जनपदों से लिया फीडबैक, पुख्ता तैयारियों के दिये निर्देश

प्रदेश में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिये स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड़ पर रहने तथा किसी भी स्थिति से निपटने के लिये सभी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिये गये हैं। विशेषकर देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत, नैनीताल, पौड़ी व टिहरी जनपदों के विभागीय अधिकारियों को डेंगू व अन्य वेक्टर जनित रोगों से निपटने के लिये जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही माइक्रो प्लान तैयार कार्य करने को कहा गया है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज स्वास्थ्य महानिदेशायल में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर विभागीय समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने कहा कि आने वाले चार माह डेंगू व चिकनगुनिया सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों की दृष्टि से काफी संवदेनशील हैं। जिनसे निपटने के लिये आम लोगों में जनजागरूकता फैलाने के साथ ही विभागीय तैयारियों को पुख्ता किया जाना जरूरी है। उन्होंने सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को अपने-अपने जनपदों का माइक्रो प्लान तैयार कर अन्य रेखीय विभागों के साथ बैठक करने व कार्ययोजना को धरातल पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिये।
डा. रावत ने कहा कि पिछले वर्षों के आंकड़ों को देखते हुये विशेषकर मैदानी जनपदों के विभागीय अधिकारी अपनी टीम को अलर्ट मोड़ पर रखें, ताकि किसी भी स्थिति से आसानी से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि जनपदों में संभावित डेंगू मरीजों को बेहतर चिकित्सा दिये जाने के मध्यनज़र आइसोलेटेड बेड आरक्षित रखने, पर्याप्त मात्रा में दवाईयां की उपलब्धता के साथ ही ब्ल्ड बैंकों में पर्याप्त मात्रा में ब्ल्ड की व्यवस्था भी बनाई जाय। विभागीय मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू की रोकथाम में आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से संभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने के साथ ही जोरों पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाय। उन्होंने सभी सीएमओ को निर्देश दिये कि संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी रेखीय विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर अपने जनपदों में वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिये प्रभावी कदम उठायें।
बैठक में स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव अमनदीप कौर, स्वास्थ्य महानिदेशक डा. विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. आशुतोष सयाना, निदेशक स्वास्थ्य डा. तारा आर्य, डा. सुनीता टम्टा, डा. भागीरथी जंगपांगी, डा. मीतू शाह, डा. जौहरी, डा. चुफाल, डा. कुलदीप मार्ताेलिया सहित तमाम विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जबकि सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।

’जनपदों में होगी स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक’
बैठक में विभागीय मंत्री डा. रावत ने बताया कि आगामी 17 जून के बाद वह प्रत्येक जनपद में जाकर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक लेंगे। जिसमें संबंधित सांसद, क्षेत्रीय विधायक व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही स्वास्थ्य सचिव, महानिदेशक स्वास्थ्य, जिलाधिकारी व विभागीय अधिकारी प्रतिभाग करेंगे। इसके लिये उन्होंने विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों की सभी जानकारियां उपलब्ध रखने के निर्देश दिये।

’चार धाम यात्रा में बनाये रखें मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था’
स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने समीक्षा बैठक में चार धाम सहित यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य व्यवस्था की जानकारी विभागीय अधिकारियों से ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यात्रा मार्गों पर तीर्थ यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने एम्बुलेंस के रिस्पॉस टाइम को भी कम करने, दवाईयों एवं जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा। डा. रावत ने उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रूद्रप्रयाग और चमोली जनपद के सीएमओ को अलर्ट मोड़ पर रहने के भी निर्देश दिये।

’विभाग में भरे जायेंगे सभी संवर्गों के रिक्त पद’
बैठक में विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को विभाग के अंतर्गत सभी संवर्गों के रिक्त पदों का विवरण तैयार कर उनको भरने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की सबसे निचली इकाई आशा कार्यकत्री, एएनएम, वार्ड ब्वाय, सीएचओ, टेक्नीशियन, नर्सिंग अधिकारी, एमओआईसी सहित चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरा जाना अति आवश्यक है। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को संवर्गवार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का बैकलॉक खत्म

