आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया फरार गैंगस्टर

थानाध्यक्ष रानीपोखरी दीपक धारीवाल ने बताया कि डोईवाला कोतवाली में 50 वर्षीय मनजीत सिंह पुत्र खेम सिंह निवासी मिस्सरवाला थाना डोईवाला, शकील अहमद पुत्र फकीर मौहम्मद निवासी बाजावाला डोईवाला देहरादून और बलवीर सिंह पुत्र सरदार भगवान सिंह निवासी खैरी प्रथम मारखमग्राण्ट कोतवाली डोईवाला के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संबंध में शकील अहमद और बलवीर को पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शकील वर्तमान में जेल में ही कैद है, जबकि बलवीर अभी जमानत पर बाहर आया हुआ है। बताया कि गैंग का लीडर मनजीत सिंह पिछले सात माह से फरार चल रहा था। जिसे शनिवार को मुखबिर की सूचना पर रानीपोखरी पुलिस टीम ने मिलन विहार देहरादून से गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी पर चार मुकदमें डोईवाला कोतवाली में दर्ज है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष रानीपोखरी दीपक धारीवाल, कांस्टेबल वीर सिंह, अमित, ललित और प्रमोद शामिल रहे।

सम्मोहन के जरिए महिलाओं से करते थे ठगी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सम्मोहन कर महिलाओं के सामान को दुगुना करने का लालच देकर गहनें की ठगी करने वाले एक शातिर को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से 12 बोर का एक जिंदा कारतूस, 12 बोर का एक तमंचा अपने कब्जे में लिया है। इसके अलावा महिलाओं से लूटे गए दो सोने के कुंडल, एक मोटरसाइकिल, दो हजार रुपये नगद भी बरामद किए हैं। वहीं, एक शातिर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया है।
बता दें कि ऋषिलोक कॉलोनी आशुतोष नगर निवासी महिला शिव देवी कैंतूरा पत्नी नैन सिंह कैंतूरा ने कोतवाली पुलिस में तहरीर दी। बताया कि 24 जुलाई को दोपहर दो बज करीब नटराज चैक से अपने घर ऋषिलोक कॉलोनी वापस आ रही थी। तभी आशुतोष नगर बालाजी बगीचे वाली गली में मोटरसाइकिल पर दो युवक पहुंचे। उन्होंने सम्मोहन कर गले से मंगलसूत्र, कान के कुंडल और चांदी की अंगूठी को रूमाल पर रख लिया और वहां से चलते बने। सम्मोहन से बाहर आने के बाद उन्हें धोखे का पता चला। महिला की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मामले में घटना स्थल सहित नगर के करीब 30 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। शुक्रवार की रात्रि श्यामपुर फाटक के समीप मुखबिर से सूचना मिली कि हरिद्वार से ऋषिकेश की ओर से एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आ रहा है। पुलिस ने फाटक पर चेकिंग कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर पुलिस को उसके कब्जे से पीली धातु के कुंडल, दो हजार नगद और एक तमंचा मय जिंदा कारतूस बरामद हुआ। कोतवाल रितेश शाह ने आरोपी की पहचान गुलजार (26) पुत्र सुक्रउद्दीन निवासी मोहम्मदपुर घड़ी थाना किठौर जिला मेरठ उत्तर प्रदेश, हाल निवासी ग्राम शिकारपुर थाना मंगलौर जिला हरिद्वार के रूप में कराई। बताया कि बरामद तमंचे के आधार पर आयुध अधिनियम में भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि आरोपी गुलजार बदायूं से भी पूर्व में जेल जा चुका है तथा वर्तमान में जमानत पर बाहर आया है। पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि वह अपने साथी शहजाद के साथ ऋषिकेश आया था। 24 जुलाई को उसने साथी के साथ घटना को अंजाम दिया। इसके बाद 26 जुलाई को रुड़की गंगनहर एक महिला को झांसे में लेकर उसके कान के कुंडल उतरवाये थे।

अटकलों पर विराम, मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ आईएएस को बनाया मुख्य सचिव

