लोहाघाट होली रंग महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां

लोहाघाट के रामलीला मैदान में आयोजित काली कुमाऊँ होली रंग महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर उपस्थित जनसमूह को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली गायन के साथ जनसमूह के साथ होली गायन में प्रतिभाग किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के आधार स्तंभ हैं और चम्पावत के काली कुमाऊँ की होली अपनी विशिष्ट और पारम्परिक होली गायन के लिए विशेष स्थान रखती है।

उन्होने कहा होली समारोह जैसे आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। चम्पावत में आधुनिक परिवेश के बीच भी पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ होली खेलकर उत्सव की खुशियों को साझा किया और सभी प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की मंगलकामनाएं दीं।

इस दौरान माननीय सांसद (लोकसभा) एवं भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अधिकारी, दर्जा मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला पंचयात अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, प्रेमा पांडे, सहित मुकेश कलखुड़िया, सुभाष बगोली, हिमेश कलखुड़िया, निर्मल महरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने चम्पावत को दी ₹74.54 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व प्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि मेला-2026 का भव्य शुभारंभ के अवसर पर जनपद चम्पावत के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए कुल 7454.74 लाख (74.54 करोड़ रुपये) की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर जनता को समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, जनजातीय कल्याण और पर्यटन को मजबूती देने वाली पाँच प्रमुख योजनाओं का लोकार्पण किया जिसमें चलथी नदी पर दो लेन सेतु टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग पर चलथी नदी के ऊपर ₹5014.00 लाख की लागत से निर्मित 690 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड मोटर सेतु का लोकार्पण, ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बुक्सा एवं राजी जनजाति के उत्थान हेतु ग्राम खिरद्वारी में ₹60 लाख की लागत से निर्मित बहुउद्देशीय भवन, ₹659 लाख की लागत से राजकीय पशु प्रजनन फार्म, नरियाल गाँव (चम्पावत) के विकास कार्यों के प्रथम चरण तथा गुरु गोरखधाम में ₹271.39 लाख से विकसित पर्यटक अवस्थापना सुविधाएं तथा श्यामलाताल क्षेत्र को ईको-टूरिज्म हब बनाने हेतु ₹490.94 लाख के लेक फ्रंट डेवलपमेंट कार्यों का लोकार्पण सामिल है।

*₹9.59 करोड़ की 4 योजनाओं का हुआ शिलान्यास*

मुख्यमंत्री द्वारा 959.49 लाख की 04 नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई जिसमें चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधायक निधि से स्वीकृत ₹498.50 लाख के विभिन्न जनोपयोगी निर्माण कार्य के साथ ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा तहसील बाराकोट के अनावासीय भवन का निर्माण कार्य (लागत ₹302.50 लाख), मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत ब्रिडकुल (न्दपज पिथौरागढ़) द्वारा एड़ी मेला स्थल, कालूखान का सौंदर्यकरण कार्य (लागत ₹81.50 लाख), नगर पंचायत बनबसा में मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज परिसर में ₹76.90 लाख की लागत से बनने वाले पार्क का शिलान्यास सामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ चम्पावत को एक आदर्श जनपद बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। आज लोकार्पित और शिलान्यास की गई ये योजनाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार, पर्यटन और आवागमन की सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी। माँ पूर्णागिरि का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे और हम उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ें।

सीएम धामी ने लोहाघाट में निर्माणाधीन प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का किया स्थलीय निरीक्षण

जनपद चम्पावत के लोहाघाट क्षेत्र स्थित छमनिया में लगभग ₹256 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन राज्य के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत अवलोकन करते हुए कार्यदायी संस्था एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन फुटबॉल ग्राउंड, एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, वॉलीबॉल कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट, सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक सहित अन्य खेल मैदानों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही खिलाड़ियों हेतु 300 बालिकाओं की क्षमता वाले छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, प्रशासनिक भवन, एकेडमिक ब्लॉक, मल्टीपर्पज हॉल, ऑडिटोरियम एवं गेस्ट हाउस के निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोहाघाट में स्थापित हो रहा यह महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रदेश की बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ प्रदान करेगा। यहाँ विकसित की जा रही सभी खेल व्यवस्थाएँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी, जिससे प्रदेश की महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान प्रशिक्षण, शिक्षा एवं आवास की समग्र व्यवस्था उपलब्ध कराते हुए विशेष रूप से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बालिकाओं को आगे बढ़ने का सशक्त मंच प्रदान करेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री सांसद अजय टम्टा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

