जनसंख्या नियंत्रण और भूकानून पर कमेटी का गठन-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस लाईन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों, सैन्य और अर्धसैन्य बलों के जवानों को नमन करते हुए उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों और आंदोलनकारियों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान का प्रतिफल है। इसी त्याग एवं बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और देश को एक नये संकल्प के साथ आगे बढ़ाने के उद्देश्य से माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव का आह्वान किया है। हम सभी 130 करोड़ भारतवासियों को अपना हाथ बढ़ाना होगा, तभी स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव का उद्देश्य पूर्ण होगा।

सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति संरक्षण पुरस्कार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने उद्बोधन में अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद स्वर्गीय सुंदर लाल बहुगुणा जी का प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी स्मृति में हम 2 लाख रूपए राशि का ‘‘सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति संरक्षण पुरस्कार’’ प्रारम्भ करने जा रहे हैं।

राज्य भाषा एवं संस्कृति अकादमी की स्थापना
राज्य की स्थानीय संस्कृति और भाषाओं के अध्ययन एवं शोध के लिए राज्य भाषा एवं संस्कृति अकादमी की स्थापना की जाएगी।

प्रदेश के राजकीय स्कूलों के कक्षा 10 और 12 के छात्र-छात्राओं को निशुल्क मोबाईल टैबलेट
ऑन लाईन पढ़ाई को और सुगम बनाने के लिए राज्य के राजकीय स्कूलों के कक्षा 10 और 12 के छात्र-छात्राओं को निशुल्क मोबाईल टैबलेट प्रदान करेंगे। इन मोबाईल टैबों में सभी शिक्षण सामग्री पहले से लोड रहेंगी। यही नही कोरोना की तीसरी लहर से अपने बच्चों को बचाने के लिये हमने यह निर्णय लिया है कि हम बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य सामग्री का वितरण करेंगे।

बड़े शहरों में ट्रैफिक समस्या के निस्तारण के लिए आउटर रिंग रोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर शहरों की ट्रैफिक समस्या के निराकरण के लिए आउटर रिंग रोड का निर्माण कराया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनाने का प्रयास किया जाएगा। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में राज्य के नगरीय क्षेत्रों में बेघर लोगों के लगभग 25 हजार घर बनाएंगे।

पर्वतीय क्षेत्रों में वेरिफिकेशन ड्राइव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मे पलायन और भूमि की अनाधिकृत खरीद-फरोख्त के सम्बन्ध में जनता द्वारा चिंता प्रकट की जा रही है, इस विषय में हमारी सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में वेरिफिकेशन ड्राइव शूरू करने जा रही है। इस वेरिफिकेशन के माध्यम से हम ये सुनिश्चित करेंगे कि पहाड़ की संस्कृति एवं सामाजिक परिवेश को सुरक्षित रखा जा सके।

हिम प्रहरी योजना, भू कानून पर उच्च स्तरीय समिति
पलायन की समस्या की रोकथाम के लिये हम शीघ्र ही उत्तराखण्ड के नौजवानों एवं पूर्व सैनिकों की सहायता से केन्द्र सरकार के साथ मिलकर हिम प्रहरी योजना लागू करेंगे। भू-कानून को लेकर जो आशंकायें व्यक्त की गई हैं, उन पर समग्र रूप से विचार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जायेगा, जो एक ओर उत्तराखण्ड की भूमि के संरक्षण का ध्यान रखेगी वहीं दूसरी ओर रोजगार एवं निवेश सम्बन्धी विषयों का भी ध्यान रखेगी।

देवस्थानम बोर्ड पर तीर्थपुरोहितों के अधिकारों और जनभावनाओं का रखा जाएगा ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड को लेकर समय-समय पर चिंता व्यक्त की गयी है। हमारी सरकार तीर्थपुरोहितों के अधिकारों तथा जनभावनाओं का हमेशा ध्यान रखेगी। प्रदेश के वरिष्ठ नेता श्री मनोहरकांत ध्यानीजी से इस विषय पर आग्रह किया गया है कि वे देवस्थानम बोर्ड के बारे में सभी वर्गों से राय लेकर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि देवस्थानम बोर्ड के सम्बन्ध में जनभावनाओं के अनुरूप एक सुविचारित निर्णय लिया जा सके।

जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रभावी कानून हेतु उच्च स्तरीय समिति
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व, पर्यावरण और क्लाइमेट चेंज की चुनौती के प्रति अत्यंत संवेदनशील है और जनसंख्या वृद्धि इस समस्या को और अधिक बढा रही है। प्रदेश की जनता भी इसको लेकर विशेष रूप से चिंतित है। हमारी सरकार जनसंख्या नियंत्रण के लिये एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर एक प्रभावी कानून लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठायेगी।

अल्मोड़ा और पौड़ी को परस्पर रेलमार्ग से जोडने की सम्भावना तलाशी जाएगी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी ने हमारी लोक संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को अपने गीत-संगीत के माध्यम से देश दुनिया तक पहुंचाने का काम किया है। नरेंद्र सिंह नेगी जी को पद्म पुरस्कार दिए जाने की संस्तुति कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा और पौड़ी को परस्पर रेलमार्ग से जोड़ने की सम्भावना तलाशी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक देश-एक विधान-एक निशान का संकल्प साकार किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन और संकल्प शक्ति से पिछले 7 वर्षों में देश ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। हमारा देश कई ऐसे महान निर्णयों का साक्षी बना है, जिनकी कल्पना भी इससे पहले मुश्किल थी। सैकड़ों वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में हम सभी के आराध्य भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह माननीय प्रधानमंत्री की संकल्प शक्ति है कि हमारे जम्मू कश्मीर के भाई बहनों को धारा 370 और 35ए से आजादी मिली। एक देश, एक विधान और एक निशान का संकल्प साकार हुआ है। मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से हो रहे शोषण से आजादी मिली। भारत विरोधी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।

