जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया सरल बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जाली प्रमाण-पत्रों के मामलों में कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। सीएस ने आम जनता के लिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया अत्यन्त सरल बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि आमजन को प्रमाण पत्र हेतु इधर उधर न भटकना पड़े। राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र भारत सरकार व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे स्कूल में दाखिला लेने, विधवा पेंशन प्राप्त करने, जीवन बीमा की राशि प्राप्त करने आदि के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ हैं, जिसे प्राप्त करने के लिए कभी कभी परिवार जालसाजों के झांसे में आकर मोटी धनराशि के बदले जाली प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेते हैं तथा बाद में उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त जन्म मृत्यु पंजीकरण की भारत सरकार की अधिकारिक वेबसाइट से बहुत सी मिलती जुलती जाली वेबसाइट के मामले भी संज्ञान में आए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आम जनता से भी अपील की है कि जनता इस प्रकार के जालसाजों से सचेत रहे तथा प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अपने क्षेत्र के रजिस्ट्रार से ही संपर्क करें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जन्म-मृत्यु पंजीकरण के फर्जी मामलों की रोकथाम तथा आम जनता हेतु पंजीकरण प्रक्रिया को सरल एवं सुदृढ़ बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा एक नया सुदृढ़ पोर्टल लॉंच कर दिया गया है। इसके माध्यम से परिवार का कोई भी सदस्य पोर्टल पर अपनी आईडी बनाकर परिवार में होने वाले जन्म या मृत्यु के पंजीकरण के लिए घर बैठे ही आवेदन कर सकता है। इसके लिए उसे केवल एक ईमेल एवं एक मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी। आवेदन पश्चात आवेदक किसी भी समय अपने आवेदन की स्थिति को भी देख सकता है। सम्बंधित रजिस्ट्रार द्वारा आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों से संतुष्ट होने पर आवेदन को स्वीकार कर लिया जाता है तथा डिजिटल प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। जारी किये गए इस डिजिटल प्रमाण पत्र की एक प्रति आवेदक द्वारा दिए गए ईमेल आई डी पर भी तत्काल ही उपलब्ध हो जाती है, जिसे वह किसी भी समय डाउनलोड कर उसका उपयोग कर सकता है। मुख्य सचिव द्वारा इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि चूंकि यह कार्य आम जनता के लिए ही है अतः जनता के बीच इसका उचित प्रचार प्रसार आवश्यक है, जिसके लिए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रमुख सचिव, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जनगणना निदेशक, अपर सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा स्वास्थ्य निदेशालय, पंचायती राज, राजस्व विभाग, शहरी विकास, उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल, अर्थ एवं संख्या निदेशालय एवं जनगणना कार्य निदेशालय, भारत सरकार आदि के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बलिदान दिवस पर याद किए गए डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा ऋषिकेश मंडल की ओर से फल वितरण तथा मीरा नगर में बुजुर्गों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ अग्रवाल सहित विभिन्न वक्ताओं ने उनके डॉ मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डाला।

त्रिवेणी घाट पर आयोजित कार्यक्रम में फल वितरण कर डॉ अग्रवाल ने स्व. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। डॉ अग्रवाल ने कहा कि डॉ मुखर्जी ने धारा 370 हटाने के पक्ष के लिए अनेक प्रयत्न किए और इसी के चलते उनका बलिदान हुआ। मगर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया और धारा 370 को हटाकर उनका सम्मान किया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल में एक गैर-कांग्रेसी मंत्री के रूप में वित्त मंत्रालय का काम संभाला। डॉ मुखर्जी ने चितरंजन में रेल इंजन का कारखाना, विशाखापट्टनम में जहाज बनाने का कारखाना एवं बिहार में खाद का कारखाने स्थापित कराए। उनके सहयोग से ही हैदराबाद निजाम को भारत में विलीन होना पड़ा।

इस मौके मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, वन विकास निगम सदस्य देवदत्त शर्मा, महिला मोर्चा मण्डल माधवी गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, प्रतीक कालिया, सरोज डिमरी, शिव कुमार गौतम, मनोज धयानी, राजपाल ठाकुर, अनीता तिवारी, सुजीत यादव, उषा जोशी, शंभू पासवान, सोनू पांडे, दीपक बिष्ट, सोनू प्रभाकर, संजीव पाल, राजेश दिवाकर, राजू नरसिम्हा, सीमा रानी, रूपेश गुप्ता, बृजेश शर्मा, अविनाश भारद्वाज, राजेंद्र सिंह बिष्ट, ऋषि राजपूत, सौरव गर्ग, सचिन अग्रवाल, ज्योति पांडे, अभिनव पाल खड़ी उपस्थित रहे।

