धामी के मुख्यमंत्री बनने से गढ़वाल से संगठन में प्रभावी चेहरा लाने की तैयारी

आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अब भाजपा पर सबकी नजरें टिकी हैं कि क्या सत्तारूढ़ पार्टी भी कांग्रेस की तर्ज पर रणनीति बना रही है। राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, इस बात की खासी संभावना है कि भाजपा भी जल्द कार्यकारी अध्यक्ष के फार्मूले पर कदम आगे बढ़ा सकती है।
उत्तराखंड छोटा सा राज्य है मगर राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से यह हमेशा चर्चा में रहा है। यहां राजनीतिक उठापटक कितनी ज्यादा है, यह इस तथ्य से समझा जा सकता है कि राज्य गठन के बाद के 20 वर्षों में यहां 11 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उत्तराखंड की पहली अंतरिम सरकार में दो, पहली निर्वाचित सरकार में एक, दूसरी में तीन, तीसरी में दो और अब चैथी सरकार में तीन मुख्यमंत्री।
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने करारी शिकस्त का स्वाद चखा और वह 70 सदस्यीय विधानसभा में 11 सीटों तक सिमट गई। लाजिमी तौर पर कांग्रेस फिर सत्ता में वापसी की कोशिशों में जी जान से जुटी हुई है। पार्टी में गुटबाजी और अंतर्कलह भी थमा नहीं है। ऐसे में कांग्रेस ने संगठन में संतुलन साधने के लिए पांच अध्यक्ष बनाने का फैसला किया। गणेश गोदियाल के रूप में ब्राह्मण चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष की कमान दी गई। साथ में चार कार्यकारी अध्यक्ष की टीम भी, ताकि हर तबका संतुष्ट रहे।
साफ है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ चार कार्यकारी अध्यक्ष का फार्मूला सुविचारित रणनीति के तहत अमल में लाई है। इससे राजनीतिक गलियारों में इस बात के कयास लगने शुरू हो गए हैं कि भाजपा भी इसके जवाब में कोई इसी तरह का कदम उठा सकती है। इस बात को इसलिए भी बल मिल रहा है क्योंकि गढ़वाल मंडल के पर्वतीय जिलों और ब्राह्मण वर्ग से किसी नेता को संगठन में अहमियत देने की बात उठ रही है। गत मार्च में भाजपा नेतृत्व ने सरकार और संगठन, दोनों के मुखिया बदल दिए थे। त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री रहते हुए कुमाऊं मंडल से बंशीधर भगत प्रदेश अध्यक्ष थे।

गढ़वाल मंडल से कई पार्टी नेताओं के नाम की चर्चा
उस वक्त मुख्यमंत्री गढ़वाल से और राजपूत चेहरा तो प्रदेश अध्यक्ष कुमाऊं से और ब्राह्मण। अब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मदन कौशिक प्रदेश अध्यक्ष हैं। ब्राह्मण हैं और हरिद्वार से विधायक। वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले से हैं जबकि तराई में ऊधमसिंह नगर जिले की खटीमा सीट से विधायक हैं। धामी के जरिये भाजपा ने कुमाऊं मंडल के लिहाज से क्षेत्रीय व जातीय संतुलन तो बना लिया, मगर इससे गढ़वाल मंडल से एक कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया। इस कड़ी में भाजपा विधायक महेंद्र भट्ट, विनोद चमोली के साथ ही संगठन के लिहाज से अत्यंत तजुर्बेकार ज्योति गैरोला के नाम इन दिनों इंटरनेट मीडिया में खासी चर्चा में हैं।

