मिशन हौसला के जरिए पुलिस के जज्बे को सलाम, लोगों की मदद में अद्भुत योगदान

कोरोना महामारी की इस दूसरी लहर में तमाम लोगों के समक्ष कई परेशानियां देखने को मिल रही है, किसी परिवार में सभी संक्रमित है, तो दवाई कौन लाकर दें, तो कहीं आक्सीजन की कमी से जूझता परिवार, इसके अलावा राशन की समस्या। ऐसे में ऋषिकेश पुलिस मिशन हौसला अभियान के जरिए इन जरूरतमंदों को आवश्यक सामग्री पहुंचा रही है। ऋषिकेश पुलिस के लिए एक सलाम तो बनता है।
बीते रोज के कुछ मामले-

1. रेलवे रोड निवासी अशोक माथुर ने पुलिस को कॉल कर बताया कि आदर्शनगर निवासी 78 वर्षीय विनोद कुमार की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। उनके साथ फिलहाल उनकी बहू रहती है। जो ऑक्सीजन सिलेंडर लाने और ले जाने में असमर्थ है। पुलिस ने तत्काल ऑक्सीजन सिलेंडर का प्रबंध कर बुजुर्ग के घर तक पहुंचाया।

2. गोविंदनगर निवासी देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी 80 वर्षीय पत्नी को तेज बुखार आ रहा है। वे दोनों घर पर अकेले रहते हैं। अधिक उम्र होने के कारण दवाई लाने में असमर्थ है। पुलिस ने उनके घर पहुंचकर दवाई उपलब्ध कराई।
3. शांतिनगर निवासी सोनू ठाकुर ने पुलिस को बताया कि उनके 65 वर्षीय पिता कोरोना संक्रमित हैं। वे घर पर ही आइसोलेट हो गए है। रात को उनका ऑक्सीजन लेवल 70 तक गिर गया। इससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। एक प्राइवेट नर्सिंग होम में उन्हें ले जाया गया। लेकिन यहां अस्पताल ने भर्ती करने से मना कर दिया है। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस के जरिए बुजुर्ग को एम्स में पहुंचाया।
4. नजीबाबाद अदब सिटी हरिद्वार रोड जिला बिजनौर यूपी से काॅलर महबूब अहमद ने काॅल कर बताया कि उनकी पत्नी का इलाज एम्स से चल रहा है। मगर, प्रतिबंध के बीच वह दवाई लाने में असमर्थ है, ऐसे में पुलिस आरक्षी कमल जोशी ने हरिद्वार बस स्टाॅप पहुंचकर रोडवेज बस के जरिए दवाई पहुंचाई।
5. भट्टोवाला श्यामपुर निवासी राजेंद्र रावत ने काॅल कर ऋषिकेश कोतवाली में सूचना दी। बताया कि वह पांच दिन से पाॅजीटिव है, सांस लेने में तकलीफ है और आक्सीजन की आवश्यकता है, पुलिस ने तत्काल उन्हें आक्सीजन मुहैया करवाई।

कोरोना मरीजों को कैशलेश उपचार न देने पर राज्य सरकार ने शुरू किया शिकंजा कसना

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई), अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना (एएयूवाई) और स्टेट गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (एसजीएचएस) के अन्तर्गत सूचीबद्ध होने के बावजूद कोरोना मरीजों को निशुल्क (कैशलेस) उपचार न देने वाले अस्पतालों के खिलाफ राज्य सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक निजी अस्पताल को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नोटिस जारी किया है। नोटिस में कोरोना मरीजों को निशुल्क (कैशलेस) उपचार न देने पर अस्पताल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।

अरिहन्त एडवांस सर्जरी एण्ड फर्टिलिटी सेंटर शास्त्रीनगर देहरादून के चिकित्सक डा. अभिषेक जैन को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक (हास्पिटल मैंनेजमेंट) डॉ. ए.के. गोयल की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि कई लोगों की ओर से शिकायत मिली है कि अरिहन्त एडवांस सर्जरी एण्ड फर्टिलिटी सेंटर सरकार की विभिन्न योजनाओं पीएमजेएवाई, एएयूवाई और एसजीएचएस में सूचीबद्ध् होने के बावजूद कोरोना के मरीजों को निशुल्क कैशलेस उपचार मुहैया नहीं करवा रहा है जबकि राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश हैं कि इन योजनाओं के सूचीबद्ध अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार निशुल्क किया जाना है।

