मेगा वैक्सीनैशन कैम्प का शुभारंभ, एक दिन में डेढ़ लाख वैक्सीन का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्यागी रोड स्थित संत निरंकारी भवन में मेगा कोविड वैक्सीनेशन कैम्प का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विश्व का सबसे बड़ा कोविड टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के दूरस्थ आर तक कैम्प लगाकर टीकाकरण किया जा रहा है। चार माह में प्रदेश में शत प्रतिशत कोविड-19 वैक्सीनेशन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने टीकाकरण के लिए आए लोगों से मिलकर उनका हालचाल पूछा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा की संत निरंकारी भवन में आज 1 हजार वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा गया है। आज प्रदेश में डेढ़ लाख कोविड वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 750 कैम्प लगाए गए हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

केन्द्रीय सड़क अवस्थापन निधि से 615 करोड़ की मिली स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में मीडिया से औपचारिक वार्ता करते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क अवस्थापन निधि (सीआरआईएफ) के अन्तर्गत 615.48 करोड़ रूपये 42 सड़क मार्ग सेतुओं के प्रस्तावों को स्वीकृत कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया।

17 वर्षों में राज्य में 614.85 करोड़ रूपये की जबकि पिछले चार वर्षों में 1124.25 करोड़ की स्वीकृतियां प्राप्त हुई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केन्द्रीय सड़क निधि के अन्तर्गत राज्य गठन से वर्ष 2017 तक, 17 वर्षों में राज्य में 614.85 करोड़ रूपये के कार्यों की स्वीकृतियां भारत सरकार से प्राप्त हुई है। वर्तमान सरकार के कार्यालय में सीआरएफ के अन्तर्गत विभिन्न कार्यों हेतु विगत वर्ष रू0 508.77 करोड़ की स्वीकृति के कार्य गतिमान है। इस प्रकार सीआरएफ के अन्तर्गत वर्तमान सरकार के चार साल के कार्यालय में रू0 1124.25 करोड़ की स्वीकृतियां प्राप्त हो गयी है। भारत सरकार के इस अतुल्यनीय सहयोग से सड़क निर्माणध्सेतु निर्माण के कार्य निर्वाध रूप से क्रियान्वित होगें तथा मार्ग आम जनमानस के आवागमन हेतु सुलभ एवं आरामदायक होगें। भारत सरकार के उक्त सहयोग से सड़क मार्गों में जाम की स्थिति में सुधार होगा तथा यातायात सुलभ एवं आरामदेय होगा।

सड़कें विकास की धुरी-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक उन्नति में आवागमन के साधनों की सुलभ उपलब्धता का अत्यधिक प्रभाव पड़ता है। उत्तराखण्ड राज्य में पर्वतीय भू-भाग के दृष्टिगत प्रदेश के नागरिकों के चहमुखी विकास में सड़क मार्गों की प्रासंगिकता अत्यन्त उपयोगी है। प्रदेश के विकास में सड़क मार्ग लाइफ लाइन का कार्य करते हैं। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में विषम भौगोलिक परिस्थितियों तथा वर्ष में निर्माण हेतु समय की अल्प उपलब्धता के कारण सड़क एवं सेतुओं के निर्माण में आने वाली अत्यधिक लागत को देखते हुए भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार को प्रदान की गयी सहायता प्रदेश के विकास में सहायक सिद्ध होगी।

अब मेजर ध्यानचंद के नाम से जाना जायेगा खेल का सबसे बड़ा सम्मान, पीएम ने की घोषणा

भारत में खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाले सबसे बड़े सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर कर दिया गया है। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके दी है। पीएम मोदी ने कहा कि लोगों की भावनाओं को देखते हुए इस अवार्ड का नाम अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने क्या ट्वीट किया?