दुनिया का सबसे बड़ा कोविड वैक्सीनेशन अभियान भारत में
आज देश का हर घर बिजली से रोशन है। करोड़ों परिवारों को दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, आयुष्मान योजना से स्वास्थ्य रक्षा कवच मिला है। उज्जवला योजना से हमारी माताओं-बहनों का जीवन आसान हुआ है। कोरोना के इस मुश्किल दौर में आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने एक सफल लड़ाई लड़ी है। दुनिया का सबसे बड़ा निःशुल्क वैक्सीनेशन अभियान हमारे देश मे चल रहा है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए उत्तराखण्ड की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दिया।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी के लिए इकोसिस्टम विकसित किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री हमारी युवा शक्ति पर पूरा विश्वास है। देश के युवा खुलकर अपनी प्रतिभा और अपने सपनों के अनुसार खुद को विकसित कर सके इसके लिए प्रधानमंत्री की प्रेरणा से एक इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था हो, सामाजिक व्यवस्था हो या कानूनी बारीकियां, हर चीज में इन बातों को केंद्र में रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री का कहना है कि देश और समाज में बहुत से बदलाव लाने हैं, और ये बदलाव देश के युवाओं को ही करने हैं। मुख्यमंत्री ने देश के युवाओं पर इतना विश्वास जताने और देश की प्रगति में भागीदारी के लिए युवाओं को अवसर देने के लिए युवाओं की ओर से प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

प्रदेश में युवाओं को रोजगार के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने युवाओं को रोजगार के सर्वश्रेष्ठ अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिज्ञा की है और इस दिशा में मजबूत कदम भी उठाए हैं। विभिन्न विभागों में लगभग 22 से 24 हजार रिक्त पदों और बैकलॉग की रिक्तियों पर भर्ती करने का निर्णय लिया है। सिर्फ सरकारी नौकरी ही नहीं हम युवाओं को स्वरोजगार के लिये भी प्रेरित कर रहे हैं। हमारा मानना है कि हमारे युवा साथी रोजगार मांगने वाले के स्थान पर रोजगार देने वाले बनें। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार नैनो उद्यम योजना भी प्रारम्भ की गई है।

युवाओं के हित में लिए महत्वपूर्ण निर्णय
अतिथि शिक्षकों का वेतन 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रूपए करने का निर्णय लिया है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इन्टर्न के स्टाईपेंड को 7500 रूपए से बढ़ाकर 17 हजार रूपए प्रतिमाह किया है। संघ लोक सेवा आयोग, पी.सी.एस., एन.डी.ए., सी. डी. एस और उसके समकक्ष प्रतियोगी परीक्षाओं में लिखित परीक्षा पास करने पर परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिये 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जायेगी।

सैनिकों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड, वीर भूमि भी है, जिसे प्रधानमंत्री जी ने सैन्य धाम की संज्ञा भी दी है। यहां लगभग प्रत्येक परिवार का कोई न कोई सदस्य देश की रक्षा के लिये सैन्य अथवा अर्द्धसैन्य बलों में तैनात रहता है। सरकार शहीद सैनिकों के परिवारजनों के साथ खड़ी है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी देने का प्राविधान किया गया है। विशिष्ट सेवा पदक से अलंकृत सैनिकों को अनुमन्य राशि में कई गुना बढ़ोत्तरी की गई है। उत्तराखंड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगनाओं एवं पूर्व सैनिकों को प्रतिमाह दी जाने वाली पेंशन को 8 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने का भी निर्णय लिया गया है।

कोविड प्रभावितों को राहत के लिए दिए पैकेज
कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई हैं। सभी जिला अस्पतालों, सी. एच. सी., पी. एच. सी. में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन, आई.सी.यू., वेंटिलेटर, जरूरी दवाईयों के साथ ही बच्चों के अलग से वार्ड की व्यवस्था की गई है। सबको मुफ्त कोविड वैक्सीनेशन अभियान में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अगले 4 माह में प्रदेश में शत् प्रतिशत वैक्सीनेशन कर दिया जाएगा। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमने कोविड से प्रभावित लोगों को जितना सम्भव हो सकता है, राहत पहुंचाने की कोशिश की है। प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन एवं परिवहन के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़ रूपये का पैकेज दे रहे हैं। इससे लगभग 01 लाख 64 हजार लोग लाभान्वित होंगे। स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहन देने और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने के लिये 205 करोड़ रूपये का पैकेज दे रहे हैं। कोविड प्रभाव को देखते हुए लोक सेवा आयोग की परिधि के अंतर्गत एवं लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर समूह-ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की छूट दी गई है।

किसान कल्याण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के किसानों की आय को दोगुना करने का संकल्प लिया है। उत्तराखण्ड इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने पर सरकार कार्य कर रही है।
प्रदेश में लगभग 650 खाद्य प्रसंस्करण केन्द्र हैं, जिनकी संख्या को बढ़ाने पर भी कार्य किया जा रहा है। बागवानी को बढ़ावा देने के लिये सरकार विभिन्न योजनाओं में अनुदान दे रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से अब तक प्रदेश के लगभग 9 लाख किसानों को लाभान्वित किया गया है। दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता योजना के अन्तर्गत किसानों को 3 लाख रूपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। सौर ऊर्जा और पिरूल ऊर्जा नीति, ग्रामीण युवाओं की आजीविका में सहायक हो रही है।

होमस्टे से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
पर्यटन का क्षेत्र भी एक ऐसा क्षेत्र है, जिसको ग्रामीणों एवं युवाओं की आजीविका से जोड़ने में हमने कामयाबी प्राप्त की है। हमारी होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। ट्रैकिंग मार्गों पर भी होम स्टे को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसकी अलग से विंग बनाई गई है।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना
प्रधानमंत्री जी के ’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए हमने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना की शुरूआत की है। इसके तहत प्रथम दो बालिकाओं के जन्म पर माता और नवजात कन्या शिशु को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत राज्य के लगभग 63 लाख लोगों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो राशन मिल रहा है।

अटल आयुष्मान योजना
अटल आयुष्मान योजना में राज्य के सभी परिवारों को 5 लाख रूपए वार्षिक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने वाला उत्तराखण्ड, देश का पहला राज्य है। देशभर के 22 हजार से अधिक अस्पताल इसमें सूचीबद्ध हैं।

विकास की राह पर प्रदेश
पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार ने विकास के हर फ्रंट पर उल्लेखनीय कार्य किये हैं। सतत् विकास लक्ष्य सूचकांक में वर्ष 2018 में हम 10वें स्थान पर थे और आज हमारा स्थान तीसरा हो गया है। ऊर्जा और कानून व्यवस्था संबंधी इंडेक्स में हमारा राज्य प्रथम स्थान पर है। जहां पिछली सरकार ने 1639 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों को अपग्रेड करते हुए 23 नये राज्य मार्ग बनाये थे, हमारी सरकार ने वर्ष 2017 के बाद से 5000 किलोमीटर से भी अधिक लम्बाई के मार्गों को अपग्रेड करके 250 से भी अधिक मार्ग निर्मित किये हैं।

