ठोस कूड़ा प्रबंधन के लिए कार्य योजना तैयार करें-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश के सभी स्थानीय निकायों में ठोस कूड़ा प्रबन्धन के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ठोस कूड़ा प्रबंधन के लिए कार्य योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी स्थानीय निकायों से 100 प्रतिशत सेग्रीगेशन ऐट सोर्स लागू किया जाए।
मुख्य सचिव ने सभी स्थानीय निकायों में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की संख्या की जानकारी माँगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के लिए आवश्यक वाहनों की शीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा कि सड़कों से बड़े डस्टबिन हटाए जाने चाहिए। उन्होंने सभी यूएलबी से आवासीय भवनों, व्यावसायिक भवनों और संस्थानों से श्रेणीवार घर-घर से कूड़ा उठान और कूड़े का स्रोत से पृथक्करण (सेग्रीगेशन एट सोर्स) की रिपोर्ट भी तलब की। उन्होंने इसके लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग और थर्ड पार्टी सर्वे की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने पेयजल निगम द्वारा संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के सम्बन्ध में भी जानकारी ली। उन्होंने सभी एसटीपी का थर्ड पार्टी सर्वे और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिये गए। मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव शहरी विकास को भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर अपनी टीम दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर के सुधांशु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बदरीनाथ धाम आगमन पर राष्ट्रपति का जोरदार स्वागत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को उत्तराखंड स्थित भू-बैकुंठ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। मंदिर में करीब 25 मिनट तक पूजा करते हुए राष्ट्रपति ने देश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बदरीनाथ धाम आगमन पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति की अगवानी की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की बीच भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से बुधवार को सुबह 10ः20 बजे बद्रीनाथ आर्मी हेलीपैड पहुंची हेलीपैड पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, अन्य जनप्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी हिमांशु खुराना एवं पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। यहां से राष्ट्रपति काफिले के साथ मंदिर पहुंची और मंदिर में बद्री विशाल की वेद पाठ एवं विशेष पूजा की। बद्रीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी एवं तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा संपन्न की। मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार एवं अन्य पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को बद्री विशाल का प्रसाद एवं अंग वस्त्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर में राष्ट्रपति को भोजपत्र पर बनी बद्रीनाथ मंदिर की प्रतिकृति, आरती और स्थानीय उत्पादों की टोकरी भेंट की। भू-बैकुंठ धाम की अलौकिक सुंदरता देख राष्ट्रपति अभिभूत दिखीं। मंदिर में पूजा दर्शन के बाद राष्ट्रपति बद्रीनाथ से श्रीनगर के लिए प्रस्थान किया।

मंत्री अग्रवाल ने आपदा प्रभावितों को बांटे 20 लाख रुपये के चेक

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बीते माह अगस्त में आई आपदा से मंशा देवी वार्ड संख्या 37 में 800 प्रभावित परिवारों को करीब 20 लाख रुपए की राहत राशि के चौक वितरित किये।
रविवार को मंशा देवी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि अगस्त माह में अत्यधिक भारी वर्षा के कारण ऋषिकेश विधानसभा में काफी नुकसान निरीक्षण के दौरान देखने को मिला।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि उनके द्वारा मौके पर ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा भी लिया गया था बताया कि मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर मुआवजा राशि देने के निर्देश भी दिए थे।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि आपदा की घड़ी में सरकार जनता के साथ खड़ी है। कहा कि लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपदा की घड़ी में सभी ने धैर्य रखते हुए एक दूसरे की मदद की। डॉ अग्रवाल ने मौके पर वार्ड संख्या 37 में 800 आपदा से प्रभावित परिवारों को करीब 20 लाख रुपए के आपदा राहत के चेक वितरित किए।
इस मौके पर तहसीलदार चमन, मंडल अध्यक्ष भाजपा वीरभद्र सुरेंद्र सिंह, राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष निर्मला उनियाल, पार्षद विजेंद्र मोंगा, गढ़वाल मंडल प्रदेश संयोजक युवा मोर्चा संजीव कुमार, मण्डल उपाध्यक्ष विजय जुगलान, मण्डल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा अनिल कुमार, गीता मित्तल, पूनम डोभाल, समाजसेवी मानवेन्द्र कंडारी, पार्षद वीरेंद्र रमोला, ममता सकलानी आदि उपस्थित रहे।