चंपावत जिला अस्पताल में 20 करोड़ से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन, स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा बड़ा विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून से वर्चुअल माध्यम से ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि चंपावत के प्रत्येक घर में इन दिनों उत्साह और उमंग का वातावरण है। उन्होंने उल्लेख किया कि होली का पर्व समीप है और काली कुमाऊँ की होली अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के कारण पूरे देश में अलग स्थान रखती है। बैठकी होली, खड़ी होली, चौफुला, सुर-ताल और लोकसंस्कृति का ऐसा अद्भुत संगम देश में विरल ही देखने को मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत की पुण्य भूमि इतिहास, अध्यात्म और संस्कृति की धरोहर रही है। उनके अनुसार ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ केवल सात दिनों का आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा, प्राकृतिक सौंदर्य, मातृशक्ति के सामर्थ्य, युवाओं के उत्साह और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प का जीवंत उत्सव है। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष महोत्सव को “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” के रूप में भी आयोजित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महोत्सव के अंतर्गत पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, हॉट एयर बलून, रिवर राफ्टिंग, पैरामोटरिंग, पक्षी अवलोकन और ट्रेकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के माध्यम से चंपावत को राष्ट्रीय स्तर पर साहसिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन विकसित होंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि जिम कॉर्बेट और उनकी कहानियाँ देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं। उनकी आत्मकथाओं के माध्यम से चंपावत-लोहाघाट क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर वन्यजीव प्रेमियों और टाइगर लवर्स के बीच पहचान मिली। वर्ष 1907 में चंपावत क्षेत्र में कुख्यात आदमखोर बाघिन का अंत कर उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाई और आगे चलकर वन्यजीव संरक्षण की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि यह क्षेत्र आज भी साहस, इतिहास और प्रकृति प्रेम का अद्भुत केंद्र माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में मधुबनी चित्रकला एवं आधुनिक कला कार्यशालाएं, क्विज प्रतियोगिता, विज्ञान प्रदर्शनी, लोक संस्कृति कार्यक्रम और जागरूकता कार्यशालाएं इसे बहुआयामी स्वरूप प्रदान करेंगी। साथ ही आयोजित खाद्य उत्सव पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान देगा। स्थानीय उत्पादों और व्यंजनों का यह संगम नई पीढ़ी को अपनी खाद्य संस्कृति से परिचित कराने के साथ स्थानीय उत्पादकों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ‘Vocal for Local’ की भावना को सशक्त करते हुए ‘Local for Global’ का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चंपावत को आदर्श एवं श्रेष्ठ जिला बनाने के उद्देश्य से अनेक विकासपरक परियोजनाओं पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। विभिन्न मोटर मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के साथ जाम की समस्या के समाधान हेतु मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत देवीधूरा वाराही मंदिर का विकास कार्य किया जा रहा है तथा माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे निर्माणाधीन है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट का विकास किया जाएगा। इस परिक्रमा मार्ग से माँ पूर्णागिरी धाम, चूका, श्यामलाताल और शारदा घाट जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए चंपावत में वे-साइड एमेनिटीज केंद्र का निर्माण किया गया है तथा चूका क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है। अमोड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया है और अमोड़ी में हाउस ऑफ हिमालया के विपणन केंद्र की स्थापना की गई है। सूखीढांग से डाडामीनार मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं डामरीकरण के साथ हनुमानगढ़ी से खेतखेड़ा के बीच स्पान आर्च पुल का निर्माण कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से जौलजीबी मार्ग पर लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से स्पान आर्च पुल का निर्माण किया जा रहा है तथा 33 करोड़ रुपये की लागत से मार्ग का सुधारीकरण भी हो रहा है। भारत-नेपाल सीमा पर 177 करोड़ रुपये की लागत से ड्राई पोर्ट का निर्माण क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। विज्ञान और नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए 57 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों की सूची अत्यंत विस्तृत है और सभी का उल्लेख करना संभव नहीं, किंतु वे चंपावत को आदर्श जिला बनाने के अपने संकल्प को पूर्ण किए बिना विश्राम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ प्रदेश की पहचान, संस्कृति और सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए संकल्पित है। “विकास भी और विरासत भी” के विकल्प रहित संकल्प के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चंपावत की जनता का सहयोग और समर्थन इस संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

