रमोला के समर्थन में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जनसभा की

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने ऋषिकेश विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी जयेंद्र रमोला के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर युवाओं को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने कहा कि लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की लेकिन यह पैसा किसकी जेब में गया आज तक किसी को मालूम नहीं है। उन्होंने कहा कि घोषणा करने में भाजपा का कोई मुकाबला नहीं हैं स्टैंड अप इंडिया, डिजिटल सहित दर्जनों नारे दिए लेकिन काम किसी पर नहीं हुआ। हजारों करोड़ों की घोषणा सिर्फ कागजों में हुई है। उन्होंने ऋषिकेश की जनता से जयेंद्र रमोला को भारी मतों से विजय बनाकर विधानसभा में भेजने की अपील की। उन्होंने जयेंद्र रमोला की तारीफ करते हुए कहा कि वह यूथ कांग्रेस से लेकर आज विधानसभा का विधायक का चुनाव लड़ रहे हैं, यह यूथ कांग्रेस की ताकत है। यह देश युवाओं का है और अब इस देश का नेतृत्व और ऋषिकेश का नेतृत्व युवा करेगा।
कांग्रेस प्रत्याशी जयेंद्र रमोला ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस मजबूत संगठन है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उत्तराखंड में परिवर्तन की लहर है। लोग बेरोजगारी, महंगाई से त्रस्त हैं, वह निश्चित ही उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनाने को तैयार हैं। रमोला ने बताया कि बढ़ती महंगाई से जनता आहत है लेकिन सरकार ने इससे जनता को राहत देने के बजाय जोड़-तोड़ और मुख्यमंत्री बदलते में 5 साल का समय निकाल दिया। पिछले 5 साल में प्रदेश में एक ऐसी सरकार थी जिसका केंद्र में प्रभाव था लेकिन सरकार ने महंगाई के मामले में उत्तराखंड को नंबर एक पर पहुंचा दिया भाजपा की कथनी और करनी में फर्क है।

राहुल गांधी का केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना

उत्तराखंड पहुंचे कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी पर जमकर हल्ला बोला। कहा कि कांग्रेस के शासन में पीएम हुआ करते थे, लेकिन अब पीएम नहीं राजा हैं। राजा न सुनेगा न बात करेगा, सिर्फ अपना निर्णय लेगा। राहुल ने भाजपा पर हमलावर होते हुए कहा मोदी सरकार ने भारत के दो हिस्से कर दिए हैं। जिसमें एक अमीरों का और दूसरा गरीब, किसान और मजूदरों का भारत है। कांग्रेस एक हिन्दुस्तान चाहती है, जिसमें सबको न्याय मिले।
शनिवार को ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा में नई मंडी समिति परिसर में आयोजित उत्तराखंडी स्वाभिमान किसान संवाद में राहुल गांधी ने कहा कि वह देश को किसानों को बधाई देना चाहते हैं। तीन कानूनों को रद्द कराने के लिए किसान पहाड़ की तरह खड़े रहे और एक कदम पीछे नहीं हटाया और एक इंच भी जमीन नहीं दी। सरकार को किसानों ने सच्चाई दिखाई। इस सरकार को यह सच्चाई दिखानी जरूरी थी। किसान हमेशा देश को रास्ता दिखाता रहा है। आजादी की लड़ाई भी मजदूर-किसानों ने लड़ी, उद्योपतियों ने नहीं। राहुल ने कहा कि भाजपा के राज में दो हिन्दुस्तान बन गए हैं। एक अमीरों का हिन्दुस्तान है जो चार्टर्ड प्लेन में उड़ते हैं, फाइव स्टार होटल में रहते हैं, कानून तोड़ते हैं और जमीन कब्जाते हैं। देश के 40 फीसदी लोगों के बराबर पैसा इनके पास है। विश्व में ऐसी असमानता कहीं नहीं दिखती है।
दूसरी ओर गरीब, मजदूर, किसान हैं जो बेरोजगारी, महंगाई की मार झेल रहे हैं और इनकी जमीनें कब्जाई जा रही हैं। राहुल ने साफ तौर पर कहा देश के लोगों को दो हिन्दुस्तान नहीं चाहिए। हमे ऐसा हिन्दुस्तान चाहिए जिनमें न्याय होता हो। बोले, कांग्रेस के समय में प्रधानमंत्री बात करते थे। इस सरकार में पीएम नहीं राजा है जो बात नहीं करते सीधे अपना निर्णय सुनाते हैं। उन्होंने किसान आंदोलन की बात दोहराते हुए कहा ठंड और कोविड के बीच किसान सड़कों पर पड़े थे, लेकिन राजा ने बात करने की कोई कोशिश नहीं की। वह मन की बात करते रहे। किसानों को अपने ऑफिस में बुलाते उनकी बात सुननी चाहिए थी।

