आइएनएस क्लब और अविरल संस्था ने नगर में रैली निकालकर स्वच्छता अभियान चलाया

आइएनएस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने अविरल संस्था के साथ गांधी जयंती के अवसर पर एक स्वछता रैली का आयोजन किया। रैली के माध्यम से नगरवासियों को स्वछता का संदेश दिया गया। रैली को नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसके बाद रैली नगर निगम से आरम्भ होकर तिलक रोड, हीरालाल रोड, अंबेडकर चौक, रेलवे रोड, घाट चौक से होते हुए त्रिवेणी घाट के गांधी स्तंभ पर सम्पन्न हुई।
क्लब की अध्यक्षा ऋचा सूरी ने बताया कि हमारे देश ने स्वच्छता को लेकर आज भी जागरूकता का अभाव है। इस लिए रैली के माध्यम से आमजन में स्वच्छता को लेकर जागरूकता किया गया। रैली में शामिल सदस्यों ने रास्ते मे पड़े कूड़े कचरे को साफ किया। रैली मे हम सब ने यह ठाना है, भारत स्वच्छ बनाना है जैसे नारे लगाकर श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेटों ने सबको अपनी ओर आकर्षित किया।
इस अवसर पर उमा किंगर, गरिमा मिश्र, नैना खुराना, प्रिया गांधी, प्रोमिला सडाना, अविरल संस्था से मृदुल, सुनील, अभिषेक मल्होत्रा, मनीज गुप्ता, महेश किंगर, नवीन गांधी आदि उपस्थित रहे।

वीर चंद्र सिंह गढवाली की पुण्यतिथि पर पीठसैंण में उनकी प्रतिमा का अनावरण

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट व अन्य महानुभावों की उपस्थिति में वीर चंद्र सिंह गढवाली की पुण्यतिथि के अवसर पर पीठसैंण, पौड़ी गढ़वाल में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए और ‘घस्यारी कल्याण योजना’ के लाभार्थियों को किट वितरित किए गए।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली कर्म और धर्म दोनों से सैनिक थे
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को श्रद्धांजलि देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली एक सच्चे सैनिक तो थे ही, साथ ही वे एक प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली कर्म और धर्म दोनों से सैनिक थे।

उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि और तपोभूमि भी
उत्तराखण्ड की धरती, भारत ही नहीं पूरी दुनिया में देवभूमि के नाम से जानी जाती है। मगर यह देवभूमि, एक वीरभूमि और तपोभूमि भी है। उत्तराखण्ड राज्य का गठन हुए बीस वर्ष ही हुए हैं परंतु यहां का इतिहास और परम्पराएं सदियों पुरानी हैं। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली, माधो सिंह भण्डारी और तीलू रोतेली की बहादुरी के गीत गढ़वाल के गांव-गांव में गाए जाते हैं।

पुष्कर सिंह धामी अंतिम ओवर में उतरने वाले धाकड़ बल्लेबाज
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी देश या राज्य की नियति का फैसला, वहां की सरकार की नियत से तय होता है। पुष्कर सिंह धामी ने बिल्कुल सही नारा दिया है कि सरकार का दृढ़ इरादा, बातें कम काम ज्यादा। बातें कम होनी चाहिए लेकिन काम ज्यादा होना चाहिए। पुष्कर सिंह धामी को उनकी छात्र राजनीति के दिनों से ही जानता हूं। उनके पास ऊर्जा है, क्षमता है और कुछ कर गुजरने की जज्बा भी है। क्रिकेट की भाषा में कहें तो 20-20 के मैच में धामीजी को आखिरी ओवर में उतारा गया है। धामी धाकड़ बल्लेबाज हैं। उन पर उत्तराखण्ड के लोगों की बहुत सारी उम्मीदें टिकी हुई हैं। पूरा विश्वास है वे इन उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।

