गया। शिविर में खासतौर से इस बात पर जोर दिया गया कि अब समय आ गया है कि जब हम देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंहनगर से इतर एक समग्र राज्य की सोच के साथ आगे बढ़ें। योजनाएं अगर केवल इन 3 जिलों के साथ ही पर्वतीय जिलों को ध्यान में रखकर बनेंगी तो न केवल बेरोजगारी बल्कि पलायन जैसी गंभीर समस्या भी खुद ब खुद गायब हो जाएगी।
शिविर के पहले दिन जिस अंदाज में मुख्य सचिव एसएस संधू ने अपने अनुभव को नौकरशाहों के समक्ष निचोड़ कर रख डाला तो युवा अधिकारियों को वह ये भरोसा दिलाने में कामयाब रहे कि उत्तराखंड उनके युवा जोश का। इस्तकबाल करने के लिए तत्पर है। वहीं, उन्होंने जूनियर और सीनियर अफसरों में तारतम्य एवं योजनाओं को लेकर खुलकर निर्णय लेने की भी मंशा जाहिर की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पहले दिन के वक्तव्य और फिर दूसरे दिन एकाएक चिंतन शिविर में एक विद्यार्थी की तरह उपस्थित रहकर दर्शाया कि राज्यंक टॉप माइंड द्वारा जो मंथन किया जा रहा था उससे निकलने वाले अमृत से उत्तराखंड का कोना-कोना तृप्त हो जाये। यह मुख्यमंत्री धामी के अपने अफसरों पर भरोसे का ही असर था कि तीन दिन तक चले चिंतन में अधिकारी इस कदर मशगूल हुए की निर्धारित समयसीमा को भी वे भूल बैठे। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले मंथन शिविर में शत प्रतिशत उपस्थिति रात 8 बजे तक यह बता रही थी कि उत्तराखंड के नवनिर्माण में सब एकजुट हैं।
तीन दिनों तक चले चिंतन शिविर में पर्वतीय जिलों पर फोकस करते हुए बागवानी, पर्यटन, हाइड्रो पावर, योगा, कृषि आधारित सेक्टरों को बढ़ावा देने की दिशा तय हुई।

स्वावलंबी महिला की मदद को आगे आया लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के सदस्यों ने क्लब के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए अति निर्धन महिला को जीविकोपार्जन के लिए 25 हज़ार रुपए का सामान उपलब्ध कराया है।
क्लब के अध्यक्ष लायन रजत भोला और संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने बताया कि कुंजापुरी मन्दिर के समीप एक महिला प्रसाद बेचकर किसी तरह जीवन यापन करती है। क्लब के सदस्यों ने पाया कि महिला मेहनती तो बहुत है किन्तु आर्थिक रूप से काफी कमजोर है। उन्होंने महिला की आर्थिक स्थिति कमजोर देखते हुए उसकी मदद करने का मन बनाया। उन्होंने बताया कि क्लब का उद्देश्य यह है कि व्यक्ति को रोजगार देना चाहिये जिससे वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। नगद सहायता कुछ समय में खत्म हो जाती है किन्तु रोजगार से वह स्वावलंबी हो सकेगा।
लायन रजत भोला और लायन ललित मोहन मिश्र ने बताया कि मदद के क्रम में क्लब की ओर से महिला को 25 हजार रुपए का सामान दुकान चलाने के लिए दिया गया। मिश्र ने बताया कि सामान में इंडक्शन चूल्हा, पानी बोतल की पेटियां, चिप्स व नमकीन की पेटियां, चायपत्ती, चीनी, दूध के पेकेट की पेटी, मैगी की पेटीयां, डिस्पोजल सामान जिसमे खाने की प्लेट, ग्लास, चम्मच की पेटीयां, बैठने के लिए छह स्टूल व मेज, एक बड़ी मेज, कड़ाई, फ्रायपेन सहित बर्तन तथा दो माह का राशन भी दिया।
मिश्र ने बताया कि लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन की स्थापना जरूरतमंद, निर्धन लोगों की मदद करने के उद्देश्य से की गई है। बताया कि क्लब का उद्देश्य किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना है और इसी दिशा में क्लब कार्यरत भी है।
इस मौके पर संस्थापक अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र, रजत भोला, महेश किंगर, घनश्याम डंग, आशु डंग, योगेश कालरा, अमित सूरी, जगदीश पनेसर, शिवम अग्रवाल, विनीत चावला, नवीन गांधी आदि मौजूद रहे।

समसामयिक फिल्म बनाने पर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने दी बधाई