हरिद्वार पहुंचने पर भी राहुल गांधी बीजेपी पर जमकर बरसे। कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तराखंड में विकास कार्यों को ठप कर दिया है। चुनावी वादा करते हुए गांधी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनते ही चार लाख लोगों को बेरोजगारों को नौकरी दी जाएगी। कहा कि एलपीजी सिलेंडर के दाम पांच रुपये से ज्यादा किसी भी हालत में नहीं बढ़ने दिए जाएंगे। गांधी ने बताया कि उत्तराखंड में ‘न्याय’ योजना भी चलाई जाएगी ताकि जरूरतमंदों को सालाना 40 हजार रुपयों की आर्थिक मदद की जा सके। चुनावी रैली के बाद राहुल गांधी ने गंगा पूजा भी की।
राहुल गांधी ने कहा कि यूपीए की सरकार में किसान-मजूदरों के डेलीगेशन अपनी मांगों को लेकर आते थे। यह लोग अपनी बात रखते थे। हर बार सरकार मांगों को नहीं मान सकती थी। अगर मांग ठीक नहीं लगती थी तो मना कर देते थे, लेकिन मांग ठीक लगती थी तो उसे मानते थे। यह बात नहीं करते हैं। इनके दरवाजे सिर्फ उद्योपतियों के लिए खुले हैं।

एम्स ऋषिकेश में नियुक्तियों, दवा और मशीनों की खरीद में धांधली की जांच में जुटी सीबीआई

एम्स ऋषिकेश में सीबीआई की टीम ने पिछले तीन दिन से डेरा डाला हुआ है। सूत्रों के मुताबिक एम्स में नियुक्तियों, दवा और मशीनों की खरीद में धांधली की शिकायत पर सीबीआई जांच कर रही है। देर शाम तक एम्स प्रशासन इस मामले में कुछ भी कहने से बचता रहा।
जानकारी के मुताबिक वीरभद्र पशुलोक मार्ग पर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सीबीआई की चार टीमें पिछले तीन दिन से विभिन्न दस्तावेजों को खंगाल रही हैं। सीबीआई की छापेमारी की कार्रवाई से एम्स में हड़कंप की स्थिति है। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक एम्स में पिछले काफी समय से विभिन्न पदों पर नियुक्तियों से लेकर दवा और मशीनों की खरीद में धांधली की शिकायतें आ रही थी। इस पर सीबीआई ने औचक छापेमारी की कार्रवाई की है। हालांकि अभी तक किसी तरह की गड़बड़ी मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। छानबीन जारी है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सीबीआई टीम में निरीक्षक, उपनिरीक्षक से लेकर कांस्टेबल तक शामिल हैं।

कांग्रेस का प्रचार करने उत्तराखंड आ रहे ये नेतागण

विधानसभा चुनाव 2022 के लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह, पूव्र सीएम हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह समेत 30 राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय नेता कांग्रेस के स्टार प्रचारक होंगे। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को प्रचार के मोर्चे पर लगाया जाएगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह सूची चुनाव आयोग को भेजी है। प्रदेश महामंत्री मथुरादत्त जोशी ने बताया कि पार्टी के स्टार प्रचारकों के दौरे शुरू हो गए हैं। आज राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का दौरा हो गया है। जल्द ही क्षेत्रीय आवश्यकता के अनुसार अनुसार अन्य नेताओं के कार्यक्रम भी तय किए जा रहे हैं।