वहीं, मीरा नगर में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर आयोजित गोष्ठी में डॉ अग्रवाल ने वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया। डॉ अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 1950 में भारत की दशा दयनीय थी। इससे डॉ. मुखर्जी के मन को गहरा आघात लगा। उनसे यह देखा न गया और भारत सरकार की अहिंसावादी नीति के फलस्वरूप मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देकर संसद में विरोधी पक्ष की भूमिका का निर्वाह करने लगे।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि डॉ मुखर्जी को कभी भी एक ही देश में दो झंडे और दो निशान भी उनको स्वीकार नहीं थे। अतः कश्मीर का भारत में विलय के लिए डॉ. मुखर्जी ने प्रयत्न प्रारंभ कर दिए। इसके लिए उन्होंने जम्मू की प्रजा परिषद पार्टी के साथ मिलकर आंदोलन किया।

इस मौके पर जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा कविता साह, जिला अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा चंद्रभान सिंह पाल, मंडल अध्यक्ष वीरभद्र मंडल सुरेंद्र कुमार, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा निर्मला उनियाल, मंडल अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा प्रताप राणा, अनीता प्रधान, तनु तेवतिया, मनोरमा, सरिता बिष्ट, रिंकी राणा, ममता सकलानी, किरण त्यागी, शिवकुमार सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

डोभाल चौक हत्याकांड पर मुख्यमंत्री की दो टूक, बदमाश छोटा हो या बड़ा, कानून से बचेगा नहीं

राजधानी के डोभाल चौक में प्रॉपर्टी कारोबारी की हत्याकांड पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक कहा कि बदमाश छोटा हो या बड़ा, किसी को देवभूमि का माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। ऐसे में बदमाशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के पहले ही निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बदमाशों की अवैध प्रॉपर्टी, कारोबार पर रिपोर्ट मांगी गई है।
रायपुर क्षेत्र के डोभाल चौक के पास रविवार को प्रॉपर्टी डीलर रवि बडोला की बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। जबकि रवि के दो साथियों को घायल किया था। घटना संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीजीपी की मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने 24 घण्टे के भीतर मुख्य बदमाश को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। जबकि वारदात में कुल 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में बदमाशों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस को मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ बदमाशों की अवैध प्रॉपर्टी, कारोबार और बदमाशों से तालुकात रखने वालों की जांच की जा रही है। नगर निगम, एमडीडीए से प्रॉपर्टी की रिपोर्ट मांगी गई है। कानून अपना काम कर रहा है। सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए साथ खड़ी है। इसके अलावा घायलों को उचित इलाज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने बदमाश प्रवृत्ति रखने वालों को स्पष्ट चेतावनी दी कि वह देवभूमि छोड़ दें, अन्यथा सरकार को कड़ी कार्रवाई को बाध्य होना पड़ेगा।

पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार करना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पंतनगर एयरपोर्ट विस्तारीकरण की प्रक्रिया को त्वरित करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को सचिवालय में पंतनगर एयरपोर्ट विस्तारीकरण की उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूडी ने उत्तराखण्ड बीज एवं तराई विकास निगम, पतनगर विश्वविद्यालय, लोक निर्माण विभाग, सिडकुल, कृषि विभाग, तराई स्टेट फार्म को अपनी परिसम्पतियों का आकलन कर तत्काल अपने विभागों के माध्यम से शासन को भेजने के निर्देश दिए है।
मुख्य सचिव राधा रतूडी ने कहा कि पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार कर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। केन्द्र तथा राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। सीमान्त क्षेत्र होने के कारण इसका सामरिक महत्व है तथा पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव सी. रविशंकर सहित कृषि विभाग, पंतनगर विश्वविद्यालय, लोक निर्माण विभाग, सिडकुल, तराई स्टेट फार्म के अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, मुख्य सचिव राधा रतूडी ने विधानसभा गैरसैंण, भराड़ीसैंण में अवंसरचना निर्माण कार्यों की वर्चुअल माध्यम से समीक्षा के दौरान विधानसभा गैरसैंण की 986.50 लाख लागत धनराशि के बाउण्ड्री वॉल, मेन गेट तथा म्यूरल कार्यों के प्रोजेक्ट को तत्परता से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से सिंचाई विभाग, आवास विभाग तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

