लोक भाषा लोक साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए नरेंद्र सिंह नेगी को मिलेगा सम्मान

आवाज साहित्यिक संस्था मुनिकीरेती द्वारा राजभाषा हिंदी दिवस के उपलक्ष में रविवार 12 सितंबर 2021 को राजभाषा समारोह मनाने का निर्णय लिया गया है जिसमें इस वर्ष का आवाज का सर्वाेच्च सम्मान आवाज रत्न गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी जी को उनके द्वारा की गई लोक भाषा लोक साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान हेतु दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संस्था के अध्यक्ष अशोक शर्मा क्रेजी ने कहा कि आवाज साहित्यिक संस्था 2001 में स्थापित की गई थी जिसका मुख्य उद्देश्य नए रचनाकारों को मंच देना तथा उन्हें साहित्य के नए नए अनुभवों से अवगत कराना था उन्होंने कहा कि आवाज में इन 20 वर्षों में बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जहां अनेक राष्ट्रीय कवि एवं साहित्यकारों का पावन सानिध्य प्राप्त किया वहीं आवाज ने अपने संस्था के माध्यम से सामूहिक संकलन ओं के द्वारा भी साहित्य के क्षेत्र में काफी उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रमुख साहित्यकारों में पार्थ सारथी डबराल, चारु चंद्र चंदोला, डॉक्टर लीलाधर जगूड़ी, राजेंद्र धस्माना, डॉक्टर गोविंद बिष्ट, विद्यासागर नौटियाल, डॉक्टर अतुल शर्मा, मोहनलाल बबूलकर, बुद्धि बलभ थपलियाल, आलोक प्रभाकर, द्वारिका प्रसाद मलासी, प्रमुख चित्रकार बी मोहन नेगी ने संस्था के लिए एक प्रेरक के रूप में कार्य किया है तथा संस्था में नये साहित्यकारों के लिए प्रमुख अन्वेषण शाला के रूप में आशीर्वाद दिया है।
संस्था के उपाध्यक्ष आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल ने आवाज साहित्यिक संस्था की उपलब्धियों को अवगत कराते हुए कहा कि जहां नए साहित्यकारों को मंच प्रदान हुआ है वहीं विभिन्न सामाजिक शैक्षणिक संस्थाओं के अंदर आवाज साहित्यिक संस्था ने अनेक कार्यशाला आयोजित किए हैं तथा बाल साहित्यकारों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
सस्ता के कनिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद उनियाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि आवाज साहित्यिक संस्था ने वर्तमान समय तक अनेक जन उपयोगी संकलन तैयार किए हैं जो सामूहिक रूप से कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से तैयार किए हैं जिसमें मुख्य रुप से आवाज पहाड़ बदल रहा अस्तित्व दो कदम ची ची गाती चिड़िया अन उत्तरीय प्रश्न दृष्टिकोण के साथ-साथ समय-समय पर अनेक पत्र-पत्रिकाओं में अपने रचनाओं के माध्यम से शिखर को छूने का कार्य क्या है।
समिति के सचिव महेश शिकारिया ने कहा कि आवाज आने वाले समय में ऋषिकेश नगरी नहीं अभी तो संपूर्ण राज्य के साथ-साथ भारतवर्ष के राज्यों में भी अपना बेहतरीन स्थान बनाने के लिए प्रयास करेगी
समिति के सह सचिव डॉ सुनील थपलियाल ने कहा की आवाज साहित्यिक संस्था ने लॉकडाउन में साहित्य संस्कृति संवाद की त्रिवेणी के माध्यम से संपूर्ण भारतवर्ष के साहित्यकारों को संस्कृति प्रेमियों को स्थानीय कलाकारों गीतकार के साथ कलाकारों को जोड़ने का कार्य किया सात समंदर पार भी जहां उत्तराखंडी प्रवासी सेवाएं दे रहे हैं वहां तक आवाज अपने लाइव प्रसारण के माध्यम से अग्रसारित हुई है यह सबसे बड़ी उपलब्धि है कि वर्तमान समय में डेढ़ लाख से ऊपर दर्शक आवाज़ साहित्यिक संस्था के पास है जो समय समय पर आवाज को प्रोत्साहित करते रहते हैं।
समिति के पूर्व सचिव धनेश कोठारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हर वर्ष संस्था के द्वारा स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद मालासी आवाज रत्न सम्मान दिया जाता है जो उत्तराखंड प्रदेश के कई महान विभूतियों को आजतक दिया गया है जिसमें डॉक्टर जग्गू नौटियाल ,आलोक प्रभाकर, सत्यानंद बडोनी, डॉक्टर सविता मोहन, डॉआशा जुगलान, बंशीधर पोखरियाल, आरपी डंगवाल, देवेंद्र दत्त सकलानी, डॉक्टर अतुल शर्मा, डॉ विद्या अलंकार, डॉक्टर श्वेता खन्ना, डॉ कविता भट्ट शैलपुत्री आदि को दिया गया है और वर्तमान समय में यह पुरस्कार गढ़ रत्न लोक भाषा, लोक साहित्य के प्रमुख भगीरथ नरेंद्र सिंह नेगी जी को दिए जाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष सत्येंद्र चौहान नरेंद्र दयाल, शिवप्रसाद बहुगुणा, धनीराम बिंजोला, मनोज मालासी, रविशास्त्री, सुरेंद्र भंडारी, कमलेश रावत आदि उपस्थित थे ।

