मुख्यमंत्री ने द्रोणसागर परिसर में 51,000 दीपों की श्रृंखला प्रज्ज्वलित की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को द्रोणसागर, काशीपुर में हिन्दू राष्ट्र शक्ति द्वारा आयोजित द्वितीय भव्य दीपोत्सव-2022 “एक दिया मेरा भी प्रभु को समर्पित” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वस्ति वाचन के साथ भगवान श्री राम, माता सीता, भगवान लक्ष्मण का तिलक किया। मुख्यमंत्री ने अन्धकार पर प्रकाश की विजय के प्रतीक दीप जलाए, इस दौरान द्रोणासागर परिसर में कुल 51,000 दीपों की श्रृंखला प्रज्ज्वलित की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की चेतना के प्राण मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के चरणों में मेरा दंडवत प्रणाम, उन्होंने कहा भगवान राम वो प्रकाश पुंज हैं जिसकी ओजस्वी किरणें भारत की महान, सनातन संस्कृति को सदियों से अनुप्राणित करती आ रही हैं। भगवान राम का सम्पूर्ण जीवन हमारे लिए एक मार्गदर्शिका है, उनकी पुण्यगाथा मानवीय मूल्यों और आदर्शों से ओतप्रोत है। ये सभी गुण भगवान श्री राम के नाम को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने कहा भगवान राम के जीवन का प्रत्येक पक्ष हम सभी के लिए एक प्रेरणा स्रोत है जो हमें हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का पालन करते रहने की सीख देता है, उनके जीवन के प्रत्येक घटनाक्रम में मानवीय आदर्श की पराकाष्ठा देखने को मिलती है यही कारण है कि सदियां बीत जाने के बाद भी भगवान श्रीराम की पावन जीवन गाथा संपूर्ण मानवजाति को प्रेरित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने सभी से भगवान राम के जीवन को दृष्टांत मानकर उनके बताए मार्ग पर चलने का यथासंभव प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि काशीपुर के प्रबुद्ध जनों ने यह भव्य और दिव्य दीपोत्सव आयोजित किया है, यहां अयोध्या के लघु स्वरूप को जीवंत कर दिया है। उन्होंने कहा यह दीपोत्सव हमारी सनातन संस्कृति की श्रेष्ठता को दिखाता है। साथ ही इस तरह के आयोजन से हमारे गांव-देहात की अर्थव्यवस्था का भी सशक्तिकरण होता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी संस्कृति को उजागर किए जाने का कार्य चल रहा है, सनातन धर्म की रक्षा एवं उसका प्रचार प्रसार देश के साथ पूरे विश्व में हो रहा है। कई दशकों से लंबित आज भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हुआ है, संपूर्ण परिसर में सरस्वती घाट, आस्था पथ, ध्यान केंद्र एवं व्यापारियों के लिए कॉम्प्लेक्स जैसी विभिन्न विकास कार्यों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे 2023 के अंत तक कर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा बद्रीनाथ धाम के भव्य निर्माण हेतु मास्टर प्लान बनाया गया है जिसके लिए तेज गति से कार्य शुरू हो गया है, इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भव्य एवं दिव्य निर्माण कार्य हुआ है, उज्जैन में महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद महाकाल मंदिर का भव्य रूप देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने माणा गांव में 3400 करोड़ रूपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिसमे से प्रमुख थी गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजना, उन्होंने कहा हेमकुंड तक रोपवे पहुंचने से हमारे सभी श्रद्धालुगण आसानी से उनके दर्शन कर पाएंगे, वोकल फॉर लोकल का जो मंत्र आदरणीय प्रधानमंत्री ने दिया है, उसी के अनुरूप माणा की धरती से प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आह्वान किया कि जहां भी घूमने जाएं अपने यात्रा खर्च का कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करें। उन्होंने कहा कि इस आह्वान को देश निश्चित तौर पर निभाएगा एवं इससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि माणा गांव को मेरे द्वारा अंतिम नहीं अपितु देश का पहला गांव बताकर संबोधित किया गया, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने भाषण में सीमा में बसे प्रत्येक गांव को देश का पहला गांव बताया एवं उन्होंने कहा देश का विकास इन गांवों के विकास से शुरू होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमें उत्तराखंड राज्य को 25वे वर्ष पर संस्कृति, पर्यटन, रोजगार कृषि बागवानी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है, जिसके लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सभी विभागों को अगले 10 वर्षाे के विकास कार्याे का रोडमैप तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा हम सभी अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभाते हुए उत्तराखंड के साथ देश को आगे ले जाने का कार्य करेंगे।
इस दौरान कैलाश चन्द्र गहतोड़ी (अध्यक्ष वन विकास निगम), विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, दीपक बाली, मुकेश कुमार, मेयर उषा चौधरी, भाजपा महामंत्री खिलेंदर चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

