गंगा के तेज बहाव में बहे दिल्ली के दो पर्यटक

मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में गंगा में नहाते समय पानी के तेज बहाव में आकर दिल्ली के दो पर्यटक डूब गए। गहरे पानी में लापता लोगों की तलाश में एसडीआरएफ की टीम ने गंगा में तलाश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका। अंधेरा होने पर तलाशी अभियान बीच में ही रोकना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को वीकेंड पर दिल्ली से एक युवती समेत पांच युवक सैर सपाटे के लिए ऋषिकेश आए थे। इन्होंने दोपहर में राफ्ट हायर कर ब्रह्मपुरी से मुनिकीरेती तक राफ्टिंग की। बताया जा रहा है कि दल में शामिल दो युवक राफ्टिंग करने के बाद लाइव जैकेट के बगैर नहाने के लिए गंगा में उतर गए। इसी बीच पानी के तेज बहाव में आकर डूबने लगे। उन्हें संकट में देख साथी बचाने का प्रयास करते इससे पहले ही दोनों पानी की गहराई में ओझल हो गए।
सूचना पाकर एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सिंह सजवाण रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। राफ्ट और आपदा उपकरणों से गंगा में सर्च आपरेशन चलाया, लेकिन पानी में लापता पर्यटकों का कोई सुराग नहीं मिला। एसडीआरएफ निरीक्षक ने गंगा में लापता पर्यटकों की पहचान वंश कौशल (26) पुत्र अनिल शर्मा निवासी प्रशांत विहार, दिल्ली और कुमार गौरव (26) निवासी छत्तरपुर, फतेहपुर, दिल्ली के रूप में की है। बताया कि दोनों दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते हैं। रविवार सुबह इनकी तलाश में फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।

सीएम ने छात्रों को दी जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लेने की सीख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में देहरादून भ्रमण पर आये बाल शिक्षा सदन स्कूल बड़कोट के छात्रों ने भेंट की। मुख्यमंत्री से मिलने आये छात्र मुख्यमंत्री से मिलकर उत्साहित नजर आये।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लेने की सीख देते हुए कहा कि जीवन में जो भी कार्य करें मन से करें, निडर होकर प्रश्न कर उनके उत्तर प्राप्त करने का प्रयास करें। छात्र जिस भी क्षेत्र में भविष्य में जाना चाहें वहां भी सबसे आगे रहने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि रामेश्वरम के समुद्र तट से राष्ट्रपति भवन तक की उनकी यात्रा साधारण से असाधारण तथा आसमान छूने की यात्रा रही है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे हमेशा कुछ नया सीखने तथा पढ़ाई में रूचि पैदा करने की आदत डालें। समय अमूल्य है उसका सदुपयोग करना सीखें। सीखने की कोई उम्र नहीं होती, व्यक्ति जीवन भर शिक्षार्थी रहता है। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने पर सफलता जरूर मिलती है।
इस अवसर पर छात्रों के साथ विद्यालय के प्रबंधक श्री सुनील थपलियाल एवं शिक्षकगण भी उपस्थित रहे।