ये भी स्टार प्रचारक
राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, गुलाम नबी आजाद, मुकुल वासनिक, अविनाश पांडे, मोहन प्रकाश, रणदीप सिंह सुरजेवाला, जितेंद्र सिंह, सचिन पायलेट, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, अमी याजनिक, इमरान प्रतापगढ़ी, आचार्य प्रमोद कृष्णन, हार्दिक पटेल, जय सिंह अग्रवाल रागिनी नायक, नेता डीसूजा, श्रीनिवास बी.वी.।
प्रदेश के नेता- प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, पूर्व काबीना मंत्री यशपाल आर्य, राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, हरक सिंह रावत।

केन्द्रीय बजट में मोदी ने रखा उत्तराखंड का ध्यान

केंद्रीय बजट में चुनावी माहौल में पहाड़ को लुभाने की कोशिश की गई है। पर्वत माला प्रोजेक्ट के तहत जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोप वे की राह आसान हो गई है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों के सुरक्षित विकल्प तलाशने से राज्य में नई टनलों को भी मंजूरी मिलने की आस जग गई है।
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते केंद्र सरकार उत्तराखंड के लिए कोई नई घोषणा का ऐलान नहीं कर सकती थी, लेकिन केंद्रीय बजट में पर्वतीय राज्यों को भी खुश करने की हर कोशिश की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के दौरे पर पिछले दिनों सोन प्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से घांघरिया (हेमकुंड साहिब) तक रोप वे बनाने का ऐलान किया था।
केंद्र ने पर्वतीय राज्यों में कनेक्विटी के लिए पर्वत माला प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। इससे निश्चित तौर पर उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में नई रोपवे बनने के भी रास्ते खुलेंगे। इससे जहां उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्री सीता रमण ने पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों के सुरक्षित विकल्प तलाशने पर भी जोर दिया है। इससे पहाड़ों ने नई टनलों के मंजूरी की उम्मीदें बढ़ेंगी। विदित है कि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिए 17 टनलें पहले से बननी प्रस्तावित हैं। इनमें कुछ बनकर भी तैयार हो चुकी हैं।
बजट में 25 हजार किमी के नए हाईवे बनाने का भी ऐलान हुआ है। सामरिक महत्व के लिहाज से इनमें से कुछ-कुछ न उत्तराखंड के हाथ लगने की उम्मीदें हैं। राज्य के 12 से ज्यादा नए हाईवे के प्रस्ताव पहले से केंद्र को भेजे जा चुके हैं। इसके साथ की केंद्र ने तीन साल के भीतर 400 वंदे मातरम रेल सेवा भी शुरू करने जा रही हैं। इनमें से भी तीन-चार वंदे मातरम सेवा उत्तराखंड लिए भी शुरू की जा सकती हैं।
बजट में सीमांत क्षेत्रों के गांवों में पर्यटन सुविधा को बढ़ावा देने पर फोकस किया है। इससे उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों के सीमांत गांवों में विकास के नए रास्ते खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। राज्य में एक हजार से ज्यादा गांव बाइव्रेट विलेज इस योजना के दायरे में आ सकते हैं। चीन सीमा से लगे होने की वजह से ये तीनों जिले सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इन गांवों में पलायन रोकने के लिए जरूरी सुविधाएं मुहैय्या कराने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है।

