एकल खिड़की सिस्टम, कई योजनाओं को मिलेगा आकार

मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिये विभिन्न विभागों से वांछित स्वीकृतियों, अनुज्ञापनों, व अनुज्ञायें प्राप्त करने के लिये गठित उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम 2012 के अंतर्गत राज्य प्राधिकृत समिति की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में 12.936 करोड़ लागत के मैसर्स बागनाथ पावर प्रा0 लि0 सोलर पावर परियोजना लागत 12.936 करोड़ के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस स्वीकृत प्रोजेक्ट में 13 लोगों को सेवायोजन प्राप्त होगा। इसी क्रम में पोलट्री हैचरी के 43 करोड़ 71 लाख लागत के भगवानपुर हरिद्वार प्रोजेक्ट को स्वीकृत दी गई, जिसमें 68 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
इसी क्रम में मेगा इन्डस्ट्रियल एण्ड इन्वेस्टमेंट पॉलिसी 2015 एण्ड मेगा टेक्सटाईल पार्क पॉलिसी 2014 के तहत मैसर्स बालाजी एक्शन बुल्डवेल द्वारा प्रस्तावित अक्टूबर 2018 से मार्च 2020 तक के विद्युत बिलों के छूट के प्रस्तावों पर स्टेट लेवल कमेटी के अनुमोदन के आधार पर मुख्य सचिव द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई, तथा ब्याज अनुदान की राशि 10 लाख 86 हजार 816 रूपये छूट की स्वीकृति दी गई।
मैसर्स गलवालिया इस्पात उद्योग प्रा0लि0 को अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक की अवधि के विद्युत बिल के छूट के प्रस्ताव पर स्टेट लेवल कमेटी के अनुमोदन के आधार पर मुख्य सचिव द्वारा स्वीकृति दी गई। इसी क्रम में मैसर्स फुटवियर को 18 लाख 4 हजार 968 रूपये की स्टांप डयूटी की अदायगी मैसर्स नीटछेम लाईफसाइन्स को 40 लाख 28 हजार 719 धनराशि की स्टाम्प डयूटी अदायगी, मैसर्स अल्टीमेट फ्लेक्सी को अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक की अवधि के विद्युत बिल की छूट स्टेट लेवल कमेटी की संस्तुति पर विद्युत बिल में छूट तथा 2 लाख 31 हजार का ब्याज अनुदान की स्वीकृति प्रदान की गई। इसी क्रम में मैसर्स पारले एग्रो प्रा0लि0 का ब्याज अनुदान स्वीकृत किया गया। मैसर्स सिवान्ता स्पूनटैक्स प्रा. लि. को अक्टूबर 19 से मार्च 2020 तक की अवधि के विद्युत बिल की स्टेट लेवल कमेटी के अनुमोदन के आधार पर स्वीकृत दी गई।
काशीपुर में मैसर्स ऊषा एलुमिनियम प्रा0 लि0 उद्योग लागत 22.40 करोड़ के प्रस्ताव, 24 करोड़ लागत के मैसर्स कार्बेट द आईकन स्पा एण्ड रिजोर्ट के प्रस्तुत प्रस्तावों को आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।
एक अन्य परियोजना नैनबाग टिहरी में 3 मेगावाट क्षमता के मैसर्स रैसून एनर्जी प्रा0 लि0 के सोलर एनर्जी पावर जनरेशन के 12 करोड़ 45 लाख के प्रोजेक्ट तथा काशीपुर के 360 करोड़ के मैसर्स बेहल पेपर्स मिल लि0 के प्रस्ताव को तथा बाजपुर में मैसर्स मौनार्ड इण्डस्ट्रीज के प्रस्ताव को शीघ्र आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने सम्बन्धित विभागों को उद्योगों इकाई की स्थापना में अपने विभाग से संबंधित आपत्तियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिये।
बैठक में प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार, सचिव राजस्व सुशील कुमार, एमडी सिडकुल एस. मुरूगेशन, अपर सचिव उर्जा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी तथा निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल, उपनिदेशक पल्लवी जोशी सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