पीएम मोदी ने कहा है, देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। जय हिंद

ओलंपिक्स में हॉकी खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा- मोदी

एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है। जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

खेल रत्न का इतिहास

इस अवार्ड को 1991-92 में शुरू किया गया था। तब इसका नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था। इस अवार्ड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य खेल के क्षेत्र में सराहना और जागरूकता फैलाना है साथ ही खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाना है, ताकि वह समाज में और ज्यादा सम्मान प्राप्त कर सकें।

भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न पुरस्कार का नाम राजीव गांधी खेल रत्न की जगह मेजर ध्यानचंद खेल रत्न रखने के फैसले का खेल जगत ने स्वागत किया है। ध्यानचंद को महानतम हॉकी खिलाड़ी माना जाता है। हॉकी के इस जादूगर ने अपने 1926 से 1949 तक के करियर के दौरान 1928, 1932 और 1936 में ओलंपिक का शीर्ष खिताब हासिल किया था। उनकी जयंती के उपलक्ष्य में 29 अगस्त को देश का राष्ट्रीय खेल दिवस भी मनाया जाता है।

विश्व चैंपियनशिप में भारत की एकमात्र एथलेटिक्स पदक विजेता और यह पुरस्कार 2003 में हासिल करने वाली अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा कि खेल पुरस्कारों के नाम खिलाड़ियों के नाम पर रखे जाने चाहिए। उन्होंने कहा, यह सही समय है जब हम अपने खेल पुरस्कारों का नाम अपने खेल के दिग्गजों के नाम पर रखें। यह सही कदम है. ध्यानचंद हमारे खेल नायक और हॉकी के दिग्गज हैं और हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है. यह उचित ही है कि देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार का नाम ध्यानचंद के नाम पर ऐसे समय रखा गया है जब भारत ने 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीता है।

इस फैसले की सराहना करते हुए पूर्व हॉकी कप्तान अजीतपाल सिंह ने कहा कि पहचान देर से मिली लेकिन देर आये दुरुस्त आये। उन्होंने कहा, यह एक स्वागत योग्य कदम है। यह एक अच्छा फैसला है जो प्रधानमंत्री ने लिया है। खेल पुरस्कार हमेशा खिलाड़ियों के नाम पर होने चाहिए और ध्यानचंद जी से बड़ा देश में कोई खिलाड़ी नहीं है। यह मान्यता देर से मिली, लेकिन कभी नहीं से बेहतर है कि देर से मिली।

ओलंपिक कांस्य पदक मुक्केबाज विजेन्दर सिंह ने कहा कि ध्यानचंद जी को सम्मान देना अच्छी बात है लेकिन यह देश में खेलों के स्तर को उठाने के लिए काफी नहीं है। उन्होंने कहा, इस कदम के खिलाफ कुछ भी नहीं है, क्योंकि हम सभी ध्यानचंद जी के अपार योगदान का सम्मान करते हैं । लेकिन सरकार को खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए इससे कुछ ज्यादा करना चाहिए। उन्हें बुनियादी स्तर पर सुविधाओं की जरूरत है, जब तक हम ऐसा नहीं कर सकते, केवल पुरस्कारों का नाम बदलने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यह घोषणा की कि देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए खेल रत्न पुरस्कार को अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीमों के शानदार प्रदर्शन के बाद इस सम्मान का नाम महान हॉकी खिलाड़ी के नाम पर रखने का फैसला लिया गया।

केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि ध्यानचंद खेलों में भारत के सबसे बड़े नायक रहे हैं। उन्होंने कहा, मेजर ध्यानचंद जी ने अपने असाधारण खेल से विश्व पटल पर भारत को एक नई पहचान दी और अनगिनत खिलाड़ियों के प्रेरणास्रोत बने। जनभावना को देखते हुए खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक धन्यवाद।

भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी से सांसद बने गौतम गंभीर कहा, किसी (खेल) नायक का नाम पुरस्कार को और प्रतिष्ठित बनाता है। वहीं ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी इस कदम के लिए प्रधानमंत्री का शुक्रिया करते हुए कहा, खेल के सबसे बड़े पुरस्कार खेल रत्न को देश के श्रेष्ठ खिलाड़ी और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न रखने के फैसले के लिए मैं भारत सरकार और आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक धन्यवाद करता हूं।