काफिला रोक कुम्हार के दिए खरीदने लगे सीएम

शनिवार को काशीपुर से खटीमा पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा मुख्य बाजार में काफिला रुकवा कर हाथ से बने मिट्टी के दीयों की खरीददारी की। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के अनुरूप वोकल फॉर लोकल के महाअभियान को बढ़ावा देता छोटा सा सहयोग बताया, मिट्टी से बने दीयों एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना एक कुम्हार के घर को आर्थिक रूप से मजबूत करता है।
इस अवसर पर उन्होंने सभी से इस दीपावली को ज्यादा से ज्यादा स्थानीय उत्पादों को खरीदे जाने का आग्रह किया।

महार रेजीमेंट के सैन्य अधिकारियों एवं जवानों से मिले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मध्य प्रदेश स्थित सागर में महार रेजिमेंट में आयोजित सैनिक सम्मेलन में प्रतिभाग किया। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल्यकाल में जब वे अपने (स्वर्गीय) पिताजी से महार रेजिमेंट के वीर सैनिकों की शौर्यगाथाओं के बारे में सुनते थे तो मन में उत्साह और उमंग की भावना हिलोरे लेने लगती थी। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे आप सभी वीर सैनिकों के बीच आने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। इससे पूर्व वह यहां एक बालक के रूप में आये थे जिसके लिए ये पूरा परिवेश किसी स्वप्नलोक से कम नहीं था। बाल्यकाल में जिस दिन वह, सागर आये वो उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक दिन था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर हमारी यह रेजिमेंट विविधता में एकता की भावना का बोध कराती है वहीं इसका प्रत्येक सैनिक भारत की महान संस्कृति व गौरवशाली सैन्य परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है। आज आदरणीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना के मान और सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आज हमारे वीर सैनिक दुश्मन को उसके घर में घुस कर जवाब दे रहे हैं। जब भी दुश्मन ने ललकारा है भारत ने उसे मुंह तोड़ जवाब देते हुए दिखा दिया है कि उसके पास ताकत भी है और उचित जवाब देने की राजनीतिक इच्छाशक्ति भी है। भारत वैश्विक मंचों पर पूरी दृढ़ता और अपने हितों को सर्वाेपरि रखते हुए अपनी बात रख रहा है। आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि यह देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करने वाला है। आज सेना के आधुनिकीकरण को भी एक नया आयाम दिया जा रहा है और डिफेंस सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और उनके द्वारा सैनिकों को दिए जा रहे प्रोत्साहन के कारण ही आज हमारी सेना पहले से कई गुना अधिक सशक्त है और सीमाएं पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हैं। सैनिकों द्वारा किए जाने वाले त्याग और उनकी राष्ट्र सेवा के ऋण को हम कभी नहीं चुका सकते।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सागर मध्य प्रदेश के सदर कैंट में महार रेजीमेंट के कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने महार रेजिमेंट के वॉर मेमोरियल में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वार मेमोरियल का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महार रेजीमेंट के सैन्य अधिकारियों एवं जवानों से भी मिले। मुख्यमंत्री ने महार रेजीमेंट सेंटर में वृक्षारोपण कर स्वर्गीय पिता को याद कर, भावुक हुए। पिता स्व. शेर सिंह धामी महार रेजीमेंट में दे चुके हैं देश को अपनी सेवाएं। उन्होंने कहा कि सेना हमारी रक्षक, हमारा मस्तक।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वह सेना में तो नही हैं परन्तु वीर सैनिकों को अपना आदर्श मानकर राष्ट्र सेवा में अपना यथासंभव योगदान देने की पूरी कोशिश कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के सैन्य कौशल और पराक्रम का इतिहास महार रेजिमेंट के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। देश की पहली मशीनगन रेजीमेंट होने के साथ साथ देश को दो सेना प्रमुख देने का गौरव भी इस रेजिमेंट के साथ जुड़ा हुआ है। सीमाओं की सुरक्षा करने से लेकर युद्ध के मैदान तक महार रेजिमेंट का एक-एक सैनिक अपना सर्वाेच्च बलिदान देने के लिए हमेशा तत्पर रहा है। 1962 का युद्ध हो या 1971 का… हमारे वीर जवानों ने हमेशा अपनी वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन को मात दी है।
मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन पवन’ के नायक रहे महार रेजिमेंट के अमर शहीद मेजर रामास्वामी परमेश्वरन तथा देश के भीतर आतंकियों से लोहा लेते हुए अमर बलिदान देने वाले सूबेदार मेजर सुरेश चंद यादव को नमन करते हुए कहा कि महार रेजिमेंट में ऐसे वीरों की लंबी श्रृंखला है, जिन्होंने मां भारती के यश को अक्षुण्ण रखने हेतु अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया और तिरंगे की आन-बान और शान को फीका नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रत्येक सैनिक की वीरता, साहस और बलिदान पर हर एक नागरिक को गर्व है। आप सभी हमारे आदर्श हैं और आपकी वीरता,साहस और अपराजेयता पर इस राष्ट्र को अभिमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक आप सभी हैं, आपका ये हौंसला है, आपका ये त्याग और तपस्या है। कोई मां भारती के गौरव को हानि नहीं पहुंचा सकता। आप वीरों की कीर्ति गाथा के बारे में जितना भी बोलूं वो कम होगा। उन्होंने कहा कि आज के इस अवसर पर सभी वीर शहीदों के माता पिताओं को भी वह प्रणाम करते हैं जिन्होंने ऐसे वीर योद्धाओं को जन्म दिया और उनका पालन पोषण किया साथ ही वह उन सभी सैन्य परिवारों को भी नमन करते हैं, जिन्होंने स्वयं से पहले राष्ट्र सेवा को स्थान दिया।