हुडको ने की सोशल सेक्टर में निवेश की पेशकश

सचिवालय में हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव ओम प्रकाश के समक्ष हुडको द्वारा संचालित योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने हुडको के अधिकारियों को बताया कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा जी.एस.डी.पी. से 2 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिये केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा निर्धारित 4 क्षेत्रों यथा वन नेशन वन राशन कार्ड, शहरी निकायों के सुदुढ़ीकरण एवं पॉवर सेक्टर, राज्य को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत जिला स्तर के बिजनेस रिफार्म, नवीनीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना से सम्बन्धित रिफार्म्स कार्य दिसम्बर 2020 तक पूर्ण किये जाने हैं, जिसके लिये राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाये गये हैं। उन्होंने कहा कि इन रिफार्म्स के आधार पर राज्य को लगभग 4600 करोड़ रूपये की अतिरिक्त ऋण सुविधा मिलेगी। उन्होंने हुडको द्वारा प्रस्तावित सोशल सेक्टर में निवेश की पेशकश को उपयोगी बताते हुए उपस्थित विभागीय सचिवों को निर्देश दिये कि वे अपने अपने विभाग की योजनाओं में हुडको के सहयोग की संभावनाओं का पता लगायें। उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग, नगर विकास, राजस्व एवं वी.सी एमडीडीए, एम.डी. यूकेएमआरसी को अपने अपने विभाग में हुडको की पेशकश की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिये।
प्रस्तुतीकरण में उत्तराखण्ड में चल रहे परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, मेट्रो रेल, रोपवे, सड़क, पुल, फ्लाई ओवर, स्कूल, अस्पताल, ट्रांसपोर्ट नगर पार्किंग कॉम्प्लेक्स, उद्योग अवस्थापना, पॉवर प्रोजेक्ट में हुडको द्वारा निवेश करने की पेशकश की गई। प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि हुडको द्वारा जून 2020 तक उत्तराखण्ड में 708 करोड़ रूपये के ऋण जारी किये गये हैं, जिसमें हाउसिंग क्षेत्र में 373.07 करोड, शहरी अवस्थापना क्षेत्र में 324.77 करोड़, अन्य में 5.93 करोड़ तथा हुडको निवास योजना में 4.45 करोड़ अब तक जारी किये जा चुके हैं।
बैठक में सचिव मा. मुख्यमंत्री/चिकित्सा अमित सिंह नेगी, सचिव लोक निर्माण विभाग आर.के. सुधांशु, सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली, वी.सी. एमडीडीए रणवीर सिंह चैहान, हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख हरिमोहन भटनागर, सहायक महाप्रबंधक (परियोजना) संजय भार्गव, सहायक महाप्रबंधक (वित्त) अशोक ललवानी उपस्थित थे।

