पर्यटन को आर्थिकी का मजबूत जरिया बनाने पर जोर

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रदेश में पर्यटन को आर्थिकी को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति ने पर्यटन की दृष्टि से बहुत अधिक समृद्ध बनाया है।
मुख्य सचिव ने पिछली बैठक के निर्देशों के अनुपालन में पर्यटन विभाग द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राफ्टिंग और कयाकिंग के लिए सर्वे करवा कर नए स्थानों का चिन्हीकरण कर राफ्टिंग और कयाकिंग को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने पैरा सेलिंग, वाटर बाइक, ऐरो पैरामोटर, ऐरो पैराग्लाइडिंग आदि गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने के लिए स्पर्धाएं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इनका प्रचार प्रसार भी किया जाए ताकि पर्यटक इनकी ओर आकर्षित हों।
मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी झील में हाउस बोट और क्रूज आदि के साथ ही फिक्स्ड हॉट एयर बैलून की संभावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने कहा कि हिमालय दर्शन योजना के अंतर्गत मंदाकिनी घाटी की खूबसूरती को एक्सप्लोर किए जाने की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने एस्ट्रो टूरिज्म की दिशा में हुई प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का वातावरण इसके लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि बेनिताल एस्ट्रो विलेज की तर्ज पर आसपास अन्य एस्ट्रो विलेज पर तेजी से कार्य करते हुए चारधाम यात्रियों को इस और आकर्षित किया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक जिले में कम से कम एक एस्ट्रो विलेज विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए, रोपवे परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चारधाम यात्रा ऑफिस, मानसखंड कॉरिडोर के कार्यों में भी गति लाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने ट्रैकर्स और पर्वतारोहियों को रेडियो बैंड उपलब्ध कराए जाने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि इस क्षेत्र में बहुत सी तकनीकें उपलब्ध हैं। उनका अध्ययन कर सबसे उपयुक्त वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाए।
इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

जनता की समस्याएं उनके क्षेत्र में जाकर सुने अधिकारी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिये जो भी शिकायतें लोगों द्वारा की जाती है उन पर त्वरित कार्यवाही की जाय। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों एवं समस्याओं का निराकरण होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आयुक्त एवं आईजी को सख्त निर्देश दिये है कि जो भी भ्रष्टाचारी होगा उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कोई भी नागरिक भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में टोल फ्री नम्बर 1064 पर जानकारी दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से उत्तराखण्ड में आने वाले बाहरी असामाजिक तत्वों पर रोक लगाना जरूरी है। इसके लिए पुलिस महकमे के साथ ही वन विभाग व अन्य विभागों को चैकन्ना रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा इसके लिए सघन चेकिंग अभियान समय-समय पर चलाये जांए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी एवं तत्परता से करें। जन समस्याओं का निराकरण अपना दायित्व समझें। उन्होंने कहा कि कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। अधिकारी जनता एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर विकास कार्यों को गति दें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम जनमानस के साथ ही जनप्रतिनिधियों के फोन अवश्य उठायें तथा लोगों को सकारात्मक रूप से सुनवाई कर समस्या का समाधान करें। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि कोई भी विभाग अपनी जिम्मेदारी दूसरे विभाग पर ना डाले। इससे कार्यों में विलम्ब होता है।
