नैनीताल हाईकोर्ट की शिफ्टिंग को लेकर अहम निर्णय

उत्तराखंड सरकार के आज हुई कैबिनेट बैठक में 29 प्रस्ताव लाए गए। जिसमें नैनीताल से उत्तराखंड हाई कोर्ट शिफ्ट को लेकर आये प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मोहर लगा दी है। वहीं, उत्तराखंड में धर्मांतरण कानून यूपी से सख्त होगा और संगेय अपराध में शामिल किया जायेगा। इसमें अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान होगा और विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा। इसके साथ ही अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

-अपणी सरकार पोर्टल के लिए रिक्रूटमेंट प्रस्ताव को मंजूरी
-जल विद्युत परियोजनाओं के लिए टीएचडीसी और यूजीवीएनएल के बीच उपकरण बनाए जाएंगे
-राज्य में 4जी मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर के लिए 2000 वर्ग गज भूमि निशुल्क दी जाएगी
-नजूल भूमि विधायक 2021 को वापस लिया गया, संशोधित विधेयक सदन में लाया जाएगा
-अग्निशमन नियमावली को कैबिनेट ने दी अनुमति
-उत्तराखंड दुकान और स्थापन विधेयक 2022 को मंजूरी दी गई
-कूड़ा फेंकना अधिनियम लागू किया गया
-आरडब्ल्यूडी की राशि को 15 करोड़ से बढ़कर असीमित किया गया
-एडिशनल सब इंस्पेक्टर के पद को स्वीकृत किया गया 4200 ग्रेड पेय के साथ
-29 नवंबर से उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र होगा
-केदारनाथ धाम में ॐ मूर्ति की स्थापना होगी
-उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम में संशोधन, सजा खत्म की गई अर्थदंड का प्रावधान किया गया
-श्रीनगर नगर निगम और नगर पालिका विवाद को लेकर सब कमेटी का गठन, शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल होंगे कमेटी के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और चंदन रामदास कमेटी में सदस्य के तौर पर शामिल
-जमरानी बांध परियोजना में पुनर्वास प्रस्ताव मंजूर, 1323 परिवारों का होना है पुनर्वास

मंत्री अग्रवाल ने किया वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं का सम्मान

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा सहित पार्टी की रीढ़ कहे जाने वाले वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं का सम्मान किया। इस दौरान मंत्री डा. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं को भाजपा संगठन की ताकत बताते हुए आगामी चुनावों के लिए एकजुट होने का आवाहन किया।
श्यामपुर में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि भाजपा संगठन विश्व का सबसे बड़ा संगठन है। भाजपा में ही कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक नजरिये से देखा जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा में ही आम कार्यकर्ता को खास पदों तक पहुंचाया जाता है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि हिंदुस्तान के अंदर अन्य कोई ऐसी राजनीतिक पार्टी नहीं है, जहां कार्यकर्ताओं की कदर होती है, भाजपा में धैर्य रखने वाले कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। डा. अग्रवाल ने कहा कि भाजपा में निष्ठावान, समर्पित कार्यकर्ताओं की कद्र की जाती है।
डा. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि मतभेद अवश्य हों, मगर पार्टी संगठन के भीतर मनभेद नहीं होना चाहिए। कहा कि पूरे देश में अन्य कोई ऐसी राजनीतिक पार्टी नहीं है, जो भाजपा संगठन का मुकाबला कर सके। कहा कि आज विपक्ष नहीं के जैसा रहकर रह गया है।
डा. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं का आभार करते हुए कहा कि चौथी बार विधायक और मंत्री पद तक पहुंचाने में आपका योगदान है। उन्होंने कहा कि आपके आशीर्वाद की बदौलत इस मुकाम तक पहुंचे है। कहा कि क्षेत्र के विकास में कभी भी धन की कमी नहीं आड़े आएगी।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा ने कहा कि कार्यकर्ता भाजपा संगठन के लिए देवतुल्य है। इन कार्यकर्ताओं ने ही केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार लाकर दी है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के लिए वह सदैव संगठन के प्रतिनिधि के रूप में तत्पर है।
जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं ने सरकार और जनता के बीच सेतु बनने का आवाहन किया। कहा कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाएं। जिससे सरकार की योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा, ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, कार्यक्रम अध्यक्ष बृजमोहन कंडवाल, पूर्व दर्जाधारी सुरेंद्र मोघा, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, प्रदीप धस्माना, विमला नैथानी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओबीसी मोर्चा सतपाल सैनी, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रधान संगठन सोबन सिंह कैंतुरा, किशन नेगी, मंडल महामंत्री रवि शर्मा, उपाध्यक्ष राजवीर रावत, जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा नरेंद्र रावत, हरपाल राणा, समाजसेवी मानवेंद्र कंडारी, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा समा पंवार, अनिता राणा, पुष्पा ध्यानी, चंद्रकांता बैलवाल आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में गोट वैली योजना का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सर्वे स्टेडियम, हाथीबड़कला देहरादून में पशु पालन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर राज्य में 60 मोबाइल पशु चिकित्सालय इकाइयों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने गोट वैली योजना का शुभारंभ किया एवं नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेन्ट फण्ड (आई.आर.डी.एफ) योजना के अन्तर्गत पशुलोक ऋषिकेश, में हीफर रियरिंग फार्म का लोकार्पण भी किया। रजिस्ट्रार, उत्तराखण्ड पशु चिकित्सा परिषद, देहरादून के परिसर में नवीन प्रशिक्षण केन्द्र का लोकार्पण एवं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम योजना के अन्तर्गत एकत्रीकरण सह प्रजनन फार्म का लोकार्पण तथा राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा प्रायोजित नवीन अतिहिमीकृत वीर्य प्रयोगशाला का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि पशु चिकित्सकों को एन.पी.ए दिया जायेगा। राज्य में पशुओं में आर्टिफिशियल इंस्यूमिनेशन सेक्स शार्टेड सीमन को बढ़ावा दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मोबाइल वेटनरी यूनिटों के शुभारंभ से राज्य के दूरस्थ पर्वतीय स्थानों पर आपातकालीन पशुचिकित्सा सेवायें एवं पशुपालन सम्बन्धी अन्य विभागीय सेवायें आसानी से प्रदान की जा सकेंगी। इस सेवा के लिए टोल फ्री नम्बर 1962 जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत सरकार की राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के अन्तर्गत श्यामपुर में नवीन प्रयोगशाला का शिलान्यास भी किया जा रहा है। जिससे पशुधन विकास में हमारे प्रदेश को लाभ मिल सकेगा। इस योजना के अन्तर्गत नेशनल डिजिटल लाइवस्टॉक मिशन को चम्पावत एवं ऊधमसिंहनगर जिलों में भी प्रारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य को हर क्षेत्र में केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा पशुपालन एवं कृषि उत्तराखण्ड के लाखों परिवारों की आर्थिकी की रीढ़ है। 80 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों को रोजगार प्रदान करने वाला पशुपालन व्यवसाय न केवल उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, बल्कि प्रदेश के संतुलित पोषण का भी मुख्य आधार है। पशुपालन व्यवसाय का राज्य सकल घरेलू उत्पादन में 3 प्रतिशत योगदान है। सभी छोटे पशुपालकों व दुग्ध व्यवसायियों के सम्मिलित प्रयासों के फलस्वरूप आज हमारा देश डेरी पदार्थों के उत्पादन में शीर्ष पर है। उन्होंने कहा पशुपालन व्यवसाय में निवेश ग्रामीण क्षेत्रों के विकास का भी मुख्य साधन हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में पहली बार डेरी पशुओं का सबसे बड़ा डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत प्रत्येक डेयरी पशु को एक विशिष्ट टैग लगाया जा रहा है। भारत की डिजिटल क्रांति डेरी क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। डेरी व्यवसाय क्षेत्र के लिए विकसित किया गया डिजिटल पेमेंट सिस्टम भी बदलते भारत का उदाहरण है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने महिलाओं को डेयरी क्षेत्र की वास्तविक नायिकाएं बताया है, क्योंकि आज भी पशुओं की देखभाल अधिकतर मातृ शक्ति ही करती है। उन्होंने कहा गांवों में मातृ शक्ति को सबसे अधिक समस्या चूल्हे में खाना बनाने से होती थी, पर केंद्र सरकार ने जो गोवर्धन योजना प्रारंभ की है उससे गावों में गोबर गैस प्लांट लगाकर इस समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य आधार भी पशुधन ही है।
मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों को प्रभावी तरीके से लागू करके राज्य सरकार ने राज्य में लम्पी स्किन डिजीज को पूरी तरह से नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है। इस रोग के नियंत्रण के लिए प्रदेश में लगभग 6 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा जैविक कृषि के मुख्य आधार भी पशुधन ही है। इसके लिए पशुओं के गोबर को जैविक फार्म्स तक पहुंचाने के लिए भी सरकार विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे नवीन प्रयासों से न केवल हमारे राज्य में युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि ग्रामीण आर्थिकी भी मजबूत होगी और रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को नई गति मिलेगी।
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। जनपद बागेश्वर से गोट वैली की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार का प्रयास है कि गाय के दूध के साथ ही बकरी के दूध को भी तेजी से बढ़ावा दिया जाय। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को 2025 तक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने का लक्ष्य दिया गया है। पशुपालन के क्षेत्र में इस दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। पशुपालन के माध्यम से उत्तराखंड की मातृ शक्ति को सशक्त बनाने एवं रिवर्स माइग्रेशन के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री पशुपालन एवं डेयरी विकास डॉ. संजीव कुमार बालियान, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक उमेश शर्मा काऊ, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र अन्थवाल, सचिव पशुपालन भारत सरकार राजेश कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, निदेशक पशुपालन डॉ. प्रेम कुमार एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

परिवार पहचान पत्र बनाने को लेकर सीएस ने दिये निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में परिवार पहचान पत्र उत्तराखण्ड योजना के सम्बन्ध में बैठक ली। योजना के क्रियान्वयन पर मुख्य सचिव के समक्ष नियोजन विभाग की ओर से अपर सचिव नियोजन रोहित मीणा ने विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवार पहचान पत्र योजना के क्रियान्वयन पर शीघ्र से शीघ्र कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभाग आपसी सहयोग से सभी प्रकार का डाटा संग्रहित कर लें। किस किस विभाग से कौन सा डाटा चाहिए अगले 2-3 दिन में इसका फॉर्मेट तैयार कर सभी विभागों से मांग लिया जाए। परिवार पहचान पत्र के सफल क्रियान्वयन एवं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए विभिन्न विभागों के डेटाबेस को जोड़ने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने विभागीय डाटा उपलब्ध कराए जाने के लिए विभागों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिए ताकि योजना का क्रियान्वयन तेजी से किया जा सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन विभागों को डाटा कलेक्शन करना है, आपसी सहयोग से मिलकर सभी प्रकार का डाटा कलेक्ट करें। उन्होंने डाटा कलेक्शन के लिए प्रत्येक स्तर पर टाईम लाईन निर्धारित करने के साथ ही सर्वे से पहले फॉर्मेट तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही इसके लिए पोर्टल तैयार कर डाटा ब्लॉक स्तर पर भरे जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए डेडीकेटेड सेल बनाए जाने के साथ ही पर्याप्त मैनपावर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डाटा कलेक्शन में त्रुटियों की गुंजाइश न रहे इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाए। फील्ड लेवल पर औचक निरीक्षण किए जाएं।
अपर सचिव नियोजन रोहित मीणा ने बताया कि परिवार पहचान पत्र उत्तराखण्ड योजना उत्तराखण्ड के निवासियों को विभिन्न प्रमाण पत्रों एवं लाभार्थी परक योजनाओं में ईज ऑफ लिविंग/डूइंग में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र उत्तराखण्ड जारी किए जाने से जाति, आय, निवास या दिव्यांग पहचान पत्र को पृथक से आवश्यकता नहीं होगी। इसका संपूर्ण डाटा परिवार पहचान पत्र उत्तराखण्ड में उपलब्ध रहेगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, नितेश झा, वी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, रविनाथ रमन एवं डॉ. आर. राजेश कुमार सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

