स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा शिक्षा की समीक्षा बैठक में दिये ये निर्देश

चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेजों एवं नर्सिंग कॉलेजों में चल रहे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाय ताकि नया सत्र शुरू होने तक निर्माणाधीन शैक्षणिक भवन एवं छात्रावास बनकर तैयार हो सके। इसके लिये संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को प्रत्येक माह निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्माण कार्य पूर्ण होने पर तत्काल शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया है।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने आज चिकित्सा शिक्षा निदेशालय, चन्दरनगर में राजकीय मेडिकल कॉलेजों एवं नर्सिंग कॉलेजों में निर्माण कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक ली। रावत ने बताया कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रूद्रपुर, हल्द्वानी, श्रीनगर व हरिद्वार जनपदों के नर्सिंग एवं मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न निर्माण कार्य चल रहे हैं। जिनको समय पर पूर्ण करने के लिये संबंधित जिलाधिकारियों, प्राचार्यों एवं कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिये संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को प्रतिमाह कॉलेज प्रशासन व कार्यदायी संस्था के साथ बैठक कर समीक्षा के निर्देश दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बैठक में जनपद पिथौरागढ़ में स्वीकृत राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने तथा बेस अस्पताल का संचालन करने के निर्देश दिये। उन्होंने कोविड काल के दौरान लगे कर्मचारियों को पुनः आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से पुनः तैनाती देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। इसी क्रम में अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के लिये शेष धनराशि जारी करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कॉलेज के विधिवत संचालन के लिये वार्ड ब्वाय एवं सुरक्षाकर्मी सहित अन्य जरूरी कार्मिकों के पद स्वीकृत करने की मांग रखी। जिस पर विभागीय मंत्री ने प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिये। मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर के अंतर्गत नये भवन में अस्पताल शिफ्ट करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। जबकि हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में ऑडिटोरियम का कार्य पूर्ण कर शीघ्र यूसी शासन को उपलब्ध कराने को कहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में छात्रावासों की मरम्मत, बाउंड्रीवाल फेंसिंग तथा पेयजल के सुदृढ़करण का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार जनपद हरिद्वार में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये। इसके अतिरिक्त् राज्य कैंसर संस्थान हल्द्वानी, नर्सिंग कॉलेज कोटगी रूद्रप्रयाग, नर्सिंग कॉलेज बाजपुर, नर्सिंग कॉलेज श्रीनगर, जीएनएम कॉलेज रूड़की तथा स्टेट नर्सिंग कॉलेज देहरादून के भवनों के अधूरे कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये।
बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश, कुलपति मेडिकल विश्वविद्यालय प्रो. हेमचंद पाण्डेय, संयुक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ एमके पंत, वित्त नियंत्रक, कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। जबकि संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी, सीएमओ, प्राचार्य एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

पार्किंग समस्या को लेकर नए प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में बनाई जाने वाली नई पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को सभी पार्किंग्स के लिए साइट स्पेसिफिक कम्पलीशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खूबसूरत पर्यटन स्थलों में बड़ी-बड़ी पार्किंग्स बनाकर बर्बाद न करने की बात दोहराते हुए कहा कि कोशिश की जाए कि पर्वतीय पर्यटक स्थलों में छोटी-छोटी पार्किंग बनायी जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में, विशेषकर पर्वतीय शहरों में पार्किंग एक विकराल समस्या बनती जा रही है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को लगातार नए पार्किंग स्थल ढूंढ़ते रहने के निर्देश दिए। कहा कि हर जिले में प्रयोग के तौर पर कम से कम एक प्रोजेक्ट टनल पार्किंग का अवश्य बनाएं। किसी भी पार्किंग प्रोजेक्ट में जहां पर कोई रूकावट आ रही है, सम्बन्धित अधिकारी या सचिव से सम्पर्क कर समस्या का निस्तारण किया जाए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन को पार्किंग प्रोजेक्ट्स के लिए डेडीकेटेड अधिकारी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेडीकेटेड अधिकारी को लगाने से कार्य में तेजी आएगी। जिन पार्किंग के निर्माण में कोई समस्या नहीं है, उनमें तुरंत कार्य शुरू कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी एवं वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