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं और बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारियों से समन्वय बनाकर रखें। समय-समय पर उच्चाधिकारी यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करें, और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए जिलाधिकारियों का सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यात्रा प्राधिकरण बनाने के लिए, कर्तव्य और दायित्व निर्धारित किये जाएं। इसमें प्रशासन, मंदिरों, ट्रासपोर्टस, टूर एजेंटो एवं अन्य संबंधित पक्षों के साथ बैठक की जाए। उन्होंने कहा यात्रा मार्गों पर 42 सीटर तक की बसों की व्यवस्था सुनिश्चत की जाए।
बैठक के दौरान गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार में श्रद्धालुओं का बैकलॉग खत्म हो गया है। जो भी श्रद्धालु आ रहे हैं, उनका पंजीकरण कर चारधाम यात्रा पर भेजा जा रहा है। पंजीकरण की संख्या अब सीमित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्वेस्टर समिट के दौरान जो निवेश प्राप्त हुए हैं, उनके क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। ऐसे निवेश प्रस्तावों को पहले प्राथमिकता में रखा जाए, जो राज्य की परिस्थितियों के अनुकूल हों तथा स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने में सहायक हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाईन और दिल्ली-देहरादून एलीवेटेड रोड के अन्तर्गत राज्य में टनल निर्माण में लगी कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक बुलाई जाए और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाय।
बेतालघाट, नैनीताल में पिकअप पलटने पर घायलों द्वारा 108 को कॉल करने पर फोन न उठने की खबर का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिये कि इस मामले की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह खबर सही है, तो इसके प्रति जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

ई-केवाईसी ना होने से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं ले पा रहे थे अल्मोड़ा के धर्म सिंह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आने के बाद अल्मोड़ा के लमगड़ा ब्लॉक अंतर्गत तुलेड़ी गांव में रहने वाले बुजुर्ग धर्म सिंह को दो वर्ष के लंबे समयांतराल के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। रेटिना और अंगूठे का स्कैन न होने की वजह से धर्म सिंह की ई-केवाईसी नहीं हो पा रही थी। जिस कारण वह इस योजना से वंचित चल रहे थे।
सोमवार को प्रधानमंत्री ने दिल्ली से सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी करी तो स्थानीय लोगों ने धर्म सिंह के मामले को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री से मामले में कार्रवाई की मांग की।
मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को बुजुर्ग की ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद सचिव शैलेश बगोली ने मामले को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बुजुर्ग की ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए। सचिव के आदेश मिलते ही प्रशासन के आला अधिकारी बुजुर्ग के घर पहुंचे और उनकी ई-केवाईसी करवाई गई। अब जल्द ही धर्म सिंह को भी अन्य किसानों की भांति किसान सम्मान निधि मिलनी शुरू हो जाएगी।
केवाईसी होने और उनके मामले का त्वरित संज्ञान लेने पर बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार बुजुर्ग, महिलाओं और दिव्यांगों के कल्याण के लिए पूरी तरह से समर्पित है। हमारा प्रयास डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रत्येक वर्ग को लाभान्वित करना है।