कृष्ण जन्माष्टमी के ऑन लाइन फोटो प्रोग्राम के परिणाम घोषित

टीम जेसीआर द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी ऑनलाइन फ़ोटो प्रतियोगिता के परिणाम देहरादून मार्ग स्थित एक रिसार्ट घोषित किये गए। जिसमें मुख्य अतिथि कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दासौनी रही व कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने की। कार्यक्रम में तीन सदस्यीय जजों की कमेटी जिसमें बहन हेमलता, रेणू वर्मा, इशा चौहान के द्वारा निर्णय सुनाया गया, जिसमें प्रथम सात साल के कुंजप्रीत सिंह, द्वितीय सानिध्य रतूड़ी, तृतीय स्थान पर अवन्या त्यागी व सांत्वना पुरस्कार पर इशांत भट्ट व अथर्व पासवान रहे। प्रथम द्वितीय व तृतीय विजेताओं को ट्रॉफ़ी व पुरस्कार दिये गये व दो बच्चों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया साथ ही सभी बच्चों को उनकी फ़ोटो भेंट कर सम्मानित किया ।
मुख्य अतिथि प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दासौनी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को उचित मंच भी मिलता है साथ ही बच्चों को अपनी हिंदू धर्म की जानकारी भी मिलती है और उनकी आस्था और विश्वास भी जागरूक होता है कोरोना काल में बच्चे घर पर ही बंद हो गये थे।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी गरिमा मेहरा दसौनी ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की भूमिका में शिरकत की। गरिमा मेहरा दसोनी ने ऋषिकेश कांग्रेस के कर्मठ और जुझारू नेता जयेंद्र रमोला द्वारा आयोजित इस सुंदर कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम नौनिहालों में मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ हमारे रीति रिवाज संस्कृति परंपरा और आस्था को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में आए हुए सभी अभिभावकों को उनके सुंदर प्रयासों के लिए सराहते हुए दसोनी ने कहा कि जिस तरह से सभी माता-पिता ने अपने बच्चों को बाल गोपाल की वेश भूषा में तैयार करने में सुंदर पहल की है और बढ़ चढ़ कर इस प्रतियोगिता में योगदान दिया है वह सराहनीय है। दसोनी ने जयेन्द्र रमोला के द्वारा की गई इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसी तरह से हर वर्ष इस प्रतियोगिता को जारी रखें तो बहुत अच्छा होगा। दसोनी ने कहा कि सबसे अच्छी बात प्रतियोगिता की यह रही कि किसी भी बच्चे को मायूस नहीं किया गया और सभी को कुछ न कुछ पारितोषिक देकर उन्हें प्रसन्नचित कार्यक्रम से भेजा गया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि दो वर्षों से कोरोना काल के कारण स्कूल बंद थे और बच्चों की कोई ऐक्टिविटी नहीं हो पा रही थी। बच्चे घरों में केवल मोबाइल या टीवी पर ही अपना समय व्यतीत कर रहे हैं, इसलिये हमने अपनी साथियों के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें तीन साल से बारह साल के बच्चों को श्रीकृष्ण भगवान के स्वरूप में बच्चों को सजाकर फ़ोटो तीस अगस्त तक भेजी गई।
रमोला ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों में दबी प्रतिभा को बाहर निकालने का प्रयास किया गया है और आगे भी ऐसे कार्यक्रम हमारी टीम द्वारा करवाये जायेंगे।
कार्यक्रम का संचालन अंशुल त्यागी, दीपक जाटव व ऋषिराज भट्ट ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम में ऋषिकेश के बाल टीवी व बड़े पर्दे के कलाकार प्रभु भट्ट ने छोटे छोटे बच्चों को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रॉपर्टी डीलर डेवलपर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गर्ग, विमला रावत, पार्षद विजय लक्ष्मी शर्मा, पार्षद शकुंतला शर्मा, पार्षद राधा रमोला, पार्षद पुष्पा मिश्रा, कृष्णा रमोला, गजेन्द्र विक्रम शाही, कुसुम जोशी, लक्ष्मी नारायण जुगडाण, सनमोहन सिंह रावत, गोकुल रमोला, हरभजन चौहान, कुंवर सिंह गुसाँई, रवीन्द्र राणा, मनोज गुसाँई, रेणु, चन्द्रकान्ता जोशी, बिक्रम भण्डारी, लक्ष्मी उनियाल, जितेन्द्र त्यागी, प्रिंस सक्सेना, नीरज चौहान, यश अरोड़ा, लक्ष्मी कुलियाल, ममता शाही, आदित्य झा, कार्तिक, अलेख, अर्चित मोदी, आशीष, शिवानी खत्री, स्वामी नौडियाल, मनीषा थापा, मीना रमोला, ममता राणा, वन्दना, राजकुमार मल्होत्रा, हिमांशु जाटव, दिलप्रीत सिंह आदि मौजूद थे ।