हर जनपद में आवासीय बालिका विद्यालयों की स्थापना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिथि शिक्षकों के 2300 पद शीघ्र भरे जाएं। हर जनपद में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की तर्ज पर आवासीय बालिका विद्यालयों की स्थापना तथा विद्यालयों में आउटसोर्स के माध्यम से चतुर्थ श्रेणी के 3 हजार रिक्त पद भरने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों अविलंब मरम्मत की जाए। राज्य के सभी सरकारी एवं अशासकीय स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के सभी छात्र-छात्राओं को आने वाले शैक्षणिक सत्र में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जाए। कक्षा 1 से 8 वीं तक पहले से ही निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में शिक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं में गुणात्मक सुधार के लिए आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस अधिकारी भी समय-समय पर स्कूलों की सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। इसके लिए रोस्टर बनाया जाए। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी नियमित स्कूलों में जाकर पठ्न-पाठन एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जो पूर्ण हो चुकी है, उन्हें शीघ्र नियुक्ति दी जाए। अध्यापकों के मेडिकल एवं अध्यापिकाओं के मेडिकल, मैटरनिटी लीव एवं चाइल्ड केयर लीव के दौरान कक्षाएं बाधित न हो, इसके लिए स्कूलों में पढ़ाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाए। प्रधानाचार्य, प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों के जो पद रिक्त हैं, उनके जल्द ही आयोग को अधियाचन भेजे जाए। बीआरपी एवं सीआरपी के रिक्त पदों को भी जल्द भरा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शिक्षकों का मेडिकल रिम्बर्समेंट एवं सेवानिवृत्त होने के बाद जीपीएफ भुगतान समय पर हो जाए। मुख्यमंत्री ने कहा की बीआरपी एवं सीआरपी के रिक्त 950 पद शीघ्र भरे जाएं। शिक्षा व्यवस्था की गतिविधियां एवं ट्रांसफर की व्यवस्था ऑनलाइन की जाय।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विद्यालयों की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) स्कोर से संबंधित यूडाइस पोर्टल में सभी डाटा अपडेट करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवक्ता एवं वरिष्ठ प्रवक्ताओं के पद रिक्त चल रहे हैं, इन्हें जल्द भरना होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं, कि वे नियमित स्कूलों का निरीक्षण करें।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, रविनाथ रमन, एस.एन. पाण्डेय, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, अपर सचिव योगेन्द्र यादव एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

बाल दिवस की सबसे मनमोहक तस्वीर जो हर किसी के दिल को छू गई

सीएम धामी को बच्चे बेहद पसंद हैं। जहां कहीं भी कार्यक्रमों में सीएम को बच्चे नजर आते हैं, वहां उन्हें लाड-प्यार करने से खुद को रोक नहीं पाते। अब इसे इत्तेफाक कहें या कुछ और कि आज बाल दिवस भी था और जौलजीबी मेले का उद्धघाटन समारोह भी। इस दौरान अचानक ही जब पारंपरिक वेशभूषा में सजी एक नन्हीं सी बच्ची पर सीएम धामी की नजर पड़ी तो उनका बाल्य प्रेम उमड़ पड़ा और सीएम धामी ने बगैर देर किए इस बच्ची को गोद में उठा लिया। सीएम धामी के चेहरे पर आई मुस्कुराहट यह बताने के लिए काफी थी कि उन्हें नन्हें-मुन्ने बच्चे कितने प्रिय है और यह पहला मौका नहीं था जब सीएम धामी का बच्चों के प्रति यह प्रेम नजर आया हो। शिक्षा विभाग के कई कार्यक्रमों के दौरान सीएम न केवल उनसे खूब प्रेरक संवाद करते हैं बल्कि मौका मिलने पर उनके साथ फोटो खिंचाने और मौज-मस्ती करने से भी नहीं चूकते।
