चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का बैकलॉक खत्म

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं और बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारियों से समन्वय बनाकर रखें। समय-समय पर उच्चाधिकारी यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करें, और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए जिलाधिकारियों का सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यात्रा प्राधिकरण बनाने के लिए, कर्तव्य और दायित्व निर्धारित किये जाएं। इसमें प्रशासन, मंदिरों, ट्रासपोर्टस, टूर एजेंटो एवं अन्य संबंधित पक्षों के साथ बैठक की जाए। उन्होंने कहा यात्रा मार्गों पर 42 सीटर तक की बसों की व्यवस्था सुनिश्चत की जाए।
बैठक के दौरान गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार में श्रद्धालुओं का बैकलॉग खत्म हो गया है। जो भी श्रद्धालु आ रहे हैं, उनका पंजीकरण कर चारधाम यात्रा पर भेजा जा रहा है। पंजीकरण की संख्या अब सीमित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्वेस्टर समिट के दौरान जो निवेश प्राप्त हुए हैं, उनके क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। ऐसे निवेश प्रस्तावों को पहले प्राथमिकता में रखा जाए, जो राज्य की परिस्थितियों के अनुकूल हों तथा स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने में सहायक हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाईन और दिल्ली-देहरादून एलीवेटेड रोड के अन्तर्गत राज्य में टनल निर्माण में लगी कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक बुलाई जाए और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाय।
बेतालघाट, नैनीताल में पिकअप पलटने पर घायलों द्वारा 108 को कॉल करने पर फोन न उठने की खबर का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिये कि इस मामले की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह खबर सही है, तो इसके प्रति जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

मौसम के पूर्व चेतावनी के आधार पर लोगों को नियमित अलर्ट मोड पर रखें-धामी

15 जून से पहले मानसून के दृष्टिगत सभी तैयारियां पूर्ण की जाय। सभी विभाग 15 जून तक आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती करना सुनिश्चत करें। एसटीपी प्लांट और पुराने पुलों का सेफ्टी ऑडिट किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बिजली की तारों से कोई घटना घटित न हो। मानसून सीजन के दृष्टिगत मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए आपातकालीन स्थिति में हेली एम्बुलेंस की व्यवस्था रखी जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आगामी मानसून की तैयारियों की बैठक के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से पिछले सालों में क्या चुनौतियां सामने आई और किन-किन क्षेत्रों में अधिक आपदाएं आई एवं इस तरह की चुनौतियों का सामना करने के लिए शासन और जनपद स्तर पर क्या तैयारियां की गई हैं, इसका पूरा एक्शन प्लान प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मौसम के पूर्वानुमान की सटीक जानकारी लोगों तक समय पर पहुंचे। मौसम के पूर्व चेतावनी के आधार पर लोगों को नियमित रूप से अलर्ट मोड पर रखें। उन्होंने कहा कि मौसम के पुर्वानुमान और जन जागरूकता से अतिवृष्टि और आपदा के प्रभाव को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपदों में ऐसे क्षेत्र जहां भू-स्खलन की समस्याएं रहती हैं, उन्हें चिन्हित कर जो भी आवश्यक व्यवस्थाएं करवाने की आवश्यकता है, समय पर की जाए। जिन क्षेत्रों में बरसाती नदी और नाले उफान पर आते हैं, उनके लिए भी वैकल्पिक व्यवस्थाओं के लिए अभी से प्लान बना कर रखे जाएं। मानसून के दृष्टिगत विभिन्न कार्यों के लिए शासन स्तर से जो धनराशि की आवश्यकता है, उसका यथाशीघ्र प्रस्ताव भेजा जाए। अतिवृष्टि के कारण फसलों को होने वाले नुकसान का तुरंत आकलन कर मानकों के अनुसार यथाशीघ्र क्षतिपूर्ति की व्यवस्था रखी जाए। मानसून के दृष्टिगत पर्वतीय जनपदों में आवश्यक दवाओं, खाद्य सामग्री एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पर्याप्त मात्रा में रखी जाए। आपदा कि स्थिति में रिस्पांस टाइम कम से कम रखा जाए। मानसून अवधि में सभी जिलाधिकारी मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार अपने जनपदों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार छुट्टी की घोषणा करें, स्कूल जाने के पैदल मार्गों में नदी और नाले वाले स्थानों पर वैकल्पिक मार्ग तलाशे जाएं। हर जनपद में बड़े रपटे चिन्हित किये जाएं एवं वहां पर सुरक्षा की दृष्टि से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा के दृष्टिगत त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था रखी जाए। आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अल्मोड़ा जनपद के सरियापनी में एसडीआरएफ बटालियन खोलने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से विभिन्न विभागों द्वारा शासन से जो धनराशि की मांग की जा रही है, वह धनराशि यथाशीघ्र संबंधित विभागों को दी जाए। जिलाधिकारियों द्वारा भी विभिन्न पदों में जो धनराशि की मांग की जा रही है, उन्हें भी शीघ्र धनराशि अवमुक्त की जाए। जिन विभागों को पहले की धनराशि अभी तक अवमुक्त नहीं हुई है, वह शीघ्र दी जाए, इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मानसून अवधि में सड़कें, विद्युत और पेयजल लाईन बाधित होने की स्थिति में उनकी सुचारू व्यवस्थाओं के लिए रिस्पांस टाईम कम से कम रखा जाए और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने निर्देश दिये कि अतिवृष्टि से पिछले वर्ष के जो कार्य अभी तक पूर्ण नहीं किये गये हैं, उन्हें 15 जून तक पूर्ण किया जाए।
बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, डीजीपी अभिनव कुमार, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आर. राजेश कुमार, एस.एन.पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

