मिनिस्टीरियल संवर्ग का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद अब राजपत्रित अधिकारी में शामिल

राज्य सरकार ने मिनिस्टीरियल संवर्ग के ’मुख्य प्रशासनिक अधिकारी’ पद को राजपत्रित अधिकारी की प्रतिष्ठा प्रदान की है।
विदित हो कि मिनिस्ट्रियल संवर्ग के द्वारा लंबे समय से यह मांग की जा रही थी, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने मिनिस्ट्रियल संघ को व्यवस्था में शीघ्र बदलाव किए जाने का आश्वासन दिया था। इसी क्रम में राज्य शासन की ओर से इस बाबत गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। राज्यपाल महोदय की स्वीकृति के उपरांत सचिव शैलेश बगोली की ओर से इस आशय के आदेश आज जारी किए गए हैं।

यह आदेश भी हुए जारी
उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन की मांग के अनुसार राज्य सरकार ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पदोन्नति हेतु पात्रता अवधि कुल 25 वर्ष के स्थान पर 22 वर्ष करने का भी गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

मुख्यमंत्री धामी ने किया आईएसबीटी का औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देर शाम आईएसबीटी समेत शहर के अन्य इलाक़ों का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान आईएसबीटी और आसपास के इलाकों में सड़क पर जरूरतमंदों को कंबल वितरण भी किए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी में मौजूद यात्रियों से बातचीत कर साफ़-सफ़ाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त जिलाधिकारी को निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप बढ़ने लगा है, इसके दृष्टिगत प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अलाव की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्रों में संचालित रैन बसेरों की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

44 हजार करोड़ से अधिक के हुए डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में एमओयू

डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट – 2023 में 44 हज़ार करोड़ से अधिक के एमओयू साइन किए गए हैं। मुख्य रूप से ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स), ⁠रियल एस्टेट, ⁠हेल्थ केयर, ⁠हायर एजुकेशन, ⁠पर्यटन, फिल्म, आयुष और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश के लिए एमओयू किए गए।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित ’उत्तराखंड वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन 2023’ का उद्घाटन किया। मोदी ने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और ग्राउंड ब्रेकिंग वॉल का अनावरण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सशक्त उत्तराखंड पुस्तक और ब्रांड हाउस ऑफ हिमालयाज भी लॉन्च किया। शिखर सम्मेलन का विषय ’शांति से समृद्धि’ है।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड में होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक होने के बारे में अपने कथन को याद किया। मोदी ने कहा कि यह संतोष की बात है कि यह कथन जमीन पर साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री ने सिलक्यारा में सुरंग से श्रमिकों के सफल बचाव मिशन में शामिल राज्य सरकार और सभी लोगों की सराहना की।

उत्तराखंड के साथ अपने घनिष्ठ संबंध को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जहां दिव्यता और विकास एक साथ महसूस होता है। प्रधानमंत्री ने इस भावना को और विस्तार देने के लिए अपनी एक कविता सुनाई।

इस अवसर पर उपस्थित निवेशकों को उद्योग के दिग्गजों के रूप में संदर्भित करते हुए, प्रधान मंत्री ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा किए गए एसडब्ल्यूओटी विश्लेषण की उपमा दी और राष्ट्र पर इस अभ्यास को करने पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि एसडब्ल्यूओटी विश्लेषण के परिणाम देश में आकांक्षाओं, आशा, आत्मविश्वास, नवाचार और अवसरों की प्रचुरता का संकेत देंगे। उन्होंने नीति-संचालित शासन के संकेतकों और राजनीतिक स्थिरता के लिए नागरिकों के संकल्प का भी उल्लेख किया। प्रधान मंत्री ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “आकांक्षी भारत, अस्थिरता के बजाय एक स्थिर सरकार चाहता है“ और रेखांकित किया कि लोगों ने सुशासन और उसके ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर मतदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड महामारी और अस्थिर भू-राजनीतिक परिदृश्य के बावजूद रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ने की देश की क्षमता पर प्रकाश डाला। प्रधान मंत्री ने टिप्पणी की, “चाहे वह कोरोना वैक्सीन हो या आर्थिक नीतियां, भारत को अपनी क्षमताओं और नीतियों पर भरोसा था।“ परिणामस्वरूप, दुनिया की अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत आगे खड़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सहित भारत का हर राज्य इस ताकत का लाभ उठा रहा है।