सीएम ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को वितरित किये संयुक्त आजीविका ऋण के चेक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक द्वारा उत्तराखण्ड में वित्तीय समावेशन तथा सीएसआर के तहत की जा रही पहल कार्यक्रम के तहत चम्पावत पुलिस को 10 मोटर साइकिल को हरी झंडी दिखाकर रवाना की। मुख्यमंत्री ने बैंक की चम्पावत शाखा का वर्चुअली लोकार्पण करने के साथ ही विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को संयुक्त आजीविका ऋण के चेक भी वितरित किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड में पब्लिक प्राइवेट फाइनेंस को लेकर यह एक नई शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत का मंत्र तभी सार्थक हो सकता है जब समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक शासन-प्रशासन बैंक स्वास्थ्य शिक्षा के सुविधा हो। जब उनतक यह सुविधा पहुँचेगी तभी देश के नागरिक आत्मनिर्भर बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वित्तीय संसाधन और उनके लिए किए जाने वाले प्रयास उत्साहजनक हैं, उन्होंने कहा कि समाज में कई ऐसे लोग भी हैं जो बुनियादी स्तर पर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब का प्रयास होना चाहिए कि समाज को आगे बढ़ाए। सरकार जनकेंद्रित होकर उत्तराखंड के विकास में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सोच नेतृत्व और कार्यशैली का ही परिणाम है कि भारत आज मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश दुनिया में कोविड महामारी के दौरान विकसित से विकसित देशों की अर्थव्यवस्था भी डगमगा गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व के बूते देश ने ना सिर्फ़ कोरोना महामारी से डटकर मुकाबला किया बल्कि कम समय में ही दो-दो स्वदेशी टीके बनाकर हर देशवासी को कोरोना की दो नहीं तीन-तीन निशुल्क डोज की भी सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश के प्रत्येक देशवासी के जनधन खातों को लेकर जिस सोच के साथ अभियान चलाया था उसका परिणाम पिछले कई सालों से दिख रहा है। जनधन खातों में न सिर्फ योजनाओं की सब्सिडी सीधे जा रही है बल्कि देश में हर आय और हर तबके के व्यक्ति डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का रोजगार और उद्यमिता पर विशेष फोकस है मुख्यमंत्री ने बैंक के उच्च अधिकारियों से अपेक्षा करते हुए कहा है कि वे स्वनिधी योजना पर विशेष ध्यान दें और उत्तराखंड को इसका मॉडल बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ औपचारिकता भर ना हो बल्कि उसे मिशन मोड में लेकर आगे बढ़ाया जाए तभी लक्ष्य की पूर्ति हो सकेगी।
राज्य में वित्तीय संस्थानों, विशेषकर बैंकों द्वारा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों पर ध्यान देने के प्रयास भी उत्साहजनक रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक के कामकाज को देखने वाले श्री गोविंद सिंह अल्मोड़ा जिले के सुदूर इलाके से आते हैं, अतः वे इन इलाकों की समस्याओं को भली भांति समझते हैं। उनके बैंक ने उन लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के लिए एक बेहतर प्रणाली विकसित करने में मदद की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए लोक केंद्रित पहल शुरू करने में सबसे आगे रही है। जब उत्कर्ष जैसे बैंक इन पहलों में सरकार का सहयोग करने के लिए आगे आते हैं, तो यह साझेदारी समाज के लिए अत्यंत लाभकारी होती है। हमारी सरकार ने हमेशा आजीविका के अवसरों को बढ़ाने, आय के विविध और स्थायी स्त्रोतों को प्रदान करने, रोजगार और उद्यमिता को सक्षम बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है ताकि उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाया जा सके। हम बैंकों, कॉरपोरेट्स और अन्य व्यवसायों को उत्तराखंड में स्थापित और विस्तारित करने के लिए कृत संकल्पित हैं। उत्तराखंड को ’अवसरों और विकास का राज्य बनाने में हम सब एक साथ मिलकर उत्तराखंड के चहुमुखी विकास के लिए काम करें। ऐसा विकास जो समावेशी हो, टिकाऊ हो और उत्तराखंड राज्य को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने में समर्थ हो।
उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोविंद सिंह ने बताया कि वे उत्तराखण्ड की परिस्थितियों से परिचित हैं। उत्तराखण्ड ने हमें बहुत कुछ सीखने के साथ संघर्षों से सामना करने एवं आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिलाओं को स्वरोजगार से सम्बन्धित योजनाओं का भी संचालन किया जा रहा है। बैंक की तेईस राज्यों में 739 शाखाएं हैं जिसमें 21 उत्तराखण्ड में हैं।

सीएम के गुस्से को देख एसटीएफ का निर्णय, जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट जायेंगे

मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के क्रम में परीक्षा लीक प्रकरण में संगठित गिरोह के मास्टरमाइंड पर कठोर कार्यवाही हेतु एसटीएफ़ द्वारा हाई कोर्ट जाने की तैयारी की जा रही है। एसटीएफ उत्तराखंड ने ऐसे संगठित गिरोह को चलाने वाले माफिया जिनकी जमानत न्यायलय द्वारा हुई है उस आदेश के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में अपील की तैयारी कर ली है
मुख्यमंत्री उत्तराखंड के आदेश के क्रम में की कोई भी दोषी बख्शा न जाए के क्रम में आज एसटीएफ द्वारा 42 वे अभियुक्त को स्नातक परीक्षा लीक प्रकरण में गिरफ्तार किया गया है।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा वर्ष 2021 में आयोजित वीपीडीओ भर्ती पेपर लीक प्रकरण से सम्बंधित अभियोग में विवेचना के दौरान प्रकाश में आये अभियुक्त योगेन्द्र सिह उर्फ बंटी पुत्र स्व0 हरि सिह उम्र 46 वर्ष निवासी ग्राम जितनपुर थाना धामपुर (के एम इंटर कॉलेज धामपुर में टीचर) को परीक्षा लीक प्रकरण में संलिप्तता पाए जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है