सरकार में समान प्रतिनिधित्व हासिल होने का तर्क
हालांकि भाजपा के कई नेता इससे इत्तेफाक नहीं रखते। वैसे उनका तर्क भी वाजिब है कि सरकार में गढ़वाल मंडल को बराबर प्रतिनिधित्व हासिल है। 12 सदस्यीय धामी मंत्रिमंडल में आधे, यानी छह मंत्री गढ़वाल मंडल से हैं। इनमें से तीन अकेले पौड़ी जिले से हैं, हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज और धन सिंह रावत। टिहरी से सुबोध उनियाल, देहरादून से गणेश जोशी और हरिद्वार से यतीश्वरानंद। कुमाऊं मंडल में ऊधमसिंह नगर जिले से मुख्यमंत्री के अलावा दो मंत्री यशपाल आर्य और अरविंद पांडेय आते हैं। इनके अलावा पिथौरागढ़ से बिशन सिंह चुफाल, अल्मोड़ा से रेखा आर्य व नैनीताल जिले से बंशीधर भगत।

सीएम के जीरो पेंडेसी और सुशासन पर सख्त ध्यान देने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से लेकर जिलों के नौकरशाहों को जीरो पेंडेसी और सुशासन पर सख्त ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। कहा कि जिलास्तर के कार्यों का हल मौके पर ही निकाला जाए। रविवार को मुख्यमंत्री धामी ने ट्वीट करते हुए अफसरों को जीरो पेंडेसी को गंभीरता से लेने की हिदायत दी। कहा कि अफसर एक कार्य योजना तहत ऐसे कार्यों को लें और नियत समय के भीतर उनका निराकरण करें। उन्होंने साफ हिदायत दी है कि जिलों के कार्य अनावश्यक रूप से शासन को नहीं भेजे जाएं और मौके पर इन्हें हल करें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जिलास्तर से छोटे-मोटे काम शासन को भेजे जाने से जहां ऐसे कार्यों के निस्तारण में वक्त लग जाता है, वहीं संबंधित लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। उनके सामने भविष्य में यदि ऐसा कोई मामला आता है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। कहा कि वे प्रदेश के हर क्षेत्र की समस्याओं से वाकिफ हैं उनका इरादा हर उत्तराखंडी के चेहरे पर मुस्कान लाना है। इसके लिए अफसर सुशासन पर जोर दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के प्रति भावनात्मक लगाव है। राज्य की समस्याओं से वे भी पूरी तरह से वाकिफ हैं और इनके हल और राज्य के विकास के लिए उनका लगातार मार्गदर्शन भी मिल रहा है। आल वेदर रोड, भारत माला, ऋषिकेश से कर्णप्रयाग से ट्रेन, चारधाम को ट्रेन से जोड़ने आदि महत्वकांक्षी योजनाएं इसके उदाहरण हैं।

प्रत्येक कार्य दिवस पर जनसमस्याएं सुनें
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, उनके लोकापर्ण की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अफसरों को प्रत्येक कार्य दिवस पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनता की समस्याएं सुनने के निर्देश दिए हैं।

देश में लगातार पांचवें दिन कोरोना के 40 हजार मामले

देश में रविवार को रात ग्यारह बजे तक कोरोना विषाणु संक्रमण के 40,715 मामले सामने आए जबकि 419 लोगों की संक्रमण की वजह से मौत हुई। देश में लगातार पांचवें दिन 40 हजार से अधिक कोरोना के मामले सामने आए। ये आंकड़े राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों की ओर से जारी किए गए।
वहीं, केरल में भी लगातार पांचवें दिन 20 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए। पांच राज्यों में एक हजार से अधिक और सात हजार से कम मामले सामने आए जबकि 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सौ से कम मामले दर्ज किए गए। देश में सबसे अधिक कोरोना संक्रमण के मामले केरल में दर्ज किए गए। केरल स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में कोरोना के 20,728 मामले सामने आए जबकि 56 लोगों की मौत हुई। केरल में 27 जुलाई को 22,129, 28 जुलाई को 22,056, 29 जुलाई को 22,064, 30 जुलाई को 20,772 और 31 जुलाई को 20,624 मामले दर्ज किए गए थे।
रविवार को महाराष्ट्र में 6,479, आंध्र प्रदेश में 2,287, तमिलनाडु में 1,990, कर्नाटक में 1,875, ओड़ीशा में 1,437, मिजोरम में 861, मणिपुर में 832, असम में 754, पश्चिम बंगाल में 701, मेघालय में 589, तेलंगाना में 455, अरुणाचल प्रदेश में 266, त्रिपुरा में 222, छत्तीसगढ़ में 214, सिक्किम में 206, जम्मू कश्मीर में 145, हिमाचल प्रदेश में 134, पुदुचेरी में 90, दिल्ली में 85, नगालैंड में 73, गोवा में 59, बिहार में 45, उत्तर प्रदेश में 36, झारखंड में 32, हरियाणा में 29, पंजाब में 26, गुजरात में 23, उत्तराखंड में 22, मध्य प्रदेश में 17, राजस्थान में 10 मामले आए। लद्दाख में 10, लक्षद्वीप में छह, अंडमान निकोबार में दो और चंडीगढ़ में एक मामला दर्ज किया गया।

