अतिवृष्टि में 13 लोग लापता, तलाश जारी, भारी नुकसान का आंकलन

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश मुसीबत बनती जा रही है। बरसात के बाद उत्तराखंड में आपदा जैसे हालात हैं। बरसात के बाद मलबे में दबकर टिहरी जिले में तीन और पौड़ी जिले में भी एक व्यक्ति की मौत हुई। देहरादून में अतिवृष्टि के बाद पांच सहित प्रदेशभर में 13 लोग लापता हो गए हैं। मलबे में करीब एक दर्जन मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। कई जिलों में नालों के उफान पर आने के बाद सड़कें भी बह गईं हैं।
भारी बरसात के बाद गंगा, काली, सरयू आदि नदियां उफान पर हैं। भूस्खलन से केदारनाथ हाईवे सहित प्रदेशभर में कई सड़कें बंद हो गईं हैं। नदियों के उफान पर आने से प्रशासन ने तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया है। बरसात के बाद भूस्खलन से कई मकान भी मलबे में दब गए हैं।
अतिवृष्टि से देहरादून, पौड़ी, टिहरी, चमोली, पिथौरागढ़ आदि जिलों में नुकसान हुआ है। प्रशासन द्वारा राहत व बचाव का कार्य किया जा रहा है। लेकिन, खराब मौसम प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हो रही भारी वर्षा के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के बारे में आपदा प्रबंधन विभाग से जानकारी ली। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।

देहरादून में देहरादून में अतिवृष्टि से सरखेत में भारी नुकसान
शनिवार तड़के देहरादून और आसपास के इलाकों में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। मालदेवता के सरखेत में बादल फटने जैसे हालात हैं। यहां तड़के कई घरों में मलबा और पानी भर गया। एक रिसोर्ट परिवार के महिलाओं बच्चों समेत कुछ लोग फंस गए। वहीं रायपुर-थानो रोड पर क्रिकेट स्टेडियम के पास सौंग नदी में बना पुल बह गया। इससे एक कार और तीन स्कूटी सवार नदी में जा गिरे। गनीमत रही कि उन्हें समय रहते रेस्क्यू कर लिया गया। घायल आठ लोगों को जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रेमनगर नदी में एक मजदूर को भी एसडीआरएफ की टीम ने बचाया। वहीं टपकेश्वर मंदिर क्षेत्र में भी तमसा नदी उफान पर है। यहां मंदिर परिसर में भी पानी घुस गया है। एसडीआरएफ़ के मुताबिक आपदा कंट्रोल रूम देहरादून द्वारा बताया गया कि एक व्यक्ति ने पौने तीन बजे बताया गया कि ग्राम सरखेत रायपुर में बादल फट गया है। कई लोग फंसे हैं। पोस्ट सहस्त्रधारा से निरीक्षक अनिरुद्ध भंडारी अपनी टीम के साथ रवाना हुए। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मार्ग मालदेवता पर बाधित मिला। वाहन के किसी सूरत में आगे न जाने की सूरत में टीम द्वारा बिना वक़्त गवाये तत्काल पैदल ही आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया।
घटनास्थल पर पहुंचकर पता चला कि बादल फटने के कारण नदी एवं कुवा खाला में ज्यादा पानी आने से ग्राम सरखेत में कुछ मकानों में पानी घुस आया। टीम द्वारा ग्राम सरखेत में फंसे सभी लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित कर दिया गया है। किसी भी प्रकार की जनहानि नही हुई है। चार-पांच किलोमीटर आगे कुछ लोग रिसॉर्ट में रुके हुए थे।
फोर्ट बेनियन रिसॉर्ट्स से करीब 20 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। उन्हें पंचायत भवन तक एसडीआरएफकी टीम ले आई है। रेस्क्यू अभियान अभी जारी है। उधर, भारी बारिश के कारण सुबह शिक्षा विभाग ने स्कूल बंद रखने का आदेश सोशल मीडिया में जारी किया। हालांकि कई स्कूल जहां खुले हैं, वहीं कुछ ने बंद किया। कई जगह स्कूल से बच्चों को लौटाया गया।

