सीएस ने आंवटित बजट को कम खर्च करने पर जताई नाराजगी

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए सभी विभागों को आवंटित बजट व्यय के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने विभागों द्वारा खर्च की मॉनिटरिंग के लिए परफोर्मा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसकी लगातार मॉनिटरिंग हो सके इसके लिए पाक्षिक रिपोर्ट विभागों द्वारा इस परफोर्मा में ली जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग आवंटित बजट को 31 मार्च, 2023 तक 100 प्रतिशत खर्च करने को लेकर कार्ययोजना तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि विभागों की पुरानी देयताओं अथवा अच्छे प्रस्ताव आने पर पूर्व में स्वीकृत बजट से अधिक भी स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय बचाने के लिए विभागों द्वारा जो काम होने ही होने हैं, उनके टेंडर लगा लिए जाएं, कहा कि प्रोजेक्ट सेंक्शन होने उपरान्त ही अवार्ड किए जाएंगे। उन्होंने सभी सचिवों को अपने विभाग के प्रस्तावों की लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रस्तावों में देरी न हो इसके लिए प्रस्ताव से पूर्व सभी प्रकार की औपचारिकताओं को पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं उद्यान विभाग को अपनी सभी प्रकार की छोटी-बड़ी योजनाओं पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। कहा कि इन विभागों की छोटी-बड़ी योजनाएं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सबसे ज्यादा उपयोगी हैं।
मुख्य सचिव ने नाबार्ड से सम्बन्धित योजनाओं के लिए भी सभी विभागों को प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृति हेतु प्रस्तावों को अनावश्यक रूप से अपने उच्चस्थ अधिकारियों को फॉवर्ड करने की टेंडेंसी को समाप्त करने की आवश्यकता है। कितने बजट के लिए किस स्तर तक फाईल का जाना है, यह पूर्व से ही निर्धारित है। किसी प्रकार के कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए उन्होंने वित्त विभाग को इसके लिए सर्कुलर जारी करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, अरविन्द सिंह ह्यांकी, दिलीप जावलकर, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, हरि चन्द्र सेमवाल सहित सभी विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

एसीएस ने ऋण योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के दिये निर्देश

अपर मुख्य सचिव वित्त आनन्दवर्धन ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 83वीं बैठक की अध्यक्षता के दौरान दिसम्बर माह के अन्त तक सभी बैंकों द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत वितरित किए जाने वाले ऋणों के लक्ष्य को 75 प्रतिशत तक प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पीएम स्वनिधि के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों का 30 नवम्बर तक निस्तारण का लक्ष्य बैंकों को दिया है।
अपर मुख्य सचिव ने केन्द्र एवं राज्य सरकार की एमएसएमई से सम्बन्धित ऋण योजनाओं में ओपरलेपिंग का परीक्षण कराकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए हैं। एसीएस ने सभी बैंकों को सरकार प्रयोजित ऋण योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा बैंक शाखाओं में लंबित ऋण आवेदन पत्रों के त्वरित निस्तारण, स्वयं सहायता समूहों का क्रेडिट लिंकेज बढ़ाने, विभिन्न सरकारी विभागों को निजी बैंकों को भी स्पेशल कॉम्पानेन्ट प्लान के तहत ऋण आवेदन भेजने, बैंक सखी, कॉमन सर्विस सेन्टर, राशन विक्रेताओं, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को भी बी. सी. (बैंक कॉरोस्पॉन्डेट) के कार्य प्रदान करने, बैंकों को राज्य के दूर दराज के पर्वतीय क्षेत्रों में नई शाखाएं खोलकर राज्य में वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना नैनो में ऑवरलेपिंग की स्थिति प्रदर्शित हो रही है। बैंकों में एनपीए की वृद्धि को रोकने तथा बैंकिंग को सस्टेनबल बनाने हेतु सभी संबंधित विभागों से सहयोग एवं सार्थक प्रयास की अपेक्षा की गई है। बैठक में बैंकों से स्थानीय स्तर पर प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए एनपीए कम करने के प्रयास करने तथा तहसील से आर. सी. (रिकवरी सर्टिफिकेट) का मिलान करते हुए ऋण राशि की वसूली हेतु अमीनों का सहयोग