धामी का एक्शन, सख्ते में उत्तराखंड को घुन की तरह चूसने वाले

उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त करने की दिशा में मुख्यरमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ी पहल की। भ्रष्टाचार की शिकायतों को दर्ज करने को आम जनता के लिए 1064 वेब एप लांच किया गया। यदि कोई भी व्यक्ति रिश्वत घूस आदि लेने की मांग करता है तो 1064 नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाता है और दोषी पर समयबद्ध कार्रवाई होती है।

18 मई 2022
देहरादून आरटीओ दफ्तर में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने छापा मारा। यहां कई अफसर और कर्मचारी गैरहाजिर मिले। खुद आरटीओ दिनेश पठोई के गैरहाजिर मिलने पर सीएम ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। वहीं गैर हाजिर कर्मचारियों की सैलरी रोकने के आदेश दिए। हालांकि, जांच के बाद संतोषजनक जवाब मिलने पर पठोई को बहाल कर दिया गया।

22 जून 2022
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के चर्चित अधिकारी राम विलास यादव को निलंबित कर दिया गया। इतना ही नहीं, निलंबन से कुछ ही देर बाद उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया।

22 जुलाई 2022
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर 22 जुलाई को रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। अब तक इस मामले में मास्टरमाइंड मूसा समेत 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

8 अगस्त 2022
पूर्व आईएफएस किशनचंद व अन्य अधिकारियों पर मुकदमे की अनुमति दी। कॉर्बेट पार्क में टाइगर सफारी बनने में अनियमितता का मामला सामने आया था। विजिलेंस ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर शासन से मुकदमे की अनुमति मांगी थी।

8 अक्टूबर 2022
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार पर एक और करारा वार किया है। मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर परीक्षा घोटालों की जांच कर रही एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष आरबीएस रावत (पूर्व आईएफएस), सचिव मनोहर कन्याल, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया को गिरफ़्तार कर लिया गया है। आरबीएस रावत उत्तराखंड में वन विभाग के हेड रह चुके हैं। यह कार्रवाई एसटीएफ ने न्ज्ञैैैब् द्वारा 2016 में कराई गई वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में धांधली की जांच के बाद की है।

एकीकृत अवस्थापना विकास परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर कैबिनेट मंत्री ने दिये निर्देश

ऋषिकेश, मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम में मूलभूत सुविधाओं के लिए एकीकृत अवस्थापना विकास परियोजना लागू होनी है। इस परियोजना के तहत 1600 करोड़ से कार्य किए जाने हैं। शनिवार को परियोजना की प्रगति के लिए शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव को आवश्यक निर्देश दिए।
शनिवार को मंत्री अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने कहा कि नगर निगम ऋषिकेश, नगर पालिका मुनिकीरेती और नगर पंचायत स्वर्गाश्रम के लिए बनी परियोजना के लिए तीनों निकायों के पैनल के साथ शीघ्र बैठक करें। इस महीने केएफडब्ल्यू विशेषज्ञ पहुंचेंगे। इसमें ऋषिकेश, मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, जल संस्थान, एमडीडीए, वन विभाग तथा नगर निगम व नगर पालिका के अधिकारियों सहित अन्य विभिन्न स्टेकहोल्डरों से मुलाकात की जायेगी।
मंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग से स्वीकृत 1600 करोड़ रुपए की परियोजना में पेयजल आपूर्ति प्रणाली, पेयजल मीटर, वर्षाजल प्रबंधन व बाढ़ सुरक्षा, सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाएं, स्मार्ट शहरी स्थल, परिधान व सामान कक्ष, प्रतीक्षालय, घाट और व्यापारिक स्थलों का विकास, सड़कें और यातायात प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा और सुविधाओं हेतु विकसित एकीकृत नियंत्रण व आदेश केंद्र, स्मार्ट स्तम्भ व ऊर्जा बचत के लिए उपकरणों की स्थापना, परिवहन केंद्र, बस टर्मिनल और पार्किंग इत्यादि के कार्य किए जाने हैं। इससे स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