1987 बैच उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ओम प्रकाश को राज्य का नया मुख्य सचिव बनाया गया है। वह मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हो रहे उत्पल कुमार सिंह के स्थान पर शुक्रवार शाम पांच बजे विधिवत कार्यभार ग्रहण करेंगे। अपर मुख्य सचिव (कार्मिक एवं सतर्कता) राधा रतूड़ी ने उनकी नियुक्ति के आदेश जारी किये है।
वहीं, आदेश जारी होने के बाद आईएएस ओम प्रकाश मुख्यमंत्री के आवास गए और मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ देकर आभार व्यक्त किया। सूत्रों की मानें तो ओम प्रकाश को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबियों में माना जाता है। उनका त्रिवेन्द्र सिंह रावत के साथ काम करने का पुराना अनुभव है। जब त्रिवेन्द्र सिंह रावत कृषि मंत्री थे, तब ओम प्रकाश उनके सचिव हुआ करते थे। उत्पल कुमार के सेवानिवृत्त होने से नए मुख्य सचिव को लेकर हालांकि तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया था कि वरिष्ठता के आधार पर दो अपर मुख्य सचिवों में से एक को मुख्य सचिव बनाया जाएगा। बुधवार को कैबिनेट बैठक के दौरान उन्होंने ओम प्रकाश को मुख्य सचिव बनाए जाने के संकेत भी साफ कर दिए थे।
मुख्य सचिव के आदेश जारी होने के बाद ओम प्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की प्राथमिकता वाली योजनाओं पर खास फोकस करेंगे। उन्होंने कहा कि चारधाम आलवेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य व वाह्य साहयतित योजनाओं के तहत अवस्थापनाओं के कार्यों को समय से पूरा कराया जाएगा। कोविड-19 महामारी और अनलॉक के दौर में राज्य के समक्ष चुनौतियों के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार के स्तर पर प्रयास चल रहे है। ओम प्रकाश ने कहा कि वह कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। राज्य सरकार ने खेती को स्वरोजगार से जोड़ने की कई योजनाएं बनाई हैं, जिन्हें लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

एक नजर मुख्य सचिव तक का सफर तय करने तक …
-ओम प्रकाश का जन्म 14 मई 1962 को बौंसी, जिला बाँदा (बिहार) में हुआ।
-बीएससी फिजिक्स-ऑनर्स। पटना साइंस कॉलेज। 
-एमएससी-थेऔरोटिकल फिजिक्स। सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी।
-एम फिल-सीएसआईआर फेलोशिप। 
-1987 बैच के आईएएस अफसर। 
-1985 तक इनकम टैक्स में जॉब।
-ट्रेनिंग जौनपुर यूपी।
-एसडीएम-खुर्जा बुलंदशहर।
– सीडीओ-फतेहपुर।
-डीएम-मऊ, गाजीपुर, बांदा, हाथरस और देहरादून।
-2012 में प्रमुख सचिव। 
-2017 में अपर मुख्य सचिव। 

 

कुछ पार्षदों का हंगामा, लेकिन विकास कार्यों पर बोर्ड ने दिखाई रुचि

8 माह बाद बुलाई गई नगर निगम की बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। इस दौरान कई पार्षद आपस में उलझते नजर आए। यहां तक कि पार्षद रीना शर्मा और पार्षद राजेन्द्र प्रेम सिंह बिष्ट के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को भी मिली। वहीं, हंगामेदार बैठक के बीच 101 प्रस्तावों को पास किया गया।
कोरोना संक्रमण के चलते निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित बोर्ड बैठक शुरु होने पर पार्षद विकास तेवतिया और शिव कुमार गौतम ने बैठक को स्थगित करने को कहा। पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि 10 जून को 28 पार्षदों ने पत्र के जरिए एमएनए को पत्र देकर बैठक आयोजित कराने को कहा था। मगर, इसके बाद भी हमारे प्रस्ताव नहीं लिए गए। इस पर एमएनए नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल ने अगली बैठक से पूर्व प्रस्तावों को सभी पार्षदों से लेने पर सहमति जताई।
इसके बाद सदन की कार्रवाई से पूर्व पूरे 25 मिनट तक निगमकर्मी और फल विक्रेता प्रकरण का भी मामला उठा। पार्षद मनीष बनवाल ने मामला उठाते हुए कहा स्थिति स्पष्ट करने को कहा। इस पर अन्य पार्षद देवेन्द्र प्रजापति, रीना शर्मा, राकेश मियां, गुरविंदर, शिव कुमार गौतम, शारदा देवी ने भी निगमकर्मी पर कार्रवाई की मांग की। मेयर अनिता ममगाईं ने कहा कि उक्त प्रकरण में वह स्वयं 10 बार माफी मांग चुकी हैं। इसके बावजूद कुछ लोग मामले में राजनीति कर रहे है। लेकिन मेयर ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन करने की बात कही। कहा कि जब‌ तक समिति गठित नहीं होती है तब तक मामले में संलिप्त दो कर्मचारियों को अवकाश पर भेजा जाएगा।
दोपहर 12ः22 मिनट पर प्रस्तावों पर चर्चा शुरू हुई। इसमें निर्माण संबं‌धी प्रस्तावों को ‌बगैर चर्चा के ही पास किया गया। एजेंडें में ऐसे भी प्रस्ताव देखने को मिले जो किसी भी आम व्यक्ति की ओर से बिना पार्षद की सहमति के पहुंचे। ऐसे प्रस्तावों को सदन के सदस्यों ने सिरे से खारिज कर दिया।

बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव भी हुए पास

– पूर्व पालिकाध्यक्ष पर पद का दुुरुपयोग करने व वित्तीय अनियमितता के आरोप में निगम स्तर से होगी जांच।

– पांच अगस्त से स्मृति वन में स्थित 250 वर्ग मीटर की जगह पर बनेगी कंपोस्ट खाद।

– नगर निगम परिसर में तीर्थनगरी के पांचों शहीदों की लगेगी प्रतिमा, बनेगा शहीद स्मारक।

– निगम क्षेत्र में सीसीटीवी के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी।

– रेलवे स्टेशन के समीप बद्री-केदार मंदिर समिति चैराहे पर बनेगा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा।

– निगम परिसर पर लगी राजीव गांधी की प्रतिमा का होगा सौंदर्यीकरण।

– चित्रगुप्त कृष्ण मंदिर गोपाल कुटी के पुजारी अनुसुइया प्रसाद कुकरेती की मासिक आय बढ़ाकर पांच हजार रुपये होगी।

– आईडीपीएल टाउनशिप को नगर निगम में शामिल करने के लिए शासन स्तर पर निगम पत्राचार करेगा।

– राजकीय प्राथमिक ‌विद्यालय मंशादेवी में अतिरिक्त कक्ष निर्माण को जिला शिक्षा अधिकारी से वार्ता की जाएगी।

– आवासीय संपत्तियों पर कर में 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत छूट प्रदान करने के सं‌दर्भ में शासन को पत्राचार करेगा निगम।

– 14वें वित्त आयोग के मद से निगम क्षेत्र में 10-10 लीटर के दो डस्टबिन निशुल्क दिए जाएंगे।

– 14वें वित्त आयोग के मद से कूड़ा निस्तारण को पांच छोटे कू्ड़ा वाहन और पांच ही ई-रिक्शा खरीदे जाएंगे।

– पूर्व में नगर पालिका से यूनिपोल लगाने को हुए 15 वर्ष के टेंडर को किया जाएगा निरस्त।

– कूड़ा कलेक्शन का कार्य आधुनिक जीपीएस मशीन जियो टैगिंग का कार्य आउटसोर्स से होगा।

– नगर के समस्त पार्कों, ड्रेनेज सिस्टम का अमृत योजना तथा आस्थापथ व घाटों का सौंदर्यीकरण नमामि गंगे के बजट से किया जाएगा।

– 2001-02 में डा. आरके गुप्ता द्वारा दी गई दो बीघा भूमि को किया जाएगा चिह्नित।

– नगर निगम के एक ठेकेदार रंगपाल को ब्लैक लिस्ट किया गया।

ग्राम वासियों की वर्षों से लम्बित मांग हुई पूरी, गठित हो सकेगी ग्राम पंचायतें, सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद देहरादून के टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक ऋषिकेश के सात गांवों तथा जनपद हरिद्वार के टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बन्द्राकोटी को राजस्व ग्राम बनाये जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व ग्राम बनाये जाने से इन गांवों के निवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। राजस्व ग्राम बनने से यहां के निवासियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा तथा ग्राम पंचायतों का भी गठन हो सकेगा।

राजस्व ग्राम घोषित किये गये ग्रामों में टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक के ग्राम, माली देवल, विरयाणी, पैंदार्स, असैना, लम्बोगडी, गोजियाड़ा सिरांई, सिरांई राजगांव तथा डोबरा कुल सात गांव, जबकि हरिद्वार जनपद के टिहरी बांध परियोजना विस्थापित क्षेत्र पथरी भाग तीन के पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्र के ग्राम टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बन्द्राकोटी शामिल हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सचिव राजस्व को इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये हैं।

नगर निगम की टीम ने कालरा ट्रेडर्स गोदाम से पकड़ी 15 क्विंटल पॉलिथीन, एक लाख जुर्माना