प्राप्त करने का आग्रह किया गया है। भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड में 103 गांव जो कि 05 कि0मी0 परिधि के अंतर्गत बैंकिंग सेवाओं से आच्छादित नहीं है, की सूची जिला सहकारी बैंक को इस आशय से प्रेषित की गयी है कि वे इन गांवों में शाखा खोलने की संभावनाओं का अध्ययन करेंगे। भारत सरकार द्वारा पीएमजेडीवाई, पीएमएसबीवाई तथा पीएमजेजेबीवाई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक खाताधारकों को आच्छादित किए जाने के भी निर्देश मिले हैं। इस दिशा में राज्य में 3159504 खाताधारकों को पीएमजेडीवाई, 2385330 खाताधारकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, 595833 खाताधारकों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, 507324 खाताधारकों को अटल पेंशन योजना से जोड़ा गया है। उत्तराखण्ड में 100 प्रतिशत डिजिटल पेमेंट ईको सिस्टम को प्रोत्साहित करने की दिशा में अल्मोड़ा तथा चमोली जिले आगे चल रहे हैं। अल्मोड़ा में 99 प्रतिशत तथा चमोली में 84 प्रतिशत बचत खाते डिजिटली आच्छादित हो चुके हैं। डिजिटाइजेशन के तहत रुपे कार्ड, आधार इनएबल्ड एवं इन्टरनेट कनेक्टीविटी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में अगले चरण में 1238 गांवों में फॉर जी टॉवर स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य के सभी जिलों की खसरा खतौनी भू-लेख पोर्टल पर दर्ज कर दी गयी है। अल्मोड़ा तथा पौड़ी गढ़वाल दो जिलों में भूमि का नक्शा बनाने कार्य पूर्ण हो चुका है। अवशेष जिलों में कार्य प्रगति पर है।
बैठक में सचिव कृषि बीवीआरसी पुरूषोतम, अपर सचिव सी रविशंकर, क्षेत्रीय निदेशक आरबीआई लता विश्वनाथन, एसएलबीसी संयोजक दिग्बिजय सिंह रावत तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारी व बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।

स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की तीसरी बैठक में मुख्य सचिव ने दिये अहम निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की तीसरी बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों एवं संस्थानों के अधिकारियों को शीघ्र से शीघ्र प्रदेश में नेटवर्क की 100 प्रतिशत कवरेज उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने ग्राम पंचायत स्तर पर यथोचित देखभाल के लिए ग्राम पंचायत अधिकारियों को वीसेट सर्विसेज के लगातार मॉनिटरिंग अथवा काम न करने की दशा में समय पर जानकारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरसंचार विभाग की 4जी सैचुरेशन योजना के तहत प्रदेश में 100 प्रतिशत 4जी नेटवर्क कवरेज के लिए सभी सम्बन्धित विभाग और संस्थान आपसी समन्वय से कार्य करें। साथ ही नेटवर्क कवरेज के लिए फील्ड लेवल पर स्थानीय लोगों से फीडबैक लेकर नेटवर्क उपलब्धता की जांच की जाए। उन्होंने सभी जनपदों में जिला प्रशासन को टावर लगाए जाने हेतु शीघ्र से शीघ्र जगह चिन्हित कर उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने आरओडब्ल्यू के लम्बित प्रकरणों का तेजी से निस्तारण किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को भारत सरकार के राईट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) को अपनाए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि आवंटित साईट्स पर पावर सप्लाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन द्वारा सील किए गए मोबाइल टावर प्रकरणों के तेजी से निस्तारण के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि दूरसंचार सेवा अति महत्त्वपूर्ण सेवा है जिसे प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। मुख्य सचिव ने बीएसएनएल को प्रदेश में क्षतिग्रस्त लाइनों को शीघ्र से शीघ्र ठीक करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बताया गया कि वोडाफोन-आइडिया(वीआई), एयरटेल, रिलायंस जिओ और बीएसएनएल द्वारा सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। प्रदेश में 1.42 करोड़ मोबाईल सब्सक्राईबर बेस है। 42192 किमी0 ओएफसी लगाई गयी है। 9190 टॉवर और 30611 बीटीएस लगाए गए हैं।