कांग्रेस नेता ने प्रदेश की खुशहाली की कामना की

उत्तराखंड कांग्रेस के महासचिव राजपाल खरोला ने जानकारी देते हुए बताया कि आज ऋषिकेश विधासनभा क्षेत्र के अंतर्गत श्री गणपति सेवा मण्डल ऋषिकेश द्वारा गणपति महोत्सव 2021 के दौरान मूर्ति स्थापना दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पहुँच कर पूरी विधि विधान से भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
श्री गणेश जी के स्थापना दिवस के मौके पर राजपाल खरोला ने कहा की भगवान विघ्नहर्ता से यही प्रार्थना करते है कि प्रदेश की जनता को सुख, समृद्धि व सफलता का आशीर्वाद प्रदान करें और सबकी मनोकामनाएं पूरी करें द्य कार्यक्रम में मनोज धींगरा, नितिन गुप्ता, योगेश कालड़ा, प्रिंस मनचंदा, कमल शर्मा, मुकेश जैन, आलोक चावला, राकेश मनचंदा, योगेश जैन उपस्थित रहे।

गरतांग गली को नुकसान पहुंचाने पर गंगोत्री थाने में अज्ञात पर मुकदमा दर्ज

असामाजिक तत्व खूबसूरत चीजों को बदरंग करने से बाज नहीं आते। उत्तरकाशी में भारत-तिब्बत के बीच व्यापारिक रिश्तों की गवाह रही ऐतिहासिक गरतांग गली (Gartang gali disfigured) पर भी ऐसे ही असामाजिक तत्वों की नजर पड़ी है। 300 साल पुराने लकड़ी से बने इस खूबसूरत पुल को हाल में पर्यटकों के लिए खोला गया है। लेकिन अराजक तत्वों ने इस लकड़ी पर भी अपने नाम गोद डाले हैं। जिससे इसकी खूबसूरती पर दाग लग रहा है। ऐसे अराजक तत्वो के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

गंगोत्री थाने में इन अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद सिंह की तहरीर पर धारा 427 के तहत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग ने आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द उचित कारवाई के आदेश दिए हैं।

ऐतिहासिक गरतांगगली भारत-तिब्बत व्यापार का प्रमुख मार्ग रहा है। करीब 300 साल पहले पेशावर सेआए पठानों ने इसका निर्माण किया था। लेकिन भारत चीन युद्ध के बाद इस मार्ग को बंद कर दिया गया था। इस मार्ग पर करीब 500 मीटर लंबाई की लकड़ी की सीढ़ियां आकर्षण का केंद्र हैं।

राज्य सरकार के प्रयासों के बाद हाल ही में इस गली का जीर्णोद्धार कराया गया है। देवदार की लकड़ी से दोबारा सीढ़ीदार रास्ता तैयार किया गया है। इस ऐतिहासिक जगह को देखने पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है।