प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार के लाभों को दोहराया जिसके दोहरे प्रयास हर जगह दिखाई दे रहे हैं। राज्य सरकार जहां स्थानीय वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है, वहीं भारत सरकार उत्तराखंड में अभूतपूर्व निवेश कर रही है। सरकार के दोनों स्तर एक-दूसरे के प्रयासों को बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ग्रामीण इलाकों से चारधाम तक जाने के काम का जिक्र करते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब दिल्ली-देहरादून के बीच की दूरी ढाई घंटे की रह जायेगी। देहरादून और पंतनगर हवाई अड्डे के विस्तार से हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रदेश में हेली-टैक्सी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। यह सब कृषि, उद्योग, लॉजिस्टिक्स, भंडारण, पर्यटन और आतिथ्य के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित स्थानों तक सीमित पहुंच प्रदान करने वाली पिछली सरकारों के दृष्टिकोण का खंडन करते हुए, प्रधान मंत्री ने उन्हें देश के पहले गांव के रूप में विकसित करने के लिए डबल इंजन सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम का उल्लेख किया जहां उन गांवों और क्षेत्रों पर जोर दिया जा रहा है जो विकास मानकों में पीछे हैं। श्री मोदी ने उत्तराखंड की अप्रयुक्त क्षमता पर प्रकाश डाला और निवेशकों से इसका अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।

उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए, जिसे डबल इंजन सरकार का लाभ मिला है, प्रधानमंत्री ने भारत के दौरे के लिए देश के साथ-साथ दुनिया भर के लोगों के उत्साह पर भी ध्यान दिया। उन्होंने पर्यटकों को प्रकृति के साथ-साथ भारत की विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से थीम आधारित पर्यटन सर्किट बनाने की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रकृति, संस्कृति और विरासत को अपने में समेटे उत्तराखंड एक ब्रांड के रूप में उभरने जा रहा है। उन्होंने निवेशकों से योग, आयुर्वेद, तीर्थ और साहसिक खेल क्षेत्रों में अवसर तलाशने और पैदा करने को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने देश के अमीरों, संपन्न लोगों और युवाओं से ’मेक इन इंडिया’ की तर्ज पर ’वेड इन इंडिया’आंदोलन शुरू करने की अपील की. उन्होंने उनसे अगले पांच वर्षों में उत्तराखंड में कम से कम एक विवाह समारोह आयोजित करने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री ने किसी भी संकल्प को हासिल करने की भारत की क्षमता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “अगर उत्तराखंड में एक साल में 5000 शादियां भी होती हैं, तो एक नया बुनियादी ढांचा तैयार हो जाएगा और राज्य को दुनिया के लिए एक विवाह स्थल में बदल देगा।“

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में बदलाव की तेज हवा चल रही है. पिछले 10 वर्षों में एक आकांक्षी भारत का निर्माण हुआ है। पहले से वंचित आबादी के एक बड़े हिस्से को योजनाओं और अवसरों से जोड़ा जा रहा है। गरीबी से बाहर आए करोड़ों लोग अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहे हैं। नव मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग दोनों अधिक खर्च कर रहे हैं “हमें भारत के मध्यम वर्ग की क्षमता को समझना होगा। उत्तराखंड में समाज की यह शक्ति आपके लिए एक बड़ा बाज़ार भी तैयार कर रही है”, श्री मोदी ने कहा।

प्रधानमंत्री ने हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड लॉन्च करने के लिए उत्तराखंड सरकार को बधाई दी और इसे उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को विदेशी बाजारों तक ले जाने का एक अभिनव प्रयास बताया। श्री मोदी ने कहा, “हाउस ऑफ हिमालयाज वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल की हमारी अवधारणा को और मजबूत करता है।“ उन्होंने कहा कि भारत के हर जिले और ब्लॉक के उत्पादों में वैश्विक बनने की क्षमता है। प्रधान मंत्री ने ऐसे स्थानीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार की खोज के महत्व पर जोर दिया और निवेशकों से विभिन्न जिलों में ऐसे उत्पादों की पहचान करने का आग्रह किया। उन्होंने उनसे महिला स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ के साथ जुड़ने की संभावनाएं तलाशने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, “स्थानीय-वैश्विक बनाने के लिए यह एक अद्भुत साझेदारी हो सकती है।“ लखपति दीदी अभियान पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों से दो करोड़ लखपति दीदी बनाने के अपने संकल्प को रेखांकित किया और कहा कि हाउस ऑफ हिमालय के ब्रांड के लॉन्च के साथ इस पहल को गति मिलेगी। उन्होंने इस पहल के लिए उत्तराखंड सरकार को भी धन्यवाद दिया।