विदेशों से निवेश हो इसके लिए सरकार कर रही विभिन्न देशों में भारत के राजूदतों के साथ चर्चा

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में स्वीडन में भारत के राजदूत/उच्चायुक्त तन्मय लाल, ताजिकिस्तान में विराज सिंह, पनामा में उपेन्द्र सिंह रावत, ब्रूनेई में आलोक अमिताभ डिमरी, केन्या में नामग्या खम्पा, अल्जीरिया में गौरव अहलूवालिया और स्लोवेनिया में नम्रता एस. कुमार के साथ “बिजनेस मीट“ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर शासन के उच्चाधिकारियों के साथ विभिन्न उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग कर अपने विचार रखे।
मुख्य सचिव ने 7 देशों के मिशन प्रमुखों का उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन विदेश में भारत के हितों को बढ़ावा दिए जाने के लिए एक महत्त्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय राजदूत और उच्चायुक्त इस सम्मेलन के माध्यम से उत्तराखण्ड द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड अभी एक नया राज्य है, अपने 22 वर्षों के सफर में उत्तराखण्ड ने इंडस्ट्री फ्रेंडली माहौल तैयार किया है। हम उद्योग को देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करवा रहे हैं। उत्तराखण्ड की लोकेशन इंडस्ट्री की दृष्टि से काफी महत्त्वपूर्ण है, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से काफी करीब है। नए एक्सप्रेस-वे बन जाने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र 2 घंटे की हो जायेगी, जो उत्तराखण्ड में पर्यटन और उद्योग की दृष्टि से काफी लाभप्रद होगी। इसके साथ ही, प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में अत्यधिक संभावनाऐं बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि हम हाई एंड टूरिस्ट को भी आकर्षित करने के प्रयास कर रहे हैं। ऋषिकेश विश्वपटल पर इंटरनेशनल योगा कैपिटल के रूप में जाना जाता है, जो वैलनेस की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है।
मुख्य सचिव ने राजदूतों एवं उच्चायुक्तों के माध्यम से इन देशों के व्यापारिक समुदाय को उत्तराखंड में उद्यमियों के साथ सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए नियमित संवाद स्थापित किया जाएगा। हम राज्य की प्रगति के लिए एवं निवेशकों को सहयोग प्रदान करने के लिए क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां लेकर आ रहे हैं। कुछ नीतियां जो पाइपलाइन में हैं, वे हैं लॉजिस्टिक्स पॉलिसी, सर्विस सेक्टर पॉलिसी, ड्रोन पॉलिसी, डिस्ट्रिक्ट वाइज स्टार्ट-अप स्ट्रैटेजी और ईवी पॉलिसी आदि, ये नीतियां इन सम्बन्धित क्षेत्रों को बढ़ावा देंगी और देश में कारोबारी माहौल में सुधार करेंगी। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड सरकार हर कदम पर निवेशकों को सहयोग प्रदान करने के लिए संकल्पित है।
इस अवसर पर विभिन्न देशों में कार्य कर रहे राजदूतों ने सुझाव दिया कि राज्य के पर्वतीय अंचल के उत्पादों को राज्य की ओर से बढ़ावा दिया जाना चाहिए। राज्य के उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी मेनुफेक्चरिंग, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग की अच्छी व्यवस्था हो। बैठक में सुझाव दिया गया कि उत्तराखंड को योग और वेलनेस टूरिज्म के रूप में वैश्विक स्तर पर तेजी से उभारा जा सकता है। उत्तराखंड योग की भूमि रही है। यहां से प्रशिक्षण लेकर विभिन्न देशों में लोग योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। अधिक से अधिक लोग राज्य में योग का प्रशिक्षण ले सकें, इसकी राज्य में अच्छी व्यवस्था की जा सकती है। राज्य में अपने प्रवास के दौरान, राजदूत एवं हाई कमिश्नर राज्य में निवेश के विभिन्न अवसरों पर चर्चा करेंगे और राज्य से निर्यात को बढ़ावा देंगे। राजदूत आकांक्षी जनपद हरिद्वार का भी दौरा करेंगे, जहां ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) की जानकारी साझा की जाएगी।
सचिव उद्योग डॉ. पंकज कुमार पांडे ने सभी विशिष्ट और सम्माननीय अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार पर्याप्त बुनियादी ढांचा बनाने और उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में उभरते क्षेत्रों में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी में विशेषज्ञों, संगठनों, स्टार्ट-अप्स, उद्योग संघों और निवेशकों द्वारा अपने अनुभव और सुझाव साझा किये जायेंगे। उत्तराखण्ड निवेश गंतव्य और निर्यात में अग्रणी राज्यों में शामिल हो, यह हमारा प्रयास है। उत्तराखण्ड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य पहले से ही जिंक और जिंक उत्पाद, ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्युटिकल उत्पाद, उद्योगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले रसायन, प्लास्टिक और प्लास्टिक उत्पाद, सेब, चावल, आम, बाजरा आदि कृषि आदि उत्पादों का निर्यात कर रहा है।