उत्तराखंड भू कानून विषय पर आधारित फिल्म ’भूमि’ का शुभ मुहूर्त शॉट कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने सेट पर सभी कलाकारों का परिचय जाना और समसामयिक विषय पर फिल्म बनाने को लेकर टीम यूनिट को बधाई दी।
गुरुवार को देहरादून में फिल्म का मुहूर्त कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार पर देश हित में भू कानून बनाने पर काम कर रही है। इस संदर्भ में पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने प्रदेश हित में निवेश की संभावनाओं और भूमि के अनियंत्रित क्रय-विक्रय के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भू-कानून में संशोधन के लिए 23 संस्तुतियां की हैं।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौपी है। जिस पर अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में फ़िल्मांकन की अपार संभावनाएं हैं, प्रकृति ने अपना आशीर्वाद राज्य को दिया है, इस कारण यहा फ़िल्म डेस्टिनेशन की झलक देखने को मिलती है। मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भूमि फ़िल्म में 165 कलाकारों होने से राज्य के प्रतिभावान युवाओं को रोजगार मिलेगा।
फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट ने बताया कि भूमाफियाओं द्वारा उत्तराखण्ड के किसानों की जमीन को हथियाकर उसे महंगे दाम पर बेचने की स्टोरी इस फ़िल्म में दिखाई गई है। बताया कि कहानी में गांव के युवक द्वारा एक बड़ा आन्दोलन करके शासन प्रशासन को एक भू कानून बनाने पर मजबूर किया जाता है और अन्त में सभी किसानो को उनकी जमीने वापिस मिल जाती है। निर्देशक ने बताया कि राज्य के गढ़वाल, कुमायूँ, जौनसार क्षेत्र सहित 53 जगहों में फ़िल्म की शूटिंग होगी। बताया कि गढ़वाल के अलावा फिल्म हिंदी भाषा में भी फिल्माई जाएगी।
इस मौके पर फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट, अनुज जोशी, गंभीर सिंह जायरा, चंद्रवीर गायत्री, प्रेम रावत, राजू भाई, हर्ष हसीन, आशीष कुकरेती, मेहरबान मिया, प्रकाश द्विवेदी, घनानंद, मनीष भट्ट, संजय अग्रवाल, महक बिष्ट, रचना भंडारी आदि फ़िल्म यूनिट के सदस्य उपस्थित रहे।

उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में पहुंच रहे फिल्मी कलाकार और निर्माता

गुरूवार को गोवा में उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में विशेष प्रमुख सचिव सूचना अभिनव कुमार ने अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शामिल की गई उत्तराखंड में निर्मित शार्ट हिंदी फिल्म पाताल-ती की टीम से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। अभिनव कुमार ने पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की गई है। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि राज्य के लिए यह गर्व की बात है कि रुद्रप्रयाग जिले के युवाओं का यह प्रयास राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना पाया है। अभिनव कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग एवं प्रोत्साहन देगी। पाताल ती कल 25 नवम्बर को फ़िल्म महोत्सव में दिखायी जाएगी। नई फ़िल्म नीति में अंतर्राष्ट्रीय समारोहों हेतु चयनित फ़िल्मों को प्रोत्साहन देने हेतु विशेष प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा फ़िल्म निर्माताओं को हर संभव सहयोग देना प्राथमिकता है जिससे उत्तराखंड में स्वस्थ और समृद्ध फ़िल्म संस्कृति का विकास हो।
इस अवसर पर फिल्म के निर्माता-निर्देशक रुद्रप्रयाग जिले के संतोष रावत एव उनकी टीम ने बताया कि अपने सीमित संसाधनों के बल पर इस शार्ट फ़िल्म का निर्माण किया गया है। इस फ़िल्म को दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में 39वें इंटरनेशनल शार्ट फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जा चुका है। इसके साथ ही मास्को में भी प्रदर्शित हो चुकी है। रावत ने बताया कि यह फ़िल्म उत्तराखंड की भोटिया जनजाति पर केंद्रित फिल्म है, जो एक दादा-पोते के बीच भावनात्मक रिश्ते के ऊपर है। यह फ़िल्म 26 मिनट की है, जो पहाड़ में प्रकृति व मानव के बीच के संघर्ष को सामने लाती है। रावत ने विशेष प्रमुख सचिव सूचना का धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही राज्य सरकार से युवाओं को सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया।
वहीं, उत्तराखंड पवेलियन में प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी और संजय सूरी ने भ्रमण किया। इस अवसर पर उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय भी उपस्थित थे।
बॉलीवुड में अपनी कला और सरल व्यक्तित्व के दम पर अलग पहचान बना चुके प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने उत्तराखंड पवेलियन में आकर फ़िल्म नीति और शूटिंग लोकेशन की जानकारी ली। पंकज त्रिपाठी को इस अवसर पर उत्तराखंड की पहाड़ी टोपी और अंगवस्त्र भेंट किया गया। त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड बेहद खूबसूरत जगह है। इसके साथ ही प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता संजय सूरी भी उत्तराखण्ड पवेलियन में आए। सूरी ने फ़िल्म नीति में शॉर्ट फ़िल्म और वीडियो ब्लॉगिंग को स्थान देने का सुझाव दिया। संजय सूरी ने कोविड काल में उत्तराखंड में दो फ़िल्में शूट की हैं ।53वे अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, झारखंड के साथ ही अन्य फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। इन सबके बीच उत्तराखंड पवेलियन सभी फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