तीन दिन की लंबी धार्मिक यात्रा को माना जा रहा है प्रचार से राहुल गांधी का पलायन

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का प्रचार चरम पर है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तीन दिन की धार्मिक यात्रा पर केदारनाथ धाम पहुंच गए हैं। उनकी इस यात्रा को भाजपा चुनाव प्रचार से उनके पलायन के रूप में देखा रही है। प्रचार युद्ध में भाजपा के सामने लगभग घुटने टेक चुकी कांग्रेस अब ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’ का कार्ड खेलने की फिराक में है। लेकिन राहुल गांधी को केदारनाथ में देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जमकर मोदी, जय श्री राम के नारे लगाए। इससे साफ है कि चुनाव से ऐन पूर्व राहुल गांधी के सॉफ्ट हिन्दुत्व के प्रपंच को जनता सिरे से खारिज कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं। केदारनाथ धाम से उनकी गहरी आस्था जुड़ी हुई है। भगवान शिव के प्रति उनकी अगाध श्रृद्धा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अभी तक छह बार (3 मई 2017, 20 अक्तूबर 2017, 7 नवंबर 2018, 18 मई 2019, 5 नवंबर 2021 और 21 अक्टूबर 2022) केदारनाथ धाम की यात्रा पर आ चुके हैं। वह हर साल केदारनाथ धाम की शरण में आते हैं सिर्फ 2020 में कोरोना प्रकोप के चलते वह केदारनाथ धाम की यात्रा पर नहीं आ सके थे। इसके अलावा मोदी देश और विदेश में हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों में पूजा अर्चना करते रहे हैं। अब तक भाजपा के हिन्दुत्व प्रेम पर कटाक्ष करने वाले राहुल अब प्रधानमंत्री मोदी की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। वह अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर रविवार को केदारनाथ धाम पहुंचे लेकिन उनकी कोशिशों पर उस वक्त पलीता लग गया जब केदारनाथ में पहुंचते ही राहुल गांधी को देखकर लोग मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। सवाल यह है कि जब पांच राज्यों में चुनाव का प्रचार चरम पर है तो ठीक उसी वक्त राहुल ने केदारनाथ धाम की तीन दिन की यात्रा का लम्बा कार्यक्रम क्यों बनाया। क्या हर बार ही तरह राहुल ने इस बार भी चुनावी प्रचार में ताकत झोंकने के बजाए पलायन किया है।
दरअसल, हर बार राहुल गांधी चुनाव प्रचार के वक्त कभी विदेश तो कभी अन्य स्थानों की यात्रा पर चले जाते हैं। वो स्टार प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी उठाने से भागते रहे हैं। उनका फण्डा यह है कि कांग्रेस जीत गई तो वह जीत का श्रेय खुद ले लेंगे और हार गई तो उनकी जवाबदेही तय नहीं होगी। इससे पहले कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में भी राहुल प्रचार से नदारद थे। जबकि प्रियंका मोर्चे पर डटी रही।