सचिव कृषि वी.वी.आर.सी. पुरूषोतम ने राज्य में कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में निवेश की सम्भावनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य में फूड पार्क, एरोमेटिक आयल हर्ब, स्पाइस, हिमालयन गोट मीट, हिमालयन हर्ड चीज, बद्री गाय घी की बड़ी मांग है।
महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश में उद्योगों की स्थिति एवं निवेश से सम्बन्धित संभावनाओं एवं उद्योगों के हित में राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद पूजा गर्ब्याल ने प्रदेश में पर्यटन से सम्बन्धित गतिविधियों की जानकारी दी।
सचिव वित्त आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड निवेश के क्षेत्र में संभावनाओं का प्रदेश है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्यमियों एवं निवेशकों के सहयोग के लिये नोडल अधिकारी तैनात किये जायेंगे। विभिन्न क्षेत्रों के लिये निर्धारित की गई नीतियों के प्रति आकर्षित होने वाले उद्यमियों एवं निवेशकों को सुविधा हो सके।
बिजनेस मीट में उद्यमी पंकज गुप्ता, आईटीसी, फार्मास्यूटिकल्स, हीरो मोटो कॉर्प के प्रतिनिधियों के साथ उद्यमी एस.पी.सिंह, प्रणव कुकरेती आदि ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं उद्योग व्यापार से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत राजदूतों से राज्य के विकास में मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में विभिन्न देशों में कार्यरत भारत के सात राजदूतों ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं राजदूतों के मध्य विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट को विभिन्न देशों में बढ़ावा देने के लिए राजदूतों से सहयोग लिया जाएगा। उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की लोगों को विभिन्न देशों में जानकारी हो इसके लिए और प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा की उत्तराखंड में पर्यटन, उद्योग, हार्टिकल्चर के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। इनको बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सभी राजदूतों से कहा कि जिन देशों में वे कार्य कर रहे हैं, उन देशों की बेस्ट प्रैक्टिस की जानकारी उत्तराखण्ड शासन के अधिकारियों को दी जाय। मुख्यमंत्री ने शासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आज और कल राजदूतों के साथ विभिन्न विषयों पर होने वाली बैठकों में जो भी सुझाव प्राप्त होते हैं, उनका पूरा डॉक्यूमेंटेशन किया जाय। उत्तराखंड को उत्कृष्ट उत्तराखण्ड बनाने के लिए इन सुझावों को अमल में लाकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर एवं कनेक्टिविटी का तेजी से प्रसार हो रहा है। उन्होंने राजदूतों को सुझाव दिया कि राज्य में विभिन्न उत्पादों की जानकारी, टूरिज्म, स्थानीय कल्चर एवं सांस्कृतिक विरासत से संबंधित जानकारी के लिए विभिन्न देशों से लोग उत्तराखण्ड आना चाहते हैं तो इसकी भी जानकारी दी जाय। देवभूमि उत्तराखण्ड में सबका स्वागत किया जायेगा और हर संभव सहयोग दिया जायेगा
इस अवसर पर विभिन्न देशों में कार्य कर रहे राजदूतों ने सुझाव दिया कि राज्य के पर्वतीय अंचल के उत्पादों एवं भोजन को राज्य की ओर से बढ़ावा दिया जाना चाहिए। राज्य के उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी मेनुफेक्चरिंग, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग की अच्छी व्यवस्था हो। बैठक में सुझाव दिया गया कि उत्तराखंड को योग और वेलनेस टूरिज्म के रूप में वैश्विक स्तर पर तेजी से उभारा जा सकता है। उत्तराखंड योग की भूमि रही है। यहां से प्रशिक्षण लेकर विभिन्न देशों में लोग योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। अधिक से अधिक लोग राज्य में योग का प्रशिक्षण ले सकें, इसकी राज्य में अच्छी व्यवस्था की जा सकती है।
इस अवसर पर स्वीडन में भारत के राजदूत तन्मय लाल, तजाकिस्तान में भारत के राजदूत विराज सिंह, पनामा में भारत के राजदूत उपेन्द्र सिंह रावत, ब्रूनेई में भारत के राजदूत आलोक अमिताभ, केन्या में भारत की राजदूत नामग्या खम्पा, स्लोबानिया में भारत की राजदूत नम्रता एस कुमार, अल्जीरिया में भारत के राजदूत गौरव अहलूवालिया, सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय एवं अपर सचिव नितिन भदौरिया उपस्थित रहे।