संवेदनशील गांवों को विस्थापित करने के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आपदा कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आपदा की दृष्टि से सभी जनपद अलर्ट रहे। जब बारिस के बाद धूप आती है, तो ऐसे समय में लैण्ड स्लाइडिंग की समस्याये बहुत अधिक होती है। आपदा से जो सड़कें बाधित हो रही हैं, उन्हें सुचारू करने के लिए कम से कम समय लिया जाय। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की 24 घण्टे व्यवस्था रखी जाय।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा से होने वाली जनहानि में उनके परिवारजनों को 3 दिन के अन्दर अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराई जाय। आपदा के दौरान जिन लोगों को अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है, उनके रहने, खाने की उचित व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि जनपदों में लैण्ड बैंक के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई जाय, ताकि आवश्यकता पड़ने पर आपदा प्रभावितों को विस्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील गांवों को भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर विस्थापित करने के लिए भूमि का उपलब्ध होना जरूरी है। ऐसे गांवों की सूची बनाई जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील गांवों के लोगों के लिए विस्थापित करने के लिए फारेस्ट की भूमि की मंजूरी के लिए प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जायेगा। उन्होंने जिलाधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा।
इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन एस. ए मुरूगेशन ने जानकारी दी कि जनवरी 2020 से प्राकृतिक आपदा के कारण राज्य में 62 लोगों की मृत्यु हुई है, 33 घायल हुए जबकि 4 लोग लापता हैं। 357 छोटे एवं बड़े पशुओं की हानि हुई। 237 भवन तीक्ष्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए। मानसून के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग भी क्षतिग्रस्त हुए, राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिकतम 24 घण्टों के अन्दर सुचारू कर दिया गया। पिथौरागढ़ जनपद के तहसील बंगापानी के गैला, पत्थरकोट, बाता, टांगा एवं सिरतोल में अतिवृष्टि के कारण मलबा आने से सबसे अधिक नुकसान हुआ। आपदा मोचन निधि में भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2020-21 प्रथम किश्त के रूप में राज्य सरकार को 468.50 करोड़ रूपये का मानकीकरण किया गया है। जिलाधिकारियों को 103 करोड़ रूपये का एसडीआरएफ का बजट आवंटन किया गया एवं आपदा से संबंधित कार्यों के लिए अन्य विभागों को 189.88 करोड़ रूपये के एसडीआरएफ बजट का आवंटन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव अमित नेगी, डॉ. पंकज पाण्डेय, आईजी संजय गुंज्याल एवं वीसी के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

कृषि मंत्री ने कहा-रोजगारपरक खेती से प्रदेश के किसानों को जोड़ना होगा

कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने सचिवालय में कृषि एवं इससे सम्बद्ध विभागों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं की जानकारी सभी सीडीओ को होनी चाहिए, इसके लिए विभाग और सीडीओ आपसी समन्वय बनाकर कार्य किए जाएं।
कृषि मंत्री ने विभाग के अधिकारियों से विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग एवं सीडीओ द्वारा इनकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने किसानों की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने के लिए अधिकारियों के सुझाव भी मांगे ताकि अच्छे सुझावों को लागू किया जा सके। रेशम विभाग के अधिकारियों से कपड़ा उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उत्पादन गति बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री ने उनके द्वारा 3 वर्ष पूर्व जिला उद्यान अधिकारी एवं मुख्य उद्यान अधिकारी को एक-एक ग्राम गोद लिए गये गावों की अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गोद लिए गए गावों में क्लस्टर बेस्ड कृषि पर अधिक फोकस किया जाए। उन्होंने प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत ड्रिप सिंचाई को प्रायोरिटी के साथ लिए जाने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में विकास के लिए परंपरागत खेती को बढ़ावा देने के साथ ही इनोवेटिव होने की आवश्यकता है। उत्तराखण्ड में 90 प्रतिशत किसान स्मॉल एवं मार्जिनल लेवल के हैं। आत्मनिर्भर भारत योजना के अन्तर्गत एफ पी ओ की नाबार्ड के माध्यम से प्रस्तुतीकरण करवा कर पूर्ण जानकारी गावों तक पहुंचाई जाए।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में एरोमैटिक और हर्बल की अत्यधिक संभावनाएं हैं। एरोमा के क्षेत्र में क्लस्टर बेस्ड योजनाएं लायी जाएं। इसके साथ ही, गुलाब के उत्पादन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में योजना तैयार की जाए। हर्बल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट को भी औषधीय पौधों के लिए विशेष योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। यह क्षेत्र रोजगार एवं आय का एक महत्वपूर्ण श्रोत बन सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागों के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए एक मैकेनिज्म तैयार किया जाए।
उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फलों के ट्रेडिशनल प्लांट्स की प्लांटेशन को छोड़ उच्च गुणवत्ता के प्लांट्स की प्लानिंग को शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना आत्म निर्भर भारत के अन्तर्गत ऑपरेशन ग्रीन योजना कलैक्टिव फार्मिंग में अधिक ध्यान दिया जाए। लोगों को जानकारी उपलब्ध कराने हेतु योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में मशरूम की खेती को बढ़ावा दिया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में मशरूम के उत्पादन को बढ़ा कर दूसरे कृषि उत्पादों की ओर आकर्षित किया जाए। जनपद स्तर में अधिकारियों को आ रही समस्याओं के लिए कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने शासन के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद स्तर की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। सोइल मैप और उसके अनुरूप फसलों की जानकारी का चार्ट सीडीओ को भी उपलब्ध कराया जाए ताकि उस फसल के अनुरूप योजनाएं बनाई जा सकें।
इस अवसर पर सचिव हरबंश चुग सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी, जनपदों से मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

