ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने सीएम से मुलाकात कर उच्च शिक्षा में सहयोग की पेशकश की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं ऑस्ट्रेलिया के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड हिमालयी राज्य है। यह जैव विविधता सम्पन्न प्रदेश है। एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइंस एवं टेक्नोलॉजी, फार्मा, ग्रीन एवं रिन्यूअल एनर्जी के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने ऑस्ट्रेलियन उच्चायुक्त से राज्य में कमांड एण्ड ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य का औद्योगिक विकास तेजी से हो, इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री एवं ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल के मध्य इस अवसर पर क्वांटम तकनीक, शिक्षा के उन्नयन, कौशल विकास एवं आधुनिक तकनीक से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए भारत से अनेक लोग ऑस्ट्रेलिया आते हैं, पिछले कुछ सालों में यह संख्या तेजी से बढ़ी है। उन्होंने उत्तराखण्ड के साथ ऑस्ट्रेलिया के सहयोग को बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। आपसी सहयोग की विभिन्न संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, ऑस्ट्रेलिया उच्चायुक्त की सेकंड सेक्रेटरी मिश खान उपस्थित रहे।

प्रदेश में अधिक से अधिक हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स बनाए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय में प्रदेश में बनाए जा रहे हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सभी हेलीपोर्ट्स और हेलीपेड्स की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में चार धाम और पर्यटन के साथ ही यहां की खूबसूरती और शांति के कारण टूरिज्म की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्यटकों के पास पैसा तो है पर समय का अभाव है जिसके चलते ऐसे पर्यटक यहां आने से बचते हैं। मुख्य सचिव ने ऐसे पर्यटकों को भी ध्यान में रखते हुए प्रदेश में अधिक से अधिक हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जॉय राइड्स की भी असीम संभावनाएं हैं, इसके साथ ही हिमालय दर्शन जैसी योजनाओं को अधिक से अधिक स्थानों से संचालित किया जाए। इसके लिए हेली के साथ ही फिक्स विंग सेवाओं पर भी फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि यहां की खूबसूरती के देखने के बाद इन्हीं में से बहुत से लोग यहां इन्वेस्ट करने को आगे आएंगे।
मुख्य सचिव ने कुछ हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स के लिए कई बार बिड्स फेल होने पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि टेंडर करते समय ग्राउंड रियलिटी के अनुसार रेट तय किए जाएं। मुख्य सचिव ने कहा कि हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स का मास्टर प्लान बनाते समय भविष्य की संभावनाओं और आवश्यकताओं को देखते हुए प्लानिंग की जाए। इन हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स का ट्रैफिक प्लान अगले 20, 25, 50 साल के ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए बनाया जाए।
मुख्य सचिव ने हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स के लिए भूमि चयनित करते समय इस बात का ध्यान रखें कि हमारे उद्देश्य की पूर्ति हो। रीजनेबल रेट पर मिलने पर प्राइवेट लैंड भी खरीदा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी जगह ढूंढने के चक्कर में कई बार हम ऐसी जगह अस्पताल, स्कूल, आईटीआई आदि खोल लेते हैं जहां कोई नहीं जाता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि रामनगर में हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने डीएम नैनीताल को रामनगर में हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स की स्थापना को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने कहा कि मसूरी, नैनीताल और हरिद्वार जैसे पर्यटक स्थलों में 2 या 2 से अधिक हेलीपोर्ट्स या हेलीपैड्स बनाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि नए प्रस्तावित हेलीपोर्ट्स या हेलीपैड्स में फीजिबिलिटी शीघ्र करवा ली जाए। फॉरेस्ट क्लीयरेंस और लैंड एक्विजिशन के कार्यों में भी तेजी लाते हुए शीघ्र अतिशीघ्र इनका निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस समय कुल 83 हेलीपैड्स हैं, जिसमें 51 सरकारी और 32 प्राइवेट हैं। साथ ही अंडर कंस्ट्रक्शन हेलीपैड्स की संख्या 22 है। पर्यटन विभाग ने 33 नए हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स प्रस्तावित किए हैं। जनपदों द्वारा 10 नए प्रस्ताव भेजे गए हैं।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, सीईओ सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी सी. रविशंकर सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

