मेयर अनिता ने बडोनी चैक पर किया हाईटेक शौचालय का निरीक्षण

मेयर अनिता ममगाई ने स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी चैक स्थित निर्माणाधीन हाईटेक शौचालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी सुरभि लोक संस्था के निर्माण कार्य पर संतोष जताया।
स्वच्छ भारत मिशन एवं 14 वित्त आयोग की मदद एवं शहरी विकास मंत्रालय के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश में बनवाए जा रहे शौचालयों को लेकर निगम प्रशासन बेहद गंभीर नजर आ रहा है।

मेयर अनिता निर्माणाधीन शौचालयों की मॉनिटरिंग स्वयं कर रही है। इसी कड़ी में आज दोपहर मेयर अनिता ममगाई ने स्व इन्द्रमणि बडोनी चैक स्थित हाईटेक शौचालय का निरीक्षण किया। बताया कि तीस वर्षों के मेंटेनेंस एग्रीमेंट के साथ हाईटेक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है।जानकारी दी कि अच्छे शौचालय देने का वायदा उन्होंने चुनावी घोषणा पत्र में किया था। योजना को जमीनी धरातल पर लाने के लिए कार्य प्रारंभ हो चुका है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में सुंदर साफ और स्वच्छ शौचालयों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द ही उक्त प्रोजेक्ट को पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में तीन हाईटेक और पांच डीलक्स शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है इससे यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे नगर निगम को भूमि उपलब्ध होती रहेगी वैसे वैसे अन्य क्षेत्रों में भी हाईटेक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।इस दौरान सहायक नगर आयुक्त एलम दास, सहायक अभियंता आनंद मिश्रवान, स्थानीय पार्षद राकेश सिंह मियां,अनिल ध्यानी, अनिकेत गुप्ता, राजेश गौतम, सुरभी लोक संस्था के चेेेयरमेन आशीष तिवारी, प्रांतीय प्रबंधक विक्रम सिंह आदि मोजूद रहे।

परिजनों की भांति निर्धन कन्या की आर्थिक मदद को आया लायंस क्लब डिवाइन

निर्धन कन्या के लिए लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन अभिभावक बना। यह पहला मौका नहीं है, जब क्लब किसी निर्धन के लिए मददगार बना हो। इससे पूर्व भी क्लब की ओर से अनगिनत लोगों की मदद की गई है।

ठीक उसी प्रकार आज एक निर्धन कन्या के इलाज के लिए 5100 रूपए की आर्थिक सहायता कर क्लब ने अभिभावक की भूमिका निभाई। क्लब अध्यक्ष महेश किंगर ने बताया कि समय-समय पर समाज जरूरतमंदों की सहायता की जाती है चाहे वह इलाज के लिए आर्थिक सहायता हो, स्कूल फीस और शादी समारोह में सामान की आवश्यकता हो। बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी त्रिवेणी घाट पर निशुल्क चाय की जा रही है। इस अवसर पर संस्थापक ललित मोहन मिश्र, सचिव अमित सूरी, घनश्याम ढंग, मयंक अरोड़ा, सावन खुराना आदि उपस्थित थे।

बिना परमिशन के बारात निकालने पर होगा मुकदमा

कोतवाली ऋषिकेश में आज समस्त होटल, धर्मशालाओं, वेडिंग प्वाइंट के संचालकों की बैठक उप जिलाधिकारी वरूण चैधरी की मौजूदगी में ली गई।

एसडीएम वरूण चैधरी ने आयोजकों को बताया कि देशभर में कोरोना संक्रमण की संख्या में इजाफा को देखते हुए तीर्थ नगरी ऋषिकेश में बिना अनुमति रात को बारात निकालने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही रात दस बजे के बाद डीजे नहीं बजाया जाएगा। उन्होंने इसका पालन सभी आयोजकों से करने को कहा। साथ ही बताया कि ऐसा न करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।

पुलिस क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने व उच्च न्यायालय के आदेशानुसार रात 10 बजे बाद कोई भी डीजे नहीं बजाएगा, जिसके लिए होटल, धर्मशाला, वेडिंग संचालकों के द्वारा बुक कराए जाने वाली पार्टियों से लिखित रुप में लिया जाएगा। इसी के साथ पुलिस द्वारा निर्धारित सूचनाएं भी सार्वजनिक स्थान पर चस्पा की जाएगी। कहा कि यदि कोई पार्टी नहीं मानती है, तो उसके खिलाफ पुलिस को सूचना दी जाए, जिसके बाद पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।

