सरकार का प्रयास हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनें उत्तराखंड-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली के चाणक्यपुरी में आयोजित मीडिया कॉन्क्लेव में प्रतिभाग किया। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न राजनीतिक एवं सामरिक संबंधी विषयों पर संवाद किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड चौमुखी विकास कर रहा है। सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल हो। उत्तराखण्ड में लॉ एंड ऑर्डर सम्बंधी चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों पर राज्य पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है, अपराधियों के लिए उत्तराखण्ड में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि दूसरी बार मुख्य सेवक की शपथ ग्रहण के बाद पुलिस के द्वारा एक स्पेशल ड्राइव चलाई गई जिसके अंतर्गत उत्तराखण्ड में लोगों का री-वेरिफिकेशन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम धर्मांतरण के कानून को और अधिक सख्त करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यह अध्यात्म, धर्म और संस्कृति का केंद्र है। यहां औसतन हर परिवार में एक व्यक्ति सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में एक समान कानून लागू हेतु ड्राफ्ट तैयार करने के लिए हम एक कमेटी गठित करने वाले हैं। हम चाहते हैं कि देश के अन्य राज्य भी अपने-अपने राज्यों में कॉमन सिविल कोड लागू करें।
भू कानून संबंधी सवालों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने इसके लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई है। जल्दी हम राज्य हित में इसपर कानून लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में बहुत भिन्न है, राज्य का अधिकतम क्षेत्र पर्वतीय है, सरकार का प्रयास है कि राज्य में औद्योगीकरण विस्तार और रोजगार का भी ध्यान रखा जाए।

उत्तराखण्ड में योग का मुख्य कार्यक्रम परमार्थ निकेतन में होगा आयोजित

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने आज सचिवालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश के सभी चिन्हित स्थानों जहां पर योग शिविरों का आयोजन किया जाना है, उन स्थानों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। उत्तराखण्ड में योग का मुख्य कार्यक्रम 21 जून को परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में किया जायेगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्य कार्यक्रम स्थल में सभी व्यवस्थाओं के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तैयारी रखें। जिला प्रशासन पौड़ी को कार्यक्रम से संबंधित व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये।
अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर केन्द्र सरकार की ओर से जिन 75 हैरिटेज स्थलों का चयन किया गया है, उनमें उत्तराखण्ड से श्री केदारनाथ का भी चयन किया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये राज्य में चयनित 75 प्रतिष्ठित स्थानों के अलावा जनपदों के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों एवं हेल्थ एण्ड वैलनेस सेंटरों में भी योग शिविरों की व्यवस्था की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि अधिक से अधिक लोग योग शिविरों से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि योग शिविरों में योग प्रशिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर खेल, फिल्म जगत, प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं जैसे प्रदेश की प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा की सभी संबंधित विभागों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज पाण्डेय, एच.सी. सेमवाल, उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील कुमार जोशी, अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, एम.एम. सेमवाल, शिक्षा निदेशक आर.के. कुंवर, संयुक्त निदेशक सूचना के.एस. चौहान एवं वर्चुअल माध्यम से परमार्थ निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती तथा सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

केन्द्रीय कृषि मंत्री से विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति की मांग

कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात कर राज्य के कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए स्वीकृति तथा बजट स्वीकृतियों की पैरवी की गई।
1. पीअर-टू-पीअर लर्निंग के लिए उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाले हिमालयी राज्यों के कृषि मंत्रियों व विभागाध्यक्षों के सम्मेलन का उद्घाटन करने आएंगे केन्द्रीय कृषि मंत्री।
2. प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए परम्परागत कृषि विकास योजनांतर्गत 4300 तथा नमामि गंगे योजनांतर्गत 1800 नए क्लस्टरों हेतु बजट आवंटन।
3. पर्वतीय क्षेत्रों के कृषकों द्वारा उत्पादित परम्परागत फसलों के स्थानीय बीजों को सत्यापित बीजों के रूप में अनुदान पर वितरित किए जाने की अनुमति तथा राज्य को चार किश्तों के बजाए, पूर्व की भांति 50-50 प्रतिशत की दो किश्तों बजट आवंटित किए जाने हेतु।
4. राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत कृषक उत्पादक संगठन-एफपीओ के गठन हेतु सीबीबीओ के चयन मानकों में शिथिलता।
5. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-गेहूं के अंतर्गत बजट प्राविधान को बढ़ा कर 400 लाख किए जाने के लिए।
6. उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा विशेष आर्थिक सहायता हेतु हार्नेसिंग द हॉर्टिकल्चर पोटेन्सिअल ऑफ उत्तराखण्ड के प्रस्ताव हेतु 2000 करोड़ की बजट स्वीकृति।
7. बागवानी मिशन योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु 200 करोड़ परिव्यय की कार्ययोजना तथा प्रधानमंत्री कृषि योजना के ‘‘पर ड्रॉप, मोर क्रॉप’’ घटक की कार्ययोजना हेतु 99.36 करोड़ की स्वीकृति।

चारधाम यात्रा-श्रद्धालुओं की सुरक्षा को केन्द्र सरकार गंभीर

चारधाम यात्रा पर तीर्थयात्रियों की मौत के बाद केंद्र सरकार ने मदद के लिए एनडीआरएफ की टीम भेजी है। इसके अलावा आईटीबीपी के जवानों को भी पैदल यात्रा मार्गों पर मदद के लिए तैनात किया गया है। पैदल यात्रा करते समय अचानक तबीयत बिगड़ने पर एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान तीर्थयात्रियों की मदद कर उन्हें तत्काल नजदीकी मेडिकल कैंप तक पहुंचाएंगे।
प्रदेश में तीन मई को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हुई है। शुरूआत में ही केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थ यात्रियों की मौत पर पीएमओ ने संज्ञान लेकर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की मदद के लिए केंद्र ने एनडीआरएफ की टीम भेजी है। खास तौर पर केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर एनडीआरएफ टीम तैनात की गई है। इसके अलावा आईटीबीपी के जवानों को यात्रियों की मदद के लिए तैनात किया गया है। केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर यदि किसी यात्री की अचानक तबीयत खराब होती है तो एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान तत्काल मदद कर उन्हें मेडिकल कैंप तक पहुंचाएंगे, ताकि समय पर इलाज मिल सके।
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने बताया कि चारधाम यात्रा करने वाले यात्रियों की मदद के लिए केंद्र की ओर से एनडीआरएफ की टीमें भेजी गई हैं। इसके साथ ही आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया गया। एसडीआरएफ की टीमें पहले ही चारधामों में तैनात हैं। एनडीआरएफ और आईटीबीपी को एक सीमित समय के लिए तैनात किया है। जरूरत पड़ने पर समय को बढ़ाया जाएगा।

क्षमता के अनुसार भेजे जा रहे यात्री
कोविड महामारी के कारण दो साल बाद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। चारधामों में कपाट खुलने के दिन क्षमता से दोगुने यात्री पहुंचे थे। जिससे धामों में यात्रियों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। मुख्य सचिव ने कहा कि चारधामों की वहन क्षमता के अनुसार यात्रियों का पंजीकरण कर दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। पिछले तीन दिनों से धामों में स्थित पूरी तरह से नियंत्रण में है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व चमोली जिले के जिलाधिकारियों से प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।