बड़ी रैली के बिना ही सम्पन्न होंगे उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2022 के लिए चुनाव आयोग ने नई गाइडलाइन जारी की है। चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों में एक हजार लोगों की अधिकतम क्षमता वाली रैलियों को इजाजत दे दी है। इससे राज्य के राजनैतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों को प्रचार के लिए कुछ हद तक राहत मिल गई है। हालांकि बड़ी रैलियों पर 11 फरवरी तक रोक जारी रहेगी।
चुनाव आयोग की ओर से चुनावी रैलियों के संदर्भ में सोमवार को नए सिरे से गाइडलाइन जारी की गई। जिसमें एक हजार लोगों तक की रैली की इजाजत के साथ ही इनडोर आयोजनों में 500 लोगों की अधिकतम भीड़ एकत्र करने और डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए बीस लोगों को शामिल करने की छूट दी गई है। दरअसल उत्तराखंड सहित पांच राज्यों में चुनाव तारीखों के एलान के साथ ही चुनाव आयोग ने रैलियों पर रोक लगा दी थी।
कुछ दिन पूर्व जारी गाइडाइन में प्रचार के लिए छोटी रैलियों की इजाजत दी गई थी लेकिन उसमें अधिकतम पांच सौ लोगों के ही एकत्र होने की छूट थी। रैलियों में पांच सौ तक लोगों को एकत्र करने की छूट का लाभ राज्य में एक फरवरी से मिलना था। लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए चुनाव आयोग ने एक फरवरी से रैलियों में एक हजार तक लोगों को एकत्र करने की छूट दे दी है।
राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए सोमवार को नामांकन वापसी का दिन तय था और अब प्रत्याशियों पर स्थिति साफ हो गई है। इसके बाद अब मंगलवार से प्रचार अभियान तेज होना है। ऐसे में चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन से राजनैतिक दलों और निदर्लीय प्रत्याशियों को राहत मिल गई है। राज्य में भाजपा, कांग्रेस के साथ ही सभी दलों की ओर से अब प्रचार अभियान को तेज किया जाना है। सोमवार को जारी गाइडलाइन के अनुसार मंगलवार से डोर टु डोर कैंपेन में अब 10 की जगह 20 लोगों को शामिल किया जा सकेगा। जबकि इनडोर बैठक में 300 की जगह 500 लोग शामिल हो सकते हैं।

उत्तराखंड में सत्ता की चाबी आप के हाथों में-गौतम

दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि आप आदमी पार्टी उत्तराखंड में सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है, लेकिन सरकार बनाने की चाबी उनके हाथ में रहेगी। आप पार्टी उत्तराखंड में दिल्ली के मॉडल को जनता के बीच स्थापित करेगी।
रविवार को हरिद्वार रोड स्थित पार्टी कार्यालय में दिल्ली सरकार के कबीना मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड में दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि प्रदेश के बेरोजगार नवयुवक लगातार पलायन कर रहे है, जिन्हें रोकने का कार्य आम आदमी पार्टी करेगी। इसके साथ ही महिलाओं को 1000 रुपये दिए जाएंगे इसका वायदा आप पार्टी ने किया है। शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली का मॉडल उत्तराखंड में भी स्थापित किया जाएगा। उत्तराखंड में आप ने लोगों से हर घर रोजगार, मुफ्त बिजली, उत्तम शिक्षा और स्वास्थ्य दिए जाने का वादा किया है। उत्तराखंड में आप पहली बार चुनाव लड़ रही हैं, और बहुत बड़ी संख्या में हमारे विधायक जीतकर आएंगे। पत्रकार वार्ता में आप के घोषित प्रत्याशी राजे नेगी भी उपस्थित थे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने लोगों से ऋषिकेश के आप प्रत्याशी राजे नेगी के पक्ष में वोट देने की अपील की। उधर, आप प्रत्याशी राजे नेगी ने अपने समर्थकों संग घाट रोड, मुखर्जी मार्ग, रेलवे रोड, हरिद्वार मार्ग सहित अन्य जगहों पर व्यापारियों व आम लोगों से जनसंपर्क कर वोट मांगे।

भाजपा की दूसरी सूची में इन्हें मिला टिकट

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने प्रत्याशियों की दूसरी सूची बुधवार को जारी कर दी है। पार्टी ने नौ विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है। पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी पहले ही संकेत दे चुके थे कि दूसरी सूची बुधवार को आएगी है।