इतना ही नहीं राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारी जब इस सम्बंध में अस्पताल प्रबंधन से मोबाइल फोन पर सम्पर्क करते हैं तो कोई प्रतिउत्तर नहीं दिया जाता। पत्र में कहा गया है कि यदि अस्पताल ने आगे पीएमजेएवाई, एएयूवाई और एसजीएचएस योजनाओं के तहत कोरोना मरीजों को उपचार निशुल्क नहीं किया तो अस्पताल की सूचीबद्धता समाप्त करने के साथ ही अस्पताल के खिलाफ क्लीनिकल इस्टेबलिश्मेंट एक्ट के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी।

डीआरडीओ द्वारा बनाए जा रहे कोविड अस्पताल का सीएम तीरथ सिंह रावत ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आज आईडीपीएल में डीआरडीओ की ओर से तैयार किए जा रहे 500 बेड के कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। मौके पर डीआरडीओ के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की जानकारी हासिल की। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बताया कि 17 मई तक हॉस्पिटल तैयार कर लिया जाएगा। इसमें 120 आईसीयू बेड के अलावा ऑक्सीजन प्लांट भी होगा। योजना के अंतर्गत हल्द्वानी और ऋषिकेश में 500-500 बेड के अस्पताल का निर्माण हो रहा है।

इसके बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ऋषिकेश एम्स पहुँचकर यहां निदेशक प्रोफेसर रविकांत एवं उनकी टीम के साथ तैयारियों को लेकर बैठक की। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर आदि के बारे में जानकारी ली। कहा कि अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि वे 24 घंटे पहले अपनी ऑक्सीजन जरूरतों के लिए प्रशासन को अवगत कराएं ताकि अफरा तफरी की स्थिति न बने। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कोविड महामारी से जंग में जुटे सभी डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ का आभार भी जताया। मुख्यमंत्री को एम्स निदेशक ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में कम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट हैं जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। एम्स निदेशक ने कहा कि अस्पताल में 40 हजार लीटर के ऑक्सीजन प्लांट की आवश्यकता है जिस पर मुख्यमंत्री ने इस मामले में सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, जिलाधिकारी डा. आशीष श्रीवास्तव, एसडीएम वरुण चैधरी, तहसीलदार अमृता शर्मा, नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल, हॉस्पिटल डिजाइनर ले कर्नल रमन त्यागी, सूबेदार मेजर सुभाष, निगम के जेई उपेन्द्र गोयल आदि मौजूद थे।

स्टेशन के शौचालय पर मृत मिला ग्रीफ का सिपाही

अपर पुलिस अधीक्षक जीआरपी मनोज कत्याल कोविड संक्रमण के विषय में सतर्कता से ड्यूटी करने पर पुराने स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां स्टेशन के शौचालय पर ग्रीफ में पाईनियर के पद पर कार्यरत 47 वर्षीय मनोज डबराल मूर्छित हालत में गिरे हुए पाए गए। अपर पुलिस अधीक्षक जीआरपी उन्हें राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत बताया। इसके बाद मृतक के परिजनों को कोतवाली ऋषिकेश की सहायता से अंतिम संस्कार के लिए पीपीई किट उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा मृतक का सारा सामान उनके परिजनों को सौंपा गया। मौके पर देहरादून से उप निरीक्षक अनिल कुमार प्रभारी एस.ओ जीआरपी हरिद्वार भी मौजूद रहे।

वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक जीआरपी मनोज कत्याल को स्थानीय व्यक्ति ने सूचना देकर बताया कि जीआरपी चैकी से 200 मीटर दूर एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति गंभीर अवस्था में बीमार पड़ा हुआ है। सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और 108 इमरजेंसी सेवा के जरिए राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। साथ ही ऑक्सीजन की व्यवस्था भी की गई। जहां डॉक्टर द्वारा बताया गया कि उक्त व्यक्ति का आक्सीजन लेवल बहुत कम है, समय पर अस्पताल पहुंचा पाने के बाद आक्सीजन सही हो सकी और व्यक्ति की जान बच गई। हालांकि अभी उक्त व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है।

ड्रग इंस्पेक्टर व एसटीएफ का एम्स के मेडिकल स्टोर्स पर छापा

एम्स के भीतर संचालित हो रहे मेडिकल स्टोर्स में दवाईयों की कमी के चलते तीमारदारों में गुस्सा लाजिमी है, मगर ऐसे संकट के दौर में इन मेडिकल स्टोर्स का स्टाफ मरीजों के तीमारदारों से अच्छा व्यवहार भी नहीं अपना रहा है। इसके चलते वहां तनातनी भी सुनने में आई। आज ड्रग इंस्पेक्टर ने शिकायत मिलने के बाद एम्स के भीतर मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया तो बात सही पाई गई। इसके लिए उन्होंने मेडिकल संचालकों को सख्त चेतावनी दी है।

दरअसल, इन मेडिकल स्टोर्स में दवाइयां नहीं मिलने की वजह से मरीजों के तीमारदार और संचालकों के बीच में झगड़े हो रहे है। हालांकि ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर संचालकों को और संबंधित सप्लाई करने वाली दवा निर्माता के एजेंटों को जल्द से जल्द दवाओं की कमी पूरी करने के लिए निर्देश दिए हैं। ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर संचालक को किसी प्रकार की ओवर रेटिंग और स्टॉप नहीं करने के बाबत चेतावनी जारी की है। वहीं मेडिकल स्टोर पर दवाइयों की कमी होने से तीमारदारों को बाहर के मेडिकल स्टोरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

ड्रग इंस्पेक्टर अनिता भारती ने बताया कि एम्स के मेडिकल स्टोर में दवाईयों की कमी पाई गईं है। इसी के कारण लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि मरीजों के तीमारदारों और मेडिकल संचालकों के बीच तनातनी का माहौल देखा गया। बताया कि मेडिकल संचालकों को साफ तौर पर कहा गया है कि संकट के समय में तीमारदारों के समक्ष दवाई को लेकर दिक्कत नहीं आनी चाहिए। इसके लिए सर्वप्रथम मेडिकल स्टोर्स तीमारदारों के साथ अच्छा व्यवहार अपनाएं। उन्होंने कहा कि यदि आगे से अच्छा व्यवहार न अपनाने की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एसटीएफ से प्रियंका भारद्वाज और स्थानीय पुलिस मौजूद रही।

जिला देहरादूनः कोरोना कर्फ्यू अब 10 मई सुबह पांच बजे तक प्रभावी

उत्तराखंड से आज की सबसे बड़ी खबर मंत्रियों के साथ औपचारिक बैठक में नहीं बन पाई। प्रदेश में पूर्ण लॉकडाउन पर बात अब देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर के पूरे जिले में लगेगा।

पूर्ण कोरोना कर्फ्यू शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि अभी तक इन जिलों में कुछ इलाकों में ही कोरोना का कर्फ्यू लगाया गया था, लेकिन अब पूरे जिले में कोरोना कर्फ्यू लगाया जाएगा। वही तमाम नगर निगम में भी पूर्ण कोरोना कर्फ्यू होगा। वही उनके अनुसार जिलाधिकारी अपने हिसाब से स्थिति को देखते हुए फैसला लेंगे कि उन्हें जिले में किस तरीके की और सख्ती करनी अनिवार्य है। वही परचून की दुकानों को अब हर रोज नहीं खोला जा सकेगा। इसके लिए अल्टरनेट डेज की व्यवस्था बनाई जाएगी साफ है प्रदेश की तीरथ सिंह रावत सरकार अभी लॉकडाउन लगाने का हौसला नहीं जुटा पा रही है। देहरादून हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिले में 10 मई तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ चुका है। इसके अलावा चमोली, पौड़ी नैनीताल और टिहरी के प्रभावित जिलों के लिए भी आदेश जिला अधिकारियों द्वारा जारी किए जा चुके हैं।