उत्तराखंड के लिए नासूर हैं गड़बड़ियां, नहीं बख्शे जायेंगे भर्ती घोटाले के दोषी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भर्तियों में गड़बड़ी से योग्य छात्रों के भविष्य प्रभावित हुआ है। इसलिए केदारबाबा की सौगंध खाता हूं कि भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करूंगा। इसमें अब तक हुई जांच में जिसका भी नाम आया उसे जेल भेजा गया है। अंतिम आरोपित के पकड़े जाने तक हमारी कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद की कुल 46680.95 लाख रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनपद में प्रवास कार्यक्रम के तहत रुद्रप्रयाग पहुंचे हैं। इस मौके पर उन्होंने भर्तियों में नकल प्रकरण को लेकर यह बातें कहीं।

घपले व घोटाले हुए, पर जांच नहीं हुई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2014-15 में समूह ग की परीक्षाओं के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन किया गया। तब से अब तक घपले व घोटाले हुए हैं, लेकिन जांच कभी भी नहीं हुई।

मैंने बाबा केदार की खाई है सौगंध
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भर्तियों में गड़बड़ी आने पर मैंने बाबा केदार की सौगंध खाई है कि कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर करवाई करूंगा। उत्तराखंड के लिए यह गड़बड़ियां नासूर हैं।

हमने उठाया हैं सख्त कदम
हमारे पास होनहार युवा हैं जिनके पास योग्यता है। होनहार छात्र अपनी शिक्षा के बल पर आगे बढ़ना चाहता है। इन होनहार छात्रों का रास्ता रोकने का कार्य नकल माफिया ने किया है। इसलिए हमने सख्त कदम उठाया है।

सीएम ने दाखिल खारिज के लम्बित मामलों का निस्तारण मिशन मोड में करने के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्व न्यायालयों के लम्बित मुकदमों को विशेष अभियान के तहत और समयबद्धता के साथ निस्तारण करने के निर्देश दिये है। मुख्यमंत्री ने राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली और कार्यों के निस्तारण की प्रगति में अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष राजस्व परिषद् को तत्काल समस्त राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने आयुक्त एवं सचिव को नियमित पाक्षिक समीक्षा कर प्रगति से अवगत कराने के भी निर्देश दिये है।
उल्लेखनीय है कि कृषि भूमि से सम्बन्धित विवादों जिनमें नामान्तरण अधिकारों की घोषणा, खेतों का बँटवारा, अवैध कब्जा हटाना आदि के त्वरित निस्तारण के लिए ही राजस्व न्यायालयों का गठन किया गया और राजस्व न्यायालयों को सिविल न्यायालयों की भाँति शक्तियाँ दी गई है। उक्त शक्तियों के बावजूद राजस्व न्यायालयों में छोटे-छोटे जमीन विवाद सालों तक लम्बित चले आ रहे हैं।
वर्तमान में सम्पूर्ण उत्तराखण्ड के राजस्व न्यायालयों जिनमें राजस्व परिषद्, आयुक्त, कलेक्टर, अपर कलेक्टर, सहायक कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के न्यायालय सम्मिलित है। लगभग 34,000 मुकदमे लम्बित हैं जिनमें से सैकड़ों मुकदमे तीन साल से भी अधिक पुराने हैं।
मुख्यमंत्री ने मुकदमों के निस्तारण की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के मूलमंत्र को साकार करने के लिए राजस्व न्यायालयों के लम्बित मुकदमों को विशेष अभियान के तहत और समयबद्धता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनपदों के भ्रमण और समीक्षा बैठकों के दौरान भी राजस्व वादों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा मुख्यमंत्री द्वारा की जानी है।