मौसम के पूर्व चेतावनी के आधार पर लोगों को नियमित अलर्ट मोड पर रखें-धामी

15 जून से पहले मानसून के दृष्टिगत सभी तैयारियां पूर्ण की जाय। सभी विभाग 15 जून तक आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती करना सुनिश्चत करें। एसटीपी प्लांट और पुराने पुलों का सेफ्टी ऑडिट किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बिजली की तारों से कोई घटना घटित न हो। मानसून सीजन के दृष्टिगत मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए आपातकालीन स्थिति में हेली एम्बुलेंस की व्यवस्था रखी जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आगामी मानसून की तैयारियों की बैठक के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से पिछले सालों में क्या चुनौतियां सामने आई और किन-किन क्षेत्रों में अधिक आपदाएं आई एवं इस तरह की चुनौतियों का सामना करने के लिए शासन और जनपद स्तर पर क्या तैयारियां की गई हैं, इसका पूरा एक्शन प्लान प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मौसम के पूर्वानुमान की सटीक जानकारी लोगों तक समय पर पहुंचे। मौसम के पूर्व चेतावनी के आधार पर लोगों को नियमित रूप से अलर्ट मोड पर रखें। उन्होंने कहा कि मौसम के पुर्वानुमान और जन जागरूकता से अतिवृष्टि और आपदा के प्रभाव को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपदों में ऐसे क्षेत्र जहां भू-स्खलन की समस्याएं रहती हैं, उन्हें चिन्हित कर जो भी आवश्यक व्यवस्थाएं करवाने की आवश्यकता है, समय पर की जाए। जिन क्षेत्रों में बरसाती नदी और नाले उफान पर आते हैं, उनके लिए भी वैकल्पिक व्यवस्थाओं के लिए अभी से प्लान बना कर रखे जाएं। मानसून के दृष्टिगत विभिन्न कार्यों के लिए शासन स्तर से जो धनराशि की आवश्यकता है, उसका यथाशीघ्र प्रस्ताव भेजा जाए। अतिवृष्टि के कारण फसलों को होने वाले नुकसान का तुरंत आकलन कर मानकों के अनुसार यथाशीघ्र क्षतिपूर्ति की व्यवस्था रखी जाए। मानसून के दृष्टिगत पर्वतीय जनपदों में आवश्यक दवाओं, खाद्य सामग्री एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पर्याप्त मात्रा में रखी जाए। आपदा कि स्थिति में रिस्पांस टाइम कम से कम रखा जाए। मानसून अवधि में सभी जिलाधिकारी मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार अपने जनपदों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार छुट्टी की घोषणा करें, स्कूल जाने के पैदल मार्गों में नदी और नाले वाले स्थानों पर वैकल्पिक मार्ग तलाशे जाएं। हर जनपद में बड़े रपटे चिन्हित किये जाएं एवं वहां पर सुरक्षा की दृष्टि से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा के दृष्टिगत त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था रखी जाए। आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अल्मोड़ा जनपद के सरियापनी में एसडीआरएफ बटालियन खोलने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से विभिन्न विभागों द्वारा शासन से जो धनराशि की मांग की जा रही है, वह धनराशि यथाशीघ्र संबंधित विभागों को दी जाए। जिलाधिकारियों द्वारा भी विभिन्न पदों में जो धनराशि की मांग की जा रही है, उन्हें भी शीघ्र धनराशि अवमुक्त की जाए। जिन विभागों को पहले की धनराशि अभी तक अवमुक्त नहीं हुई है, वह शीघ्र दी जाए, इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मानसून अवधि में सड़कें, विद्युत और पेयजल लाईन बाधित होने की स्थिति में उनकी सुचारू व्यवस्थाओं के लिए रिस्पांस टाईम कम से कम रखा जाए और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने निर्देश दिये कि अतिवृष्टि से पिछले वर्ष के जो कार्य अभी तक पूर्ण नहीं किये गये हैं, उन्हें 15 जून तक पूर्ण किया जाए।
बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, डीजीपी अभिनव कुमार, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आर. राजेश कुमार, एस.एन.पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

नई दिल्ली में निर्मित उत्तराखण्ड निवास में दिखेगी पहाड़ी शैली की झलक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में निर्माणाधीन ‘उत्तराखण्ड निवास’ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए माह जुलाई तक कार्य को पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग में राज्य अतिथि गृह बनाने के भी निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड निवास में पहाड़ी शैली की झलक देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान उत्तराखण्ड निवास के निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से बातचीत भी की।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, विशेष कार्याधिकारी रंजन मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव रतूड़ी ने केन्द्रीय गृह सचिव को दिया चारधाम यात्रा का अपडेट