बैठक में नगरभर के करीब 38 संचालक मौजूद रहे।

सोनिया गांधी के जन्मदिन पर जरूरतमंदों को बांटा फल


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला के नेतृत्व में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के जन्मदिवस पर गंगा पूजन व जरूरतमंदों को फल व दूध वितरण कर उनकी स्वास्थ्य एंव दीर्घायु की कामना कर सादगी पूर्ण मनाया।

एआईसीसी सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने किसानों की समस्या को देखते हुऐ कार्यकर्ताओं से जन्मदिन को धूमधाम से ना मनाने को कहा है, इस कारण कार्यकर्ताओं ने त्रिवेणी घाट में मॉं गंगा में दुग्धाभिषेक कर जरूरतमंद बच्चों व लोगों को दूध व फल वितरण किये साथ हू मॉं गंगा से उनके दीर्घायु व स्वास्थय के साथ किसानों की समस्याओं का जल्द हल हो ऐसी कामना की।

इस मौके पर महिला कांग्रेस अध्यक्ष मधु जोशी, पूर्व प्रदेश सचिव दीपक जाटव, प्रदेश सचिव मदन मोहन शर्मा, पार्षद राकेश सिंह, अजय मनमीत, सहदेव राठौर, पुरंजय राजभर, गौरव राणा, मनोज त्यागी, निशा वर्मा, संजय शर्मा, गुलशन सेवक, गौतम नौटियाल, जयपाल बिट्टू, गौरव यादव, संजय कुमार शर्मा, राजू गुप्ता आदि मौजूद थे।

हाईस्पीड संचार सेवा से जुड़ा राजकीय महाविद्यालय, स्पीकर ने किया उद्धाटन

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने आज पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय महाविद्यालय में 4-जी संचार सेवा का विधिवत उद्धाघाटन किया। मौके पर एनसीसी कैडेट्स को स्पीकर ने एक लाख 50 हजार रुपये विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से देने की घोषणा भी की। इसके अलावा स्पीकर ने गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले महाविद्यालय के 2 कैडेट्स को दस-दस हजार रुपये देने की घोषणा की।

स्पीकर ने कहा कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों को 4-जी कनेक्टिविटी से जोड़ने का अभियान जारी है आज इसी श्रृंखला में पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय महाविद्यालय को 4जी कनेक्टिविटी से जोड़ा गया जिससे छात्र छात्राओं को लाभ होगा।

कहा कि उत्तराखंड सरकार ने छात्र छात्राओं को पठन-पाठन में आने वाली समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए प्रत्येक महाविद्यालय को 4जी नेटवर्क से जोड़ने का संकल्प लिया है।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा के पूर्व निदेशक डॉ एनके महेश्वरी, महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुधा भारद्वाज, भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, श्यामपुर के मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, डॉ अंजू भटट, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ रूबी तबस्सुम, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप शर्मा, पूर्व छात्र संघ विश्वविद्यालय प्रतिनिधि नितिन सक्सेना, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक शर्मा, बलविंदर सिंह, कौशल बिज्लवान, डॉ बीके गुप्ता, जय कृष्ण, आशीष जोशी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ, दयाधर दीक्षित ने किया।

