स्वच्छता के प्रयासों को सीएम ने सराहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में देश के 100 से कम निकाय वाले राज्यों में उत्तराखंड को तीसरा स्थान प्राप्त होने, देश भर में गंगा नदी के समीपवर्ती निकायों में हरिद्वार को प्रथम स्थान प्राप्त होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लंढौर कैंट, डोईवाला, नरेन्द्र नगर तथा रामनगर का चयन स्वच्छ भारत मिशन के तहत किये जाने पर निकायों के प्रयासों को सराहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राज्य को यह सम्मान स्वच्छता के संदेश को जन-जन तक पहुचाने में मददगार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन, फिल्मांकन एवं स्वास्थ्य के साथ अब स्वच्छता के लिये राष्ट्रीय स्तर पर मिले यह पुरस्कार हमें प्रेरणा देने का कार्य भी करेंगे।

शहरी विकास मंत्री ने कहा-अंकिता के हत्यारों को कड़ी सजा दिलायेगी सरकार

यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित रिसॉर्ट में कार्यरत युवती के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए भाजपा ऋषिकेश मंडल की ओर से आमजन के साथ कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की आत्मीय शांति की कामना ईश्वर से की गई। साथ ही दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धाजलि अर्पित की गई।
शुक्रवार को रेलवे रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला पर भाजपा ऋषिकेश मंडल और आमजन एकत्रित हुए। यहां से सभी लोग क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल के साथ कैंडल मार्च निकालते हुए त्रिवेणी घाट स्थित गांधी स्तंभ पर पहुंचे। इस दौरान दो मिनट का मौन रखा गया और अंकिता भंडारी की आत्म शांति की कामना की गई। इस मौके पर मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि अंकिता एकमात्र पौड़ी जनपद की ही नहीं अपितु पूरे उत्तराखंड के हर समाज, वर्ग की बेटी है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि अंकिता के परिवार के प्रति आज पूरा राज्य अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहा है, यह हमारे राज्य की एकता का सूचक भी है। डा. अग्रवाल ने अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना को दुखद बताते हुए इसकी निंदा की। कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे उत्तराखंड ही नहीं बल्कि किसी भी राज्य व समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।
डा. अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार अंकिता के परिजनों को न्याय दिलाने की दिशा में प्रतिदिन कदम उठा रही है। एसआईटी जांच के साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिये अंकिता के हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा। डा. अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने आर्थिक मदद के जरिए भी अपनी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के प्रति जताई हैं। इसके अलावा पुलिस को हर नजरिये से छानबीन को कहा गया है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि रिसॉर्ट की सच्चाई सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी अवैध रिसॉर्ट पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध का किसी भी व्यक्ति व समाज के लिए कोई क्षमा नहीं है और न ही स्वीकार योग्य है।
इस मौके पर मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, पूर्व दर्जाधारी संदीप गुप्ता, संजय शास्त्री, इंद्र कुमार गोदवानी, श्रवण जैन, पंकज गुप्ता, महामंत्री सुमित पंवार, जयंत किशोर शर्मा, बृजेश शर्मा, नितिन सक्सेना, नवल कपूर, कपिल गुप्ता, रूपेश गुप्ता, राजपाल ठाकुर, पार्षद विकास तेवतिया, शिव कुमार गौतम, वीरेंद्र रमोला, विजेंद्र मोंगा, रीना शर्मा, सुन्दरी कंडवाल, जयेश राणा, रंजन अंथवाल, किशन मण्डल, अरविंद चौधरी, आशुतोष शर्मा, प्रदीप धस्माना, कविता शाह, देवदत्त शर्मा, राजू नरसिम्हा, संजीव सिलस्वाल, शिवम शर्मा, राकेश कुमार, सीमा रानी, प्रदीप कोहली, संजय व्यास, उषा जोशी, विमला देवी, अंजना, सुनीता, राधा देवी सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक अपनी श्रद्धांजलि देने उपस्थित रहे।