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में धीमी गति से कार्य करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की उन्होंने अधिकारियों से कहा कार्यों में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में विकास कार्यों के प्रोजेक्ट वन विभाग की आपत्तियों के कारण जो प्रोजेक्ट लम्बित है उन्हें सम्बन्धित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सरलीकरण के साथ समाधान करें जिससे विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने आयुक्त दीपक रावत को निर्देश दिये कि कुमाऊं मण्डल में होने वाले विकास कार्यों की मॉनिटरिंग की जाए कार्यों में कोताही व शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाए।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों से कहा कि ग्राम स्तर की समस्यायें आम जनमानस की जिला स्तर पर ना आये इसके लिए जिलाधिकारी के साथ ही जनपद स्तरीय अधिकारी क्षेत्रों में जाकर लोगों के बीच उनकी परेशानियों से रूबरू हों ताकि क्षेत्रवासियों की समस्या का समाधान मौके किया जा सके। इसके लिए नोडल अधिकारियों के साथ ही जिला स्तरीय अधिकारी रोस्टर बनाकर क्षेत्रों में कैम्प का आयोजन करें। बैठक में मुख्यमंत्री को जनपद में हो रहे विकास कार्यों की प्रगति पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत की गई।
बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत बेला तोलिया, मेयर डा0 जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, रामसिंह कैडा, डा0 मोहन सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट के साथ ही आयुक्त दीपक रावत, आईजी नीलेश आन्नद भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भटट के साथ ही मण्डल एवं जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चिड़ियाघर बनाने की घोषणा कर गए सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट क्षमता 28 एमएलडी लागत 35 करोड 58 लाख तथा लिगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट लागत 3 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण कर हल्द्वानी को समर्पित किया।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा पर्यटन एवं वन्यजीवों के पहचान के लिए बनने वाले अंतर्राष्ट्रीय चिड़ियाघर के लिए आवश्यकतानुसार धनराशि स्वीकृत करने की घोषणा की साथ ही उन्होंने कहा कि नशे से युवाओं को दूर रखने हेतु वर्ष 2025 रजत जयंती ड्रग्स फ्री देवभूमि प्रदेश होगा इसके लिए हल्द्वानी में नशा मुक्ति केन्द्र खोलने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने सुशीला तिवारी चिकित्सालय में आधुनिक कैथलैब स्थापना की घोषणा करते हुए कहा कि चिकित्सालय में कैथलैब खुल जाने से हृदय रोगियों को आसानी से ईलाज मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने गौलापार क्षतिग्रस्त नहर के जीर्णोद्धार हेतु धनराशि आवंटित करने की लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में विद्युत पोल, नई लाईनों एव ट्रांसफार्मरों आदि के लिए धनराशि देने की तथा लालकुआं बंगाली कॉलोनी एवं हाथीखाना हेतु पेयजल एवं विद्युत हेतु डीपीआर बनाने के साथ ही धनराशि स्वीकृत करने की घोषणा की।
अपने सम्बोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नमामि गंगे की कल्पना की गई थी वह धरातल पर साकार हो रही हैं। उन्होंने कहा गंगा नदी के साथ ही प्रदेश की सभी नदियों का प्रदूषण को समाप्त करने और नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए योजना प्रारम्भ की गई है। उन्होंने कहा प्रदेश का अमृत योजना के तहत सबसे बडा सीवर प्लांट हल्द्वानी शहर में प्रारम्भ हो जाने से गौला नदी को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा वही सीवर का प्रयोग जैविक खाद के रूप में किसानों द्वारा उपयोग में लाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह प्लांट भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार गंगा नदी सहित सभी नदियों को निर्मल एवं स्वच्छ रखने की ओर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गंगा नदी के साथ ही सहायक नदियों को दूषित करने वाले 132 नालों में सीवरेज प्लांट स्थापित कर दिये हैं तथा 11 सीवरेज प्लांटों पर निर्माण गतिमान है। उन्होंने कहा मां गंगा मोक्षदायिनी है गंगा का स्वच्छ एवं निर्मल होना जरूरी है इसके लिए सरकार द्वारा नमामि गंगे के तहत अभियान चलाकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड की सीमाओं की अन्तिम छोर तक गंगा जल पीने योग्य एवं उच्च कोटि का हो यही हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि अमृत कार्यक्रमों के द्वारा प्रधानमंत्री ने जो विजन दिया है हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी को प्रदेश की मानसखंड झांकी को गणतंत्र दिवस परेड में प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्तराखण्ड ने इतिहास रचा है। हम सब के लिए यह पल गौरवशाली है। उन्होंने कहा कि झाकी में पुराणों में गढ़वाल का केदारनाथ व कुमाऊं का मानसखंड के रूप में प्रदेश के 63 धार्मिक स्थलों का विस्तार से वर्णन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हल्द्वानी शहर की अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 22 सौ करोड़ धनराशि दी है जल्द ही हल्द्वानी शहर स्मार्ट सिटी का मूर्त रूप लेगा। मुख्यमंत्री द्वारा सीवरेज प्लांट का निरीक्षण भी किया गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मेयर डा0 जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला ने कहा कि अमृत योजना के अन्तर्गत बनने वाले प्रदेश का सबसे बडा सीवर प्लांट है। डा0 रौतेला ने कहा आज हल्द्वानी विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। यह प्लांट स्वच्छता में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा जल्द ही तीन से चार माह के भीतर कम्पोस्ट प्लांट पर भी कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा हल्द्वानी शहर में बैणीसेना के द्वारा डोर टू डोर कलेक्शन करने से निगम की आय 7 लाख से बढ़कर 32 लाख हो गई है। कार्यक्रम में विधायक डा0 मोहन सिंह बिष्ट तथा जिलाध्यक्ष भाजपा प्रताप बिष्ट द्वारा भी सम्बोधन किया गया।

भाजपा पर आरोप लगा रही कांग्रेस को सता रहा अब डर

इंसाफ की लड़ाई में सीएम पुष्कर सिंह धामी युवाओं के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। जिस तरह से पेपर लीक प्रकरण में कार्रवाई हो रही है। उससे सरकार यह संदेश देने में सफल हो गई है कि दल के हों या विपक्षी भ्रष्टाचारियों की एक ही जगह जेल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी साफ कह चुके हैं कि हमारी सरकार नकल माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को अपनाकर कार्यरत है, नकल में जो भी संलिप्त पाया जाएगा उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के युवाओं के साथ किसी भी प्रकार से अन्याय न हो इसके लिए पूर्ण पारदर्शिता के साथ परीक्षाओं का आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा।
आपको बता दें कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की सहायक अभियंता (एई) और अवर अभियंता (जेई) की लिखित भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में दो भाजपा नेताओं की भूमिका सामने आई थी। दोनों भाजपा नेताओं के बाद अब देहात के कांग्रेस से जुड़े नेताओं के नाम भी सामने आने की चर्चाएं जोरों पर हैं। वहीं, गठजोड़ का कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है। एसआईटी के अधिकारी ज्यादा कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। एई-जेई के पेपर लीक प्रकरण में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय धारीवाल, भाजपा नेता नितिन चैहान की भूमिका सामने आने के बाद एसआईटी ने मुकदमा दर्ज कराया था। भाजपा नेता नितिन चैहान को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि एक अभी हत्थे नहीं चढ़ पाया।
पेपर लीक कांड में भाजपा नेताओं के नाम सामने आने से पार्टी की भी किरकिरी हुई है। वहीं, एसआईटी जैसे-जैसे जांच कर आगे बढ़ रही, वैसे-वैसे चैंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। दोनों परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक मामले में भाजपा नेता संजय धारीवाल की भूमिका रही है। उसकी पहचान एजेंट के रूप में की जाती है।
अब भाजपा के बाद मामले में देहात क्षेत्र के कुछ कांग्रेस नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। बहरहाल, अभी एसआईटी विवेचना में साक्ष्य एकत्र कर आगे बढ़ रही है। जांच में आगे कई बड़े नाम खुलकर सामने आ सकते हैं, लेकिन अभी एसआईटी से जुड़े आलाअधिकारी कुछ खुलकर बोलने से बचते नजर आ रहे हैं।