टिहरी में भारी बारिश के बाद नुकसान
तहसील धनोल्टी के कुमाल्डा मालदेवता क्षेत्र में भारी वर्षा व अतिवृष्टि से नुकसान की सूचना है। राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र भुत्शी और लॉर्खा में अतिवृष्टि के कारण लोगों का काफी नुकसान बताया जा रहा है। जनमानस की किसी भी प्रकार से हानि नहीं हुई है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। तौलिया काटल तहसील धनोल्टी क्षेत्रान्तर्गत कुमालड़ा, मालदेवता, भुत्सी, ल्वार्खा, सीतापुर में अतिवृष्टि से क्षति की सूचनाएं प्राप्त हो रही है।
क्षेत्र के लिए डीएम, एसडीएम व एडीएम रवाना हुये हैं, साथ ही जल संस्थान व विद्युत विभाग की टीम कुमालड़ा के लिए रवाना हुई है। सिंचाई विभाग की टीम भी रवाना। सोंग नदी के उफान से इंटर कॉलेज रगड़ गांव व मार्केट में नुकसान की सूचना। 12 गांवो को जोड़ने वाले पुल को भी नुकसान। 3 परिवारों को सिप्ट किया गया है। नरेंद्रनगर से रानीपोखरी जाने वाला स्टेट हाईवे 77 किमी 1, 5, 6 व 7 के पास बंद हो गया है।
थाना नरेंद्रनगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीटीसी नरेंद्रनगर, हिंडोलाखाल और तचिला चाचा-भतीजा होटल के पास एनएच 94 बंद होने के कारण ट्रैफिक आगरखाल में रोका गया है। सकलाना पट्टी के ग्राम पंचायत कुमालडा, भरवा काटल और ग्राम पंचायत धौलागिरी के सीतापुर में भारी बारिश से नुकसान बताया जा रहा है। यहां पर भगवान सिंह पंवार की सरकारी गल्ला विक्रेता की दुकान, दुकान में भरा हुआ राशन और एक मोटरसाइकिल बहने की सूचना है।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों को दिये निर्देश

खैरी खुर्द के ठाकुर पुर गांव और गौरी माफी में आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र का कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दौरा किया। साथ ही विधानसभा क्षेत्र के अन्य इलाकों के बारे में जानकारी हासिल की। इस मौके पर एसडीएम ऋषिकेश को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में निवासरत लोगों की जानकारी लेकर हुए नुकसान का मुआवजा देने के निर्देश दिए।
शनिवार को मंत्री डॉ अग्रवाल ने सर्वप्रथम खैरी खुर्द के ठाकुरपुर क्षेत्र का दौरा किया। यहां ठाकुरपुर में रेलवे अंडर पास के नीचे आए जल प्रवाह का मंत्री डॉ अग्रवाल ने स्थलीय निरीक्षण किया। डॉ अग्रवाल ने एसडीएम ऋषिकेश शैलेंद्र सिंह नेगी को विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ ग्रस्त लोगों की जानकारी लेकर उचित मुआवजा देने के निर्देश दिए।
डॉ अग्रवाल ने अंडर पास के आस पास आए जल प्रभाव को रोकने के लिए शुरुआती तौर पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पानी की धारा बदलने के लिए तारजाल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही यहां आए मलबे को हटाने और गड्ढा भरने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देशित किया।
इसके अतिरिक्त डॉ अग्रवाल ने गौहरीमाफी में आई बाढ़ का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए नुकसान का जायजा लेने को कहा। डॉ अग्रवाल ने मौके से ही सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता मुकेश मोहन को दूरभाष पर गौहरीमाफी में 8 करोड़ तथा खदरी में लगभग तीन करोड़ की बनी योजनाओं को तुरंत स्वीकृत करने के लिए निर्देशित किया, जिससे भविष्य में समस्या का निदान हो सके।
डॉ अग्रवाल ने स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि जागरूक रहें और ऐसे स्थल पर जाने से बचे जहां पानी की जलधारा अधिक हो। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को भी मौके पर मुस्तैद रहने को कहा।
इस मौके पर एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी सिंचाई विभाग के एसडीओ अनुभव नौटियाल, ग्राम प्रधान खैरी खुर्द विजयराम पेटवाल, प्रधान रोहित नौटियाल, प्रधान सागर गिरी सहित लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