सड़कों के पैचवर्क का काम जल्द पूरा हो-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग, एनएच और बीआरओ के प्रदेश में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मानसखण्ड कोरिडोर को राज्य सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रम बताते हुए इसमें प्रस्तावित कामों में तेजी लाने के निर्देश दिये। बजरंग सेतु को तय समय सीमा दिसम्बर 2022 तक पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी निर्णय लेने हैं उन पर बैठक में अंतिम रूप से तय कर लिया जाए। बैठकों का आउटपुट दिखना चाहिए।

डार्क स्पॉट का सर्वेक्षण कर जरूरी कदम उठाए जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जितने भी पुल और फ्लाईओवर हैं, वहां गति सीमा के बोर्ड लगाए जाएं। वहां ड्रैनेज की पूरी व्यवस्था हो। दुर्घटनाओं की दृष्टि से प्रदेश में डार्क स्पॉट का सर्वेक्षण कर जरूरी कदम उठाए जाएं। चारधाम यात्रा मार्ग और अन्य मार्गों पर सुरक्षा मानकों के अनुरूप क्रेश बैरियर में कुछ प्रगति हुई है, इसमें और तेजी लाई जाए। सड़कों के पैच वर्क का काम शीघ्रता से किया जाए।

लैंडस्लाइड जोन के ट्रीटमेंट प्लान पर गम्भीरता से काम हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंडस्लाइड जोन के ट्रीटमेंट प्लान पर गम्भीरता से काम किया जाए। जहां सम्भव हो, आपदा प्रबंधन के मिटीगेशन फंड से प्रस्ताव बनाया जाए। वर्षाकालीन में मलबा आने वाले स्थानों का स्थाई समाधान हो।

केंद्रीय योजनाओं की राज्य स्तर से जरूरी प्रक्रियाओं को समयबद्धता से पूर्ण करना सुनिश्चित हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के स्तर से संबंधित सभी प्रकरणों पर विस्तृत विवरण बना लिया जाए। केन्द्रीय मंत्रालय के साथ बैठक से पहले हमारी पूरी तैयारी होनी चाहिए। राज्य स्तर से जरूरी प्रक्रियाओं को समयबद्धता से पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए।

बेस्ट प्रेक्टीसेज काम में ली जाएं
गढवाल-कुमाऊँ कनेक्टीवीटी के लिए ज्योलिकोट से कर्णप्रयाग मार्ग में तेजी लाई जाए। कैंचीधाम में बाईपास निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। शहरों में सङको की स्थिति के बारे में शहरी विकास, आवास और लोक निर्माण विभाग की बैठक आयोजित कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम की गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो और सरलीकरण भी हो। बेस्ट प्रेक्टीसेज को प्रयोग में लाया जाए।

निर्माण कार्याे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एसओपी निर्गत की जा रही
बैठक में बताया गया कि निर्माण कार्याे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एसओपी निर्गत की जा रही है। मोबाइल लैब की व्यवस्था की कार्यवाही गतिमान है। ऑनलाइन एनआईएस लागू की गई है। ई ऑफिस से पत्रावलियों का निस्तारण किया जा रहा है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित लोक निर्माण विभाग, एनएच, बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