सीएम की घोषणा-पुलिस में खेल कोटे में भर्ती जल्द शुरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस मुख्यालय देहरादून में पुलिस विभाग द्वारा तैयार की गई ‘‘पब्लिक आई एप’’ तथा महिला सुरक्षा हेतु ‘‘मिशन गौरा शक्ति’’ एप का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ द्वारा पर्यावरण संरक्षण, कोविड जागरूकता, हानिकारक कूड़े के निस्तारण व जोखिम पूर्ण स्थानों के चिन्हीकरण के लिए चलाये जा रहे माउण्ट गंगोत्री-1 पर्वतारोहण अभियान का फ्लैग ऑफ भी किया। इंस्पेक्टर एसडीआरएफ अनीता गैरोला के नेतृत्व में 9 सितम्बर से 30 सितम्बर तक चलाया जायेगा। अभियोगों की विवेचना में गुणात्मक सुधार तथा सफल अनावरण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा विवेचकों को स्मार्ट एविडेंस टूलकिट टेबलेट प्रदान किये गये।

जल्द बनेगी एंटी ड्रग पालिसी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस की समीक्षा बैठक भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस में खेल कोटे की भर्ती शुरू की जायेगी। पीएसी के जवानों को बसों की व्यवस्था की जायेगी। उत्तराखण्ड में शीघ्र एंटी ड्रग पॉलिसी बनायी जायेगी। पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जायेगी। पुलिस विभाग के आरक्षियों के ग्रेड पे के संबंध में कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जल्द उचित समाधान निकाला जायेगा।

अपराधियों को पकड़ने हेतु पुरस्कार राशि बढ़ायेगी सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018 को और सख्त बनाया जायेगा। बाहरी राज्यों से उत्तराखण्ड में आने वाले लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था किसी भी राज्य की सुरक्षा एवं समृद्धि का एक आवश्यक अंग है। उत्तराखंड पुलिस द्वारा राज्य में अच्छा कार्य किया जा रहा है।
इनामी अपराधियों को पकड़ने हेतु पुरस्कार राशि बढ़ायी जाएगी। कोरोना काल में पुलिस द्वारा मिशन हौंसला के तहत सराहनीय कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिस बनाने का जो विजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का है। उसको पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उत्तराखण्ड पुलिस को आधुनिक बनाने में जो भी आवश्यकता होगी उसे पूरा करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर एवं इंस्पेक्टर को कोविड-19 में उनके द्वारा किये जा रहे सराहनीय कार्यों एवं सेवाओं 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि जल्द दी जायेगी।

साइबर क्राइम को रोकने के लिये ठोस रणनीति बनाएं
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि साइबर क्राइम को रोकने के लिए लिए ठोस रणनीति बनाई जाय। यातायात के नियमों, रोड सेफ्टी के प्रति लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाय। ट्रैफिक लाइट एवं सीसीटीवी निगरानी की समुचित व्यवस्था की जाय। कार्यों के प्रति प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। थाना या चौकी स्तर के मामले जिले स्तर पर न आए। जिला स्तर के मामले मुख्यालय स्तर एवं शासन स्तर पर न आये। जिसकी जो जिम्मेदारी है, अपने स्तर पर शीघ्र उसका समाधान करें। महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, नशा मुक्ति एवं साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाय।

मिशन गौरा शक्ति अभियान
महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सजग एवं प्रभावी पहल के लिए उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा मिशन गौरा शक्ति अभियान चलाया जायेगा। इसके तहत छेड़खानी जैसी घटनाओं में प्रभावी कार्यवाही, बालिकाओं को आत्मरक्षा हेतु प्रशिक्षण एवं शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जायेगा। इसके तहत पीड़िता इमरजेंसी की स्थिति में डायल कर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती है। ऑनलाईन ऑडियो, वीडियो एवं टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकती हैं। आपात स्थिति में 112 पर कॉल कर सकते हैं। अपनी शिकायत पर संबंधित पर हुई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त कर सकती है। एप के माध्यम से पुलिस के अन्य ऑफिसियल सोशल मीडिया अकाउंट पर भी संपर्क कर सकती हैं।