पुलिस विभाग को सीएम ने किया निर्देशित, अब 02 सितंबर को शारीरिक नाप जोख परीक्षा

उत्तराखंड पुलिस विभाग में उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस/अभिसूचना), गुलनायक एवं अग्निशमन द्वितीय अधिकारी की सीधी भर्ती हेतु शारीरिक नाप-जोख एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा दिनांक 30 जून, 2024 को प्रस्तावित की गई थी।

वर्तमान में हो रही अधिक गर्मी के कारण अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा तिथि को आगे बढ़ाने हेतु मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा अभ्यर्थियों के अनुरोध को सहानुभूतिपूर्वक स्वीकार करते हुए उपरोक्त शारीरिक नाप-जोख एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा को 02 सितंबर, 2024 से कराए जाने हेतु पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया।

सीएम धामी की पहल पर देहरादून में संचालित की जा रही है हाईटेक ड्रग्स, मेडिकल डिवाइस एंड कास्मेटिक लैब

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों पर प्रदेश खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांच के लिए देहरादून में एक हाईटेक लैब संचालित की जा रही है। इस लैब में औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांच अत्याधुनिक मशीनों हो रही है। लैब में आनलाइन सर्टिफिकेशन की सुविधा है। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग डॉ. आर राजेश कुमार का कहना है कि लैब को जल्द ही राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से भी मान्यता मिलने की संभावना है। इसके बाद लैब टेस्टिंग की रिपोर्ट पूरे विश्व में मान्य हो जाएगी। आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि लैब खुलने से औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांचों में तेजी आएगी तथा नकली और मिलावटी उत्पाद निर्मित करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

’केन्द्र के सहयोग से 7 करोड़ की लागत से बनी लैब’
देहरादून के सहस्रधारा रोड डांडा लखौण्ड में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन परिसर में हाईटैक लैब तैयार की गयी है। इस लैब का निर्माण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में किया गया । ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि भारत सरकार के सहयोग से लगभग सात करोड़ की लागत से निर्मित इस लैब में फार्मा और इंजेक्टेबल मेडिकल डिवाइस की टेस्टिंग की जाती है। इसके अलावा सौंदर्य प्रसाधनों की जांच भी की जाती है। लैब में एचपीएलसी, यूवी/विजुअल फोटो, एफटीआईआर, जीसीएचएस जैसी अत्याधुनिक मशीनों से जांच होती है जिनकी एक्यूरेसी अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होती है।

’जांच रिपोर्ट पूरे देश में मान्य’
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी का कहना है कि लैब में भारत में निर्मित होने वाले सभी संबंधित उत्पादों की जांच की जाती है। अत्याधुनिक मशीनों की जांच सटीक रही हैं और पूरे देश में मान्य हैं। उनके अनुसार रुद्रपुर लैब में अब तक जांच का बोझ रहता था लेकिन अब इस लैब के खुलने से यहां जांचों में तेजी आएगी। गौरतलब है कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन लगातार प्रदेश में मिलावट खोरों और नकली उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ अभियान चला रहा है। प्रदेश में खाद्य लाइसेंस की आड़ में किये जा रहे नकली दवाओं के उत्पादन और विपणन को रोकने के लिए विभाग हरसंभव कोशिश कर रहा है।