एसटीएफ ने सीएम के निर्देश मिलने पर की बड़ी कार्रवाई, मचा हड़कंप

राज्य में भर्ती परीक्षाओं में हुई धाँधलियों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जीरो टॉलरेंस के सिद्धांत का पालन करते हुए उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है।
यूकेएसएसएससी द्वारा 2016 में कराई गई वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में धांधली की जाँच में आज आरबीएस रावत पूर्व चेयरमैन, सचिव मनोहर कन्याल, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह भर्ती परीक्षा प्रकरण में अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही है। 2016 के मामले में लंबे समय से जाँच चल रही थी लेकिन मुख्यमंत्री के कड़े रुख़ के बाद जाँच एजेंसियों ने भी तेज़ी दिखाई। मुख्यमंत्री धामी पिछले कई अवसरों पर बार बार कह रहे हैं कि वो अपने युवा भाई बहनों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे, सरकारी नौकरियों की भर्ती में भ्रष्टाचार का जो दीमक लगा है उसे वे जड़ से मिटा देंगे।
इस क्रम में वीपीडीओ भर्ती में 6 वर्ष बाद विधिसम्मत कार्यवाही कर सीएम ने एक बड़ी लकीर खींच दी है।
मुख्यमंत्री धामी ने एसटीएफ की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि “ जाँच एजेंसिया अपना काम कर रही हैं। उत्तराखंड के युवा का हक़ मारने वाले किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाएँ स्वच्छ और पारदर्शी हो। आज की कार्रवाई इस बात की मिसाल है कि भविष्य में कोई इन परीक्षाओं में गड़बड़ी करने की हिम्मत न कर सके “

क्रमवार विवरण-
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा दिनांक 6 मार्च 2016 को ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चयन परीक्षा करवाई गई।
उक्त परीक्षा 6 मार्च 2016 को समस्त 13 जनपदों के 236 परीक्षा केंद्रों में संचालित की गई थी
उक्त परीक्षा में कुल 87196 परीक्षार्थियों द्वारा प्रतियोगी परीक्षा में भाग लिया गया था
30 मार्च 2016 को परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था
उक्त परीक्षा में धांधली के मद्देनजर विभिन्न शिकायतों के आधार पर उत्तराखंड शासन द्वारा तत्कालीन अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जांच समिति वर्ष 2017 में गठित की गई थी।
जांच समिति द्वारा प्रेषित आख्या के आधार पर सम्यक विचारोपरांत , एवं माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में उक्त परीक्षा में अनियमितताओं की पुष्टि होने के कारण उक्त परीक्षा परिणाम को निरस्त किया गया
वर्ष 2019 में सचिव कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग के निर्देशानुसार उक्त परीक्षा में हुई अनियमितताओं के संबंध में  जांच सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर देहरादून को प्राप्त हुई
वर्ष 2020 में सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर देहरादून द्वारा खुली जांच में पुष्टि होने पर उक्त परीक्षा में हुई अनियमितताओं की पुष्टि होने पर  सतर्कता अधिष्ठान देहरादून में मुकदमा अपराध संख्या 01/20 धारा 420/468/467/120 B ipc व धारा 13 (1) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग शासन की अनुमति उपरांत पंजीकृत कराया गया
अभियोग पंजीकृत होने के बाद वर्ष 2020 से वर्ष 2022 तक उक्त प्रकरण की विवेचना सतर्कता अधिष्ठान देहरादून द्वारा की जा रही थी
वर्ष 2022 माह अगस्त में माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश अनुसार उक्त प्रकरण की विवेचना एसटीएफ को स्थानांतरित हुई
एसटीएफ द्वारा विवेचना को आगे बढ़ाते हुए साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की गई
पूर्व में जांच कमेटी द्वारा उक्त परीक्षा से संबंधित ओएमआर शीट को  FSL भेजा गया था एवं FSL से उक्त OMR शीट में छेड़छाड़ होने की पुष्टि हुई थी
विवेचना के दौरान यह भी पाया गया कि उक्त परीक्षा से संबंधित ओएमआर स्कैनिंग / फाइनल रिजल्ट बनाए जाने का कार्य तत्कालीन सचिव मनोहर सिंह कन्याल के घर पर हुआ था
विवेचना के दौरान अभी तक दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थी चिन्हित किए गए हैं और उनके बयान एसटीएफ द्वारा दर्ज किए गए
विवेचना के दौरान कई अहम गवाहों के बयान न्यायालय में भी कराए जा चुके हैं जो केस की अहम साक्ष्य है
विवेचना के दौरान पूर्व में तीन अभियुक्त 1 मुकेश कुमार शर्मा 2 मुकेश कुमार 3 राजेश पाल को एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है
एसटीएफ द्वारा पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आज दिनांक 8 अक्टूबर 2022 को तत्कालीन अध्यक्ष  UKSSSC डॉ रघुवीर सिंह रावत पुत्र स्वर्गीय दुर्गा सिंह रावत निवासी 188/1 ऑफिसर सोसायटी वसंत विहार देहरादून
तत्कालीन सचिव UKSSSC मनोहर सिंह कन्याल पुत्र प्रताप सिंह कन्याल निवासी वन 169/2 वन  विहार शिमला बायपास देहरादून, वर्तमान पद- सँयुक्त सचिव लेखा सचिवालय देहरादून
तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक UKSSSC राजेंद्र सिंह पोखरिया पुत्र स्वर्गीय प्रेम सिंह पोखरिया निवासी 1/29 कृष्ण पुरम माजरी माफी आईआईपी मोहकमपुर देहरादून को पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है और माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