दूरस्थ क्षेत्रों में लैब तक सैपंल भेजने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद लेः सीएम

कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अस्पतालों में आवश्यक संसाधन बढ़ाये जाय। टेस्टिंग और अधिक बढ़ाने की जरूरत है। दूरस्थ क्षेत्रों से टेस्टिंग लैब में सैंपल भेजने में देरी हो रही है, हेलीकॉप्टर से भी भेज सकते हैं। यह सुनिश्चित किया जाय की टेस्टिंग में देरी न हो। सर्विलांस सिस्टम मजबूत किया जाय। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग एवं जिलाधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कोरोना योद्धाओं के लिए बनाये गये ‘चिकित्सा सेतु’ मोबाईल एप्प लांच किया। इस मोबाईल एप्प को डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स, सुरक्षा कर्मी पुलिस तथा कोरोना ड्यूटी में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इस अवसर पर होम आइसोलेशन पर बनाये गये एप्प आरोग्य रक्षक के बारे में प्रस्तुतीकरण भी दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के कारण काफी लोग बेरोजगार हुए हैं। राज्य में बेरोजगारों के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं। इन योजनाओं की लोगों को पूरी जानकारी हो इसका जनपद स्तर पर व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाय। जिलाधिकारी सरकार की विभिन्न योजनाओं को जनप्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं विभागीय अधिकारियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचायें। योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाय। सीएम सोलर स्वरोजगार योजना जल्द शुरू की जायेगी। 10 हजार लोगों को इस योजना के तहत रोजगार दिया जायेगा। मोटर, बाईक, टैक्सी योजना भी राज्य में जल्द शुरू की जायेगी। पाईन निडिल पॉलिसी में पाईन निडिल से बिजली पैदा करने एवं चारकोल पैदा करने के अच्छे प्रोजक्ट हैं, इनके बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाय। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जिलाधिकारी बैंकर्स के साथ बैठकर सुनियोजित योजना बनाये। जल्द ही राज्य स्तर पर बैंकर्स के साथ बैठक की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड का प्रभाव कब तक रहता है, इसकी कोई निश्चित समयावधि नहीं है। उत्तराखण्ड के जो लोग बाहर के राज्यों से आये हैं, उनमें से अधिकांश लोग प्रदेश में ही काम करना चाहेंगे। हमें रोजगार एवं स्वरोजगार के विकल्प तलाशने होंगे। लोगों को काम मिले इसके लिए जिला योजना एवं राज्य सेक्टर में फण्ड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रवासियों को भी उपनल के माध्यम से सेवायोजित करने की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों को निर्देश दिये कि लोगों के फोन कॉल अवश्य रिसीव करें। किसी कार्य या मीटिंग में व्यस्त होने पर भी लोगों को इसकी जानकारी दे दें, और उसके बाद उन्हें वापस कॉल करें। यह सुनिश्चित किया जाय कि लोगों को फोन कॉल्स का रिस्पांस मिले। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू से बचाव के लिए नियमित जागरूकता के साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाय। किसी भी स्थान या लोगों के घरों में साफ पानी जमा न हो इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाय।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि कोरोना को कम्यूनिटी स्प्रेड से रोकना जरूरी है। देहरादून, हरिद्वार,, ऊधमसिंहनगर एवं नैनीताल जनपद में विशेष सतर्कता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी नैनीताल ने जो जीआईएस मैपिंग बेस्ड सॉफ्टवेयर तैयार किया है, यह सॉफ्टवेयर बहुत उपयोगी है। एनआईसी द्वारा इस सॉफ्टवेयर को परिस्कृत किया जाय। चारों मैदानी जनपदों में जल्द इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाय। कन्टनमेंट जोन बनाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि हाई रिस्क क्षेत्र से आने वाले लोगों, माइग्रेन्टर, को-मॉर्बिड की शत प्रतिशत सैंपलिंग की जाय। सर्विलांस की एक्टिविटी पर गंभीरता से ध्यान दिया जाय। आईसीयू, आक्सीजन सपोर्ट बैड एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की पूर्ण उपलब्धता रखी जाय। जिलाधिकारी कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल भी चिन्हित कर लें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इन अस्पतालों में टेंस्टिंग की जा सके और लोगों का ईलाज हो। प्रत्येक जनपद में एक ऐसा सेंटर बनाया जाय जहां पर हाई रिस्क क्षेत्र एवं बाहर से आने वालों की सैंपलिंग हो सके। कोविड केयर सेंटर में खाने, रहने एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। पेशेंट को हॉस्पिटल लाने के लिए एम्बुलेंस एवं अन्य संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाय।