80 हज़ार लाभार्थी बालिकाओं को 323 करोड़ 22 लाख की धनराशि हस्तांतरित की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 80 हज़ार लाभार्थी बालिकाओं को PFMS के माध्यम से ₹ 323 करोड़ 22 लाख की धनराशि का डिजिटल हस्तांतरण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 2017-18 सत्र की 5310 बालिकाओं, 2018-19 सत्र की 460 बालिकाओं, 2019-20 सत्र की 1567 बालिकाओं, 2020-21 सत्र की 16210 बालिकाओं एवं 2021-22 सत्र की 56177 बालिकाओं, इस प्रकार से कुल 80 हज़ार वंचित लाभार्थि बालिकाओं को धनराशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरण किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस शुभ अवसर पर प्रदेश की बेटियों को धनराशि हस्तांतरण कर अपने को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं, उन्होंने कहा हमारी सरकार प्रदेश की प्रत्येक बालिकाओं के भविष्य को उत्कृष्ट, उज्जवल बनाने हेतु संकल्पित है, हमारी सरकार के संकल्प को पूर्ण करने में बेटियों का अहम योगदान है, आज प्रत्येक क्षेत्र में बेटियां एवं महिलाएं पुरुषों से अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, सरकार द्वारा लिए गए प्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में आगे ले जाने के संकल्प में बेटियों का अहम योगदान रहेगा, उन्होंने कहा बेटियों के योगदान के बिना यह संकल्प कभी पूरा नहीं हो सकता, आज बेटियां मेहनत, परिश्रम के बल पर सफलता हासिल कर रही हैं, उन्होंने कहा हमें अपने जीवन में विकल्प रहित संकल्प के मंत्र के साथ अपने सपनों को साकार करने में जुट जाना चाहिए, समय बहुत बहुमूल्य होता है जिसका सदुपयोग करना ही हमारे जीवन को सफल एवं सार्थक बनाएगा। मनुष्य के अंदर उसकी आत्मा में भगवान का वास होता है, हमें अपने अंदर की काबिलियत एवं अंदरूनी शक्ति को पहचानना बहुत जरूरी है। स्वयं की मदद करने वाले मनुष्य की हमेशा भगवान मदद करते हैं, उन्होंने कहा बड़ों का आदर एवं जिंदगी में अनुशासन का पालन करने वाला व्यक्ति हमेशा सफलता की ओर बढ़ता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत अंकिता भण्डारी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुख की इस घङी में सरकार उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ है। उन्होंने कहा हमारी बेटियों के साथ होने वाली इस तरह की घटना मन में क्रोध पैदा करती है, उन्होंने कहा इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषी लोगों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा, बेटियों के साथ अन्याय करने वाले लोगों की हमारे समाज एवं राज्य में कोई जगह नहीं है, उन्होंने कहा इस प्रकरण की तेजी से जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है तथा इस मामले में संलिप्त दोषी लोगों को शीघ्रता से सजा मिले इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने बेटियों के मान सम्मान को सरकार का मान सम्मान बताया, उन्होंने कहा प्रदेश की बेटियों का अपमान सरकार का अपमान होता है, उन्होंने कहा हमारी बेटी अंकिता भण्डारी पर हुए इस जघन्य अपराध की त्वरित एवम् निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी जो इस प्रकार के घृणित कार्य को करने वाले अपराधियों के लिए एक नजीर साबित होगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के महा अभियान की शुरुआत की थी, यह नंदा गौरा योजना भी उसी परिपेक्ष में बालिकाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के रास्ते पर ले जाती है, उन्होंने कहा हमें हर लड़की के समग्र विकास में गतिशील प्रगति होना चाहिए, एक बालिका के पैदा होने से उसकी पढ़ाई एवं शादी होने तक सरकार हमेशा उसके साथ खड़ी रहती है, उन्होंने कहा प्रत्येक बालिका का अधिकार है कि उसकी क्षमता के विकास का पूरा मौका मिले, इसके साथ ही यह देव भूमि एवं देवियों की भूमि दोनों कहलाएगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि 2017-18 से 2021-22 तक के नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 80 हज़ार लाभार्थी बालिकाओं को PFMS के माध्यम से ₹ 323 करोड़ 22 लाख की धनराशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरण किया गया है एवं इस वर्ष 2022 से सारी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्म से की जायेगी ताकि पात्र बालिकाओं को ये लाभ प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर ना कटाने पड़े, उन्होंने कहां बालिकाएं अपने कर्तव्य, एवं भविष्य में अपनी भूमिका एवं समाज को दे रहे योगदान को समझें। ताकि वह आने वाले समय में देश के साथ ही उत्तराखंड राज्य के विकास में अपना योगदान दें।
इस दौरान कार्यक्रम में सचिव हरीश चंद्र सेमवाल अपर सचिव प्रशांत आर्य निदेशक संस्कृति वीणा भट्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