मुख्यमंत्री ने पर्यटन उद्योग को दिलाई सांसे, चारधाम यात्रा में बपंर बरसा धन

उत्तराखंड में अभी तक पर्यटन क्षेत्र में विकास की अवधारणाएं धीरे-धीरे परवान चल रही थी, आवश्यकता थी तो एक ऐसे मुख्यमंत्री की जो अपनी दूर दृष्टि से पर्यटन के रास्ते में आने वाली सारी रुकावटों को दूर करके केंद्र से समय समय पर उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र सरकार से प्रोजेक्ट और पैसा ला सके। ऐसे में अपने छोटे से कार्यकाल में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी विकास का प्रतीक बन गये हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने से पहले उत्तराखंड को सियासी तौर पर एक अस्थिर राज्य माना जाता था। इसकी वजह भी थी। राज्य गठन के बाद प्रदेश में एनडी तिवारी को छोड़कर कोई भी मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। जिसके चलते बीते 22 साल के भीतर सीएम धामी से पहले उत्तराखंड को 10 मुख्यमंत्री मिल चुके थे। लेकिन बीते साल जब 45 साल के युवा पुष्कर सिंह धामी के हाथों में बीजेपी आलाकमान ने प्रदेश की कमान दी तो उन्होंने अपने नेतृत्व क्षमता से सभी को चकित कर दिया।
ये सभी जानते हैं कि जिस वक्त पुष्कर सिंह धामी को प्रदेश का नेतृत्व सौंपा गया था। उस वक्त उत्तराखंड में बीजेपी की हालत बहुत खराब थी। लेकिन अपने 6 महीने के कार्यकाल में पुष्कर सिंह धामी ने न केवल प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी को साधा, बल्कि प्रदेश की जनता के मन को भी जीत लिया। और जब चुनाव हुए तो उन्होंने मोदी के करिश्माई नेतृत्व के साथ तालमेल बिठाया। जिससे प्रदेश में उन्हें दो तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल हुआ। हालांकि प्रदेश में भागदौड़ करने का उन्हें निजी तौर पर नुकसान हुआ। वो खटीमा से चुनाव हार गये। लेकिन वो प्रदेश की जनता का मन जीत चुके थे। प्रदेश में एक बार फिर लगने लगा था कि प्रदेश को शायद एक और मुख्यमंत्री मिलेगा। तब प्रदेश के लोगों की सांसे अटक गई थी। उन दिनों देहरादून के सीएम आवाज में जिस तरह से प्रदेश के कोने-कोने से टूटकर लोग पहुंच रहे थे। उससे देश के करिश्माई नेता और करोड़ों लोगों के दिलों में राज करने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पहाड़ के लोगों के मन को भांप गये। उन्होंने प्रदेश की जनता के चहेते पुष्कर सिंह धामी को फिर से प्रदेश की बागडोर थमा दी। ये पुष्कर सिंह धामी के विरोधियों के मुंह पर बड़ा तमाचा था।
पुष्कर सिंह धामी को प्रदेश की जनता और बीजेपी के आलाकमान से आशीर्वाद मिल चुका था। लिहाजा उन्होंने खुलकर खेलना शुरु किया। उन्होंने प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी को साफ संदेश दिया कि अब प्रदेश में काम करने का वक्त है और जो काम नहीं करेगा। वो नहीं टिक पायेगा। संदेश साफ था लिहाजा प्रदेश में विकास कार्यों में तेजी आई।
पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में आम चुनाव के बाद अपने दूसरे कार्यकाल के लिए 23 मार्च 2022 को शपथ ली थी। उस वक्त चुनौतियां भी काफी थी। चारधाम यात्रा शुरु होने वाली थी। कोविड के बाद चारधाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों में उत्साह दिखाई दे रहा था। सीएम धामी ने यात्रा को सफल बनाने के लिए खुद मोर्चा संभाला। तीर्थ यात्रियों को परेशानी नहीं हो उसके लिए जरुरी प्रबंध किये गये। डॉक्टरों की टीम तैनात की गई। साफ पानी का प्रबंध किया गया। होटल-सरायों में तीर्थयात्रियों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए अभियान की तरह कार्य किया गया। जिसका नतीजा भी अच्छा निकला। इस साल अब तक करीब 46 लाख तीर्थयात्री चारधाम की यात्रा कर चुके हैं। वहीं चारधाम यात्रा से बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार भी मिला है। जो आंकड़ा सामने आ रहा है उसके मुताबिक केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में अब तक घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी और हेली सेवा ने करीब 211 करोड़ का कारोबार किया। अनुमान है कि यात्रा से अब तक गढ़वाल मंडल विकास निगम ने भी करीब 50 करोड़ रुपए कमाये हैं। वहीं केदारनाथ यात्रा से स्थानीय कारोबारियों ने भी अच्छा मुनाफा कमाया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी बाबा केदारनाथ में बड़ी आस्था है। इसबार जब 21 अक्टूबर को पीएम मोदी केदारनाथ आये तो उन्होंने तीर्थयात्रियों से आग्रह किया कि वे 5 फीसदी खर्च स्थानीय उत्पादों पर करें। वहीं उन्होंने इस बार गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंद घाट- हेमकुंड रोपवे का भी शिलान्यास किया। ये कार्य तभी संभव हो पा रहे हैं। जब प्रदेश में पुष्कर सिंह धामी कुशल नेतृत्व दे पाने में सक्षम हो पा रहे हैं।
ये उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व क्षमता का ही नतीजा है कि इस बार उन्होंने पर्यटकों को लुभाने के लिए जो कारगर कदम उठाये वो सफल साबित हुए। दरअसल प्रदेश में मुख्यमंत्री ने होम स्टे योजना को बढ़ावा देने के लिए रणनीति बनाई। जिससे प्रदेश में महज 6 माह के भीतर ही लाखों की तादाद में सैलानी पहुंच चुके हैं। अकेल नैनीताल जिले में बीते साल जहां 3 लाख 26 हजार सैलानी आये। वहीं इस साल अब तक 3 लाख 96 हजार सैलानी पहुंच चुके हैं।
प्रदेश में पर्यटकों को बेहतर सुविधायें मिलने से कॉर्बेट पार्क भी गुलजार रहा। कॉर्बेट पार्क से मिले आंकड़े के मुताबिक वहां बीते 6 माह यानि अप्रैल के बाद से अबतक करीब 1 लाख 60 हजार सैलानी पहुंच चुके हैं। जिसमें 439 विदेशी सैलानी भी शामिल हैं। सैलानियों के उत्साह को देखते हुए कॉर्बेट प्रशासन ने इस बार गर्जिया जोन भी पर्यटकों के लिए खोल दिया है। वहीं राजाजी पार्क में इस साल अब तक करीब 50 हजार सैलानी पहुंच चुके हैं। असल में पुष्कर सिंह धामी ने जब से राज्य की कमान संभाली है। तब से वे लगातार सड़कों के रख रखाव पर जोर दे रहे हैं। जिससे प्रदेश की सड़कें बेहतर हो चुकी हैं। इससे पर्यटन कारोबार को भी मदद मिल रही है। सड़कें अच्छी होने से सैलानी उत्तराखंड में बार-बार आ रहा है। वहीं मुख्यमंत्री धामी, उत्तराखंड में अवस्थापना विकास पर भी लगातार जोर दे रहे हैं। जिससे प्रदेश के गांव-गांव तक सड़कें पहुंच रही हैं। वहीं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग भी तैयार किये जा रहे हैं। वहीं राज्य में दूसरे क्षेत्रों में भी कार्य हो रहे हैं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि प्रदेश में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। जो अब धीरे-धीरे सभी की नजर में आने लगे हैं। वहीं प्रदेश को एक पुष्कर धामी के रूप में नया विकास पुरुष भी मिल गया है।