स्वास्थ्य को लेकर श्रद्धालुओं को जारी किये गये दिशा-निर्देश

चारधाम यात्रा-2022 के लिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों के स्वास्थ्य के लिये हेल्थ एडवाईजरी जारी की गई है।
चारधाम यात्रा में समस्त तीर्थ स्थल उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जिनकी ऊंचाई समुद्र तल से 2700 मी0 से भी अधिक है। उन स्थानों में यात्रीगण अत्यधिक ठण्ड, कम आद्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉयलेट रेडिएशन, कम हवा का दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकते हैं। अतः सभी तीर्थ यात्रियों के सुगम एवं सुरक्षित यात्रा हेतु निम्न दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं।
श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत ही यात्रा के लिए प्रस्थान करें। पूर्व से बीमार व्यक्ति अपने चिकित्सक का परामर्श पर्चा एवं चिकित्सक का संपर्क नम्बर एवं चिकित्सक द्वारा लिखी गयी दवाईयां अपने साथ रखें।
अति वृद्ध एवं बीमार व्यक्तियों एवं पूर्व में कोविड से ग्रसित व्यक्तियों के लिए यात्रा पर न जाना या कुछ समय के लिए स्थगित करना उचित होगा।
तीर्थस्थल पर पहुँचने से पूर्व मार्ग में एक दिन का विश्राम करना उचित होगा।
गर्म एवं ऊनी वस्त्र साथ में अवश्य रखें। हृदय रोग, श्वांस रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप से ग्रस्त रोगी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाते समय विशेष सावधानी बरतें।
लक्षण जैसे-सिर दर्द होना, चक्कर आना, घबराहट का होना, दिल की धड़कन तेज होना, उल्टी आना, हाथ-पांव व होठों का नीला पड़ना, थकान होना, सांस फूलना, खाँसी होना अथवा अन्य लक्षण होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पहुँचें एवं 104 हैल्पलाईन नम्बर पर सम्पर्क करें।
धूम्रपान व अन्य मादक पदार्थों के सेवन से परहेज करें।
सनस्क्रीन एसपीएफ 50 का उपयोग अपनी त्वचा को तेज धूप से बचाने के लिए करें । यूवी किरणों से अपनी आंखों के बचाव हेतु सन ग्लासेस का उपयोग करें।
यात्रा के दौरान पानी पीते रहें और भूखे पेट ना रहें। लम्बी पैदल यात्रा के दौरान बीच-बीच में विश्राम करें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में व्यायाम से बचें। किसी भी स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी हेतु 104 एवं एम्बुलैंस हेतु 108 हैल्पलाईन नम्बर पर सम्पर्क करेंगे।

नैनीताल का रामगढ़ क्षेत्र गुरुदेव की कर्मस्थली रहा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद नैनीताल के रामगढ़ मे शान्ति निकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया के तत्वाधान में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 161 वां जयंती के शुभ अवसर पर आयोजित रविंदर जन्मोत्सव-2022 कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित करते हुए शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान संयोजक प्रोफ़ेसर अतुल जोशी, क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा, पूर्व विदेश सचिव शशांक, देवेंद्र ढेला देवेंद्र बिष्ट, भाजपा के मंडल अध्यक्ष कुंदन चिलवाल आदि जनप्रतिनिधि द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री धामी ने गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर के 161 वां जन्मोत्सव दिवस पर बधाई दी और रामगढ़ विश्व भारती केंद्रीय विश्वाविद्यालय के प्रथम परिसर का भी भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के मंत्र पर अग्रसर है और जनकल्याण को समर्पित है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार जनकल्याण की भावना के अनुरूप लगातार प्रदेश का चहुमुखी विकास कर रही है। प्रधानमंत्री का राज्य के प्रति गहरा लगाव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सबका साथ एवं सबका विकास के तहत कार्य करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। रामगढ़ क्षेत्र के टैगोर टॉप स्थित गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कर्मस्थली जहां उन्होंने 19वीं शताब्दी में 5 बार यहां आकर अपनी काव्य रचना की। उन्हें साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला जो किसी एशियाई को पहला नोबेल पुरस्कार था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामगढ़ में रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के परिसर की स्थापना में अपनी रुचि व्यक्त की है, वह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस सौगात से जहां विश्व भारती केंद्रीय विश्वविद्यालय उत्तराखंड को भारत के प्रमुख शिक्षा केन्द्र के रूप में स्थापित होने का अवसर प्राप्त होगा। वहीं स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे, तथा यह राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय शोधार्थियों के लिए भी नया गंतव्य बनेगा। उन्होंने कहा इसके लिए केंद्रीय राज्य मंत्री पर्यटन मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट, पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के विशेष प्रयास रहे।
उन्होंने कहा कि विश्व भारती की स्थापना के लिए प्रथम चरण में 150 करोड़ रूपये की डीपीआर केन्द्र सरकार में स्वीकृति की प्रक्रिया में है, उत्तराखंड सरकार द्वारा 45 एकड़ भूमि मे विश्व भारती केंद्रीय विश्वविद्यालय के परिसर की स्थापना की औपचारिकता पूर्ण कर ली गई। उन्होंने प्रो विदयुत चक्रवर्ती, कुलपति विश्वभारती पश्चिम बंगाल तथा शांतिनिकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया के प्रवासियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का होगा। जो देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य होगा।
कार्यक्रम में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ द्वारा सांस्कृतिक एवं देवभूमि सांस्कृतिक दल द्वारा छोलिया नृत्य की प्रस्तुति दी विभागों द्वारा उद्यान विभाग ग्रामीण आजीविका मिशन बोराकोट द्वारा स्टॉल भी लगाइए।
इस अवसर पर रविंद-सृजनिका नामक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
इस अवसर विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति एनके जोशी, जिलाधिकारी धीराज सिह गर्ब्याल ,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निर्देश अजय सिह और भारी जन समूह उपस्थित रहा।