वैध खनन से राजस्व बढ़ाने के लिए एमडीटीएसएस लागू करने पर सहमति

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में अवैध खनन पर सख्त निगरानी तथा वैध खनन से राजस्व बढ़ाने के लिए एमडीटीएसएस (माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एण्ड सर्विलेन्स सिस्टम) को देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व उधमसिंह नगर के 40 चेक गेट पर लगाने के लगभग 93 करोड़ रूपये के प्रस्ताव को सचिवालय में खनन विभाग की आज की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में सहमति दी है।
एमडीटीएसएस को देहरादून के 8 चेक गेट, हरिद्वार के 13 चेक गेट, नैनीताल के 10 चेक गेट तथा उधमसिंह नगर के 9 चेक गेट सहित कुल 40 चेक गेट लोकेशन पर लगाया जाएगा। एमडीटीएसएस के तहत खनन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी हेतु एएनपीआर कैमरा, बुलेट कैमरा, आरएफआईडी राडार, एलईडी फलड लाइट जैसी अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा। देहरादून में माइनिंग स्टेट कन्ट्रोल सेन्टर (एमएससीसी) स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल तथा उधमसिंह नगर के जिला मुख्यालयों में मिनी कमाण्ड सेन्टर स्थापित किए जाएंगे।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि एमडीटीएसएस के माध्यम से खनिजों के गैर कानूनी तथा अनाधिकृत परिवहन, खनिजों के अत्यधिक खनन या निष्कासन, खनिजों को ले जाने वाले वाहनों की ओवरलोडिंग, ट्रांजिट पास में दी गई डिलीवरी लोकेशन के विपरीत डिलीवरी, अवैध खनन व अन्य कारणों से राजस्व हानि आदि पर निरन्तर निगरानी सुनिश्चित होगी। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में खनन से जुड़े सभी हितधारकों से प्रभावी समन्वय कर उनका सहयोग लेने तथा जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही मुख्य सचिव ने खनन क्षेत्रों में कार्य करने वाले श्रमिकों के कल्याण एवं विकास तथा उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होने राज्य में ईंट के भट्टों में कार्य करने वाले मजदूरों के विकास एवं कल्याण हेतु भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खनन क्षेत्रों एवं ईट के भट्टों में कार्य करने वाले मजदूरों के लिए मेडिकल एवं बीमा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत, अपर सचिव डा अहमद इकबाल सहित खनन एवं वित्त विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

मां से मिले योगी, रुद्रप्रयाग हादसे के घायलों का हाल भी जाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एम्स में भर्ती अपनी मां सावित्री देवी से मिलने पहुंचे और उन्होंने मां के स्वास्थ्य का हाल जाना। इस दौरान सीएम योगी ने एम्स में भर्ती हुए रुद्रप्रयाग सड़क दुर्घटना के घायलों की स्थिति की जानकारी भी ली।
रविवार दोपहर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश के हैलीपैड पर उतरे। यहां सीएम योगी आदित्यनाथ का हरिद्वार लोकसभा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत व एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. नीतू सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया।
इसके बाद सीएम योगी सबसे पहले एम्स में छठवीं मंजिल पर वृद्धावस्था विभाग (जिरियाट्रिक वार्ड) में भर्ती हुई अपनी मां सावित्री देवी से मिलने पहुंचे। यहां सीएम योगी ने चिकित्सकों से मां की नेत्र संबंधी समस्या एवं स्वास्थ्य और उपचार से जुड़ी आवश्यक जानकारी ली।
सीएम योगी मां के वार्ड में काफी समय बिताया। वह करीब 30 मिनट तक वार्ड में भीतर रहे। इसके बाद सीएम योगी ट्रामा सेंटर में भर्ती रुद्रप्रयाग हादसे के घायलों का हाल जानने पहुंचे। उन्होंने कई उपचाराधीन घायलों के पास पहुंचकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान सीएम योगी ने एम्स कार्यकारी निदेशक प्रो. नीतू सिंह से सभी घायलों को बेहतर उपचार देने को कहा। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी देहरादून अजय सिंह, एसडीएम ऋषिकेश कुमकुम जोशी व कई अन्य उपस्थित रहे।