कहते हैं बच्चे मन के सच्चे। बच्चों का मन निश्छल होता है और उनका मन उन्ही लोगों के साथ खुश रहता है जो खुद निश्छल होते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बच्चों के साथ केमिस्ट्री देखने लायक होती है। धामी अंकल के साथ बच्चे चहक उठते हैं। धामी खुद भी बच्चों के बीच पूरी तरह रम जाते हैं। जब भी वे बच्चों के साथ होते हैं, उनकी चेहरे पर स्वाभाविक हंसी और मुस्कान सबको आकर्षित करती है। मुख्यमंत्री धामी भी बच्चों में घुलने मिलने और उनसे बातें करने का कोई अवसर नहीं गंवाते। धामी की सहजता, सरलता और हंसमुख चेहरा उन्हें बच्चों में लोकप्रिय बना रहा है। धामी के चेहरे की स्वाभाविक मुस्कान के तो प्रधानमंत्री मोदी भी कायल हैं। माणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को यह कहकर संबोधित किया था कि जिनके चेहरे पर स्मित (मुस्कान) रहता है।
मुख्यमंत्री धामी का बच्चों के साथ संवाद एक तरफा नहीं होता है। जितना धामी बातचीत करते हैं उससे ज्यादा बच्चे अपने धामी अंकल को अपनी बात बताते हैं। मुख्यमंत्री धामी का बच्चों से स्नेह केवल बातें करने तक ही नहीं है। मुख्यमंत्री का मानना है कि बच्चों से ही देश का भविष्य सुरक्षित है। उनकी कोशिश रहती है कैसे बच्चों के लिए अधिक से अधिक काम किया जाए। वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना, छात्र छात्राओं को मोबाइल टैबलेट, खेल छात्रवृत्ति जैसी तमाम योजनाएं और निर्णय इसका उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को दी नई ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने की सीख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर पर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड बाल संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श बैठक एवं चिल्ड्रन चैंपियन अवार्ड कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने बाल संरक्षण एवं बाल विकास के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाली संस्थाओं एवं व्यक्तियों को पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि निराश्रितों एवं बेसहारा बच्चों को सहायता एवं सहयोग हेतु अपनी व्यस्तता के बावजूद समय निकालना वास्तव में मानवता की बड़ी सेवा है। अपने सिवा दूसरों की चिंता करने वालों पर ईश्वर की भी कृपा रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज को प्रेरणा के साथ दिशा देने का भी कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने समाज हित में कार्यों में संलग्न अनाम लोगों को भी समाज पहचान दिलाये जाने की जरूरत बतायी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वात्सल्य योजना का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के दौरान अपने माता पिता व अभिभावकों को खोने वाले बच्चों के लिये राज्य सरकार द्वारा वात्सल्य योजना की घोषणा इसी स्थान से की थी। तब हमने प्रार्थना की थी कि यह योजना लम्बी न चले, प्रदेश में कोई बच्चा अनाथ न हो। वह समय बहुत ही दुःखदायी रहा है। मुख्यमंत्री ने वात्सल्य योजना से आच्छादित बच्चों से भी भेंट की। बच्चों ने मुख्यमंत्री को मामा कह कर सम्बोधित किया।मुख्यमंत्री ने बच्चों का आह्वान किया कि वे जीवन में हर समय उत्साह व उमंग में रहें। शिक्षा व संस्कार देने वाले शिक्षक का सम्मान करें, जो काम करें पूरे मनोयोग से करें। हर क्षेत्र में सदैव आगे रहने का प्रयास करें। नई ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश के अंदर लोकहित के कार्यों को सर्वाधिक महत्व दिया जा रहा है। कोरोना की दो दो वैक्सीन एक साल के अंदर तैयार कर देशवासियों को ही नहीं विश्व के कई देशों को उपलब्ध करायी। इस वैक्सीन ने हमें जीवनदान दिया है। पोलियो का टीका बनाने में देश में 15 साल लगे। पिछले आठ वर्षों के कालखण्ड में समर्थ, समरस एवं शक्तिशाली भारत का निर्माण प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश तेजी से विकास की राह पर चल रहा है। हमारी इकोनामी 5 वें नम्बर पर है। 2047 तक भारत नम्बर वन इकोनॉमी वाला देश बनने की राह पर अग्रसर है। आज दुनिया के देश भारत की ओर देख रहे हैं। यूक्रेन युद्ध इसका उदाहरण है। इस युद्ध के दौरान भारतीय छात्रों के साथ कई अन्य देशों के छात्र भी भारतीय तिरंगे के साथ वहां से सुरक्षित निकले हैं। आजादी व अमृत काल में भारत दुनिया का नेतृत्व करने वालों के रूप में जाना जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश व प्रदेश के विकास में हम सबको सहयोगी बनना होगा। हम जिस क्षेत्र में कार्य करते हैं हमें अधिक मेहनत व इमानदारी से कार्य करना होगा। क्षमता से अधिक कार्य करने में हमें अपना रिकार्ड खुद तोड़ने होंगे। अथक परिश्रम के बल पर ही हम अपने प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में सफल होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से गोरखपुर से आये बच्चों के दल ने भी भेंट की।