डिजिटल दौर में अर्थव्यवस्था के साथ जीवन शैली में भी सुधार हुआ-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ’डिजिटल नवाचार से सुशासन की ओर’ के अन्तर्गत सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी द्वारा निर्मित विभिन्न एप एवं पोर्टल का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न ग्राम प्रधानों को डिजिटल साक्षर बनाने की दिशा में कराये गये प्रशिक्षण के सर्टिफिकेट वितरित किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी द्वारा निर्मित आई.एफ.एम.एस मोबाइल एप्लीकेशन, ई-पेंशन पोर्टल, सिंगल साइन ऑन, स्टेट पोर्टल (नवीनीकरण), स्टेट जी.ओ पोर्टल, डी.बी.टी पोर्टल, यू.के विजिटर पास एप, पसारा पोर्टल, मुख्यमंत्री जन समर्पण (तहसील दिवस) पोर्टल, मुख्यमंत्री संदर्भ पोर्टल, पी.एम गतिशक्ति उत्तराखंड पोर्टल एवं अपुणी सरकार पोर्टल में अतिरिक्त सेवाओं का शुभारंभ किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन वर्जन 2, सीएम जन समर्पण (तहसील दिवस) पोर्टल, अपुणी सरकार पोर्टल, सीएम संदर्भ पोर्टल, यूके विजिटर एप, पी.एम गतिशक्ति उत्तराखंड पोर्टल, आई.टी.डी.ए ट्रेनिंग, डीबीटी पोर्टल, सिंगल साइन ऑन, आई.एफ.एम.एस मोबाइल एप्लीकेशन एवं ई-पेंशन पर आधारित लघु फिल्मों का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कार्यक्रम डिजिटल क्षेत्र में नवाचार का दिन है। आज आमजन को सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न सेवाओं का सरलीकरण कर उन्हें ऑनलाइन किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन सेवा के क्षेत्र में नित नए कार्य किया जा रहे है। हमारा राज्य डिजिटल के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में आगे बढ़े इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में आज हमारा राज्य निरंतर आगे बड़ रहा है। डिजिटल दौर में अर्थव्यवस्था के साथ जीवन शैली में भी सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ई-गवर्नेंस की मदद से गुड गवर्नेंस और पेपरलेस गवर्नेंस की ओर बढ़ रही है। राज्य में टेक्निकल एजुकेशन एवं ऑनलाइन ट्रेनिंग से भी युवाओं को जोड़ने का कार्य जारी है। राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को डिजिटाइजेशन से जोड़कर विकास को आगे बढ़ा रही है। उत्तराखंड राज्य को डिजिटल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में भी नेटवर्क कनेक्टिविटी पर तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने ई गवर्नेंस को प्रमोट करते हुए भ्रष्टाचार पर रोक लगाने का काम किया है। सरकारी कार्यालय में ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से भ्रष्टाचार पर बड़ी चोट हुई है। राज्य के प्रत्येक नागरिक में सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि का भाव जगा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आम जन को घर बैठे सरकारी सुविधाओं का लाभ मिले। उन्हें बेवजह सरकारी कार्यालय के चक्कर न काटने पड़े।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया के अंतर्गत ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। आज भारत के प्रत्येक क्षेत्र में डिजिटल ट्रांजेक्शन पेमेंट की सुविधा मौजूद है। प्रधानमंत्री ने ई गवर्नेंस के माध्यम से गुड गवर्नेंस की राह, संपूर्ण देश को दिखाई है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड राज्य निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
सचिव शैलेश बगौली ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर राज्य के अंतर्गत डिजिटाइजेशन को तीव्र गति के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। आम जन को किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए अधिक से अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है। उन्होंने कहा 4जी सैचुरेशन स्कीम के अंतर्गत उत्तराखंड में 500 से अधिक मोबाइल टावर लगाने का कार्य गतिमान है। 950 सरकारी सेवाओं को सेवा का अधिकार के अंतर्गत लिया गया है। जिसमें से 600 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन माध्यम पर मौजूद हैं।
सचिव शैलेश बगौली ने कहा कि राज्य के अंदर डिजिटल रिकॉर्ड कीपिंग पर कार्य जारी है। स्टेट डाटा सेंटर को अपडेट किया गया है। सीएम हेल्पलाइन 1905 को नए और अत्यधिक टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया है। तहसील स्तर पर होने वाली शिकायतों के सरलीकरण हेतु ई सिस्टम बनाया गया है।
इस दौरान कार्यक्रम में विधायक दुर्गेश्वर लाल, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव वित्त डॉ. वी. षणमुगम, विशेष सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक यू कास्ट प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक आईटीडीए श्रीमती नितिका खण्डेलवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले, धामी का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून में राज्य सम्पत्ति विभाग के अन्तर्गत स्वागती पद पर 8 संस्तुत अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा आगामी समय में सभी अभ्यर्थी राज्य के विभिन्न अतिथि गृहों में अपनी सेवाएं देंगे। स्वागती द्वारा किए जाने वाले सरल एवं सौम्य व्यवहार से ही हम अतिथि देवो भवः के सिद्धांत को पूरा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवनियुक्त अभ्यर्थी अपने कर्तव्य का पूर्ण मनोयोग एवं जिम्मेदारी से पालन करें।
इस दौरान सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव लक्ष्मण सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

टिहरी झील में आगामी 24 नवंबर से शुरू होने जा रहा टिहरी अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल

उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र में टिहरी झील सबसे तेजी से उभरता हुआ नया स्थल है। एडवेंचर टूरिज्म के शौकीनों के लिए यह स्थान हॉट फेवरेट साबित हो रहा है। यही वजह है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड के अंतर्गत राज्य की धामी सरकार द्वारा यहां नियमित रूप से विभिन्न आयोजन किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब टिहरी झील में 24 से 28 नवंबर तक अंतरराष्ट्रीय टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023 का आयोजन होने जा रहा है।
उत्तराखंड में साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार पूरी तन्मयता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन के खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा नित नए आयोजन किये जा रहे हैं। टिहरी झील में आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल इस दिशा में नए आयाम स्थापित करेगा।