21 वन प्रभागों के डीएफओ को नोटिस जारी, दो दिन में देना होगा जवाब

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के बावजूद जंगलों में अग्नि नियंत्रण के लिए तैनात लगभग चार हजार फायर वाचर का सामूहिक जीवन बीमा कराने में वन प्रभाग हीलाहवाली बरत रहे हैं। राज्य में 41 वन प्रभागों में से केवल 20 ने अपने-अपने क्षेत्र में 2286 फायर वाचर का बीमा कराया।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने शनिवार को वन मुख्यालय में अग्नि नियंत्रण की समीक्षा बैठक में इस स्थिति पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन 21 वन प्रभागों में फायर वाचर का बीमा नहीं हुआ है, वहां के डीएफओ को मुख्यालय स्तर से कारण बताओ नोटिस जारी कर सभी से दो दिन के भीतर जवाब मांगा जाए।
वन मंत्री उनियाल ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दो टूक कहा कि जंगलों की आग और मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए जो भी कार्य किया जा सकता है, वह किया जाए। साथ ही इसमें कार्मिकों व योजित फायर वाचर, दैनिक श्रमिकों की व्यक्तिगत सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन विषयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।

अग्नि नियंत्रण के लिए नवंबर में जारी हो बजट
जंगल की आग का उल्लेख करते हुए वन मंत्री ने कहा कि आग की घटनाएं नवंबर से ही शुरू हो जा रही हैं। ऐसे में अग्नि नियंत्रण के लिए अप्रैल का इंतजार करने के बजाए नवंबर में ही बजट जारी किया जाना चाहिए।
उन्होंने राज्य के वन क्षेत्रों में सभी 571 सेक्शन में कार्यरत वन दारोगा को अग्नि नियंत्रण के दृष्टिगत लीफ ब्लोअर, ग्रास कटर समेत अन्य उपकरण हर हाल में अतिशीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

स्थानीय निवासियों और वन कर्मियों के नाम मांगे
वन मंत्री ने अग्नि नियंत्रण में सक्रिय सहयोग देने वाले स्थानीय निवासियों की सूची भी सभी जिलों से मांगी है, ताकि उन्हें पुरस्कृत किया जा सके। वन मंत्री ने पूर्व में अग्नि नियंत्रण में योगदान देने वाले ग्रामीणों को जिला स्तर पर पुरस्कृत करने की घोषणा की थी। वन मंत्री ने उन वनकर्मियों की भी सूची मांगी है, जिन्होंने इस अग्निकाल में आग से निबटने में अहम योगदान दिया है। इन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा।

इन प्रभागों ने कराया फायर वाचर का बीमा
वन प्रभाग पिथौरागढ़, नैनीताल, रामनगर, बदरीनाथ, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, मुनिकीरेती, टिहरी, चकराता, मसूरी, पुरोला, बड़कोट, कोटद्वार व देहरादून, भूमि संरक्षण वन प्रभाग नैनीताल, अलकनंदा व पौड़ी, कार्बेट व राजाजी टाइगर रिजर्व और गोविंद वन्यजीव विहार।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर संभागीय परिवहन अधिकारी पौड़ी के नेतृत्व में लीड एजेंसी रवाना

जनपद रुद्रप्रयाग में शनिवार को हुई बस दुर्घटना व हाल के दिनों में चारधाम यात्रा मार्ग पर हुई अन्य दुर्घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अफसरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी विभाग के अधिकारी द्वारा दायित्व निर्वहन में शिथिलता पाई गई तो सम्बंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के निर्देशों पर आज हुई दुर्घटना की जांच के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी पौड़ी के नेतृत्व में लीड एजेंसी को रवाना किया गया है। दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच पृथक से की जा रही है।
जनपद रुद्रप्रयाग के रैतोली में हुई बस दुर्घटना में 9 व्यक्तियों की मृत्यु एवं 13 व्यक्तियों के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई है। यह वाहन हरियाणा राज्य में माह जनवरी, 2024 में ही पंजीकृत हुआ था। उक्त वाहन के सभी प्रपत्र वैध पाये गये तथा वाहन की निर्धारित सीट क्षमता 20 है। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में मृतक व घायलों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य करने और पीड़ितों को मदद पहुँचाने के निर्देश दिये गये, जिसके अनुपालन में पुलिस विभाग, परिवहन, जिला प्रशासन एवं एसडीआरएफ की टीमों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य किया गया। संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि जिला प्रशासन द्वारा दुर्घटना में प्रभावित व्यक्तियों को दुर्घटना राहत निधि से राहत की धनराशि भी तत्काल उपलब्ध करा दी जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस दुर्घटना की जांच हेतु संभागीय परिवहन अधिकारी, पौडी के नेतृत्व में लीड एजेन्सी को भी रवाना कर दिया गया है। दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच पृथक से जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है।