जनता के लिए समर्पित है सरकार, अधिकारियों की कार्यशैली निराशाजनक-अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक और मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने नेशनल हाईवे द्वारा किये जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तय समय के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण न होने पर मंत्री डा. अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की कार्यशैली निराशाजनक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि तीन दिन के भीतर ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाए। साथ ही 31 मार्च तक निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए।
शुक्रवार को मंत्री डा. अग्रवाल हरिद्वार मार्ग स्थित पुरानी चुंगी पहुंचे। यहां पर नेशनल हाईवे के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की जानकारी मांगी। जिस पर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नेपाली फाॅर्म से कोयलघाटी (7.8 किलोमीटर) तक सड़क के दोनों ओर दो-दो मीटर की टाइल्स को लगाया जाना है, जबकि कोयलघाटी से दून तिराहा (1.7 किलोमीटर) तक बीच सड़क में डेढ़ मीटर का डिवाइडर तथा डिवाइडर के दोनों ओर सात-सात मीटर चैड़ी सड़क तथा उसके बाद दो-दो मीटर की दोनों ओर टाइल्स तथा उसके बाद डेढ़-डेढ़ मीटर चैड़ा नाला बनना है।
विभागीय अधिकारियों ने मंत्री डा. अग्रवाल को बताया कि निर्माण कार्य सात करोड़ 49 लाख रूपये में किया जाना है। बताया कि इस कार्य को 26 अक्टूबर 2022 को पूर्ण किया जाना था। इस पर मंत्री डा. अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त की और कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा के सौंदर्यीकरण के लिए उनकी ओर से अनेक कदम उठाये जा रहे हैं, मगर अधिकारी अपनी लचर कार्यशैली के चलते जनता को भ्रमित कर रहे है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि निर्माण कार्य तय समय बीत जाने के बाद भी पूरी तरह शुरू नहीं हो सका है। डा. अग्रवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूर्ण किया जाए। साथ ही तीन दिन के भीतर ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाए।
इस मौके पर एनएच के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, सरदार सतीश सिंह, पार्षद शिव कुमार गौतम, कविता शाह, नितिन सक्सेना, विवेक शर्मा, रंजन अंथवाल, अभिनव पाल, जगावर सिंह, सहायक अभियंता अमित कुमार वर्मा, अपर सहायक अभियंता विकास परमार, अपर सहायक अभियंता छत्रपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।

पत्रकारों ने कहा-धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सीएम की सोच सकारात्मक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मीडियाकर्मियों ने भेंट की। उन्होंने गणतंत्र दिवस की परेड में कर्तव्य पथ पर शामिल उत्तराखंड की “मानसखंड झांकी“ को पहली बार प्रथम स्थान प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। मीडियाकर्मियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि मानसखण्ड को देश मे प्रथम स्थान मिलने से उत्तराखंड को देश में पहचान मिली है। मानसखण्ड झांकी के माध्यम से देश विदेश के पर्यटकों को मंदिर माला मिशन की जानकारी भी मिलेगी। प्रतिनिधि मंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा, मनोज इष्टवाल, दयाशंकर पांडेय, अमित अमोली, रमन जायसवाल, सुभाष गौड़ व अवधेश नौटियाल आदि शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया गौरवशाली पल और उपलब्धि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा यह उपलब्धि हम सबके लिए गौरवशाली पल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराणों में गढ़वाल का केदारखंड और कुमाऊं का मानसखंड के रूप में वर्णन किया गया है। स्कंद पुराण में मानसखंड के बारे में बताया गया है। जागेश्वर मंदिर की बहुत धार्मिक मान्यता है। गणतंत्र दिवस परेड को अभी तक राजपथ के नाम से जाना जाता था, किंतु इस वर्ष उसका नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा गया है। नाम बदलने के बाद कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की यह पहली परेड थी, जिसमे उत्तराखंड की झांकी मानसखंड को देश मे प्रथम स्थान मिलने से इतिहास में उत्तराखंड राज्य का नाम दर्ज हो गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक नवजागरण में उत्तराखंड सरकार भी काम कर रही है। मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। “मानसखण्ड” मंदिर माला मिशन के तहत चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को भी विकसित किया जा रहा है।