निगम के सेनेट्री इंस्पेक्टर सचिन रावत के नेतृत्व में टीम ने पुष्कर मंदिर मार्ग पर पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान कालरा ट्रेडर्स के गोदाम में छापे के दौरान 15 क्विंटल पकड़ी गई। मौके पर व्यापारी नेता ललित मोहन मिश्रा और रवि जैन भी पहुंचे और निगम की कार्रवाई का जमकर विरोध कर हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने निगम पर बदले की भावना से कार्य करने का आरोप लगाया। हंगामे के बीच सेनेट्री इंस्पेक्टर सचिन रावत ने गोदाम पर मौजूद कर्मचारी से पूछा कि क्या तुम पॉलिथीन बेच रहे हो। इस पर कर्मचारी ने हां में जवाब दिया। इसके बाद व्यापारी नेता ललित मोहन मिश्रा और रवि जैन शांत हो गए और वहां से चलते बने। इसके बाद टीम ने गोदाम स्वामी यश कालरा पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोंका।

समूह ग श्रेणी के 300 पदों पर आवेदन का मौका, करें ऑनलाइन आवेदन

सरकारी नौकरी की राह देख रहे हैं युवाओं के लिए खुशखबरी है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने समूह ग श्रेणी के 300 पदों पर आवेदन का मौका दिया है। आयोग ने शहरी विकास विभाग और अन्य विभागों में लेखा लिपिक और वैयक्तिक सहायक व आशुलिपिक के पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
युवा 31 जुलाई से इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन फार्म भर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 14 सितंबर निर्धारित की गई है। चयन आयोग की ओर से सोमवार को समूह ग श्रेेणी के 300 पदों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी गई है।
इन पदों में शहरी विकास विभाग के तहत स्थायी निकायों में लेखा लिपिक के 142 और अन्य विभिन्न विभागों में वैयक्तिक सहायक के 158 पद शामिल हैं। आयोग की वेबसाइट पर 31 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही वे आवेदन कर सकेंगे।
आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि वैयक्तिक सहायक व आशुलिपिक पदों के लिए पहली बार अलग से विज्ञप्ति जारी की गई है। अभी तक इन पदों को कनिष्ठ सहायक पदों के साथ ही निकाला जाता था। जिससे शार्टहैंड की अर्हता न रखने वाले उम्मीदवार भी संयुक्त रूप से आवेदन करते थे। 
वहीं, आयोग के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को समूह ग पदों की भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया है। इस वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 150 रुपये तय है। इस आरक्षण का लाभ उन्हीं उम्मीदवारों को मिलेगा जो जिन्हें अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग में आरक्षण का लाभ नहीं ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने डोईवाला विधानसभा में करोड़ो रुपये के कार्यो का शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शहीद दुर्गामल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला में शहीद दुर्गामल्ल की मूर्ति का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने डिग्री कॉलेज में छात्रावास एवं तहसील डोईवाला के भवन का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। डोईवाला डिग्री कॉलेज में छात्रावास 2 करोड़ 76 लाख 51 हजार एवं तहसील भवन 4 करोड़ 2 लाख 28 हजार की धनराशि से बनाया जायेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महाविद्यालय की जब शुरूआत हुई थी। तब लच्छीवाला में प्राइमरी स्कूल के दो कमरों में इसकी कक्षाएं चलती थी। बाद में स्थानीय लोगों ने महाविद्यालय को भूमि दान में दी। अनेक प्रयासों के बाद महाविद्यालय में भवन एवं कक्षा कक्षों का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि यह अच्छा संकेत हैं कि वर्तमान में इस महाविद्यालय में 1600 से अधिक विद्यार्थी अघ्ययनरत है। जिसमें से छात्राओं की संख्या एक हजार से अधिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 85 प्रतिशत सीएम घोषणाएँ पूर्ण की जा चुकी है। प्राथमिकताओं के आधार पर कार्य किये जा रहे हैं। डोईवाला में सीपैट खोला गया है। हमारा प्रयास है कि यहां पर विभिन्न प्रकार के कोर्स करायें जाय, ताकि युवाओं को अच्छे प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर बढ़ें। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भी जल्द राज्य में खुल जायेगी। हर्रावाला में कैंसर एवं जच्चा-बच्चा अस्पताल खोला जा रहा है। कोस्टगार्ड के रिक्रूटमेंट सेंटर की प्रक्रिया भी गतिमान है। उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द ही नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोला जायेगा। यह सेंटर हंस फाउण्डेशन के सहयोग से बनाया जा रहा है। इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ ही बेहतर प्रशिक्षकों की व्यवस्था की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि क्वान्टिटी के बजाय क्वालिटी पर अधिक ध्यान दिया जाय। राज्य में विज्ञान एवं तकनीकि पर आधारित एक रेजिडेंशियल विद्यालय खोलने की योजना बनाई जा रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के युवा साइंस एवं तकनीकि के क्षेत्र में देशभर में अपना योगदान दे सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 5 विश्वविद्यालयों एवं 104 महाविद्यालयों को ई-ग्रंथालय से जोड़ा गया है। 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास शुरू की गई है। जल्द ही 700 और विद्यालयों में वर्चुअल क्लास शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि सचिवालय के 16 ऑफिस ई-ऑफिस बन चुके हैं। देहरादून कलक्ट्रेट ई कलक्ट्रेट बन चुका है। देहरादून के सभी एसडीएम कार्यालय भी जल्द ई-कार्यालय बन जायेंगे। राज्य में ई-कैबिनेट का आयोजन किया जा रहा है। गैरसैंण विधानसभा को ई-विधानसभा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है। कार्य में पारदर्शिता के लिए जनता एवं जन प्रतिनिधियों के बीच विश्वास कायम होना जरूरी है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि छात्रावास एवं डोईवाला तहसील भवन यहां की स्थानीय जनता को बड़ी सौगात मिली है। डोईवाला में यह छात्रावास एक साल के अन्दर बनकर तैयार हो जायेगा। इस छात्रावास में 100 छात्राओं के लिए निःशुल्क छात्रावास की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी डिग्री कॉलेजों में शत प्रतिशत प्राचार्यों की नियुक्ति की गई है। 92 प्रतिशत फैकल्टी डिग्री कॉलेजों में जल्द ही कुछ और असिस्टेंट प्रोफेसर राज्य को मिल जायेंगे। एक माह के अन्दर सभी महाविद्यालयों में नेट कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जायेगी।
इस अवसर पर मेयर वन पंचायत सलाहकार परिषद् के उपाध्यक्ष करन बोहरा, भाजपा के देहरादून जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुण्डीर, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनन्द वर्द्धन, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष श्रीवास्तव, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. कुमकुम रौतेला, प्राचार्य शहीद दुर्गामल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला डॉ. डी.सी नौटियाल आदि उपस्थित थे।