अमृत महोत्सव के दौरान गढ़वाली जी की प्रतिमा का अनावरण सुखद संयोग
रक्षा मंत्री ने कहा कि गलवान में मातृभूमि की रक्षा के लिए हमारी सेना के वीर जवानों ने देश के मान सम्मान की रक्षा की। यह सुखद संयोग है कि आज जब वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा का अनावरण हो रहा है तो देश अपनी आजादी का अमृत महोत्सव भी मना रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले साढे सात वर्षों में मिशन मोड में काम हुआ है। चालीस साल तक देश के पूर्व सैनिकों को ओआरओपी के लिए इंतजार करना पड़ा। मगर मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद ओआरओपी लागू कर दिया।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत बना विकास का पुजारी
उत्तराखण्ड के सामरिक महत्व को देखते हुए बीआरओ द्वारा यहां पर 1000 किमी लम्बी सड़कों के निर्माण पर काम चल रहा है। इन सड़कों के बन जाने से जहां सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से देश को लाभ होगा वहां आर्थिक दृष्टि से प्रदेश की जनता को बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। भारतीस सीमा के आखिरी गांव माना तक सड़क की ब्लेक टॉपिंग का काम चल रहा है जो जल्द ही पूरा हो जाएगा।
अब लिपुलेख के रास्ते मानसरोवर यात्रा पर जाना सुगम हो गया है। यह रास्ता आर्थिक और सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह रास्ता भारत और नेपाल को और करीब लाने में सहायक होगा। नेपाल हमारे लिए केवल एक मित्र देश नहीं है बल्कि उसके साथ हमारा परिवार जैसा संबंध है। भारत शांति का पुजारी तो हमेशा रहा है। प्रधानमंत्री अब भारत को विकास का पुजारी भी बना दिया है।

मुख्यमंत्री स्वस्थ उत्तराखण्ड योजना का शुभारम्भ, मुख्यमंत्री ने की अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ’मुख्यमंत्री स्वस्थ युवा, स्वस्थ उत्तराखंड योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि राज्य के समस्त 7795 ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थानों पर एक-एक ओपन जिम ( मुख्यमंत्री ग्रामीण युवा फिटनेस सेन्टर) खोला जायेगा। ’वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिक लग्जरी बसों की खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी की मौजूदा अधिकतम सीमा को 15 लाख रूपए से बढ़ाकर 20 लाख रूपए किया जायेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में गैर वाहन पर्यटन उद्यम के लिए 33 प्रतिशत सब्सिडी की मौजूदा अधिकतम सीमा को 14 लाख रूपए से बढ़ाकर 20 लाख रूपए किया जायेगा। दीन दयाल गृह आवास योजना के अंतर्गत होमस्टे स्थापित करने वाले उद्यमियों को सब्सिडी कुल लागत की मौजूदा 33 प्रतिशत या रू0 10 लाख, जो भी कम से बढ़ाकर सब्सिडी कुल लागत का 33 प्रतिशत या रू० 12 लाख, जो भी कम हो, किया जाएगा।

हर घोषणा की हो रही क्रियान्विति
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि हम सभी के लिए गर्व की बात है कि आज हम वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जी का स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से उन्होंने मुख्य सेवक के रूप में जिम्मेदारी निभानी शुरू की है तब से सरकार लगातार ही जनहित के फैसले ले रही है।युवाओं को रोजगार से जोड़ते हुए विभिन्न विभागों पर रिक्त चल रहे 24000 पदों पर भर्ती का कार्य 15 अगस्त से शुरू हो गया है। साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले में इच्छुक युवाओं की सुविधा अनुसार कैंप लगाए जा रहे हैं। सरकार जो घोषणा करेगी, घोषणाओं के शासनादेश भी जारी होंगे। उन्होंने कहा राज्य में लंबे समय बाद चार धाम यात्रा शुरू हुई है, ऐसे में यात्रियों को किसी समस्या का सामना ना करना पड़े उसके लिए सरकार कार्य कर रही है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत कार्य करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को कोरोना काल में समस्याओं का सामना करना पड़ा। उनके लिए 119 करोड़ का राहत पैकेज दिया गया। ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाया गया।
रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को उत्तराखण्ड आने पर प्रदेश वासियों की ओर से धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखण्ड को बहुत बड़ा सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में आगे बढे, देश के अग्रणी राज्यों में हमारे राज्य का नाम हो इसके लिये वे निरंतर प्रयासरत हैं।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, सांसद गढ़वाल तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, डा. धन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, विधायक महंत दिलीप रावत, रितु खंडूड़ी, मुकेश कोली, महेश जीना, भरत सिंह चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