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा गीता खन्ना, विधायक फकीर राम टम्टा, महिला आयोग की अध्यक्षा कुसुम कंडवाल, अल्पसंख्यक कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर. के जैन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, आयोग के सदस्य विजय कपरवाण, डी.आई.जी. पी रेणुका देवी, से.नि. जस्टिस वी.के माहेश्वरी सहित आयोग के पूर्व व वर्तमान सचिव व सदस्यगण, शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।

ऐतिहासिक जौलजीबी मेला और विकास प्रदर्शनी-2022 का सीएम ने किया शुभांरभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काली एवं गोरी नदी के संगम स्थल जौलजीबी में आयोजित ऐतिहासिक जौलजीबी मेला एवं विकास प्रदर्शनी-2022 का उद्घाटन रिबन काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जौलजीबी मेला क्षेत्र के आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में बहुत महत्व रखता है। यह मेला भारत, नेपाल एवं तिब्बत के पारस्परिक व्यापार को बढ़ावा देता आ रहा है। यह मेला भारत एवं नेपाल के रिश्तों को ऑक्सीजन देने का काम करता है। मुझे प्रसन्नता है कि यह मेला भारत एवं नेपाल देश के बीच संस्कृति, सभ्यता के साथ-साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ाता आ रहा है। अपनी बचपन की यादों को ताजा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बचपन से ही यहां के रीति-रिवाज और संस्कृति को देखते आ रहे हैं। उन्हें बचपन से ही इस मेले से बहुत लगाव रहा है। उन्होंने जनता द्वारा किए गए भव्य स्वागत पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं आप लोगों का बेटा व भाई हूं। मैं जब भी यहां आया हूं मेरा हमेशा गर्मजोशी से स्वागत किया गया है, इसके लिए मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं तथा आप लोगों का भी हाथ जोड़कर स्वागत करता हूं।
मुख्यमंत्री ने सीमान्त क्षेत्र के विकास को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम मानते हैं कि सीमांत क्षेत्रों का ठीक प्रकार से विकास होना चाहिए, हम सीमांत क्षेत्रों में सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सीमान्त गांवों के विकास के प्रति बहुत गंभीर है। अब देश के सीमान्त गांव देश के अंतिम गांव न होकर देश के पहले गांव होंगे, उनका संपूर्ण विकास हमारी प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि हम जनपद के इस सीमान्त क्षेत्र के विकास के लिए काली नदी पर डबल लेन मोटर पुल का निर्माण कर रहे हैं, जिससे भारत और नेपाल देश के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। हम क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निर्माण व चौड़ीकरण कर रहे हैं, इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के बन जाने से कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्री इसी मार्ग से होकर जाएंगे, जिससे व्यापार बढ़ेगा तथा क्षेत्र का विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम क्षेत्र के आपदा प्रभावित एलधारा भूस्खलन क्षेत्र का ट्रीटमेंट वरूणावत पर्वत की तर्ज पर करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर जौलजीबी मेले हेतु रुपए 5 लाख दिए जाने एवं जौलजीबी संगम स्थल का सौंदर्यीकरण किये जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने संगम स्थल पर स्थित जालेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की।
इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा, विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, विधायक धारचूला हरीश धामी, जिलाधिकारी रीना जोशी, एसपी लोकेश्वर सिंह, गिरीश जोशी आदि उपस्थित रहे।

