सत्र के लिए विधायकों को भी आरटीपीसीआर कोविड जांच कराना अनिवार्य

23 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा मानसून सत्र में कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। सत्र के लिए विधायकों को भी आरटीपीसीआर कोविड जांच कराना अनिवार्य होगी। जांच की नेगेटिव रिपोर्ट विधानसभा को देनी होगी। इसके साथ सत्र में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए कोविड जांच कराना अनिवार्य होगा। कोविड वैक्सीन की दो डोज लगाने वाले विधायकों को कोविड जांच में छूट देने पर विचार किया जा रहा है।

शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विधानसभा सचिवालय और पुलिस विभाग के अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाकचौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सत्र के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को भी जल्द पूरा करने को कहा।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कोविड महामारी को देखते हुए पूर्व की भांति सत्र के दौरान व्यवस्था की जाएगी। प्रवेश द्वार पर सभी आगंतुकों का थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को सत्र के दौरान आवश्यक चिकित्सा दल, दवाइयों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। सत्र के दौरान मुख्य द्वार से ही सदन तक सभी को सैनिटाइज करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 23 अगस्त से शुरू हो रहे सत्र में पांच दिन का कार्यक्रम तय हुआ है।

बैठक में मुख्य सचिव एसएस संधू, अपर मुख्य सचिव (गृह) आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, गढ़वाल मंडल के आयुक्त रविनाथ रमन, स्वास्थ्य के सचिव अमित नेगी, आईजी लॉ एंड ऑर्डर वी. मुरुगेशन, आईजी संजय गुंज्याल, सचिव एसए मुरुगेशन, डीआइजी गढ़वाल नीरू गर्ग, जिलाधिकारी आर. राजेश कुमार, सीएमओ देहरादून मनोज उप्रेती, सचिव विनोद कुमार सुमन, एसएसपी योगेंद्र सिंह रावत, विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल आदि मौजूद थे।

किसी को प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा
कोविड महामारी के कारण मानसून सत्र के दौरान दर्शक व अधिकारी दीर्घा में किसी व्यक्ति को प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा। सत्र के दौरान गैर सरकारी व्यक्तियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। मीडिया कर्मियों को सीमित मात्रा में ही सूचना विभाग के माध्यम जारी की जाने वाली सूची के अनुसार ही सत्र के लिए पास आवंटित किए जाने पर विचार किया जा रहा है।

विधायकों के सहयोगी व सुरक्षा कर्मियों को परिसर में आने की अनुमति नहीं होगी। सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता सदन, नेेता प्रतिपक्ष और मंत्रियों के वाहन को प्रवेश की अनुमति होगी। पूर्व विधायकों से भी परिसर में आने से बचने का अनुरोध किया गया है।

सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सीटिंग प्लान
सदन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के विधायकों के बैठने के लिए सीटिंग प्लान रहेगा। कुछ विधायकों को मंडप में बैठने की व्यवस्था की जाएगी। जबकि कुछ विधायकों को 107 कक्ष में बैठने की व्यवस्था रहेगी। 107 कक्ष से विधायक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे।

प्रीतम का आरोप- भाजपा सरकार ने किया मातृशक्ति का अपमान

उत्तराखंड में तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित महिलाओं के पुरस्कार लौटाने व आशा कार्यकर्ताओं के अपनी मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन से सियासत गर्माई हुई है। सत्ता पर काबिज भाजपा जहां रूठों को मनाने में लगी हुई है, वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने मातृ शक्ति के अपमान का मुद्दा बनाकर सरकार पर हमला शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ सरकार महिलाओं के उत्थान की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उनका रोजगार छीना जा रहा है।

प्रीतम सिंह ने सरकार के टेक होम राशन के लिए ई-निविदा के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस इस ठेका प्रथा का विरोध करती है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं में इस फैसले को लेकर आक्रोश है हम उनके साथ खडे हैं। हमारी दो बहनों ने तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित गीता मौर्य और स्यामा देवी ने सम्मान लौटाए जाने की बात कही है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे मातृ शक्ति का अपमान बताया है। प्रीतम सिंह ने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार उत्कृष्ट स्वयं सहायता समूह शक्ति के लिए महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित कर रही है। वहीं दूसरी तरफ टेक होम राशन को निजी फायदे के लिए ठेके प्रथा पर दे रही है। महिला सम्मान की बात करने वाली भाजपा सरकार का दोहरा चरित्र खुद ही सामने आ गया है। प्रीतम ने कहा मुख्यमंत्री ने महिलाओं के समूहों को निविदा प्रक्रिया रद्द किए जाने का आश्वासन दिया था लेकिन यह झूठ साबित हुआ है। कांग्रेस पार्टी टेक होम राशन के लिए इस ई-निविदा प्रक्रिया समाप्त कर पूर्व की व्यवस्था बने रहने की मांग करती है।