मुनीकीरेती पालिका आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जागरुक कार्यक्रमों का कर रही आयोजन

नगर पालिका परिषद मुनीकीरेती-ढालवाला ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आज नगर क्षेत्र में आस्था पथ एवं इंदिरा प्रियदर्शनी पार्क जानकी सेतु के समीप पर वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया। इस दौरान गंगा स्वच्छता एवं स्वच्छता अभियान हेतु शपथ पत्र हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में सार्वजनिक शौचालय जन भागीदारी अभियान के तहत क्यू आर कोड के माध्यम से फीडबैक दिए जाने हेतु जनभागीदारी अभियान एवं जन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट, सभासद सुभाष चौहान, वीरेंद्र सिंह चौहान, विनोद सकलानी, हिकमत नेगी, कौशल चौहान, रोहित, पालिका से भूपेंद्र कुमार, दीपक कुमार, सत्येंद्र मनोज, जे.बी.बी.टेक्नोक्रेटे से आनंद, प्रमोद, दिनकर, अनुज, जतिन एवं सफाई नायक तथा पर्यावरण मित्र आदि शामिल रहे।

आध्यात्म, पर्यटन और वेलनेस को लेकर सीएम की आध्यात्मिक गुरु सदगुरु से चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में आध्यात्मिक गुरु सदगुरु के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सदगुरु से जीवन दर्शन से जुड़े विषयों के साथ ही आध्यात्म, पर्यटन और वेलनेस आदि के क्षेत्र में उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने की चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दुनिया का खूबसूरत प्रदेश है जहां पहाड़, हिमाच्छादित चोटियां, नदियां, वन संपदा की भरमार है, हमारा प्रयास पर्यटन और आध्यात्म के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को शिखर पर ले जाने का है। उत्तराखण्ड दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बने इसके लिये भी हम प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति अलग-अलग ज़िम्मेदारी के साथ काम करता है और समय समय पर व्यक्ति की ज़िम्मेदारी भी बदलती हैं। हमें जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरे मनोयोग तथा प्राण प्रण से निभाना है। अन्त्योदय के साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुविधाओं का हमें लाभ पहुंचाना है। हमारे लिये नर सेवा नारायण सेवा है। सभी जरूरतमंदों की मदद करना ही हमारे लिये आध्यात्मिकता है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान सद्गुरु ने कहा कि उत्तराखंड तमाम प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर राज्य है। इस राज्य में एशिया का सबसे बेहतर सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यटन राज्य बनने की क्षमता है। एशिया का स्विट्जरलैंड भी यह बन सकता है। स्वदेशी तौर-तरीकों को विकसित कर इसे आगे बढ़ाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आने वाले हर व्यक्ति को यहाँ की प्रकृति और पहाड़ों की जीवटता को महसूस करना चाहिए। हिमालय विभिन्न संस्कृतियों का जनक रह है। सद्गुरु ने कहा कि यहां की संस्कृति अपने आप में श्रेष्ठ है इसकी तुलना देश दुनिया में किसी से नहीं की जा सकती है। उन्होंने इस अवसर पर प्रश्नोत्तर के माध्यम से आध्यात्मिक व जीवन दर्शन से सम्बन्धित अनेक प्रश्नों के भी उत्तर दिये।
सद्गुरु ने वर्तमान में विश्वव्यापी चुनौती कोविड-19 संक्रमण को लेकर भी चर्चा करते हुए कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए हम सबको जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार करना होगा। अगर हम सब जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार नहीं करेंगे तो सरकार अपने स्तर पर कुछ नहीं कर पाएगी। समस्याओं के समाधान में आम जनता का भी सहयोगी बनना होगा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, शासन प्रशासन के उच्चाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