एसडीजी के संकेतकों के आधार पर पहली बार जारी मासिक रैंकिग में जनपद चम्पावत पहले स्थान पर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य में सतत विकास लक्ष्य (एस.डी.जी.) के तहत चिन्हित विकास के लक्ष्यों के आधार पर जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर मासिक रैंकिंग करने की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। शुरूआती मासिक रैंकिंग में जनपद चम्पावत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा विकास के मोर्चे पर जिलों के प्रदर्शन के आकलन हेतु एस.डी.जी. के संकेतकों की कसौटी पर रैंकिंग करने की हिदायत दी गई थी। जिसके अनुपालन में नियोजन विभाग के सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेस (सी.पी.पी.जी.जी.) द्वारा एस.डी.जी. की अवधारणा के अनुसार मासिक रूप से अनुश्रवण किए जाने योग्य चिन्हित संकेतकों की जनपदवार रैंकिंग शुरू की गई है। जिसके लिए सी.पी.पी.जी.जी. द्वारा इस वर्ष अप्रैल से अक्टूबर माह तक 11 सतत् विकास लक्ष्यों के कुल 39 संकेतकों का डाटा प्राप्त करते हुए समसामयिक लक्ष्यों के आधार पर पहली बार जिलों की रैंकिंग जारी कर दी गई है।

मासिक रैंकिग के आधार पर जनपद चम्पावत ने 96 अंक प्राप्त कर प्रथम, जनपद बागेश्वर ने 94 अंक प्राप्त कर द्वितीय तथा जनपद नैनीताल ने 92 अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया है। सी.पी.पी.जी.जी. के विशेष कार्याधिकारी अमित पुनेठा ने कहा है कि रैंकिंग में पिछड़े जनपदों से वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में सभी एस.डी.जी. में तय लक्ष्यों को प्राप्त कर करने की अपेक्षा की गई है। उन्होंने बताया कि रैंकिंग के लिए चिन्हित 39 संकेतकों के अलावा आवश्यतानुसार समसामयिक लक्ष्यों के सापेक्ष योजनाओं का अनुश्रवण करने के लिए भविष्य में अन्य संकेतकों को भी शामिल किया जा सकता है।

*एस.डी.जी. को लेकर उत्तराखंड में प्रतिबद्ध प्रयास : राष्ट्रीय स्तर पर बनी अलग पहचान*

वर्ष 2030 तक गरीबी, भुखमरी, बीमारी और अभाव से मुक्त विश्व की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से सतत विकास लक्ष्य, संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों द्वारा सितंबर 2015 में स्वीकृत और अपनाए गए थे। एसडीजी के चार प्रमुख आयाम हैं : सामाजिक समानता; समावेशी आर्थिक विकास; पर्यावरण संरक्षण; और शांतिपूर्ण एवं समावेशी समाज।
इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उत्तराखंड राज्य में गंभीरता के साथ प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके फलस्वरूप उत्तराखंड विभिन्न विकास क्षेत्रों में अग्रणी बनकर उभरा है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। नीति आयोग द्वारा जारी एस.डी.जी. इंडिया इंडेक्स वर्ष 2023-24 में उत्तराखंड ने प्रथम स्थान प्राप्त कर सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रयासों की सार्थकता सिद्ध की है।

*सतत विकास के चिन्हित लक्ष्य*

एसडीजी सं. 1 गरीबी उन्मूलन
एसडीजी सं. 2. शून्य भुखमरी
एसडीजी सं. 3. उत्तम स्वास्थ्य
एसडीजी सं. 4. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
एसडीजी सं. 6. स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता
एसडीजी सं. 7. संवहनीय स्वच्छ ऊर्जा
एसडीजी सं. 8. उत्तम कार्य एवं आर्थिक उन्नति
एसडीजी सं. 9. उद्योग, नवाचार एवं अवसंरचना विकास
एसडीजी सं. 10. असमानता दूर करना
एसडीजी सं. 11. संवहनीय शहर एवं समुदाय
एसडीजी सं. 15. भूमि पर जीवन