20 हजार कर्मचारियों को 20 प्रतिशत मानदेय में बढ़ोत्तरी की सौगात

त्रिवेन्द्र सरकार ने उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के माध्यम से विभिन्न विभागों में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के मूल मानदेय में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इससे प्रदेश में 20 हजार से अधिक उपनल कर्मियों को लाभ मिलेगा। सैनिक कल्याण विभाग ने मानदेय वृद्धि के आदेश जारी कर दिए हैं। 
अपर सचिव सैनिक कल्याण विभाग प्रदीप सिंह रावत की ओर से जारी आदेश के अनुसार उपनल कर्मियों के मानेदय में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वर्ष 2018 में सरकार ने उपनल कर्मियों का मानदेय बढ़ाया था, लेकिन वित्तीय वर्ष 2019 में मानेदय नहीं बढ़ाया गया।
सरकार ने वर्ष 2019 व 2020 के लिए उपनल कर्मियों के मानदेय में 20 प्रतिशत बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर से 20 प्रतिशत बढ़ोतरी करने से अकुशल कर्मचारी के मूल मानदेय में 1392 रुपये की वृद्धि हुई है।
इसी तरह अर्द्धकुशल के मानेदय में 1602 रुपये, कुशल के में 1778 रुपये, उच्च कुशल के में 1978 रुपये और अधिकारी श्रेणी में 5935 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अगले साल से उपनल कर्मियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। 
उपनल कर्मचारी महासंघ के महामंत्री हेमंत रावत ने कहा कि उपनल कर्मचारी काफी समय से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। इस मुद्दे पर हमने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी मुलाकात की। आखिरकार सरकार ने हजारों कर्मचारियों की बात सुनी है।
वहीं, उपनल के एमडी ब्रिगेडियर पीसीएस पाहवा ने बताया कि कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी का मामला काफी समय से लंबित था। इस संबंध में हमने विभागीय अधिकारियों से लगातार पत्राचार किया। सभी श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अब उन्हें सम्मानजनक वेतन मिलेगा।