’लैब में अब तक हुई 2 हजार जांच’
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की हाईटैक लैब में अब तक 2000 से अधिक जांच हो गयी हैं। यहां पांच प्रयोगशालाएं बनाई गयी हैं। इनमें रसायन परीक्षण लैब, मानइर, मेजर, कास्मेटिक और माइक्रो बायोलॉजी लैब हैं। इस लैब में ड्रग्स, टेबलेट, कप सिरप मसलन ओरल लिक्विड, मेडिकल डिवाइस और कास्मेटिक उत्पादों के सैपंलिंग की जांच की जाती है। लैब की क्षमता 3000 सैंपलिंग की है।

’सौंदर्य प्रसाधनों की जांच पर विशेष फोकस’
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि यह लैब रुद्रपुर के बाद दूसरी लैब है। रुद्रपुर लैब में ड्रग्स सैंपलिंग की महज एक हजार टेस्टिंग की क्षमता है। उल्लेखनीय है कि सौंदर्य प्रसाधनों को लेकर महिलाओं में विशेष आर्कषण होता है। बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ असामाजिक तत्व नकली या मिलावटी सौंदर्य उत्पाद निर्मित कर बेचने का प्रयास करते हैं। विभाग ऐसे नकली उत्पाद निर्माण में जुटी कंपनियों के खिलाफ अंकुश लगाने में जुटा हुआ है।

एस्ट्रो टूरिज्म से प्रदेश में होगा बहुआयामी पर्यटन का विकासः सीएम

उत्तराखण्ड में पर्यटन की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत एस्ट्रो टूरिज्म को बढ़ावा दिये जाने के उद्देश्य से में पर्यटन विभाग द्वारा एस्ट्रो टूरिज्म कंपनी के सहयोग से ‘नक्षत्र सभा‘ का जॉर्ज एवरेस्ट मसूरी में विधिवत उद्घाटन हो गया है। यह अपने आप में अलग क़िस्म का आयोजन है, देश में पहली बार एस्ट्रो टूरिज्म की थीम पर “नक्षत्र सभा” आयोजन किया गया है। यह आयोजन 2 जून तक चलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के अलावा बहुआयामी पर्यटन गतिविधियों बढ़ावा देने के दृष्टिगत पर्यटन विभाग ने यह पहल की है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित “नक्षत्र सभा” के सफल आयोजन के लिए शुभकामना दी हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में बहुआयामी पर्यटन के दृष्टिगत सरकार अन्य संसाधन भी विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सरकार ग्रीन टूरिज्म को बढ़ावा देने के दृष्टिगत विभिन्न प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के अलावा साहसिक पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, एस्ट्रो टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर एस्ट्रो विलेज स्थापित कर रही है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार का प्रयास है प्रदेश में जो भी पर्यटक आते हैं वो एक बेहतर अनुभव ले के जायें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए -नए पर्यटक स्थलों को विकसित करने पर ज़ोर दिया जा रहा है।

इस आयोजन का उद्घाटन समारोह जॉर्ज एवरेस्ट, मसूरी में आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के निदेशक डॉ. दीपांकर बनर्जी, डॉ0 प्रभास पांडे, प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय, श्री आकाश सिन्हा, सहायक प्रोफेसर , प्रैक्टिस, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, शिव नादर विश्वविद्यालय, डॉ0 टी0वी0 वेंकटेश्वरन, विज्ञान प्रसार, और स्टारस्केप्स के संस्थापक श्री रामाशीष रे की उपस्थिति में आयोजित किया गया था।

आयोजन के लिए स्थान के रूप में जॉर्ज एवरेस्ट शिखर का चयन महत्वपूर्ण ऐतिहासिक महत्व रखता है। प्रसिद्ध ब्रिटिश सर्वेक्षक सर जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर रखा गया यह शिखर भारत के त्रिकोणमितीय सर्वेक्षण का केंद्र था, जो देश के सटीक मानचित्रण के लिए महत्वपूर्ण था। हिमालय क्षेत्र के सर्वेक्षण में पं0 नैन सिंह रावत ने सर जॉर्ज एवरेस्ट के साथ बड़े पैमाने पर सहयोग किया। हाल ही में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने सर जॉर्ज एवरेस्ट स्टेट में देश के पहले कार्टाग्राफी संग्रहालय का भी उद्घाटन किया।