नवम्बर में आयोजित हो रही राष्ट्रीय स्तर की मास्टर्स खेल प्रतियोगिता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में मास्टर्स स्पोर्टस फाउण्डेशन के खेल पोस्टर का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के फिट इंडिया एवं खेलों इंडिया के विचार को धरातल पर उतारने के लिये 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को इससे जोड़ने के प्रयास होने चाहिए। इससे शारारिक स्वस्थता के प्रति समाज में जागरूकता का भी प्रसार होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिये निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इस दिशा में क्रिकेटर ऋषभ पन्त को ब्रांड अम्बेसडर बनाया गया है। ऐसे प्रयास खेलों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ ही मास्टर्स स्पोर्टस की गतिविधियों को बढ़ावा देकर खेलों को रोजगार और पर्यटन से भी जोड़ने में मददगार होंगे। उन्होंने मास्टर्स स्पोटर्स फाउण्डेशन सोसाइटी के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य संस्थानों से भी इस दिशा में सहभागी बनने की अपेक्षा की।
मास्टर्स स्पोटर्स सोसाइटी के अध्यक्ष विपिन बलूनी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सोसाइटी विगत दो वर्ष से लगातार मास्टर्स लेवल पर फुटबाल, बैडमिंटन, निशानेबाजी, बालीबॉल, बास्केटबॉल, एथेलेटिक्स समेत 10 विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दे रही है। इसके तहत जिला और राज्यस्तरीय प्रतियोगिताएं भी समय-समय पर आयोजित की जाती रही हैं। हमारी सोसाइटी द्वारा राज्यस्तरीय एथेलेटिक्स, फुटबॉल, निशानेबाजी बालीबाल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन का प्रदेशस्तरीय आयोजन कराया गया था जिसमें लगभग दो हजार खिलाडियों ने भाग लिया। इसी क्रम में फिट इंडिया मूवमेंट और खेलों को प्रोत्साहन देने की नीति के तहत सोसाइटी देहराइन में आगामी 11 से 13 नवम्बर तक राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की टीमें भाग लेगी। जिसमें देशभर से 5 हजार खिलाड़ियों की भाग लेने की संभावना हैं।

आपदा प्रभावितों को खाद्यान्न, पेयजल और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के रायपुर व थानो क्षेत्र के विभिन्न आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण के बाद सचिवालय में आपदा प्रबन्धन कन्ट्रोल रूम में आपदा से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबन्धन के साथ ही आपदा से जुड़े अन्य उच्चाधिकारियों के साथ भी स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने पौड़ी, टिहरी एवं अल्मोड़ा आदि जनपदों के जिलाधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर अतिवृष्टि से जनपदों में हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लापता लोगों को ढूढ़ने, रास्तों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ ही प्रभावितों को खाद्यान्न पेयजल तथा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वाडिया इंस्ट्यिट एवं हेस्को द्वारा भी अपनी टीम के साथ किया आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम द्वारा प्रतिवर्ष आपदा से होने वाले नुकसान को रोकने के सम्बन्ध में भी अपने सुझाव मुख्यमंत्री को देगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि खाद्यान्न, दवाइयां, ईंधन आदि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई को एक बार फिर से चेक कर लिया जाए। संचार नेटवर्क में कोई समस्या न आए इसके लिये मोबाईल ऑपरेटर कम्पनियों से लगातार समन्वय रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने ऐसा सिस्टम बनाने को कहा कि राज्य मुख्यालय से प्रसारित सूचना सीमांत क्षेत्रों तक अविलंब पहुंच जाए। सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष आपदा की दृष्टि से अपने-अपने विभागों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करे। आपदा की स्थिति में प्रभावितों के रहने के लिये चिन्हित भवनों और स्थानों का फिर से सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो मार्ग अवरुद्ध हुए हैं, लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। जिन इन क्षेत्रों में पेयजल एवं विद्युत की आपूर्ति बाधित हुई है उन क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल की जल्द सुचारू व्यवस्थाएं की जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवागमन को सुचारू करने के लिए शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इसके लिये नदियों व बरसाती नालों के चौनलाइजेशन पर भी ध्यान दिया जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन एवं एसडीआरएफ की टीमें निरंतर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं कर रही हैं। राज्य सरकार सेना से भी संपर्क में हैं। अगर हेलीकॉप्टर की अवश्यकता पड़ी तो सेना से भी मदद ली जाएगी। स्टेट के हेलीकॉप्टर को भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में घायल हुए लोगों को मैक्स अस्पताल में भर्ती किया गया है। उन्होंने स्वयं मैक्स अस्पताल जाकर घायलों का हाल चाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उन्होंने बताया कि इस आपदा में अब तक चार लोगों की मृत्यु हुई है। 13 लोग घायल हुए हैं तथा 12 लोग लापता है। 5 गौशाला क्षतिग्रस्त हुई हैं तथा 78 पशु हानि हुई है।
बताया गया कि पर्याप्त संख्या में एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही हैं। भूस्खलन से रास्ते बंद होने पर तुरंत खोलने के लिए विभिन्न स्थानों पर जेसीबी आदि लगाई गयी हैं।
इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबन्धन रणजीत सिन्हा, अपर सचिव रिद्धिम अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि से प्रभावित टपकेश्वर मन्दिर क्षेत्र का भी स्थलीय निरीक्षण किया तथा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने की कार्ययोजना पर ध्यान देने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने टपकेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की भी कामना की।