पुलिस के औचक निरीक्षण से खुली सुरक्षा मानकों की पोल, कार्रवाई

गुरुवार को पुलिस के द्वारा स्कूल बसों एवं पेट्रोल पंप की सुरक्षा मानकों को चेक करते हुए चलाया गया चेकिंग अभियान। अनियमितताएं पाए जाने पर 5 बस चालकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई।
जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को स्कूली छात्रों/आम जनमानस की सुरक्षा की दृष्टिगत स्कूल बसों एवं पेट्रोल पंप के सुरक्षा मानकों, प्रपत्रों, सत्यापन आदि को चेक करते हुए अभियान चलाने के लिए कहा गया है। आदेश के अनुपालन में अन्य आलाधिकारी व निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश के द्वारा स्वयं नेतृत्व करते हुए गुरुवार को स्कूली छात्रों की सुरक्षा के दृष्टिगत स्कूली बसों के सुरक्षा मानकों को चौक करते हुए एक चेकिंग अभियान चलाया गया। जिसके अंतर्गत स्कूली बसों के सुरक्षा मानकों सीसीटीवी कैमरे, स्कूल बस चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस एवं वाहन संबंधित अन्य प्रपत्र को चेक किया गया। चेकिंग के दौरान पुलिस द्वारा स्कूल बस में जाली ना लगा होने, महिला क्लीनर ना होने, वाहन चालक केबिन न होने, सीसीटीवी कैमरा सही रूप से कार्य न करने संबंधी अनियमितताएं पाए जाने पर 5 बस चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए ₹2500 संयोजन शुल्क वसूला गया।
पुलिस के मुताबिक ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत समस्त पेट्रोल पंप चेक किए गए। इस दौरान पेट्रोल पंप पर सुरक्षा मानकों, सीसीटीवी कैमरे एवं पेट्रोल पंप पर कार्यरत कर्मियों के सत्यापन का जायजा लिया गया। किसी भी पेट्रोल पंप पर कोई अनियमितता नहीं पाई गई।

मुख्य सचिव ने फर्जी बिल लगाने वाले अस्पतालों पर शिकंजा कसने के दिये निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण, उत्तराखण्ड की द्वितीय शासकीय सभा की बैठक आयोजित हुयी। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि आयुष्मान भारत, अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के अंतर्गत 100 प्रतिशत सैचुरेशन किया जाए। राशन कार्ड न होने के कारण जिनके आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे हैं, उनके लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड आदि सरकारी पहचान पत्रों को अनुमन्य किया जाए। उन्होंने इसके लिए जनता की शिकायतों के निवारण के लिए प्रभावी प्रणाली तैयार करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने फर्जी बिल लगाने वाले अस्पतालों पर लगातार जुर्माना लगाने और अस्पतालों की सूचीबद्धता समाप्त किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन अस्पतालों की सूचीबद्धता समाप्त की जा रही है, उन अस्पतालों की सूची समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचारित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को ओपीडी को पूर्ण कम्प्यूटरीकृत किए जाने के भी निर्देश दिए। साथ ही, कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में अस्पतालों को बढ़ावा देने हेतु पॉलिसी तैयार की जाए।
इस अवसर पर अध्यक्ष राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण डी. के. कोटिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल और महाराज ने विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