वहीं आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन पर प्रीतम सिंह ने कहा आगामी विधानसभा सत्र में आशाओं के मुद्दे को सदन में जोर शोर से उठाएंगे। कांग्रेस पार्टी का पूरा समर्थन आशाओं के साथ है। सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा सरकार आशाओं से बहुत सारे काम ले रही है, लेकिन तीन साल से केंद्र व राज्य सरकार ने उनके मासिक मानदेय में जरा सी भी बढ़ोतरी नहीं की है। 10 हजार रुपये सम्मान राशि देने की घोषणा की थी, पर इस पर भी अभी तक अमल नहीं किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारियों की भांति समस्त सुविधा व मानदेय देने की मांग राज्य सरकार से की है। उन्होंने कहा आशाओं की अन्य मांगों स्वास्थ्य बीमा की परिधि में लाने, कार्य के दौरान मृत्यु होने पर आशा के परिवार को 50 लाख का बीमा और बीमार होने पर 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा, कोरोना काल में घर-घर जाकर अपनी जान जोखिम में डाल रहीं आशा कर्यकर्ता को सुरक्षा उपकरण और फ्रंटलाइन वर्कर की भांति सम्मान व मानदेय की मांगों को मानने के साथ 45 व 46 वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को राज्य सरकार को गंभीरता से विचार कर जल्द से जल्द लागू करना चाहिए।

खटीमा को पीलीभीत के राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की शुरु हुई कवायद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी ने पीलीभीत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए आश्वस्त किया है। केन्द्रीय मंत्री से अपनी मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने इसका अनुरोध किया था। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के अनुरोध को स्वीकार करते अपने मंत्रालय के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
यह प्रस्तावित राष्ट्रीय राज मार्ग उत्तराखण्ड राज्य के जनपद उधमसिंह नगर में स्थित खटीमा नगर से उत्तर प्रदेश राज्य के पीलीभीत जनपद तक बनाया जायेगा जो राष्ट्रीय राज मार्ग-74 से पीलीभीत में मिलेगा जिसकी लम्बाई लगभग 38 कि०मी० होगी, जिसका 13 कि०मी० प्रभाग उत्तराखण्ड प्रदेश एवं 25 कि०मी० प्रभाग उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है।
यह राष्ट्रीय राज मार्ग सितारगंज-टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या 125 (नया राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या 9) से खटीमा में जुड़ेगा।
खटीमा नगर से पीलीभीत की ओर राज्य मार्ग संख्या 4 दो लेन कैरिज – वे (7.00 मी0) में 13 कि०मी० लम्बाई तक पूर्व से ही निर्मित है, उसके उपरान्त मार्ग की 25 कि०मी० लम्बाई उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है जो पीलीभीत तक जाता है जिसका कैरिज वे भी दो लेन (7 मी0) है। इस राष्ट्रीय राज मार्ग के बन जाने से जनपद उधमसिंह नगर का सीमान्त क्षेत्र खटीमा, एवं जनपद चम्पावत का टनकपुर क्षेत्र एवं पिथौरागढ़ जनपद के सीमान्त क्षेत्र राष्ट्रीय मुख्य धारा से जुड़ पायेंगे। पर्यटन की दृष्टि से जनपद चम्पावत में स्थित विश्व प्रसिद्ध मॉ पूर्णागिरी धाम एवं जनपद पिथौरागढ़ होते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा हेतु भी देशवासियों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी, तथा इस क्षेत्र का आर्थिक, शैक्षिक, सामाजिक उन्नयन तीव्र गति से होगा।
इस क्षेत्र में रुद्रपुर से सितारगंज पीलीभीत, सितारगंज से खटीमा-टनकपुर पिथौरागढ़ पूर्व से ही राष्ट्रीय राज मार्ग घोषित हैं। पीलीभीत से खटीमा तक 38 कि०मी० लम्बाई में राज्य मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में घोषित हो जाने के फलस्वरूप इस क्षेत्र के समस्त मुख्य मार्ग राष्ट्रीय राजमार्गों की श्रेणी में आ जायेंगे।

