तिरंगा फहराने के बाद सीएस बोले-गणतंत्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी हमारी है

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरुवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सचिवालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों और सचिवालय के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि भारत की आजादी के बाद, देश का संविधान बनाने वालों ने यह निर्णय लिया कि देश को गणतांत्रिक देश बनाना है। इसके बाद संविधान बनाकर इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया। हमारे संविधान का एक महत्त्वपूर्ण अंश यह भी है कि भारत के प्रत्येक नागरिक को समान अवसर का अधिकार प्राप्त है।
मुख्य सचिव ने कहा कि इसका एक उदाहरण देश के राष्ट्रपति पद पर आसीन द्रौपदी मुर्मू हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे कभी हिम्मत नहीं हारी, और कहां से कहां तक पहुंची। यह हमारे संविधान की ही देन है। भर्तियों में भ्रष्टाचार जैसी घटनाओं के चलते आज उत्तराखण्ड के परिपेक्ष्य में समान अवसर का अधिकार का महत्त्व और भी बढ़ गया है। भर्तियों में भ्रष्टाचार बहुत ही चिंता का विषय है। हमें इसका समाधान ढूंढना है। इससे प्रदेश की नकारात्मक छवि गयी है। यह प्रदेश के लिए एक चुनौती है। शासन प्रशासन में बैठकें आयोजित कर यह निर्णय लिया गया कि पात्र युवाओं को ही नौकरी मिले इसके लिए कठोर कानून बनाया जा रहा है। इस प्रकार की घटनाओं में लिप्त लोगों को उम्र कैद की सजा एवं इन कामों से अर्जित सम्पत्ति की जब्त किए जाने का प्रावधान किया जा रहा है, ताकि यह संदेश जाए कि कोई और इस प्रकार की घटनाएं न करे और पात्र लोगों को ही नौकरी मिल सके। इस समय जो भी यहां बैठा है उसे यह याद रखने की आवश्यकता है कि वह यहां इसलिए बैठा है क्योंकि हमारे संविधान ने हमें समान अवसरों का अधिकार दिया है और अब हमारा यह कर्त्तव्य बनता है कि समान अवसर के अधिकार को हर हालत में लागू कराया जाना हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह ध्यान देना होगा कि जाने अनजाने में भी हम से कोई ऐसा निर्णय न हो जिससे समानता का अधिकार नजरअंदाज हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक दृष्टि से बहुत ही सम्पन्न राज्य है। खूबसूरत पहाड़, दुनिया का वाटर टॉवर कहे जाने वाले बर्फीले पर्वत और नदियां हैं। यहां चारधाम हैं, जहां के दर्शन करने के लिए लोग वर्षों से प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही, उत्तराखण्ड की राजधानी देश की राजधानी के इतने पास है। आज यात्रा की दूरी, किलोमीटर से नहीं बल्कि ट्रेवल टाईम से नापी जाती है। पहले देहरादून से दिल्ली 6 से 7 घंटे लगते थे। अब 4 से 5 लग रहे हैं और बहुत जल्दी ही 2 से सवा दो घंटे लगेंगे। इसलिए 2 घंटे का सफर होने के बाद इसे दिल्ली एनसीआर का हिस्सा भी कहा जाना कोई अचम्भा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली एनसीआर का एक प्रतिशत भी टूरिस्ट यहां आना शुरू हो जाएगा तो इससे पर्यटन को एक दम बूस्ट मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके लिए हमें तैयार रहना है।
मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बहुत अधिक ट्रेफिक होने के कारण सिर्फ पर्यटन की दृष्टि से उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटक ट्रेफिक जाम से बचने के लिए चारधाम यात्रा सीजन में आने से बचते हैं। इससे आने वाले भविष्य में प्रदेश के पर्यटन पर बुरा प्रभाव भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भविष्य को बचाने के लिए हमें प्रदेश की सड़कें बचानी होंगी। उन्होंने कहा कि शहरों और सड़कों के किनारे बनने वाले भवनों को सुनियोजित तरीके से बनाए जाने के लिए प्रयास किए जाएं। हमें प्रदेश और प्रदेश की युवा पीढ़ी के लिए सोचते हुए अभी से योजनाओं को बनाना और लागू करना है। हमें सिर्फ आज की परिस्थिति नहीं देखनी बल्कि दीर्घकालिक योजनाएं बनानी हैं, ताकि हम अपने प्रदेश का भविष्य बचा सकें। उन्होंने कहा कि सचिवालय शासन प्रशासन की शीर्ष संस्था है। प्रदेश और प्रदेशवासियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए हम सभी को अपना-अपना योगदान देना है। हमें प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित रखने का सिर्फ विचार ही नहीं रखना बल्कि इसे अपनी भावना बनाना है। उन्होंने कहा कि विचार बदलते रहते हैं भावनाएं नहीं बदलती। आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर हम इतना ही प्रण ले लें कि हमें प्रदेश के भविष्य के लिए ही निर्णय लेने हैं तो आज गणतंत्र दिवस पर यहां एकत्र होना सफल हो जायेगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु,एल. फैनाई, सभी सचिव, अपर सचिव सहित सचिवालय के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