माता अहिल्या का उद्धार कर श्रीराम ने श्राप से दिलाई मुक्ति

सुभाष बनखंडी श्री रामलीला कमेटी के द्वारा रंगमंच के तीसरे दिन श्रीराम जन्म, श्री सीता जन्म, ताड़का और सुबाहु वध व अहिल्या उद्धार की लीलाओं का मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा दिया गया।
श्रीराम जन्म की लीला में दर्शाया गया कि राजा दशरथ की संतान ना होने के चलते उनके द्वारा एक यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसके पश्चात उनकी तीन रानियों को चार पुत्रों की प्राप्ति हुई। वहीं, श्री सीता जन्म में दर्शाया गया कि राजा जनक के यहां अकाल पड़ने की वजह से ऋषि-मुनियों ने उन्हें स्वयं हल चलाने की सलाह दी गई। जिसके फलस्वरुप राज्य में वर्षा होने की संभावना जताई गई। राजा जनक के द्वारा हल चलाने पर पृथ्वी से एक घड़े में उन्हें एक कन्या की प्राप्ति हुई। जिसका नाम सीता रखा गया और राज्य में वर्षा होने से अकाल की समस्या का समाधान हो गया।
वहीं, ताड़का और सुबाहु वध में दर्शाया गया कि राक्षसों का आंतक बढ़ने से ऋषि-मुनियों के यज्ञ प्रभावित होने लगे। जिस पर विश्वामित्र ऋषि ने राजा दशरथ से मदद मांगी। उन्होंने श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ जंगल ले जाकर ताड़का और मारिच-सुबाहु का वध करने की बात कही। राजा दशरथ ने स्वयं चलकर उनका वध करने का अनरोध किया लेकिन विश्वामित्र ने उनके पुत्रों के द्वारा ही उनका वध होगा, ऐसा बताया। जिस पर पिता की आज्ञा पाकर श्रीराम और लक्ष्मण जंगल पहुंचे। उन्होंने ताड़का और सुबाहु का वध किया। मारिच श्रीराम से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहा।
वहीं, अहिल्या उद्धार में दर्शाया गया कि विश्वामित्र ने श्रीराम के द्वारा पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार करवाया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी के अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, राजेश दिवाकर, राकेश पारछा, दीपक जोशी, रोहताश पाल, हुकुम चंद, मनमीत कुमार, पप्पू पाल, संजय शर्मा, प्रशांत पाल, महेंद्र कुमार, अनिल धीमान, ललित शर्मा, दया शंकर पांडेय, अशोक मौर्य, सुभाष पाल, पवन पाल, नीतीश पाल आदि उपस्थित रहे।

चोरी के आरोप में घर का नौकर दोस्त सहित गिरफ्तार

पुलिस ने एक घरेलू नौकर और उसके दोस्त को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। जिन्हें पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक गली नंबर तीन वीरभद्र रोड निवासी देवेंद्र कुमार पुत्र रघुवीर सिंह तोमर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि शनिवार शाम को वे अपनी पत्नी के साथ रोज की तरह आस्थापथ पर घूमने के निकले थे। जिसके बाद वापस लौटे तो कमरे का ताला टूटा था और सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। कमरे की दराज में एक प्लास्टिक के डिब्बे में रखे चांदी के 77 सिक्के, सिंडीकेट बैंक की पासबुक, एक घड़ी और 10 हजार की नकदी गायब थी। उन्होंने अपने नौकर पर चोरी का शक जाहिर किया। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी नौकर लालू कुमार यादव पुत्र राम पुकार यादव, निवासी ग्राम वीरपुर मधेपुर और मनोज यादव पुत्र रामकिशन यादव, निवासी ग्राम सिजौल मैलाम जिला मधुबनी बिहार को भरत विहार के हरिद्वार रोड से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी का माल भी बरामद किया। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि लालू और मनोज आपस में दोस्त है। लालच के चक्कर में लालू ने अपने दोस्त के साथ चोरी का प्लान बनाया। घटना को अंजाम देने के बाद वह बिहार भागने की फिराक में थे।

