हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स के निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में हेलीपोर्ट्स एवं हेलीपैड्स की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को हेलीपोर्ट्स एवं हेलीपैड्स के निर्माण में तेजी लाने के साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन स्थानों पर हेलीपैड्स और हेलीपोर्ट्स के लिए भूमि चयनित कर ली गई है, शीघ्र उनकी डीपीआर तैयार कर ली जाए। लैंड ट्रांसफर में अटके मामलों को प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर निस्तारित किया जाए। मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को पर्यटकों को भी ध्यान में रखते हुए लगातार नए हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूर दराज के अनछुए क्षेत्रों में भी पर्यटन स्थलों की तलाश लगातार जारी रखते हुए उन्हें विकसित कर पर्यटकों के लिए आसान पहुंच बनाने के लिए हेलीपैड्स और हेलीपोर्ट्स तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हेलीपैड और हेलीपोर्ट के लिए कार्य पूर्ण होने तिथि पूर्व में ही निर्धारित की जाए। साथ ही, सभी हेलीपोर्ट्स एवं हेलीपैड्स के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेशभर में विभिन्न हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स पर कार्य गतिमान है। कोटी कॉलोनी स्थित हेलीपोर्ट का कार्य पूर्ण हो चुका है। 6 हेलीपोर्ट्स का निर्माण कार्य गतिमान है, जिनको दिसम्बर माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। पर्यटन विभाग द्वारा भी नए हेलीपैड्स चिन्हित कर उनके निर्माण कार्य विभिन्न स्तरों पर गतिमान है।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, सीईओ सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी सी. रविशंकर सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