वहीं, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि इस वर्ष के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं मानसखंड की झांकी का सुझाव दिया था व इसके डिजाइन का तीन बार स्वयं अवलोकन कर उसे फाइनल किया था। यह पूरे प्रदेश के लिए खुशी की बात है।

क्या है मानसखंड मंदिर माला मिशन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ की भांति ही कुमाऊं के प्रमुख पौराणिक महत्व के मंदिर क्षेत्रो में अवस्थापनात्मक विकास के लिए मानसखंड मन्दिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा है। इन्हें बेहतर सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इस योजना के जरिए गढ़वाल और कुमाऊं के बीच सड़क कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड में गढ़वाल और कुमाऊं के बीच यातायात सुगम हो। मानसखंड कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखंड कॉरिडोर पर काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विभिन्न धार्मिक सर्किटों का विकास किया जाए। उन्होंने कहा इसके तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले मुख्य मंदिरों को आपस में जोड़ेंगे एवं सर्किट के रूप में विकसित करके धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इन प्रमुख मंदिरों का होगा विकास
मुख्यमंत्री धामी के विजन के अनुसार पहले चरण में करीब 2 दर्जन से अधिक मंदिरों को इसमें शामिल किया गया है। इनमें जागेश्वर महादेव, चितई गोलज्यू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर, नंदादेवी मंदिर कसारदेवी मंदिर, झांकर सैम मंदिर पाताल भुवनेश्वर, हाटकालिका मंदिर, मोस्टमाणु मंदिर, बेरीनाग मंदिर, मलेनाथ मंदिर, थालकेदार मंदिर, बागनाथ महादेव, बैजनाथ मंदिर, कोट भ्रामरी मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर गुफा, गोल्ज्यू मंदिर, निकट गोरलचैड मैदान, पूर्णागिरी मंदिर, वारही देवी मंदिर देवीधुरा, रीठा मीठा साहिब, नैनादेवी मंदिर, गर्जियादेवी मंदिर, कैंचीधाम, चैती (बाल सुंदरी) मंदिर, अटरिया देवी मंदिर व नानकमत्ता साहिब प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं।

उत्तराखंड वीरों की भूमि, यहां हर घर सैनिक परिवार-धामी

’’राष्ट्र-सर्वोपरि’’ की भावना से ओत-प्रोत हमारे वीर सैनिकों ने सदैव ही देश की ’’आन-बान और शान’’ को अक्षुण्ण रखने का कार्य किया है। हमारे देश के वीर सैनिकों ने आजादी के बाद हुए प्रत्येक संघर्ष में हमेशा अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मन के छक्के छुड़ाने का साहस दिखाया है। देवभूमि उत्तराखंड के अनेकों वीर सैनिकों ने भी देश की सुरक्षा के लिये अपने प्राण न्योछावार किये हैं। जिन्होंने अपने अदम्य साहस और वीरता से विश्व को यह आभास कराया है कि शांति का उपदेश देने वाली हमारी यह पावन भूमि समय आने पर अपने शौर्य और पराक्रम द्वारा दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब देने की क्षमता भी रखती है।
शुक्रवार को सहस्त्रधारा रोड़ स्थित एक होटल में आयोजित एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सम्पूर्ण विश्व, भारत की शक्ति एवं सामर्थ्य से परिचित हुआ है, जिसका परिणाम है कि अब कोई भी दुश्मन हमारी ओर आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता। अब देश की सुरक्षा में लगे सैनिकों को दुश्मन की गोली का जवाब देने के लिए सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। हमारी सेना गोली का जवाब गोलों से देने का कार्य करती है।