नरेन्द्र सिंह नेगी के जीवन चरित्र पर आधारित पुस्तक ‘‘सृजन से साक्षात्कार’’ का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रसिद्ध लोक गायक एवं गीतकार नरेन्द्र सिंह नेगी के जीवन दर्शन कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर आधारित पुस्तक ‘‘सृजन से साक्षात्कार’’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी, मोहन उप्रेती, गिरीश तिवारी गिरदा, हीरा सिंह राणा, शमशेर सिंह, जीत सिंह नेगी, चन्द्र सिंह राही सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख लोक संस्कृति के रचनाकारों, लोक गायकों के जीवन परिचय एवं रचनाओं का अभिलेखीकरण कर पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जायेगा। यह कार्य सूचना विभाग अथवा संस्कृति विभाग द्वारा किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि नरेन्द्र सिंह नेगी को पद्म पुरस्कार से सम्मानित करने के लिये राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को अपनी संस्तुति प्रेषित की जायेगी। नरेन्द्र सिंह नेगी को उनके 73वें जन्मदिन की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध लोक संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों को अपने गीतों एवं संगीत के माध्यम से देश व दुनिया तक पहुंचाने का कार्य नेगी जी ने किया है। वे वास्तव में समाज के सफल नायक के रूप में रहे हैं। उनके गीत राज्य वासियों को अपनी परम्पराओं से जोड़ने में मददगार रहे हैं। नेगी जी ने गढ़वाल कुमाऊं, जौनसार क्षेत्र ही नहीं पूरे उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य किया है। उत्तराखण्ड की पहचान बनायी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नेगी जी अपनी विशिष्ट रचना धर्मिता से समाज को और बेहतर दिशा देने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि नेगी जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सही को सही और गलत को गलत बताने का भी संदेश दिया। ऐसे प्रयासों की समाज को जरूरत भी रहती है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी लोक संस्कृति को बढ़ावा देने में नरेन्द्र सिंह नेगी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दून विश्वविद्यालय में 25 करोड़ लागत से हिमालयन शोध संस्थान की स्थापना के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में अनेक पहल की गई है।
लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने का उनका प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका सदैव प्रयास रहा कि प्रदेश के बाहर नहीं अपने प्रदेश में रहकर अपने लोगों की दुस्वारियों एवं पीड़ा को समाज के सामने ला सकूं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे अपने गीतों के माध्यम से समाज की सेवा करते रहेंगे। मौके पर डॉ योगेश धस्माना, डॉ. नंद किशोर हटवाल, गणेश खुगसाल गणी, संजय दरमोड़ा ने भी नेगी के कृतित्व एवं व्यक्तिव पर प्रकाश डाला तथा उन्हें शुभकामनायें दी।
इस अवसर पर दिनेश शास्त्री, विपिन बलूनी, रामचरण जुयाल, ओ.पी बेंजवाल, मनोज इष्टवाल, कीर्ति नवानी के साथ ही बड़ी संख्या में संस्कृति व सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोग उपस्थित थे।

युवा चेहरे के साथ भाजपा को मिलेगी और ज्यादा विधानसभा सीटें

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा 20-21 अगस्त को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। यंहा नड्डा देहरादून व हरिद्वार जनपद के पार्टी द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। जिनमें देहरादून के रायवाला में में सैनिकों के सम्मान व उनसे संवाद एवं हरिद्वार में संतों का आशीर्वाद कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने उक्त जानकारी काशीपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चुनावों को दृष्टिगत रखते हुए 70 पूर्णकालिक विस्तारकों का प्रशिक्षण वर्ग काशीपुर में किया जा रहा है जिसमें राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बी० एल० संतोष राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने 20 और 21 अगस्त को हरिद्वार व देहरादून में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि इस दौरान नड्डा प्रदेश पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात के साथ-साथ सैनिक संवाद और संतो का आशीर्वाद कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगें।