*प्रदेश में सतत विकास के लक्ष्यों को तेजी से प्राप्त करने के लिए योजनाओं के बेहतर निर्माण के साथ ही उनके सफल क्रियान्वयन के लिए प्रभावी एक्शन प्लान बनाया गया है। इससे हम आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार के साथ राज्य के समग्र विकास की संकल्पना को साकार करने में भी सफल हो सकेंगे। इसी के दृष्टिगत सभी विभागों एवं जिलाधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार एस.डी.जी. के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने हेतु कार्य करने की अपेक्षा की गई है। जिलों की पहली रैंंकंग में प्रथम स्थान पर रहने वाले चंपावत जिले सहित अच्छा प्रदर्शन करने वाले अन्य जिलों को बधाई। सभी जिले बेहतर प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। जिन लक्ष्यों व इंडिकेटरों में हमें सुधार की आवश्यकता है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाय।*

*-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*

उत्तराखंड के श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग पूर्ण, टनकपुर से श्री नांदेड़ साहिब के लिए रेल सेवा शुरू

देवभूमि उत्तराखंड और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। टनकपुर (उत्तराखंड) से तख्त श्री नांदेड़ साहिब (महाराष्ट्र) तक नई रेल सेवा की शुरुआत को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से अब देश के प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक नांदेड़ साहिब की यात्रा उत्तराखंड के हजारों श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वूपर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल उत्तराखंड के सिख समुदाय और श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करता है, बल्कि प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से चलने वाली इस रेल सेवा से तराई क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। यह रेल संपर्क सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हुए उत्तराखंड को राष्ट्रव्यापी धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करेगा।

प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु सतत प्रयासरत है। नई रेल सुविधा उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करते हुए व्यापार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक यात्राओं को भी प्रोत्साहित करेगी।

चंपावत दौरे के दौरान सीएस ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर सैनिकों को नमन, खिलाड़ियों को किया सम्मानित

अपने चम्पावत दौरे के दौरान उत्तराखण्ड शासन के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जिला सभागार परिसर में भूतपूर्व सैनिकों से भेंट कर सशस्त्र सेना झंडा दिवस के प्रति सम्मान प्रकट किया। मुख्य सचिव ने वीर सैनिकों के योगदान को नमन करते हुए फ्लैग लगाया।

इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह ने मुख्य सचिव को फ्लैग लगाकर उसकी महत्ता एवं इसके उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस का उद्देश्य भारतीय सेना के सेवारत जवानों, शहीद सैनिकों, युद्ध अथवा ड्यूटी के दौरान घायल हुए सैनिकों तथा उनके आश्रित परिवारों के कल्याण, पुनर्वास और आर्थिक सहायता हेतु सहयोग जुटाना है। इस फंड के लिए धन संग्रह हेतु 07 दिसम्बर 1949 का दिन निर्धारित किया गया था, जिसके बाद से यह दिवस पूरे देश में समर्पण, कृतज्ञता और गौरव के साथ मनाया जाता है।

मुख्य सचिव ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे उन सैनिकों और उनके परिवारों का सहयोग करें जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि हर नागरिक के लिए देशभक्ति और सामाजिक दायित्व निभाने का अवसर है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव ने कराटे खिलाड़ियों अनामिका विष्ट, अभिषेक कुवर, भावना अधिकारी, आरूष, अभीजित, प्रज्ञान साह, प्राची ओली, सांची मुरारी, जतीन जोशी सहित कोच दीपक सिंह को उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया।

इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिकों के साथ कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने चंपावत में पर्यटन की संभावना व विकास योजनाओं के लिये दिशा निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत जनपद में विभिन्न स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर विकास, पर्यटन गतिविधियों को गति देने हेतु विस्तृत समीक्षा की।

सबसे पहले मुख्य सचिव ने बस टर्मिनल चम्पावत का निरीक्षण किया। निर्माणदायी संस्था सीएनडीएस के अधिशासी अभियंता गिरीश पंत ने प्रस्तावित बस टर्मिनल की समग्र जानकारी प्रस्तुत की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि टर्मिनल के भीतर वाहनों की सुव्यवस्थित आंतरिक आवाजाही (इनसाइड सर्कुलेशन) सुनिश्चित की जाए तथा यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।

इसके बाद मुख्य सचिव ने मायावती आश्रम का भ्रमण किया, जहाँ स्वामी दिव्य कृपानंद जी ने उन्हें आश्रम के विभिन्न स्थलों का अवलोकन कराया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएँ।