म्ुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व एवं रक्षामंत्री के अथक प्रयत्नों का ही परिणाम है कि हमारे सैनिकों को किसी भी प्रकार के सैन्य साजो समान की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है। एक सैनिक पुत्र होने के नाते उन्होंने राष्ट्र सेवा के प्रति हमारे वीर जवानों के जज्बें को बहुत ही करीब से देखा है। हमारी सरकार का हमेशा से प्रयास रहा है कि आने वाली पीढ़ी, सैनिकों के पराक्रम और वीरता से भलीभांति परिचित हो सके। इसी दिशा में हमारी सरकार राज्य में भव्य सैन्य धाम के निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसका निर्माण प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड को सैन्य धाम बताये जाने के विजन के अनुरूप किया जा रहा है। अभी हाल में ही देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीड़ बाग में “शौर्य स्थल“ का लोकार्पण कर वीर सैनिकों के हितों के प्रति केंद्र व राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी वीर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन शहीदों को वीरता को याद करने के साथ-साथ हम सभी को अपने देश और प्रदेश के प्रति कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड के विकल्प रहित संकल्प की पूर्ति के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने के साथ ही सैनिकों के सपनों का उत्तराखण्ड बनाने के लिए दिन-रात संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शहीद सैनिकों के पारिवारिक जनों को सम्मानित भी किया।
अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य का जोशीमठ क्षेत्र पिछले एक माह से आपदा से जूझ रहा है, जोशीमठ क्षेत्र के प्रभावितों को हर संभव मदद करना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। प्रभावितों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण हो, इसके निर्देश सभी सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गये हैं। जोशीमठ क्षेत्र के भूगर्भीय जांच आदि में केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी संस्थान जुटे हैं। शीघ्र ही इस संबंध में ठोस कार्य योजना पर कार्य किया जायेगा। प्रभावितों के पुनर्वास आदि के स्थायी समाधान के भी प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र का नियोजित विकास भी हमारी प्राथमिकता है। सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामरिक महत्व वाला जोशीमठ क्षेत्र सुरक्षित हो, यह अपने पुराने स्वरूप में लौटे तथा आगामी यात्रा भी सुनियोजित ढंग से संपन्न हो, इस दिशा में भी हमें कार्य करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार जोशीमठ के हालात की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 270 परिवारों को राहत शिविर में रखा गया है। केंद्र व राज्य सरकार पीड़ितों के हित में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ का कुछ सीमित क्षेत्र ही भू धंसाव से प्रभावित है तथा अधिकांश भाग में सामान्य रूप से कार्य संचालित हो रहे हैं, ऐसे में पूरे जोशीमठ के बारे में असुरक्षा का माहौल बनाया जाना ठीक नहीं है। चार माह बाद चार धाम यात्रा प्रारम्भ होनी है। ऐसे समय में यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि पूरा जोशीमठ क्षेत्र ही असुरक्षित है। हमारा प्रयास होना चाहिये कि सुरक्षित उत्तराखण्ड का संदेश भी देश व दुनिया में जाये। कार्यक्रम में नैनीताल बैंक के एमडी श्री निखिल मोहन द्वारा जोशीमठ भूधंसाव से प्रभावितों की सहायता हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में 20 लाख का चेक भी मुख्यमंत्री को भेंट किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर उत्तराखण्ड की झांकी मानसखण्ड को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य का सम्मान बढ़ा है तथा उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति से देश व दुनिया परिचित हुई है। मुख्यमंत्री ने झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर प्रदेशवासियों के साथ झांकी में सम्मिलित सभी कार्मिकों एवं कलाकारों को भी बधाई दी।