त्रिवेणीघाट में गंगा आरती कर अविभूत हुई महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी

भाजपा महिला मोर्चा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को देहरादून में प्रारंभ हुई। वहीं महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं विभिन्न प्रदेशों से पहुँचे प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने त्रिवेणी घाट पर सायंकालीन गंगा आरती में प्रतिभाग किया एवं देश के विकास व सुख समृद्धि के लिए माँ गंगा से प्रार्थना की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को गंगाजली भेंट की साथ ही अन्य महिला पदाधिकारियों को रुद्राक्ष की माला एवं पट्टा भेंट कर स्वागत किया।
त्रिवेणी घाट पर 200 से अधिक महिला मोर्चा के पदाधिकारियों के पहुंचने पर ऋषिकेश की महिला कार्यकर्ताओं द्वारा उत्तराखंड के पारंपरिक वेशभूषा में विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ स्वागत किया गया। साथ ही पुष्प वर्षा कर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा महिला मोर्चा की कार्य समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष वानती श्रीनिवासन सहित अन्य पदाधिकारियों, महिला सांसदो का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस मौक़े पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा महिलाओं का सम्मान करने वाला संगठन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उत्थान के लिए कई विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है जिनका लाभ देश भर की महिलाओं को प्राप्त हो रहा है। अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अग्रणी रही है एवं देव भूमि उत्तराखंड में महिलाओं का सम्मान सर्वाेपरि माना गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संगठन को मजबूत करने में महिलाओं का विशेष योगदान है।
इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानती श्रीनिवासन, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत, उत्तराखंड महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण, नगर निगम मेयर अनीता मंमगाई, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी, रेखा गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराधा वालिया, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, वीरभद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चौधरी, ज़िला महामंत्री सुदेश कंडवाल, पार्षद शिव कुमार गौतम, सुंदरी कंडवाल, रजनी बिष्ट, उषा जोशी, रीना शर्मा, कविता साह, अनीता तिवारी, सुमित पवार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

अगर आप ने रजिस्ट्रेशन कराया है तो समय से पहले भी कर सकेंगे दर्शन

केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम यात्रा के लिए पंजीकृत यात्री अब यात्रा के लिए तय किए गए दिन से पूर्व भी दर्शन कर सकेंगे। एक दिन में तय संख्या से कम यात्रियों के चारधाम पहुंचने के बाद यह निर्णय लिया गया है। हाईकोर्ट ने बदरीनाथ में 1000, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 तीर्थयात्रियों को दर्शन की इजाजत दी है। लेकिन देवस्थानम बोर्ड से ई-पास लेने वाले सभी यात्री दर्शन को नहीं पहुंच रहे हैं।
इसलिए अब सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। सचिव धर्मस्व एवं तीर्थाटन हरिचंद्र सेमवाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यदि किसी धाम में एक दिन के लिए तय सीमा में श्रद्धालु नहीं पहुंचते तो ऐसे तीर्थ यात्रियों को दर्शन का मौका दिया जाएगा जिन्होंने आगे के लिए पंजीकरण कराया है। हालांकि एक दिन में धाम में दर्शन करने वालों की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस संदर्भ में गढ़वाल आयुक्त व सीईओ देवस्थानम बोर्ड रविनाथ रमन ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के डीएम और एसपी को कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।

यहां पंजीकरण जरूरी है
चारधाम यात्रा को उत्तराखंड से बाहर के श्रृद्धालुओं को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल http://smartcitydehradun.uk.gov.in में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ई पास को देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.devasthanam.uk.gov.in या http:// badrinah- Kedarnath.uk.gov.in पर भी रजिस्ट्रेशन किया सकता है। प्रत्येक श्रद्धालु को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीन की डबल डोज लगी होने का सर्टिफिकेट जमा करना है। उत्तराखंड प्रदेश के लोगों को स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।