बिना मानचित्र स्वीकृति के अनाधिकृत निर्माण कर संचालित किये जा रहे रिजॉर्ट

प्रशासन ने तहसील ऋषिकेश क्षेत्र में चल रहे रिजॉर्ट की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। शुक्रवार को एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने रायवाला स्थित रिजॉर्ट का निरीक्षण किया। बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाये गये रिजॉर्ट को पहले ही नोटिस दिये जा चुके हैं। उनसे दो सप्ताह के भीतर जबाव देने को कहा गया है।
शुक्रवार को एसडीएम एसएस नेगी ने तहसील ऋषिकेश के अंतर्गत संचालित किए जा रहे रिजॉर्ट्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिन रिजॉर्ट्स में बिना मानचित्र स्वीकृति के अनाधिकृत निर्माण कर रिजॉर्ट संचालित पाया गया। उन्हें पहले ही एमडीडीए ने नोटिस भेज रखे हैं।
एसडीएम ने बताया कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत कार्य पाया जाने पर उन्हें सहायक अभियंता मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र ऋषिकेश सेक्टर की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित अवधि के अंतर्गत संतोषजनक जवाब न दिए जाने या मानचित्र स्वीकृति हेतु आवश्यक कार्यवाही न किए जाने की स्थिति में नियमानुसार सीलिंग या डिमोलिशन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को रायवाला स्थित पॉम रिजॉर्ट, मिडवे रिजॉर्ट समेत अन्य रिजॉर्ट का निरीक्षण किया गया।

पन्द्रह सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन को राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम योजना के प्रस्तावों पर अनुमोदन हेतु प्रधानमंत्री पन्द्रह सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुयी।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को नई गाईडलाइन के अनुसार अपने जनपदों में आ रहे सभी गांवों को चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि आवश्यकता के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर लिए जाएं। उन्होंने अगले 2 सप्ताह में इस हेतु जनपद स्तरीय समितियों के बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक देरी से आयोजित किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इस बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों को शीघ्र अतिशीघ्र भारत सरकार को भेजे जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारियों को इस योजना के अन्तर्गत अगले 5 सालों के लिए एरिया स्पेसिफिक कॉम्प्रीहेंसिव डेवेलपमेंट प्लान भी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को सभी सम्बन्धित विभागों से विभागवार प्रस्ताव मांगे जाने के भी निर्देश दिए। उक्त योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा 90ः10 के रूप में वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाती है। योजना हेतु नई गाईडलाईन के अनुसार योजना के दायरे में आकांक्षी ऐसे क्षेत्र आते हैं, जो जनपदों के रूप में जनपद हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर के संपूर्ण क्षेत्र के साथ-साथ राज्य के ऐसे क्षेत्र जहां 15 किमी परिधि के कैचमेंट एरिया में 25 प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक आबादी निवासरत हो। पूर्व में योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड के चिन्हित अल्पसंख्यक बाहुल्य 4 जनपदों के 15 विकासखण्डों एवं 7 नगर निकायों में लागू थी। योजनान्तर्गत राज्य स्तरीय समिति कुल 56 कार्य लागत रू0 201.36 करोड़ के प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया, जो अब भारत सरकार को भेजे जाएंगे।
इस अवसर पर विधायक फुरकान अहमद, प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव रविनाथ रमन, विजय कुमार यादव सहित समिति के अन्य सदस्य एवं उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