सीएम ने मां गंगा से प्रदेश की खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हरकी पैड़ी पर श्रीगंगा सभा द्वारा गंगा सप्तमी के शुभ अवसर पर अयोजित गंगा मैया जन्मोत्सव में प्रतिभाग किया, जहां उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना की एवं मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते हुये देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिये मां गंगा से प्रार्थना की।
उल्लेखनीय है कि भारत में गंगा मैया का जन्मोत्सव वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन मनाया जाता है। गंगा जन्मोत्सव पुष्य नक्षत्र और अमृत सिद्ध योग में मनाया जाता है। इस दिन माता गंगा ब्रह्म लोक से ब्रह्मा जी के कमण्डल से निकलकर, भगवान विष्णु जी के चरणों को धोती हुई, भगवान आशुतोष की जटाओं में आई थी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान, मीडिया प्रभारी लव शर्मा, श्री गंगा सभा अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, पुजारी अमित शास्त्री सहित सम्बन्धित अधिकारीगण एवं पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

हिमालय पुत्र हेमवती नंदन बहुगुणा के इरादे हिमालय जैसे अटूट रहे-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में ’स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के जीवन पर आधारित पुस्तक ’हेमवती नंदन भारतीय जन चेतना के संवाहक’ के विमोचन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री धामी ने स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की जीवन यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बड़े हर्ष का विषय है कि उन्हें स्वर्गीय बहुगुणा के जीवन पर लिखित पुस्तक के विमोचन का सौभाग्य मिला।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हिमालय पुत्र हेमवती नंदन बहुगुणा के इरादे हिमालय जैसे अटूट थे। उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने अपने विलक्षण बौद्धिक प्रतिभा के बल पर भारतीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने पहाड़ों के विकास हेतु हर सम्भव प्रयास किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा की इस बार चार धाम यात्रा ऐतिहासिक होने वाली है। इसके लिए हमारी तैयारी पूरी है। मुख्यमंत्री ने चार धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार की तरफ से श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित बनाए जाने के लिए सुचारु रुप व्यवस्था से की गई है।
इस दौरान कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सांसद रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी, सांसद नरेश बंसल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