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली एवं निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा सहित सम्बन्धित विभागों एवं संस्थानों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि में आयोजित हो रहे सम्मेलन में देशभर से आये वैज्ञानिक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जीएमएस रोड स्थित वाडिया हिमालयन भूविज्ञान संस्थान में फेडरेशन ऑफ इण्डियन जियो साइंसेज एसोसिएशन के तृतीय त्रैवार्षिक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। यह सम्मेलन ‘संवहनीय विकास हेतु हिमालय भूविज्ञान’ पर आधारित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फेडरेशन ऑफ इण्डियन जियो साइंसेज एसोसिएशन की सतत विकास के लिए भविष्य में किये जाने वाले प्रयासों पर आधारित पुस्तक एवं वाडिया संस्थान के निदेशक डॉ. कालाचंद सांई द्वारा लिखी गई पुस्तक आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस ऑफ जियो साइंटिस्ट का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में देशभर से वैज्ञानिक एकत्र हुए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन में जो विचार मंथन किया जाएगा उससे सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए अमृत जरूर निकलेगा। उन्होंने कहा कि हिमालय और इसका भू वैज्ञानिक महत्व देश और दुनिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका गहराई से अध्ययन किया जाए तो हम पाते हैं कि हिमालय का भूविज्ञान हमारे विकास का सतत माध्यम भी है। उत्तराखण्ड प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। हमारी प्राकृतिक संपदा एवं जैव विविधता पूरे देश और दुनिया में विशिष्ट है। इन सबके साथ हिमालय हमारे प्रदेश की शोभा बढ़ा रहा है,देश की जलवायु की गुणवत्ता को सुधारने में और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में हिमालय का विशेष महत्व है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया में भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। ज्ञान, विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अनेक कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साइंस एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग कर वैकल्पिक ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों के विकास में कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इकोनॉमी और ईकोलॉजी में संतुलन बनाये रखने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। हाइड्रो पावर की दृष्टि से भी हिमालय हमारे लिए विशेष महत्व रखता है। उत्तराखण्ड में हाइड्रो पावर एवं पर्यटन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक आपदाओं एवं भूकम्प की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। प्राकृतिक आपदाओं से जानमाल का कम से कम नुकसान हो, इसके लिए क्या प्रभावी प्रयास हो सकते हैं, इस सम्मेलन में इस विषय पर भी जरूर मंथन किया जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान हिमालय पर्वत के भूविज्ञान को समझने और हिमालय के आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के हित में अनुसंधानों को बढ़ावा देकर प्राकृतिक जोखिमों को कम करने के लिये निरंतर इसी प्रकार कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ इण्डियन जियो साइंसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो.वी.पी. डिमरी, वाडिया संस्थान के निदेशक डॉ. कालाचंद सांई एवं देशभर आये वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

सीएम खेलने लगे कबड्डी, खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार स्थित पंतद्वीप मैदान पंहुचकर 48वीं राष्ट्रीय जूनियर कबड्डी चैम्पियनशिप-2022 का द्वीप प्रज्जवलित कर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने देश के 30 राज्यों से आये खिलाड़ियों के साथ सांकेतिक रुप से कबड्डी खेलते हुए खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में खिलाड़ियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि खिलाड़ी खेल को खेल की भावना से खेलकर देश का नाम रोशन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार निरंतर खेल प्रेमियों के लिए कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़ी है। उन्होने कहा कि जब भी वे खिलाडियों के बीच आते हैं तो उन्हे गौरव की अनुभूति होती है। कहा कि कबड्डी एक रोचक खेल है जिसे उन्होने बाल्यकाल में काफी खेला है। उन्होने कहा कि खिलाड़ियों के बीच आकर सकारात्मक उर्जा