नक्षत्र सभा विशेष उपकरणों के माध्यम से तारों को देखने, विशेष सौर अवलोकन, एस्ट्रोफोटोग्राफी प्रतियोगिता, तारों के नीचे शिविर लगाने जैसी बहुत सी गतिविधियों के साथ एक समग्र खगोल पर्यटन अनुभव प्रदान करती है। नक्षत्र सभा का आयोजन 2025 के मध्य तक किया जायेगा, जो पूरे उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर गहन कार्यक्रमों की एक श्रृंखला पेश करेगी। इसमें विशेषज्ञों के साथ सेमिनार और वेबिनार के अलावा उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली जिलों में डार्क स्काई संभावित स्थलों को कवर किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य खगोल विज्ञान के प्रति उत्साही लोगों को ब्रह्मांड की सुंदरता को देखने के लिए एक साथ लाना है।

यह अभियान स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल विकास के अवसर प्रदान करेगा, जिससे उनके लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो सके। इसके अलावा यह उत्तराखंड में डार्क स्काई संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित राजदूतों के एक समुदाय को बढ़ावा देकर डार्क स्काई के संरक्षण की वकालत करेगा। इसमें एक अंधेरे आकाश संरक्षण नीति का निर्माण और वर्ष के दौरान पूरे क्षेत्र में इसका कार्यान्वयन शामिल है। स्टारस्केप्स की टीम स्थानीय समुदायों, यात्रा और पर्यटन भागीदारों के साथ-साथ होमस्टे समुदायों के साथ सक्रिय रूप से कार्य करेगी तथा नक्षत्र सभा के सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण और निरंतर सहायता प्रदान करेगी।

सचिन कुर्वे, सचिव पर्यटन/मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने कहा कि नक्षत्र सभा के शुभारंभ के साथ हमारा उद्देश्य उत्तराखंड को खगोल पर्यटन में सबसे आगे रखना है। स्टारस्केप्स के सहयोग से यह अनूठी पहल शुरू की गई है। उत्तराखंड अपने विशाल वन क्षेत्र, प्रकृति-आधारित पर्यटन और होम स्टेस् के साथ एस्ट्रो टूरिस्ट की पसंद बनने के लिए विशिष्ट स्थिति में है। यह अभियान उस दिशा में एक और कदम है। हमारा उद्देश्य दुनिया भर से आगंतुकों को आमंत्रित करना है। हम उन्हें उत्तराखंड की अनूठी विरासत की झलक दिखाने के साथ-साथ ब्रह्मांड के जादू का अनुभव करने के लिए इस तरह के कई और अभियानों की मेजबानी करने के लिए उत्सुक हैं जो उत्तराखंड को वैश्विक एस्ट्रो टूरिज्म मानचित्र पर ला सकते हैं।

स्टारस्केप्स के संस्थापक, रामाशीष रे ने कहा, पिछले कई वर्षों से हम राज्य में अनुभव केंद्रों और वेधशालाओं की अपनी श्रृंखला के माध्यम से इसे बढ़ावा देने के अलावा, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के साथ मिलकर कई एस्ट्रो टूरिज्म शिविरों की मेजबानी कर रहे हैं, जिनमें हमें अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। हम पर्यटन विभाग के इस वार्षिक एस्ट्रो पर्यटन अभियान- ‘नक्षत्र सभा‘ के साथ जुड़ने में खुद को सौभाग्याशाली मानते हैं। इस अभियान की संकल्पना उत्तराखंड को आदर्श एस्ट्रो टूरिज्म गंतव्य के रूप में स्थापित कर स्थानीय समुदायों को एस्ट्रो टूरिज्म से जोड़कर रोजगार के अवसर प्रदान करना है।

नक्षत्र सभा की मुख्य विशेषताओं में विशेष उपकरणों के माध्यम से तारों को देखना, एस्ट्रो टूरिज्म पर विशेषज्ञ वार्ता, एस्ट्रोफोटोग्राफी प्रतियोगिता, विशेष सौर अवलोकन आदि शामिल हैं।

आरवीएनएल को अस्थायी व्यवस्था के रूप में चंद्रभागा नदी के चैनलाइजेशन की मिली सहमति

सड़क एवं आवासों की सुरक्षा के मामले को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आरवीएनएल को अस्थायी व्यवस्था के रूप में चंद्रभागा नदी के चौनलाइजेशन की सहमति देते हुए त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।