उत्तराखण्ड में 16472 लाभार्थियों को दिये गए आवास स्वीकृति पत्र-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के अंतर्गत चिन्हित लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र सौंपे। सीएम कैम्प कार्यालय परिसर स्थित जनता दर्शन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लाभार्थियों को प्रथम किश्त की राशि डीबीटी द्वारा ऑनलाईन जारी की। उन्होंने कार्यक्रम में सौ से अधिक लोगों को आवास स्वीकृति पत्र वितरित किए।

साझेदार के तौर पर काम कर रही है सरकार
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में प्रदेश के लाभार्थियों को आवास बन जाने के बाद सामान आदि के लिए पांच-पांच हजार रूपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सबका साथ- सबका विकास- सबका विश्वास के ध्येय वाक्य के साथ सरकार नहीं बल्कि साझेदार के तौर पर काम कर रही है।

प्रधानमंत्री जी ने योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की योजनाएं समाज में अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सीधे लाभ पहुंचा रही है। पहले योजनाएं बनती थीं पर उसका लाभ पात्र लोगों तक नहीं पहुंचता था। परंतु प्रधानमंत्री जी ने दूरदर्शिता के साथ पहले सभी के जनधन योजना में खाते खुलवाए और अब उन खातों में डीबीटी द्वारा योजना की राशि सीधे लाभार्थी को दी जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि आदि योजनाओं से करोड़ों भारतीयों को लाभ मिला है।

केंद्र के सहयोग से उत्तराखण्ड में विकास को मिल रही गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में अनेक महत्वपूर्ण विकासपरक योजनाएं चल रही हैं। सड़कों के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। जल्द ही देहरादून से दिल्ली केवल दो घंटे में जा पाएंगे। चार धाम परियोजना, भारतमाला परियोजना से विकास को नई गति मिल रही है। रेलवे का काफी विस्तार हुआ है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल पर तेजी से काम हो रहा है। टनकपुर-बागेश्वर का सर्वे ब्राडगैज पर करने का केन्द्र से अनुरोध किया है।

जलजीवन मिशन से मिलेगा सभी को स्वच्छ पेयजल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जलजीवन मिशन बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। इसमें हर घर को नल से जल पहुंचाने पर काम कर रहे हैं। राज्य में केवल एक रूपए में गामीण घरों में पानी का कनेक्शन दे रहे हैं। स्वच्छ जल हर व्यक्ति को मिलना ही चाहिए और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।

अटल आयुष्मान योजना को और अधिक व्यावहारिक बनाया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारम्भ की गई आयुष्मान योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। उत्तराखण्ड में इसमें प्रत्येक व्यक्ति को आच्छादित किया गया है। योजना को अधिक व्यावहारिक तरीके से लागू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं ताकि हर गरीब इसका लाभ आसानी से उठा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 तक उत्तराखण्ड को विश्व प्रसिद्ध पर्यटन प्रदेश बनाने पर काम कर रहे हैं। राज्य सरकार कोविड से प्रभावित लोगों को राहत दे रही है। चारधाम यात्रा और पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़ का पैकेज दे रहे हैं। इसी प्रकार हेल्थ सेक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 205 करोड़ का पैकेज दिया जा रहा है। राज्य में 24 हजार सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दृष्टिगत बेरोजगार युवाओं को भर्ती में एक साल की आयुसीमा में छूट प्रदान की गई है। जबकि एनडीए, सीडीएस, लोकसेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिये 50 हजार की धनराशि दी जायेगी। अगले चार माह में कोविड का पूर्ण वैक्सीनेशन का लक्ष्य लिया गया है।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता से किया गया है। सहायता राशि डीबीटी द्वारा लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने और योजना का लाभ अन्य पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं, महिलाओं, गरीबों और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए काम कर रही हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद को मिले।