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने केन्द्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को वर्चुअल माध्यम से हुई बैठक में राज्य में चारधाम यात्रा की अद्यतन जानकारी दी। केन्द्रीय गृह सचिव ने मुख्य सचिव को धामों, यात्रा मार्गां एवं ठहराव स्थलों में यात्रियों की रिर्पाेट प्रतिदिन गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जरूरत पड़ने पर यात्रा मार्ग पर क्राउड मेनेजमेंट हेतु एनडीआरएफ व आईटीबीपी की मदद लेने के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही केन्द्रीय गृह सचिव ने भविष्य में चारधाम यात्रा प्रबन्धन की रणनीति हेतु एक कमेटी गठन के निर्देश दिए है। उन्होंने धरातल स्तर पर यात्रा प्रबन्धन पर कड़ी निगरानी पर विशेष बल दिया है।

मुख्य सचिव रतूड़ी ने केन्द्रीय गृह सचिव को जानकारी दी कि राज्य में चारधाम यात्रा सफलतापूर्वक, सुरक्षित, सुगम एवं सुचारू रूप से संचालित हो रही है। सभी राज्यों विशेषकर 5 प्रमुख राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र, जहाँ से सबसे अधिक यात्री चारधाम पर आते हैं, उनके मुख्य सचिवों को पत्र के माध्यम से तथा व्यक्तिगत तौर पर बातचीत कर अनुरोध किया गया है कि यात्री सिर्फ रजिस्ट्रेशन के बाद ही चारधाम पर आए तथा जिस तिथी का रजिस्ट्रेशन हुआ है उस तिथी को ही चारधाम यात्रा पर आए। व्यवस्था बनाए रखने के लिए 31 मई तक चारधाम यात्रा के ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाई गई है।

यात्रा मेनेजमेंट सिस्टम की जानकारी देते हुए सीएस ने जानकारी दी कि रजिस्ट्रेशन हेतु उत्तराखण्ड टूरिज्म डेवलमेंट बोर्ड द्वारा 24 घण्टे संचालित होने वाला कॉल सेन्टर कार्य कर रहा है। पंजीकृत श्रद्धालुओं को बड़कोट (यमुनोत्री), हीना (गंगोत्री), सोनप्रयाग (केदारनाथ) तथा पाण्डुकेश्वर (बद्रीनाथ) में चेक किया जा रहा है। जानकीचट्टी (यमुनोत्री), गंगोत्री मंदिर (गंगोत्री), स्वर्गारोहिणी (केदारनाथ) तथा आईएसबीटी, बीआरओ तथा माणा (बद्रीनाथ) में धामों के दर्शन हेतु पंजीकृत श्रद्धालुओं को टोकन जारी किए जा रहे हैं। मंदिरों के परिसर में पंक्ति में लगे श्रद्धालुओं के टोकन पर मोहर लगाकर उनके लिए धामों के दर्शनों की व्यवस्था की गई है।

मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि 22 मई तक कुल 3118926 रजिस्ट्रेशन में से यमुनोत्री हेतु 486285, गंगोत्री हेतु 554656, केदारनाथ हेतु 1037700, बद्रीनाथ हेतु 955858 तथा हेमकुण्ड साहिब हेतु 84427 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया है। चारधाम यात्रा पर आने वाले सर्वाधिक श्रद्धालुओं वाले 10 राज्यों में क्रमशः उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल तथा छतीसगढ़ हैं।

मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि इस वर्ष 2024 में यमुनोत्री में 138537 श्रद्धालुओं ने यात्रा सीजन के पहले 10 दिनों में दर्शन किए। यह आंकड़ा गत 2 वर्षों से 127 प्रतिशत अधिक है। गंगोत्री धाम में पहले दस दिनों में 128777 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए जो कि गत 2 वर्षों से 89 प्रतिशत अधिक है। केदारनाथ धाम में इस वर्ष पहले दस दिनों में 319193 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए जो कि गत 2 वर्षों से 156 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार बद्रीनाथ धाम में इस वर्ष पहले दस दिनों में 139656 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए जो कि गत 2 वर्षाे से 27 प्रतिशत अधिक है।