केन्द्र की हर योजना के केन्द्र बिन्दु में है किसानः नरेन्द्र तोमर

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भारत सरकार द्वारा कृषि विकास के सम्बन्ध में हाल ही में किए गए प्रयासों के सम्बन्ध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं कृषि मंत्रियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए लगातार एक के बाद एक कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकारों ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कृषि अवसंरचनाओं के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित करना है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। कृषि क्षेत्र में निजी निवेश को गांवों और खेतों तक पहुंचाना हमारा उद्देश्य है। कृषि अवसंरचनाओं के विकास में एक लाख करोड़ का यह पैकेज एक बड़ा कदम साबित होगा।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को गति देने के लिए राज्यों को एक सेमिनार का आयोजन करना चाहिए जिसमें कृषि अवसंरचनाओं के विकास और संभावनाओं पर चर्चा की जाए। एक सर्वेक्षण करा कर कृषि क्षेत्र में गैप्स ढूंढ कर उनके लिए योजनाएं बनायी जानी चाहिए। किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए ताकि किसान अपने उत्पाद को लंबे समय तक एवं उचित मूल्य मिलने तक सुरक्षित रख सकें। उन्होंने कहा कि हमने 10 हजार फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) बनाने का लक्ष्य रखा है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस फंड के माध्यम से पोस्ट हार्वेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एवं बिचैलियों को समाप्त करने में भी मदद मिलेगी साथ ही कोल्ड चेन, कोल्ड स्टोरेज इंटीग्रेटेड पैक हाउसेस, सप्लाई चेन सर्विसेज, कम्युनिटी फार्म मशीनरी, रेफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्टेशन और कम्युनिटी ड्राइंग यार्ड जैसी अवसंरचनाओं को विकसित करने में इस फंड का प्रयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हम अपने किसानों को आत्मनिर्भर कृषि के माध्यम से उद्यमी बनाना चाहते हैं। 31 मार्च 2021 तक इसके लिए सभी राज्य अपने योजनाओं को उपलब्ध करा दिया जाए।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों की आय को बढ़ाने के लिए शुरू की गयी आत्मनिर्भर कृषि योजना के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने में यह योजना मील के पत्थर की भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा केंद्र द्वारा प्रत्येक जनपद में दो-दो एफपीओ बनाए जाने हेतु दिए गए लक्ष्य को हम समय पूरा कर लेंगे। अन्य मैदानी राज्यों की तुलना में हमारे पर्वतीय राज्यों की परिस्थितियां अलग हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का अधिकांश भूभाग पर्वतीय है। जहां पर अलग-अलग प्रकार की क्लाइमेट कंडीशन है। उन्होंने पर्वतीय राज्यों के लिए अलग से नीति बनाई जाने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड मैं बेमौसमी फल-सब्जियों की अपार संभावना है। इनके उत्पादन में फोकस करके किसानों की आय को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जड़ी बूटियों की अत्यधिक संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को रू. 3 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को भी रू. 5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की कृषि में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री परषोत्तम रूपाला, मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शिवराज सिंह चैहान एवं मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर सहित विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों ने भी अपने सुझाव दिए।

गुणवत्तायुक्त सस्ती दवाएं हर नागरिक का अधिकारः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से आम आदमी तक जन औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि गरीबों को गुणवत्तायुक्त सस्ती दवा उपलब्ध हो यह हमारा उद्देश्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अधिक से अधिक जन औषधि केन्द्रों की स्थापना के साथ ही रेलवे स्टेशनों पर भी जन औषधि की विपणन व्यवस्था बनाये जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से भी लोगों को जन औषधि दवा क्रय करने हेतु पहल करने में सहयोग करने को कहा।
मुख्यमंत्री आवास में जन औषधि वितरण केन्द्रों एवं इसके लिये प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये कारगर तंत्र विकसित करने से सम्बन्धित प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत गरीबों तक गुणवत्ता युक्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना समय की जरूरत है। यह व्यवस्था प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक प्रभावी हो इसके लिये प्रयास किये जाने चाहिए। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने एथिक्स ग्रुप के सीएमडी विपिन केवडिया द्वारा दिये गये प्रस्तुतिकरण का अध्ययन कर इस सम्बन्ध में कार्यवाही के निर्देश भी सचिव स्वास्थ्य को दिये।
इस अवसर पर सचिव अमित सिंह नेगी, प्रभारी सचिव डॉ. पंकज पाण्डेय, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती आदि उपस्थित थे।