बदरीनाथ के भव्य रुप को संवारने की जिम्मेदारी सभी की-संधु

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धु ने बद्रीनाथ पहुंचकर मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्याे का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता के साथ-साथ तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को शीघ्र ही मैन पावर बढाने के निर्देश दिए। वहीं मुख्य सचिव ने व्यापारियों से मुलाकात की और कहा फिलहाल उनके लिए अस्थायी दुकानों का निर्माण किया जा रहा है तथा कार्य पूरे होने के बाद स्थायी दुकाने आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय जनता के सहयोग से आने वाले वर्षाे में बद्रीनाथ का भव्य रूप दुनिया के सामने होगा जिससे यहां के व्यापारियों, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पीएमओ भी डेली बेसिस पर इसकी मानीटरिंग कर रहा है।
उसके बाद मुख्य सचिव ने बदरीनाथ मास्टर प्लान तथा यात्रा की तैयारियों को लेकर बीआरओ गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने उन्हें गतिमान कार्यों और यात्रा की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। मुख्य सचिव ने मास्टर प्लान कार्यों में लगे मजदूरों तथा अन्य कर्मचारियों के लिए अस्थायी आवास बनाने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रा व्यवस्था को लेकर भी संबंधित विभागों को निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने गोविन्द घाट से पुलना पैदल मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी संस्थाओं को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए कहा कि 15 दिन बाद फिर इसका स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
इस दौरान पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरूण चौधरी, एडीएम डा. अभिषेक त्रिपाठी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक सैनी, एसडीएम कुमकुम जोशी, धर्मेश गंगानी, मुख्य अभियन्ता अयाज अहमद, इओ सुनील पुरोहित, कमाण्डर मनीष कपिल, हेमकुण्ड साहिब के प्रबंधक सेवा सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

गंगा के तेज बहाव में बह रहे एक युवक को बचाया, दूसरा लापता

लक्ष्मणझूला थाना अंतर्गत गोवा बीच पर स्नान करते समय दो युवक डूबने लगे। एक युवक को पुलिस ने पानी के तेज बहाव से बाहर निकाल जान बचाई। जिसे एम्स अस्पताल में पुलिस ने भर्ती कराया। जबकि दूसरा युवक गंगा के तेज बहाव में आकर पानी की गहराई में ओझल हो गया। एसडीआरएफ टीम ने पानी में लापता युवक की तलाश को सर्च ऑपरेशन चलाया। लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पाया।
लक्ष्मणझूला थाना पुलिस के मुताबिक रविवार दोपहर बाद पुलिस को सूचना मिली कि गोवा बीच पर दो युवक गंगा में स्नान करते समय डूबने लगे हैं। जिस पर तत्काल पुलिस ने आयुष (22) पुत्र हिमांशु निवासी समस्तीपुर, बिहार को पानी के तेज बहाव से सुरक्षित निकाल लिया। जबकि युवक का दोस्त रामांश पाठक (22) पुत्र अनुपम पाठक निवासी जालौन, यूपी गंगा के तेज बहाव में कहीं दूर ओझल हो गया।
सूचना पर एसडीआरएफ की टीम ने रामांश की तलाश को सर्च ऑपरेशन चलाया। लेकिन सफलता नहीं मिली। जबकि आयुष को पुलिस ने एम्स अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। लक्ष्मणझूला थाना निरीक्षक संतोष कुंवर ने बताया कि दोनों युवक गाजियाबाद के एक कॉलेज में पढ़ाई करते हैं।
रविवार को वे यहां पर घूमने के लिए आए थे। गंगा में डूबने वाले युवक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। वहीं एसडीआरएफ उपनिरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया की सोमवार को फिर से युवक की तलाश को सर्च ऑपरेशन चलाया जायेगा।

त्रिवेणी घाट में पुलिस ने दो को डूबने से बचाया
त्रिवेणीघाट पर स्नान करते अलग-अलग हादसों में दो लोगों को जल पुलिस ने डूबने से बचाया है। त्रिवेणी घाट चौकी इंचार्ज जगत सिंह ने बताया कि रामविलास (54) पुत्र स्वर्गीय रामनारायण निवासी गली नंबर 10 भल्ला फार्म श्यामपुर रविवार को त्रिवेणी घाट में स्नान कर रहे थे। इस दौरान अचानक तेज बहाव में हुए बहने लगे। मौके पर जल पुलिस के जवानों ने रेस्क्यू कर उन्हें गंगा के पानी से सुरक्षित निकाला। वहीं दूसरी घटना में अनिश (30) पुत्र राम सेवक निवासी सीतापुर, यूपी को भी स्नान करते समय पुलिस ने बचाया है। टीम में रवि वालिया, पंकज, शिवकुमार शामिल रहे।