का संचार होता है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ गांवों में छुपी खेल प्रतिभा को मंच देने का कार्य कर रही है। कहा कि ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ी जो अभाव या कमी के कारण अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पाते है उनके लिए प्रदेश सरकार समर्पण भाव से कार्य कर रही है। बच्चों में उर्जा का एक अलग ही स्तर होता है जिसे खेल में लगाकर खिलाड़ी नाम कमाने के साथ ही खेल को अपना प्रोफेशन बना सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल में हार जीत दो पहलू है जिसे खुले दिल से स्वीकर करना चाहिए। कहा कि खेल को खेल की भावना से खेलकर प्रसिद्धि पाना सुखद होता है जिससे खिलाडी को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज देश हर क्षेत्र आगे बढ़ रहा है, उन्होंने कहा कि खिलाड़ी कोई भी मुकाबला खेलने के लिए देश से बाहर जाते हैं तो प्रधानमंत्री उनसे स्वयं बातकर हौसला बढ़ाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खेलों में पारदर्शी तरीके से प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री उदयीमान खिलाड़ी योजना, खेल छात्रवृत्ति योजनाए लागू की हैं। प्रदेश में खिलाड़ियों को तैयारियों के लिए जरुरी सुविधा मिले इसके लिए नई खेल नीति लागू की गई है। उन्होंने कहा कि देहरादून में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज को स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के रुप में विकसित किया जा रहा है, इसके अलावा गावों में युवा सेहतमंद रहें इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ओपन जिम की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने खेल प्रोत्साहन राशि को भी बढ़ाने का काम किया है।
कार्यक्रम विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रविद्र पुरी महाराज, हरिद्वार महापौर अनिता शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, रुड़की भाजपा जिलाध्यक्ष शोभाराम प्रजापति, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, उत्तखण्ड कबड्डी एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष बृजभूषण विद्यार्थी समेत जिलाधिकारी डा विनय शंकर पांडेय, एसएसपी अजय सिंह समेत बड़ी संख्या में विभिन्न राज्यों के प्रतिभागी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने काफिला रुकवाकर घायल युवकों को पहुंचाया अस्पताल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की फ्लीट वाडिया हिमालयन भू विज्ञान संस्थान से सचिवालय आ रही थी, इस दौरान मुख्यमंत्री ने ओएनजीसी चौक के समीप स्कूटी पर सवार दो युवकों को स्कूटी से गिरते देखा। मुख्यमंत्री ने काफिला रुकवाकर दोनों युवकों का हालचाल जाना, युवकों को मामूली चोट आई थी। मुख्यमंत्री ने मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि युवकों को शीघ्र आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से अपील की है कि दो पहिया वाहनों में यात्रा करते समय हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें।

समाज कल्याण मंत्री ने अधिकारियों को अपनी कार्यशैली सुधारने के दिये निर्देश

समाज कल्याण मंत्री चन्दन राम दास ने राज्य में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में 19 प्रतिशत धनराशि एससीएसपी के लिए तथा 3 प्रतिशत धनराशि टीएसपी के लिए निर्धारण के संबंध में समीक्षा बैठक की।
मंत्री ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में समीक्षा करते हुए जारी स्वीकृत राशि के सापेक्ष कम व्यय पर नाराजगी जताते हुए खर्च की सीमा बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने विभागीय बजट जारी करने में विलम्ब न करते हुए कहा कि जिस योजना मद में बजट जारी हुआ है उसे उसी मद में व्यय किया जाय। उन्होंने एससीएसपी तथा टीएसपी धनराशि के दुरपयोग होने पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये।
मंत्री ने कहा कि इस मद से हम गरीबों की सीधे तौर पर मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला सेक्टर और केन्द्र सेक्टर मद की अलग से समीक्षा की जाय। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता लानी होगी तथा आवश्यकतानुसार भवन, स्कूल, शौचालय, लाईब्रेरी, अस्पताल आदि बनााने होंगे।