मौके पर पहुंचकर सीएम ने जानी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थानो, कुमाल्डा एवं उसके आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कमिश्नर गढ़वाल एवं जिलाधिकारी टिहरी को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। उनके लिए भोजन एवं अन्य आवश्यक सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की जाय।
मुख्यमंत्री ने जेसीबी से आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो मार्ग अवरुद्ध हुए हैं, लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। जिन इन क्षेत्रों में पेयजल एवं विद्युत की आपूर्ति बाधित हुई है उन क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल की जल्द सुचारू व्यवस्थाएं की जाय।
थानों मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवागमन को सुचारू करने के लिए शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन एवं एसडीआरएफ की टीमें निरंतर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं कर रही हैं। विधायकगण अपने क्षेत्रों में हर स्थिति पर निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विधायकगणों से फोन पर वार्ता कर हर स्थिति का जायजा ले रहें हैं। सेना से भी संपर्क में हैं। अगर हेलीकॉप्टर की अवश्यकता पड़ी तो सेना से भी मदद ली जाएगी। स्टेट के हेलीकॉप्टर को भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, प्रीतम सिंह पंवार, गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, डीआईजी गढ़वाल के.एस. नगन्याल, जिलाधिकारी टिहरी डॉ. सौरभ गहरवार, एसएसपी टिहरी नवनीत सिंह भुल्लर एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी गिरफ्तार

नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी सहित दो को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
रायवाला थाना पुलिस के मुताबिक 27 जून को एक व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया कि नयन नाम के युवक ने उनकी नाबालिग बेटी का घर से अपहरण कर लिया है। पिता ने पुलिस से बेटी के सकुशल वापसी की गुहार लगाई। पुलिस ने नामजद तहरीर के आधार पर युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। साथ ही नाबालिग की तलाश शुरू की। दो दिन बाद लड़की को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया। उसके बयानों के आधार पर दुष्कर्म और पॉक्सो की धारा बढ़ा दी गई। जबकि, मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए। थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया कि गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर काशाीपुर, जिला ऊधमसिंह नगर में दबिश देकर आरोपी नयन पुत्र संजय निवासी मौ. गंज घासमंडी चौकी कटोराताल और साथ देने वाले हन्नी कश्यप पुत्र सुखदेव कश्यप निवासी निवासी ग्राम मौ. बासफोडान, काशीपुर को गिरफ्तार कर लिया।

जौनसार बाबर के प्रथम कवि के काव्य संग्रह रमणी जौनसार का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आई.आर.डी.टी सभागार, सर्वे चौक, देहरादून में जौनसार बाबर के प्रथम कवि पं. शिवराम द्वारा रचित काव्य संग्रह ’रमणी जौनसार ’ एवं पं. शिवराम शर्मा के व्यक्तित्व व कृतित्व पर केन्द्रित ग्रंथ ’जौनसार बावर के जननायक पं. शिवराम’ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चकराता क्षेत्र में पंडित शिवराम शर्मा मूर्ति लगाये जाने के लिए प्रस्ताव आयेगा तो उस क्षेत्र में उनकी मूर्ति स्थापित की जायेगी। उनके द्वारा लिखी गई कविताओं का संग्रह कर संजोया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पं. शिवराम की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि पं. शिवराम की कविता संकलनों से नई पीढ़ी को व्यापक रूप से पुराने गौरवशाली इतिहास के बारे में पता चलेगा। पंडित शिवराम ने हिंदी को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। उन्होंने अपना जीवन समाजिक कार्यों के लिए समर्पित किया एवं कविताओं के माध्यम से समाज में अलख जगाने का कार्य किया। उनके संघर्ष एवं उनके द्वारा किए गए कार्यों को आने वाली पीढ़ियों को अपनी स्मृति में लाना जरूरी है। उन्होंने कहा उनकी रचनाओं के माध्यम से अन्य महापुरुषों से भी परिचय होता है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, केबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, मुन्ना सिंह चौहान, पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी, एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष मूरत राम शर्मा, अनिल गोयल, रामशरण नौटियाल, प्रताप सिंह रावत, पद्मश्री प्रेमचन्द शर्मा आदि उपस्थित रहे।