धामी की योगा क्लास में अधिकारियों की हाजिरी

लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के अंतिम दिन की शुरुआत योगा शिविर से हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्य सचिव एसएस संधू और तमाम वरिष्ठ अधिकारी गणों ने योग किया। अकादमी के कालिंदी ग्राउंड में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों के द्वारा सभी को योग के विभिन्न आसन कराए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अधिकारियों ने योग के आसनों का अभ्यास किया।
वहीं, लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में चल रहे चिंतन शिविर से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अकादमी परिसर के अंदर ही मॉर्निंग वॉक की। इस दौरान वह अकादमी के गेट तक गए और यहां सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान रास्ते में मिले लोगों का वह अभिवादन स्वीकार करते रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अकादमी परिसर में भी राउंड लगाया और यहां स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के पास पहुँचकर नमन किया।

मोदी कर रहे भारत की संस्कृति और सभ्यता को बचाने का कार्य-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मल्ला महल, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दृष्टिबाधित बालिका नेहा के लोकगीत गाने पर प्रोत्साहन धनराशि भी प्रदान की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में लोक संस्कृति की विभिन्न झलक देखने से ही बनती है। अल्मोड़ा जिले में हमेशा से ही लोक संस्कृति को बचाने का कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति एवं सभ्यता को बचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा केन्द्र सरकार के नेतृत्व में राज्य सरकार मानसखण्ड कारिडोर मिशन पर कार्य कर रही है जिसके अन्तर्गत पौराणिक मन्दिरों एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण कर इन्हें आपस में जोड़ने पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार लोक संस्कृति के संरक्षण एवं लोक विधाओं को आगे बढ़ाने हेतु प्रतिबद्व है। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प के तौर पर पलायन को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न संस्थानों द्वारा बनाये जा रहे सभी स्थानीय उत्पादों को राज्य सरकार एक मंच उपलब्ध करायेगी जिससे इन उत्पादों को देश के साथ ही विदेशों में पहचान मिल सके। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक कलाकारों, श्रीनगर से आयी पाण्डावास टीम द्वारा रंगारंग सुन्दर प्रस्तुत दी गयी।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी अंशुल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

बदरीनाथ धाम के कपाट बंद, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं

भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम की कपाट बंदी के साथ ही चारधाम यात्रा का भी विधिवत समापन हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर देश-विदेश के तमाम श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के सफल संचालन हेतु तमाम विभागों का भी आभार प्रकट किया है।
गौरतलब है कि इस बार रिकॉर्ड साढ़े छियालीस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधामों के दर्शन किये। अकेले 17 लाख 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर पुण्य कमाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री चारधामों के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस बार रिकॉर्ड यात्रियों का चारधाम की यात्रा पर आना यह भी परिलक्षित करता है कि राज्य सरकार द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के चलते संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्तमान में श्री केदारनाथ धाम एवं श्री बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे आने वाले यात्राकाल में तीर्थयात्रियों एवं आम जनमानस को पर्याप्त सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने हालिया दौरे के दौरान केदारनाथ धाम एवं हेमकुंड धाम के लिए रोपवे की आधारशिला रखी है जिससे आने वाले दिनों में यह दोनों यात्राएं न केवल सुगम बल्कि सुरक्षित हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में जुटे रहे तमाम विभागों के कार्मिकों का भी आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के बीच बेहतर सामंजस्य एवं स्थानीय लोगों की भागीदारी से ही कुशलता पूर्वक यात्रा संभव हो सकी है।

महिला संगठनो और स्वयं सहायता समूहों के साथ सीएम का संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में ’मुख्य सेवक आपके द्वार’ कार्यक्रम के अंतर्गत महिला संगठनो एवं स्वयं सहायता समूहों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से दिव्यांगजनों को 3 व्हील चेयर वितरित की तथा वन विभाग द्वारा लीस रॉयल्टी के 8 करोड़ के डमी चेक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने महिला कृषक समूह के सदस्यों, खेल से जुड़े युवाओं, नव उद्यमियों, कृषकों एवं विभिन्न समाज सेवियों से भी संवाद किया। इस संवाद के दौरान कुल 29 आवेदन पत्र/सुझाव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास की हम सबकी यह सामूहिक यात्रा है। हम सभी के सुझावों एवं विचारों का संज्ञान लेकर आगे बढ़ रह हैं। जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो इसके लिये शासन एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को तत्परता के साथ कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्पादन कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे जनपद की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।