हरितालिका तीज कार्यक्रम में मंत्री अग्रवाल ने किया प्रतिभाग

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने गोर्खाली समाज की ओर से आयोजित हरितालिका तीज कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने सभी गोर्खाली समाज की व्रती महिलाओं को शुभकामनाएं दी। इस मौके पर साहब नगर स्थित हिमालय माता मंदिर में हॉल के निर्माण के लिए विधायक निधि से पांच लाख रुपए देने की घोषणा भी की।
रविवार को साहब नगर में आयोजित गोर्खाली महिला हरितालिका तीज महोत्सव कार्यक्रम में डा. अग्रवाल बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया। डा. अग्रवाल ने कहा कि हरितालिका तीज का विशेष महत्व है। गोर्खाली समाज की महिलाओं को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है। कहा कि इस व्रत से महिलाओं को सुहागिनी होने का गौरव प्राप्त होता है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि हरितालिका तीज भगवान शिव और पार्वती जी को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि मां पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए 107 बार तप व व्रत लिया था, 108वीं बार तप और व्रत में उन्हें भगवान शिव पति के रूप में प्राप्त हुए थे।
डा. अग्रवाल ने कहा कि गोर्खाली समाज की महिलाओं सहित अन्य समुदाय के लोगों में भी अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए इस व्रत को लिया जाता हैं। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं को हरितालिका तीज की बधाई दी।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, गोर्खाली सभा अध्यक्ष किशन थापा, तीज कमेटी अध्यक्ष संगीता गुरुंग, दिल बहादुर खत्री, विष्णु थापा, प्रधान सोबन कैंतुरा, सरदार बलविंदर सिंह, दीपक थापा, अम्बर गुरुंग, अमर खत्री, समा पंवार, विमला नैथानी, लक्ष्मी गुरुंग, अनिता प्रधान, माया घले, हरीश कक्कड़, पूजा घले, संजना भंडारी, हिमालय देवी मंदिर समिति आदि गोर्खाली सुधार सभा छिद्दरवाला की महिलाएं उपस्थित रही।

वरिष्ठ नागरिकों का समाज में अतुलनीय योगदान-अग्रवाल

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के 25वें स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। डा. अग्रवाल ने इस मौके पर संगठन के पदाधिकारियों को रजत जयंती की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में सरस्वती विद्या मंदिर के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गयी। मंत्री डॉ अग्रवाल ने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को सम्मानित भी किया।
रविवार को देहरादून रोड स्थित एक वेडिंग प्वांइट में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल का संगठन के पदाधिकारियों ने ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। इसके बाद कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डा. अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
डा. अग्रवाल ने सभी वरिष्ठ नागरिकों को नमन करते हुए कहा प्रत्येक घर में बुजुर्गों का होना आवश्यक है। कहा कि जिस प्रकार घर में बुजुर्गों की सलाह और उनके अनुभव से कार्य सार्थक होते है, उसी प्रकार वरिष्ठ नागरिकों का समाज में अतुलनीय योगदान है। डा. अग्रवाल ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारी धरोहर है, उनके विचार हमारे लिए आशीर्वचन का काम करते हैं।
डा. अग्रवाल ने संगठन द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को वरिष्ठजनों तक पहुंचाया जा रहा है, उनकी समस्याओं को उचित स्तर तक पहुंचाने में संगठन का कार्य सराहनीय है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि संगठन मेधावी बच्चों को प्रोत्साहित करने के साथ निर्धन व जरूरतमंद कन्याओं के विवाह में भी सहयोग करता है। उन्होंने संगठन की ओर से कोविड काल के दौरान किए गए कार्यों को भी सराहा।
इस अवसर पर मेयर अनिता ममगाई, जयराम आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्म स्वरूप ब्रम्हचारी, पूर्व दर्जाधारी संदीप गुप्ता, संजय शास्त्री, संरक्षक कमला प्रसाद भट्ट, हरीश ढींगरा, डी डी तिवारी, पूर्व प्रधानाचार्या आईडी जोशी, डीबीपीएस रावत, पूर्व सभासद हरिशानंद, संगठन के अध्यक्ष ब्रह्म कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष अशोक कुमार रस्तोगी, कोषाध्यक्ष पीडी अग्रवाल, महामंत्री नरेश चंद्र भारद्वाज, कार्यक्रम संयोजक प्रमोद कुमार जैन, गुरविंदर सलूजा, कमल राणा, डी के मुदगल, हेम कुमार पांडेय, एम सी त्रिवेदी, अरविंद जैन आदि उपस्थित रहे।