मंत्री ने कहा कि बजट व्यय करने के उपरान्त उपयोगिता प्रमाण पत्र तत्काल विभाग को भेजा जाय ताकि अगली किश्त जारी की जा सके। उन्होंने अधिकारियों द्वारा अधूरी सूचना लाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हमें अनुसूचित जाति उपयोजना और अनुसूचित जनजाति उपयोजना पर विशेष जोर देना होगा।
मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आज की बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी तथा आगामी बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से पूर्ण जानकारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिये।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 1338.49 लाख रूपये रही जिसमें 938.95 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 14.16ः रहा। कृषि विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 464.84 लाख रूपये रही जिसमें 317.57 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 28.05ः रहा। पशुपालन विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 952.96 लाख रूपये रही जिसमें 582.70 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 39.44ः रहा। पशुपालन विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 149.87 लाख रूपये रही जिसमें 95.00 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 16.45ः रहा। वन विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 1093.75 लाख रूपये रही जिसमें 834.40 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 43.06ः रहा। वन विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 127.28 लाख रूपये रही जिसमें 19.96 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 18.86ः रहा। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 2103.14 लाख रूपये रही जिसमें 969.54 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 32.32ः रहा। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 1613.92 लाख रूपये रही जिसमें 1321.34 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 33.55ः रहा।
इस अवसर पर बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन एल. फैनई, सचिव अरविन्द ह्यांकी, निदेशक जनजाति संजय सिंह टोलिया तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

शिक्षण संस्थानों को मार्च 2023 तक कराना होगा नैक मूल्यांकन

सूबे के समस्त महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन अनिवार्य रूप से कराना होगा, इसके लिये सभी राजकीय एवं अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को मार्च 2023 तक का समय दिया गया है। नैक एक्रिडिएशन न कराने वाले महाविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। गुणवत्तापरक शिक्षा के लिये महाविद्यालयों को कम से कम 180 दिन कक्षाएं संचालित करने को कहा गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप महाविद्यालयों में ग्रीन कैम्पस, तम्बाकू मुक्त कैम्पस बनाने हेतु समितियों का गठन करने तथा एनसीसी, एनएसएस एवं रोवर रेंजर की इकाईयां स्थापित की जायेंगी। छात्र-छात्राओं की डिजीटल हेल्थ आईडी बनाने के साथ ही उनके ब्लड ग्रुप की भी जांच महाविद्यालय स्तर पर की जायेगी।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित डीएमएमसी सभागार में विभागीय बैठक में राजकीय एवं अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने सभी अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों एवं राजकीय महाविद्यालयों को अनिवार्य रूप से नैक मूल्यांकन कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी उच्च शिक्षण संस्थान मार्च 2023 तक नैक मूल्यांकन सुनिश्चित करायें। नैक मूल्यांकन न कराने वाले अशासकीय महाविद्यालयों की जहां मान्यता खत्म कर दी जायेगी वहीं राजकीय महाविद्यालयों के प्राचायों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। डॉ रावत ने बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के सहयोग से माह दिसम्बर में विभिन्न जनपदों में पांच सेमीनार आयोजित किये जायेंगे जहां पर नैक मूल्यांकन के लिये आवश्यक सुविधाओं एवं संरचनाओं की जानकारी दी जायेगी ताकि नैक मूल्यांकन में महाविद्यालयों को सहूलियत हो सके। डॉ0 रावत ने उच्च शिक्षा में शैक्षिक गुणवत्ता के