पंडित मदन मोहन मालवीय की पुण्य स्मृति पर हिंदी के अध्यापकों का सम्मान

महान शिक्षाविद पंडित मदन मोहन मालवीय की पुण्य स्मृति पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर हिंदी विषय के अध्यापकों को क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शॉल पहनाकर सम्मानित भी किया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि जर्मनी यात्रा के दौरान अपनी मातृभाषा में बात करने का सौभाग्य मिला।
बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पंडित मदन मोहन मालवीय को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया। मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय भारतीय संस्कृति के संरक्षक रहे। उन्होंने चरित्र निर्माण को सर्वाेपरि स्थान देते हुए भारतीय युवाओं को अपनी सनातन संस्कृति के साथ-साथ आधुनिकतम ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा से समृद्ध करने के उद्देश्य से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि महामना मालवीय ने केवल राजनीतिक स्वतंत्रता और सामाजिक विषमताओं के विरुद्ध ही विशद संघर्ष नहीं किया अपितु भारतीय जनमानस को विदेशियों की मानसिक दासता से मुक्त करने के लिए वैचारिक आंदोलनों का भी संचालन किया।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि पंडित मालवीय ने भारत के अधिकाधिक जनों की हिंदी भाषा के महत्त्व को समझाया और उसकी सुरक्षा, प्रचार-प्रसार में प्राणपण से जुट गए। उन्होंने अपने लेखों द्वारा हिंदी के लिए जन-जागृति उत्पन्न की। मालवीय को यह अटल विश्वास था कि सिर्फ हिंदी में ही राष्ट्रभाषा बनने की क्षमता है। वे हिंदी और संस्कृत भाषा के प्रबल पक्षधर थे।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि महामना हिंदी सुरक्षा के ऐसे शक्तिशाली स्तंभ बनकर उभरे जिसने अपनी विद्वता से मां हिंदी के ललाट को सुसज्जित किया। उन्होंने ऐसी कई संस्थाओं की स्थापना में महत्त्वपूर्ण योगदान किया। जो हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं उन्नति के लिए दृढ़ संकल्पित है।
इस मौके पर राइका प्रतीतनगर धूम सिंह खंडेलवाल, सत्येश्वरी देवी इंटर कॉलेज रायवाला प्रमोद बडोला, राइका गढ़ी सुधा रानी, नीता गोस्वामी, राइका खदरी सुधीर दुबे, राइका छिद्दरवाला चंडी रावत, दून घाटी इंटर कॉलेज गुमानीवाला वी एस बिष्ट, श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज सुशीला बडथ्वाल, पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज ललित किशोर शर्मा, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आवास विकास नागेंद्र पोखरियाल, राइका आईडीपीएल श्याम सुंदर रयाल को सम्मानित किया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा, ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, महामंत्री जयंत शर्मा, पूर्व पालिका अध्यक्ष शंभू पासवान, देवेंद्र नेगी, राकेश चंद्र, विनोद जुगलान, पार्षद विरेंद्र रमोला, प्रदीप कोहली, संजीव पाल, सोबन सिंह कैंतुरा, देवदत्त शर्मा, बलविंदर सिंह, संजीव सिलस्वाल, मानवेन्द्र कंडारी, आशुतोष शर्मा, रूपेश गुप्ता, सिमरन गाबा आदि उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ में शरदोत्सव और विकास प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देव सिंह मैदान, पिथौरागढ़ में नगर पालिका परिषद् बोर्ड द्वारा आयोजित शरदोत्सव एवं विकास प्रदर्शनी-2022 का शुभारम्भ किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि पिथौरागढ़ बॉस-गंगोलीहाट मोटर मार्ग के अवशेष कार्य के साथ रामगंगा नदी में मोटर पुल का निर्माण किया जाएगा। पिथौरागढ़ महाविद्यालय में विधि विभाग को प्रारम्भ किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जायेगी। जनपद पिथौरागढ़ के अन्तर्गत देव सिंह मैदान के सौन्दर्यीकरण का कार्य प्रारम्भ करने के लिये वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाती है और इसके प्रथम चरण के लिये 2 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जाती है। पिथौरागढ़ शरदोत्सव के सफल आयोजन हेतु पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी समान सहयोग राशि प्रदान की जायेगी साथ ही पिथौरागढ़ के प्राचीन मंदिरों को मानसखण्ड कोरिडोर में सम्मिलित किया जायेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह बहुत ही हर्ष का विषय है कि शरदोत्सव के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाशाली बच्चों और युवाओं को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आम लोगों को सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की अधिक से अधिक जानकारी देने का प्रयास भी शरदोत्सव के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर को माणा में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उनके इस कथन को कि हमारे सीमांत गांव देश के अंतिम नहीं बल्कि पहले गांव है अपनी सहमति प्रदान कर हमारे सीमान्त गांवों को पहचान दिलाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये हमारी सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। वर्तमान में सीमाओं के अन्तिम गांवों को प्रथम गांवों की श्रेणी में मानकर विकास योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन किया जा रहा है। हमारे सीमान्त गांव सामरिक दृष्टिकोण से भी विशेष महत्व रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों के स्थानीय लोग केवल नागरिक नहीं है बल्कि हमारे सीमा प्रहरी भी है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण है। सीमाओं पर बसे गांवों पर पलायन देश की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। इसे लेकर हमारी सरकार सजग है। हमारी सरकार सीमान्त गांवों में रिवर्स पलायन हेतु गंभीर प्रयास कर रही हैं। रोजगार, स्वरोजगार एवं होम स्टे जैसी कई विकास योजनाओं को लेकर हम पलायन रोकने में प्रसासरत है। जिसके परिणामस्वरूप आज कई युवा अपने गांव में वापिस आकर उसे बसाने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे अन्य सीमान्त जिलों की तरह पिथौरागढ़ का विकास हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही दूरस्थ एवं सीमान्त क्षेत्रों में जैविक कृषि तथा स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत धौलादेवी, मुनस्यारी, बेतालघाट, बेरीनाग के चाय बागानों को जैविक चाय बागान में परिवर्तित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने हेतु प्रतिबद्ध है। हम उत्तराखण्ड के विकास में नये संकल्पों के साथ प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्य हित में सभी विभागों द्वारा रोडमैप तैयार किया गया है। नई कार्य संस्कृति के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की, कि राज्य हित में 10 से 5 तक कार्य करने की मानसिकता का परित्याग करना होगा, तभी हम राज्य के विकास में सहयोगी बन पायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 7 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से लोक सेवा आयोग को स्थानांतरित की गई है। आयोग द्वारा भी इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। हमारे युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों इस दिशा में हमारे प्रयास निरंतर जारी है।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बिशन सिंह चुफाल, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, राजेन्द्र रावत सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सीएम ने सुनी 250 लोगों की समस्यायें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान प्रथम दिवस में पिथौरागढ़ स्थित लोनिवि विश्राम गृह में मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत आमजन की शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनपद के विभिन्न महिला संगठनों व महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, जनपद के प्रबुद्ध नागरिकों, पूर्व सैनिक संगठन के सदस्यों, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों, प्रधान संगठन के सदस्यों, मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों, सस्ता गल्ला विक्रेता संगठन के सदस्यों आदि से भेंटवार्ता कर उनकी समस्याओं को भी सुना।
मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 250 शिकायतें पंजीकृत हुई, जिनमें से अधिकांश शिकायतें आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने से संबंधित थी। इसके अलावा सड़क व पुल निर्माण, रोजगार आदि से सम्बधित शिकायतें भी लोगों द्वारा दर्ज कराई गई। मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस अवसर पर जनपद के विभिन्न महिला संगठनों एवं महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से भेंटवार्ता की गई तथा उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अपने स्वरोजगारपरक कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्पादन कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे जनपद की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर जनपद के प्रबुद्ध नागरिकों व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों से भेंटवार्ता कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी जो भी समस्याएं हैं उनका समाधान अवश्य किया जाएगा।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत, जिलाधिकारी रीना जोशी, एसपी लोकेश्वर सिंह आदि उपस्थित रहे।

फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड में बहुत अच्छा वातावरण-नवाजुद्दीन सिद्दीकी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भेंट की। नवाजुद्दीन सिद्दीकी उत्तराखण्ड में फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। रोतु की बेली, चंबा, मसूरी एवं देहरादून में उनके द्वारा फिल्मांकन किया गया। उन्होंने कहा कि फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड में बहुत अच्छा वातावरण है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौंदर्य फिल्मांकन के लिए लोगों को आकर्षित कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में हवाई, रेल एवं सड़क कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में फिल्मांकन की दृष्टि से अनेक रमणीक स्थल हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में अच्छे होटल खुलें, इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। फिल्मों की शूटिंग के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। इस अवसर पर फिल्म अभिनेता हेमन्त पांडे एवं फिल्म जगत के अन्य कलाकार मौजूद रहे।

प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में पुलिस जांच त्वरित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों की विवेचना में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। साथ ही न्यायालयों में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। ताकि अपराधी किसी दशा में बचने न पाएं। प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सचिवालय में राज्य में महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के सबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कंट्रोल रूम में बात कर जन शिकायतों के निस्तारण के लिए की जा रही कार्यवाही की जानकारी भी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर थाने में महिला सब इंस्पेक्टर की तैनाती हो। महिला मित्र प्रकोष्ठ की स्थापना की जाए। महिला के प्रति अपराधों को रोकने के लिए जन सहभागिता भी जरूरी है। महिलाओं से जुड़े संगठनों से नियमित सम्पर्क रखा जाए। सिस्टम इस प्रकार का हो कि महिलाओं का इसके प्रति विश्वास बढ़े और वे अपनी शिकायतें बिना संकोच के दर्ज करा सकें। महिला अपराधों से संबंधित शिकायतों पर तुरंत कार्यवाही हो। शिकायतकर्ता महिलाओं से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पुलिस की वेबसाइट पर अपराधियों के नामों की लिस्ट अपलोड की जाए। महिला अपराधों से संबंधित मामलों की जनपदों में जिलाधिकारी स्तर पर लगातार समीक्षा की जाए। विवेचना और पैरवी में कमी पाए जाने पर तत्काल दूर की जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि सीएम हेल्पलाईन में पिछले 10 माह में जो शिकायतें दर्ज हुई, उनमें से 92 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, एडीजी वी. मुरूगेशन, आईजी ए.पी. अशुमान, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, डीआईजी सेंथिल अबुदई, पी रेनुका देवी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी देहरादून दलीप सिंह कुंवर, वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी उपस्थित रहे।