ऐतिहासिक स्थल पर 101 फीट ऊंचा तिरंगा लहराया

तिरंगा झंडा जिस शान से लहराता है उसे देखकर हर भारतवासी का हृदय भावों से भर जाता है। देश के प्रति समर्पण और प्रेम का संचार मन में होता है। इसी भाव को प्रेरित करने के लिए त्रिवेणी घाट, ऋषिकेश में एमडीडीए द्वारा स्थापित 101 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अनावरण उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा किया गया।
देश की आजादी एवं उसकी आन बान और शान का प्रतीक तिरंगा झंडा राष्ट्र के प्रति सम्मान और देश भक्ति की भावना को जाग्रत करने के उद्देश्य से त्रिवेणी घाट पर 101 फीट ऊँचा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। ध्वजारोहण के दौरान ध्वजारोहण स्तंभ के शीर्ष तक राष्ट्रीय ध्वज का आरोहण कराया गया और तिरंगे को सलामी दी गयी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्विच दबाकर झंडे का आरोहण किया एवं झंडे को सलामी दी। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय गान से पूरा त्रिवेणी घाट गूंज उठा। मौजूद लोगों की आंखों में तिरंगे को फहरता देख एक अलग सी ही चमक दिखी।
बता दें कि यह तिरंगा झंडा 101 फीट ऊंचा 20 फीट चैड़ा और 30 फीट लंबा बनाया गया है। इसके साथ झंडे के लिए फोकस्ड लाइट्स भी लगाई गयी है। इसका सीधा फोकस तिरंगे पर पड़ेगा। हाइमास्क पोल पर लाइट लगाने के बाद रात की रोशनी में देश का राष्ट्रीय ध्वज खूबसूरत नजर आएगा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारे गर्व, शक्ति एवं गौरव का प्रतीक हमारा राष्ट्रीय ध्वज शांति, समृद्धि और सदैव विकास के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता है। आंखों के सामने लहराता राष्ट्रीय तिरंगा और मन में देश के लिए कुछ कर गुजरने का संकल्प भारत को नया भारत बना रहा है।उन्होंने कहा कि तिरंगा झंडा लग जाने के बाद इसे देख आते-जाते लोग खुद को गौरान्वित महसूस करेंगे।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल ने कहा कि हर कोई इस तिरंगे के लिए आहुति देने को तैयार रहता है। तिंरगे को देखकर आम लोगों में राष्ट्रीयता की भावना जगेगी। देश के लिए मरने मिटने की प्रेरणा मिलेगी।
इस अवसर पर ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, वीर भद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी, एमडीडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा, सहायक अभियंता पूर्णानंद बहुगुणा, नगर निगम पार्षद रीना शर्मा, डीपी रतूड़ी, कविता शाह, अनीता तिवारी, उषा जोशी, सुमित पवार, कविता शाह, प्रदीप कोहली, संदीप खुराना अनीता रैना, सुंदरी कंडवाल आदि उपस्थित थे।

सरकारी नौकरी के साथ ही स्वरोजगार के अवसर भी पैदा कर रही सरकार-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वरोजगार से ही आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य पूरा हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में प्रदेश के विभिन्न विभागों में संचालित स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए तय लक्ष्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों को बैकों से लोन लेने में कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी बैंकर्स के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जाए। लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए और उनकी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सभी जनपदों में स्वरोजगार के लिए कैम्प लगाये जाए। इसके लिए प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाय। रोजगार कैंप में जिला स्तरीय अधिकारी एवं बैंक के अधिकारी केन्द्र एवं राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं की जानकारी देंगे और मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे।

1 से 15 सितम्बर तक लगेंगे जनपदों में कैम्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 1 से 15 सितम्बर तक जनपदों में जो कैंप लगाये जायेंगे, उनमें जिलास्तरीय अधिकारी और बैंक के अधिकारी सभी आवेदनों का निस्तारण करते हुए लोन स्वीकृति की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। 30 सितम्बर तक सभी सही पाए जाने वाले आवेदकों के लोन स्वीकृत कर दिये जाएं। लोन के लिए बैंकों में प्राप्त आवादनों के शीघ्र निस्तारण के लिए बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ब्रांच स्तर तक लगातार मॉनिटरिंग करें। आवेदकों को व्यर्थ चक्कर न काटने पङें। उन्होंने कहा कि सभी योजनाएं धरातल पर दिखनी चाहिए। समाज के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक केन्द्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं पहुंचे, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। योजनाओं का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाय। सरकार जनता के द्वार पहुंचकर जन समस्याओं का समाधान करेगी।