प्रदेश की कानून व्यवस्था एवं अमन चैन बनाना अधिकारियों का दायित्व-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था से सम्बन्धित घटनाओं को गम्भीरता से लेने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि कानून एवं व्यवस्था से सम्बन्धित घटना चाहे वह राजस्व क्षेत्र की हो या पुलिस क्षेत्र की, जिसे भी कोई सूचना प्राप्त होती है तो उसे गम्भीरता से लेकर उसके समाधान की त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित कराये।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वन क्षेत्र या अन्य क्षेत्रों में होटल, रिसोर्ट या धार्मिक कार्यों के लिये हो रहे अतिक्रमण का चिन्हीकरण कर उस पर सख्ती के साथ त्वरित कार्यवाही के भी निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मदरसों के सत्यापन के साथ ही डेमोग्राफिक चेंज के प्रकरणों में भी सख्ती से कार्यवाही के निर्देश दिये। रविवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून व्यवस्था, अवैध अतिक्रमण, आपदा आदि से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर शासन के उच्चाधिकारियों के साथ गहनता से समीक्षा की। समीक्षा बैठक में सभी मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। मुख्यमंत्री ने जनपदवार जिलाधिकारियों से उनके स्तर पर की जा रही कार्यवाही तथा समस्याओं के समाधान के लिये किये प्रयासों की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जनपद स्तर पर सभी सम्बन्धित बिन्दुओं का कलेंडर तैयार कर उनकी पाक्षिक या मासिक समीक्षा कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में घटित कुछ घटनाओं से प्रदेश की छवि धुमिल हुई है। इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इस दिशा में सभी अधिकारी सर्तकता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि देवभूमि हमारा प्रदेश है, यहां अमन, चैन व शांति हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो उसे बख्शा न जाए। इमानदारी से कार्य करने वालों को परेशान न किया जाए। बाहरी प्रदेशों से आने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए। भविष्य में प्रदेश की जन संख्या घनत्व के कारण किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, यह भी सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान त्वरित ढंग से हो, इसके लिये सचिवालय में सोमवार को नो मिटिंग डे तथा पर्वतीय जिलों में 10 से 1 बजे तक अधिकारियों को जनता से मिलने के निर्देश दिये गये। जनपदों की कोई समस्या सचिवालय न आये यह भी जिलाधिकारी सुनिश्चित करें। इसके लिये बहुउद्देशीय शिविर तहसील दिवस के आयोजन के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में जन समस्यायें सुनने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इस सम्बन्ध में उन्होंने ऊधमसिंह नगर की भांति ई-समाधान चौपाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सरलीकरण, समाधान निस्तारण एवं संतुष्टि के तहत की गई समस्याओं के समाधान का भी विवरण तैयार करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने सड़कों की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने अवैध शराब, अवैध खनन पर भी प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिये। प्रदेश में बढ़े डेंगू के रोगियों की संख्या के दृष्टिगत इसके रोकथाम की भी कारगर व्यवस्था करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस सन्धु ने सभी सभी जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिकारी सही गलत की पहचान कर दोषियों को सजा देने की कार्यवाही करें। अवैध अतिक्रमणों में राजस्व, वन एवं सिंचाई आदि विभागों की संयुक्त टीम बनायी जाए। जहां पर अतिक्रमण हटाया जाए वहां पुनः अतिक्रमण न हो यह भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, चंद्रेश यादव, अपर सचिव अतर सिंह सहित पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा वर्चुअल रूप से सभी मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही होगी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत अंकिता भण्डारी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुख की इस घङी में सरकार उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ है। मुख्यमंत्री ने परिवारजनो द्वारा सहयोग किये जाने पर उनका आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सहायता सहित हर प्रकार की सहायता के लिए राज्य सरकार सदैव बिटिया अंकिता के परिवार के साथ है। इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषी लोगों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की तेजी से जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है तथा इस मामले में संलिप्त दोषी लोगों को शीघ्रता से सजा मिले इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। राज्य सरकार इस जघन्य अपराध की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी जो इस प्रकार के घृणित कार्य को करने वाले अपराधियों के लिए एक नजीर साबित होगी।