बदरी-केदार धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का खुल्बे ने लिया जायजा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सलाहकार भास्कर खुल्बे आज अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रातः 8.45 बजे श्री केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे। हेलीपैड पर पहुंचने पर केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों, उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड, जिला पुलिस-प्रशासन ने उनकी अगवानी एवं स्वागत किया। उनके साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में उप सचिव मंगलेश घिल्डियाल भी श्री केदारनाथ पहुंचे।
हेलीपैड से वह मंदिर हेतु रवाना हुए उनकी ओर से केदारनाथ धाम के पुजारी बागेश लिंग ने भगवान केदारनाथ जी का रूद्राभिषेक पाठ किया तथा देश के खुशहाली की कामना की।
इसके बाद उन्होंने केदारनाथ धाम में निर्माण कार्यों का अवलोकन भी किया तथा पुनर्निर्माण कार्यों हेतु प्रदेश सरकार की सराहना भी की। इस अवसर पर सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मनुज गोयल, केदार सभा से उमेश‌पोस्ती, देवस्थानम बोर्ड के मंदिर प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, अरविंद शुक्ला, प्रदीप सेमवाल आदि मौजूद रहे।
इसके पश्चात करीब सवा 11 बजे श्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गये। जोशीमठ से वह सड़क मार्ग से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। श्री बदरीनाथ धाम पहुंच कर भाष्कर खुल्बे ने जिला प्रशासन एवं यात्रा मजिस्ट्रेट उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी से मास्टर प्लान के कार्यों की समीक्षा की जानकारी ली और देश के सीमांत पर्यटन ग्राम माणा का भी भ्रमण किया। भगवान बदरीविशाल क्षेत्रपाल श्री घंटाकर्ण जी महाराज मंदिर, श्री गणेश गुफा, श्री ब्यास गुफा मंदिर, श्री सरस्वती नदी भीम पुल पहुंचकर दर्शन किये।

मिश्रा के नेतृत्व में राज्यपाल से मिला प्रतिनिधिमंडल

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमण्डल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सरदार गुरमीत सिंह से देहरादून स्थित राजभवन में मुलाकात की और उन्हें तीर्थ नगरी ऋषिकेश आने का निमंत्रण भी दिया।
इस दौरान ललित मोहन मिश्रा ने बताया कि सरल स्वभाव के धनी राज्यपाल से उत्तराखण्ड में व्यापार को बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई तथा व्यापार मण्डल द्वारा कोविड काल में किए गए कार्याे से भी गवर्नर को अवगत कराया।
ललित मोहन मिश्र ने बताया कि गवर्नर की उत्तराखण्ड के विकास व व्यापार को आगे लें जाने की विकासपरक सोच व दूरदर्शिता उत्तराखण्ड के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
इस अवसर पर अभिषेक शर्मा, लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के अध्यक्ष ला. जगमीत सिंह, सुयोग्य मिश्र आदि उपस्थित रहे।