कौशिक ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए भाजपा पूरे प्रदेश में 25,000 स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैयार कर रही है जिनका प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण हो चुका है तथा अतिशीघ्र जिला और मंडल स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम किया जाएगा। साथ ही कहा रामनगर में हुए चिंतन शिविर में पार्टी ने अगामी कार्यकर्ताओं की रूपरेखा तैयार की है जिसके तहत 2365 शक्तिकेन्द्रों में कार्यक्रम आरम्भ हो चुके है।

कौशिक ने कहा कि बूथ समिति भाजपा की ताकत रही है और यही उसकी जीत का आधार है। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन द्वारा 11,235 बूथ समितियों का गठन किया जा चुका है और उनके सत्यापन का कार्य चल रहा है। भाजपा में बूथ समितियां पूरे 5 वर्ष कार्य करती है। बूथ समितियों के माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान होता है और संवाद बना रहता है। जबकि अन्य विपक्षी पार्टियो में चुनाव से कुछ समय पूर्व ही कार्यकर्ताओं की सुध ली जाती है।

कौशिक ने कहा कि आज हमारे पास लोकप्रिय और युवा मुख्यमंत्री है। 2022 में भाजपा 2017 से भी बड़ी विजय हासिल करेगी और 60 से प्लस विधानसभा क्षेत्रों में विजय प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा आगामी चुनावों में कमल के निशान तथा 60 प्लस के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।

इस दौरान जिलाध्यक्ष शिव अरोड़ा, विधायक काशीपुर हरभजन सिंह चीमा, मेयर काशीपुर उषा चौधरी, कुमाऊं सह मीडिया प्रभारी रवि कुरिया, जिला उपाध्यक्ष गुरविंदर चंडोक आदि उपस्थित रहे।

नारी शक्ति के मन में जो इच्छा होती है वह साकार करती है-पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियों कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से देश के विभिन्न प्रान्तो से जुड़ी महिला स्वंय सहायता समूह के साथ मन की बात में आत्म निर्भर नारी शक्ति से सीधे संवाद कर उनके द्वारा चलाये जा रहे ग्रोथ सेन्टर एवं अन्य क्षेत्र में किये जा रहे उत्पादों व उससे होने वाली आमदनी के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होने सभी महिलाओं को आगामी रक्षाबंधन की शुभकामनाऐं व बधाई दी।
उन्होने कहा कि इस योजना से देश के 8 करोड़ बहनो को जोड़ा गया है ताकि हमारी माता-बहने आत्म निर्भर बन सकें। प्रधानमंत्री ने ग्रोथ सेन्टरो से जुड़ी महिलाओं से अपने उत्पादो को ऑनलाईन के माध्यम से कम्पनियों के साथ तालमेल बनाये ताकि उत्पादित किये गये उत्पादों को अच्छा बजार मिल सकें। उन्होने कहा कि महिलाऐं अपने-अपने क्षेत्र में जो काम कर रही है उससे अलग भी समाज के लिये कोई नया कार्य करें जैसे स्वच्छता, कुपोषण, शिक्षा, आजीविका आदि के क्षेत्र में लोगों को जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक महिलाऐं स्वरोजगार से जुड़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति के मन में कुछ करने का इच्छाशक्ति है तो वे कर सकती है। आप लोगों के सहयोग से आने वाले समय में भारत को पूर्ण आत्म निर्भर बनाया जा सकता है।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने आत्म निर्भर नारी शक्ति के अन्तर्गत जनपद के उदय स्वंय सहायता समूह की संचालिका चन्द्रमणी दास से बात की। संचालिका द्वारा प्रधानमंत्री से बात करते हुये बताया कि समूह में 35 महिलाएं द्वारा बेकरी में खाद्य उत्पादो को बनाने का कार्य किया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत अभी तक 10 लाख से अधिक का समूह को लाभ हुआ है साथ ही कोविड-19 के दौरान महिलाओं द्वारा 08 माह में मंडुऐं से निर्मित 88 हजार बिस्कुट का पैकिट तैयार कर 89 लाख 32 हजार का टर्नओवर किया है। हर्ष जताते हुये समूह की संचालिका ने कहा कि आज समूह में काम करने के कारण प्रधानमंत्री से बात करने का सौभाग्य मिला है।
इस मौके पर जिलाधिकारी श्रीमती रंजना राजगुरू ने उपस्थित समूह की महिलाओं को बधाई दी। उन्होने कहा कि हमे यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री ने जनपद की महिला स्वंय सहायता समूह की महिलाओं से सीधे बात कर उन्हे बधाई व शुभकामना देते हुये उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होने कहा कि इस संवाद से महिलाओं को एक अत्मबल एवं प्रेरणा मिलेगी और वे अपना काम और अधिक उत्साह के साथ करेंगी।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल, मेयर रामपाल सिंह, ब्लाक प्रमुख ममता जल्होत्रा, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगई, पीडी हिमाशु जोशी, डीडीओ डा. महेश कुमार सहित समूह की महिलायें आदि उपस्थित थे।