दो दिवसीय साहित्य सम्मेलन का परमार्थ में आयोजन

परमार्थ निकेतन के गंगा तट पर आयोजित रचना संसार अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ताओं ने मानव जीवन में साहित्य की उपयोगिता के बारे में बताया। कार्यक्रम में हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की सृजन, मनन एवं मूल्यांकन साहित्य का विमोचन हुआ।
रविवार को सम्मेलन का शुभारंभ हरिद्वार सांसद डा. निशंक ने किया। मौके पर लिखित सृजन, मनन एवं मूल्यांकन का विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि साहित्य की सार्थकता इसी में है कि उसमें मानवीय संवेदना के साथ सामाजिक अवयवों का भी उल्लेख किया गया हो। साहित्य संस्कृति का संरक्षक और भविष्य का पथ प्रदर्शक है। हिमालय और गंगा की गोद से सृजित साहित्य में मानव को श्रेष्ठ बनाने के साथ ही मानवीय एवं राष्ट्रीय हित समाहित है। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि समाज के नवनिर्माण में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका है। साहित्य समाज की उन्नति और विकास की आधारशिला की नींव रखता है। साहित्य के माध्यम से समाज की विविधता और लोक संस्कृतियों का संरक्षण होता है। इस दौरान स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर डा. रमेश पोखरियाल को सम्मानित किया।