पब्लिक आई एप
उत्तराखण्ड प्रदेश की जनता अपनी शिकायतों के साथ-साथ आसपास घटित हो रहे आपराधिक या विधि का उल्लंघन करने वाले कृत्यों की फोटो या वीडियो बनाकर पुलिस को भेज सकते हैं। शिकायतकर्ता अपने द्वारा पूर्व में की गई शिकायत व उस पर हुई कार्यवाही की प्रगति के बारे में जान सकते हैं। साइबर क्राइम के बारे में शिकायत दर्ज की जा सकती है। किसी भी प्रकार की ट्रेफिक समस्या या सड़क दुर्घटना के संबंध में फोटो या वीडियो बनाकर कार्यवाही हेतु अपलोड किया जा सकता है। आपात स्थिति में 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, अरविन्द सिंह ह्यांकी एवं पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को सुरक्षित भारत पहुंचाने पर धन्यवाद

देहरादून के गुरूद्वारों के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों ने विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय सभागार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। उन्होंने अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को सुरक्षित भारत पहुंचाए जाने पर मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित किया। कहा कि प्रधानमंत्री ने सिक्ख समाज का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विधानसभा कार्यालय में पहली बार अरदास सम्पन्न की गई और कढाह प्रसाद बांटा गया। मुख्यमंत्री को शॉल और कृपाण भी भेंट की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दुनिया में देश का मान बढा है। अफगानिस्तान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है। उत्तराखण्ड के लोगों को वहां से सुरक्षित लाने के लिए राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के सम्पर्क में है। बहुत से लोग वापिस लाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे हर पल सिक्ख समाज के साथ हैं। जब भी जरूरत होगी, उन्हें अपने साथ पाएंगे।
इस अवसर पर विधायक राजेश शुक्ला, उत्तराखण्ड सिक्ख विकास परिषद के अध्यक्ष बलजीत सोनी, गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरबक्श सिंह, गुलजार सिंह, गुरप्रीत सिंह, सुरेन्द्र बत्रा, जगमिंदर सिंह छाबड़ा, चरणजीत सिंह, सेवा सिंह मठारू सहित अन्य उपस्थित थे।

अनुराधा पौडवाल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में पद्मश्री अनुराधा पौडवाल ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने पौडवाल से राज्य के पारम्परिक एवं ऐतिहासिक मंदिरों एवं स्थलों का विश्व पटल पर लाने तथा इनके व्यापक प्रचार में सहयोग की अपेक्षा की।
पौडवाल ने मुख्यमंत्री से प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य में आयोजित होने वाले पौराणिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूप रेखा निर्धारण में अपना सहयोग देने की बात कही।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सुमित अदलखा, मनु गौड आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड की धरती ने देश को कई नायाब हीरे दिए-नड्डा

रायवाला के एक रिजॉर्ट में आयोजित पूर्व सैनिक संवाद एवं सैनिक सम्मान कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने केंद्र में आने के बाद सबसे पहले पूर्व सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन देने का काम किया, यह मांग 42 सालों से लंबित थी। देश में पहले बुलेट प्रुफ जैकेट आयात की जाती थी, लेकिन आज यह जैकेट विदेशों में निर्यात की जा रही है।

पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि भी है और वीरभूमि भी। उत्तराखंड के कई लोग सेना में बड़े पदों पर आसीन रहे हैं। जिनमें जनरल बिपिन रावत खुद देश के सीडीएस हैं। रक्षा बजट में हर साल एक लाख 35 हजार करोड़ रुपये नए असलहे खरीदने के लिए रखे जाते हैं। पहले सेना और बॉर्डर पर स्थित गांवों के लिए बरसात से पहले छह माह का राशन एकत्रित करके रखा जाता था, लेकिन ऑल वेदर रोड बनने के बाद अब राशन एकत्रित नहीं करना पड़ता। अभी तक करीब 3,300 किमी ऑल वेदर रोड बन चुकी हैं। सीमांत राज्यों में कई रेल परियोजनाओं पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि सेना में 34 राफेल फाइटर जुड़ चुके हैं। आर्म्ड फोर्स पर लोगों का विश्वास बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ मेें देश सुरक्षित है। दीपावली के त्योहार में हर कोई अपने रिश्तेदारों और परिचितों के घर जाता है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल दीपावली बॉर्डर पर सैनिकों के साथ मनाते हैं। पहले जम्मू कश्मीर के किसी जिले में आतंकवादियों की ओर से फायरिंग की जाती थी तो वहां पर तैनात जवानों को जवाबी कार्रवाई के लिए दिल्ली का इंतजार करना पड़ता था, दिल्ली से कहा जाता था कि अभी संदेश का इंतजार करो। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैनिकों को गोली का जवाब गोली से देने की छूट दे रखी है। प्रधानमंत्री की कार्यकुशलता के कारण ही चीन को पीछे हटना पड़ा। 17 अगस्त को जम्मू में शहीद हुए पौड़ी के वीर जवान को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। 

केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि अब हमारा देश आत्मनिर्भर हो रहा है। देश में सुई से सब्बल का निर्माण हो रहा है। पहले जो रक्षा उपकरण आयात किए जाते हैं, आज भारत में निर्मित एक हजार प्रकार के रक्षा उपकरण निर्यात किए जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व सैनिकों को भरोसा दिलाया कि वह सैनिक वेलफेयर के लिए काम करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काव्य पंक्तियां….ये देश सुरक्षित सो रहा है…..से अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हर परिवार से एक व्यक्ति सेना में है। शहीदों के परिजनों को सगूह ग और घ में नौकरी दी जा रही है।

द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों की वीरांगनाओं को पहले अनुदान चार हजार मिलता था, जिसे बढ़ाकर उनकी पार्टी ने पहले आठ हजार उसके बाद अब 10 हजार कर दिया गया है। पूर्व सैैनिकों के आश्रितों सेना भर्ती से पूर्व प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 1212 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सेना में भर्ती होने से पहले युवाओं को हल्द्वानी और देहरादून में ट्रेनिंग दी जा रही है। करीब 660 युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। एनडीए और सीडीएस की तैयारी के लिए प्रदेश सरकार 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है। 

नड्डा ने परंपरागत वोट बैंक की नब्ज टटोली
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के दो दिवसीय दौरे में यह तय हो गया कि मिशन 2022 के लक्ष्य को हासिल करने अपने पारंपरिक वोट बैंक और सेना के एजेंडे पर फोकस करेगी और सत्ता में वापसी के लिए सांगठनिक सक्रियता का मंत्र फूंकेगी।  
अपने दो दिनी दौरे में नड्डा एक दर्जन कार्यक्रमों में शामिल हुए। हर बैठक में उनका जोर 2022 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से संगठन का एजेंडा तय करने पर रहा। देवभूमि और सैन्य बहुल्य राज्य होने के नाते नड्डा ने रणनीतिक तरीके से दूसरे दो मुख्य कार्यक्रम किए। पहला पूर्व सैनिकों से संवाद और दूसरा साधु-संतों का आशीर्वाद। सैनिक सम्मेलन के कार्यक्रम में नड्डा ने सीमाओं की सुरक्षा, निर्णय लेने का अधिकार और आधुनिक हथियारों की सुविधा, सीमा पर सड़कों का विस्तार की बातें कर राष्ट्रवाद की संवेदनाओं को छूने का प्रयास किया।
अपने इस पारंपरिक वोट बैंक को झोली बनाए रखने के लिए नड्डा ने सैनिकों व पूर्व सैनिकों के बीच यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा के लिए वे खास अहमियत रखते हैं। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनकी पूरी टीम जिसमें प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा ने संतों के पांव छूकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने संतों के आश्रमों व धर्मशालाओं में व्यावसायिक दरों पर वसूले जाने वाले करों को घरेलू दरों पर करने की घोषणा करके संतों को खुश करने का प्रयास किया। कुंभ के बाद संतों के सम्मान का कार्यक्रम करने का आश्वासन देकर संतों के सानिध्य के सिलसिले को आगे बढ़ाकर अपने हिंदुत्व एक एजेंडे को आगे बढ़ाने के संकेत भी दे दिए। 
इससे पूर्व नड्डा ने पार्टी कोर ग्रुप से लेकर मंडल अध्यक्ष तक के साथ ताबड़तोड़ आठ बैठकें कीं। इन बैठकों में उनका एक ही सूत्र वाक्य था, सांगठनिक ताकत को बढ़ाएं। हर बूथ को मजबूत करें। उनका मानना था कि कैडरबेस पार्टी होने के नाते भाजपा के पक्ष में जो वातावरण बना है, उसे अपने पक्ष में बनाए रखें और सत्ता में वापसी का मार्ग प्रशस्त करें। अपनी सभी बैठकों में उन्होंने जनसंपर्क पर जोर दिया मोदी और धामी सरकार की लोकलुभावन योजनाओं, कार्यक्रमों और फैसलों को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