केंद्र का मिला सहयोग, इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिली मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न के परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं। 125 किमी लम्बी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और 889 किलोमीटर की ऑल वेदर रोड परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। बी. आर. ओ द्वारा पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी आदि सीमांत जनपदों में सड़कों और पुलों का निर्माण किया जा रहा है।
प्रदेश में नये राष्ट्रीय राजमार्गों के लिये 01 हजार करोड़ और केन्द्रीय सड़क निधि के अन्तर्गत लगभग 915 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। वह समय दूर नहीं जब दिल्ली से देहरादून केवल 2 घंटे में आ सकेंगे। हरिद्वार-देहरादून का सफर अब केवल 45 मिनिट में पूरा किया जा रहा है। देहरादून से टिहरी झील के लिए 2-लेन टनल और पीलीभीत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए भी केंद्र से सहमति मिली है। वर्षों से रुके हुए डोबरा चांठी पुल के पूरा होने से प्रतापनगर और टिहरी के बीच 80 किलोमीटर की दूरी कम हुई है, और क्षेत्र की जनता को राहत मिली है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। ऊधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है, जहां उड़ान योजना में हेली सर्विस शुरू की गई है।

प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में भव्य केदारपुरी का पुनर्निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण करते हुए इसे पहले से भी अधिक भव्यता प्रदान की गई है। बद्रीनाथ धाम के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके अतिरिक्त भारतमाला परियोजना, भारत नेट फेज-2, जमरानी बहुद्देशीय परियोजना, नमामि गंगे, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट जैसी कई परियोजनाएं उत्तराखण्ड के विकास में अपना योगदान दे रही हैं।

अनेक परियोजनाओं को मिली केंद्र से मंजूरी
दिल्ली-रामनगर कॉर्बेट इको ट्रेन चलाने की भारत सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दी है। टनकपुर बागेश्वर के ब्राडगेज सर्वे और डोईवाला से गंगोत्री यमुनोत्री के रेललाइन के सर्वे की भारत सरकार द्वारा सहमति दी गई है। हरिद्वार-देहरादून रेललाइन के दोहरीकरण का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। पिछले 4 वर्षों में केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में अनेक उच्च स्तरीय संस्थाओं की स्थापना हुई है।

नई खेल नीति लाई जाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटी वंदना कटारिया ने महिला हॉकी टीम में शानदार प्रदर्शन करते हुए हम सभी का सर गर्व से ऊंचा किया है। इससे उत्साहित होकर हमने प्रदेश में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिये नई खेल नीति लाने का निर्णय लिया है। देहरादून में खेलो इंडिया स्टेट लेवल सेंटर और स्पोर्ट्स साइंस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों में न्यूनतम एक सेंटर स्थापित किया जायेगा ।

कोविड काल में निराश्रित बच्चों को मिला मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना का सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल में प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को वात्सल्य योजना का सहारा दिया है। ऐसे बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक 3000 रुपये प्रति माह दिये जायेंगे। राज्य सरकार इन बच्चों का एक अभिभावक की तरह पूरा संरक्षण करेगी।

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। हमारी सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। हमारा एजेंडा विकास का एजेंडा है। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संकल्प लेने का आह्वान किया कि राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र सेवा के लक्ष्य में अपना शत्-प्रतिशत योगदान देंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, खिलाड़ियों, पर्वतारोहियों, चिकित्सकों, पर्यावरण मित्रों एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने चयनित किसानों को सम्पत्ति कार्ड भी वितरित किए। जिनको पुरस्कृत किया गया उनमें पुलिस से उप निरीक्षक निशांत कुमार, कृष्ण चन्द्र भट्ट, उमेश कुमार, मुख्य आरक्षी राधे बल्लभ राणा, सुनील तोमर, भगवती प्रसाद, पुलिस उपाधीक्षक राजन सिंह रौतेला, अंशुल मिश्रा शामिल हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा उत्कृष्ट कार्यों के लिए पर्वतारोहण के क्षेत्र में कर्नल आई.एस. थापा, कर्नल अमित बिष्ट, हवलदार अनिल कुमार, नायक चन्द्र सिंह नेगी को पुरस्कृत किया गया। खेल के क्षेत्र में हॉकी में वन्दना कटारिया, फुटबॉल में अनिरुद्ध थापा, बॉक्सिंग में निवेदिता कार्की एवं उप क्रीडाधिकारी द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त प्रशिक्षक के.जे.एस. कलसी को पुरस्कृत किया गया। कोविड काल में सराहनीय कार्यों के लिए चिकित्सा के क्षेत्र में निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. एस.के. गुप्ता, प्रभारी निदेशक डॉ. सरोज नैथानी, सहायक निदेशक व राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कुलदीप मार्ताेलिया, संयुक्त निदेशक डॉ. हरीश चन्द्र मार्ताेलिया को सम्मानित किया गया। कोविड काल में सराहनीय कार्य के लिए पर्यावरण मित्र सोनू पाल, मनोज, रमन एवं रवि को पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कोविड काल की द्वितीय लहर के दौरान सराहनीय योगदान देने के लिए सिविल डिफेंस, राधा स्वामी सत्संग, देहरादून, संत निरंकारी मिशन मसूरी, दून व्यापार मण्डल से रवि आनन्द, वाणा फाउण्डेशन से बीर सिंह, रामकृष्ण मिशन सोसायटी देहरादून एवं लिण्डे इंडिया सेलाकुई को भी पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, शासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