हमारी संस्कृति और व्यापार का संगम है गौचर मेला-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गौचर में 70वें राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले का विधिवत उद्घाटन किया। मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर उनका बैंड की मधुर धुन के साथ फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक गौचर मेला मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने और गौचर मेले के सफल संचालन के लिए 10 लाख देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने गौचर मेले में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गौचर मेला संस्कृति, बाजार तथा उद्योग तीनों के समन्वय के कारण एक प्रसिद्व राजकीय मेला है और साल दर साल यह मेला अपनी ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने मेले को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विशिष्ट और ऐतिहासिक मेला हमारे राज्य के प्रमुख मेलों में से एक है और इसमें सरकार के अधिकांश विभाग भाग लेते हैं। मेले हमारे जीवन में इन्द्रधनुषी रंगों की तरह हैं, जो जीवन में ताजगी और उत्साह भर देते हैं। प्राचीन समय में, जब संचार और परिवहन की कोई ऐसी सुविधाएं नहीं थीं, तो इन मेलों ने सामाजिक ताने बाने को बुनने में बहुत मदद की और लोगों का सामाजिक और व्यावहारिक दायरा बढ़ाया। हमारे देश में और विशेष रूप से उत्तराखंड में अधिकतर मेले सांस्कृतिक मेल मिलाप का माध्यम रहे हैं, परंतु गोचर मेला विशेष है, क्योंकि संस्कृति की छठा बिखेरने के अलावा यह मेला यहां की जनता के व्यापारिक अवसरों को भी बढ़ाता है। इस मेले में प्रदर्शित झांकियों ने उत्तराखंड की विशिष्ट एवं बहुआयामी संस्कृति को प्रदर्शित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य उत्तराखंड के सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाना है और इसके लिए औद्योगिक विकास का महत्व सर्वाधिक है। औद्योगिक विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए हम रोड कनेक्टिविटी, रेल कनेक्टिविटी, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में विशेष ध्यान दे रहे हैं। पर्यटन की किसी भी देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होती है और पर्यटन तो हमारे राज्य की लाईफ लाईन है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सहयोग द्वारा रोड कनेक्टिविटी एवं हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से निश्चित रूप से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और हमारी आर्थिकी को भी लाभ मिलेगा। प्रदेश में चारधाम सड़क परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाईन का निर्माण तथा निर्माणाधीन रोप वे परियोजनाएं इस बात का स्पष्ट उदाहरण हैं कि किस प्रकार सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश के विकास के लिए तत्पर है, उन्होंने सभी को मेले के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकार रमेश गैरोला को गोविंद प्रसाद नौटियाल पत्रकार सम्मान और यूथ फाउंडेशन संचालित करने के लिए अनिल नेगी को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने देवेश जोशी द्वारा लिखी पुस्तक ‘धूम सिंह चौहान’ का विमोचन भी किया।
गौचर मेले में पहले दिन रावल देवता की पूजा के बाद प्रातः स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। मेलाध्यक्ष द्वारा झंडारोहण कर मार्चपास की सलामी ली गई। गौचर मेला मुख्य द्वार से चटवापीपल पुल तक एवं वापसी उसी रूट से होते हुये मुख्य मेला द्वार तक क्रास कण्ट्री दौड़ का आयोजन किया गया। खेल मैदान में बालक एवं बालिकाओं की दौड़, नेहरू चित्रकला प्रतियोगिता, शिशु प्रदर्शनी और शिक्षण संस्थाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। गौचर मेले में पारम्परिक पहाडी संस्कृति से सजा पांडाल मेलार्थियों के बीच खासे आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।
क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल एवं मेला उपाध्यक्ष अंजू बिष्ट ने गौचर मेले का शुभारंभ करने पर मुख्यमंत्री का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया और मुख्यमंत्री को क्षेत्र की समस्या से अवगत कराते हुए समस्याओं के निदान के लिए मांग पत्र भी दिया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री/जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी, केदारनाथ विधायक शैला रानी रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, पूर्व विधायक मुन्नी देवी शाह, कर्णप्रयाग ब्लाक प्रमुख चन्द्रेश्वरी देवी, गौचर नगर पालिका अध्यक्ष अंजू बिष्ट, कमिश्नर गढ़वाल/मेला संरक्षक सुशील कुमार, जिलाधिकारी/मेलाध्यक्ष हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, सहित बडी संख्या में लोग मौजूद रहे।