प्रदेश के विकास के लिए महिला सशक्तिकरण जरूरी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित रक्षाबंधन मिलन समारोह में प्रतिभाग किया। बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माताओं, बहनों के आशीर्वाद से राज्य सरकार जनहित के कार्यों को आगे बढ़ा रही है। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास सरकार का मूलमंत्र है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को रक्षाबंधन की बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माताओं और बहनों का जो आशीष और स्नेह मिल रहा है, उससे प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए एक सकारात्मक ऊर्जा मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के दिन माताओं-बहनों के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में यात्रा पूर्ण रूप से निःशुल्क रहेगी। इस रक्षाबन्धन पर्व पर आशा व आगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 1-1 हजार रूपये की धनराशि उपहार के रूप में दी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मातृशक्ति के जीवन में सुधार लाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। इनमें उज्ज्वला, स्वच्छ भारत मिशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, सुकन्या समृद्धि योजना, सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना, आदि मुख्य हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाव में भगवान होते हैं। हमारी सरकार का भाव जनसेवा है। समाज की आखिरी पंक्ति में अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रमुख ध्येय है। उन्होने कहा कि कोविड काल में ऑनलाईन पढ़ाई के महत्व के देखते हुए कक्षा 10-12 के छात्र-छात्राओं को सरकार द्वारा मोबाईल टेब दिया जायेगा जिनसे उनकी शिक्षा में और सुधार होगा। उन्होने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में 24 हजार रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है एवं सरकारी नौकरी के क्षेत्र में ही नही बल्कि बढ़े स्तर पर सरकार विभिन्न क्षेत्रों में लाखों लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने का भी प्रयास कर रही है, सरकार की मंशा है कि प्रदेश के युवा एवं महिलाऐं रोजगार मांगने वाले नही बल्कि रोजगार देने वाले बने। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि बैंको से मिलने वाला ऋण कि प्रक्रिया को सरल करते हुए शिविरों के माध्यम से जरूरतमन्दों को शिविर में ही ऋण स्वीकृत किया जाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय आजिविका मिशन के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े पैमाने पर बाजार में स्थान दिलाने हेतु सरकार लगातार प्रयास कर रही है, ताकि माताएं-बहने आत्मनिर्भर बन सके। उन्होने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से हुए नुकसान से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उबारने हेतु लगभग 119 करोड़ रूपए का सहायता पैकेज दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि कोविड काल में प्रतियोगी परीक्षाएं न होने के कारण सरकार ने युवाओं को सरकारी नौकरी की भर्ती में आयुसीमा में एक साल की छूट दी है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एम0बी0बी0एस0 इन्टर्न के स्टाईपेंड को 7500/-प्रतिमाह से बढ़ाकर रूपये 17,000/-किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग, एन.डी.ए, सी.डी.एस एवं उसके समकक्ष लिखित परीक्षा पास करने पर परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिये 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि तहसील दिवस/बहुउद्देशीय शिविर के माध्यम से आमजन मानस की समस्याओं का निस्तारण करना सुनिश्चित करें। समस्याएं ब्लॉक स्तर, तहसील स्तर या जनपद स्तर की हो उनका उसी स्तर पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें। सरकार की जीरो पेंडेन्शी पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले चार माह में उत्तराखण्ड में शतप्रतिशत वैक्सीन लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। बागेश्वर जनपद में शतप्रतिशत वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है।
इस अवसर पर विधायक डा. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, उपाध्यक्ष किसान आयोग राजपाल सिंह, आईजी अजय रौतेला, जिलाधिकारी रंजना राजगुरू, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगई, सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाएं उपस्थित थीं।

11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है इंजीनियरिंग का नायाब नमूना गरतांग गली की सीढ़ियां

भारत-तिब्बत व्यापार की गवाह रही उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की नेलांग घाटी में स्थित ऐतिहासिक गरतांग गली की सीढ़ियों का देश-विदेश के पर्यटक दीदार करने लगे हैं। गरतांग गली की सीढ़ियों का पुनर्निर्माण कार्य जुलाई माह में पूरा किया जा चुका है। इसके बाद से ही ऐसे में रोमांचकारी जगहों पर जाने के शौकीन पर्यटकों के लिए यह जगह एक शानदार विकल्प है।