राष्ट्रीय चरित्र को मजबूत करने के बारे में लाल किले से अपने आह्वान का जिक्र करते हुए प्रधान मंत्री ने सभी से आह्वान किया, “हम जो भी करें, वह दुनिया में सर्वश्रेष्ठ होना चाहिए। हमारे मानकों का दुनिया को अनुसरण करना चाहिए।’ हमें अब इस पर ध्यान केंद्रित करना है कि निर्यातोन्मुख विनिर्माण को कैसे बढ़ाया जाए।” उन्होंने नए निवेश द्वारा स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं और एमएसएमई को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने पोषण के नाम पर डिब्बाबंद भोजन के प्रति आगाह किया जबकि भारत मिलेट जैसे पौष्टिक भोजन में बहुत समृद्ध है। उन्होंने आयुष से संबंधित जैविक भोजन की संभावनाओं और उनके द्वारा राज्य के किसानों और उद्यमियों के लिए प्रदान किये जाने वाले अवसरों पर प्रकाश डाला। यहां तक कि डिब्बाबंद भोजन में भी, उन्होंने उपस्थित लोगों से स्थानीय उत्पाद को वैश्विक बाजारों तक पहुंचने में मदद करने के लिए कहा।

संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की कि वर्तमान समय भारत, इसकी कंपनियों और इसके निवेशकों के लिए एक अभूतपूर्व समय है। उन्होंने कहा, “अगले कुछ वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है“, उन्होंने स्थिर सरकार, एक सहायक नीति प्रणाली, सुधार और परिवर्तन की मानसिकता और विकास में विश्वास के संयोजन को श्रेय दिया। “यही समय है, सही समय है। यह भारत का समय है”, प्रधान मंत्री ने कहा और निवेशकों से उत्तराखंड के साथ चलने और इसकी विकास यात्रा में भाग लेने की अपील की।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड में प्रदेश की समस्त जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि भारत में समय-समय पर अनेकों महापुरूषों ने मां भारती के मुकुट की शोभा बढ़ाने और समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य किया है। इनमें से कई ऐसी विभूतियां हैं जिनके बारे में हमने केवल सुना है, उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखा नहीं है, लेकिन जब हम आज प्रधानमंत्री की ओर देखते हैं तो हमें उन सभी महान विभूतियों का अंश उनमें दिखाई देता है। देश के पीएम जिस कठिन परिश्रम से भारत को पुनः विश्व गुरू बनाने के लिए प्रयत्नशील है वह एक सौ चालीस करोड़ भारतीयों में आशा एवं विश्वास का बीज भी रोपित करता है। आज केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व के अन्य देश भी प्रधानमंत्री की सोच, उनकी रणनीति और उनके विचारों का अनुसरण करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा गुजरात के सीएम रहते हुए ’’वाईब्रेंट गुजरात’’ नाम से इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन शुरू किया गया था, उसी से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने ’’डेस्टिनेशन उत्तराखंड’’ की थीम पर इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया है। हमारी कोशिश रहेगी कि हर 02 वर्ष के अंतराल में इस समिट का आयोजन हो। “डेस्टिनेशन उत्तराखंड” का मुख्य उद्देश्य, ग्रीन इकोनॉमी और रोजगार को लेकर इकोलॉजी और इकोनॉमी के समन्वय द्वारा राज्य का समग्र विकास करना है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ढाई लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों को प्राप्त करने का लक्ष्य था, अभी तक लक्ष्य से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर करार हो गये हैं। इनमें से अब तक 44 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, इससे प्रदेश में स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि एक निवेशक को अच्छा व्यावसायिक वातावरण, अच्छी कानून व्यवस्था, इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली नीतियाँ और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य और आबोहवा भी चाहिए, यह सब उत्तराखण्ड के पास है। उन्होने कहा कि उत्तराखंड में गुजरात के ’’महात्मा मंदिर कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर’’ की भांति शीघ्र ही एक भव्य ’’कन्वेंशन सेंटर’’ का निर्माण किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में प्रत्येक साल करोड़ों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों का आतिथ्य सत्कार होता है। करीब सवा करोड़ की आबादी वाला हमारा राज्य हर साल लगभग सात करोड़ लोगों का कुशलता से प्रबंधन करता है, जो कि राज्य की उच्चकोटि की कानून व्यवस्था का प्रतीक है। राज्य में विभिन्न सैक्टर्स में ’’निवेश मित्र’’ की नियुक्ति की है, जो 5 करोड़ रूपये से अधिक के पूंजी निवेश करने वाले उद्यमियों के लिये ’’सिंगल प्वाइंट आफ कॉटेक्ट’’ होंगे। उत्तराखंड में जहां एक ओर परिवहन मार्गों का विस्तार हुआ है, वहीं अब नए एयरपोर्ट के विकास तथा रोपवे और हैलीपोर्टों के निर्माण द्वारा कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उत्तराखंड अपनी एक अलग पहचान बना रहा है।