देश-विदेश के 135 पायलट करेंगे भागीदारी
नवंबर में, राज्य टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल 2023 की मेजबानी करने जा रहा है। टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023, 24 नवंबर को शुरू होगा और 28 नवंबर को समाप्त होगा। इस रोमांचकारी इवेंट में प्रतिस्पर्धा करने के लिए 35 अंतर्राष्ट्रीय पायलट और 100 भारतीय पायलट भाग लेंगे। इस आयोजन में एक्रो फ्लाइंग, सिंक्रो फ्लाइंग, विंग सूट फ्लाइंग, डी-बैगिंग जैसे कई साहसिक कार्य देखने को मिलेंगे।
टिहरी के जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान यूफोरिया, पांडवास जैसे नामी बैंड भी शाम के समय अपनी प्रस्तुति देंगे।

इंस्टाग्राम पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने वीडियो शेयर करते हुए ये लिखा…
लुभावने टिहरी एक्रो फेस्टिवल का अनुभव करें, जिसमें 150 से अधिक विस्मयकारी हवाई कलाबाज़ों का जमावड़ा है, जो 24-28 नवंबर, 2023 तक होने वाला है। मंत्रमुग्ध होने के लिए तैयार रहें क्योंकि ये प्रतिभाशाली कलाकार अपने उल्लेखनीय कौशल, ताकत और कलात्मक चालाकी का प्रदर्शन करेंगे। यह असाधारण घटना एक अविस्मरणीय माहौल का वादा करती है जो आपको पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर देगी। इस सनसनीखेज अवसर को हाथ से न जाने दें-अपने कैलेंडर पर निशान लगाएं और इस अविस्मरणीय उत्सव का हिस्सा बनें।

मयूर महर से सीएम ने की फोन पर बात, उनकी नाराजगी दूर करने का किया प्रयास

पिथौरागढ़ की नैनी सैनी हवाई पट्टी से नियमित हवाई सेवा के संचालन और बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं को ठीक करने के मामले में आज मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक से फोन पर बातचीत कर राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्यवाही के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गंभीर है।
आपको बता दें कि विगत दिवस कांग्रेस विधायक मयूर महर पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाई पट्टी से नियमित हवाई सेवा व बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन में धरने पर बैठ गए थे। इस मामले में मुख्यमंत्री ने आज विधायक मयूख महर से फोन पर वार्ता की और बताया कि सरकार पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा शुरू करने और बेस हॉस्पिटल की सारी व्यस्थाओं को ठीक करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने विधायक को कहा कि हॉस्पिटल को निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के साथ संबद्ध किया जाना है। मेडिकल कॉलेज के पदों की स्वीकृति और नियुक्ति के संबंध में भी कार्यवाही किये जाने की उन्होंने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से हवाई सेवा के लिए एक एयरलाइन ने इस हेतु अपनी सहमति भी दे दी है। इसके लिए लाइसेंस दिये जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और उनके द्वारा लगातार इसकी समीक्षा की जा रही है।