एक्शन में मुख्यमंत्री, ई-गवर्नेंस को लेकर अब होगी कार्रवाई

उत्तराखंड सरकार ने 2017 के बाद भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के साथ सुशासन को अपने शीर्ष एजेंडे में रखा है। इसके लिए सरकारी कामकाज और सेवाओं को सुधारने को प्राथमिकता दी गई है। उत्तराखंड के जिलों में ई-गवर्नेंस का क्रियान्वयन प्रारंभ किया जा चुका है। राज्य स्तर पर प्रारंभ की गई सुशासन की योजनाओं की अब मुख्यमंत्री खुद मॉनीटरिंग करेंगे। इसके लिए सीएम डैश बोर्ड को ज्यादा दुरुस्त किया जा रहा है। यह पहली बार होगा कि डैश बोर्ड पर विभागों के कामकाज को लेकर जनता की शिकायतों और सुझावों को दोनों को शामिल किया जा रहा है। इसकी बड़ी वजह विभागों में जन समस्याओं के समाधान को लेकर की जा रही कार्यवाही का सच मुख्यमंत्री के सामने रहे। इसमें पहली बार जवाबदेही भी तय की जा रही है।
इसी वजह से सीएम डैश बोर्ड और सीएम हेल्पलाइन को जोड़ने का निर्णय लिया गया है। इस हेल्पलाइन में आम आदमी जन सेवाओं से जुड़े विभागों से संबंधित शिकायतों को दर्ज कराता है। हेल्पलाइन में शिकायतों के निवारण के लिए समयबद्ध व्यवस्था की गई है। डैश बोर्ड से जुड़ने के बाद हेल्पलाइन में दर्ज होने वाली समस्याओं के समाधान को लेकर विभागों के स्तर पर की जाने वाली तैयारी और सतत रणनीति भी सामने आएगी।
सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा ने बताया कि सीएम डैश बोर्ड से जुड़े विभागों ने जन सुझावों पर अमल और शिकायतों का त्वरित निराकरण नहीं किया तो उनकी वार्षिक प्रविष्टियों में रेड एंट्री होगी। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को जन शिकायतों में देरी या ढिलाई बरतने का दोषी पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही डैश बोर्ड पर 50 फीसद से कम प्रगति वाले विभागों को डैश बोर्ड से स्वतः पत्र जारी किए जाएंगे।

1600 किमी सड़कों के निर्माण के लिए धनराशि मंजूर

उत्तराखंड की करीब 1600 किमी सड़कों का उद्धार होने की आस जगी है। शासन ने मरम्मत और सुधारीकरण के अभाव में खराब हो गई सड़कों को चमकाने के लिए 305 करोड़ रुपये मंजूर किए है। इस बजट से 74 मोटर मार्गों पर सुधारीकरण के नए काम होंगे, जबकि सड़कों पर पहले से चल रहे 25 कार्यों को सुधारा जाएगा।
बता दें कि कोविडकाल के दौरान लोनिवि सड़कों की मरम्मत नहीं कर पाया था। रही सही कसर मानसून के दौरान पूरी हो गई। बजट के अभाव में कई मोटर मार्गों पर सुधारीकरण के कार्य शुरू नहीं हो पा रहे थे। लेकिन अब उम्मीद जगी है।
शासन ने 74 सड़कों को चमकाने के लिए 238 करोड़ 47 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। इसी तरह 25 चालू कार्यों के लिए 67.43 करोड़ की धनराशि जारी हुई है। ये धनराशि पूंजीगत व्यय के तहत विशेष सहायता योजना में मंजूर की गई है। पिछले दिनों मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने इस योजना की समीक्षा की थी और लोनिवि व अन्य विभागों को धनराशि 31 मार्च से पहले खर्च करने के निर्देश दिए थे।

15 मार्च तक दुरुस्त कर लें सड़कें
शासन ने सड़कों के निर्माण के लिए बजट जारी करने के साथ इसकी डेडलाइन भी तय कर दी है। सचिव लोनिवि आरके सुधांशु के मुताबिक, 15 मार्च 2021 तक सड़कों के सुधारीकरण के कार्य पूरे होने हैं। साथ ही सुधारीकरण के कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए रैंडम सैंपलिंग भी कराई जाएगी।

आबादी बहुल क्षेत्र में हैं सड़कें
शासन ने जिन सड़कों के लिए बजट को मंजूरी दी है, उनमें अधिकांश सड़कें आबादी बहुल क्षेत्रों में हैं। इन सड़कों पर यातायात का खासा दबाव है। सड़कों में सुधार होने के बाद इससे यात्रियों को सुविधा होगी।

डबल लेन होगा दिवालीखाल-भराड़ीसैंण में मोटर मार्ग, बजट जारी
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को जोड़ने वाली दिवालीखाल-भराड़ीसैंण मोटर मार्ग को डबल लेन बनाने को शासन ने बजट जारी किया है। अभी यह मोटर मार्ग सिंगल लेन है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मोटर मार्ग को डबल लेन की करने घोषणा की थी। संयुक्त सचिव (लोनिवि) श्याम सिंह ने मोटर मार्ग को डबल लेन करने के लिए आठ करोड़ 53 लाख 16 हजार की धनराशि मंजूर करने का आदेश जारी किया।