इस अवसर पर उद्योग जगत के नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये। अदानी समूह के निदेशक और प्रबंध निदेशक (कृषि, तेल और गैस) श्री प्रणव अदानी ने कहा कि हाल के दिनों में सिंगल प्वाइंट मंजूरी, प्रतिस्पर्धी भूमि की कीमतें, सस्ती बिजली और कुशल वितरण, अत्यधिक कुशल जनशक्ति और राष्ट्रीय राजधानी से निकटता और एक बहुत ही स्थिर कानून और व्यवस्था का माहौल के कारण उत्तराखंड निजी क्षेत्र के निवेश के लिए सबसे आकर्षक स्थलों में से एक बन गया है। श्री अदाणी ने राज्य में विस्तार करने और अधिक निवेश और नौकरियां लाने की अपनी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने उत्तराखंड राज्य को लगातार समर्थन देने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि भारत के लोगों ने उनमें अभूतपूर्व विश्वास और भरोसा जताया है।

जेएसडब्ल्यू के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री सज्जन जिंदल ने उत्तराखंड राज्य के साथ प्रधान मंत्री के संबंधों पर प्रकाश डाला, जिसे श्री जिंदल ने केदारनाथ और बद्रीनाथ की विकास परियोजनाओं के दौरान अनुभव किया था। उन्होंने देश की तस्वीर बदलने के लिए प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना की और जीडीपी वृद्धि के मापदंडों और भारत के जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का उल्लेख किया। श्री जींदल ने भारत की वैश्विक महाशक्ति बनने की यात्रा में उनके नेतृत्व के लिए प्रधान मंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने देश भर के तीर्थ स्थलों तक कनेक्टिविटी में सुधार पर सरकार के जोर का भी उल्लेख किया। उन्होंने उत्तराखंड में लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश लाने की कंपनी की योजना का विस्तार किया और नवंबर में शुरू की गई ’स्वच्छ केदारनाथ परियोजना’ के बारे में भी बात की। उन्होंने उत्तराखंड सरकार को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और प्रधानमंत्री को भारत की विकास यात्रा में कंपनी के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।

आईटीसी के प्रबंध निदेशक श्री संजीव पुरी ने जी 20 शिखर सम्मेलन की सफलता को याद करते हुए प्रधानमंत्री की वैश्विक राजनीति कौशल और ग्लोबल स्टेट्समेनशिप की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई उद्देश्यपूर्ण नीतिगत पहलों ने भारत को बहुआयामी चुनौतियों का सामना करने वाली दुनिया में अनुकूल स्थिति में ला दिया है। उन्होंने कहा, अर्थव्यवस्था में कई क्षेत्रों में बदलाव और जीडीपी के आंकड़े खुद बयां करते हैं। नेतृत्व ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जहां विश्व स्तर पर, यह दशक और, कुछ लोग कह रहे हैं, सदी भारत की है।

पतंजलि के संस्थापक और योग गुरु श्री बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री को ’विकसित भारत’ का स्वप्नदृष्टा और भारत के 140 करोड़ नागरिकों के परिवार का सदस्य बताया। उन्होंने 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हासिल करने के प्रधान मंत्री के लक्ष्य पर प्रकाश डाला और निवेश लाने और रोजगार के अवसर पैदा करने में पतंजलि के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को आने वाले समय में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और 10,000 से अधिक नौकरियों का आश्वासन दिया। उन्होंने नये भारत के निर्माण में प्रधानमंत्री के संकल्प और इच्छाशक्ति की सराहना की। उन्होंने राज्यों में कानून व्यवस्था बनाए रखने में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के प्रयासों की भी सराहना की और कॉर्पाेरेट घरानों से राज्य में एक इकाई स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य के पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के विकास की भी सराहना की। उन्होंने निवेशकों से भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के प्रधानमंत्री के संकल्प को मजबूत करने की अपील की।

एम्मार इंडिया के सीईओ श्री कल्याण चक्रवर्ती ने देश के विकास के लिए दिशा, दृष्टि और दूरदर्शिता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में भागीदार बनने के लिए कॉर्पाेरेट जगत की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने भारत-यूएई संबंधों में नई जीवंतता की ओर भी इशारा किया। एम्मार का मुख्यालय संयुक्त अरब अमीरात में है। श्री कल्याण चक्रवर्ती ने भारत के प्रति वैश्विक दृष्टिकोण में आए सकारात्मक बदलाव पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने जीएसटी और फिनटेक क्रांति जैसे कई नीतिगत सुधारों का उल्लेख किया जो औद्योगिक जगत के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं।

टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस के अध्यक्ष श्री आर दिनेश ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने उत्तराखंड की विकास गाथा में संगठन के योगदान का उल्लेख किया और टायर और ऑटो घटकों की विनिर्माण इकाइयों और लॉजिस्टिक्स और ऑटो क्षेत्र में सेवाओं का उदाहरण दिया। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र और भंडारण क्षमता में निवेश को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी की योजनाओं का विस्तार किया, जिससे सभी पारिवारिक कंपनियों में 7,000 से अधिक नौकरियां पैदा हुईं। उन्होंने बदलते वर्तमान विश्व परिदृश्यों के कारण डिजिटल और स्थिरता परिवर्तन में वित्तीय सहायता और अपस्किलिंग प्रदान करके ऑटो मार्केट क्षेत्र में भागीदारों को संभालने के लिए कंपनी की तत्परता पर जोर दिया। सीआईआई के अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने 1 लाख से अधिक लोगों को परामर्श और सहायता प्रदान करने के लिए 10 मॉडल कैरियर केंद्र स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड आतिथ्य, स्वास्थ्य देखभाल और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों को कवर करने वाले 10,000 लोगों को प्रशिक्षित करने की क्षमता वाला स्पेशलिटी मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने वाला पहला राज्य होगा।

इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.), राज्य सरकार के मंत्रीगण, पूर्व मुख्यमंत्री गण, सांसदगण, विधायकगण और विभिन्न औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

कार्यों में तेजी लाने के लिए सप्ताह में दो बार हो समीक्षा

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना 2023-24 के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कार्यों में तेज़ी लाने के लिए सचिव स्तर पर सप्ताह में 2 बार बैठक कर समीक्षा किए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों के अनुमोदन के लिये डेडिकेटेड टीम लगाई जाए ताकि फ़ाइलों के पारगमन में अत्यधिक समय न लगे।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में पुस्तकालयों के निर्माण पर अधिकारियों को शीघ्र कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के पुस्तकालयों को मजबूत किया जाए। साथ ही जहां उपलब्ध नहीं हैं वहां नए तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकालयों का लाभ स्थानीय लोग भी उठा सकें इसके लिए पुस्तकालय की एंट्री विद्यालय के बाहर से दी जाए।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपनी भूमि के उपयोग के लिये अगले 30 से 50 वर्षों का मास्टर प्लान बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग अगले 50 सालों की आवश्यकताओं के हिसाब से मास्टर प्लान बना लेंगे तो भूमि का उचित रूप से उपयोग हो सकेगा। इससे विभागों की भविष्य की आवश्यकताओं को सही तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
मुख्य सचिव ने योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की उपयोगिता प्रमाणपत्र भी समय से उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिये। कहा कि जिन विभागों का बजट अभी तक रिलीज़ नहीं हुआ है, विभाग तेज़ी से कार्यों को पूरा कर उपयोगिता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएँ।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव दिलीप जावलकर, रवीनाथ रमन, एच.सी. सेमवाल, विजय कुमार यादव, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, नितिन भदौरिया एवं अमनदीप कौर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