प्रदेश की नदियों को बचाने और चेक डैम बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश की नदियों को बचाए जाने और चेक डैम बनाए जाने आदि के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक आयोजित हुई।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की नदियों के पुनरोद्धार के लिए प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नदियों को बचाने के लिए प्राधिकरण बनाए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने जनपद स्तरीय और राज्य स्तरीय प्राधिकरण बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा आधारित नदियों को बचाने के लिए उनके श्रोत से राज्य की सीमा तक कार्य करने की आवश्यकता है। यह काम सुचारू रूप से हो सके इसके लिए सिंचाई, लघु सिंचाई, जलागम और वन विभाग को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य को लगातार मॉनिटर किया जाए। इसके लिए एक डेडिकेटेड सेल का गठन किया जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वन विभाग और सिंचाई विभाग द्वारा अपने अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक चेक डैम बनाएं जाएं। इससे भूजल स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि चैक डैम और वृक्षारोपण आदि के माध्यम से लगातार इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर वन विभाग से डी.एस. मीणा ने टिहरी जनपद में हेंवल नदी के पुनरोद्धार के लिए किए गए प्रयासों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव ने उनके प्रयासों को सराहते हुए कहा कि इस कार्य को पूरे प्रदेश में किस प्रकार से लागू किया जा सकता है, इसके लिए कॉन्सेप्ट पेपर तैयार किया जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, हरिचन्द्र सेमवाल सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश में पंचकर्मा केन्द्रों को बढ़ावा देने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में आयुष विभाग के अन्तर्गत प्रदेश में पंचकर्मा केन्द्रों को बढ़ावा दिए जाने के सम्बन्ध में बैठक की।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह प्रदेश में आयुर्वेद को मजबूती दिए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए आयुर्वेद में पंचकर्मा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऋषिकेश और देहरादून में विश्वस्तरीय पंचकर्मा केन्द्र बनाए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि केरला आयुर्वेद को प्रदेश में बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डॉक्टर्स सहित 100 प्रतिशत स्टाफ को प्रशिक्षण कराया जाए। डॉक्टर्स को प्रशिक्षण हेतु उच्च स्तरीय संस्थानों में भेजे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए सेमिनार भी आयोजित किए जाने की बात कही। कहा कि आयुर्वेदिक संस्थानों और आयुर्वेदिक चिकित्सकों को राज्य से जो भी सहायता चाहिए, उन्हें दी जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि आयुर्वेदिक पद्यति उच्च स्तरीय होने के बावजूद प्रमाणों की कमी के कारण ज्यादा प्रयोग में नहीं ली जाती। उन्होंने कहा कि इसके लिए अनुसंधान और प्रलेखन की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। रिसर्च को बढ़ावा दिए जाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि जानकारी और प्लेटफॉर्म न मिलने के कारण इस दिशा में किए गए कार्यों की किसी को जानकारी नहीं होती। उन्होंने इसके लिए ई-मैगजीन भी संचालित किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसमें सभी के लिए शोध आदि प्रकाशित किए जाएं, ताकि इससे इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की सभी को जानकारी हो सके। साथ ही, आमजन को जानकारी के लिए ई-पत्रिका, टीवी चैनल और रेडियो चैनल भी संचालित किए जा सकते हैं।
मुख्य सचिव ने आयुष विभाग को अपनी वेबसाइट भी अपग्रेड करने के निर्देश दिए। कहा कि अपनी वेबसाइट में बीमारी और उनके उपचार के साथ ही प्रदेश में उनसे सम्बन्धित कौन कौन सी सुविधाएं कहां कहां उपलब्ध हैं, सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने हाईपरटेंशन, डायबिटीज आदि जैसी आम बीमारियों के कारण एवं उपचार को भी इसमें शामिल किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने इस क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे फर्जी डॉक्टर्स और संस्थानों को रोकने हेतु सिस्टम विकसित किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संस्थानों को रजिस्टर किए जाने के साथ ही मान्यता पर भी कार्य करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर सचिव आयुष डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