गढ़वाल रेजीमेंट के सैनिकों और उनके परिवार के साथ दीपावली मनाने पहुंचे सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों के साथ दीपावली पर्व मनाया। गढ़ी कैंट में 8 गढ़वाल रेजीमेंट द्वारा आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित सैनिकों तथा उनके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी कुशलक्षेम पूछी तथा उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं एवं बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सैनिकों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलस का निरीक्षण किया तथा सैनिकों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर 8 गढ़वाल रेजीमेंट द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में 8 गढ़वाल रेजीमेंट के सैनिक, भूतपूर्व सैनिक तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।

राज्य के अधिकारियों को सीएम ने पीएम के सुझाव बताये

राज्य सरकार केदारनाथ व बदरीनाथ धाम की तर्ज पर ही राज्य के अन्य पौराणिक मंदिरों व तीर्थ क्षेत्रों के विकास के लिये काम करेगी। सीएम आवास मे दीपावली की बधाई देने आए अधिकारियों के साथ राज्य के विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य में तीर्थाटन व धार्मिक पर्यटन के सुनियोजित विकास के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनका व्यापक विचार विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री से इस संबंध में बहुत ही महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड दुनिया भर के करोङो लोगों के लिए आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। उत्तराखण्ड में केदारनाथ धाम व बदरीनाथ धाम की तरह ही प्रदेश के अन्य पौराणिक मंदिरों व तीर्थ क्षेत्रों का सुनियोजित विकास करने के लिए राज्य सरकार मास्टर प्लान बनाए, केंद्र सरकार हर सम्भव सहायता के लिए तत्पर है।
प्रधानमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को अन्य पौराणिक मंदिरों के महत्व की भी जानकारी दी जाए और साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों के बारे में भी बताया जाए। इससे प्रदेश में निश्चित तौर पर पर्यटन का विकास होगा। जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका मिलेगी व आय में वृद्धि होगी। आज की बैठक में इस बात पर भी विचार विमर्श हुआ कि चार धाम यात्रा पर आए बहुत से श्रद्धालुओं को कई बार हेली सेवा के लिये दो तीन दिन प्रतीक्षा करनी होती है। ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि इस दौरान यात्री आस पास के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकें। इससे एक ओर इन यात्रियों के समय का सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर उनके द्वारा घूमने के दौरान खर्च किये जाने से स्थानीय निवासियों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को कुमाऊँ के मंदिरों के लिए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के बारे में भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। हमें उनके मार्गदर्शन और विजन के अनुरूप देव भूमि उत्तराखण्ड को आगे ले जाना है। उनके द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार की जाए। कुमाऊँ क्षेत्र में धार्मिक स्थलों के विकास के लिए प्रारम्भ की गई मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के सम्बंध में भी प्रधानमंत्री से कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले। इस परियोजना में सम्मिलित मंदिरों के मास्टर प्लान बनाने का कार्य भी शीघ्र प्रारम्भ करने का निर्णय भी लिया गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ये भी कहा कि राज्य के टॉपर छात्र छात्राओं को एलबीएसएनएए, आईआईटी सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाए। इससे हमारे बच्चों को प्रेरणा मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ एस एस संधू, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ रंजीत कुमार सिन्हा, सौजन्या, शैलेश बगोली, डॉ पंकज कुमार पांडे, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निजी आवास पर बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें दीपावली की हार्दिक बधाई तथा शुभकामनाएं दी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से नगला तराई पहुंचे सभी व्यक्तियों से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की और उन सभी का हाल जाना।
दीपावली की शुभकामनाएं देने वालों में कक्षा 2 में पढ़ने वाली लगभग 7 वर्षीय बालिका मानवी कुंवर भी मुख्यमंत्री को दीपावली की बधाई देने उनके निजी आवास पहुंची। मुख्यमंत्री से मिलकर बालिका बहुत ही ज्यादा खुश हुई। बालिका की खुशी उस समय दो गुनी हो गई जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं अपने हाथों से बालिका को उपहार दिए। बालिका ने खुद की (अपनी) बनाई हुई वीडियो मुख्यमंत्री को दिखाई। मुख्यमंत्री ने बालिका द्वारा बनाई गई वीडियो का अवलोकन करते हुए बालिका की प्रशंसा करने के साथ ही बालिका को प्यार दुलार दिया और उज्ज्वल भविष्य की कामना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा के पत्रकार कुंदन सिंह बिष्ट से दूरभाष पर वार्ता की तथा कुंदन सिंह बिष्ट से उनके पुत्र के लापता होने के संबंध में जानकारी ली, जिसके पश्चात मुख्यमंत्री ने एसपी चंपावत को निर्देश दिए कि वह लापता पुत्र की सकुशल बरामदगी हेतु खोजबीन कार्य में तेजी लाएं।
खटीमा निवासी मुजीबुल हसन ने इलाज हेतु आर्थिक सहायता की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने मुजीबुल हसन को एम्स में इलाज कराने का सुझाव देते हुए कहा कि इलाज हेतु हर संभव आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा क्षेत्र के 21 विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर अपग्रेडेशन का तोहफा दिया। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को खटीमा क्षेत्र के 21 विद्यालयों राजकीय प्राथमिक विद्यालय उलानी, नौसर पटिया, बंडिया, हल्दी पचपेड़ा,मझोला, बिसोटा, सड़ा सडिया नवीन, श्रीपुर बिचुवा, पचोरिया प्रथम, नगला जोगीठेर, सुजिया महोलिया, खटीमा प्रथम, लोहिया हैड, पकरिया, राजकीय इंटर कॉलेज देवरी खटीमा, प्रतापपुर, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहम्मदपुर भुडिया, सिसेया, स्वर्गीय खीम सिंह धामी स्कूल नगला तराई, नारायण दत्त तिवारी राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बग्घा, गोविंद बल्लभ पंत विद्यालय चकरपुर में फर्नीचर अपग्रेड करने के निर्देश दिए।