समय बहुमूल्य है इसकी महत्ता को सभी को समझना होगा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नैनीताल स्थित प्रेमा जगाती सरस्वती विहार विद्यालय के वार्षिकोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में शिक्षा ग्रहण करने का अर्थ केवल किताबी ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें हम स्वयं की और अपने अस्तित्व की खोज करते हैं। एक व्यक्ति के रूप में हमारे सर्वांगीण विकास और एक श्रेष्ठ समाज के निर्माण में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। एक व्यक्ति बचपन में जिस प्रकार की शिक्षा और संस्कार प्राप्त करता है उसी से उसका चरित्र निर्माण होता है।
उन्हांेने विद्यार्थियों से कहा कि किताबी ज्ञान तक सीमित ना रहें स्वयं के अस्तित्व की खोज कर अपने जीवन को सफल बनायें। उन्होंने कहा बचपन के संस्कार सम्पूर्ण जीवन में काम आते है इसलिए हमें बच्चों को बचपन से ही संस्कारवान शिक्षा प्रदान कर भविष्य के निर्माण के लिए कार्य करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन का लक्ष्य तय करते हुए पूर्ण मनोयोग, ईमानदारी,कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने को कहा। यही मूल मंत्र जीवन को सफल बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि प्रत्येक मनुष्य में अनंत ऊर्जा शक्ति का भण्डार है उसे सिर्फ जानने व दिशा देने की जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में कभी कोई परेशानी आती है तो उसे सकारात्मक सोच के साथ समस्या का समाधान करें। उन्होंने बच्चों से कहा कि यह शिक्षा का कालखण्ड दोबारा आपके जीवन में कभी नहीं आयेगा, समय बहुमूल्य है इसकी महत्ता को सभी को समझना होगा, एक-एक पल जीवन के लिए उपयोगी है अगर हम समय को समझ लेते हैं तो अपने जीवन के साथ ही देश व प्रदेश नाम रोशन कर सकते है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, गुरुकुलों की भूमि है, यहां ऐसे ऋषि- मुनि हुए जिन्होंने सनातन ग्रंथो की रचना की। वीरभट्टी की इस महान धरती पर पढ़ने वाले आप सभी विद्यार्थी भी ऋषि संतानें हैं और अवश्य ही आप लोग अपना,अपने परिवार का और अपने प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे छात्र देश का भविष्य है। देश व प्रदेश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज नए भारत का निर्माण हो रहा है, जिसके अंतर्गत देश में अभूतपूर्व रूप से नित-नए कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री द्वारा वर्तमान समय के अनुसार बनाई गई नई शिक्षा नीति को हमारे सम्मुख रखा गया। नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे, इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे। स्कूली स्तर पर ’’कौशल विकास’’ से ’’युवा कुशलता’’ के साथ कार्य करने में सक्षम होंगे। साथ ही इससे शोध एवम् अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। देश को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री जी के लक्ष्य को पूर्ण करने में नई शिक्षा नीति अवश्य ही कारगर साबित होगी। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि अमृत काल में भारत को विश्व की तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनाना है। इसके लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी तभी हम सफल होंगे। उन्होंने कहा कोरोना काल में देश के प्रधानमंत्री ने अभिभावक की तरह देश व विश्व में कार्य किया। अपने देश में कोरोना वैक्सीन देने के साथ ही विश्व में कोरोना वैक्सीन देने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य है। हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालय के इस गरिमामय समारोह में आकर वे अभिभूत हैं। यहां आकर उनकी छात्र जीवन की स्मृतियां जीवंत हो गयी। विद्यालय अत्यंत ही कठिन परिस्थितियों में स्थापित हुआ परंतु आज ये विद्यालय एक विशाल वट वृक्ष का रूप ले चुका है। जगाती परिवार ने इस शिक्षण संस्थान के लिए अपनी भूमि दान कर जो शिक्षा सेवा का पुण्य कमाया है, उसके लिए जगाती परिवार बधाई का पात्र है।
पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार स्कूल के 36 वें वार्षिकोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा इस विद्यालय के विद्यार्थी आज इंजीनियर,कारोबारी, प्रशासनिक अधिकारी व राजनीतिज्ञ बनकर अपनी बुलंदियों को छू रहे हैं। विद्यालय परिवार द्वारा इस स्थान पर एक विश्वविद्यालय बनाए जाने का संकल्प लिया है। उनका संकल्प अवश्य पूर्ण होगा, इस संबंध में राज्य सरकार के स्तर पर जो भी सहयोग होगा वह किया जायेगा। भूमि चिन्हीकरण कार्य के लिए पूर्ण प्रयास कर परिकल्पना को साकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय की सड़क मार्ग को दुरुस्त करने का कार्य लोनिवि द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि विद्यालय में विद्युत की जो भी समस्या हो उसे दुरूस्त करना सुनिश्चित किया जाये।