श्री भरत जी महाराज को गंगा स्नान कराने के लिए उमड़े श्रद्धालु

ऋषिकेश वसंतोत्सव के तहत बसंत पंचमी के पावन पर्व पर तीर्थनगरी में गाजे-बाजे के साथ श्री भरत भगवान की डोली शोभायात्रा निकाली गई। घंटे गढ़ियालो और पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों की ध्वनि के साथ निकली धर्म यात्रा का श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शहरभर में स्वागत किया। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने हृषिकेश नारायण भगवान भरत महाराज के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने भरत भगवान को भोग लगाकर सुख समृद्धि की मनौती भी मांगी। माना जाता है कि बसंत पंचमी से ही होली महोत्सव का शुभारंभ हो जाता है। आज ही के दिन भरत महाराज को रंगों से होली भी खिलाई जाती है और सभी भक्तगण एक-दूसरे पर गुलाल फेंक कर भगवान के साथ होली भी मनाते हैं। पितांबर रंग जिसे हम पीला रंग कहते हैं वह भगवान को बहुत ही प्रिय है। इसलिए लोग गुलाल चढ़ाकर और भगवान को भेली का भोग बसंत पंचमी में लगाया जाता है। उधर बसंत पंचमी के अवसर पर प्राचीन श्री भरत मंदिर परिसर में आयोजित मेले में लोगों ने झूलों और विभिन्न व्यंजनों का भी जमकर लुफ्त उठाया।
बसंत पंचमी पर्व पर ब्रह्म मुहूर्त में पौराणिक श्री भरत मंदिर में भगवान श्री भरत नारायण की विधिवत पूजा अर्चना शुरू हुई। दोपहर में आरती पूजन के बाद श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज के परम सानिध्य में बैंड बाजे और पहाड़ के पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र की थाप के बीच श्री भरत भगवान की उत्सव प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा मायाकुंड स्थित गंगा तट पर श्री भरत नारायण भगवान की प्रतिमा को विशेष पूजा अर्चना के बाद मुख्य पुजारी द्वारा शालिग्राम भगवान भरत नारायण जी को गंगा में स्नान कराया गया। तत्पश्चात भगवान को नगर भ्रमण कराया गया। धर्म यात्रा विभिन्न मुख्य मार्गो से होते हुए गुजरी। इसके बाद मंदिर में भगवान की प्रतिमा को पुनः स्थापित किया गया। यात्रा में श्री भरत मंदिर संस्कृत महाविद्यालय, भरत मंदिर पब्लिक स्कूल, श्री हेमकुंड गुरुद्वारा स्थित गुरमत संगीत विद्यालय, श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज, संत समाज, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
धर्म यात्रा में हुए शामिल बसंत उत्सव के मेला अध्यक्ष मेयर अनीता ममगाई, संयोजक हर्षवर्धन शर्मा, विनय उनियाल, वरुण शर्मा, नरेंद्र जीत बिंद्रा, शर्मा, दीप शर्मा, महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज, मेजर गोविन्द सिंह रावत, धीरेन्द्र जोशी, जयेन्द्र रमोला, रामकृपाल गौतम, सुरेन्द्र भट्ट, यमुना प्रसाद त्रिपाठी, लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, जितेन्द्र बिष्ट, अशोक अग्रवाल, मधुसूदन शर्मा, बचन पोखरियाल, राकेश मियां, राजपाल खरोला, रंजन अंथवाल, प्रवीण रावत, विवेक शर्मा आदि उपस्थित रहे।