एमडीडीए की कार्रवाई, सरकारी मुकदमा दर्ज

विवादित जूता घर प्रकरण ने अब एक नया मोड़ आया है, एमडीडीए ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने तहरीर के आधार पर लोक संपत्ति निवारण अधिनियम 1984 के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वही मौके पर जूता घर को तोड़ने के दौरान जो भी व्यक्ति, संस्थाएं और राजनीति व्यक्ति मौजूद रहा है, उनकी जांच करने की बात सामने आ रही है। इस कार्रवाई के बाद नगर के कुछ लोगों में खलबली मची रही। सूत्रों के मुताबिक उन्हें अब पुलिस कार्रवाई का डर सताने लगा है।

त्रिवेणी घाट ऋषिकेश में विवादित जूता घर को तोड़ने में जितनी तेजी दिखाई गई उतनी ही तेजी से एमडीडीए ने भी एक्शन ले लिया है। एमडीडीए के अवर अभियंता अनुज कुमार पांडे की तहरीर पर कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि यह मुकदमा अभी अज्ञात के खिलाफ हुआ है, मगर पुलिस जल्द ही सीसीटीवी फुटेज व आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर नाम का खुलासा कर सकती है।

गौरतलब है कि एक कार्यक्रम में त्रिवेणी घाट जूता घर को लेकर एमडीडीए के अधिकारियों को चेतावनी दी गई थी। इसके बाद स्थानीय पार्षद रीना शर्मा ने एमडीडीए, विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इसको तोड़ने के बजाय लॉकर के रूप में परिवर्तित करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि लाखों रुपये की लागत से बने सरकारी निर्माण को एकाएक ध्वस्त करना उचित नही है। ऐसे में इसका सदुपयोग अन्य कार्य में किया जा सकता है। मगर स्थानीय लोगों का आरोप है कि एकाएक रात्रि के समय इस जूता घर को अपनी सस्ती लोकप्रियता के चलते जेसीबी की मदद से तुड़वा दिया गया। जिसके बाद इस मामले में एमडीडीए की ओर से कड़ी नाराजगी जताई गई थी। बीते रोज एमडीडीए के अवर अभियंता अनुज कुमार पांडे ने कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी, वही पुलिस ने भी अज्ञात के खिलाफ लोक संपत्ति निवारण अधिनियम 1984 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब जूता घर तोड़ने के दौरान जो भी व्यक्ति वहां मौजूद रहा, उस पर पुलिस की क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

राज्य के विकास के लिए धामी ने मांगा राजनाथ सिंह का सहयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से सामरिक महत्व को देखते हुए टनकपुर-बागेश्वर रेल लाईन ब्राडगेज (बीजी) की स्वीकृति के लिये रक्षा मंत्रालय के स्तर से भी संस्तुति करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने जखोली, रुद्रप्रयाग में स्वीकृत सैनिक स्कूल की अवस्थापना सुविधाओं के लिए एमओयू में संशोधन करते हुए केन्द्रीय सहायता का भी अनुरोध किया।

सामरिक महत्व के दृष्टिगत टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज लाईन जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के क्षेत्रीय सामाजिक सांस्कृतिक तथा पर्यटन के विकास और सामरिक दृष्टिकोण से रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा टनकपुर और बागेश्वर के बीच नैरोगेज रेलवे लाईन हेतु सर्वे का आदेश निर्गत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैरोगेज रेलवे लाईन से न तो सामरिक महत्व के मसले हल होंगे और न ही यहां की यातायात व अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। यह लाईन ब्राडगेज में होनी चाहिये। चीन और नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित होने के कारण यह रेल लाईन सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही यह नये व्यापार केन्द्रों को भी जोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री से उनके स्तर से भी टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज लाईन की स्वीकृति के लिये संस्तुति किये जाने का अनुरोध किया।