गौरा शक्ति एप लांच, कामकाजी महिलाएं स्व रजिस्ट्रेशन कराए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में उत्तराखंड पुलिस एप के अन्तर्गत सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों/संस्थानों में कार्यरत महिलाओं के लिए स्व रजिस्ट्रेशन सुविधा का शुभारंभ किया। किसी भी कार्यालय में कार्यरत महिलाएं उत्तराखण्ड पुलिस एप में दिये गये विकल्प गौरा शक्ति से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के दृष्टिगत सरकारी एवं गैरसरकारी कार्यालयों में कामकाजी महिलाओं को इस एप में रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित किया जाए। इसका व्यापक स्तर पर प्रचार एवं प्रसार भी किया जाए। सभी जनपदों में इसके लिए संगोष्ठियों एवं अन्य प्रचार माध्यमों से प्रचारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गौरा शक्ति के तहत प्राप्त होने वाली शिकायतों पर संबंधित थानों से त्वरित कार्रवाई की जाए। उच्च स्तर से कृत कारवाई की नियमित निगरानी रखी जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि महिलाओं के स्व रजिस्ट्रेशन की यह सुविधा प्रधानमंत्री द्वारा महिला सुरक्षा के लिए बेहतर ईको सिस्टम विकसित करने के विजन के अनुरूप कामकाजी महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस एप में रजिस्ट्रेशन करने वाली सभी महिलाओं की रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी को गोपनीय रखा जायेगा। इसके लिए प्रत्येक जनपद में एक महिला सब इंस्पेक्टर एवं थानों में एक महिला सब इंस्पेक्टर एवं एक महिला कांस्टेबल तैनात की गई है। उत्तराखंड पुलिस एप के अन्तर्गत गौराशक्ति विकल्प में जाकर जब कोई महिला अपना रजिस्ट्रेशन करायेंगी तो संबंधित थाने से महिला सब इंस्पेक्टर को इसकी सूचना प्राप्त होते ही रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिला से बात कर रजिस्ट्रेशन पूर्ण होने की जानकारी देगी, साथ ही समय-समय पर फीडबैक भी लिया जायेगा। गौरा शक्ति के अन्तर्गत स्व रजिस्ट्रेशन के अतिरिक्त महिलाएं ई-शिकायत भी दर्ज करा सकती हैं, साथ ही इसमें महिलाओं के कानूनी अधिकारों की जानकारी और महत्वपूर्ण फोन नम्बर भी उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, एडीजी वी. मुरूगेशन, आईजी ए.पी. अशुमान, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, डीआईजी सेंथिल अबुदई, पी रेनुका देवी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी देहरादून दलीप सिंह कुंवर, वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी उपस्थित रहे।

40 लाभार्थियों को लॉटरी के माध्यम से मिले आवास, शहरी विकास मंत्री ने सौंपे दस्तावेज

प्रदेश के आवास विकास मंत्री डॉ प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा विधानसभा स्थित सभाकक्ष में ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद द्वारा किये जा रहे आवास आवंटन हेतु आनलाइन ई-बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए०एच०पी० घटक अन्तर्गत उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद द्वारा कुल 16 परियोजनाओं पर निजी विकासकों के माध्यम से कार्य गतिमान है। उक्त परियोजनाओं पर माह अप्रैल, 2022 के उपरान्त कार्य प्रारम्भ हुआ है। 3 परियोजनाएं क्रमशः कनकपुर- काशीपुर 1256, शिकारपुर-रुड़की 768 आवास एवं उकरौली-सितारगंज 1168 हेतु परिषद्, नगर निगमों/नगर निकायों तथा जिला विकास प्राधिकरणों व जनपद स्तरीय अन्य कार्यालयों के माध्यम से आवास आवंटन हेतु पात्र व्यक्यिों से आवेदन प्राप्त किये गये। उक्त आवेदनों की संवीक्षा उपरान्त प्राधिकरण, जिला प्रशासन एवं नगर निकाय के प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त स्थल निरीक्षण उपरान्त लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटन की व्यवस्था की गयी है। लॉटरी हेतु परिषद् द्वारा एच०डी०एफ०सी० बैंक के साथ मिलकर ऑनलाईन आवास बुकिंग एवं ऑनलाईन लॉटरी हेतु ई-बुकिंग पोर्टल विकसित किया गया है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में आवास आवंटन हेतु बुकिंग ऑफलाईन पद्धति के साथ-साथ ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन भी प्राप्त किये जा सकते हैं। इस हेतु राज्य स्तर पर कॉमन सर्विस सेन्टर के साथ पोर्टल का इन्टीग्रेशन किया जा चुका है। भविष्य में सभी परियोजनाओं की बुकिंग ऑफलाईन माध्यम के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से भी की जायेगी।
मंत्री आवास एवं शहरी विकास प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा ऑनलाईन ई-बुकिंग पोर्टल का शुभारम्भ अपर मुख्य सचिव आवास आनन्द बर्द्धन तथा आयुक्त उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के लिए है जिसका प्रयास है कि पारदर्शी तरीके से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत शिकारपुर- रूड़की के 768 ई0डब्ल्यू0एस0 आवास हेतु कुल 923 आवेदन प्राप्त हुए थे। संवीक्षा एवं स्थलीय सत्यापन में 49 आवेदन पत्र अयोग्य पाये गये। शेष 874 आवेदकों में से 768 आवेदकों को ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन लॉटरी आवंटित किये गये। उक्त लॉटरी में वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों को भूतल में आवास आंवटित किये गये हैं।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि लगभग 40 लाभार्थियों को आनलाइन लाटरी के माध्यम से आवास आवंटित किये गये हैं। परिषद् द्वारा आवास आवंटन के आवेदन, जांच/लॉटरी से आवंटन हेतु पूर्ण रूप से पारदर्शी पोर्टल एच०डी०एफ०सी० बैंक के सहयोग से विकसित किया गया है। इस अवसर पर एच०डी०एफ०सी० बैंक की ओर से विपिन त्रिपाठी, स्टेट हेड एवं बकुल सिक्का, एरिया हेड भी उपस्थित रहे।