प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के मंत्र से खुलेंगे समृद्धि के द्वार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के मंत्र को अपना कर राज्य की प्रगति में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। हमारे युवाओं में कौशल और प्रतिभा की कमी नहीं है। हमारे स्टार्ट-अप उद्योग की सफलता हमारे युवाओं के उत्साह को दिखाती है। स्वरोजगार से जुड़ने वाले लोगों के लिए मार्केट उपलब्ध करवाने पर भी फोकस करना होगा। उत्पादों की उच्च गुणवत्ता पर भी ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।

स्वरोजगार के लिए विभागों को दिए गए लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत स्वरोजगार से संबंधित मुख्य विभागों को लक्ष्य दिये। ग्राम्य विकास विभाग, समाज कल्याण, कृषि, पशुपालन, शहरी विकास, उद्योग एवं पर्यटन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने इन सभी विभागों को लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए इस वर्ष के टारगेट दिये। ग्राम्य विकास विभाग को 10 हजार, समाज कल्याण को विभाग को 1500, पशुपालन विभाग को 4 हजार, शहरी विकास को 26 हजार, उद्योग विभाग को 4500 एवं पर्यटन विभाग को 500 का लक्ष्य दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कार्यवाही में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए विभागों द्वारा सक्सेस स्टोरी बनाई जाय और लोगों को जागरूक किया जाय।

पोर्टल बेस्ड एप्रोच पर काम करें विभाग- मुख्य सचिव
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी लाई जाय। योजनाओं का जन-जन तक लाभ पहुंचे यह सभी अधिकारियों की सामुहिक जिम्मेदारी है। लाभार्थियों के आवेदनों की कमियों का त्वरित निस्तारण कर उनको योजनाओं का लाभ दिया जाय। कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभाग पोर्टल बेस्ड एप्रेच पर काम करें।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव अमित नेगी, आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलैश बगोली, राधिका झा, रंजीत सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश में सड़कों को पेचलैस मुक्त करे विभाग-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ.एस.एस.सन्धु ने उनके सचिवालय सभागार में प्रदेश में सड़कों को पेचलैस मुक्त किये जाने के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में सम्बन्धित विभागों को उपरोक्त दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, एनएचआई (डीसीएल), एनएचएआई और बीआरओ के विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में जहा पर यातयात अधिक है और सड़कों की कंडीशन भी खराब हैं उनको उच्च प्राथमिकता में लेते हुए सड़क सुधारीकरण के कार्य पूर्ण करें। उसके पश्चात् सड़क की दशा के अवरोही (घटते) क्रम में सुधारीकरण के कार्य पूर्ण करें। उन्होंने चारों विभागों के अधिकारियों से सड़कों की वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (डीसीएल), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एआई) और सडक सीमा संगठन (बीआरओ) तीनों विभागों की सड़कों की वस्तुस्थिति और सुधारीकरण कार्य की गुणवत्ता का ड्रोन सर्वे कराते हुए शीघ्रता से रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
मुख्य सचिव ने निर्माणदायी विभागों और एजेंसियों को सड़क की वास्तविक दशा और सुधारीकरण की जरूरत के अनुसार पुनर्निर्माण और सुधारीकरण के प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान ये सुनिश्चित करने को कहा कि सडक पर यातायात के आवागमन में और लोगों को मूवमेंट के दौरान अनावश्यक परेशानी ना हो। अव्यवस्थित तरीके की कार्यप्रणाली को स्वीकार नहीं किया जायेगा। उन्होंने विभागों से सड़क को पेचलैस (गड्ढा मुक्त) करने और सुधारीकरण की हेतु टाइमलाइन तय करते हुए निर्धारित अवधि में उस कार्य को पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने सडकों की रियल टाइम मॉनिटरिंग करने हेतु रोड असेस्मेंट सॉफ्टवेयर को एक्टिव करते हुए सभी स्टेटस को ऑनलाइन मोड पर प्रजेंट करने को कहा। उन्होंने प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु को निर्देशित किया कि पर्वतीय क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या के संबंध में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन से समन्वय करते हुए समाधान तलाशें।
इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, अपर सचिव अतर सिंह, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग हरिओम शर्मा, निदेशक बीआरओ विवेक श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक एनएचएआई पी.एस गोसाईं, डीजीएम प्रोजेक्ट एनएच (डीसीएल) प्रेमचन्द सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