गृह विभाग की समीक्षा में बोले सीएम, साइबर सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में गृह विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि साइबर सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जाए। इंटेलिजेंस को और मजबूत करने के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं एवं जन शिकायतों का त्वरित समाधान हो। पुलिसिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए टीम वर्क से कार्य किये जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन कार्यों का समाधान थाना एवं जिला स्तर पर हो सकता है, वे अनावश्यक रूप से पुलिस मुख्यालय एवं शासन स्तर पर न आयें। उन्होंने कहा कि पुलिस का आम जन के साथ अच्छा व्यवहार होना जरूरी है, लेकिन असामाजिक गतिविधियों पर गहनता से नजर रखी जाए एवं संबंधितों पर सख्त कारवाई भी की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्मार्ट पुलिसिंग व्यवस्था के लिए आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए। ड्रोन का बेहतर उपयोग भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक मैनेजमेंट एवं आपदा प्रबंधन में कैसे किया जा सकता है, इस ओर विशेष ध्यान दिया जाए। पुलिस के आधुनिकीकरण के लिये अन्य राज्यों की बैस्ट प्रैक्टिसेज भी देख ली जाए। भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाए, जिसमें पुलिस, शिक्षा, समाज कल्याण एवं अन्य संबंधित विभागों को शामिल किया जाए। इन विभागों की समन्वय बैठक कर भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए एक्शन प्लान बनाया जाए। पुलिस व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए समय-समय पर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। यातायात की सभी सुचारू व्यवस्थाओं के लिए एसपी ट्रैफिक को नोडल बनाया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड में नार्थ ईस्ट राज्यों को छोड़कर अपराध दर देश में न्यूनतम है। क्राईम एण्ड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्टम में उत्तराखण्ड देश में 6वें एवं हिमालयी राज्यों में दूसरे नम्बर पर है। सभी थानों में सीसीटीवी कैमरों की पूरी व्यवस्था की गई है।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम, शैलेश बगोली, एडीजी डॉ. पी.वी.के प्रसाद, अमित कुमार सिन्हा, वी. मुरूगेशन, पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने परिवार से मिलकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पौड़ी के श्रीकोट में अंकिता भंडारी के परिजनों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई कराते हुए अंकिता के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पौड़ी जनपद अंतर्गत श्रीनगर के डोभ श्रीकोट गांव पहुँचे और अंकिता के परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मामले की जांच को डीआईजी पी.रेणुका देवी के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम गठित की गई है जिसने अपनी जांच प्रारंभ कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हत्याकांड के तीनों आरोपितों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और जांच में जिन भी लोगों की भूमिका संदेह के दायरे में है उन पर भी कानून सम्मत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता की धनराशि भी प्रदान की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, एसएसपी यशवंत सिंह चौहान, एसडीएम आकाश जोशी आदि भी उपस्थित रहे।

सेवा, समर्पण और सुशासन की नीति से प्रगति के पथ पर बढ़ रहा है अपना उत्तराखंड

धामी राज में तेजी से उत्तराखंड विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री धामी की कार्यशैली का ही कमाल है कि महज 6 माह में रानीपोखरी पुल का निर्माण हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रानीपोखरी, देहरादून में अयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए विकासखण्ड डोईवाला के अन्तर्गत भानियावाला ऋषिकेश मोटर मार्ग के कि०मी०15 में 280 मीटर लंबे रानीपोखरी सेतु एवं विधानसभा विकासनगर के अन्तर्गत लम्बरपुर लांघा मोटर मार्ग के कि0मी0 2 में शीतला नदी के उपर 180 मीटर लंबे सेतु के निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पुल का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा केन्द्रीय सड़क अवसंरचना निधि (₹ 1618.55 लाख ) के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विकासखण्ड डोईवाला के अन्तर्गत भानियावाला ऋषिकेश मोटर मार्ग के कि०मी०15 में 280 मीटर स्पान के पी०एस०सी० गर्डर रानीपोखरी सेतु का निर्माण कार्य व राज्य योजना (₹342.56 लाख ) के अंतर्गत उक्त सेतु हेतु पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत ₹1318.63 लाख की लागत से विधानसभा विकासनगर के में लम्बरपुर लांघा मोटर मार्ग के कि0मी0 2 में शीतला नदी के उपर 180 मीटर स्पान के आर.सी.सी बॉक्स, कलवर्ट के निर्माण कार्य का भी लोकार्पण किया। इस अवसर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डोईवाला विधानसभा के अंतर्गत सनगांव पुल से कंडोली खर्क मोटर मार्ग के निर्माण कार्य, लच्छीवाला रेंज कार्यालय से दुधली (वन विभाग मार्ग) की मरम्मत के कार्य किए जाने, श्री कालू सिद्ध मंदिर से धन्याड़ी तक वन विभाग मोटर मार्ग का निर्मााण कार्य, हर्रावाला में राजकीय कन्या हाईस्कूल के लिये तीन कक्ष व शौचालय निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुल के उद्घाटन पर क्षेत्र वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राजधानी एवं ऋषिकेश के साथ ही गढ़वाल को जोड़ने वाला यह पुल अत्यधिक महत्वपूर्ण है, इसके पुनर्निर्माण से क्षेत्रीय जनता के साथ ही उत्तराखंड आने वाले सैलानियों को भी सुगमता होगी। उन्होंने लम्बरपुर लांघा मोटर मार्ग एवं रानीपोखिर में बने दोनों पुलों के निर्माण में शामिल रहे लोक निर्माण के सभी अधिकारियों, केंद्रीय एजेंसियों और हमारे मेहनतकश कामगारों का आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है और हम निरंतर इस दिशा में आगे बढ़ रहे है, हमारी सरकार सड़कें के विकास हेतु प्रतिबद्ध है, आज प्रदेश में जिस स्तर पर सड़को का निर्माण कार्य किया जा रहा है वह अभूतपूर्व है। हमने चार धाम सड़क परियोजना की ही तरह मानसखंड कॉरिडोर को भी राज्य का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट तय कर इस पर कार्य करना शुरू कर दिया है, हम प्रदेश में केवल नए मार्गों का निर्माण ही नहीं कर रहे बल्कि इन पर आवाजाही को सुरक्षित करने का भी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा हमारी सरकार जिस भी कार्य का शिलान्यास करती है उसका लोकार्पण भी करेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में हमारे सीमांत इलाकों तक सड़कों का नेटवर्क बन रहा है, चार धाम हेतु बनी ऑल वेदर रोड से अब यात्रा सुगम सुरक्षित हो गई है, वही पहाड़ों में रेल पहुंचाने का सपना भी अब पूरा होता दिखाई दे रहा है, उन्होंने कहा ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य तेज गति के साथ आगे बढ़ रहा है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके पूरा होने पर यह दूरी मात्र दो घंटे की हो जाएगी, उसके बाद और अधिक संख्या में तीर्थयात्री, पर्यटन उत्तराखंड राज्य में आएंगे, हम जनसेवा को ध्येय मान कर कार्य कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य उत्तराखंड का सर्वांगीण विकास है।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुरुप हम वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं और हम जन-जन की आशा को सफलता में परिवर्तित करेंगे। उन्होंने कहा हमने यह सभी विभागों एवं अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि कोई भी कार्य योजना को तय समय में पूरी गुणवत्ता के साथ किया जाए ताकि समय एवं संसाधनों की बचत हो सके। इस दौरान सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक बृजभूषण गैरोला आदि उपस्थित रहे।