गरतांग गली की करीब 150 मीटर लंबी सीढ़ियां अब नए रंग में नजर आने लगी हैं। करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी गरतांग गली की सीढ़ियां इंजीनियरिंग का नायाब नमूना है। इंसान की ऐसी कारीगरी और हिम्मत की मिसाल देश के किसी भी अन्य हिस्से में देखने के लिए नहीं मिलेगी।

1962 भारत-चीन युद्ध के बाद इस लकड़ी की सीढ़ीनुमा पुल को बंद कर दिया गया था, अब करीब 59 सालों बाद वह दोबारा पर्यटकों के लिए खोला गया है। कोरोना गाइडलाइन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बार में दस ही लोगों को पुल में भेजा जा रहा है। पेशावर से आए पठानों ने 150 साल पहले इस पुल का निर्माण किया था। आजादी से पहले तिब्बत के साथ व्यापार के लिए उत्तकाशी में नेलांग वैली होते हुए तिब्बत ट्रैक बनाया गया था। यह ट्रैक भैरोंघाटी के नजदीक खड़ी चट्टान वाले हिस्से में लोहे की रॉड गाड़कर और उसके ऊपर लकड़ी बिछाकर रास्ता तैयार किया था। इसके जरिए ऊन, चमड़े से बने कपड़े और नमक लेकर तिब्बत से उत्तरकाशी के बाड़ाहाट पहुंचाया जाता था। इस पुल से नेलांग घाटी का रोमांचक दृश्य दिखाई देता है। यह क्षेत्र वनस्पति और वन्यजीवों के लिहाज से काफी समृद्ध है और यहां दुर्लभ पशु जैसे हिम तेंदुआ और ब्लू शीप यानी भरल रहते हैं।

सामरिक दृष्टि से संवेदनशील है नेलांग घाटी
नेलांग घाटी सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है। गरतांग गली भैरव घाटी से नेलांग को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर जाड़ गंगा घाटी में मौजूद है। उत्तरकाशी जिले की नेलांग घाटी चीन सीमा से लगी है। सीमा पर भारत की सुमला, मंडी, नीला पानी, त्रिपानी, पीडीए और जादूंग अंतिम चौकियां हैं।

वहीं, सतपाल महाराज पर्यटन मंत्री उत्तराखंड कहा ने भारत सरकार ने पर्यटकों की आवाजाही पर लगाई थी रोक। वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद बने हालात को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने उत्तरकाशी के इनर लाइन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। यहां के ग्रामीणों को एक निश्चित प्रक्रिया पूरी करने के बाद साल में एक ही बार पूजा अर्चना के लिए इजाजत दी जाती रही है। इसके बाद देश भर के पर्यटकों के लिए साल 2015 से नेलांग घाटी तक जाने के लिए गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से इजाजत दी गई।

पर्यटन सचिव ने बताया कि दिलीप जावलकर उत्तराखंड धरोहर संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके तहत नेलांग घाटी में स्थित ऐतिहासिक गरतांग गली की सीढ़ियों का 64 लाख रुपये की लागत से पुनर्निर्माण कार्य पूरा करने के बाद पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। गरतांग गली के खुलने के बाद स्थानीय लोगों और साहसिक पर्यटन से जुड़े लोगों को फायदा मिल रहा है। ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए यह एक मुख्य केंद्र बन रहा है।

वहीं, मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, उत्तरकाशी ने कहा के पुनर्निर्माण कार्यों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुरानी शैली में पुननिर्माण कार्यों को जुलाई माह में पूरा कर लिया गया था। कोरोना नियमों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बार में दस पर्यटकों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

नेलांग घाटी के आसपास-हर्षिल
हर्षिल, हिमालय की तराई में बसा एक गांव, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां से गंगोत्री की दूरी मात्र 21 किलो मीटर ही बचती है, जो कि हिन्दुओं के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। गंगोत्री तक रास्ता अपने आप में इतना मनमोहक है कि एक बार से आपका मन नहीं भरेगा।

केदारताल
केदारताल उत्तराखंड में सबसे खूबसूरत झीलों में से एक ताल है। यह गंगोत्री से 18 किमी की दूरी पर स्थित, गढ़वाल हिमालय में दूर केदार ताल निश्चित रूप से साहसिक और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान है। केदारताल से केदारगंगा निकलती है जो भागीरथी की एक सहायक नदी है।