अटैचमेंट को लेकर डीजीपी सख्त, मूल तैनाती के होंगे आदेश

उत्तराखंड के सभी पुलिसकर्मियों के पास एक माह के भीतर स्मार्ट कार्ड होंगे। इसके लिए डीजीपी ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला प्रभारी और सेनानायक इस काम को अपने पर्यवेक्षण में करेंगे।
दरअसल, बीते 12 सालों से पुलिस के आईडी कार्ड का काम बेहद धीमा है। फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों के कार्ड दौरान नहीं बन पाए थे। इनकी संख्या तीन से चार के आसपास बताई जा रही है। आईकार्ड न होने से पुलिसकर्मियों को बाहरी जनपदों और राज्यों में दबिश देने में भी समस्या सामने आती थी। लेकिन, अब डीआईजी ने सभी के कार्ड बनाने के लिए एक माह का समय दिया है।

पुलिस में खत्म होगा अटैचमेंट का खेल
पहाड़ की ड्यूटी से बचने के लिए लंबे समय से अटैच चले आ रहे पुलिसकर्मियों को मूल तैनाती पर जाना ही होगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने अटैचमेंट वाले प्रकरणों की समीक्षा करानी शुरू कर दी है। वाजिब कारण वालों को छोड़कर सभी को पहाड़ चढ़ाने की तैयारी की जाएगी।
दरअसल, मैदान में समयावधि पूरी होने के बाद कर्मचारियों का पहाड़ पर ट्रांसफर किया जाता है। लेकिन, बहुत से कर्मचारी कई मजबूरियां बताकर विभिन्न दफ्तरों में अटैच हो जाते हैं। यह अटैचमेंट अग्रिम आदेशों या समस्या हल होने तक किया जाता है।
बावजूद, इसके तमाम कर्मचारी अब भी दफ्तरों से अटैच होकर मैदान में ड्यूटी कर रहे हैं। इस मामले में अब डीजीपी ने मुख्यालय में मौजूद कर्मचारियों का डाटा और उनके अटैचमेंट की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ताकि, इन कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल पर भेजा जा सके।

आईजी ने भी दिए थे निर्देश
पिछले दिनों रेंज स्तर पर आईजी अभिनव कुमार ने भी अटैचमेंट की स्थिति साफ करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कई कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल पर भेजने के निर्देश भी दिए थे। उन्होंने नाराजगी जताई थी कि बहुत से कर्मचारी सहूलियत का बेवजह फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अटैचमेंट एक सुविधा होती है, जिसका अनुचित लाभ लिया जाना गलत है।
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा पहाड़ पर ट्रांसफर हुए लोगों को जल्द ही मूल तैनाती पर भेजा जाएगा। इसके लिए सभी को निर्देशित किया जा चुका है। इसके लिए समितियां भी काम कर रही है। ट्रांसफर, पोस्टिंग को लेकर वर्तमान में नौ समितियां हैं।

किसानों की हर मांग को गंभीरता से लेती है सरकार-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से सचिवालय में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने भेंट की। उन्होंने किसानों की विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए उनके निराकरण का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक निर्णय लिये गये हैं। किसानों को 3 लाख रूपये तक का बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कराये जाने के साथ ही उत्पादों के क्रय की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान अपनी किसी भी समस्या के समाधान के लिये टोल फ्री नम्बर 1905 पर अपनी समस्यायें बतायें इससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को बिजली, पानी सहित कृषि सम्बन्धी कार्यों में आवश्यक सहयोग के लिये सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में देहरादून में किसान भवन बनाया गया है। राज्य सरकार द्वारा गन्ना किसानों को सहकारी चीनी मिलों के स्तर पर लम्बित सौ प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। धान मूल्य का भुगतान ऑनलाइन 24 घण्टे के अन्दर ही बिल प्राप्त होते ही आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में जमा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि नये पैराई सत्र से पहले गन्ना किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निजी क्षेत्र की इकबालपुर शुगर मिल जो बन्द हो गई थी जिससे 22,500 किसान जुड़े थे, राज्य सरकार ने इस मिल को 36 करोड़ की गारन्टी देकर खुलवाया है ताकि किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के व्यापक हित में खाण्डसारी नीति बनाई गई है ताकि जो भी किसान खाण्डसारी उद्योग शुरू करना चाहे शुरू कर सकता है। मुख्यमंत्री ने किसानों को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने किसानों से किसान पेंशन निधि का लाभ लेने की भी अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को वृद्धावस्था पेंशन भी दी जा रही है। इस योजना का भी लाभ किसान भाई ले सकते हैं।
इस अवसर पर किसान यूनियन के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई समस्याओं में प्रत्येक जनपद में किसान भवन बनाये जाने, किसानों को पेंशन दिये जाने, निजी चीनी मिलों के स्तर पर किसानों को लम्बित गन्ना मूल्य का भुगतान किये जाने, धान क्रय केन्द्रों पर एवं मण्डियों में सुविधायें उपलब्ध कराये जाने से सम्बन्धित समस्यायें प्रमुख थी। किसानों का उत्पीड़न न हो इसकी व्यवस्था के निर्देश दिये जाने का भी अनुरोध उन्होंने मुख्यमंत्री से किया।
इस अवसर पर इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार डॉ धन सिंह रावत, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी संजीव तोमर, प्रदेश अध्यक्ष सोम दत्त शर्मा, इन्द्रजीत सिंह सांगवान, राममेहर तोमर, चैधरी सुदेश पाल सिंह, चैधरी राजीव मलिक, विकेरा बालियान, पवन त्यागी, अजय त्यागी, श्रवण त्यागी एवं जावेद अली आदि उपस्थित थे।