नीरजा देवभूमि चौरिटेबल ट्रस्ट ने शुरु किया निःशुल्क शिक्षण संस्थान

नीरजा देवभूमि चौरिटेबल ट्रस्ट ने निर्धन वर्ग के छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने के लिए निशुल्क शिक्षण संस्थान की शुरुआत की है। आज शिक्षण संस्थान के शुरुआत में किया गया सहयोग वीरेंद्र गुसाईं द्वारा किया गया। राजेंद्र सिंह गुसाईं ट्रस्ट मैं सहयोग अपने माता की याद मैं किया करते हैं। ट्रस्ट ने इस शिक्षण संस्थान को निर्धन वर्ग के बच्चों के लिए निशुल्क संचालन किया है। जिसमें बच्चों को प्राइमरी से पांचवी कक्षा तक ट्यूशन, क्रीडा और विभिन्न प्रकार की कला सिखाई जाएगी। जिससे बच्चों को आगे चलकर अपने फ्यूचर को लेकर ज्यादा कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। ट्रस्ट संस्थापक नीरजा गोयल ने कहा ट्रस्ट का सदैव यही प्रयास रहा है कि समाज के निर्धन वर्ग के लोगों और उनके बच्चों को कभी किसी परिस्थिति में किसी कठिनाई का सामना ना करना पड़े।
इस दौरान मुख्य अतिथि भरत मन्दिर के महंत वत्सल, हरिशानन्द, कार्यक्रम की अध्यक्षता डीबीपीएस रावत, पूर्व प्रधानाचार्य अजय शर्मा, डीपी रतूड़ी, रीणा शर्मा पार्षद, राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट पार्षद, भावना सिंधी अध्यक्ष सिंधी लेडीज क्लब, ट्रस्ट सहसंस्थापक नूपुर गोयल, सीमा खुराना, मनप्रीत, मनजीत, प्रिंस गुप्ता, कमल, सोनी ध्रुव, खुशी, दुर्गेश, आशु, उषा चौहान, पूनम, आचार्य सन्तोष व्यास, मनोज गुप्ता, सुनील थपलियाल, वरुण जैन, अध्यापिका शिखा पाल, मंजू द्वारा बच्चों को अध्ययन कराया जाएगा।

पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव कार्यक्रम मनाया

पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) ने बतौर मुख्य अतिथि एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर विशिष्ट अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा भगवान कृष्ण और राधा पर आधारित गीतों को प्रस्तुत किया गया जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। इस मौके पर छोटे बच्चों ने कृष्ण और राधा पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए।
इस दौरान राज्यपाल ने जन्माष्टमी पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हमारे लिए सदैव एक उत्साह, आनंद, प्रेरणा और उमंग लेकर आता है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र, व्यक्तित्व और उनके उपदेश हमें अलौकिक मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा की पुलिस प्रशासन का यह एकमात्र त्यौहार होता है जिसे काफी बेहतर तरीके से मनाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन 24 घंटे जनता की सेवा में तत्पर रहती है और आज उनके के लिए यह त्योहार महत्वपूर्ण होता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण का प्रत्येक अवतार मनुष्य को जीवन जीने कि नई सीख देता है। भगवान श्री कृष्ण की प्रेरणा मनुष्य को सफल एवं समृद्ध बनाती है। उन्होंने कहा जब-जब धर्म की हानि हुई भगवान श्री कृष्ण ने विभिन्न अवतारों में धर्म एवं संसार की रक्षा की है।
कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ’निशंक’, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक सविता कपूर, विधायक खजान दास, गीता धामी, डीजीपी अशोक कुमार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिये समेकित प्रयासों की जरूरत-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित बोधिसत्व विचार श्रृंखला-बिन पानी सब सून विचार संगोष्ठी को सम्बोधित किया। संगोष्ठी में प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल रूप से विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोधिसत्व विचार श्रृंखला के अंतर्गत बिन पानी सब सून के रूप में विचार श्रृंखला की यह 8वीं संगोष्ठी है। उन्होंने कहा कि पानी जीवन का आधार है। जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में समेकित प्रयासों की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र से जुडे विषय विशेषज्ञों एवं बुद्धिजीवियों के विचारों एवं सुझावों को राज्यहित में उपयोगी एवं व्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि जल के महत्व, संवर्धन एवं संरक्षण से सम्बन्धित संगोष्ठी के मंथन से निकलने वाला अमृत राज्य की लगभग 17 छोटी-बड़ी नदियों का जल स्तर बढ़ाने के प्रयासों को फलीभूत करने वाला होगा।
मुख्यमंत्री नेे कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर और अधिक विषय विशेषज्ञों के सुझावों का लाभ लेने के लिये राज्य स्तर पर एक फोरम का गठन किया जायेगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को जन जन का कार्यक्रम बनाने पर बल देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों की सफलता के लिये सरकार के साथ सभी को सहयोगी बनना होगा। ऐसे कार्यक्रमों का ज्ञान विज्ञान एवं अनुसंधान के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा तभी हम अपनी विरासत को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ने में भी सफल हो पायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन संवर्धन की दिशा में राज्य में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रति जनपद 75 अमृत सरोवर बनाये जा रहे हैं। इस प्रकार प्रदेश में कुल 1275 अमृत सरोवर तैयार किये जायेंगे।
संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञों द्वारा दिये गये सुझावों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बांज के जंगलों के विस्तार, बंजर जमीन को उपजाऊ बनाये जाने तथा चीड के प्रबंधन पर ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल का बेहतर प्रबंधन से ही हम जल को बचा पायेंगे तथा नदियों के जल स्तर को बढ़ाने में सफल हो पायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में उन्होंने हिमालयी राज्यों के लिये अलग नीति बनाये जाने की बात रखी है। राज्य की इकोनॉमी एवं इकोलॉजी का बेहतर समन्वय कर हम संसाधनों का बेहतर उपयोग कर पायेंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने व्यवहार में पानी बचाने की प्रवृत्ति को अपनाना होगा। प्रदेश में जल स्त्रोतों के चिन्हीकरण के साथ ही ग्राम इकाइयों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जायेगा।
इस अवसर पर पद्म कल्याण सिंह रावत ने गैर हिमानी नदियों को बचाने के लिये बांज व चौड़ी पत्ती के वृक्षों के रोपण पर ध्यान देने के साथ ही चीड़ का वैज्ञानिक प्रबंधन पर बल दिया। उनका सुझाव था कि होम स्टे योजना के तहत पहाड़ी शैली के भवनों के निर्माण के लिये चीड़ के पेड़ों के दोहन की व्यवस्था हो। बंजर खेतों को आबाद करने तथा बुग्यालों को बचाने की दिशा में भी पहल किये जाने का उनका सुझाव था।
पानी राखो आंदोलन के प्रणेता डॉ. सच्चिदानंद भारती ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में जल तलैया बनाने तथा धारे नोले के पुनर्जीवीकरण के लिये सरल व टिकाऊ तकनीकि पर ध्यान दिया जाए, जो लोगों को सहजता से जोड़ने का भी कार्य करें। उनका कहना था क धारे बचेंगे तो नदियां भी बचेंगी।
पर्यावरणविद राजेन्द्र सिंह बिष्ट ने सुझाव दिया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पानी के स्त्रोतों का चिन्हीकरण तथा जल संरक्षण के लिये ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी जाए। हेस्को के डॉ. विनोद खाती का कहना था कि खेत बंजर होने के कारण पहाड़ों में भूजल संरक्षण में कठिनाई आ रही है।
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ वाटर मैनेजमेंट भुवनेश्वर के डॉ. अशोक नायक, रिमोट सेंसिंग के डॉ प्रवीन, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के निदेशक डॉ. प्रशांत राय, जल विज्ञान केन्द्र की सुश्री भक्ति देवी, डॉ रीमा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी के डॉ. राजेश कुमार सिंह, नौला के श्री बिशन सिंह, कंसल्टेंट श्री भुवन जोशी, वाडिया इंस्टीट्यूट के डॉ. के. सी. सैन, एचएनबी गढ़वाल केन्द्रीय विश्व विद्यालय के प्रो. मोहन सिंह पंवार आदि ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इस अवसर पर श्री भुपेन्द्र बसेड़ा द्वारा पानी के महत्व को दर्शाने वाली कैच द वाटर-कैच द रेन गीत की भी प्रस्तुति दी गयी।
इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुंदरम भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने किया।