20 करोड़ से अधिक लागत में बनेगा अगस्त्यमुनि के कोठगी में नर्सिंग कॉलेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को 20 करोड़ 44 लाख 16 हजार की लागत से विकास खंड अगस्त्यमुनि के कोठगी में बनने वाले नर्सिंग कॉलेज का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस दौरान कार्यक्रम में पहुंचे छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री ने बाल दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हमारे नौनिहाल जीवन में जिस भी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उस दिशा में पूरे मनोयोग से काम करें, परिश्रम करने वालों को सफलता अवश्य मिलती है।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में नर्सिंग कॉलेज के बनने से क्षेत्र के बच्चों को नर्सिंग की पढ़ाई में लाभ मिलेगा एवं उन्हें अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को नर्सिंग कॉलेज को निर्धारित समयावधि के अन्दर पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में श्री केदारनाथ धाम का पुननिर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। केदारनाथ यात्रा को और सुगम बनाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने रोपवे परियोजना की सौगात दी है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस वर्ष चारधाम यात्रा में 45 लाख से अधिक रजिस्टर्ड श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा को सुगमता से संचालित करना एक बड़ी चुनौती थी, किंतु जिला प्रशासन एवं सभी जन प्रतिनिधियों के सहयोग से यात्रा का सफल संचालन किया गया। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाइन निर्माण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। आने वाले वर्षों में और अधिक संख्या में श्रद्धालु केदार धाम में आएंगे। श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मिले इसके लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा रही है। 7 हजार पदों पर जल्द ही लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि 2025 में जब उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाएगा, तब तक उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में हो, इस दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 1 लाख से अधिक महिलाओं को ’लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बागवानी के क्षेत्र में भी एक हजार नए बगीचे तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकासखंड अगस्त्यमुनि के धारकोट में मिनी स्टेडियम बनाए जाने के लिए एकमुश्त धनराशि दी जायेगी।
स्वास्थ्य व शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि जनपद को एक बड़ी सौगात मिली है जिससे कि क्षेत्र के बच्चों को इसका लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि जनपद को पहली सौगात 1200 करोड़ की लागत से केदारनाथ रोपवे बनाया जाएगा। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में 23 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में चिकित्सकों की कोई कमी नहीं होगी, तथा 3 हजार नई नर्सों की वर्षवार भर्ती की जाएगी। 800 से अधिक एएनएम की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि 1500 एलटी तथा 1500 लेक्चर की तथा 1 हजार बेसिक अध्यापकों की भर्ती की जाएगी।
विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी ने जनपद वासियों को नर्सिंग कॉलेज की सौगात मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि नर्सिंग कॉलेज बनने से पैरामेडिकल की पढ़ाई करने के लिए पहाड़ के युवाओं को अन्यत्र दूर नहीं जाना पड़ेगा।
इस अवसर पर विधायक केदारनाथ शैला रानी रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, जिला पंचायत सदस्य सविता भंडारी, भारतभूषण भट्ट, जिलाध्यक्ष भाजपा महावीर सिंह पंवार, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक सुश्री विशाखा अशोक भदाणे आदि उपस्थित रहे।