मानसून में चन्द्रभागा नदी में मलबा जमा होने के कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की संभावनाओं के समाधान के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने रेल विकास निगम लिमिटेड को चन्द्रभागा नदी के मार्ग के चौनलाइजेशन की सैद्धान्तिक सहमति देते हुए इस पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चन्द्रभागा पर बने ब्रिज की सुरक्षा के दृष्टिगत आरवीएनएल, सिंचाई, लोक निर्माण तथा वन विभाग की सयुंक्त टीमों द्वारा सर्वेक्षण के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया हैं कि नदी के मार्गां के चौनालाइजेशन के साथ -साथ इस पर बने पुल के फाउडेंशन की सुरक्षा अनिवार्यतः सुनिश्चित की जाए। सीएस ने ब्रिज का हाइड्रोलॉजिकल सर्वे आईआईटी रूड़की से सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में चन्द्रभागा नदी के चौनलाइजेशन से सम्बन्धित बैठक में आरवीएनएल के अधिकारियों ने जानकारी दी कि चन्द्रभागा नदी में वर्षों से निरन्तर सिल्ट (गाद, मलबा) आदि जमा हो रहा है, जिससे नदी के किनारे की ढलानों तथा एकमात्र अप्रोच रोड को भी नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही नदी में मलबा जमा होने से एनएच रोड ब्रिज को भी क्षति हो सकती है तथा चंद्रभागा नदी के बाएं किनारे पर बसे गांव ढालवाला कॉलोनी में बाढ़ की संभावना बन जाती है।

सड़क एवं आवासों की सुरक्षा के मामले को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव रतूड़ी ने तत्काल आरवीएनएल को अस्थायी व्यवस्था के रूप में चौनलाइजेशन की सहमति देने के साथ ही इसके स्थायी समाधान के भी निर्देश दिए हैं। स्थायी समाधान के तहत चन्द्रभागा नदी पर ळंइपवद ूंससे का प्रयोग करते हुए रिवर ट्रैनिंग कार्य करने जिसमें लॉन्च करते हुए चन्द्रभागा नदी के बाएं तट पर बनी सड़क व आवासों को सुरक्षित किया जाएगा।

बैठक में सचिव डा0 रंजीत कुमार सिन्हा सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

लायंस क्लब डिवाइन ने जरूरतमंद युवती की शादी को उपलब्ध कराएं आवश्यक सामान

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन द्वारा एक जरूरतमंद युवती की शादी हेतु तथा एक छात्रा की एडमिशन फीस हेतु सहायता की गई। क्लब संस्थापक लायन ललित मोहन मिश्र व अध्यक्ष लायन विकास ग्रोवर द्वारा बताया गया कि आज के दौर में निर्धन व्यक्ति को अपने बच्चों की शादी विवाह करना खासा मुश्किल भरा है, शादी विवाह आदि आने पर तों व्यक्ति के लिये व्यवस्था करना बहुत मुश्किल हो जाता है।

मिश्र ने बताया कि गत दिनों एक महिला ने अपनी बिटिया की शादी हेतु लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन से कुछ सहायता मांगी। जिसके क्रम में क्लब द्वारा बिटिया को नगद धनराशि के अलावा एक पाजेब, दो साड़ी तथा कुछ क्रॉकरी कां सामान भी प्रदान किया।

तथा एक अन्य छात्रा की क्लब द्वारा वार्षिक एडमिशन फीस, स्कूल बेग सहित जरूरतमंद का सामान भी प्रदान किया गया।

इस अवसर पर सचिव विनोद बिष्ट, कोषाध्यक्ष विनीत चावला, जगमीत सिंह, जगदीश पनेसर, विशाल संगर, कृष्णा कालरा आदि उपस्थित रहे।

अनियंत्रित कार खाई में गिरी, पांच की मौत, एक घायल

मसूरी देहरादून मार्ग पर आज सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। झड़ीपानी रोड पर पानी वाले बैंड के मसूरी घूमने गए देहरादून के आईएमएस व डीआईटी कॉलेज के छात्रों की कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में 4 छात्रों व 1 छात्रा की मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस फायर सर्विस, एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू कार्य शुरू किया।