आत्मनिर्भर भारत से ही बनेगा श्रेष्ठ भारत

ऋषिकेश, हरिद्वार क्षेत्र में बैन लैब्स राजकोट गुजरात के सहयोग से ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के विशाल भट्ट के नेतृत्व में अति पिछड़े गरीब मजदूरों व किराए के रिक्शा चालकों को सक्षम व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज निशुल्क 50 साइकिल रिक्शा बांटे गए।
बैन लैब्स के प्रबंध निदेशक मौलेश उकानी ने बताया कि पिछले साल कोरोना महामारी देश में फैली और सरकार को लॉकडाउन लागू करना पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूरों व किराए के रिक्शा चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। ऐसे में उनके द्वारा 100 रिक्शे बांटने का निर्णय लिया गया।
मौलेश उकानी ने बताया कि उनका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रिक्शे के जरिए रोजी-रोटी का जरिया देना है। कार्यक्रम में पंडित हरिओम शर्मा ज्ञानी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर आपके पास पैसा है, तो उसे किसी फालतू चीज में बर्बाद ना करें, बल्कि उससे किसी जरूरतमंद की मदद उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में करें।
विशाल भट्ट ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत से ही श्रेष्ठ भारत की कल्पना की जा सकती है। आजादी के बाद से ही देश विभिन क्षेत्रों में तेजी से विकास कर रहा है व आज की आवश्यकता एक दूसरे को साथ आगे ले जाने की है। ये रिक्शा चालक अभी तक किसी और मालिक के रिक्शे दैनिक किराए पर लेकर चलाते थे पर अब ये सभी स्वयं का रोजगार कर पाएंगे। संस्था आगे भी ऐसे लोकहित व जनहित कार्य जारी रखेगी।
ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट से सैमुएल हर्बर्ट, विशाल भट्ट व मनीष पाल आदि ने सहयोग किया व सभी लोगों से इस नेक शुरुआत में सहभागी होने की अपील की।

सीएम ने अपना संकल्प दोहराया, कहा-भर्ती घोटालों में किसी को भी नही बख्शा जायेगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में आ रही गड़बड़ी की शिकायतों पर मीडिया से अनोपचारिक वार्ता करते हुए कहा कि यह बहुत ही गंभीर विषय है तथा हमारे प्रदेश के सभी नौजवानों के रोजगार से जुड़ा मामला है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में जहां भी गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त हो रही है वहां हमने सख्त जांच के आदेश दे दिये हैं। कुछ मामले एसटीएफ को दिये गये हैं एवं कुछ पर विजिलेंस को नियुक्त किया गया है। सभी मामलों पर कार्यवाही चल रही है जिसका परिणाम आप सभी के सामने आ भी रहा है कि अभी तक कुल 27 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती घोटालों में किसी को भी नही बख्शा जायेगा, चाहे किसी के हाथ कितने भी लम्बे क्यों न हो कानून द्वारा अपना काम किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हम आगे के लिये भी एक नजीर बनाना चाहते हैं जिससे इस घटना की पुनरावृति न हो क्योंकि हमें अपने बेटे-बेटियों के आज और कल की चिंता है, उनके वर्तमान एवं भविष्य का सवाल है। हमें प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं का ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि आगे भविष्य में कोई इस तरह का कृत्य करने की सोच भी न सके। लगातार जांचे चल रही है जिसके परिणाम धीरे-धीरे आप सभी के समक्ष आते जा रहे हैं।
विधानसभा में नियुक्तियों में गड़बड़ी की आ रही शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा एक संवैधानिक संस्था है, और हम विधानसभा अध्यक्षा से अनुरोध करेंगे कि विधानसभा में जितनी भी भर्तिया हुई है जिनमें शिकायत आ रही है, वो नियुक्ति चाहे किसी भी कालखण्ड की हो उनमें निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्षा द्वारा जांच के विषय में राज्य सरकार से जो भी सहयोग मांगा जायेगा वह दिया जायेगा।

पहाड़ी फल बेडू के उत्पादन को बढ़ाने पर पीएम ने दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात को सुना। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहाड़ी अंजीर कहे जाने वाले बेडू का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने पिथौरागढ़ प्रशासन के द्वारा बेडू के उत्पादन को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन व खनिज एवं वनस्पतियों के संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तव में बेडू स्वास्थ्य के लिए संजीवनी है, जिसके माध्यम से स्थानीय लोगों द्वारा अनेक रोगों का शमन किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष चौहान से फोन पर बात कर इस सराहनीय पहल के लिए जिला प्रशासन एवं जनपद वासियों को बधाई दी। जिला प्रशासन के सहयोग से पिथौरागढ़ में बेडू से जूस, जैम, चटनी, आचार एवं अन्य सामग्री बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात में प्रधानमंत्री ने जल के संरक्षण एवं संवर्धन, कुपोषण मुक्त भारत के लिए कुपोषण मुक्ति के प्रयासों एवं इसके लिए जागरूकता, मोटे अनाजों के उत्पादन के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने की बात कही। इस दिशा में राज्य सरकार सुनियोजित तरीके से कार्य करेगी।