अपने कॅरियर में देशभक्ति की भावना को भी करें शामिलः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ई-संवाद कार्यक्रम में राज्य के छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि देशभक्ति सभी सद्गुणों की जननी होती है। जिस भी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाएं, उसका उद्देश्य देशभक्ति होनी चाहिए। जो भी कैरियर बनाएं, मकसद एक ही होना चाहिए कि देश के लिए कुछ करना चाहते हैं।

लक्ष्य पूर्ति तक आराम नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए हनुमानजी से सीखा जा सकता है। ‘रामकाज किन्हे बिना मोहे आराम कहां’। जब तक लक्ष्य पूर्ति न हो, आराम नहीं करना है। पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आज पुण्य तिथि है। हम उन्हें नमन करते हैं। वे सेना में अधिकारी बनना चाहते थे। देहरादून में साक्षात्कार के लिए आए परंतु उसमें सफल नहीं हुए। निराश हुए, तब ऋषिकेश गए, वहां एक संत से मार्गदर्शन लिया। इसके बाद उन्होंने पूरे मनोयोग से प्रयास किए और एक महान वैज्ञानिक बने। देश के राष्ट्रपति बने। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का विषय है। हमारे प्रदेश में एक आईएएस हैं जो पहले श्रमिक का काम करते थे। उन्होंने मेहनत की और आईएएस बने। सफल होने के लिए जरूरी है कि हमारे प्रयास पूर्ण मनोयाग से हों।

उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का मात्रात्मक प्रसार काफी हुआ है। अब विशेष तौर पर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्वालिटी एजुकेशन पर ध्यान देना होगा। आज का युग कड़ी प्रतिस्पर्धा का है। उच्च शिक्षण संस्थानों को वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बदलना होगा। इसी सोच के साथ सीपैट और ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर की स्थापना की गई। इसके अलावा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भी प्रारम्भ की जाएगी। जल्द ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट भी शुरू किया जाएगा। उत्तराखण्ड में स्नातकोत्तर और रिसर्च के लिए आवासीय साईंस कॉलेज की स्थापना पर भी विचार किया जा रहा है। राज्य में एक विद्यालय प्रतिभावान बच्चों के लिए खोला जाएगा। इसमें कक्षा 6 से 12 तक संचालित की जाएंगी। इसमें राज्य स्तरीय परीक्षा के बाद प्रवेश दिया जाएगा। आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के बच्चों से शुल्क लिया जाएगा जबकि निर्धन व प्रतिभावान बच्चों के लिए शिक्षा निशुल्क होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देखकर बहुत प्रसन्न्ता होती है कि आज के बच्चे अपने कैरियर के संबंध में बहुत जागरूक हैं। उन्हें पता है कि किस क्षेत्र में भविष्य बनाना है। ई-संवाद में बच्चों ने अपनी बातें कहीं हैं। कोई डाक्टर बनना चाहता है तो कोई इंजीनियर और कोई सिविल सर्विसेज में जाना चाहता है। इसी प्रकार किसी ने वैज्ञानिक बनने की बात कही है। एक ने फाईन आर्ट में कैरियर बनाने की इच्छा व्यक्त की है। कोई शिक्षक बनकर और कोई सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहता है।

कैरियर के लिए पूरे मनोयोग से करें प्रयास, सरकार व समाज से मिलेगा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे पूर्ण मनोयाग से आगे बढ़ें और मेहनत करें। जरूरत पड़ने पर सरकार और समाज से आवश्यक सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली जिले के एक बच्चे का सेलेक्शन लंदन स्कूल ऑफ आर्टस में हुआ। उसे वहां भेजने की व्यवस्था की गई। इसी प्रकार निर्धन परिवार की एक छात्रा पढ़ाई के लिए न्यूजीलैंड जाना चाहती थी। पता चलने पर इसकी भी व्यवस्था की गई। जो भी पाना चाहते हैं, उसकी पूरी तैयारी करें। जब मदद की जरूरत पड़े, तो बताएं। सरकार के साथ ही व्यक्तिगत तौर पर भी लोग मदद के लिए आते हैं।
ई-संवाद में विधायक पुष्कर सिंह धामी, यूसर्क के निदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत, अन्य वैज्ञानिक, शिक्षक, छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया।

इंतजार खत्म, 29 जुलाई को जारी होगा उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा का परिणाम 29 जुलाई को जारी होगा। उत्तराखंड बोर्ड मुख्यालय रामनगर में सुबह 11 बजे परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। बोर्ड सचिव नीता तिवारी ने बताया कि बोर्ड सभापति आरके कुंवर और शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे की उपस्थिति में परीक्षा परिणाम घोषित किये जायेंगे।
छात्र उत्तराखंड बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ubse.uk.gov.in पर अपना रिजल्ट देख सकेंगे। कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। बता दें कि इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा में 147588 छात्र और इंटरमीडिएट में 119216 छात्र शामिल हुए थे। लॉकडाउन के चलते 22 मार्च से परीक्षाओं को रोक दिया गया था, छूटी हुई परीक्षाओं को 22 जून से 24 जून के बीच कराया गया। इस दौरान कंटेनमेंट जोन के कई छात्र परीक्षा से वंचित हो गए, इनमें हाईस्कूल के 716, इंटरमीडिएट के 337 परीक्षार्थी शामिल हैं।
बोर्ड ने इन छात्रों को तीन विषयों के अंकों के आधार पर औसत अंक देकर पास किया है। यदि फिर भी कोई छात्र औसत अंक से संतुष्ट नहीं होगा तो वह रिजल्ट आने के एक माह तक आवेदन कर सकेगा।
वहीं, बोर्ड सचिव ने बताया कि ढाई सौ से तीन सौ छात्र ऐसे भी हैं, जिन्होंने एकल विषय से आवेदन किया था। ऐसे में छात्रों को औसत अंक नहीं दिए जाएंगे, क्योंकि इन छात्रों ने केवल एक ही विषय में परीक्षा के लिए आवेदन किया था। इन छात्रों की परीक्षा 29 जुलाई के बाद कराई जाएगी।

छात्र ऐसे देखे अपना परिणाम
– रिजल्ट प्राप्त करने के लिए छात्रों को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ubse.uk.gov.in पर क्लिक करना होगा।
– उसके बाद छात्र डाउनलोड रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
– पंजीकरण संख्या, रोल नंबर और अन्य मांगी गई जानकारी दर्ज करें।
– उसके बाद छात्रों का परिणाम सामने होगा।
– इसके बाद छात्र अपने परिणाम को डाउनलोड कर ले।