मासूम चेहरों की मुस्कराहट की वजह बने आईएएस बंशीधर तिवारी

हर असरदार शख्स के घर दिवाली पर तोहफों की बारिश हो जाती है। गिफ्ट, मिठाई, ड्राई फ्रूट, चॉकलेट, जूस औन न जाने क्या क्या लोग लेकर आ जाते हैं। असरदार शख्स यदि आईएएस अफसर हो, तो कहने ही क्या। उस पर यदि डीजी सूचना, डीजी शिक्षा, निदेशक पंचायतीराज, एमडी जीएमवीएन जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी हो, तो तोहफों की संख्या का अंदाजा आप लगा सकते हैं। इन तोहफों को समेटने की बजाय बंशीधर तिवारी ने उनका सही उपयोग करते हुए असल जरूरतमंद लोगों तक इसे पहुंचाया। शनिवार को दोपहर बाद एक इनोवा भर कर सामान लेकर वे बनियावाला स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास पहुंचते हैं। यहां 107 छोटी छोटी बच्चियों के चेहरे इन गिफ्ट, मिठाई, चॉकलेट, फुलझड़ी को देखते ही खिल उठते हैं। ये सिलसिला यहीं नहीं थमता, बल्कि शहर के कई अन्य ऐसे ही स्थानों पर वे कई दिनों से ऐसे ही सामान लेकर पहुंच रहे हैं। इन तमाम चीजों का जिक्र यहां इसीलिए किया जा रहा है, क्योंकि यहीं इस राज्य में कई आईएएस, इंजीनियर और कई अहम पदों पर बैठे ऐसे अफसर भी हैं, जो दिवाली पर मिलने वाले इन उपहारों को दोबारा बाजार में बेचने के लिए भी कुख्यात रहे हैं।
कुछ आईएएस और अन्य अफसर तो ऐसे रहे, जो उनके घर आने वाले मिठाई के डिब्बों को अपने ड्राइवर के जरिए फिर उन्हीं दुकानों तक पहुंचा देते थे। इन मिठाई के डिब्बों को बेचने के बाद जो भी मिलता था, उसे लेने में कोई संकोच नहीं करते थे। ऐसे में बंशीधर तिवारी जी की ये पहल हर उस असरदार शख्स के लिए सीख है, जिसके घरों में तोहफों की बारिश होती है। ऐसा नहीं है कि उनकी ओर से ऐसा पहली बार किया गया हो। बल्कि पीसीएस के रूप में एसडीएम पद से अपनी सेवाएं शुरू करने के समय से ही वे हर दिवाली पर अपने यहां आने वाले सामान को अनाथ आश्रम, सरकारी स्कूलों के छात्रावास में बांटते आए हैं। काश उनकी इस मुहिम को देख कर बाजार में तोहफों को बेचने वाले कुछ सीख ले सकें। उनकी ये मुहिम असल मायनों में दिवाली जैसे महापर्व को बेहद खास बना देती है।
साभार- रवि नेगी, वरिष्ठ पत्रकार

सीएम धामी ने कहा दीपावली का पर्व सभी के लिए मंगलमय हो

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैयादूज की बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली का पर्व अशांति पर शांति, बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। दीपावली मां लक्ष्मी और देवी अन्नपूर्णा की आराधना तथा सामाजिक समरसता का पर्व भी है। दीपावली का यह पर्व हम सबके जीवन को प्रकाशमय करे इसकी भी उन्होंने कामना की है। मुख्यमंत्री ने भैयादूज पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व भाई-बहनों के प्रेम के साथ ही मातृ शक्ति के सम्मान, परिवार एवं समाज में उनके महत्व को भी प्रदर्शित करता है।