परिवहन विभाग की विशेष पहल
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जानकारी दी कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन हेतु परिवहन विभाग ने वाहन चालकों की कैपिसिटी बिल्डिंग तथा मेडिकल स्क्रीनिग की व्यवस्था की है। यात्रा रूट के मुख्य प्रवेश स्थलों पर चार हाईटेक चेक पोस्ट बनाए गए हैं। सोनप्रयाग तथा गौरीकुण्ड मार्ग पर शटल सर्विस की व्यवस्था की गई है। ऑनलाइन व्यवस्था द्वारा ग्रीन कार्ड की व्यवस्था की गई है। अभी तक 23063 ग्रीन कार्ड जारी किए गए हैं। टूरिज्म पोर्टल पर पंजीकृत यात्रियों को ट्रिप कार्ड जारी किए जा रहे हैं।

पुलिस विभाग के नव प्रयास
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा इस वर्ष यात्रा रूट पर 56 टूरिज्म पुलिस स्पोर्ट सेन्टर खोले गए हैं। यात्रा पर निगरानी हेतु 850 सीसीटीवी कैमरा तथा 8 ड्रोन लगाए गए हैं। केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर 1495 वाहनों की क्षमता वाले 20 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। पार्किंग मैनेजमेंट हेतु क्यूआर कोड बेस्ड सिस्टम शुरू किया गया है। यमुनोत्री एवं गंगोत्री यात्रा मार्ग पर वाहनों की नियंत्रित आवाजाही हेतु 3-4 हॉलण्डिंग पाइंट्स बनाए गए हैं। केदारनाथ रूट पर बेहतरीन ट्रैफिक मैनेजमेंट हेतु सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। टै्रक रूट की सफाई हेतु 657 पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है।

स्वास्थ्य विभाग भी प्रोएक्टिव
इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी विशेष प्रयासों के तहत 12 मुख्य लोकेशन पर 50 स्क्रीनिंग क्यिस्क लगाए गए हैं। स्वास्थ्य मित्र जो कि फर्स्ट मेडिकल रिस्पोण्डर्स हैं, की तैनाती भी यात्रा मार्ग पर की गई है। यात्रा रूट पर 156 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। 8 ब्लड बैंक तथा 2 स्टोरेज यूनिट भी उपलब्ध करवाए गए हैं। 49 स्थायी स्वास्थ्य सुविधाएं तथा 26 मेडिकल रिलीफ पोस्टस स्थापित की गई हैं। यात्रा मार्ग पर 22 स्पेशलिस्ट, 179 मेडिकल ऑफिसर्स तथा 299 पैरामेडिकल स्टाफ की भी तैनाती की गई है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि वर्तमान में प्रशासन द्वारा यात्रा रूट पर टै्रफिक मेनेजमेंट पर विशेष फोकस किया जा रहा है। टै्रफिक की स्थिति पर सीसीटीवी व ड्रोन से कड़ी निगरानी की जा रही है। रजिस्ट्रेशन तथा टोकन सिस्टम के कड़ाई से पालन पर ध्यान दिया जा रहा है। बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमार तथा बच्चों की सहायता पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

केन्द्रीय गृह सचिव ने उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के सफल संचालन हेतु केन्द्र से हर संभव सहायता एवं सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह हयांकी मौजूद रहे।

उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को देश की राजधानी में मिलेगा बाजार

उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग/पैकेजिंग/ ब्रान्डिग हेतु सबसे बड़े अम्ब्रेला ब्रान्ड के रूप में उभर रहे हाउस ऑफ हिमालय के स्टोर जल्द ही नई दिल्ली के कनॉट प्लेस व अन्य मुख्य स्थानों में खोले जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