शक्तिफार्म में बनाई जायेगी उप तहसील-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उधमसिंह नगर में विस्थापित बंगाली समाज को जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण पत्र से ‘‘पूर्वी पाकिस्तान’’ शब्द हटाये जाने तथा शक्ति फार्म को उप तहसील बनाये जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने शक्ति फार्म के साथ ही सितारगंज क्षेत्र की विभिन्न जन समस्याओं के त्वरित समाधान का भी आश्वासन दिया है। क्षेत्र वासियों को शीघ्र ही शक्ति फार्म आने का भी आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विधायक सितारगंज सौरभ बहुगुणा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आये लोगों ने भेंट की। स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्या से अवगत कराया। शक्तिफार्म के निवासियों की प्रमुख मांग थी कि विस्थापित बंगाली समाज को जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण पत्र से पूर्वी पाकिस्तान शब्द को हटा दिया जाय जिसकी वे वर्षों से मांग कर रहे हैं। उनके द्वारा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिये शक्तिफार्म में उप तहसील की स्थापना की भी मांग रखी।
मुख्यमंत्री ने सभी की समस्या सुनते हुए कहा कि विस्थापित बंगाली समाज के लोगों को जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण पत्र से पूर्वी पाकिस्तान शब्द हटाया जायेगा उन्होंने कहा कि इसका प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में भी लाया जायेगा। क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिये मुख्यमंत्री ने शक्तिफार्म में उप तहसील खोले जाने की भी घोषणा की। क्षेत्रीय लोगों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने शीघ्र शक्ति फार्म का भ्रमण करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सितारगंज सहित पूरे क्षेत्र की समस्याओं से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही खनन नीति के साथ ही उद्यमियों की सुविधा के लिये नीतियों में भी बदलाव किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रवासियों को केन्द्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिये अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अनावश्यक अपने काम के लिये शासन के चक्कर न लगाने पड़ें इसके लिये जिलाधिकारियों को जनपद की समस्याओं का समाधान जिले में ही किये जाने के सख्त निर्देश दिये गये हैं। सभी अधिकारी प्रतिदिन प्रातः 10 से 12 बजे तक दो घंटे नियमित रूप से जनता से मिल कर उनकी समस्याओं को समाधान करें इसके भी निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अधिक से अधिक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों इसके लिये विभागवार लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही राज्य में 40 हजार स्वयं सहायता समूहों को अलग से पैकेज की घोषणा भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने शक्ति फार्म में ग्रोथ सेंटर स्थापित करने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा एजेंडा चुनाव नहीं, प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास है। हम घोषणाओं के साथ शासनादेश भी जारी कर रहे हैं। जिस योजना का शिलान्यास करेंगे, उसका लोकार्पण भी किया जायेगा। हमारा विश्वास कार्यों को उलझाने में नहीं सुलझाने में है। हम बोलेंगे कम और काम ज्यादा करेंगे। उन्होंने सभी से प्रदेश व क्षेत्र के विकास में सहयोगी बनने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तहसील दिवसों का आयोजन सुनिश्चित किया जायेगा। सरकारी कार्यप्रणाली में हमने नो पेडेंसी की कार्य प्रणाली विकसित करने का नियम बनाया है।
विधायक सौरभ बहुगुणा ने क्षेत्र की विभिन्न जन समस्याओं के समाधान के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक लोहाघाट पूरन सिंह फर्त्याल, सचिव एल. फैनई सहित अन्य अधिकारी एवं सितारगंज क्षेत्र के लोग उपस्थित थे।

दो माह में 30 लाख आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य

प्रदेशवासियों को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बेहत्तर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कार्ड बनाने की प्रक्रिया का सरलीकरण करने के साथ ही दो माह के भीतर राज्य के 70 लाख लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करा दी जायेगी। इसके साथ ही 104 हेल्पलाइन नम्बर का विस्तार करते हुए सूबे के वरिष्ठ नागरिकों सहित आम जरूरतमंद को सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को हाईटेक बनाने के उद्देश्य से राज्यभर के 3232 एएनएम तथा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को एनएचएम के तहत टैबलेट मुहैया कराये जायेंगे।