शहरी विकास मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को दिये निर्देश

प्रदेश के शहरी विकास व आवास, वित्त, संसदीय कार्य, पुनर्गठन, जनगणना मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उच्चाधिकारियों के साथ कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य उपभोक्ता को सहूलियत प्रदान करना है, ऐसे में उपभोक्ता के कार्यों को लंबित न रखा जाए। उन्होंने अनावश्यक उपभोक्ता को परेशान न करने के निर्देश दिए।
डा. अग्रवाल ने सख्त लहजे में कहा कि प्राधिकरण अपनी कार्यशैली सुधारे। अवैध बिल्डिंग बनने से पूर्व कार्यवाही करें। कहा कि यदि कोई आपत्ति न हो तो आवासीय नक्शा 15 दिन के भीतर पास किए जाए। इसी तरह व्यवसायिक नक्शा 30 दिन के भीतर पास किए जाएं।
डा. अग्रवाल ने उच्चाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही टाउनशिप विकसित की जाए। इसके अलावा मंत्री डा. अग्रवाल ने एमडीडीए द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा करते हुए जानकारी ली।
इस मौके पर एमडीडीए उपाध्यक्ष व जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, सचिव मोहन सिंह बर्निया, अधीक्षण अभियंता हरीश राणा मौजूद रहे।