एनडीएमसी ने इस सम्बन्ध में सहमति दे दी है। हाउस ऑफ हिमालया के कार्याे को गति देने हेतु मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने हाउस ऑफ हिमालया से सम्बन्धित विभागों के साथ नियमित रूप से प्रत्येक माह समीक्षा बैठक का निर्णय लिया है। हाउस ऑफ हिमालया के तहत मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सीएस ने महिला स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों से अधिकाधिक स्थानीय उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हाउस ऑफ हिमालया की प्रथम बोर्ड मीटिंग सम्पन्न हुई। सीएस ने बैठक के एजेण्डा पर विस्तृत चर्चा के बाद इस पर सहमति प्रदान की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड के विभिन्न विभागों की परियोजनाओं/पहल के माध्यम से प्रचलित उनके सभी ब्राण्ड्स को अम्ब्रेला ब्राण्ड के तहत लाए जाने, स्थानीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्ता, माननीकृत पैकंजिंग, ब्राण्डिंग एवं विपणन करने में हाउस ऑफ हिमालया ग्लोबल प्लेटफॉर्म साबित होगा। महिला स्वयं सहायता समूहों माध्यम से स्थानीय उत्पादों की खरीद से राज्य में महिला सशक्तीकरण का एक नया अध्याय आरम्भ होगा। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य स्तर पर हाउस ऑफ हिमालया के रूप में कम्पनी के गठन से स्थानीय हितधारकों, स्वयं सहायता समूहों, किसानों व स्थानीय उत्पादकों की आजीविका संवर्द्धन कर उन्हें उनकी फसलों व उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।

बैठक में सचिव राधिका झा, अपर सचिव मनुज गोयल, निकिता खण्डेलवाल एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली में भाजपा प्रत्याशी रामवीर सिंह बिधूड़ी के पक्ष में आयोजित जनसभा को किया संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लाडो सराई, नई दिल्ली में संसदीय क्षेत्र दक्षिणी दिल्ली से भाजपा प्रत्याशी श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी के पक्ष में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। साथ इस दौरान मुख्यमंत्री ने नामांकन रैली में भी प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने हजारों की संख्या में आए हुए लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि जनता के आशीर्वाद, प्यार से निश्चित ही दक्षिणी दिल्ली श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी को सांसद बनाकर सदन में भेजने वाली है। यहां की जनता आदरणीय मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने में अपना योगदान देगी। उन्होंने कहा लोगों के उत्साह और उमंग देखकर लगता है दिल्ली वाकई दिल वालो की है। उन्होंने कहा दिल्ली की सात लोकसभा सीट जीतकर दिल्लीवासी इतिहास दोहराने वाले हैं। दक्षिणी दिल्ली ऐतिहासिक क्षेत्र है। दक्षिणी दिल्ली के लोगों ने हमेशा से भाजपा को मजबूती प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा वो भगवान बद्री केदार, आदि कैलाश, गंगा यमुना के उद्गमस्थल की धरती से आप सभी के बीच रामवीर सिंह बिधूड़ी जी को विजय बनाने का आग्रह करने आए हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। देश में सीएए कानून लागू कर दिया गया है। कश्मीर से धारा 370 का खात्मा, तीन तलाक को बैन कर दिया गया है। और लंबे समय बाद भगवान श्री राम का अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण कार्य हुआ है। उन्होने कहा प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में गरीब कल्याण हेतु कई योजनाओं पर कार्य हुए है। प्रधानमंत्री आवास योजना से करोड़ों लोगों को घर दिया गया है। आयुष्मान योजना, लखपति दीदी योजना, किसान सम्मान निधि के साथ ही उज्जवला योजना से गरीबों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आंतरिक तौर पर मजबूत और विश्वस्तर पर शक्तिशाली भारत के रूप में आगे बढ़ा है। वही दूसरी ओर विपक्ष का गठबंधन अपने अस्तित्व, परिवार को बचाने, भ्रष्टाचार छुपाने, देश में तुष्टिकरण बढ़ाने का ठगबंधन है। उन्होंने कहा केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को भी भ्रष्टाचार में पीछे छोड़ दिया है। केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की वजह से दिल्ली अस्त व्यस्त हो गया है, शासन में अनेकों काम ठप पड़ गए हैं, नैतिकता की गुहाई देकर सत्ता में आने वाले लोग अब जेल में हैं। पर फिर भी इस्तीफा नहीं दे रहे हैं। आप पार्टी के सारे मंत्री जेल में हैं। आप विपक्ष के नेता विदेशों में जाकर खालिस्तान समर्थकों के साथ मिलकर मोदी जी को हटाने का षड्यंत्र रच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी भ्रष्टाचारियों ने मिलकर मोदी जी को हटाने के लिए गठबंधन बना लिया है। उन्होंने कहा विपक्षी गठबंधन देश विरोधी शक्तियों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री जी को हारना चाहता है। परंतु जनता इन्हें करारा जवाब देगी। आम आदमी पार्टी को दिल्ली की जनता ने दिल से सत्ता सौंपी थी। पर उन्होंने दिल्ली की जनता को दिल से लूटने का काम किया। उन्होंने कहा अमेठी में भी कांग्रेस के अंतिम दिन आ गए हैं। अमेठी से कांग्रेस के बड़े नेता पर्चा दाखिल करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से दिल्ली में भाजपा का कोई मुकाबला नही है। उन्होंने संसदीय क्षेत्र दक्षिणी दिल्ली की जनता से भाजपा प्रत्याशी श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी के पक्ष अधिक से अधिक मतदान करने और प्रधानमंत्री जी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाने में अपना सहयोग देने का आग्रह किया।