सुधार के लिये सभी शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य रूप से 180 दिन कक्षाओं का संचालन करने, निश्चित समय सीमा के भीतर परीक्षाओं का आयोजन व परिणाम जारी करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। बैठक में विभागीय मंत्री ने राजकीय एवं अशासकीय महाविद्ययालों के प्राचार्यों को एंटी ड्रग्स सेल का गठन करने के साथ ही तम्बाकू मुक्त परिसर एवं ग्रीन कैम्पस बनाने को कहा, साथ ही उन्होंने महाविद्यालयों में एनएसएस, एनसीसी एवं रोवर्स रेंजर की इकाईयां स्थापित करने व शिक्षकों एवं कार्मिकों के साथ ही छात्र-छात्राओं की भी बायोमैट्रिक उपस्थिति लिये जाने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों से टीबी मुक्त उत्तराखंड अभियान से जुड़ कर एक-एक टीबी मरीज गोद लेने, छात्र-छात्राओं की डिजीटल हेल्थ आईडी बनाने, प्रत्येक छात्र-छात्राओं के ब्लड ग्रुप की पहचान करने व स्वैच्छिक रक्तदान के लिये पंजीकरण कराने को भी कहा। बैठक में निर्णय लिया कि सभी राजकीय महाविद्यालयों में 4-जी कनेक्टीविटी के लिये संबंधित प्राचार्य किसी भी नेटवर्क कंपनी से उपलब्धता के आधार पर कनेक्शन ले सकते हैं। जिसका भुगतान मासिक या वर्षिक आधार पर छात्र निधि से प्राप्त धनराशि से किया जा सकता है। विभागीय मंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के महाविद्यालय अपने आस-पास के एक-एक गांव को गोद लेकर साक्षरता, स्वच्छता एवं सामाजिक जन जागरूकता अभियान चलायेंगे जबकि मैदानी क्षेत्रों के महाविद्यालय अपने आस-पास के एक-एक राजकीय विद्यालय व बालवाटिका को गोद लेकर सहयोग करेंगे। डॉ0 रावत ने कहा कि सूबे के महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ अंतर महाविद्यालय संस्कृतिक, खेल, सामान्य ज्ञान व भाषण प्रतियोगिता सहित अंतर विश्वविद्यालय कुलगीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा।
बैठक में सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, अपर सचिव प्रशांत आर्य, सलाहकार रूसा प्रो एमएसएम रावत, प्रो केडी पुरोहित, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो प्रवीन जोशी, संयुक्त निदेशक प्रो एएस उनियाल के साथ ही सभी 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे जबकि राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।

नगर और ग्राम नियोजन विभाग की समीक्षा में कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने दिये निर्देश

आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए।
गुरुवार को विधानसभा स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में मुख्य नगर एवं ग्राम योजक शशि मोहन श्रीवास्तव ने मंत्री डॉ अग्रवाल को वर्तमान में महायोजना की जानकारी दी। श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 18 महायोजना प्रभावी हैं, जिनमें 9 गढ़वाल और 9 कुमाऊं मंडल में शामिल है। कहा कि महा योजनाओं में प्राधिकरण द्वारा सुनियोजित विकास संभव है बताया कि इसी क्रम में वर्तमान में सात (7) महा योजनाओं का कार्य भारत सरकार की अमृत उप योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। बताया कि इसमें संपूर्ण अनुदान राशि भारत सरकार द्वारा ही प्राप्त की गई है कहा कि भारत सरकार के दिशानिर्देशों एवं नियंत्रण में मास्टर प्लान को पर्यवेक्षण किया जा रहा है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में सात महायोजनाओं के अंतर्गत गढ़वाल मंडल में देहरादून, हरिद्वार, और रुड़की जबकि कुमाऊं मंडल में रूदपुर, काशीपुर, नैनीताल और हल्द्वानी शामिल है। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि सात महा योजनाओं का अंतिम रूप हर हाल में दिसम्बर माह तक किया जाए।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार के द्वारा 63 नगर निकाय के लिए महायोजना बनाने का कार्य भी कार्यदाई संस्था को दिया जा रहा है। डॉ अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जिसमें समस्त नगर निकायों के लिए महायोजना तैयार होगी।
डॉ अग्रवाल ने विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के रिक्त पदों की भी समीक्षा की। इस दौरान डॉ अग्रवाल ने पाया कि 131 स्वीकृत पदों में से केवल 48 पदों पर ही कार्मिक कार्यरत हैं। इसके अलावा 3 टाउन प्लानर ही विभाग में है। इस संबंध में डॉ अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव आवास आनंद वर्धन को निर्देशित किया।उन्होंने कहा कि महायोजना के कार्यों में तेजी लाने के लिए टाउन प्लानर के पदों की नियमित नियुक्ति होने तक आउट सोर्स के माध्यम से इन पदों को भरा जाए।