स्पीकर ने पंचायतों में टीकाकरण केंद्र खोलने को लेकर की बैठक

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने तहसीलदार अमृता शर्मा को ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सभी 16 ग्राम पंचायतों में कोरोना वैक्सीन हेतु टीकाकरण केंद्र खोलने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान भी मौजूद थे।

स्पीकर ने कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ऋषिकेश में दबाव कम करने के लिए सभी 16 ग्राम पंचायतों में टीकाकरण केंद्र खोले जाने संबंधित विषय पर तहसीलदार एवं प्रधानों के साथ संयुक्त बैठक की।

अवगत करा दें कि विगत दिनों विधानसभा अध्यक्ष द्वारा देहरादून जिलाधिकारी को भी ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण केंद्र खोलने की बात कही गई थी।
स्पीकर ने बैठक के दौरान तहसीलदार को निर्देशित किया कि राजकीय चिकित्सालय एवं ग्राम प्रधानों के साथ सामंजस्य बनाकर सभी ग्राम पंचायतों में टीकाकरण केंद्र खोले जाएं। जिससे स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिल सके। स्पीकर ने कहा कि पंचायत स्तर पर टीकाकरण केंद्र खोलने से ऋषिकेश में दबाव कम होगा एवं अनावश्यक भीड़ से कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम होगा। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष के साथ ही सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन का टीका लग सके इसके लिए सभी एकजुट होकर कार्य करें।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि तहसीलदार शीघ्र ही संबंधित पंचायत के प्रधानों के साथ संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर टीकाकरण केंद्रों को चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि पंचायतों में सरकारी स्कूल व पंचायतघरों को टीकाकरण केंद्र के रूप में चिन्हित किया जा सकता है। कहा कि केंद्र इस प्रकार से हो कि जहां पर स्थानीय लोग सुविधा पूर्वक आ सके। उन्होंने प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षाकर्मी भी रखे जाने के निर्देश दिए जिससे कि टीकाकरण केंद्र पर किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न ना हो सके।

विधानसभा अध्यक्ष ने इस दौरान ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि कोरोना महामारी के इस मुश्किल समय पर स्वयं को बचाते हुए जनता को भी बचाना है एवं कोरोना संबंधित आवश्यक दिशा निर्देशों का पालन करवाना हमारी एक बड़ी जिम्मेवारी होगी।उन्होंने प्रधानों से अपने-अपने क्षेत्रों को संभालने की बात कही।

वहीं तहसीलदार ने विधानसभा अध्यक्ष से शीघ्र ही पटवारियों एवं ग्राम प्रधानों की मदद से टीकाकरण केंद्र को चिन्हित करने की बात कही एवं जल्द ही टीकाकरण केंद्र खोलकर 18 वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों को कोरोना वैक्सिन का टीका लगवाये जाने के लिए आश्वस्त किया।

इस अवसर पर गुमानीवाला के उपप्रधान राजेश व्यास, भट्टोवाला प्रधान दीपा राणा, खैरी कला प्रधान चंद्रमोहन पोखरियाल, जोगीवालामाफी के प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, चक जोगीवाला प्रधान भगवान सिंह महर, मंडल महामंत्री रवि शर्मा, लाला बलविंदर सिंह आदि उपस्थित थे।

सीएम को सेवा इंटरनेशनल संस्था की ओर से दिए गए पांच आक्सीजन कंसेंट्रेटर्स

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को आज सेवा इंटरनेशनल संस्था की ओर से 5 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स भेंट किए गये। इन ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स का उपयोग महंत इन्द्रेश अस्पताल द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुश्किल का समय है। हम सभी को मिलकर काम करना है। सरकार कोविड को लेकर युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। महंत इन्द्रेश अस्पताल के डॉ यशवीर दीवान ने बताया कि इन कंसेंट्रेटर्स का उपयोग अस्पताल में मरीजों के इलाज में किया जाएगा। इस अवसर पर सेवा इंटरनेशनल के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक तनुज पुंडीर, शशांक नेगी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने 100 आक्सीजन सिलेंडर देने पर ऑक नार्थ कम्पनी के सीईओ ऋषि खोसला का भी आभार व्यक्त किया है।