इस अवसर पर भाजपा प्रत्याशी रामवीर सिंह बिधूड़ी, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सह – प्रभारी अल्का गुज्जर, राजकुमार चौटाला एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति के कारण भगवान राम अयोध्या में कई दशकों से एक टेंट में रहने को मजबूर रहेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में आयोजित हिन्दू नव वर्ष महोत्सव में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मेरा परम् सौभाग्य है कि आज मुझे एक साथ इतने महानुभावों का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। आप सभी की आभा और ऊर्जा ने मेरे मन मस्तिष्क को और भी अधिक जागृत करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उपस्थित प्रत्येक संत को, सनातन संस्कृति के प्रत्येक प्रहरी को दंडवत प्रणाम करता हूं और आशा करता हूं कि आप सभी सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

उन्होंने इस दौरान दिल्ली भाजपा के सभी लोकसभा प्रत्याशियों के भारी मतों से विजयी होने की कामना करते हुए सभी को ष्हिन्दू नववर्षष् की शुभकामनाएं प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह हिन्दू नववर्ष महोत्सव कई मायनों में विशिष्ट है, क्योंकि जहां एक ओर आप सभी विद्वानों का सानिध्य प्राप्त हो रहा है, वहीं सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कर हम सबको आत्मिक शांति प्राप्त हुई है। ब्रह्म पुराण के अनुसार चौत्र शुक्ल प्रतिपदा को ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था, इस दिन को नव संवत्सर, गुडीपडवा सहित कई नामों से देश के अलग अलग क्षेत्रों में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज भी हमारी गणना इतनी सटीक है कि अमावस्या और पूर्णिमा सहित सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण जैसी खगोलीय घटनाओं की सटीक जानकारी हमें पहले ही प्राप्त हो जाती है और इन सबका आधार पूर्ण रूप से वैज्ञानिक है। इतनी विशेषताओं को समेटे हुए हमारा नव वर्ष वास्तव में हमें कुछ नया करने की प्रेरणा देता है। ग्रहों की चाल पर आधारित हमारा नववर्ष सबसे विशिष्ट और वैज्ञानिक है फिर भी यह दुर्भाग्य है कि हमारा समाज एक स्वर में भारतीय नववर्ष को नहीं मनाता।

उन्होंने कहा कि, भारतीय नव वर्ष के प्रति इतनी उदासीनता का मुख्य कारण संस्कृति के संवर्धन के प्रति पूर्व की सरकारों की उदासीनता रही। परंतु 2014 के पश्चात समय बदल चुका है, आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में आज पुनः भारतीय सनातन संस्कृति की धर्म ध्वजा पूरे विश्व में शान से फहरा रही है।