कार्मिकों को राज्य की उन्नति और कर्तव्यों के प्रति जागरुक किया

मुख्य सचिव डॉ एस.एस.संधु द्वारा सचिवालय में उच्चस्थ अधीनस्थ कार्मिकों और अन्य नागरिकों की उपस्थिति में ध्वजारोहण करते हुए सभी को 75वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस दौरान देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए मुख्य सचिव ने लोगों से अपील की कि देश के बलिदानियों ने जिस मकसद से आजादी के लिए असहनीय कष्ट सहे-संघर्ष किया हमें उस मकसद को नहीं भूलना चाहिए। शहीदों ने जिस भारत की परिकल्पना की थी हम उसको पूरा करने में कितने सफल हुए, हम कहाँ पहुँचे, आगे क्या कुछ किया जाना है इस पर सभी लोग इस अवसर पर मंथन करें। देश का नागरिक संपूर्ण देश का प्रतिनिधित्व करता है इसलिए हमें ऐसे राष्ट्रीय पर्व को मात्र औपचारिकता के तौर पर ना देखकर देश सेवा अर्थात् अपने नागरिकों के जीवन को ऊँचा उठाने के बारे में सोचना चाहिए।
उन्होंने उदाहरण दिया कि 1947 से पहले प्रत्येक भारतीय नागरिक के पास केवल 2 विकल्प थे, पहला आसान रास्ता जिसमें कुछ लोग अंग्रेजों से मिल गये। उन्होंने उपाधियां पाई, जमीन-जायदाद बनाई तथा बाकि भारतीय नागरिकों को गुलाम बनाने में अंग्रेजों का साथ दिया। लेकिन कुछ ऐसे फ्रीडम फाइटर थे जिन्होंने दूसरा कठिन रास्ता चुना जिनको अंग्रेजों और उनके समर्थक आतंकवादी कहते थे। याद करो अंडमान निकोबार (कालापानी की सजा) की वो सलाखें जहाँ पर अंगेज इन देशभक्तों को अनन्त यातनायें देते थे। रोजाना असंभव टास्क दिया जाता था जिसको पूरा करना संभव ही नहीं होता था तथा पूरा ना कर पाने पर रोंगटे खड़े करने वाला दर्द दिया जाता था। मुख्य सचिव ने कहा कि उन लोगों को क्या पड़ी थी इतना दर्द सहने की, वे भी अन्य चाटूकारों की तरह अंग्रेजों से मिल सकते थे। लेकिन उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए सोचा। कहा कि इनके जीवन से हम क्या सीख पाये।
कहा कि सचिवालय शीर्ष कार्यालय होता है जहाँ देश-प्रदेश की नीतियां बनती है यहाँ पर भी फाइल को डील करते समय 2 विकल्प होते है पहला आसान विकल्प-रूकावट डालने वाला। एक व्यक्ति ने नीचे से टिप्पणी लिख दी और ऊपर के सब उसी अनुसार चलते गये कि ये काम नहीं हो सकता। इस कार्यप्रणाली से फाइलों का बोझ कम होता जरूर दिखता है लेकिन नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने वाला मकसद तो अधूरा रह जाता है। एक दूसरा विकल्प भी होता है कठिन विकल्प जिसमें फाइल को डील करते समय थोड़ा चिन्तन मनन की जरूरत होती हैं। इसमें इस भावना से काम किया जाता है कि यदि प्रस्ताव अच्छा है तो यदि नियम भी आड़े आ रहे है। तो नियमों को परिवर्तित भी कराया जा सकता है। कहा कि आजकल बहुत लोग सोशल मीडिया में तो बहुत देशभक्ति दिखाते हैं किन्तु व्यावहारिक जीवन में वे उस पर खरे नहीं उतरते उसके विपरीत आचरण करते नजर आते हैं। हमें समाधान का हिस्सा बनना है, समस्या का नहीं। कहा कि ऐसा नहीं कि देश में अच्छे लोग नहीं है, देश में बहुत से अच्छे लोग भी हैं जिनके चलते ये देश मजबूती से प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है।
इस दौरान मुख्य सचिव द्वारा सचिवालय में कोविड-19 के दौरान टीकाकरण में उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे कार्मिकों को सम्मानित भी किया गया। इनमें वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ0 विमलेश जोशी, चीफ फार्मासिस्ट एम.पी. रतूड़ी, ए0एन0 एम0 वन्दना रावत, सुनीता सिंह व सुनीता चमोली, एम्बुलेंस चालक पिताम्बर चमोली, सहायक समीक्षा अधिकारी चारूचन्द्र गोस्वामी, कम्प्यूटर सहायक गुमन सिंह व अनूप सिंह नेगी, सुपरवाइजर रतन सिंह रावत, प्रवीण सिंह व भगवती प्रसाद, सफाई कर्मी राधे व अक्षम शामिल थे। इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव ने एथलीट व फिटनेस क्लब के उन सदस्यों को जिन्होंने 15 कि0मी0 दौड़ राष्ट्रीय ध्वज के साथ पूरी की थी उनका आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।
इस दौरान ध्वजारोहण के अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, व आनन्द बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु व एल. फेनई, सहित सभी सचिव, प्रभारी सचिव, उच्चस्थ-अधीनस्थ कार्मिक व अन्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना का सितंबर माह में शुभारंभ

विधानसभा स्थित सभागार में सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत के द्वारा सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में सहकारिता मंत्री ने कहा कि महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना और 670 बहुउद्देश्यी सहकारी समिति का कम्प्यूटराइजेशन सितबंर माह में किया जायेगा। इसका उद्धघाटन केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। उद्धघाटन पौड़ी गढ़वाल या अल्मोडा में से एक स्थान पर किया जायेगा। इस उद्धघाटन कार्यक्रम में 20 हज़ार महिलाएं शामिल होंगी। इन दो योजनाओं की लॉन्चिंग की पूरी तैयारियां करने के निर्देश सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को दिए।
अपर निबंधक आनंद शुक्ला ने बताया कि घसियारी योजना की लॉन्चिंग के लिए 20-20 केजी के 500 बैग बना दिए गए हैं। घसियारी किट बनाये जाने का इन दिनों लगातार काम चल रहा है इसके लिए पहाड़ के 4 जिलों पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा व चंपावत में 50 सेंटर बना दिए हैं। यहां समिति के जरिये महिलाओं को साइलेज घसियारी किट इी जायेगी।

सरकार की यह योजना पहाड़ पर महिलाओं के लिए वरदान सिद्ध होने जा रही है। महिलाओं को घास के लिए जंगल नहीं जाना पड़ेगा। बैठक में अपर निबंधक ईरा उप्रेती ने बताया कि कंप्यूटराइजेशन के लिए पैक्स समितियां में कार्य पूरा हो गया है। 390 समितियां पूरी तरह तैयार है और शेष समितियों का कंप्यूटराइजेशन 10 दिन में पूरा कर लिया जायेगा।

सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना जीरो प्रतिशत ब्याज पर किसानों को ऋण देने के लिए कार्यक्रम हर ब्लॉक मुख्यालय में 15 सितंबर से 30 अक्टूबर तक चलाई जाएगी। महिला समूह को ऋण दिया जायेगा। गौरतलब है कि 5 लाख किसानों को जीरो प्रतिशत पर किसानों को सरकार और सहकारी बैंक ऋण दे चुके हैं।
मंत्री डॉ रावत ने कहा की सरकारी बैंकों की 20 नई शाखाओं का सितंबर में उद्घाटन किया जाएगा और इस माह 20 तारीख को नई एटीएम बैंक का उद्घाटन किया जाएगा। गौरतलब है कि कोऑपरेटिव बैंक की एटीएम वैन कोविड-19 में मददगार हुई थी।