वैली ऑफ वर्ड्स में पहली बार सूचना और संस्कृति विभाग भी होंगे सहयोगी

आगामी 12-13 नवंबर को देहरादून में वैली ऑफ वर्ड्स का छठा संस्करण आयोजित किया जाएगा। यह पहला अवसर है जब उत्तराखंड सरकार के सूचना एवं संस्कृति विभाग भी इस आयोजन में सहयोगी होंगे। वैली ऑफ वर्ड्स में इस बार 100 लेखक, 40 सेशन और 10 किताबों का विमोचन आकर्षण होगा।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में विशेष प्रमुख सचिव सूचना अभिनव कुमार एवं सेवानिवृत्त आईएएस संजीव चोपड़ा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैली ऑफ वर्ड्स का शुभारंभ उत्तराखंड के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह करेंगे जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे। 13 नवंबर को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि बीते 5 वर्षों से लगातार यह आयोजन देहरादून में हो रहा है। इस बार मुख्यमंत्री की सहमति के बाद उत्तराखंड सरकार भी इसमें भागीदार है। उन्होंने कहा कि वैली ऑफ वर्ड्स के दौरान उत्तराखंड की फिल्म नीति को लेकर भी चर्चा होगी। वर्तमान में इस नीति को लेकर सुझाव आमंत्रित किये गए हैं। विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार ने कहा कि एक दो माह के अंदर फिल्म नीति को फाइनल कर लिया जाएगा। अभी तक आउटडोर शूटिंग पर ही फोकस होता था लेकिन अब प्रयास है कि फिल्म से जुड़ा हर पहलू मसलन लेखन, फोटोग्राफी, सिनेमेटोग्राफी इत्यादि यहीं पर हो।
वैली ऑफ वर्ड्स के दौरान विभिन्न गतिविधियां जैसे नृत्य प्रस्तुति, मंत्रणा कार्यक्रम भी होंगे। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा प्रयास है कि देहरादून के वैली ऑफ वर्ड्स को जल्द से जल्द देश के सर्वश्रेष्ठ लिटरेचर फेस्टिवल के तौर पर पहचान मिले। इसके अलावा इस कार्यक्रम के दौरान रूसी एवं इसरायली किताबों पर भी चर्चा की जाएगी।

श्री बदरीनाथ सहित चारों धामों के बंद होने की तिथि की हुई घोषणा

उत्तराखंड में चारों धामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया गया है। चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर शनिवार शाम 3 बजकर 35 मिनट के लिए बंद कर दिए जाएंगे। जबकि, गंगोत्री धाम के कपाट 26 अक्टूबर को 12 बजकर 1 मिनट पर अनकूट के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
भैया दूज के अवसर रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ और उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धामी के कपाट बंद किए दिए जाएंगे। भैया दूज के पावन पर्व पर आने वाली 27 अक्टूबर को विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ छह माह तक शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
बुधवार को यमुना मंदिर में यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल एवं पंच पंडा पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल की उपस्थिति ने यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों द्वारा दशहरे के शुभ अवसर पर यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने का मुहूर्त निकाला गया।
भैया दूज के पावन पर्व पर 27 अक्टूबर 2022 को दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर सर्व सिद्धि योग, अभिजीत मुहूर्त के शुभ अवसर पर विधिवत पूजा अर्चना के साथ यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए छह माह तक बंद कर दिए जाएंगे। शीतकाल में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु छह माह तक मां यमुना के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास खुशीमठ (खरसाली) में कर सकेंगे। जिसके बाद अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर ग्रीष्म काल के लिए यमुनोत्री धाम में पुनः मां यमुना के कपाट विधिवत दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने का मुहूर्त निकालने के इस दौरान यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल, पंच पंडा पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, लखन उनियाल, अमित उनियाल, सच्चिदानंद उनियाल, रामस्वरूप उनियाल सहित तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।

तीर्थ यात्रियों का टूटा रिकॉर्ड
बदरीनाथ, केदारनाथ सहित चारों धामों में दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों का रिकॉर्ड टूटा है। इस साल 2022 में अब तक 38 लाख से ज्यादा तीर्थ यात्री दर्शन करने को धामों में पहुंचे हैं। 8 मई से खुले बदरीनाथ धाम में 3 अक्टूबर तक 1443174 तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किए। जबकि, 6 मई से खुले केदारनाथ धाम में 3अक्टूबर तक 1323949 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 3 मई से खुले यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम में क्रमश 456885 और 580170 तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किया है।