उन्होंने कहा कि हम सभी को ज्ञात है कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति के कारण भगवान राम अयोध्या में कई दशको से एक टेंट में रहने को मजबूर थे। आदरणीय मोदी जी को देश की सेवा करने का अवसर मिला तो उन्होंने दृढ़ निश्चय के साथ अयोध्या में श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर बनवाकर राम लला को टेंट से महल में लाने का कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने केदारनाथ तथा बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास कार्यों में हर कदम पर हमारा भी पूरा साथ दिया। इतना ही नहीं, देवभूमि के विभिन्न पौराणिक मंदिर जिनके पुनर्विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता थी उन मंदिरों के लिए प्रधानमंत्री जी के सहयोग और मार्गदर्शन में मानसखंड मंदिर माला मिशन भी प्रारंभ किया गया। जिसके तहत मानसखंड के विभिन्न पौराणिक मंदिरों का पुनर्विकास और वहाँ तक पहुँचने की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है।

इतना ही नहीं मोदी जी के नेतृत्व में बने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन के महाकाल लोक जैसे निर्माण कार्य आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने अब देश के साथ ही विदेशों में भी सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही में हमने अपने संकल्प पत्र में यह संकल्प लिया है कि हम विश्वभर में रामायण उत्सव मनाएंगे। ऐसे संकल्प सिर्फ वही ले सकते हैं जिन्होंने सनातन संस्कृति को शुद्ध अंतः करण से अपना माना हो। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ ही देश का चहुंमुखी विकास भी हुआ है। आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है और तीसरी बनने की ओर अग्रसर है। देश का समग्र विकास सुनिश्चित करने के साथ ही आदरणीय मोदी जी ने देश हित में कई अभूतपूर्व एवं कड़े निर्णय लिए हैं। राम मंदिर निर्माण के अलावा ब्।। लागू करना, धारा 370 का खात्मा और तीन तलाक की समाप्ति ऐसे कुछ उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि हमने भी एक ओर जहां उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी को समान अधिकार देने की पहल की है, वहीं धर्मांतरण विरोधी कानून बनाकर और लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई कर हमने ये बता दिया है कि सनातन के खिलाफ किया गया कोई भी कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक ओर उत्तराखंड में हम जहां एक ओर समान नागरिक संहिता की बात कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में ष्मुस्लिम पर्सनल लॉ की बात कर रही है। यह बहुत शर्मनाक है। आज जब देश मे चुनाव चल रहा है तो ये दल मंदिरों में जाने का ढोंग कर रही हैं। दिल्ली में केजरीवाल की पार्टी बहुत धूर्तता से कार्य कर रही है। आज तमाम विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर यह दल मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोकना चाहती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मतदान हो चुका है और पांचों सीट भाजपा जीत रही है। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली के लोगों से भी कहना चाहता हूँ कि दिल्ली की 7 की 7 सीट जीतकर देनी हैं और मोदी जी को एक बार फिर देश का प्रधानमंत्री बनाना है।

राजभवन में आयोजित वसंतोत्सव का अवलोकन कर विभिन्न फूलों की आकर्षक प्रदर्शनी को सराहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से भेंट कर उन्हें वसंतोत्सव की शुभकामना दी। मुख्यमंत्री ने राजभवन में आयोजित वसंतोत्सव का अवलोकन कर इस अवसर पर आयोजित आकर्षक पुष्प प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इस आयोजन को प्रकृति से जुड़ने का सार्थक प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रजाति के पुष्पों का सौंदर्य मानसिक शांति के साथ पर्यावरण की स्वच्छता का भी संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न प्रकार के पुष्पों के लिये भी उत्तराखण्ड की पहचान रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्रों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में प्रतिभाग कर रहे लोगों से मिलकर उनके सुझावों से अवगत हुए तथा विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन कर जानकारी भी ली।