मुख्य सचिव ने कोलीढेक झील का निरीक्षण कर इसे आध्यात्मिक क्षेत्र (स्पिरिचुअल ज़ोन) तथा योग व वेलनेस हब के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य विभाग को महाशीर मछली संरक्षण हेतु भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत उन्होंने एबट माउण्ट का निरीक्षण किया और इसे पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत संभावनाशील क्षेत्र बताया। उन्होंने एबट माउण्ट से दिखाई देने वाली हिमालय की भव्य श्रृंखलाओं का अवलोकन किया तथा ऐतिहासिक चर्च व पूरे क्षेत्र की सम्पूर्ण जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

चम्पावत में तेजी से विकास के लिए पूंजीगत व्यय व मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देशः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज जिला सभागार चम्पावत में जिले की सभी प्रमुख विकास योजनाओं, जनपदीय नवाचारों, मुख्यमंत्री घोषणाओं, केंद्र-राज्य व्यय तथा जनपदीय श्रेष्ठ प्रथाओं की व्यापक समीक्षा की।

उन्होंने विभागवार कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने गोल्ज्यू कॉरिडोर, कृषि महाविद्यालय, पैरामेडिकल कॉलेज, छमनिया स्पोर्ट्स महाविद्यालय, यू०यू०एस०डी०ए० पेयजल योजना, एनएच स्वाला सुधार योजना व अन्य पर चर्चा की।

इन सभी योजनाओं का संपूर्ण विवरण जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। बैठक से पूर्व मुख्य सचिव ने कलेक्ट्रेट परिसर में लगे विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया, जिनमें एनआरएलएम, उत्तराखण्ड चाय विकास बोर्ड, डेयरी, कृषि, मत्स्य, रेशम, बागवानी, उद्योग, अक्षय ऊर्जा एवं अन्य विभाग शामिल थे।

उन्होंने स्टॉलों पर प्रदर्शित नवाचार, उत्पादों और विभागीय उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की तथा विभागों को इन नवाचारों को और अधिक विस्तार एवं प्रोत्साहन देने के निर्देश भी दिए। इसके उपरांत मुख्य सचिव ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

जिला सभागार में उन्होंने “आदर्श चम्पावत” का लोगो अनावरण भी किया।

बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिले में चल रहे प्रमुख नवाचारों-ज्ञान केंद्र लाइब्रेरी, ज्ञान सेतु पुल, कम्प्यूटर ऑन व्हील, पिरुल ब्रिकेटिंग यूनिट आदि की विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य सचिव ने पंचेश्वर में एंग्लिंग पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष वार्षिक एंगलर्स मीट आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चम्पावत-लोहाघाट मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएँ-विशेषकर रेलवे विस्तारकृमास्टर प्लान में सम्मिलित की जाएं।

उन्होंने अंडरग्राउंड विद्युतिकरण कार्यों की समीक्षा कर मेंटेनेंस हेतु एक सुव्यवस्थित दीर्घकालिक योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूंजीगत व्यय बढ़ाया जाए, कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, वर्क प्लान के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य किए जाएं, पब्लिक ग्रीवांस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए चम्पावत को एक आदर्श, योजनाबद्ध एवं तेज गति से विकसित होने वाले जनपद के रूप में स्थापित करे।

इस दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

सीएस ने चंपावत में गोल्ज्यू कॉरिडोर का किया भ्रमण, सौंदर्यीकरण को दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत स्थित ऐतिहासिक गोल्ज्यू मंदिर एवं प्राचीन बालेश्वर मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

गोल्ज्यू मंदिर परिसर में उन्होंने प्रस्तावित गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता लोनिवो मोहन पलड़िया ने मुख्य सचिव को परियोजना के सभी घटकों, संरचनाओं और कार्ययोजना की विस्तृत प्रस्तुति दी।

मुख्य सचिव ने कॉरिडोर परिसर का स्वयं भ्रमण कर प्रस्तावित निर्माण, सौंदर्यकरण एवं सुगमता बढ़ाने वाले कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉरिडोर के समस्त विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में, उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएँ।

इसके उपरांत मुख्य सचिव बर्द्धन ने बालेश्वर मंदिर परिसर का निरीक्षण कर मंदिर एवं नौले के सौंदर्यीकरण की आवश्यकताओं का अवलोकन किया। उन्होंने पुरातत्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मंदिर के प्राकृतिक व सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए सौंदर्यीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि गोल्ज्यू मंदिर एवं बालेश्वर मंदिर दोनों ही सांस्कृतिक आस्था और लोक परंपराओं के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन धरोहरों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और बेहतर सुविधाओं के विकास से चम्पावत जिले में धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं और अधिक सशक्त होंगी, जिससे स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।

निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।