ऋषिकेश व्यापार महासंघ के सदस्यता अभियान में उत्साह का माहौल

नगर निगम ऋषिकेश के पहले व्यापार महासंघ ने नगर के व्यापारियों के साथ मिलकर ऋषिकेश में दून तिराहे से चन्द्रभागा पुल तक सदस्यता अभियान चलाया। मौके पर दर्जनों व्यापारियों को ऋषिकेश व्यापार महासंघ का सदस्य भी बनाया गया।
ऋषिकेश व्यापार महासंघ के संयोजक राजीव मोहन अग्रवाल ने कहा कि आज ऋषिकेश व्यापार महासंघ के बैनर तले के साथ सदस्यता अभियान चलाकर बड़ी संख्या में सदस्य बनाये। इस दौरान सदस्य बनने के लिये व्यापारियों में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि काफी समय से लोग एकाधिकार वाले व्यापारी नेताओं के मनमाने रवैयों से आजिज आ चुके थे, इसी लिये व्यापारी भाईयों ने बढ़-चढ़कर सदस्यता अभियान में भाग लिया।
सह संयोजक नवल कपूर ने कहा कि हमारा मकसद सभी व्यापारियों को समान अधिकार वाले व्यापार महासंघ का गठन करना था। जिसके चलते व्यापारी भाईयों के सहयोग से व्यापारियों का स्थानीय स्तर पर नगर निगम का पहला व्यापार महासंघ का गठन हुआ। जिसके सदस्यता अभियान व्यापारी भाईयों ने पूर्ण सहयोग कर सदस्य बनने व बनाने में मदद कर रहे हैं ।
सदस्यता अभियान में पूर्व व्यापार सभा अध्यक्ष सूरज गुल्हाटी, राजेन्द्र सेठी, मोटर पार्टस एसोसिएशन अध्यक्ष चन्द्रशेखर जैन, स्वर्ण कार संघ अध्यक्ष यशपाल पंवार, पार्षद अजीत सिंह गोल्डी, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष मदन नागराज, महामंत्री अंशुल अरोड़ा, क्षेत्र रोड व्यापार संगठन अध्यक्ष राजेश भट्ट, स्वर्णकार संघ उपाध्यक्ष हितेन्द्र पंवार, बर्तन एसोसिएशन अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल, प्रचून व्यापर संघ अध्यक्ष गिरिराज गुप्ता, मेन बाजार व्यापार संघ महामंत्री ललित सक्सेना, स्वर्णकार संघ से विवेक वर्मा, नागेन्द्र सिंह, रमनप्रीत सिंह, हरीश दरगन, अतुल सरीन, अशोक नेगी, राजेश अरोड़ा, सरदार प्रीतपाल सिंह जस्सल, हरीश गावडी, विशाल अग्रवाल, संजय पंवार, प्रदीप कुमार, रमन अरोड़ा, रवि चैहान, राजपाल ठाकुर, सजल खुराना आदि मौजूद थे।