सीएम और राज्यपाल ने क्रिकेटर ऋषभ पंत की सहायता करने वालों को किया सम्मानित

गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड देहरादून में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क हादसे में घायल भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की सहायता करने वाले हरियाणा रोडवेज के चालक सुशील कुमार और परिचालक परमजीत नैन एवं अन्य दो युवकों नीशू एवं रजत को सम्मानित किया। हरियाणा रोडवेज के चालक सुशील कुमार की पत्नी एवं परिचालक परमजीत के पिताजी ने सम्मान ग्रहण किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अंतर्गत सूचना विभाग की ओर से हरियाणा रोडवेज के दोनों चालक एवं परिचालक तथा दोनों युवकों निशु और रजत को 1-1 लाख रूपये की सम्मान राशि प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह (ब्रह्म कमल की अनुकृति) प्रदान की गई।

आज की युवा पीढ़ी को हमारे महापुरुषों की जानकारी होनी जरुरी है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर रेंजर्स ग्राउण्ड देहरादून में केन्द्रीय संचार ब्यूरो क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव आयोजित ‘गणतंत्र नमन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया एवं चित्र प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हस्तकला पर आधारित विभिन्न स्टालों का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में देश की आजादी के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महापुरुषों एवं क्रांतिकारियों की स्मृति में देश में अनेक कार्यक्रमों के आयोजन किये गये। इनके माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को हमारे इन महापुरूषों के जीवन दर्शन एवं उनके द्वारा किये गये कार्यों से भलिभांति परिचित होने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरूषों द्वारा किये गये कार्यों एवं उनके जीवन दर्शन का अनुसरण कर हमें आगे बढ़ना होगा।

हमारे संविधान ने सभी अनेकताओं को एकता के सूत्र में पिरोया है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारा देश विभिन्न सम्प्रदायों, भाषाओं, जातियों एवं संस्कृतियों से परिपूर्ण राष्ट्र है। इन सभी अनेकताओं को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य हमारे संविधान ने किया है। नये भारत के निर्माण में हमें संविधान में उल्लिखित न्याय, स्वतंत्रता, समानता तथा भाईचारे के मूलभूत लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति संकल्प लेने की आवश्यकता है।
गुरुवार को गांधी पार्क, देहरादून में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित ’सामूहिक वन्देमातरम् गायन कार्यक्रम’ को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से हमारी नई पीढ़ी एवं युवा साथियों को देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित होने का अवसर मिलता है। हमारा देश विविध प्रकार के संप्रदायों, भाषाओं, जातियों व संस्कृतियों से परिपूर्ण राष्ट्र है। अनेकता में एकता ही भारत की विशेषता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के अंदर एक नई पहचान स्थापित कर रहा है। देश का मान सम्मान स्वाभिमान बढ़ा है। आज वैश्विक मंचो पर भारत द्वारा दिए गए सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जाता है। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया के 5 सबसे बड़े देशों में शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत इस वर्ष जी 20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। जी-20 की महत्वपूर्ण बैठकें देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित की जा रही हैं। इसकी दो महत्वपूर्ण बैठकें उत्तराखण्ड में भी प्रस्तावित हैं। इससे हमारे समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ पर्यटन, योग आयुष एवं आयुर्वेद को भी पहचान मिलेगी। यह अवसर राज्य के उत्पादों को भी वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने में मददगार होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष भी घोषित किया गया है। इससे हमारे मोटे अनाजों को तेजी से बढ़ावा मिलेगा। भारत सरकार द्वारा मण्डुवा को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय करने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिये इसका समर्थन मूल्य 3578 भी घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना काल में भी आमजन की सुविधा अनुसार व्यवस्थित प्रबंधन किया गया। संपूर्ण देश में निशुल्क रूप से वैक्सीनेशन का कार्य प्रगति पर है। वहीं अन्य देशों को भी मुफ्त में वैक्सीन देने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार जोशीमठ के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। भू-धंसाव से प्रभावितों की पूरी मदद का हमारा संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्थिति की लगातार जानकारी ले रहे हैं। राज्य सरकार जोशीमठ के प्रभावितों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने सभी को गणतंत्र दिवस एवं वसंत पंचमी की शुभकामना देते हुए आजादी के अमृत महोत्सव के इस गणतंत्र दिवस पर प्रदेश के विकास में सहयोगी बनने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न शिक्षकों एवं छात्रों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में सामूहिक तौर पर वन्देमातरम् गीत भी गाया गया।
कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक सविता कपूर, भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष बृज प्रकाश गुप्ता, एस.एस कोठियाल, महानगर अध्यक्ष भाजपा सिद्धार्थ अग्रवाल, अनिल गोयल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम आवास में उत्तराखण्ड मिलेट्स भोज का आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में कृषि विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष 2023 के अवसर पर आयोजित “उत्तराखण्ड मिलेट्स भोज” में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के मिलेट्स उत्पादों से भरपूर पारंपरिक व्यंजनों के स्टाल्स का निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में उत्पादित होने वाला पारंपरिक मोटा अनाज मिलेट्स का भरपूर स्रोत है। इसका उपयोग करने से जहां एक ओर लोगों को पौष्टिक भोजन मिलेगा वहीं इसको बढ़ावा देने से प्रदेश के किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हाल में ही भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड के मोटे अनाज (मण्डुआ) के प्रोक्योरमेंट की अनुमति दी गई है। मण्डुवा के प्रोक्योरमेंट की यह अनुमति फसल वर्ष 2022-23 के लिए दी गई है। मण्डुवा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3578 रूपये प्रति कुन्तल निर्धारित है। यह राज्य सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों के कृषकों की आमदनी बढ़ाने हेतु अभिनव प्रयास सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मोटे अनाज (मण्डुआ) के 0.096 लाख मीट्रिक टन की प्रोक्योरमेंट की अनुमति मिलने से राज्य में मिलेट (मोटा अनाज) उत्पादन करने वाले किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। मण्डुवा, पौष्टिकता से भरपूर होता है। किसानों से खरीद कर मिड डे मील और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से बच्चों और लोगों को उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कृषि मंत्री गणेश जोशी, विधायक राजपुर खजान दास, पूर्व विधायक मुकेश कोहली, सचिव कृषि वी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव कृषि रणवीर सिंह चैहान, निदेशक कृषि गौरी शंकर समेत अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