प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण फेज 2
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का शुभारम्भ वर्ष 2016 में किया गया। जिसका उद्देश्य सभी बेघर, कच्चे तथा जीर्ण-शीर्ण मकानों में रह रहे परिवारों को बुनियादी सुविधायुक्त पक्का आवास उपलब्ध कराया जाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के द्वित्तीय फेज में एस.ई.सी.सी- 2011 सर्वे में आवास की पात्रता सूची में सम्मिलित होने से छूटे हुए कुल 94286 परिवारों को आवास प्लस के माध्यम से चिन्हित किया गया है। जिसमें से 29142 अपात्र परिवारों को हटाने के पश्चात् वर्तमान में राज्य में कुल 65144 परिवार पीएमएवाई-जी हेतु पात्र पाए गए है। जिसमे कुल 2865 परिवार भूमिहीन (देहरादून 102, हरिद्वार 42, नैनीताल 68, पिथौरागढ़-3, ऊधमसिंह नगर-2662) है।
भारत सरकार द्वारा द्वितीय फेज में आवास प्लस सूची से वित्तीय वर्ष 2020-2021 हेतु 13399 लक्ष्य तथा वित्तीय वर्ष 2021-2022 हेतु 3073 लक्ष्य सहित कुल 16472 आवास निर्माण का लक्ष्य राज्य को आवंटित किया गया है। जिसमें कुल 2865 परिवार भूमिहीन (देहरादून 102, हरिद्वार 42, नैनीताल 68 पिथौरागढ़ 3, ऊधमसिंह नगर 2662) है।
उपरोक्त प्राप्त 16472 आवास के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु राज्य को रूपये 226.99 करोड धनराशि की आवश्यकता होगी। जिसके सापेक्ष भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 के लक्ष्य 13399 के लिए प्रथम किश्त रू0 60,000ध्- की दर से केन्द्राश कुल रू0 35.39 करोड़ तथा राज्यांश कुल रू०. 3.93 करोड़ सहित कुल रू0 39.32 करोड अवमुक्त किए गए है। वर्तमान में राज्य स्तर पर विगत अवशेष रू. 47.74 करोड़ एवं उक्त अवमुक्त रू. 39.32 करोड़ सहित कुल रु. 87.06 करोड़ की धनराशि उपलब्ध है। जिसे लाभार्थियों के खाते में आन-लाईन अवमुक्त किया जा रहा है। द्वित्तीय किश्त की धनराशि लाभार्थियों के खाते में शीघ्र प्रेषित की जायेगी।