39वां अंतरराष्ट्रीय गायन प्रतियोगिता सुर तरंग का आयोजन

संगम कला ग्रुप के तत्वावधान में एलआईसी के सहयोग से 39वां अंतरराष्ट्रीय गायन प्रतियोगिता सुर तरंग का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार हंसराज हंस, विशिष्ट अतिथि मेट्रो टायर्स के एमडी रम्मी छाबरा तथा सेलिब्रिटी अतिथि के रूप में लोकप्रिय गायक सोनू निगम व पंकज उधास ने शिरकत की।
इस अवसर पर ग्रुप के ग्लोबल अध्यक्ष बीएसके सूद बताया कि संगम कला ग्रुप प्रतिवर्ष सिंगिंग टैलेंट हंट प्रतियोगिता का आयोजन करता है। इस वर्ष भी देश विदेश से सैकड़ों प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। किन्तु कोरोना के चलते संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन फेसबुक पर ऑनलाइन किया गया, जिसमें 17 सितंबर को ऑनलाइन ऑडिशन प्रक्रिया प्रारंभ हुई तथा तीन श्रेणियों जूनियर, सब जूनियर व सीनियर वर्ग में प्रतिभाग कर प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
ग्रैंड फिनाले के विजेता श्रेया आर, शिवांग, मोक्ष गुलाटी, समृद्धि तिवारी, अथिरा गोपाकुमार तथा गायत्री राजीव को आमंत्रित अतिथियों व संगम कला ग्रुप यूनिट में बधाई दी।
इस अवसर पर पंकज उधास ने कहा कि आज मैं कहना चाहूंगा कि आज मैं इस संगठन की वजह से आपके सामने हूं। सोनू निगम ने कहा जो कोई भी संगीत का पालन करता है उसे हम एक परिवार के रूप में मानते हैं चाहे वह छोटा हो बड़ा हो बहुत प्रसिद्ध हो या कम हम सब एक ही परिवार के हैं।
सेलिब्रिटी अतिथि सोनू निगम, पंकज उधास, पीनाज़ मसानी, यूवी सिंह, पामेला जैन, रुपाली जग्गा, पं. रविंद्र मिश्रा को संगम ग्लोबल नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में नंदा मेनन, डॉ. धीरेंद्र रांगड़, रुद्राक्ष कुलश्रेष्ठ, सुनील राजोरिया, निखिल कपूर आदि उपस्थित थे। संगम कला ग्रुप के जाने-माने एंकर प्रियंका अरोड़ा और रिचा भाटिया ने अपने कुशल संचालन से कार्यक्रम में चार चांद लगाये।

चारधाम यात्रा, 42 हजार तीर्थ यात्रियों ने किया रजिस्ट्रेशन

उत्तराखंड में चार धाम शुरु हो गई है। यात्रा प्रारम्भ होने से प्रदेश में चार धाम से जुड़े व्यवसायों की उम्मीद बढ़ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से चार धाम यात्रा शुरू होने से कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद बंद पड़े कारोबार को संजीवनी मिलेगी। चार धामों में अब तक लगभग साढ़े पांच हजार लोग दर्शन कर चुके हैं जबकि अब तक 42 हजार से अधिक लोगों को ई-पास जारी किये जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि कोविड संक्रमण के चलते आर्थिक मंदी से जूझ रहे चारधाम यात्रा और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज जारी कर संजीवनी देने का काम किया। जिसकी बदौलत चारों धाम के होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी संचालक आदि के साथ ही पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए एकमुश्त सहायता राशि सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गई है। पर्यटन विभाग की ओर से अब तक लगभग 15 हजार लोगों को 7 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है। यह धनराशि लाभार्थियों के खाते में सीधे जमा कराये जा रही है। मुख्यमंत्री इस बात का साफ संकेत दे चुके हैं कि यात्रा से जुड़े व्यवसाइयों, तीर्थ पुरोहितों की परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जिसका असर धरातल पर दिखने लगा है।

तीर्थ पुरोहितों का आंदोलन हुआ स्थगित
मुख्यमंत्री ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर तीर्थ पुरोहितों के मन में उठ रहे संशय को दूर करते हुए यह स्पष्ट किया कि चारधाम से जुड़े लोगों के हक-हकूक को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होने दिया जायेगा। देवस्थानम बोर्ड के तहत बनाई गई उच्च स्तरीय समिति द्वारा चारधाम से जुड़े तीर्थ पुरोहित की बात सुनकर सरकार के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। कमेटी में चारों धामों से दो-दो तीर्थ पुरोहितों को भी शामिल किया जायेगा। मुख्यमंत्री की कार्यपद्धति से प्रभावित होकर तीर्थ पुरोहितों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।