गणतंत्र दिवस पर राज्य को सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प दोहराया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और राज्य आन्दोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान निर्माण का एक पर्व है। आज के दिन हमारे देश में बाबा साहेब अम्बेडकर के दिशा निर्देशन में बनाए गए संविधान को लागू किया गया था। हमारा यह विशिष्ट संविधान हमारे राष्ट्र का निरंतर मार्गदर्शन करता आ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे स्वाधीनता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान का स्मरण भी कराता है। यह अवसर हमें देशभक्तों के सपनों को साकार करने और अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध होने का संकल्प लेने की भी प्रेरणा देता है। संविधान के अंतर्गत ही हम सभी की जिम्मेदारी यह भी है कि हम न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूलभूत लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना को साकार करते हुए वर्ष 2025 तक देवभूमि उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, केंद्र सरकार के सहयोग एवं प्रदेश की 1.25 करोड़ जनता के आशीर्वाद से हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने में प्राण प्रण से जुटे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान निस्तारण और जन संतुष्टि के मूलमंत्र पर चलते हुए अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के विकास, कल्याण और उन्नति हेतु संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जीरो टॉलरेंस आन करप्शन की नीति का अनुसरण कर प्रदेश में नकल माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही कर रहे है। राज्य कैबिनेट द्वारा प्रदेश में भर्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिये सख्त नकल विरोधी कानून बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इस कानून को इतना सख्त बनाया जायेगा कि भविष्य में कोई इस बारे में सोच भी न सके। सख्त नकल विरोधी कानून में दोषी का उम्र कैद की सजा का प्राविधान तो होगा ही उसके द्वारा अर्जित संपत्ति को जब्त किये जाने का भी व्यवस्था रहेगी।
भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ की इस विपदा में हम प्रभावितों के साथ खड़े हैं। हम प्रभावितों के हित में उनकी जो भी अपेक्षाएं हैं उन अपेक्षाओं के अनुरूप उनके पुनर्वास और सेटलमेंट के लिए काम कर रहे हैं, प्रधानमंत्री जी भी स्वयं और उनका कार्यालय भी लगातार इस बात की चिंता कर रहा है। प्रभावितों के विस्थापन के लिए उनके सुझावों के आधार पर इतनी बेहतर व्यवस्था की जायेगी यह पूरे देश के लिए नजीर बने। उत्तराखण्ड एक आपदा संवेदनशील राज्य है। इसलिए हमारी जिम्मेदारियां भी अलग हैं। हम अपने सभी पर्वतीय शहरों की धारण क्षमता का सर्वेक्षण करवा रहे हैं। हम हमेशा इकॉलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन की बात करते हैं। उत्तराखण्ड पर्यावरणीय सेवा प्रदाता राज्य है। हिमालय, वन एवं वन्य जीव सम्पदा हमारी अमूल्य धरोहर है। इनका संरक्षण एवं संवर्धन हमारा ध्येय है। स्थानीय लोगों का विकास व रिवर्स पलायन भी हमारी एक बड़ी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिना किसी तुष्टिकरण के सबका साथ सबका विश्वास और सबके प्रयास की भावना को साकार करने तथा धर्म, संस्कृति, आध्यात्म, शौय एवं सामरिक महत्व वाले गंगा के प्रदेश, देवभूमि उत्तराखण्ड के सभी संप्रदायों के हित में समान नागरिक संहिता कानून बनाये जाने के लिये कृत संकल्पित है। इसका हमने चुनाव से पूर्व जनता से भी वादा किया था। इसके साथ ही राज्य के कई क्षेत्रों में घटित हो रही धर्मांतरण की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने के लिये प्रदेश में सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है। हमारे शांत प्रदेश में इस प्रकार की जबरन धर्मांतरण की घटनायें घटित न हों इसके लिये यह कानून लाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति का सम्मान भी हमारे लिये सर्वोपरि है। महिलाओं के कल्याण के लिये राज्य सरकार द्वारा प्रभावी योजनायें क्रियान्वित की जा रही हैं। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्राविधान किया है। राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 2025 तक राज्य की 1.25 लाख महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश अमृत महोत्सव मना रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का नव भारत एक भारत श्रेष्ठ भारत तथा आत्मनिर्भर भारत के महा अभियान में सहयोग का आह्वान किया।