प्रति आवास 1 लाख 30 हजार की अनुदान राशि
अपर सचिव एवं आयुक्त ग्राम्य विकास वंदना ने बताया कि पीएमवाई-जी के तहत नये आवासों के निर्माण हेतु प्रति आवास अनुदान राशि 130,000.00 अनुमन्य है। जिसका भुगतान तीन किश्तों में यथा प्रथम किश्त रु 60,000, द्वित्तीय किश्त रु 40,000 एवं तृतीय किश्त रु 30,000 को ऑन-लाईन सीधे पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाता है। इसके अतिरिक्त मनरेगा से लाभार्थी स्वयं के आवास निर्माण में 95 दिवस की मजदूरी प्रति दिवस रू. 204 की दर से कुल रू0 19.380ध्- प्राप्त कर सकता है तथा मनरेगा ध् स्वजल से शौचालय निर्माण हेतु रू. 12,000ध्- प्राप्त कर सकता है। इसके साथ ही लाभार्थी पेयजल सुविधा, उज्जवल गैस कनेक्शन विद्युत कनेक्शन की सुविधा भी प्राप्त कर सकता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण प्रथम फेज
प्रथम फेज की जानकारी देते हुए बताया कि एसईसीसी सर्वे 2011 में पात्र पाये गये 12662 परिवारों को आवास आंवटित किया गया है, जिसमें से 12425 आवासों को पूर्ण कराते हुए कुल रु. 169.87 करोड़ की धनराशि का व्यय किया गया है। प्रथम फेज के सभी 539 भूमिहीन परिवारों को भूमि पट्टा एवं आवास आवंटित किया जा चुका है। प्रथम फेज में कन्वर्जेन्स के माध्यम से लाभार्थी परिवार को स्वयं के आवास निर्माण में अकुशल मजदूरी हेतु मनरेगा से 95 मानव दिवस हेतु कुल 865811 मानय दिवस सृजित करते हुए कुल रु. 1510.68 लाख का व्यय किया गया है। इसके साथ ही मनरेगा ध् स्वजल से 12425 शौचालयों का निर्माण हेतु रु. 12,000ध्- की दर से कुल रु. 14.91 करोड़ का व्यय किया गया है। इसके अतिरिक्त कन्वर्जेन्स के तहत कुल 3920 परिवारों को उज्जवला गैस कनेक्शन की सुविधा प्रदान की गयी है। कुल 8113 लाभार्थियों को पेयजल सुविधा उपलब्ध करायी गयी तथा कुल 7733 लाभार्थियों को विद्युत कनेक्शन की सुविधा प्रदान की गयी है।

सीएम धामी के जीवन के अनमोल पल जो याद दिलाते है उन्हें संघर्षों की दास्तां

हौसले बुलंद कर रास्तों पर चल दे, तुझे तेरा मुकाम मिल जाएगा
बढ़ कर अकेला तू पहल कर, देख कर तुझको काफिला खुद बन जाएगा

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीवनी हर उस व्यक्ति के लिए प्ररेणास्रोत है जो यह सोचता है कि अभावों में जीवन यापन करने वाला व्यक्ति सफलता की ईबारत नहीं लिख सकता है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन की ही तरह उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री धामी का जीवन भी संघर्षों भरा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने अभावों में जीवन यापन करने के बावजूद मुश्किलों को कभी भी खुद पर हावी नहीं होने दिया। मन में विश्वास और मंजिल की तरफ सधे कदमों से चलते रहे।

इन दिनों सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक निजी चैनल पर साक्षात्कार के दौरान अपने जीवन के संघर्ष के दिनों को याद कर रहे हैं।
साधारण स्कूल में अध्ययन करने के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल पर मैनेजमेंट और लॉ की डिग्री हासिल की और आज वे मुख्यमंत्री के पद को सुशोभित कर रहे हैं।

जब उनसे पूछा गया कि जहां कई नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं, वहीं उनके बच्चे आज भी गांव में अध्ययन कर रहे हैं। क्या वे नहीं चाहते कि उनके बच्चे शहरों के बड़े स्कूलों में पढ़ें। इस सवाल के जवाब में सीएम धामी कहते हैं कि वे अपने बच्चों को सदैव जमीन से जुड़े रहने की सीख देते हैं। वे कहते हैं कि यह आवश्यक नहीं है कि जो व्यक्ति गांव में रहते हैं, वे उन्नति के सोपानों को नहीं छू सकते हैं। आज जितने भी सफल लोग हैं, वे कहीं न कहीं ग्रामीण पृष्ठभूमि से ही जुड़े हैं और संघर्षपूर्ण जीवन जीकर आज देश-दुनिया में नाम कमा रहे हैं। उन्होंने साधारण से लेकर असाधारण तक की यात्रा की है और जमीन से आसमान को छूने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिन्होंने अपना जीवन गरीबी में बिताया और आज वे देश के उच्च पद पर हैं।