शहरी विकास मंत्री से की कूड़ा निस्तारण की मांग

ऋषिकेश के ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा निस्तारण को लेकर राजनीति तेज हो गई है। कुछ पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन पर कूड़ा निस्तारण के बजट को अन्यत्र खर्च करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिससे कूड़ा निस्तारण प्लांट बंद पड़ा है। उन्होंने शहरी विकास मंत्री से कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए बजट देने की मांग की।

वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम और विकास तेवतिया ने कहा कि पूर्व में नगर निगम ने कूड़े की सफाई के लिए गोविंद नगर में प्लांट लगाया था। यहां कार्यरत संस्था के ठेकेदार द्वारा बहुत ही धीमी गति से कूड़ा निस्तारण का कार्य किया जा रहा है। पार्षदों ने उक्त प्रकरण की जांच करवा कर पुनः टेंडर प्रक्रिया कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि उक्त प्रकरण में कुछ कांग्रेसी पार्षद सरकार को बदनाम कर रहे हैं। साथ ही सरकार द्वारा उक्त कूड़ा निस्तारण के लिए धन का आवंटन नहीं किए जाने का आरोप भी लगा रहे हैं। पूर्व में उक्त कार्यों का खर्चा नगर निगम वहन कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन ने कूड़ा निस्तारण के बजट को अन्य मदों पर खर्च कर दिया, जो की बोर्ड बैठक में पास प्रस्ताव का उल्लंघन है। पार्षदों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की।

कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि कूड़ा निस्तारण के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने पार्षदों द्वारा की गई मांग पर भी सकारात्मक रुख अपनाया। इस मौके पर पार्षद विकास तेवतिया, तनु तेवतिया, जयेश राणा, सुंदरी कंडवाल, वीरेंद्र रमोला, लक्ष्मी रावत, रीना शर्मा, सोनू प्रभाकर, विजेंद्र मोंगा, राजू दिवाकर, संजीव पाल, राजू नरसिम्हा, पूर्व सभासद अशोक पासवान, सुमित पवार, हरीश तिवाड़ी, सुभाष वाल्मीकि, किशन मंडल उपस्थित रहे।

एम्स ऋषिकेश की कार्यप्रणाली से अवगत हुए मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम्स, ऋषिकेश में आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री को ऋषिकेश एम्स द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्य, जन सेवा कार्यों, एम्स में मौजूद डॉक्टर, फैकल्टी, छात्रों एवं एडमिट मरीजों की संख्या, विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में अवगत करवाया गया।

एम्स कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि ऐम्स ऋषिकेश में आधुनिक तकनीकी के माध्यम से मरीजों का इलाज किया जा रहा है, उन्होंने कहा एम्स ऋषिकेश में हेली सर्विस के माध्यम से दूरदराज पहाड़ों से गंभीर मरीजों को इलाज हेतु लाया जाता है उत्तराखंड राज्य के साथ ही अन्य राज्य से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज हेतु एम्स ऋषिकेश आते हैं। प्रो. मीनू सिंह ने कहा की आने वाले समय में एम्स ऋषिकेश ड्रोन के माध्यम से दूरदराज पहाड़ी इलाकों में आवश्यक दवाइयों को पहुंचाने का कार्य भी करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम्स ऋषिकेश को आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय बनाने की बात कही, उन्होंने कहा आपदाओं के दौरान एम्स ऋषिकेश अपनी अहम भूमिका निभाता आया है, आपदा पीड़ित लोगों को जल्दी इलाज मिल सके इसके लिए राज्य सरकार एवं एम्स ऋषिकेश में आपसी समन्वय होना जरूरी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य के विभिन्न जगहों पर डॉक्टरों द्वारा कैंप लगाए जाएं, जिससे गांव में ही मरीजों के इलाज मिल सके । मुख्यमंत्री ने एम्स ऋषिकेश के विस्तार हेतु राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद किए जाने की बात कही।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मेडिकल सुपरिटेंडेंट संजीव मित्तल, प्रो. जया चतुर्वेदी, प्रो. मनोज गुप्ता एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