होमगार्ड को भी मिलेगा पुलिस की तरह कई सेवाओं का लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित रैतिक परेड में शामिल होकर रैतिक परेड का मान प्रणाम ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जवान राष्ट्रसेवा का अद्वितीय उदाहरण है। रैतिक परेड में जवानों द्वारा मोटरबाईक पर साहस, कौशल एवं सन्तुलन के प्रदर्शन की सराहना करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जवान हमारे सहयोगी हैं, और विभिन्न नागरिक सेवाओं में अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं। राज्य में कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में उनका योगदान रहता है। होमगार्ड्स के जवानों को कड़ी धूप सहित बरसात और कड़कड़ाती ठंड में यातायात एवं नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करते हुए उन्होंने देखा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि होमगार्ड्स विभाग में शस्त्र प्रशिक्षण प्रदान किये जाने हेतु ‘इण्डोर फायरिंग रेंज’ को प्रेमनगर में उपलब्ध विभागीय भूमि पर निर्माण किया जायेगा। होमगार्ड्स जवानों को वर्षभर में 12 आकस्मिक अवकाश दिये जायेंगे। होमगार्ड्स स्वयंसेवकों की कम्पनी कार्यालय/ट्रांजिट कैम्प/इमरजेन्सी सर्च एवं रेस्क्यू सेंटर हेतु भवन निर्माण किया जाएगा। विभागीय मोटर साईकिल दस्ते हेतु मोटर साइकिल क्रय की जाएंगी। पुलिस कार्मिकों एवं एन०डी०आर०एफ० की भांति उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ड्यूटीरत होमगार्डस स्वयं सेवकों को प्रोत्साहन राशि अनुमन्य की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे कोविड महामारी हो, कोई वीआईपी कार्यक्रम हो या फिर कांवड़ या अन्य बडे आयोजन, होमगार्ड्स जवान जिस निष्काम सेवा से अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं, वो अभूतपूर्व है। होमगार्ड्स जवानों का एक ही मंत्र रहा है, ‘जहां कम वहां हम’ इसी संकल्प के साथ, प्रदेश के विकास में भी अपनी भागेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा होमगार्ड्स की सुविधा के लिए छोटे हथियारों जैसे पिस्टल आदि को क्रय किये जाने हेतु भी अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस वर्ष होमगार्ड्स के लिए सेना के जवानों की तर्ज पर सीएसडी कैंटीन की सुविधा भी शुरू की है, जिसके लिए होमगार्ड्स का स्पेशल कार्ड बनाया जा रहा है। इसके साथ ही होमगार्ड विभाग में आपदा राहत एवं बचाव कार्यों तथा जनसामान्य की सहायता के लिये “द्रुत” मोबाईल एप्लिकेशन बनाया गया है, जो अत्यंत ही सराहनीय कदम है। यह ऐप शुरू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला प्रदेश है। राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए महिला होमगार्ड्स को प्रसूति अवकाश अनुमन्य किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी होमगार्ड्स स्वयंसेवकों हेतु पूरे सेवाकाल में छः माह के चिकित्सा अवकाश की भी संस्तुति की गई है। राज्य में प्रथम बार महिला एवं पुरूष होमगार्ड्स को आत्मरक्षा हेतु विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसी वर्ष होमगार्ड द्वारा विभागीय बैंड ‘‘मस्का बाजा’’ की भी स्थापना की गई जो एक सराहनीय प्रयास है। राज्य में ‘होमगार्ड्स हेल्प डेस्क’ भी बेहतर कार्य कर रही है। हाल ही में हरिद्वार गंगा आरती में शामिल होने आए एक परिवार का नन्हा बालक अपने परिजनों से बिछड़ गया था, होमगार्ड हेल्प डेस्क ने तुरंत उसे ढूंढ कर परिजनों को सौंपा,यह अत्यंत सराहनीय प्रयास था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में ही राज्य में 330 महिला होमगार्ड जवानों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, प्रशिक्षण के बाद वे जल्द ही संगठन में अपना योगदान देंगी। अब 300 पुरुष होमगार्ड जवानों की भर्ती की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स के जवानों और अधिकारियों को विश्वास दिलाया कि उनके बेहतर जीवन के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्डस के जवान समर्पण भाव और कर्तव्य पालन से राज्य और देश की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में होमगार्ड्स तथा नागरिक सुरक्षा संगठन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उत्तराखण्ड राज्य के विकास तथा कानून व्यवस्था एवं शान्ति स्थापना के कार्यों में अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करते रहेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए बनाई गई प्रशिक्षण पुस्तिका, आपदा एवं बचाव कार्य के लिए बनाए गए होमगार्ड विभाग के द्रुत एप का विमोचन तथा विभिन्न कार्यों के लिए ट्रांजिट कैंपों के लिए भूमि पूजन, केंद्रीय प्रशिक्षण में ऑब्सटेकल ट्रैक का लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा अमिताभ श्रीवास्तव डिप्टी कमांडेंट जनरल होम गार्ड्स, राजीव बलोनी डिप्टी कमांडेंट जनरल होमगार्ड को राष्ट्रपति से सराहनीय एवं विशिष्ट सेवा के लिए प्राप्त मेडल एवं प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, सविता कपूर, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर.के.जैन, उत्तराखण्ड मण्डी परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल डब्बू, अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी, कार्यवाहक डी.जी.पी. अभिनव कुमार, कमांडेंट जनरल होमगार्ड केवल खुराना सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों का सीएम ने लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 8 और 9 दिसम्बर को एफआरआई, देहरादून में आयोजित होने वाले डेस्टिनेशन उत्तराखंड, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों को लेकर को कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए बनाये गये मीडिया सेंटर का उद्घाटन भी किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्यक्रम आयोजन की सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों और सौन्दर्यीकरण के कार्य भी तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए बड़ी समिट है। अभी तक ढ़ाई लाख करोड़ से अधिक के करार हो चुके हैं। करारों की ग्राउडिंग के लिए तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश आने से स्थानीय लोगों के रोजगार में तेजी से वृद्धि होगी। राज्य में ऐसे करारों को शीर्ष प्राथमिकता दी जा रही है, जिनसे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी राज्य सरकार निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, कार्यवाहक डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, एडीजी ए.पी अंशुमन, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका,महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, एसएसपी देहरादून अजय कुमार एवं आयोजन के कार्यों में लगे अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मोदी के करिश्माई नेतृत्व ने दिलाई सफलता-अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश मंडल के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ तीन बड़े राज्यों में भाजपा को मिली जीत पर जश्न मनाया। इस दौरान आतिशबाजी कर मंत्री डा. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं को मिष्ठान खिलाकर बधाई भी दी।
दून तिराहे पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ‘मोदी फैक्टर’ प्रमुख कारण रहा है। कहा कि तीन बड़े राज्यों में मिली जीत की इस हैट्रिक ने 2024 की हैट्रिक की गारंटी दे दी है। डा. अग्रवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने देश में चार जातियों नारी शक्ति, युवा शक्ति, किसान और गरीब परिवार के उत्थान के लिए सदैव कार्य किया।
डा. अग्रवाल ने कहा कि आज देश का युवा पीएम मोदी से उम्मीदें कर रहा है, यही कारण है कि तीनों बड़े राज्यों में जीत का आधार प्रथम बार वोट दे रहे युवाओं पर भी रहा। कहा कि युवाओं का मानना है कि बीजेपी की सरकार युवा हितैषी होती है। युवाओं के लिए नए अवसर बनाने वाली होती है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश की बेटियों-बहनों के मन में एक नया विश्वास भाजपा सरकार में एक नई बुलंदी मिलने को लेकर जागा है। कहा कि आज महिलाओं का मानना है कि बीजेपी ही नारी सुरक्षा, सम्मान और गरिमा की गारंटी है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि बीते दस सालों ने भाजपा की सरकार ने बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए कितनी ईमानदारी से काम किया है। यही कारण रहा कि चुनाव में देश की बहन-बेटियों ने भाजपा की विजय की जिम्मेदारी उठाई।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष रविंद्र राणा, मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कविता शाह, मडल अध्यक्ष महिला मोर्चा माधवी गुप्ता, मण्डल महामंत्री पवन शर्मा, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, जितेंद्र अग्रवाल, मनोज ध्यानी, चेतन शर्मा, राधे जाटव, अनिल ध्यानी, मेजर गोविंद सिंह रावत, दीपक बिष्ट, रमेश अरोड़ा, राजपाल ठाकुर, पार्षद प्रदीप कोहली, पूर्व पालिका अध्यक्ष शम्भू पासवान, विनोद भट्ट, रूपेश गुप्ता, हरीश तिवाड़ी, राकेश पारचा, नंद किशोर जाटव, जिला कार्यालय प्रभारी देवदत्त शर्मा, भावना किशोर गौड़, सुरेंद्र कक्कड़, सुधा असवाल, रीता गुप्ता, राजबाला पाल, गुड्डी कालूड़ा, निवेदिता सरकार, आशा शुक्ला, रुचि जैन, संगीता, रेखा चौबे, अभिनव पाल, राकेश पाल, गोपाल सती, रंजन अंथवाल, शशि मिश्रा, अविनाश भारद्वाज, मोहित, रोशन, कृष्णा, रवि, माहिर रवि कुमार आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