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज में इंडिया की हौसलाअफजाई को गर्वनर संग सीएम भी पहुंचे

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज का मैच भले ही डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुआ, लेकिन प्रदेशभर से आये लोगों से देहरादून का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम खचाखच भरा था। (india legends beat england legends by 40 runs in road safety world series) इस मैच में इंडिया लीजेंड्स ने इंग्लैंड लीजेंड्स को 40 रनों से हरा दिया। राज्यपाल ले. ज. (रि.) गुरमीत सिंह, सीएम धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या भी दर्शकों का उत्साह बढ़ाने स्टेडियम पहुंचे।

इंडिया लीजेंड्स के लिए जैसे ही सचिन तेंदुलकर और नमन ओझा पारी की शुरुआत करने उतरे, स्टेडियम सचिन सचिन के नारों से गूंज उठा। सचिन ने भी फैंस को निराश नहीं किया और आकर्षक स्ट्रोक खेलकर 1998 के दौर की याद दिलाई। बारिश के कारण 15- 15 ओवर के मैच में सचिन की तूफानी पारी (20 गेंदों पर 40 रन, 3छक्के, 3 चौके) की बदौलत भारतीय लीजेंड्स ने 5 विकेट पर 170 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

सचिन और ओझा ने तूफानी शुरुआत दी, और 5 ओवर में ही 64 रन जोड़ डाले। लेकिन बीच मे अचानक 3 विकेट गिरने से पारी थोड़ा लड़खड़ाई। यूसुफ पठान के 11 गेंदों पर 27 और युवराज सिंह के 15 गेंदों पर 31 रन की बदौलत भारत ने 170 का पहाड़ से स्कोर खड़ा कर दिया। भारतीय बल्लेबाजों की तूफ़ानी पारियों ने दर्शकों का पैसा वसूल कर दिया। इंग्लैंड के लिए स्टीफन पैरी ने 3 विकेट चटकाए।

जवाब में इंग्लैंड ने ठोस शुरुआत की। लेकिन राजेश पवार ने दिमित्री को आउट कर पहली सफलता दिलाई। इसके बाद लगातार विकेट गिरते गए और इंग्लैंड 15 ओवर में 6 विकेट पर 130 रन ही बना सका। इंग्लैंड के लिए मस्टर्ड ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए। भारत की ओर से राजेश पवार ने 3 विकेट चटकाए।

मसूरी और देहरादून की सड़कों की स्थिति को लेकर मुख्य सचिव ने की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने मसूरी और देहरादून की सड़कों की स्थिति के सुधारीकरण और गड्ढा मुक्त करने के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक ली।

मुख्य सचिव ने सड़कों की दुर्गति पर नाराजगी जताते हुए सभी विभागों को 2 दिन में (शुक्रवार तक) देहरादून और मसूरी की प्रत्येक सड़क का डेटवाइज कंप्लीशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए एडवर्स एंट्री भी दिए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने मसूरी में सड़कों के साथ बिछाई गई पेयजल पाइपलाइन में भविष्य में दिए जाने कनेक्शनों के लिए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए जिससे दोबारा सड़कें न खोदनी पड़ें। उन्होंने मसूरी मालरोड के सौंदर्यीकरण के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाएं।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कार्यों का निरीक्षण कर कार्यों में आ रही समस्याओं के समाधान निकाल कर कार्य पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह स्वयं सभी कार्यों की प्रत्येक सप्ताह मीटिंग लेंगे। लापरवाही बरते जाने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी, साथ ही ऐडवर्स एंट्री दी जाएगी।

इस अवसर पर सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी, जिलाधिकारी देहरादून सीईओ स्मार्ट सिटी सोनिका एवं मुख्य नगर अधिकारी श्री मनुज गोयल सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।