युवा स्वयं में लीडरशिप का विकास करें-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में इस वर्ष गणतन्त्र दिवस परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने एनसीसी कैडेट्स व आरडीसी दल को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री धामी ने कैडेट् अंजलि नेगी, कैडेट् प्रिया पाण्डेय, कैडेट् आरती सिंह (घुड़सवारी में कांस्य पदक), कैडेट् यश पाण्डेय (बैण्ड मास्टर), कैडे्ट मनोज सिंह बिष्ट (घुड़सवारी में कांस्य पदक), शिविर के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये फलाईग कैडे्ट अविनाश, कैडेट मंयक काला, कैडेट् गिरीश जोशी, कैडेट् तन्वी, कैडे्ट अदिति कौशिक और कैडे्ट प्रियंका पनेरू को सम्मानित किया।
एनसीसी कैडेट्स को गणतंत्र दिवस पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारे एनसीसी कैडेट्स के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ ही इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर उत्तराखण्ड की झांकी मानसखण्ड को प्रथम स्थान मिलना प्रत्येक उत्तराखण्डवासी के लिये गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एनसीसी जैसे गौरवशाली संगठन से जुड़ना प्रत्येक युवा के लिए गर्व का विषय है। एनसीसी संगठन से ज्यादा एक मिशन है, जिसका उद्देश्य देश की युवाशक्ति में अनुशासन, दृढ़ निश्चय और राष्ट्र के प्रति निष्ठा की भावना को मजबूत करना है। देश के किसी भी हिस्से में जब भी कभी कोई संकट या आपदा आई, एनसीसी के कैडेट्स ने हमेशा पूर्ण समर्पण भाव के साथ अपने दायित्व का निर्वहन किया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह गर्व की बात है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोनों ही दक्ष एनसीसी कैडेट्स रहे हैं। एनसीसी वो नर्सरी है, जहां भविष्य के वीर सैनिक तैयार होते हैं, इसलिए वर्तमान में एनसीसी के विस्तार और आधुनिकीकरण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में केंद्र सरकार की ओर से विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री की योजना है कि आने वाले समय में 1 लाख नए कैडेट्स तैयार किए जाएं, जिनमें से करीब एक तिहाई महिलाएं होंगी। सरकार की योजना सीमावर्ती इलाकों में एनसीसी के कार्यक्षेत्र को और अधिक बढ़ाने की भी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि विद्यार्थी जीवन के दौरान वह भी एनसीसी का कैडेट रहे हैं। एनसीसी के माध्यम से जिस अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठता और राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव को उन्होंने अंगीकार किया वह आज प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में कार्य करते हुए उनके सबसे अधिक काम आ रहा है। उन्होंने कहा कि आज विश्व में हमारे देश की पहचान एक युवा देश के रूप में होती है, देश ही नहीं बल्कि हमारा प्रदेश भी एक युवा प्रदेश है। देश में आज युवा सोच है और देश का युवा हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। जिस देश के युवाओं में अनुशासन हो, दृढ़ इच्छाशक्ति हो, निष्ठा हो और लगन हो, उस देश का तेज गति से विकास कोई नहीं रोक सकता। युवाओं को स्वयं में लीडरशिप का विकास करना होगा। युवा जिस भी क्षेत्र में जाए, वहां नेतृत्व करें। प्रधानमंत्री “सबका साथ“ लेकर, “सबका विकास“ करते हुए, “सबका विश्वास“ हासिल कर रहे हैं, अब यह हम “सबका प्रयास“ होना चाहिए कि हम इस भावना को देश के प्रत्येक युवा तक पहुंचा सके।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारत को विश्व के जी-20, की अध्यक्षता मिलना अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर देश के सामर्थ्य का परिचय देता है। कोरोना काल में जहां दुनिया की अर्थव्यवस्था अव्यवस्थित रही वही भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की रूप में उभरी। प्रधानमंत्री जी के आह्वाहन पर पूरे विश्व में योग को मान्यता मिली। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीयों का आत्मविश्वास बढ़ा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धर्मपत्नी गीता धामी, एडीजी उत्तराखण्ड एनसीसी निदेशालय मेजर जरनल पी.एस.दहिया, कंटीजेंट कमांडर आरडीसी 2023 लेफ्टिनेंट कर्नल दीपेन्द्र सिंह समेत एनसीसी के अधिकारी-कर्मचारी एवं कैडेट्स मौजूद रहे।