टिहरी बांध विस्थापितों की मांग पूरी, राजस्व ग्राम बनाने की अधिसूचना जारी

शासन द्वारा जनपद देहरादून के टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक ऋषिकेश के सात गांवों तथा जनपद हरिद्वार के टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बन्द्राकोटी को राजस्व ग्राम बनाये जाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा इन गांवों के निवासियों की वर्षो पुरानी मांग पर गत माह ही इन गांवों को राजस्व ग्राम बनाये जाने की स्वीकृति प्रदान की थी। टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र के गांवों को राजस्व ग्राम बनाये जाने सम्बन्धी अधिसूचना जारी किये जाने पर विधायक स्वामी यतीश्वरानन्द ने गुरूवार को मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजस्व ग्राम बनाये जाने से इन गांवों के निवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। राजस्व ग्राम बनने से ग्राम वासियों को सभी सरकारी योजनाओं, ग्राम पंचायतों के गठन आदि की सुविधायें उपलब्ध हो सकेगी।
सचिव राजस्व सुशील कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के साथ राजस्व ग्राम बनाये गये इन गांवों- ग्राम मालीदेवल, विरयाणी पैंदार्स, असैना, लम्बोगड़ी गोजियाड़ा, सिरांई, सिरांई राजगांव, डोबरा, टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बन्द्राकोटी में सम्मिलित किये गये गाटों की संख्या, क्षेत्रफल व नक्शा भी अधिसूचित किया गया है।
अधिसूचित राजस्व ग्रामों में टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक के ग्राम माली देवल में निर्मल ब्लाक ए व ए (ई) की 90.19 एकड़ भूमि सम्मिलित होगी जबकि ग्राम विरयाणी पैंदार्स में निर्मल ब्लाक ए की 64.69 एकड़ भूमि, ग्राम असैना में श्यामपुर ब्लाक ए 62.07 एकड़ भूमि, ग्राम लम्बोगडी गोजियाड़ा में निर्मल ब्लाक सी व श्यामपुर ब्लाक सी की 107.40 एकड़ भूमि, ग्राम सिरांई में कृषि निर्मल ब्लाक बी, आवासीय निर्मल ब्लाक बी-पार्ट-2 की 85.11 एकड़ भूमि, ग्राम सिरांई राजगांव में कृषि निर्मल ब्लाक बी, आवासीय निर्मल ब्लाक बी-पार्ट-1 की 69.61 एकड़ भूमि तथा ग्राम डोबरा में श्यामपुर ब्लाक बी की 38.14 एकड़ भूमि सम्मिलित होगी।
इसी प्रकार हरिद्वार जनपद के टिहरी बांध परियोजना विस्थापित क्षेत्र पथरी भाग 3 के पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्र के ग्राम टिहरी विकास नगर में आदर्श टिहरी नगर के 365 गाटों की 871.58 एकड़ भूमि तथा ग्राम टिहरी बन्द्राकोटी में आदर्श टिहरी नगर के 104 गाटों की 227 एकड़ भूमि शामिल हैं।
सचिव राजस्व द्वारा आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद से नवगठित राजस्व ग्रामों से सम्बन्धित विवरण जनपद की सम्बन्धित तहसील भवन तथा सम्बन्धित ग्रामों के प्रमुख स्थान पर चस्पा कराने के साथ ही सम्बन्धित अभिलेखों में इन्द्राज कराने की भी अपेक्षा की है।

कोविड के चलते अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुख्यमंत्री ने वर्चुअल बात की