अब तीर्थनगरी में मोबाइल एप से मिलेगी सारी जानकारी, यात्रियों को मिलेगी सहूलियत

कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश सहित मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम को पर्यटकों के अनुरूप मूलभूत सुविधाएं देने के लिए एकीकृत अवस्थापना विकास परियोजना को भारत के आर्थिक कार्य मंत्रालय द्वारा 1600 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। बता दें कि परियोजना को पूर्व में नीति आयोग और आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार ने स्वीकृति प्रदान की थी।

एडिशनल प्रोग्राम डायरेक्टर उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलेपमेंट विनय मिश्रा के साथ मंत्री डॉ अग्रवाल जी ने ऋषिकेश नगर सहित मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम के एकीकृत अवस्थापना विकास परियोजना के संबंध में जानकारी हासिल की।

विनय मिश्रा ने बताया कि नगर निगम ऋषिकेश, नगर पालिका मुनिकीरेती और नगर पंचायत स्वर्गाश्रम के लिए बनी परियोजना को भारत के आर्थिक कार्य मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान की है। बताया कि परियोजना की कुल लागत लगभग 200 मीलियन यूरो (लगभग रूपये 1600 करोड़) है। परियोजना हेतु भारत सरकार व राज्य सरकार का वित्तीय अनुपात 80रू20 प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इसमें भारत सरकार द्वारा यूरोपीय वित्तपोषण संस्था ज्ञथ्ॅ को 160 मीलियन यूरो की सहायता हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया है।

विनय मिश्रा ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत ऋषिकेश नगर निगम, मुनिकीरेती नगरपालिका तथा स्वर्गाश्रम नगर पंचायत क्षेत्र में एक सिटी ऐप कार्य करेगा। जो एक तरह से यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए मददगार साबित होगा। इस ऐप के जरिए यात्री अपनी लोकेशन के आसपास ही पार्किंग, टॉयलेट, मेडिकल, अस्पताल, प्याऊ, पुलिस चौकी, सरकारी दफ्तर, व्यापारिक संस्थान, गंगा घाट, मंदिर सहित अन्य तीर्थ स्थल आदि की जानकारी ले सकेंगे। साथ ही यात्री पार्किंग पर अपना वाहन पार्क कर इलेक्ट्रिक व्हीकल के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत 24ग्7 पेयजल आपूर्ति प्रणाली, पेयजल मीटर वर्षाजल प्रबन्धन व बाद सुरक्षा, सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाएं, स्मार्ट शहरी स्थल परिधान व सामान कक्ष, प्रतीक्षालय, घाट और व्यापारिक स्थल का विकास, सड़के और यातायात प्रबंधन भूमिगत उपयोगिता नालिका नागरिक सुरक्षा और सुविधाओं हेतु विकसित एकीकृत नियंत्रण व आदेश केन्द्र, स्मार्ट स्तम्भ व ऊर्जा बचत हेतु उपकरणों की स्थापना, परिवहन केंद्र, बस टर्मिनल और पार्किंग इत्यादि के कार्य किए जाने हैं।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री व ऋषिकेश विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने इस परियोजना के लिए भारत के आर्थिक कार्य मंत्रालय से स्वीकृति मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। डॉ अग्रवाल ने कहा कि उनकी ओर से वैश्विक व राष्ट्रीय मंच पर लगातार तीर्थ नगरी को पर्यटकों के अनुरूप मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने हेतु लगातार प्रयास किया। डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड का चहुमुखी विकास हो रहा है कहा कि प्रधानमंत्री का तीर्थ नगरी से जुड़ाव होने के चलते इस परियोजना को स्वीकृति मिल सकी है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश में अनेक विकास कार्य हुए हैं। इस परियोजना के जरिए पार्किंग और रोपवे का रास्ता भी खुलेगा। ऋषिकेश नगर में स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों को बेहतर मूलभूत सुविधाए उपलब्ध होंगी। साथ ही ट्रैफिक जाम से होने वाली परेशानी को कम करने के उद्देश्य से ऊंचे पथों का निर्माण किया जायेगा। स्थानीय नागरिकों व पर्यटकों को बेहतर पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाएं प्राप्त होंगी। जीविकोपार्जन गतिविधियों में वृद्धि होगी।