वित्त, संसदीय कार्य, शहरी विकास व आवास, पुनर्गठन और जनगणना मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल से आज पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात में मंत्री डॉ अग्रवाल में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को उत्तराखंड को बेस्ट टूरिज्म डेस्टिनेशन अवार्ड और पर्यटन के सर्वांगीण विकास के लिए प्रथम पुरस्कार मिलने पर बधाई दी। डॉ अग्रवाल ने कहा कि इससे यहां के नैसर्गिक स्थलों एवं पर्यटन क्षेत्रों को देश और विश्व में पहचान मिलेगी। यह सम्मान उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है।
वहीं, स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में उत्तराखंड को 100 से कम निकाय वाले राज्यों में टॉप-3 आने सहित गंगा के निकट सबसे स्वच्छ शहरों में हरिद्वार को प्रथम स्थान मिलने तथा छह पुरस्कार मिलने पर पर्यटन मंत्री महाराज ने मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल को बधाई दी। मंत्री महाराज ने कहा कि उत्तराखंड के कई निकायों की स्वच्छता की रैंकिंग सुधरी है। इसका लाभ राज्य को मिलेगा।
इस मौके पर मंत्री महाराज ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में भी कूड़ा निस्तारण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। महाराज ने मंत्री डॉ अग्रवाल को बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में अवैध रूप से संचालित रिजॉर्ट की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही इन रिजॉर्ट में अनैतिक कार्य न हो, इस पर भी फोकस किया जा रहा है। इसके अलावा दोनों के बीच अन्य कई विषयों पर भी वार्ता हुई।

अमित शाह की बैठक में नैनीताल से ही वर्चुअली जुड़े सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार अमित शाह की अध्यक्षता में प्राकृतिक कृषि एवं डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन से सम्बंधित कार्यक्रम पर आयोजित बैठक में नैनीताल क्लब से वर्चुअल प्रतिभाग किया। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं कृषि मंत्रियों द्वारा वर्चुअल प्रतिभाग किया गया।
नैनीताल से वर्चुअल कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्राकृतिक कृषि से जुड़ी संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज जैविक मंथन किया जा रहा है। इस मंथन से एक ऐसा अमृत प्राप्त होगा जो जैविक कृषि के क्षेत्र में संभावनाओं के नए द्वार खोलने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक दृष्टि से परम्परागत कृषि के लिए एक उपयुक्त राज्य है। उत्तराखण्ड जैव विविधताओं वाला प्रदेश है। जैव विविधता के कारण उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटी और सुगन्धित पौध आदि के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं जिस पर राज्य सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है व अधिक कार्य करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसान पर्वतीय अंचल में प्रचलित परम्परागत कृषि में आधुनिक तकनीकी ज्ञान का समावेश कर भूमि की उत्पादकता और फसलों के उत्पादन में वृद्धि ला रहे हैं। किसानों के इन प्रयासों को सरकार के स्तर से थोड़ा और बल दिए जाने पर किसानों की आय और उनके जीवन स्तर में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया जा सकता है। राज्य सरकार की कोशिश है कि जैविक कृषि करने वाले किसानों के लिए व्यापारिक संभावनाओं को बढ़ाया जाए ताकि अधिक से अधिक किसान जैविक कृषि को अपनाकर अपनी आर्थिकी सशक्त करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि प्रदेश की कुल कृषि योग्य भूमि में से 2.17 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल को जैविक कृषि के अंतर्गत आच्छादित किया गया है और यह क्षेत्रफल कुल कृषि भूमि का 34 प्रतिशत है। “आत्म निर्भर प्राकृतिक किसान योजना“ के तहत राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 10 करोड़ की प्राविधान किया गया है। इसके अतिरिक्त 5 करोड़ रुपए से प्राकृतिक कृषि नमामि गंगा कॉरिडोर शुरू कर रहा है। इस योजना से गंगा तट पर 5 किमी की परिधि में प्राकृतिक कृषि के लिए प्रोत्साहन दिया जायेगा। हमने प्राकृतिक कृषि उत्पाद की मार्केटिंग के लिए 2 डेडिकेटेड एफ.पी.ओ का गठन कर रहा है। यह सहकारिता विभाग द्वारा किया जायेगा। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती के सभी पहलुओं को बढ़ावा देने के लिए “आत्म निर्भर प्राकृतिक किसान बोर्ड“ का गठन किया जा रहा है। बेहतर उत्पादन के लिए “गोवर्धन“ की योजना को “प्राकृतिक कृषि योजना“के साथ एकीकृत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दोनों कृषि विश्वविद्यालयों में प्राकृतिक कृषि पाठ्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक कृषि बढ़ावा देने के लिए राज्य के सभी जनपदों में किसानों को प्राकृतिक कृषि विषयक प्रशिक्षण कराया गया है। इसके अतिरिक्त किसानों के लिए विशेष कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्हें जैविक कृषि को लेकर बनी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में प्राकृतिक कृषि उत्पादों की मांग बढ़ रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि इसका अधिक से अधिक लाभ राज्य के किसानों को मिले।
इस अवसर पर विधायक सरिता आर्य, राम सिंह कैडा, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी डॉ संदीप तिवारी, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, शिवचरण द्विवेदी के अलावा मंडल अध्यक्ष, सभासद, अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