फिल्म निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सिल्वर सिटी में सातवें देहरादून अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में फिल्म निर्माता शूटिंग के लिए उत्तराखंड आ रहे हैं। फिल्म निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फिल्मकारों के हित में फिल्मांकन की स्वीकृति हेतु ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करायी गई है। अब एक सप्ताह में फिल्मांकन की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आने वाले समय में फिल्म मेकर्स का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देहरादून-दिल्ली एलिवेटेड एक्सप्रेस वे से दिल्ली से देहरादून का सफर महज दो से ढाई घंटे में किया जा सकेगा। उत्तराखण्ड अध्यात्म व योग की धरती है। प्रदेश का लगभग 70 प्रतिशत भूभाग प्राकृतिक सुंदरता व वनों से घिरा हुआ है जो फिल्मांकन के लिये अनुकूल है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक सुरेश गड़िया, फिल्म निर्माता निर्देशक मधुर भंडारकर, रोहित राय, करण प्रधान, अभिनेत्री रूपा गांगुली, दीपा चिखलिया, हास्य कलाकार एहसान कुरैशी आदि उपस्थित रहे।

कौथिग उत्तराखण्ड महोत्सव में बिखरी उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति की झलक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को रेसकोर्स बन्नू चौक स्थित गुरूनानक बालिका इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित 10 दिवसीय अखिल गढ़वाल सभा देहरादून द्वारा आयोजित कोथिग उत्तराखण्ड महोत्सव में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अखिल गढ़वाल सभा जैसी संस्थाएं न केवल सामाजिक दायित्वों को पूरा कर रही है बल्कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। जो निश्चित रूप से सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि अखिल गढ़वाल सभा के लिये भूमि उपलब्ध कराये जाने के प्रयास किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महोत्सव में पहाडों के लोक गीत, लोक नृत्य और संस्कृति के विविध रूप दर्शकों को देखने को मिलेंगे। इससे हमारी संस्कृति के साथ पारम्परिक परिधानों व उत्पादों को पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब हमारी युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत के महत्व को पहचानेगी तभी इससे उनका जुड़ाव भी होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को देश और दुनिया का नम्बर वन पर्यटन प्रदेश बनने के साथ ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिये भी हम प्रयासरत हैं। उत्तराखण्ड की संस्कृति, मेलों, उत्सवों के संरक्षण के लिए भी राज्य सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जो सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महा अभियान चल रहा है, उसमें उत्तराखंड भी अपना योगदान दे रहा है। उत्तराखंड में भी केन्द्र सरकार के सहयोग से प्राचीन धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्द्धार और संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हमने अपना राज्य स्थापना दिवस मनाया, राज्य स्थापना के इन 22 वर्षों में राज्य ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम सबको मिलकर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से अपेक्षा की कि हम सब मिलकर देवभूमि को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का स्वप्न साकार करने में सहयोगी बने।
महोत्सव में लोक कलाकारों द्वारा राज्य की लोक संस्कृति के रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक खजान दास, प्रमोद नैनवाल, सुरेश गढ़िया, अखिल गढ़वाल सभा के अध्यक्ष रोशन धस्माना, महासचिव गजेन्द्र भण्डारी, सांस्कृतिक सचिव पं. उदय शंकर भट्ट एवं संस्कृति कर्मी उपस्थित रहे।