गृहमंत्री अमित शाह सहित तमाम बड़े नेता करेंगे उत्तराखंड में चुनाव प्रचार

देशभर में कोरोना के बढ़ते आंकड़ो के बीच चुनाव आयोग की ओर से छोटी जनसभाओं के लिए मिली छूट से राजनीतिक दल बेहद उत्साहित दिखाई दे रहे हैं। अभी तक डिजिटल रैलियों के जरिए आम जनता तक पहुंचने के प्रयास में लगे राजनीतिक दलों के लिए यह किसी संजीवनी से कम नहीं है। उत्तराखंड की सत्ता पर काबिज भाजपा और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस दोनों की छोटी जनसभाओं की तैयारियों में जुट गए हैं।
बात करें राज्य की सत्ता पर काबिज भाजपा की तो वह एक बार फिर मोदी मैजिक की तैयारियों में जुट गई है। इसके तहत हर विधानसभा में प्रधानमंत्री की डिजिटल रैलियों की तैयारी हो रही है। दरअसल चुनाव आयोग ने नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजनैतिक दलों को छोटी-छोटी सभाओं की इजाजत दी है। इसके तहत राजनैतिक दल अनुमति के साथ पांच सौ लोगों की जनसभा कर सकते हैं। राज्य में 28 जनवरी तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने है। इसके बाद राजनैतिक दल इस छूट के तहत छोटी सभाएं कर सकेंगे। इसी छूट का लाभ लेकर भाजपा अब नामांकन की प्रक्रिया खत्म होने के बाद सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रधानमंत्री की वर्चुअल रैली आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत प्रधानमंत्री वर्चअल तरीके से वोटरों को संबोधित करेंगे और उन्हें सुनने के लिए अलग अलग स्थानों पर नियमों के अनुसार लोगों को एकत्र किया जाएगा।

गृहमंत्री अमित शाह सहित तमाम बड़े नेता करेंगे चुनाव प्रचार
पार्टी चुनाव प्रचार के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ ही अन्य बड़े नताओं को भी बुला रही है। इनके छोटे छोट कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें वर्चुअल तरीके से सभी स्थानों तक पहुंचाने के कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रमुख स्थानों पर बड़े नेताओं के रोड़ शो आदि आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि इस संदर्भ में कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं और डेट फाइनल होते ही इस संदर्भ में कार्यक्रम भी जारी किए जाएंगे।

ऋषिकेश में कांग्रेस का प्रत्याशी बदलने की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक

कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर जबरदस्त अंसतोष सामने आ रहा है। आलम यह है कि दो दावेदार पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण और कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला दोनों ही एक मंच पर आये। दोनों ने ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच खुला ऐलान किया कि वह मौजूदा फैसले के खिलाफ पहले राज्य स्तरीय आला नेताओं के पास जाएंगे। उसके बाद केंद्रीय नेतृत्व से गुहार लगाई जाएगी। इसके बाद भी सही निर्णय नहीं हुआ, तो आगे का फैसला लिया जाएगा।
गौरतलब है कि कांग्रेस प्रत्याशियों की दूसरी सूची में ऋषिकेश विधानसभा का टिकट एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला को मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही दावेदार रहे शूरवीर सिंह सजवाण और राजपाल खरोला के समर्थक असंतुष्ट हैं। दोपहर बाद श्यामपुर स्थित एक वैडिंग प्वाइंट में जुटे कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ ने एक स्वर में इस फैसले का विरोध किया। इस दौरान दो बार कांग्रेस के प्रत्याशी रहे राजपाल खरोला ने कहा कि वह पिछले 15 वर्षों से भाजपा के गढ़ को ध्वस्त करने की कोशिश में जुटे हुए हैं, और आज जब समय आया तो एक ऐसा फैसला किया गया जिससे कांग्रेस को ही नुकसान होने का अंदेशा है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में अगर कांग्रेस हारी तो इसकी पीड़ा हमारे जैसे कार्यकर्ताओं को होगी। इसलिए हाईकमान को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। खरोला ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व यदि यह कह दे कि उनके इस फैसले से पार्टी की जीत सुनिश्चत है, तो वह कोई सवाल नहीं उठाएंगे। लेकिन पार्टी को एकबार फिर से ताजा सर्वे कराना चाहिए और उसके बाद फैसला लेना चाहिए।
पूर्व काबीना मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने कहा कि उन्हें पार्टी नेतृत्व पर भरोसा है कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। कहा कि वह कार्यकर्ताओं और समर्थकों के मन की बात पहले राज्य और फिर केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाएंगे। तब भी निर्णय में बदलाव नहीं हुआ तो आगे कदम उठाने पर फिर से विचार करेंगे। वहीं इस मंच पर दोनों ही नेताओं के समर्थकों ने भी पार्टी को अपना फैसला बदलने की अपील की है।