साहित्यकार हमें नई सीख प्रदान करते है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में साहित्यकार डा. मुनि राम सकलानी की पुस्तक ’आजादी का अमृत महोत्सव और हिन्दी की प्रगति यात्रा’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक में आजादी से लेकर अब तक राजभाषा के विकास के लिए हुए विभिन्न कार्यों के बारे में जानकारी देने का सराहनीय प्रयास किया गया है।
’आजादी का अमृत महोत्सव और हिन्दी की प्रगति यात्रा’ पुस्तक के लेखक डा. मुनि राम सकलानी ने कहा कि पुस्तक में आजादी से लेकर अब तक इन 75 वर्षों में राजभाषा हिन्दी की प्रगति यात्रा का विस्तृत वर्णन एवं भारत सरकार की राजभाषा नीति के तहत किये प्रयासों का उल्लेख किया गया है। पुस्तक में देश के साथ-साथ वैश्विक परिप्रेक्ष्य में हिन्दी की स्थिति पर प्रकाश डाला गया। हिन्दी के उद्भव व विकास से लेकर राजभाषा के व्यावहारिक व प्रयोजनमूलक पक्ष को अधिक उजागर किया गया है। कार्यालयीन हिन्दी को एक वृहद परिप्रेक्ष्य में रखने का प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर पूर्व कुलपति उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय डा. सुधा पाण्डेय, वरिष्ठ साहित्यकार शिवमोहन सिंह, डा. रंजिता सिंह, आशा, जयकृष्ण सकलानी, डा. सत्यानंद बडोनी उपस्थित रहे।