नवरात्रों में मां की पूजा का है विशेष महत्व-अग्रवाल

हिमालय देवी मंदिर समिति की ओर से मां कालरात्रि का पूजन धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत करते हुए मां कालरात्रि की विशेष आरती में प्रतिभाग किया।
छिद्दरवाला में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डॉ अग्रवाल ने माँ कालरात्रि के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को माता का रूप माना जाता है। माँ कालरात्रि ने महिषासुर जैसे दैत्य का संहार कर भक्तों का दुख दूर किया था। उसी प्रकार आज भी माँ अपने भक्तों के लिए सदैव तत्पर रहती है। उन्होंने कहा कि माँ का सच्चे मन से स्मरण करने पर सारे दुःखों का निवारण होता है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि मां कालरात्रि भयानक ​दिखती हैं लेकिन वे शुभ फल देने वाली हैं। मां कालरात्रि से काल भी भयभीत होता है। कहा कि देवी अपने भक्तों को भय ये मुक्ति और अकाल मृत्यु से भी रक्षा करती है। शत्रुओं के दमन के लिए भी इस देवी की पूजा की जाती है। डॉ अग्रवाल ने इस सुंदर आयोजन के लिए हिमालय देवी मंदिर समिति को बधाई दी।
इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष डोईवाला सुमित्रा मनवाल, ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, हरभजन सिंह सौंधी, प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, पूर्व प्रधान हरीश कक्कड़, प्रधान प्रतिनिधि बलविंदर सिंह लाला, अध्यक्ष गोरखा सुधार सभा कृष्ण कुमार थापा, अध्यक्ष माता हिमालय देवी मंदिर दिल बहादुर खत्री, शम्भू गुरुंग, बुद्ध बहादुर, दिगंबर थापा, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, अम्बर गुरुंग, आनंद भंडारी, रोबिन राणा, सन्तोषी शर्मा, संजना भंडारी, ममता भंडारी, संगीता गुरुंग, राज कुमार भंडारी, आरती थापा, स्नेह लता भंडारी, गीता भंडारी, अनिल भंडारी, गणेश शर्मा, रमन रांगड़, हरीश पैन्यूली आदि उपस्थित रहे।

समान नागरिक संहिता विषेशज्ञ समिति के सदस्यों ने नागरिकों से सुझाव लिये

राज्य स्तरीय समान नागरिक संहिता विषेशज्ञ समिति के सदस्यों द्वारा नागरिकों का पक्ष सुनने के लिए क्षेत्र में भ्रमण का कार्यक्रम निर्धारित किया गया। इसका उद्देश्य राज्य के दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को समान नागरिक संहिता की जानकारी देकर उनके सुझाव प्राप्त करना है। विशेषतौर से महिलाओं व युवाओं को इसके बारे में बताते हुए विवाह, संरक्षण, तलाक, गोद लेना, सम्पत्ति का अधिकार, आदि पर सुझाव प्राप्त कर तैयार की जाने वाली रिपोर्ट में समाहित करना है।
समिति के सदस्यों द्वारा भ्रमण का कार्यक्रम राज्य के सीमान्त गॉव, माणा जनपद चमोली से आरम्भ किया गया। दिनांक 01.10.2022 को माणा गॉव में सदस्यों द्वारा बैठक आयोजित की गयी। समान नागरिक संहिता के बारे में जानकारी देने के उपरान्त उपस्थित महिलाओं, पुरूषों व युवाओं द्वारा अपने क्षेत्र से सम्बन्धित रीति-रिवाजों के विषय में जानकारी दी गयी। उनके द्वारा विभिन्न मुद्दों पर सुझाव प्रेषित किये गये। इस कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा पारम्परिक वेशभूषा पहन कर प्रतिभाग किया गया।
जोशीमठ के नगर पालिका भवन में विशेषज्ञ समिति के सदस्यों द्वारा बैठक आयोजित कर उपस्थितजनों के सुझाव मांगे गये। इस बैठक में महाविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, प्रबुद्ध जनों द्वारा उपस्थित हो कर अपने अमूल्य सुझाव प्रेषित किये गये। क्षेत्रीय भ्रमण में माननीय सदस्य शत्रुघ्न सिंह, मनु गौड़ व डॉ सुरेखा डंगवाल द्वारा प्रतिभाग किया गया। सदस्यों द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 15.10.2022 से कुमाऊॅ मण्डल के जनपदों के लिए भी प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम तैयार किया जा चुका है। उनके द्वारा बताया गया कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्र हनोल, पुरोला, उत्तरकाशी आदि में क्षेत्र भ्रमण कर लोगों को अपने सुझाव देने के लिए जागरूक किया जायेगा।