मुख्यमंत्री धामी बताते हैं कि उनके पिता जब सेना में पदस्थ थे तो वे गांव में रहते थे। पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र में उनका जन्म हुआ। उस समय पहाड़ी क्षेत्रों में हालात इतने खराब थे कि उन्हें सरकारी प्राथमिक स्कूल में पढ़ने के लिए 5-6 किमी पैदल चलकर जाना पड़ता था। आज की तरह तब वहां सड़कें और अन्य सुविधाएं नहीं थीं। स्कूल में लिखने के लिए वे तख्ती यानी स्लेट का इस्तेमाल करते थे, जिसे स्कूल जाने के पूर्व प्रतिदिन तैयार करना होता था। यहां तक कि बैठने के लिए भी उन्हें टाट की बोरी साथ में ले जानी पड़ती थी।

जिस व्यक्ति में आगे बढ़ने की ललक होती है, वह कठिन हालातों में भी अपनी राह बना ही लेता है। इस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में जीवन जीने के बाद भी मुख्यमंत्री धामी अपने हौसले के दम पर निरंतर उन्नति कर रहे हैं। उनका जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। युवाओं को उनसे सीख लेनी चाहिए कि चाहे जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां हो, उनका हमेशा हिम्मत से सामना करना चाहिए।

काम करने वालों के लिए समय मायने नही रखता- पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के रूप में जो जिम्मेदारी उन्हें मिली है उसे जन अपेक्षाओं के अनुरूप पूरा करने का उनका सतत प्रयास है। उन्होंने कहा कि वे बोलने पर नहीं बल्कि कर्म में विश्वास करते हैं। कम बोलना और ज्यादा काम करना उनका ध्येय वाक्य है। राज्य हित में उन्होंने अब तक 50 से ज्यादा फैसले लिये हैं। राज्य के हर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हमारा एजेंडा है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण जनभावनाओं का केन्द्र है। वहां पर ग्रीष्म कालीन राजधानी के अनुरूप सभी आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास किया जायेगा। देवस्थानम बोर्ड प्रदेश के पर्यटन, तीर्थाटन से जुड़ा विषय है, इसे लेकर सभी सम्बन्धित पक्षों से वार्ता कर निर्णय लिया जायेगा। इसमें किसी के भी हित प्रभावित न हों इसके लिये उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया, 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोडेंगे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में 24 हजार सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ की जायेगी, जबकि 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरेजगार के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दृष्टिगत बेरोजगार युवाओं को भर्ती में एक साल की आयुसीमा में छूट प्रदान की गई है। जबकि एनडीए, सीडीएस, लोकसेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिये 50 हजार की धनराशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण में तेजी लाने के लिये उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जायेगा। इसके लिये अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ ही यदि आवश्यकता हुई तो नीतियों में भी संशोधन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भू-कानून, जनसंख्या कानून, नजूल भूमि से सम्बन्धित विषयों के समाधान के लिये कमेटी का गठन किया जायेगा।

जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका पूरा ध्यान राज्य के विकास पर है। जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जायेगा उनके लोकार्पण की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि पहाड़ की जवानी तथा पानी दोनों राज्य के काम आये इसके लिये प्रभावी ढंग से योजनायें बनाकर उनका क्रियान्वयन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो इसके लिये सभी अधिकारियों को सभी कार्य दिवसों पर पूर्वाहन 10ः00 बजे से 12ः00 बजे तक जन समस्यायें सुनने तथा उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिये गये हैं।

जीरो पेंडेंसी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जीरो पेंडेंसी पर ध्यान देते हुए शासन से लेकर जिलों तक सुशासन पर ध्यान दिया जायेगा। जिलों के कार्य जिलों में ही हों तथा जिलों के कार्य अनावश्यक रूप से शासन को सन्दर्भित न किया जाये, इसके सख्त निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदेश के हर क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी है। हर उत्तराखण्डी के चेहरे पर मुस्कान लाना उनका उद्देश्य रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का प्रदेश के प्रति भावनात्मक लगाव है। राज्य की समस्याओं से वे विज्ञ हैं। राज्य के विकास में उनका मार्गदर्शन निरन्तर हमें प्राप्त हो रहा है।

सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर होंगे प्रदेश के विकास कार्य- सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के अन्तर्गत निर्मित होने वाली सड़कों के निर्माण के लिये कुल रूपये 18 करोड़ 36 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्रनगर के अन्तर्गत गंगसार गांव मोटर मार्ग के डामरीकरण हेतु रूपये 3.60 करोड़ तथा विधानसभा क्षेत्र विकासनगर के अन्तर्गत बाबूगढ़-नवाबगढ़-जीवनगढ़ एवं डाकपत्थर क्षेत्र के आंतरिक मार्गों एवं नाली निर्माण के लिये भी रूपये 2.37 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा में ज्योली-बसर-खूँट मोटर मार्ग से बसगॉव-दडमाण मोटर मार्ग पर 18 मी0 स्पान सिंगल लेन सेतु निर्माण हेतु रूपये 1.66 करोड़, सहसपुर के ग्राम सभा अटक फार्म में हिमालयन स्कूल तक सड़क निर्माण हेतु रूपये 1.46 करोड़, चकराता के विकासखण्ड कालसी में गडोग से डियूडीलानी मोटर मार्ग निर्माण हेतु रूपये 1.19 करोड़, डीडीहाट के अन्तर्गत जौलजीवी-बगड़ीहाट-तीतरी-रणुआ-अमतड़ी मोटर मार्ग सुधारीकरण हेतु रूपये 1.24 करोड़, लक्सर के अंतर्गत ग्राम सीदडू में पथरी पुल होते हुए ग्राम स्थल बुजुर्ग तक सड़क पुनर्निर्माण हेतु रूपये 1.16 करोड़, थराली के विकासखण्ड देवाल में मानमती-चेटिंग -हरमल-झलिया मोटर मार्ग निर्माण हेतु रूपये 1.12 करोड़, लालकुऑ के अंतर्गत हल्दूचैड़-परमा मोटर मार्ग सुधारीकरण हेतु रूपये 96.69 लाख की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने इसी प्रकार प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत सूलियाधार हडकी मोटर मार्ग के डौन्डा नामे तोक से चैराखेत तक मोटर मार्ग नवीनीकरण हेतु रूपये 87.66 लाख, थराली क्षेत्र के अंतर्गत आन्तरिक मार्गों के सुधारीकरण हेतु रूपये 69.88 लाख, सितारगंज में एन0एच0 125 से ग्राम बघौरी की ओर मार्ग सुधारीकरण हेतु रूपये 69.71 लाख, प्रतापनगर क्षेत्र में राजखेत घनसाली मोटर मार्ग से म्यूड़ा मय ललवाली मोटर मार्ग के नवीनीकरण हेतु रूपये 57.07 लाख, धर्मपुर के अन्तर्गत रेसकोर्स में दक्षिण वार्ड में आन्तरिक मार्गों के सुधारीकरण हेतु रूपये 55.69 लाख, विधानसभा गैरसैंण में झूलापुल निर्माण हेतु रूपये 6.30 लाख, मसूरी के अन्तर्गत सहस्त्रधारा रोड़ से कण्डोली-कैनाल रोड़ को जाने वाले मार्ग पर मन्दाकिनी विहार में ब्रहमावाला खाले के ऊपर 15 मी0 स्पान डब्ल लेन सेतु निर्माण हेतु प्रथम चरण के लिये रूपये 2.78 लाख के साथ ही विधानसभा क्षेत्र खटीमा के मोहम्मदपुर भुड़िया मोटर मार्ग एवं खटीमा-पीलीभीत में बनगांव से खकरा नदी तक मार्ग के डामरीकरण हेतु रूपये 1.78 लाख को प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