बैठक में सहकारिता सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, निबंधक सहकारिता समितियां आनंद स्वरूप, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, अपर निबंधक आनंद शुक्ला, उपनिबंधक नीरज बेलवाल, उप निबंधक एमपी त्रिपाठी, उप निबन्धक मान सिंह सैनी, बैंक के महाप्रबंधक देहरादून वंदना श्रीवास्तव, अपर जिला निबंधक देहरादून राजेश चौहान सहित अपर जिला निबंधक टिहरी सुभाष गहतोडी आदि जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।

आरआईएमसी में सैनिक परिवारों का सम्मान समारोह आयोजित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आर.आई.एम.सी ऑडिटोरियम, देहरादून में भारतीय सेना के वीरता पुरस्कार सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न पदक प्राप्तकर्ता सैनिकों, सेवा निवृत्त सैनिकों एवं वीरांगनाओं को सम्मानित किया। जिन 47 लोगों को सम्मानित किया गया उनमें 21 सेवारत सैनिक, 20 सेवानिवृत्त सैनिक एवं 6 वीरांगनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युद्ध में वीरगति को प्राप्त होने वाले सेना एवं अर्द्धसैन्य बलों के जवानों के एक आश्रित को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी जा रही है। अभी तक 17 सैनिक आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी गई है। उत्तराखण्ड एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां वीरता पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों को एकमुश्त वार्षिक राशि का जीवन पर्यन्त भुगतान किया जाता है। विशिष्ट सेवा पदक पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों की एकमुश्त राशि बढ़ाई गई है। द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिक एवं युद्ध विधवाओं को प्रतिमाह दिये जाने वाले अनुदान को 8 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया गया है। पूर्व सैनिक, सैनिक विधवाओं एवं उनके आश्रितों को स्वरोजगार से जोड़ने एवं स्वावलंबी बनाने के लिए 6 माह तक का कम्प्यूटर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण सभी जिलों में दिया जा रहा है। एनडीए और सीडीएस प्री परीक्षा पास करने वालों को आगे की तैयारी के लिए 50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड में पांचवें धाम सैन्यधाम की पहल की। देहरादून में भव्य सैन्यधाम बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंट क्षेत्र में रहने वाले सैनिकों को प्रदेश के अन्य स्थानों की भांति हाउस टैक्स में छूट दी जायेगी।

वीर सैनिकों एवं वीरांगनाओं को सम्मानित करते हुए स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं-सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज अपने वीर सैनिकों एवं वीरांगनाओं को सम्मानित करते हुए स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने देश की एकता एवं अखण्डता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी सैनिको को नमन करते हुए कहा कि हमारे वीर सैनिकों के कारण आज सभी सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी मुझे सेना के कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिलता है, तो मुझे अपना बचपन याद आता है। एक सैनिक पुत्र होने के नाते मेरे लिए यह भावुकता का क्षण है। सैनिक की वीरता के साथ ही मैंने उनके परिजनों के संघर्षमय जीवन को निकटता से देखा है। एक सैनिक के जीवन में बहुत संघर्ष होने के बावजूद भी वह दृढ़तापूर्वक अपना कार्य करता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सेना ने हमेशा अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय दिया है। हमारी सेना के शौर्य एवं पराक्रम का इतिहास है। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। उत्तराखण्ड से प्रत्येक परिवार सैनिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। उत्तराखण्ड के सैनिकों एवं सैन्य परिवारों द्वारा दिये गये योगदान को शब्दों से बयां करना मुश्किल है।

प्रधानमंत्री ने हमेशा सैनिकों का मनोबल बढ़ाया है
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा सेना का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। होली, दीपावली और कोई विशिष्ट दिन हो तो सेना के बीच में जाकर उनके साथ मनाते हैं। उनके नेतृत्व में सेना के मनोबल बढ़ाने का कार्य हो रहा है। एक देश का असली नायक सैनिक होता है। जो अपने प्राणों की परवाह किये बिना, हमेशा मातृभूमि की रक्षा के लिए तैयार रहता है। हमें अपनी भारतीय सेना पर गर्व है, जिनकी वजह से देश सुरक्षित है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सम्मानित होने वाले सभी सैनिकों एवं वीरांगनाओं को बधाई देते हुए कहा कि हमारे सैनिकों की वजह से ही हम चौन की नींद सो रहे हैं। सैनिकों के सम्मान में प्रदेश में सितम्बर में सैनिक सम्मान यात्रा निकाली जायेगी। सैन्यधाम में राज्य के प्रत्येक शहीद सैनिक के आंगन की मिट्टी लाई जायेगी। सैनिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
इस अवसर पर कमांडेंट आईएमए लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह, जेओसी सब एरिया मेजर जनरल संजीव खत्री, सेना के वरिष्ठ अधिकारी एवं सम्मानित होने वाले सैनिक, पूर्व सैनिक एवं वीरांगनाएं उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्र सेवा का संकल्प लेने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को 75 वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है। उन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सैन्य व अर्धसैन्य बलों के शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह महान स्वतंत्रता सेनानियों और हमारे वीर जवानों के त्याग एवं बलिदान का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों और आंदोलनकारियों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

न्यू इंडिया का संकल्प होगा पूरा
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने न्यू इंडिया के निर्माण का जो संकल्प लिया है, उसे सिद्ध करने के लिये हम सभी 130 करोड़ भारतवासियों को अपना हाथ बढ़ाना होगा, तभी स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव का उद्देश्य पूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के इस मुश्किल दौर में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने एक सफल लड़ाई लड़ी है। दुनिया का सबसे बड़ा निःशुल्क वैक्सीनेशन अभियान हमारे देश मे चल रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की समस्त जनता की ओर से माननीय प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दिया।

सैनिकों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड, वीर भूमि भी है, जिसे प्रधानमंत्री ने सैन्य धाम की संज्ञा भी दी है। हमने शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी देने का प्राविधान किया है। विशिष्ट सेवा पदक से अलंकृत सैनिकों को अनुमन्य राशि में कई गुना बढ़ोत्तरी की गई है। उत्तराखंड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगनाओं एवं पूर्व सैनिकों को प्रतिमाह दी जाने वाली पेंशन को 8 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने का भी निर्णय लिया गया है।