यह बात चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विधानसभा स्थित कार्यालय में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य जनता को आयुष्मान कार्ड का अधिक से अधिक लाभ देने के उद्देश्य से कार्ड के बनाये जाने की प्रक्रिया एवं उपयोग के नियमों का सरलीकरण किया जायेगा। अभी तक राज्यभर के 40 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। जबकि आगामी दो माह में 30 लाख और लोगों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने हेतु ब्लॉक एवं न्यायपंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं असहाय लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग के हेल्पलाइन नम्बर 104 के माध्यम से विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को हाईटेक बनाने के उद्देश्य से विभिन्न जनपदों में तैनात एएनएम, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) एवं मिड लेवल हेल्थ प्रोवाइडर्स (एमएनएचपी) को एनएचएम के तहत विशेष टैबलेट मुहैया कराया जायेंगे। अभी तक विभाग 2137 सीएचओ एवं एएनएम को टैबलेट मुहैया करा चुका है जबकि शेष 1095 को शीघ्र टैबलेट उलब्ध कराये जायेंगे ताकि विभिन्न जनपदों में तैनात एएनएम तथा सीएचओ सीधे एनएचएम के पोर्टल से जुड कर आवश्यक डाटा एवं सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकेंगे। इसी प्रकार विभाग द्वारा प्रदेशभर की आशा कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराये गये हैं।

बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी, अपर सचिव एवं महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा सी. रविशंकर, मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका, अपर सचिव स्वास्थ्य अरूणेन्द्र सिंह चैहान, स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा, अपर सचिव गरिमा रौंकली, अपर मिशन निदेशक एनएचएम अभिषेक त्रिपाठी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

संभावित तीसरी लहर की तैयारी में जुटी सेवाभाव के लिए तैयार भाजपा

भाजपा के प्रदेश महामन्त्री सुरेश भट्ट ने कहा कि कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान के तहत शुक्रवार 6 अगस्त को देहरादून में प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत सहित दुनियां वैश्विक महामारी कोरोना से ग्रस्त है। भारत अपने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में इस महामारी का मजबूती से मुकाबला कर रहा है। इस कार्य में हमारे कोरोना यो़द्धा पूरी तत्परता से लगे हुए हैं, साथ ही देश की जनता भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाह्न पर महामारी से लड़नें में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

आज हम कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहे हैं, जैसा कि विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर भी आ सकती है, इसलिए हमें किसी भी संभावित तीसरी लहर के सफलतापूर्वक मुकाबले के लिए देश और समाज को तैयार करना है।

भट्ट ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा जी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता सेवा ही संगठन के मंत्र का अनुपालन करते हुए कोरोना के खिलाफ जंग में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं, लेकिन यह कार्य अभी समाप्त नहीं हुआ है। हमें आगे की तैयारी भी करनी है, जिससे की तीसरी लहर को रोका जा सके। यदि तीसरी लहर आती भी है तो उसका मुकाबला करने और कोरोना को पराजित करने में देश सफल हो इस दृष्टि से भाजपा द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान प्रारम्भ किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय स्तर से ग्रामध्बूथ स्तर की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। इसके निमित्त राष्ट्रीय, प्रान्तीय, जिला व मण्डल स्तर पर समितियों के गठन के साथ ही प्रत्येक बूथ से दो कार्यकर्ता के नाम वालिंटियर (स्वयंसेवक) के नाते तय किये जा रहे हैं।
अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण प्रारम्भ किये गये हैं। जिस क्रम में पिछली 28 जून का राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिल्ली में सम्पन्न हो चुका है, अब यह प्रशिक्षण कार्य प्रदेश, जिला व मण्डल स्तर पर किया जाना है। प्रशिक्षण के इसी क्रम में शुक्रवार को देहरादून में प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण होगा जिसमें अपने राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय, स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के मार्गदर्शन के साथ ही विशेषज्ञों द्वारा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षिण दिया जायेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक चलेगा। प्रशिक्षण का यह क्रम प्रदेश के सभी जिलों व मण्डलों में अगस्त माह में पूर्ण कर लिया जायेगा।
सुरेश भट्ट ने कहा कि भाजपा देश का एक जिम्मेदार राजनैतिक दल होने के नाते देश व समाज के प्रतिअपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण संजीदगी के साथ समझते हुए उसका बखूबी से निर्वहन करता है। देश व समाज के प्रति अपनी इसी जिम्मेदारी को निभाने के लिए हम प्रत्येक बूथ से कम से दो कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे जो कि अपने गांव व बूथों पर समाज को जागरूक व सजग रखते हुए किसी भी कोरोना की संभावित तीसरी लहर का मुकाबला कर उस पर विजय प्राप्त करेंगे। भाजपा का कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, समाज सजग व जागरूक रहेगा, कोरोना पराजित होगा। देश इस कोरोना महामारी पर विजय प्राप्त करके रहेगा।