रेगुलर पुलिस को दिये जायेंगे राजस्व क्षेत्र, सीएस ने अधिकारियों से की चर्चा

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में प्रदेश के राजस्व क्षेत्रों को रेगुलर पुलिस को दिए जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि रेगुलर पुलिस में शामिल किए जाने हेतु जिन क्षेत्रों को तत्काल शामिल किए जाने की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएं। जिन क्षेत्रों में रेगुलर पुलिस के थाना, रिपोर्टिंग चौकी या एरिया एक्सपेंशन की आवश्यकता है, शीघ्र अतिशीघ्र प्रस्ताव भेज दिए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक टूरिज्म स्टेट होने के कारण हॉस्पिटैलिटी का क्षेत्र में महिलाओं के कार्य की अत्यधिक संभावना को देखते हुए हम सभी को प्रोएक्टिव होकर कार्य करना होगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पिछले कुछ समय में पर्यटन अथवा व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ी हैं, उन्हें प्राथमिकता से रेगुलर पुलिस में शामिल किया जाए। उन्होंने डीजीपी अशोक कुमार को भी जघन्य अपराधों की कैटेगरी निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए कि राजस्व क्षेत्रों में जघन्य अपराध के मामलों को तत्काल रेगुलर पुलिस को सौंपते हुए एफआईआर दर्ज की जाए।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि प्रदेश के किसी भी कोने में काम करने वाली महिलाओं के लिए रजिस्ट्रेशन या अन्य कोई ऐसा सिस्टम विकसित किया जाना चाहिए जिसमें वह अपनी जानकारी दर्ज कर सके कि वह यहां कार्य कर रही है, ताकि यदि कोई अप्रिय घटना होने पर तत्काल जानकारी उपलब्ध हो सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस को इसमें प्रोएक्टिव होकर काम करना होगा। उन्होंने डीजीपी को एक मोबाइल ऐप शुरू करने के निर्देश दिए जिसमें काम करने वाली महिला अपनी जानकारी दर्ज कर सके, साथ ही कॉल सेंटर जैसा सिस्टम भी तैयार किया जाए जो इन महिलाओं से कुछ-कुछ समयांतराल के बाद उनका हालचाल भी पूछा जाए। इसके प्रचार प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। महिलाओं और उनके परिजनों को भी इसके लिए जागरूक किया जाए।
इस अवसर पर डीजीपी कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन एवं सचिव चंद्रेश यादव सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।