स्थानीय कलाकारों के द्वारा किया जा रहा बेहतरीन मंचन

1955 से स्थापित सुभाष बनखंडी श्री रामलीला कमेटी के द्वारा रंगमंच के छठे दिन केवट लीला, दशरथ मरण, भरत विलाप और चित्रकूट की लीलाओं का मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा दिया गया।
केवट लीला में दिखाया गया कि जब प्रभु राम सरयू नदी को पार करने के लिए केवट से मदद मांगते हैं तो केवट उनसे कहता है कि मैं जिस तरह आज आपको नदी पार कर आ रहा हूं हे प्रभु आप भी मुझे भवसागर पार कराना। केवट और श्री राम के द्वारा मार्मिक व बहुत सुंदर लीला का मंचन किया गया। वही अयोध्या में राजा दशरथ को जब मंत्री सुमंत के द्वारा पता चलता है कि श्रीराम वन से नहीं लौटे तो दशरथ उनके वियोग में अपने प्राण त्याग देते हैं। इस दुखद दृश्य को देखकर कई श्रद्धालुओ की आंखें भर आई और पूरा पंडाल भावुक हो गया।
भरत विलाप की लीला में दिखाया गया कि पिता की मृत्यु के बाद जब भरत को महल बुलाया जाता है तो उनके द्वारा अपनी मां से नाराजगी जताई जाती है और मंथरा को धक्के मार कर बाहर निकाल दिया जाता है। इसके बाद भरत श्री राम से मिलने के लिए वन जाते हैं और उनसे आग्रह करते हैं कि आप वापिस आ जाइए लेकिन श्रीराम अपने पिता के वचन को निभाने के लिए भरत को मना लेते हैं। जिस पर भरत भी उनकी तरह वनवासी जीवन बिताने की बात कहकर उनकी खड़ाऊ लेकर वापस लौट जाते हैं। चित्रकूट लीला में दिखाया गया कि श्री राम चित्रकूट में कुटिया बनाकर माता सीता और अपने भाई लक्ष्मण के साथ वनवासी जीवन बिताने लगते है।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी के अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, राजेश दिवाकर, राकेश पारछा, दीपक जोशी, रोहताश पाल, हुकुम चंद, मनमीत कुमार, पप्पू पाल, संजय शर्मा, प्रशांत पाल, महेंद्र कुमार, अनिल धीमान, ललित शर्मा, दया शंकर पांडेय, अशोक मौर्य, सुभाष पाल, पवन पाल, नीतीश पाल आदि उपस्थित रहे।

नाबालिक छात्राओं को पुलिस ने दिल्ली से किया सकुशल बरामद

28 सितंबर को वादी के द्वारा कोतवाली ऋषिकेश में लिखित तहरीर के माध्यम से सूचना दी गई कि उनकी दो नाबालिक पुत्रियां उम्र क्रमशः 17 वर्ष एवं 15 वर्ष दिनांक 27 सितंबर की रात लगभग 10.30 बजे से घर से गायब हैं, अभी तक घर नहीं आई है। लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के द्वारा स्वयं नेतृत्व करते हुए गुमशुदा दोनों नाबालिग बहनों की तलाश हेतु दो टीमें गठित की गई।
एक टीम के द्वारा गुमशुदा नाबालिगों के घर से आने जाने वाले रास्तों पर दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को चेक करते हुए, परिजनों एवं आसपास के लोगों से पूछताछ कर मुखबिर तंत्र के माध्यम से तलाश शुरू की गई।
दूसरी टीम के द्वारा गुमशुदा नाबालिगों की तलाश हेतु ऋषिकेश-हरिद्वार-देहरादून के बस अड्डा एवं रेलवे स्टेशनों तथा अन्य संभावित स्थानों पर पर सर्च अभियान चलाया गया। गठित टीमों के द्वारा किए गए कार्यों से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त आपसी सामंजस्य स्थापित कर ज्ञात हुआ कि उपरोक्त गुमशुदा दोनों नाबालिग बहने सोशल मीडिया के माध्यम से फरीदाबाद हरियाणा निवासी दो लड़कों के संपर्क में आई जिनके द्वारा दोनों बहनों को अच्छी सैलरी वाली जॉब लगाने का प्रलोभन दिया गया। जिसके पश्चात दोनों नाबालिग बहने अपने परिजनों को बिना बताए अपने घर से 27 सितंबर की रात्रि बस के माध्यम से हरिद्वार होते हुए दिल्ली पहुंच गई।
दोनों नाबालिग बहनों के दिल्ली में होने की जानकारी प्राप्त होने पर दोनों गठित टीमों के द्वारा संयुक्त रूप से तत्काल दिल्ली रवाना होकर 29 सितंबर को मात्र 24 घंटे के अंदर कश्मीरी गेट दिल्ली के पास से सकुशल बरामद किया गया। दोनों फरार व्यक्तियों के संबंध में अन्य जानकारियां प्राप्त कर उनकी तलाश जारी है। अभियोग उपरोक्त से संबंधित अग्रिम आवश्यक कार्यवाही जारी है।
पुलिस टीम में उप निरीक्षक चिंतामणि मैठाणी चौकी प्रभारी आईडीपीएल, कांस्टेबल सचिन सैनी, कांस्टेबल युवराज सिंह, कांस्टेबल दुष्यंत, कांस्टेबल रोमिल, कांस्टेबल नवनीत नेगी, एसओजी देहात, कांस्टेबल मनोज, एसओजी देहात शामिल रहे।