मुख्यमंत्री ने ड्रोन के माध्यम से केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ड्रोन के माध्यम से श्री केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट, प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजक्ट है। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि श्री केदारनाथ धाम में पुनर्निमाण कार्यों में और तेजी लाने के लिए मानव संसाधन के साथ पर्याप्त उपकरणों की व्यवस्था भी हो।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री केदारनाथ श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में मास्टर प्लान के अनुरूप श्री केदारनाथ को भव्य बनाया जा रहा है।

समयबद्ध, गुणवत्तायुक्त और प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप कार्य पूरा करने के लिए निर्देश
प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप भव्य केदारपुरी के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री धामी कृतसंकल्प हैं। वे लगातार प्रोजेक्ट की मानिटरिंग कर रहे हैं। खराब मौसम के कारण केदारनाथ न जाने पर उन्होंने ड्रोन के माध्यम से केदारनाथ पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट का निरीक्षण और समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने प्रथम चरण में अवशेष आदिगुरू शंकराचार्य की समाधि स्थल एवं मंदाकिनी नदी पर बन रहे ब्रिज के निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आने वाले दो-तीन माह में श्री केदारनाथ में कार्य करने के लिए अच्छा समय है, इस दौरान तेजी से कार्य किये जायेंगे।

द्वितीय चरण के कामों में तेजी लाने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्री केदारनाथ में चल रहे द्वितीय चरण के जो कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, उनमें भी तेजी लाई जाय। सरस्वती नदी पर घाट एवं आस्था पथ के निर्माण के कार्य जल्द पूर्ण किये जाय।

प्रथम चरण के कार्य लगभग पूर्ण
प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी गई की श्री केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों के तहत प्रथम चरण के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। शंकराचार्य सामधि एवं ब्रिज का कार्य भी जल्द पूर्ण हो जायेगा। द्वितीय चरण के कार्यों में 116 करोड़ रूपये के कार्यों की स्वीकृत हो चुकी है। 08 कार्यों पर कार्य शुरू हो गया है। द्वितीय चरण में संगम घाट का नव निर्माण, आस्था पथ में रेन शेटलर, वाटर एटीएम, कमांड एण्ड कंट्रोल रूम, हॉस्पिटल बिल्डिंग एवं अन्य कार्य किये जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री स्वयं केदारनाथ यात्रा के अनेक बार साथ-साथ ड्रोन के माध्यम से कर चुके हैं विकास कार्यों की समीक्षा
प्रधानमंत्री केदारनाथ आपदा के समय से केदार पुरी के पुनर्निर्माण के लिए चिंतित हैं। प्रधानमंत्री स्वयं केदारनाथ यात्रा के अनेक बार साथ-साथ ड्रोन के माध्यम से विकास कार्यों की समीक्षा कर चुके हैं। 2013 में केदारनाथ आपदा के समय मुख्यमंत्री गुजरात रहते हुए उत्तराखंड सरकार प्रस्ताव दिया था कि केदारनाथ के पुनर्निर्माण में सहयोग करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री बाबा केदार से आध्यात्मिक रूप से जुड़े हैं। स्वयं ध्यान गुफा में बैठकर प्रधानमंत्री जी ने बाबा केदार के प्रति अपनी आस्था सार्वजनिक रूप से प्रकट की।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर सचिव पर्यटन युगल किशोर पंत एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मनुज गोयल उपस्थित थे।