इस मौके पर वरिष्ठ नियोजक शालू थिंद भी उपस्थित रही।

मुख्यमंत्री प्रथम ग्राम समेकित विकास योजना शुरू की जाएगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के ऐसे गांव जो भारत के प्रथम गांव हैं, उनके सुनियोजित विकास के लिए ‘‘मुख्यमंत्री प्रथम ग्राम समेकित विकास योजना’’ शुरू की जायेगी। प्रधानमंत्री ने माणा में आयोजित कार्यक्रम में सीमाओं पर स्थित गांवों को अंतिम गांव की बजाय प्रथम गांव कहा था। ये गांव देश के प्रथम गांव के साथ प्रहरी भी हैं। हमारी पहली प्राथमिकता इन गांवों का सुनियोजित विकास होना चाहिए।
गांवों में स्वच्छता के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यावरण मित्र’ योजना शुरू की जायेगी। जिसमें प्रत्येक गांव में एक पर्यावरण मित्र (स्वच्छक) की तैनाती की जायेगी। ग्राम पंचायतों के सुनियोजित विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री चौपाल’ शुरू की जायेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं किसी गांव में जाकर चौपाल में प्रतिभाग करेंगे। “मुख्य सेवक चौपाल“ में मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम भी करेंगे।
सचिवालय में पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे गांवों में धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक आधार पर कुछ दिवस वहां के लिए विशेष महत्व के होते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि गांवों में इन विशेष दिवसों को चिन्हित कर उत्साह के साथ कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। ग्राम सभा का स्थापना दिवस उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इनमें उन गांवों के बाहर रहने वाले प्रवासी लोगों को प्रतिभाग करने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया जाए। उच्चाधिकारी भी इनमें प्रतिभाग करें। ग्राम पंचायतों का सुनियोजित विकास हो इसके लिए चौपाल लगाई जाए। चौपाल में जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए एवं अधिकारी भी चौपालों में प्रतिभाग करें। इसके लिए ग्राम सभावार रोस्टर भी बनाया जाए। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा इन चौपालों दिये जाने वाले सुझावों को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए गांवों के विकास की कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि असली भारत गांवों में बसता है। राज्य के समग्र विकास के लिए गांवों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के विकास के लिए किसी गांव में एक कैबिनेट बैठक भी आयोजित की जाए, जिसमें गांवों के विकास से संबंधित प्रस्ताव हों।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि 2025 में उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनायेगा। तब तक गांवों को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में क्या प्रभावी प्रयास किये जा सकते हैं, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए हर गांवों के लिए मास्टर प्लान बनाया जाए। अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का आम जन तक विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। सरकार की नई योजनाओं की आम जन को जानकारी हो इसके लिए गांवों में योजनाओं की जानकारी के लिए बोर्ड लगाये जायें। सभी विभाग अपने स्तर से भी सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास से संबंधित अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेस को अपनाया जा सकता है।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि गांवों में लोगों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। ग्राम प्रधानों को आपदा निधि के लिए दस-दस हजार रूपये की निधि प्रदान करने की व्यवस्था की जाए। गांवों में चाल-खाल बनाने की दिशा में भी ध्यान दिया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव नितेश झा, निदेशक पंचायतीराज बंशीधर तिवारी, अपर सचिव ओंकार सिंह एवं पंचायतीराज विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।