निशुल्क एंबुलेंस सेवा का लाभ 20 किलोमीटर तक देगा भाजयुमो

कोरोना महामारी में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने एक सराहनीय और अहम कदम उठाया है। जहां एंबुलेंस संचालक इस महामारी के दौर में मुनाफा कमाने की होड़ में लगे हैं। वहीं, भाजयुमो ने 20 किलोमीटर के दायरे में निशुल्क एंबुलेंस सेवा देने का ऐलान किया है।

जिला पंचायत सदस्य संजीव चैहान ने आज निशुल्क एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ किया गया। शुरू की गई निशुल्क एंबुलेंस सेवा के अंतर्गत 20 किलोमीटर के दायरे में फ्री सेवा दी जाएगी। जबकि 20 किलोमीटर से अतिरिक्त दूरी हो उसके लिए सेवा लेने वाला लाभार्थी को मात्र पेट्रोल का किराया निर्वहन करना होगा।

भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यालय प्रभारी एवं जिला पंचायत सदस्य संजीव चैहान ने बताया कि उन्होंने अपने खर्चे से निशुल्क एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की है। सेवा के अंतर्गत 20 किलोमीटर के दायरे में पूरी तरह से निशुल्क एंबुलेंस का लाभ उठा सकते हैं एवं 20 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के लिए सेवा के अंतर्गत लाभार्थी को मात्र पेट्रोल का खर्चा निर्वहन करना होगा। बाकी एंबुलेंस की पूरी सेवा निशुल्क दी जाएगी। उन्होंने सेवा का लाभ उठाने वाले लाभार्थियों के लिए अपना संपर्क सूत्र 9997303122 भी जारी किया है।

मेडिकल स्टोर मालिक अरेस्ट, प्रिंट रेट से ज्यादा में बेच रहा था आक्सीमीटर

यदि आपके किसी परिजन को या आपके आसपास कोई मेडिकल संचालक प्रिंट रेट से ज्यादा में कोई भी दवाई बेच रहा है। तो आप पुलिस मुख्यालय की हेल्प लाइन 9411112780, 9412029536 पर संपर्क कर कालाबाजारी को रूकवा सकते है।

वर्तमान में बढ़ते कोविड-19 संक्रमण के कारण जीवन रक्षक औषधी, वैक्सीन, प्लस आक्सीमीटर व ऑक्सीजन की मांग काफी बढ़ गयी है। उक्त अवसर का लाभ उठाकर लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने का प्रयास कर रहे है।

साई मेडिकोज कुठालगेट पर आवश्यक वस्तु ऑक्सिमेटर की ओवररेटिंग 1000 रुपये ज्यादा कर बेची जा रही है। गोपनीय रूप से एक आरक्षी को स्पेशल टास्क फोर्स से गोपनीय जानकारी के लिए लगाया गया। देर रात मेडिकल स्टोर पर सब इंस्पेक्टर विपिन बहुगुणा व आरक्षी देवेंद्र मंगाई, वीरेंद्र नौटियाल द्वारा छापा मारकर उपरोक्त ऑक्सिमेटर के बिल, उसके क्रय किये गए रिकार्ड्स जब्त किए। मालूम चला कि चाईनीज आक्सीमीटर जिसकी कीमत अधिकतम 1200 रुपये बिल में है वो 2200 रुपये में बेचने की पुष्टि हुई’। कालाबाजारी करने पर अभियुक्त को गिरफ्तार कर मुकदमा थाना राजपुर पर पंजीकृत किया गया।

पुलिस उपनिरीक्षक विपिन बहुगुणा ने आरोपी की पहचान राजेश गुप्ता के रूप में कराई है।