युवा शक्ति से होगा प्रदेश का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन सुनिश्चित करने के लिये संकल्पबद्ध है। ई-कैबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम डैशबोर्ड उत्कर्ष, सीएम हेल्पलाइन 1905, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था के चलते कार्य संस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों में लगभग 22 से 24 हजार रिक्त पदों और बैकलॉग की रिक्तियों पर भर्ती करने का निर्णय लिया है। सिर्फ सरकारी नौकरी ही नहीं हम युवाओं को स्वरोजगार के लिये भी प्रेरित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार नैनो उद्यम योजना भी प्रारम्भ की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों का वेतन 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रूपए करने का निर्णय लिया है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इन्टर्न के स्टाईपेंड को 7500 रूपए से बढ़ाकर 17 हजार रूपए प्रतिमाह किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग, पी.सी.एस., एन.डी.ए., सी. डी. एस और उसके समकक्ष प्रतियोगी परीक्षाओं में लिखित परीक्षा पास करने पर परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिये 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जायेगी।

अगले चार माह में शत प्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आम जन के सहयोग से कोविड का सामना करने के लिये मजबूत और प्रभावशाली कदम भी उठाये हैं। कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई हैं। सभी जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन, आई.सी.यू., वेंटिलेटर, जरूरी दवाइयों के साथ ही बच्चों के अलग से वार्ड की व्यवस्था की गई है। सबको मुफ्त कोविड वैक्सीनेशन अभियान में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अगले 4 माह में प्रदेश में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन कर दिया जाएगा।

कोविड से राहत के लिए उठाए कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कोविड से प्रभावित लोगों को जितना सम्भव हो सकता है, राहत पहुंचाने की कोशिश की है। प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन एवं परिवहन के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़ रूपये का पैकेज दे रहे हैं। इससे लगभग 1 लाख 64 हजार लोग लाभान्वित होंगे। स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहन देने और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने के लिये 205 करोड़ रूपये का पैकेज दे रहे हैं। कोविड प्रभाव को देखते हुए लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत एवं लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर समूह-ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की छूट दी गई है।

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार कृतसंकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के किसानों की आय को दोगुना करने का संकल्प लिया है। उत्तराखण्ड इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने पर सरकार कार्य कर रही है। प्रदेश में लगभग 650 खाद्य प्रसंस्करण केन्द्र हैं, जिनकी संख्या को बढ़ाने पर भी कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से अब तक प्रदेश के लगभग 9 लाख किसानों को लाभान्वित किया गया है। दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता योजना के अन्तर्गत किसानों को 3 लाख रुपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है।

होम स्टे से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा और पिरूल ऊर्जा नीति, ग्रामीण युवाओं की आजीविका में सहायक हो रही है। होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। ट्रैकिंग मार्गों पर भी होम स्टे को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसकी अलग से विंग बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में राज्य के सुधारों की सराहना करते हुए भारत सरकार द्वारा 702 करोड़ की अतिरिक्त ऋण सुविधा प्रदान की गई है। एम.एस.एम.ई के केंद्र में पर्वतीय क्षेत्रों को रखा है। सीमांत तहसीलों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की है। सभी न्याय पंचायतों में क्लस्टर आधारित एप्रोच पर ग्रोथ सेंटर बनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के ’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना की शुरूआत की है। इसके तहत प्रथम दो बालिकाओं के जन्म पर माता और नवजात कन्या शिशु को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत राज्य के लगभग 63 लाख लोगों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो राशन मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में हमारी सरकार ने विकास के हर फ्रंट पर उल्लेखनीय कार्य किये हैं। सतत् विकास लक्ष्य सूचकांक में वर्ष 2018 में हम 10वें स्थान पर थे और आज हमारा स्थान तीसरा हो गया है। ऊर्जा और कानून व्यवस्था संबंधी इंडेक्स में हमारा राज्य प्रथम स्थान पर है।

अटल आयुष्मान योजना से सभी परिवार आच्छादित
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आयुष्मान योजना में राज्य के सभी परिवारों को 5 लाख रुपए वार्षिक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने वाला उत्तराखण्ड, देश का पहला राज्य है। देशभर के 22 हजार से अधिक अस्पताल इसमें सूचीबद्ध हैं।

केंद्र का मिल रहा भरपूर सहयोग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकास की इस यात्रा में केन्द्र सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न के परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं। 125 किमी लम्बी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और 889 किलोमीटर की ऑल वेदर रोड परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। बीआरओ द्वारा पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी आदि सीमांत जनपदों में सड़कों और पुलों का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में नये राष्ट्रीय राजमार्गों के लिये 1 हजार करोड़ और केन्द्रीय सड़क निधि के अन्तर्गत लगभग 915 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। वह समय दूर नहीं जब दिल्ली से देहरादून केवल 2 घंटे में आ सकेंगे। हरिद्वार-देहरादून का सफर अब केवल 45 मिनिट में पूरा किया जा रहा है। देहरादून से टिहरी झील के लिए 2 लेन टनल और पीलीभीत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए भी केंद्र से सहमति मिली है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। ऊधमसिंह नगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है, जहां उड़ान योजना में हेली सर्विस शुरू की गई है।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण करते हुए इसे पहले से भी अधिक भव्यता प्रदान की गई है। बद्रीनाथ धाम के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके अतिरिक्त भारतमाला परियोजना, भारत नेट फेज-2, जमरानी बहुद्देशीय परियोजना, नमामि गंगे, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट जैसी कई परियोजनाएं उत्तराखण्ड के विकास में अपना योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-रामनगर कॉर्बेट इको ट्रेन चलाने की भारत सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दी है। टनकपुर बागेश्वर के ब्रॉडगेज सर्वे और डोईवाला से गंगोत्री यमुनोत्री के रेल लाइन के सर्वे की भारत सरकार द्वारा सहमति दी गई है। हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।
पिछले 4 वर्षों में केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में अनेक उच्च स्तरीय संस्थाओं की स्थापना हुई है। इनमें ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर, सीपेट, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन नेचुरल फाइबर, साइंस सिटी आदि शामिल हैं।

नई खेल नीति बनेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटी वंदना कटारिया ने महिला हॉकी टीम में शानदार प्रदर्शन करते हुए हम सभी का सर गर्व से ऊंचा किया है। इससे उत्साहित होकर हमने प्रदेश में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिये नई खेल नीति लाने का निर्णय लिया है। देहरादून में खेलो इण्डिया स्टेट लेवल सेंटर और स्पोर्ट्स साइंस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों में न्यूनतम एक सेंटर स्थापित किया जायेगा ।