जानकारी के मुताबिक देहरादून के आईएमएस कॉलेज के चार युवक और दो युवतियां देहरादून मसूरी घूमने के लिए गए थे। शनिवार सुबह देहरादून वापस लौटते समय चूनाखान के पास उनकी कार एंडेवर न्ज्ञ- 07 ठक्/8600 अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में गिर गई। हादसे की खबर लगते ही आसपास के लोग दुर्घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। इसी बीच पुलिस, एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया। खाई बहुत गहरी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मशक्कत करनी पड़ी। रेस्क्यू टीम ने कार सवार चार युवकों के शवों को खाई से निकाला, जबकि गंभीर रूप से घायल दो युवतियों को इलाज के लिए देहरादून हायर सेंटर ले जाया गया। रास्ते में एक और युवती ने दम तोड़ दिया। दूसरी युवती का इलाज चल रहा है।

मृतकों के नाम

1- आशुतोष तिवारी, पिता का नाम- वीरबहादुर तिवारी, पता-थाना नागफनी रामलीला मैदान पैरामाउंट एक्सपोर्ट के पास, मुरादाबाद

2- तनुजा रावत, पिता का नाम- सोहन सिंह, पता- जे 84 दुर्गा कॉलोनी रुड़की, उम्र 22 वर्ष आईएमएस

3- अमन सिंह राणा, पिता का नाम- राजेश सिंह राणा, पता- शंकरपुर डिम्स कॉलेज गेट के पास 1 सहसपुर, उम्र 22 वर्ष आईएमएस

4- दिगांश प्रताप भाटी, पिता का नाम- देवेन्द्र सिंह भाटी, पता- फ्लैट नंबर 302 तीसरी मंजिल पेटलवुड्स अपार्टमेंट ज्वालापुर हरिद्वार, उम्र 23

5 दृ हृदयांश चन्द्र, पिता का नाम- हरिश्चन्द्र, पता- टाइप 3तक-723 एटीपी कॉलोनी अनपरा सोनभद्र, आयु 24 वर्ष

जबकि नयनश्री, पुत्री- संजय कुमार, पता- 159/3 न्यू विकास एन्क्लेव रोहटा रोड मेरठ, उम्र 24 साल आईएमएस घायल हैं।

देहरादून के गोविंदगढ़ में 15 झोपड़ियों में आग लगने का मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान

देहरादून के गोविंदगढ़ में स्थित बस्ती में 15 झोपड़ियों में आग लगने से नुकसान होने के मामले का मुख्यमंत्री धामी ने संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी देहरादून को पीड़ितों की यथासंभव सहायता के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि आज मौके पर 40 राशन के बैग भेजे जा रहे हैं। साथ ही जो भी अन्य सहायता अपेक्षित होगी जिला प्रशासन के स्तर से की जायेगी।

देहरादून के गोविंदगढ़ में एक प्लाट में बनी कई झोपड़ियों में सोमवार को आग लग गयी थी, जिससे पूरा सामान जलकर राख हो गया। इनमें 15 झोपड़ियां पूरी तरह से जल गई थी।

इस मामले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि इस घटना के पीड़ितों की यथासंभव मदद की जाए। तत्क्रम में जिलाधिकारी की ओर से गोविंदगढ़ में प्रभावित लोगों को 40 पैकेट राशन के भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा पीड़ितों की हर संभव मदद जिला प्रशासन के स्तर से की जाएगी।

पोलिंग पार्टियां सकुशल मतदान कराने के बाद पहुंची स्ट्रांग रूम, सील


जिले में लोक सभा चुनाव कुशलतापूर्वक सम्पन्न हो गया है। जिले की छः विधानसभाओं की सभी 1010 पोलिंग पार्टिया सकुशल मतदान कराने के बाद वापस स्ट्रांग रूम लौट गई है। पोलिंग पार्टियों का आने का सिलसिला 19 अप्रैल देर शाम से 20 अप्रैल की दोपहर तक चलता रहा। 993 पोलिंग टीमें देर रात को स्ट्रांग रूम पहुंच गई थी। जबकि दूरस्थ की 17 मतदान टीमें 20 अप्रैल की सुबह स्ट्रांग रूम पहुंची। जिला निर्वाचन अधिकारी वंदना सिंह एम बी पी जी डिग्री कालेज स्ट्रांग रूम में मौजूद रही। राजनैतिक दलों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम को आज सुबह सील किया गया। स्ट्रांग रूम की कड़ी सुरक्षा के लिए अर्द्धसैनिक बलों,पुलिस की तैनाती की गई है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी रहेगी।