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि इस विद्यालय से पढ़कर विद्यार्थी देश के विभिन्न क्षेत्रों में सेना, प्रशासन व आदि स्थानों पर कमान संभाल रहे है। उन्होंने अध्ययनरत विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और गुरुजनों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर के प्राचार्य और गुरुजनों की मेहनत से यहाँ के विद्यार्थियों ने देश के विविध क्षेत्रों में अपनी सुगंध फैलाई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मूल मंत्र विद्या भारती से लिए गया है। इस शिक्षा नीति से विद्या भारती ही नहीं अपितु देश के समस्त सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों को इंडिया से भारत बनने की संकल्पना को पूरा किया जाएगा। नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ ही व्यवसायिक विषयों पर जोर दिया गया है। इससे देश को कौशल युक्त उच्च कोटि के मानव संसाधन मिलेंगे जो राष्ट्र को विश्व गुरु बनने में पूर्ण सहयोगी बनेंगे। उन्होंने युवा पीढ़ी के सर्वागींण विकास के लिए आध्यात्मिक इंटेलिजेंस से जोड़ने की बात पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा विद्यालय के 12वी के तीन और 10वी के 15 मेधावियों को पुरस्कृत किया।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ सूर्या प्रकाश ने विद्यालय की आगामी वार्षिक कार्ययोजना के साथ ही विद्यालय की सम्पूर्ण गतिविधियों, उपलब्धियों की जानकारी दी। वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शिव तांडव, हनुमान, गणेश वंदना नृत्य और नाटक सिक्का बदल गया मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ माधव प्रसाद के साथ ही विद्यार्थी रक्षित कर्नाटक और कृष्णा त्यागी ने किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के संरक्षक कामेश्वर प्रसाद काला, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रो के पी सिंह, प्रबंधक श्याम अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विपिन अग्रवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू, राष्ट्रीय मंत्री किशन वीर, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भीमताल राम सिंह कैड़ा, लालकुआ डॉ मोहन सिंह बिष्ट, कपकोट सुरेश गढ़िया, मंडी अध्यक्ष डॉ अनिल कपूर डब्बू, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवम अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट, जिलाधिकारी वंदना सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी एन मीणा, सीडीओ डॉ संदीप तिवारी, अपर जिलाधिकारी शिव चरण द्विवेदी सहित विद्यालय के गुरुजन और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री से लिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम में शामिल हुये। उन्होंने पं0 धीरेन्द्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त कर उन्हे सनातन संस्कृति का संरक्षक बताया। वे हमारी सनातन संस्कृति के संरक्षक के रूप में भारत की सही पहचान को भावी पीढी तक पहुंचाने का दायित्व निर्वहन कर रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने ठीक ही लिखा है कि बिनु सत्संग विवेक न होई, रामकृपा बिनु सुलभ न सोई। अथार्तः सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और श्री रामजी की कृपा के बिना सत्संग सहज नहीं मिलता। ठीक उसी प्रकार संपूर्ण विश्व को ज्ञान, दर्शन, आध्यात्म और संस्कृति से परिचित कराने वाले पूजनीय धीरेंद्र शास्त्री जी के माध्यम से आज उन्हें इस दिव्य दरबार में बालाजी महाराज के प्रति अपनी आस्था को साझा करने का एक अप्रतिम अवसर प्राप्त हुआ है। ऐसे पावन दरबार में हाजिरी लगाने का सौभाग्य विरले लोगों को ही प्राप्त होता है और इसमें भी यदि महाराज श्री का आशीर्वाद मिले तो इसका आशीष कई गुना बढ़ जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी कम आयु में बजरंग बली ने महाराज जी पर कृपा की यह किसी दैवीय चमत्कार से कम नहीं है। महाराज जी के पास हमेशा बजरंगबली की प्रतिमा होती है, यह इस बात का प्रमाण है कि जिसके पास भगवान श्रीराम की भक्ति की शक्ति होगी उस पर हमेशा बजरंगबली का आशीर्वाद रहेगा। उन्होंने कहा कि हनुमान जी चिरंजीवी हैं और जहां भी उनका दिव्य दरबार लगता है वहां हनुमान जी का वास स्वतः ही हो जाता है। आज दुनियाभर में दिव्य दरबार लगाकर महाराज जी, भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार कर रहे हैं और भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए सभी से एकजुट होने का आह्वान करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए एकजुट होना ही होगा और इसका अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करना होगा जिससे आने वाली पीढ़ी सनातनी मूल्यों से परिचित हो सके। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अभूतपूर्व रूप से सनातन संस्कृति का परचम पुनः संपूर्ण विश्व में लहरा रहा है। हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था। अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बन कर तैयार होने वाला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक चेतना के पुनरोत्थान का कालखंड है। आज भारत पुनः विश्वगुरु के पद पर आरूढ़ होकर समूचे विश्व का मार्गदर्शन करने के लिये तत्पर है। आज प्रधानमंत्री जी, के महान विचारों पर चलकर ही उत्तराखण्ड विकास की राह पर अग्रसर है मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में शीघ्र ही हम उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने में सभी के सहयोग से अवश्य सफल होंगे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं0 धीरेन्द्र शास्त्री का मुख्यमंत्री आवास आगमन पर उनका स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।