सीएम ने दिये जी-20 समिट के आयोजन की व्यवस्थाओं में तेजी लाने के दिये निर्देश

आगामी 25 से 28 मई एवं 26 से 28 जून 2023 में उत्तराखण्ड में प्रस्तावित जी-20 की बैठकों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं में तेजी लाई जाए। उत्तराखण्ड में होने वाली जी-20 की बैठकों के जिस विभाग को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, संबंधित विभागीय सचिव उसकी नियमित समीक्षा करें। उत्तराखण्ड में होने वाली जी-20 की बैठकों की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री प्रत्येक 15 दिन में स्वयं समीक्षा करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में जी-20 समिट की तैयारियों की बैठक के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा इस आयोजन से उत्तराखण्ड को वैश्विक पटल पर नई पहचान मिलेगी। जी-20 देशों के प्रतिनिधि ऋषिकेश में गंगा आरती में भी प्रतिभाग करेंगे। इससे मां गंगा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से भी सम्मेलन के प्रतिभागी परिचित हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में मई एवं जून में होने वाली जी-20 की दोनों बैठकों में जी-20 एवं आमंत्रित देशों के जो प्रतिनिधि शामिल होंगे। उनके सामने जो भी प्रस्तुतीकरण दिया जाना है, उसकी समय पर पूरी तैयारियां कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का यह हमारे पास एक अच्छा अवसर है। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि जिन उत्पादों को हम व्यापक स्तर पर वैश्विक पहचान दिला सकते हैं, उनकी विशिष्टता की पहचान कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में जी-20 की जो दो बैठकें आयोजित होंगी, इसमें प्रयास किये जायेंगे कि एक बैठक गढ़वाल मण्डल एवं एक बैठक कुमांऊ मण्डल में हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में होने वाली जी-20 संबंध में जन जागरूकता के लिए शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, सूचना विभाग एवं पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। जनपदों में बहुद्ेशीय शिविरों के माध्यम से भी लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जी-20 की बैठकों में आयोजन स्थल पर उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्टॉल लगाये जाएं। उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। आयोजन स्थल पर योग एवं पंचकर्म की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड योग की धरती है, योग एवं आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए जो कार्य किये जा रहे हैं, समिट में इसका प्रस्तुतीकरण भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि जी-20 की बैठकों में अनेक देशों से प्रतिनिधि आयेंगे, इसके लिए विदेशी भाषाओं के जानकारों की भी सेवाएं ली जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले जी-20 की बैठक के बेहतर आयोजन के लिए राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के सुझाव भी लिए जायेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, ए.पी अंशुमन,सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, अरविन्द सिंह ह्ंयाकी, सचिन कुर्वे, बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी टिहरी डॉ. सौरभ गहरवार वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चैहान एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य हित में है पिरुल को स्वरोजगार से जोड़ना-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में पिरूल (चीड़ की पत्ती) के निस्तारण एवं अन्य उपयोगों के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर पिरूल से विद्युत उत्पादन हेतु लगाए गए कुछ प्लांट संचालक भी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जंगलों को आग से बचाने के लिए पिरूल का निस्तारण आवश्यक है। उन्होंने पिरूल के निस्तारण के लिए उसके विभिन्न उपयोगों पर शोध किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिरूल से ब्रिकेट्स बनाकर ईंधन के रूप में उपयोग की सम्भावनाएं तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि प्रयोग के रूप में स्कूलों में मिड डे मील के लिए प्रयोग हो रहे रसोई गैस आदि के उपलब्ध न होने के समय इन बिकेट्स को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पिरूल का उपयोग हो सकेगा, इस रोजगार से जुड़े लोगों को एक बाजार भी मिलेगा। साथ ही, जंगलों को आग से बचाया जा सकेगा। उन्होंने पिरूल के निस्तारण के लिए अन्य राज्य क्या कर रहे हैं, इसका भी अध्ययन कराए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पिरूल को वन उत्पाद की श्रेणी से बाहर किए जाने हेतु शीघ्र शासनादेश किया जाए। इससे पिरुल एकत्र करने वाले लोगों को पिरूल एकत्र करने में सुविधा होगी। उन्होंने पिरूल से विद्युत उत्पादन हेतु लगाए गए प्लांट्स का स्वयं दौरा करने की भी बात कही। कहा कि पिरूल से विद्युत उत्पादन को व्यवहार्य बनाए जाने के लिए और क्या सुधार किया जा सकता है और पॉलिसी में और क्या बदलाव किया जा सकता है, इस पर भी विचार किया जाए।
इसके उपरांत मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में सोलर प्लांट्स को लगाए जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी सरकारी भवनों एवं स्कूलों की छत पर सोलर प्लांट्स लगाए जाने हेतु शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि एक ओर सोलर एनर्जी पर्यावरण के अनुकूल है, वहीं दूसरी ओर यह विद्युत व्यय को बहुत कम करने में सक्षम है। इसे पूरे प्रदेश में जहां भी संभव हो, सरकारी भवनों में शुरू कराया जाना चाहिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, विजय कुमार यादव, निदेशक उरेडा रंजना राजगुरु, सचिव वन, अधीक्षण अभियन्ता यूपीसीएल एन.एस. बिष्ट एवं पिरूल प्लांट संचालक महादेव सिंह सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।