680 करोड़ के निवेश के साथ 2290 नये रोजगार होंगे सृजित

राज्य में प्रतिष्ठित निजी शिक्षण संस्थाओं में दी जा रही शिक्षा की पहुंच साधन विहीन छात्रों को भी हो सके इसके लिए आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दृष्टिगत निजी विद्यालयों के संचालकों/प्रबन्धकों को आवश्यकता वाले क्षेत्रों में राज्य सरकार की निवेश नीति के अन्तर्गत नये स्कूल (डे/बोर्डिंग) खोले जाने हेतु सोमवार को राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के सभागार में सचिव विद्यालय शिक्षा रविनाथ रामन की अध्यक्षता में में बैठक आयोजित की गयी।
बैठक में निजी विद्यालयों के संचालकों/प्रबन्धकों के द्वारा की गयी पृच्छा पर सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रामन एवं श्री बंशीधर तिवारी महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा द्वारा उसका समाधान दिया गया तथा तदनुसार उनके द्वारा बोर्डिंग एवं डे स्कूल अलग-अलग स्थानों पर खोले जाने की सहमति दी गयी। निजी विद्यालयों के संचालकों/प्रबन्धकों के सहमत होने पर महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा/राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड बंशीधर तिवारी द्वारा राज्य सरकार की ओर से एवं इच्छुक विद्यालय के प्रतिनिधि के साथ सचिव विद्यालयी शिक्षा की उपस्थिति में समझौता ज्ञाप पर हस्ताक्षर किये गये।
इस सम्बन्ध में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने बताया कि निजी विद्यालयों के प्रबन्धकों/संचालकों को अवगत कराया गया कि राज्य सरकार द्वारा इसके लिए भूमि बैंक बनाया गया है जिसका लाभ राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गयी नीति के अन्तर्गत निवेश पर मिल सकता है। इस इस कार्य को मूर्तरूप देने का उत्तरदायित्व विभाग द्वारा डॉ० मुकुल कुमार सती, अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा को दिया गया था तथा उनके द्वारा निजी विद्यालयों के प्रबन्धकों/संचालकों के साथ समन्वयन करते हुए इसके क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गयी। उन्होंने बताया कि इस अवधि में कुल 13 निजी विद्यालयों के साथ प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 वीं तक के विद्यालय खोले जाने हेतु एम.ओ.यू. हस्ताक्षर किया गया जिसमें लगभग 680 करोड़ का निवेश तथा 2290 नये रोजगार सृजन प्रस्तावित हैं। उक्त नये विद्यालयों को खोले जाने हेतु निजी विद्यालयों के संचालकों/प्रबन्धकों के द्वारा जनपद ऊधमसिंह नगर, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार, बागेश्वर आदि जनपदों के लिए सहमति दी गयी है तथा 2 वर्ष की अवधि में विद्यालय प्रारम्भ कर लिए जाने का भी आश्वासन दिया गया है।
महानिदेशक शिक्षा ने बताया कि राज्य में प्रतिष्ठित निजी शिक्षण संस्थाओं के माध्यम से दी जा रही स्कूली शिक्षा की उपलब्धता प्रायः असमान रही है तथा यह केवल घनी आबादी वाले मैदानी क्षेत्रों तक ही सीमित रह गयी है। परिणामस्वरूप साधन विहीन छात्रों की पहुँच इन विद्यालयों तक नहीं हो पाती है तथा कुछ सीमा तक राज्य में पलायन को बल मिला है।
इस अवसर पर निजी विद्यालयों की ओर से डीएस मान, राकेश ओबेराय, गगनजीत जुनेजा, संजय सेठी, भूपेश सिंह, मीता शर्मा, शरद, प्रेम कश्यप एवं विभागीय स्तर से मदन मोहन जोशी उप राज्य परियोजना निदेशक, मुकेश कुमेड़ी समन्वयक, हिमांशु रावत आदि उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने हरिद्वार के सौंदर्यकरण के लिए की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान हर की पैड़ी पर गंगा आरती में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की प्राचीन व पौराणिक शक्ति पीठां से सीधा सम्बन्ध रखने वाले सतीकुण्ड को शीध्र ही विश्व स्तरीय संरचना देकर भव्य स्वरुप में विकसित किये जाने, हर की पैड़ी में गंगा आरती के दौरान लाईट, साउंड व लेजर शो के माध्यम से गंगा के अवतरण का तीर्थ यात्रियों के बीच प्रदर्शन की व्यवस्था किये जाने, हरकी पैड़ी के आस-पास के सभी पुलों पर फसाड़ लाईटिग की व्यवस्था किये जाने की घोषणएं की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर क्षेत्रांतर्गत हर की पैड़ी पर गंगा आरती में प्रतिभाग के दौरान तीर्थ यात्रियों की सुविधा हेतु कई सौगाते दी। उन्होने कहा कि प्राचीन शक्ति पीठो से सीधा सम्बन्ध रखने व हिन्दु धर्म के प्रसार के पुरातन केन्द्र के रुप में प्रसिद्व स्थाल सतीकुण्ड को शीघ्र ही विश्वस्तरीय संरचना के तहत भव्य रुप दिया जायेगा। उन्होने गंगा आरती के दौरान हर की पैड़ी पर एकत्र होने वाले तीर्थ यात्रियों की यात्रा को स्मरणीय बनाने के लिए गंगा अवतरण के दृश्य को लाईट, साउंड व लेजर शो के माध्यम से गंगा आरती को और अधिक भव्य रुप दिये जाने की बात कही। उन्होने कहा कि हरकी पैड़ी पर गंगा आरती के दौरान प्रत्येक दिन गंगा अवतरण के दृश्य का लाईट, साउंड व लेजर शो के माध्यम से प्रदर्शन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने हर की पैड़ी के आस-पास के सभी पुलों पर फसाड़ लाईटिगं की व्यवस्था किये जाने की बात कही। कहा कि हरकी पैड़ी के आसपास के पुल केवल कुम्भ के दौरान ही प्रकाशमान होते हैं। जबकि यहां तीर्थ यात्रियों का वर्ष-भर आना-जाना लगा रहता है, इसलिए हर की पैड़ी के आस-पास के सभी पुलों को प्रतिदिन शाम होते ही रंग बिरंगी रोशनी फसाड़ से प्रकाशमान किये जायेंगे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी परमेन्द्र डोभाल, वीसी एचआरडीए अंशुल सिंह, सीडीओ प्रतीक जैन, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, अध्यक्ष बीजेपी संदीप गोयल सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि व तीर्थ यात्री उपस्थित रहे।