कोविड केंयर सेंटर की स्थापना कराने को सीएम ने जताया राजनाथ सिंह का आभार

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। ऋषिकेश एवं हल्द्वानी में डीआरडीओ के माध्यम से एक-एक कोविड केयर सेंटर की स्थापना करवाने के लिए उन्होंने रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा की इन कोविड केयर सेंटरों में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र यह उत्तराखंड के लिए एक बड़ी सौगात है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि और वीरभूमि है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सीमांत जिले सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को हर संभव मदद दी जाएगी।

नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मिले सीएम तीरथ सिंह रावत


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नई दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से उनके आवास पर भेंट की। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य में 6 लाख 60 हजार से अधिक पेयजल के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। 15 अगस्त 2019 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल जीवन मिशन की घोषणा की थी, तब राज्य में 08 प्रतिशत व्यक्तिगत घरेलू जल संजयोजन से आच्छादित था, जो अब बढ़कर 45 प्रतिशत हो गया है। राज्य में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मात्र 01 रुपए में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों 96 प्रतिशत स्कूलों में पी. डबल्यू.एस के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है। इसे जल्द ही शत प्रतिशत किया जाएगा। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों 91 प्रतिशत आँगनबाड़ी/बालबाड़ी में पीडब्ल्यूएस के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है। शीघ्र ही शेष आंगनबाड़ी केंद्रों में भी जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ग्राम पंचायत भवनों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पीडल्ब्यूएस माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था का कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से लखवाड़ परियोजना के लिए कैबिनेट कमेटी की अनुमति के लिए भी अनुरोध किया। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि केंद सरकार द्वारा राज्य सरकार को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन में बड़ी तादाद में पहुंचे उत्तराखण्ड मूल के लोग, सीएम का किया स्वागत

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे तीरथ सिंह रावत का उत्तराखण्ड सदन में भव्य स्वागत हुआ। बड़ी संख्या में सदन में मौजूद उत्तराखण्ड मूल के लोगों ने मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जनभवनाओं के अनुरूप कार्य करेगी। जनता जो चाहेगी वही किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देशन में उत्तराखण्ड का चहुमुंखी विकास किया जाएगा।

उत्तराखण्ड के प्रति प्रधानमंत्री के अपार लगाव की बदौलत ही यहां चारधाम ऑल वैदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट्, केदारनाथ-बदरीनाथ धाम पुनर्निर्माण समेत तमाम परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। उत्तराखण्ड विकास के नए आयाम छू रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बने अभी एक सप्ताह का ही समय हुआ है। इस दौरान उन्होंने जनभावनाओं के अनुरूप फैसले लिये। सबसे पहले कोरोनाकाल में जिन 4500 लोगों पर महामारी एक्ट के तहत मकदमे दर्ज किए गए थे, उन मुकदमों को सरकार ने वापस लिया। इनमें से अधिकांश मुकदमे उन लोगों पर दर्ज थे जो कारोनाकाल में जरूरतमंदों की मद्द में लगे हुए थे। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों की मनमानी से पहाड़ी क्षेत्र के लोग त्रस्त थे। हमारी सरकार ने देर लगाए बगैर पहाड़ी जिलों में प्राधिकारणों का अस्तित्व समाप्त कर दिया है। कुंभ स्नान के लिए देश-विदेश के सभी श्रद्धालुओं को कुंभ स्नान के लिए हरिद्वार आंमंत्रित किया गया है। कुम्भ मेले के लिए केन्द्र सरकार की गाइडलाइन का ध्यान रखा जाएगा परंतु अनावश्यक रोक टोक नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के प्रभाव से घर लौटे प्रवासी उत्तराखण्डियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए ब्याज रहित ऋण मुहैया करवाया जा रहा है। उनकी हर समस्या का समाधान सरकार करेगी। उन्होंने उत्तराखण्ड मूल के लोगों से आग्रह किया कि वे भी उत्तराखण्ड राज्य के विकास और जनकल्याण में अपना योगदान दें। इस मौके पर नैनीताल के सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री अरविन्द पाण्डेय, पूर्व सांसद बलराज पासी आदि उपस्थित थे।