जखोली, रुद्रप्रयाग में स्वीकृत सैनिक स्कूल की अवस्थापना सुविधाओं के लिए केन्द्रीय सहायता का अनुरोध
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि उत्तराखण्ड राज्य में एक अतिरिक्त सैनिक स्कूल जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग में खोले जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी थी। इसके लिए रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड राज्य के मध्य एमओयू किया गया था। सैनिक स्कूल की स्थापना हेतु उत्तराखण्ड राज्य द्वारा अवस्थापना संबंधी सुविधायें उपलब्ध कराई जानी थी। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए एमओयू में संशोधन करते हुए अवस्थापना विकास हेतु वित्तीय सहायता भारत सरकार द्वारा प्रदान किये जाने का आग्रह किया।

हर खेत को पानी योजना में पर्वतीय राज्यों के अनुरुप हो नीति-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना की भारत सरकार से वित्तीय स्वीकृति प्रदान करवाने और किसाऊ परियोजना का संशोधित एमओयू किए जाने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना की भारत सरकार से जल्द वित्तीय स्वीकृति दी जाएगी। किसाऊ परियोजना पर संबंधित राज्यों की संयुक्त बैठक की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने किसाऊ परियोजना के संशोधित एमओयू के लिये भी आश्वस्त किया। यह भी निर्णय लिया गया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड में जल जीवन मिशन की जल्द ही संयुक्त समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से पीएमकेएसवाई- हर खेत को पानी योजना के अन्तर्गत पर्वतीय राज्यों के लिये मानको में परिवर्तन या शिथिलीकरण प्रदान किये जाने का आग्रह किया। साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना- “हर खेत को पानी“ अन्तर्गत 422 लघु सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति निर्गत किए जाने का भी अनुरोध किया।

लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना
मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून में यमुना नदी पर स्थित 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना पर चर्चा करते हुए कहा कि परियोजना निर्माण हेतु सभी वांछित स्वीकृतियां प्राप्त हैं तथा वित्तीय सहायता हेतु भारत सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रीमण्डलीय समिति से स्वीकृति एवं केन्द्रीय अनुदान प्राप्त होते ही इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने केद्रीय मंत्री से भारत सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्डलीय समिति से लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना की शीघ्र वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने हेतु प्राथमिकता पर आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि लखवाङ बहुद्देशीय परियोजना की भारत सरकार से जल्द वित्तीय स्वीकृति दी जाएगी।
गौरतलब है कि जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लखवाड बहुद्देशीय परियोजना (300 मेगावाट) की तकनीकी स्वीकृति दिनांक 3 जनवरी, 2013 तथा निवेश स्वीकृति माह अप्रैल, 2016 में निर्गत की गयी। भारत सरकार द्वारा निर्गत निवेश स्वीकृति के अन्तर्गत परियोजना की कुल अनुमानित लागत रू० 5747.17 करोड़ में से जल घटक रू0 4673.01 करोड (81.30 प्रतिशत) का वित्त पोषण भारत सरकार द्वारा 90ः10 के अनुपात में किया जाना है तथा शेष रू० 1074.00 करोड़ (18.70 प्रतिशत) जो कि ऊर्जा घटक है, का वित्त पोषण उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किया जायेगा।

किसाऊ परियोजना
मुख्यमंत्री ने किसाऊ परियोजना पर चर्चा करते हुए कहा कि परियोजना की विद्युत घटक लागत एवं जल घटक लागत को भविष्य में परियोजना की कुल पुनरीक्षित लागत के सापेक्ष क्रमशः 13.3 प्रतिशत व 86.7 प्रतिशत पर स्थिर किया जाए। उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश को बिना किसी बाधवार सीमा के अपने जलांश का उपयोग किये जाने और अपने जलांश के अनुपयोगी जल को (यदि कोई हो) किसी भी राज्य को विक्रय किया जाने की अनुमति हो। उत्तराखण्ड राज्य को पूर्व में अपर यमुना रीवर बोर्ड द्वारा आवंटित जलांश 3.814 प्रतिशत से कम न किया जाए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से किसाऊ बहुउद्देशीय बाँध परियोजना के कार्यान्वयन को गति प्रदान करने हेतु उक्त संशोधनों के साथ अंतर्राज्यीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किये जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करवाने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसाऊ परियोजना पर संबंधित राज्यों की संयुक्त बैठक की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने किसाऊ परियोजना के संशोधित एमओयू के लिये भी आश्वस्त किया।