कोविड काल में निराश्रित बच्चों को मिला वात्सल्य योजना का सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल में प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को वात्सल्य योजना का सहारा दिया है। ऐसे बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक 3000 रुपये प्रति माह दिये जायेंगे। राज्य सरकार इन बच्चों का एक अभिभावक की तरह पूरा संरक्षण करेगी।

राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र सेवा का संकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह संकल्प लेने का अनुरोध किया कि राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र सेवा के लक्ष्य में अपना शत-प्रतिशत योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

पीडब्ल्यूडी कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग, एन.एच.ए.आई, एन.एच.आई.डी.सी.एल एवं बी.आर.ओ के कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी कार्य निर्धारित समयावधि के अन्दर पूर्ण किये जाये। कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय। लोक निर्माण विभाग द्वारा जल्द ही सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए। वर्षाकाल पूर्ण होते ही 15 सितम्बर से यह कार्य अभियान के रूप में किये जाए। जिन स्थानों पर स्मार्ट सिटी एवं लोक निर्माण विभाग के कार्य साथ-साथ चल रहे, ऐसे स्थानों के लिए प्रोपर प्लान तैयार किये जाय। रोप वे कनेक्टिविटी नेटवर्क बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग में रोप वे डिविजन का गठन किया जाय। सचिव लोक निर्माण विभाग एवं सचिव स्मार्ट सिटी इस संबध में संबधित अधिकारियों की शीघ्र बैठक लें। गाड़ियों की पार्किंग हेतु टनल पार्किंग के लिए पायलट बेस पर एक स्थान चिन्हित किया जाए।

सड़क कनेक्टिविटी में केन्द्र से मिल रहा है राज्य को पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क कनेक्टिविटी को बढ़ाने में केन्द्र सरकार से राज्य सरकार को काफी सहयोग मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार भी व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑल वेदर रोड, एन.एच.ए.आई. एवं भारतमाला जैसी परियोजनाओं से राज्य में सड़क कनेक्टिविटी को काफी मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि एन.एच के तहत सड़को एवं पुलों के लिए, रोपवे और टनल के लिए और प्रपोजल बनाये जाय। जल्द ही सभी प्रपोजल केन्द्र सरकार के समक्ष रखे जायेंगे।

देहरादून एवं हल्द्वानी रिंग रोड की कार्यवाही में तेजी लाई जाय
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून एवं हल्द्वानी रिंग रोड की कार्यवाही में तेजी लाई जाय। देहरादून रिंग रोड 114.9 किमी एवं हल्द्वानी में 50.43 किमी रोड बनाई जानी प्रस्तावित है। जसपुर बाई पास एवं भवाली बाईपास का कार्य सितम्बर 2021 तक एन.एच.ए.आई को पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं। चारधाम परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं भारतमाला परियोजना के तहत किये जा रहे कार्यों में सभी कार्यदायी संस्थाओं द्वारा तेजी लाई जाय।

सी.आर.आई.एफ के तहत पिछले चार वर्षों 1124 करोड़ रूपये की स्वीकृतियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय सड़क अवस्थापना निधि के तहत स्वीकृत कार्यों में भी तेजी लाई जाय। सी.आर.आई.एफ के तहत राज्य स्थापना से मार्च 2017 तक 615 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत हुए,जबकि पिछले चार वर्षों 1124 करोड़ रूपये की स्वीकृतियां प्रदान हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की सीएम घोषणाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाय।

सड़क परियोजना के तहत हो रहे कार्यों का ड्रोन सर्वे भी किया जाय- मुख्य सचिव
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु ने कहा कि विभिन्न सड़क परियोजनाओं के तहत जो भी कार्य हो रहे हैं, उन सबका ड्रोन सर्वे भी किया जाय। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना लोगों तक हो, इसके लिए प्लेटफॉर्म विकसित किया जाय। इसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जाय। सभी कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग हरि ओम शर्मा, रिजनल ऑफिसर एन.एच.ए.आई सी.के. सिन्हा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का प्रचार और लोगों को जागरुक करेगी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिये कि कोविड-19 के दृष्टिगत आम जन को राहत दिये जाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’’ के प्रति लोगों जागरूक किया जाय। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अन्त्योदय एवं प्राथमिक परिवार के राशनकार्ड धारकों को मई से नवम्बर 2021 तक 5 किग्रा निःशुल्क खाद्यान निःशुल्क वितरित किया जा रहा है।
अन्नोत्सव कार्यक्रम के अन्तर्गत लाभार्थियों को राज्य के सभी 9230 सरकारी राशन की दुकानों में खाद्यान्न का वितरण किया जायेगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा लाभार्थियों के साथ ऑनलाईन संवाद भी किया जायेगा।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु ने कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के साथ सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, संस्कृति विभाग, आईटीडीए तथा एनआईसी की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाय।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव शैलेष बगोली, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति भूपाल सिंह मनराल, अपर सचिव प्रताप सिंह शाह, अपर आयुक्त पी.एस. पांगती, संयुक्त आयुक्त डॉ. एम एस विसेन उपस्थित थे।

सरकार का प्रयास, उद्योगो को अच्छी सुविधाएं मिले-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय सभागार में उत्तराखण्ड में औद्योगिक विकास योजना-2017 के स्वीकृत 23 दावों के लाभार्थियों को 35 करोड़ का उपादान वितरित किया। औद्योगिक विकास योजना भारत सरकार के उद्योग संवर्द्धन एवं आन्तरिक व्यापार विभाग द्वारा उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश के लिये 1 अप्रैल, 2017 से 31 मार्च, 2022 की अवधि तक लागू की गई है। इस योजना में प्लाण्ट एवं मशीनरी में किये कुल पूंजी निवेश के 30 प्रतिशत अधिकतम रू0 05 करोड़ तक का उपादान भारत सरकार से देय है। इसी प्रकार 5 वर्षों हेतु इकाईयों के प्लाण्ट एवं मशीनरी के इनस्योरेंस प्रीमियम की शतप्रतिशत प्रतिपूर्ति भी देय है।

योजना में पंजीकृत 725 इकाईयों में कुल पूंजी निवेश रू० 8000 करोड़ और 60,000 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा
इस योजना में दिनांक 13-08-2021 तक 725 इकाईयों द्वारा पंजीकरण किया गया है, जिसमें कुल पूंजी निवेश रू० 8000 करोड़ तथा इससे लगभग 60,000 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। इनमें 355 नई इकाईया स्थापित होंगी, जबकि 370 इकाईयों द्वारा अपने विद्यमान क्षमता में विस्तारीकरण किया जा रहा है। इन इकाइयों में 629 इकाईयां विनिर्माण क्षेत्र में जबकि 96 इकाईया सेवा में स्थापित हो रही है।