बी0आर0ओ0 को प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही के निर्देश
इससे पूर्व दिनांक 11-06-2024 को जनपद उत्तरकाशी के गंगनानी के समीप एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। परिवहन विभाग द्वारा श्री शैलेश तिवारी, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) देहरादून के नेतृत्व में लीड एजेन्सी के अधिकारियों को दुर्घटना स्थल के निरीक्षण एवं दुर्घटना के कारणों की जांच हेतु भेजा गया था। जिला प्रशासन स्तर पर भी घटना की जांच हेतु उप जिलाधिकारी, भटवाड़ी की अध्यक्षता में जांच समिति बनायी गयी, जिनके द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2023 में घटित सड़क दुर्घटना के उपरान्त भी बी0आर0ओ0 से मार्ग की दशा में सुधार के निर्देश दिये गये थे। बी0आर0ओ0 द्वारा यह बताया गया कि ऑल वैदर रोड के कार्य के समय इस स्थान का भी सुधार किया जाएगा। परिवहन विभाग स्तर से गये निरीक्षण दल द्वारा प्रस्तुत आख्या के अनुसार वाहन के सभी प्रपत्र वैध पाये गये। इस स्थान पर सड़क बहुत संकरी है, इसके अतिरिक्त तीव्र ढलान के साथ-साथ अंधा मोड़ भी है। निरीक्षण दल की आख्या के आधार पर बी0आर0ओ0 को प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, कड़ाई से हो तमाम मानकों की जांच
एक सप्ताह के भीतर चारधाम यात्रा मार्ग पर दो बसों की दुर्घटना पर मुख्यमंत्री द्वारा चिन्ता व्यक्त करते हुए परिवहन एवं पुलिस विभाग के सभी प्रवर्तन अधिकारियों को वाहनों की यांत्रिक दशा की जांच कड़ाई से करने, लाईसेन्स जारी करने से पूर्व चालकों का कडाई से परीक्षण करने, ग्रीन कार्ड निर्गत करने में सावधानी बरतने, ओवर स्पीडिंग/ओवर लोडिंग एवं नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों के विरूद्ध कठोर प्रवर्तन की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री द्वारा सड़क रख-रखाव करने वाली संस्था-लोक निर्माण विभाग, बी0आर0ओ0, एन0एच0ए0आई0 आदि को निर्देश दिये गये कि सड़कों की दशा में सुधार के सम्बन्ध में कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सम्पन्न की जाए और दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु जो भी कदम आवश्यक है, सभी पर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री द्वारा सभी अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि किसी विभाग के अधिकारी द्वारा अपने दायित्व निर्वहन करने में शिथिलता पाई गयी तो सम्बन्धित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

आरटीआई से सरकारी कार्मिकों में ईमानदारी से कार्य करने की प्रवृति बढ़तीहै-मुख्य सचिव