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि कोरोना संक्रमितों के उपचार मे लगे चिकित्सकों का काम तपस्या की भांति है। जिस तरह से कठिन परिस्थितियों में मरीजों के बीच में रहकर उनका ईलाज कर रहे हैं, इसे एक बड़ी तपस्या ही कहा जा सकता है। धैर्य और तत्परता से चिकित्सक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नेे कहा कि चिकित्सक जिस मनोयोग से कार्य कर रहे हैं, विश्वास है कि हम कोविड-19 से लड़ाई में हमारी जीत अवश्य होगी। जो मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, वे जल्द स्वस्थ होकर अपने घर जायेंगे। मुख्यमंत्री ने सीएम आवास से वर्चुअल कांफ्रेंस के माध्यम से कोविड अस्पतालों में तैनात चिकित्सा अधिकारियों एवं उपचाराधीन मरीजों से बात की।
मुख्यमंत्री ने दून, हल्द्वानी, श्रीनगर मेडिकल काॅलेज एवं जिला अस्पतालों में तैनात डाक्टर्स एवं मरीजों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से मरीजों की स्थिति, वंेटिलेटर, आईसीयू, आक्सीजन बैड, कोविड से निपटने के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोविड पर नियंत्रण के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। डाॅक्टरों द्वारा अतुलनीय योगदान दिया जा रहा है। मरीजों से बातचीत कर जिस तरह से उन्होंने अस्पतालों की व्यवस्थाओं से वे संतुष्ट हैं, इसके लिए सभी अस्पताल बधाई के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए डाॅक्टरों द्वारा कठिन परिस्थितियों में पूरे सेवाभाव से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पतालों में भर्ती कोरोना के मरीजों से मुख्यमंत्री ने इलाज, रहने एवं खाने के बारे में जानकारी ली। सभी मरीजों ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री ने दून मेडिकल काॅलेज के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष सयाना से दून मेडिकल काॅलेज की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डाॅ. सयाना कहा कि दून मेडिकल काॅलेज आगे की चुनौतियों का समाना करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। आईसीयू बैड की संख्या बढ़ा दी गई है। 33 पेसेंट अभी आईसीयू में हैं। पीपीई किट्स, मास्क, आक्सीजन सपोर्ट सिस्टम एवं अन्य आवश्यक सामग्री की उचित व्यवस्था है। अस्पताल में भर्ती मरीजों द्वारा भी काफी सपोर्ट दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दून अस्पताल में भर्ती कोविड के मरीज बलजीत सिंह एवं महावीर कण्डारी से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने बताया की उनका उपचार चिकित्सकों की देखरेख में सही तरीके से हो रहा है। खानपान एवं रहने की भी उचित व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी मेडिकल काॅलेज में डाॅ. परमजीत सिंह से वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में प्लाज्मा थेरेपी पर भी कार्य किया जा रहा है। लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने के लिए अपील की जा रही है। जिससे मरीज जल्द रिकवर हो जाय। मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में उपचार करा रहे जगजीवन वर्मा, धूम सिंह, नीरज, उदय सिंह से बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इन मरीजों ने बताया कि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। डाॅक्टर्स द्वारा काफी अच्छी केयर की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने श्रीनगर मेडिकल काॅलेज में डाॅ. कलम सिंह बुटोला, कोटद्वार बेस अस्पताल में डाॅ. वी.सी. काला, मेला अस्पताल हरिद्वार में डाॅ. राजेश गुप्ता एवं डाॅ. देवेन्द्र रावत एवं चमोली में डाॅ. अमित जैन से बातचीत कर इन जनपदों में कोविड की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डाॅक्टरों द्वारा जानकारी दी गई कि व्यवस्थाएं सभी अस्पतालों में ठीक है। को-माॅर्बिड पेशेंट को हायर सेंटर रैफर किया जा रहा है।
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि लोगों को अच्छा ट्रीटमेंट मिले। इसमें और जितनी सुधार की गुंजाइश होगी वह किया जायेगा। सैंपल टैस्टिंग को और बढ़ाया जायेगा। हमारे डाॅक्टर्स कोरोना से जिस तरह से जंग लड़ रहे हैं, निश्चित रूप से सभी डाॅक्टरों के प्रयास सराहनीय है।