उद्योगों को बेहतर माहौल देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध-मुख्यमंत्री
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मिशन आत्म निर्भर भारत को सफल बनाने के लिये उद्योगों को बेहतर वातावरण एवं सहूलियते दिये जाने का यह प्रयास है। उन्होंने कहा कि विकास के लिये पूंजी निवेश जरूरी है। उद्योगों का संवर्धन एवं संरक्षण हमारा उद्देश्य है। उन्होंने उद्यमियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है। सरकार सबकी साझेदार के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा उत्तराखण्ड को दिये गये औद्योगिक पैकेज के कारण प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की बड़ी संख्या में स्थापना हुई, आगे भी प्रदेश में देश विदेश के उद्यमी आये इसके लिये अनुकूल वातावरण का सृजन किया गया है। बाहर से आने वाले उद्यमियों को प्रदेश में आने के लिये यहां के उद्यमियों को आगे आना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिये गये हैं। वे स्वयं भी विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों एवं संगठनों से वार्ता करेंगे। कोरोना महामारी का वैश्विक प्रभाव सभी क्षेत्रों में पड़ा है हम सब आपसी समन्वय एवं सहयोग से इस चुनौती का सामना करने में सफल होंगे, इसकी उन्होंने उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा कि उद्योग व्यापार से सम्बन्धित जितनी भी नीतियां प्रदेश में बनायी गयी हैं उन्हें और सुगम एवं लचीला बनाया जायेगा ताकि उद्यमियों एवं व्यापारियों को बेहतर सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्थनीति अच्छी होगी तो देश प्रदेश का बेहतर विकास होगा। राज्य में अवस्थापना सुविधाओं के विकास सड़कों के निर्माण से सुविधायें बढ़ेंगी तथा उद्यमियों को सुविधा होगी।

केन्द्र के सहयोग से प्रदेश में कनेक्टीवीटी का विस्तार हुआ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन मिलता रहता है। जनपद उधम सिंह नगर एवं हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों के सुविधा के लिये अनेक बाईपास सड़कों का निर्माण के लिये केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने 32 हजार करोड़ की धनराशि प्रदान करने की सहमति प्रदान की है। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे के तहत बनने वाले एलिवेटेड रोड के लिये 12 हजार करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। रेल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। हमारा उदेश्य उद्यमियों के साथ ही राज्यवासियों को बेहतर सुविधाये प्रदान करना अच्छे वातावरण से ही विकास की राह प्रशस्त होगी। उन्होंने सभी से इनमें सहयोगी बनने की अपेक्षा भी की है।
इस अवसर पर महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल, उपनिदेशक अनुपम द्विवेदी, औद्योगिक संगठनों से पंकज गुप्ता, विश्वास डाबर, हरेन्द्र गर्ग, महेश शर्मा सहित उपादान प्राप्त करने वाले 23 उद्योगों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

कोरोना से बचाव में सहयोग करने वाली संस्थाओं का सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक कार्यक्रम में शहीद सैनिकों के परिजनों तथा कोरोना से बचाव में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। शहीद सैनिकों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने वीर सैनिकों की शहादत पर नाज है। शहीद परिवारों की सहायता के लिये राज्य सरकार उनके साथ है। मुख्यमंत्री ने कोरोना के काल में सराहनीय कार्य एवं सहयोग करने वाली संस्थाओं आदि के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से हम इस महामारी को रोकने में सफल हो पाये हैं। राज्य के समग्र विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन, सबका साथ सबका विकास एवं सबका विश्वास की भावना के साथ हम राज्य के विकास के लिये प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव होने के कारण राज्य का हर क्षेत्र में विकास हुआ है।

युवा रोजगार देने वाले बने
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा रोजगार देने वाले बने इसके लिये कारगर योजना बनायी गई है। सरकारी क्षेत्र में सेवा के अवसर सीमित है इसलिये रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी आरम्भ करने के साथ ही स्वरोजगार योजना को प्रभावी बनाया जा रहा है। प्रदेश में रेल, सड़क व हवाई सेवा को व्यापक विस्तार दिया जा रहा है। पर्यटन हमारी आर्थिकी का आधार है इस दिशा में भी पहल की गई है। प्रदेश में और अधिक उद्यौगों की स्थापना हो इसके लिये नीतियों को अनुकूल बनाया जा रहा है। पलायन रोकने की दिशा में भी प्रभावी योजना बनायी जा रही है। पर्यटन व्यवसायियों एवं कोरोना के बचाव में लगे लोगों की मदद के लिये आर्थिक पैकेज स्वीकृत कर मदद की जा रही है। केन्द्र एवं राज्य की योजनाये शीघ्र धरातल पर दिखाई दे इसके लिये कारगर व्यवस्था की गई है।

हमारा एजेण्डा राज्य का समग्र विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा एजेण्डा विकास है। जन सेवा का हमारा भाव है हम बोलने में कम काम ज्यादा करने में विश्वास करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के विकास के लिये केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे के लिये डाटकाली से आगे एलिवेटेड रोड़ के लिये 12 हजार करोड़ की स्वीकृति के साथ ही राज्य की अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के लिये लगभग 50 हजार करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के हित में कोरोना के कारण पिछले एक वर्ष के दौरान प्रतियोगिता परीक्षा अधिकतम आयु पूरी करने वालों को आयु में एक वर्ष की छूट प्रदान की जाने की व्यवस्था की है। लोक सेवा आयोग, संघ लोक सेवा आयोग, एन.डी.ए, सीडीएस आदि प्रतियोगिता की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले युवाओं को मेन परीक्षा की तैयारी के लिये 50 हजार की धनराशि प्रदान किये जाने का निर्णय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के पदचिन्हों पर चलते हुए प्रदेश में जीरो पेंडेंसी पर ध्यान देते हुए शासन से लेकर जिलों तक सुशासन पर ध्यान दिया गया है। जिलों के कार्य जिलों में ही हों तथा जिलों के कार्य अनावश्यक रूप से शासन को सन्दर्भित न किया जाये, इसके सख्त निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड के कारण किसी के भी हक हकूक बाधित न हो, इसके लिये उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य मन्दिरों पर अधिकार करना नही बल्कि वहां पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिन शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया उनमें मेजर चित्रेश बिष्ट, नीरज थापा, संदीप रावत, अनिल सेठी आदि के परिजन शामिल थे।