सचिवालय के लोक सूचना अधिकारियों को आरटीआई की बेहतर जानकारी हेतु प्रोत्साहित करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि सूचना के अधिकार के मजबूत होने से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगता है। आरटीआई से सरकारी कार्मिकों में ईमानदारी से कार्य करने की प्रवृति बढ़ती है। सूचना का अधिकार अधिनियम आने से नागरिकों को सरकार के कार्याे की जानकारी प्राप्त करने का अधिकार मिला है।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड सूचना आयोग द्वारा सचिवालय के सभी विभागों के लोक सूचना अधिकारियों के लिए आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग किया।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड सूचना आयोग द्वारा सचिवालय के विभिन्न विभागों के लोक सूचना अधिकारियों हेतु आरटीआई पर यह कार्यशाला आयोजित करना सराहनीय पहल है। आरटीआई की बेहतर जानकारी होने से लोक सूचना अधिकारी अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन अधिक कुशलता से कर पाएंगे। इससे अधिक से अधिक अपीलों का निस्तारण प्राथमिक स्तर पर ही हो जाएगा। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि जिला स्तर तथा विभागीय स्तर पर भी आरटीआई पर कार्यशालाओं को आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने आयोग के कार्यों को अधिकाधिक ऑनलाइन करने की बात कही जिससे अधिकाधिक पारदर्शिता बढ़ेगी तथा दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को सुविधा होगी।
कार्यशाला में सूचना आयुक्त योगेश भट, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी सहित विभिन्न विभागों के लोक सूचना अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम धामी ने कालूवाला में जल संरक्षण और संर्वद्धन योजना का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कालूवाला, डोईवाला में जल संरक्षण अभियान के तहत डोईवाला विकासखण्ड में सौंग नदी के बांये तट पर स्थित जौली नहर के हेड पर जल संरक्षण और संर्वद्धन योजना का लोकार्पण किया। स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन प्राधिकरण (सारा) द्वारा नाबार्ड मद के अन्तर्गत लगभग 3 करोड़ 80 लाख की लागत से जल संरक्षण और संर्वद्धन की यह योजना पूर्ण की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण अभियान-2024 की मार्गदर्शिका का विमोचन और पौधा रोपण भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में जल के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। इसके लिए सरकार के प्रयासों के साथ ही जनसहभागिता की भी आवश्यकता है। उत्तराखण्ड में नौले, धारे, नदियां जैसी अमूल्य संपदा है। हम सभी को संकल्प लेना होगा कि पहाड़ का पानी और जवानी राज्य के ही काम आएं। उन्होंने कहा कि जहां जल प्रवाहमान होता है वहां जीवन भी प्रकाशवान होता है। हमें भविष्य की चुनौतियों का समाधान अतीत के पुनर्जागरण के साथ करना होगा। जल संवर्द्धन की पहल को जीवन से जुड़ा विषय बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जल समाप्त हो गया तो जीवन भी समाप्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जल संकट पूरे विश्व के लिए चुनौती बना हुआ है। अनियंत्रित प्रयोग से जल के स्रोत तेजी से समाप्त हो रहे हैं। जल संरक्षण सप्ताह का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को जल प्रबंधन के प्रति जागरूक करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण के प्रति गंभीर है। जल संरक्षण के लिए विभिन्न विभागों को सम्मिलित किया जा रहा है। इन प्रयासों को अधिक बल देने के उद्देश्य से ’सारा’ का गठन किया गया है। सारा द्वारा लगभग 500 पेयजल योजनाएं और 200 जलधाराएं चिन्हित की गई हैं जिन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल का संचय करने वाले बांज के वृक्ष समाप्त हो रहे हैं और आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि अपनी भावी पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए हमें जल और वनों का संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलीग्रांट से कालूवाला को जोड़ने वाले मार्ग का निर्माण लोक निर्माण द्वारा किया जायेगा। बाबा कालूसिद्ध मंदिर के पीछे सौंग नदी के बायें तट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा।
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कालू सिद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना कर कालू सिद्ध बाबा से प्रदेश और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन के कारण जलस्रोत लगातार सूख रहे हैं। जल संरक्षण एवं संवंर्द्धन के लिए जिस योजना का आज लोकार्पण किया गया है, इस योजना से कालूवाला, बड़ोवाला, भारूवाला, भंगनाला एवं जौलीग्रांट के लगभग 6 हजार ग्रामवासियों के खेतों की सिंचाई होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरगामी सोच के कारण उत्तराखण्ड में सारा प्राधिकरण का गठन किया गया है।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जल संरक्षण और संवर्द्धन केवल सरकारी प्रयासों से ही सम्भव नहीं है। इसमें जन सहभागिता जरूरी है। सबको जल का सही उपयोग करना होगा। तापमान तेजी से बढ़ रहा है। जल स्तर घट रहा है। हमें जल संरक्षण को मिशन मोड में लेना होगा।
इस अवसर पर विधायक बृज भूषण गैरोला, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सारा नीना ग्रेवाल एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।