सीएसएस-एफएमपी
मुख्यमंत्री ने केन्द्रपुरोनिधानित बाढ़ प्रबन्धन कार्यक्रम (सीएसएस-एफएमपी) के अन्तर्गत निर्माणाधीन 12 योजनाओं के लिए अवशेष केंद्रांश 29.52 करोड़ रूपये की राशि अवमुक्त करने और 38 नई बाढ़ सुरक्षा योजनाओं अनुमानित लागत 1108.38 करोङ रूपये, की इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस की स्वीकृति देने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रपुरोनिधानित बाढ़ प्रबन्धन कार्यक्रम के अन्तर्गत निर्माणाधीन 12 योजनायें जिनकी स्वीकृत लागत 158.67 करोड़ रूपए के सापेक्ष केन्द्रांश की धनराशि 29.52 करोड़ रूपये की राशि भारत सरकार के स्तर से अवमुक्त किया जाना शेष है। उपरोक्त सभी कार्यों की स्वीकृत लागत के सापेक्ष राज्यांश की सम्पूर्ण धनराशि पूर्व में ही राज्य सरकार द्वारा निर्गत की जा चुकी है। भारत सरकार द्वारा पूर्व में अवमुक्त केन्द्रांश की धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग, पटना, भारत सरकार को प्रेषित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अवशेष केन्द्रांश की धनराशि 29.52 करोड रूपए भारत सरकार के स्तर से अवमुक्त किये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की केन्द्रपुरोनिधानित बाढ़ प्रबन्धन कार्यक्रम के अन्तर्गत 38 नई बाढ़ सुरक्षा योजनायें, अनुमानित लागत 1108.38 करोड रूपए है, गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग, पटना, जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा टेक्नो इकोनोमिक क्लीयरेंस प्रदान किया जा चुका है। इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस के लिये प्रस्ताव जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित है, जिन पर स्वीकृति अपेक्षित है।

पीएमकेएसवाई- हर खेत को पानी योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की दुर्गम स्थिति को देखते हुए पीएमकेएसवाई- हर खेत को पानी योजना के अन्तर्गत पर्वतीय राज्यों के लिये मानको में परिवर्तन या शिथिलीकरण प्रदान किया जाना चाहिए। सर्फेस माइनर इरीगेशन स्किम में नहरों की पुनरोद्धार/जीर्णाेद्वार, सृदृढीकरण तथा विस्तारीकरण की योजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की जायें। पर्वतीय क्षेत्रों में नहर निर्माण की लागत अधिक होने के कारण वर्तमान प्रचलित गाईड लाईन 2.50 लाख रूपए प्रति हैक्टेयर लागत की सीमा को बढ़ाकर 3.50 लाख रूपये प्रति हैक्टेयर किया जाना चाहिए।
बैठक में उत्तराखण्ड के मुख्य स्थानिक आयुक्त ओमप्रकाश, स्थानिक आयुक्त डॉ बी वी आर सी पुरुषोत्तम भी उपस्थित थे।

टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज रेल लाईन की धामी ने मांगी स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने राज्य के कुमाऊं मण्डल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना के लिए गृह मंत्रालय के स्तर से संस्तुति किये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना किये जाने और सामरिक महत्ता को देखते हुए टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज रेल लाईन के लिये उनके स्तर से रेल मंत्रालय को संस्तुति करने का भी आग्रह किया।

कुमाऊं मण्डल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश होने के पश्चात भी राज्य के पर्वतीय दूरदराज कुमाऊं मंडल के इलाके, भौगोलिक दूरी होने के कारण सुपरस्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। राज्य के कुमाऊ मंडल में एम्स की स्थापना करने से कुमाऊं के नागरिकों के साथ ही उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती जनपदों के लोगों को भी विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध होगी। एम्स के लिए भूमि उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। पूर्व में भी एक राज्य में दो एम्स जैसे विश्व स्तरीय संस्थान स्थापित किए गए हैं।

देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार से भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्वीकृति का अनुरोध किया गया है। इसके लिये जनपद देहरादून में निःशुल्क भूमि की व्यवस्था कर ली गयी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्वीकृति के लिये संस्तुति किये जाने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, स्थानिक आयुक्त डॉ बी वी आर सी पुरुषोत्तम, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते भी उपस्थित थे।