सिडकुल के अधिकारियों पर गिरी गाज, सीएम बोले-भ्रष्टाचार बर्दाश्त नही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास निगम उत्तराखण्ड लि0 के प्रबन्ध निदेशक रोहित मीणा द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत प्राप्त होने पर और उद्यमियों से असहयोगात्मक रुख़ के कारण सिडकुल के दो अधिकारियों के निलंबन का आदेश जारी किया गया है। जिनमें परविन्दर सिंह, लेखाकार सिडकुल और कमल किशोर कफल्टिया, जन सम्पर्क अधिकारी/प्रभारी क्षेत्रीय प्रबन्धक, सिडकुल काशीपुर हैं। इसके साथ ही सिडकुल के वित्त नियंत्रक मनीष उप्रेती को भी तत्काल प्रभाव से वित्त नियंत्रक सिडकुल के पद से हटा दिया गया है
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जहां राज्य सरकार निवेश सम्मेलन की तैयारी कर रही हैं वहां इस तरह की कार्यप्रणाली को क़तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मिलावटखोरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखण्ड डा. आर. राजेश कुमार के मार्गदर्शन में आगामी त्योहारी सीजन नवरात्र, दीपावली आदि के दौरान आम जनमानस द्वारा प्रमुखतय प्रयोग में लाये जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने व इनमें मिलावट की संभावना के दृष्टिगत पूर्व से ही विभागीय कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसमें सर्विलांस नमूना संग्रहण, विधिक नमूनों का संग्रहण व त्वरित जांच, खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण आदि घटक प्रमुख रूप से शामिल किये गये हैं, साथ ही मोबाईल फूड टेस्टिंग के माध्यम से खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच व उपभोक्ताओं को घरेलु तरीकों से मिलावट की जांच के संबध में जागरूक भी किया जायेगा। एफएसएसएआई भारत सरकार के निर्देशानुसार राज्य हेतु वर्ष 2023-24 वर्ष 2024-25 तैयार किये गये वार्षिक सर्विलांस प्लॉन के तहत प्रत्येक माह राज्य में 500 फूड सैंम्पल लेकर जांच हेतु भेजे जायेंगे।
उक्त नमूनों के संग्रहण में एकरूपता के दृष्टिगत् तैयार प्लॉन में प्रथम चरण में माह अक्टूबर से दिसंबर 2023 तक सर्विलांस में दूध एवं दुग्ध पदार्थ, मसाले, खाद्य तेल, एवं मिठाईयां आदि खाद्य पदार्थों के नमूनों को प्राथमिकता के आधार पर सर्विलांस जांच करायी जायेगी व प्राप्त परिणाम के आधार पर राज्य स्तर पर प्रवर्तन की कार्यवाही द्वितीय चरण में की जायेगी इस संबध में समस्त जनपदीय अभिहित अधिकारियों/खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किये गये हैं। साथ ही जनपद स्तर पर विधिक नमूनों के संग्रहण में भी तेजी लायी जायेगी इसके अतिरिक्त मुख्यालय स्तर से गठित विषेष टीम द्वारा विगत माह पूर्व जनपद हरिद्वार में दुग्ध उत्पादों की जांच हेतु लिये गये पनीर के 2 नमूनों को विश्लेषणशाला द्वारा असुरक्षित घोषित किये जाने के उपरान्त अभिहित अधिकारी हरिद्वार की रिपोर्ट के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वाद दायर किये जाने की संस्तुति दी गयी है।

कनिष्ठ सहायकों को धामी ने सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में परिवहन विभाग के अन्तर्गत कनिष्ठ सहायक के पद पर उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 10 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपके परिश्रम और ईश्वर की कृपा से सेवा के क्षेत्र में कार्य करने का जो अवसर मिल रहा है, अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करें। कार्य क्षेत्र में नये जीवन की शुरुआत आत्म अनुशासन और नियमित दिनचर्या के साथ करें। जन सेवा करने का जो अवसर मिला है, इसमें अपनी सामर्थ्य का पूरा उपयोग करें।
सचिव परिवहन अरविन्द सिंह ह्यांकी ने कहा कि परिवहन विभाग, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत विगत 2 वर्षों में 1 सम्भागीय निरीक्षक और 59 परिवहन आरक्षियों को सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति प्रदान की गई। कनिष्ठ सहायक के 39 और सहायक लेखाकार के 17 पदों पर चयन प्रक्रिया गतिमान है। परिवहन विभाग के अंतर्गत सीधी भर्ती के विभिन्न पदों के लिए 147 पदों का अधियाचन आयोग के लिए भेजा गया है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

अंगदान शपथ लेने में उत्तराखंड का देश में दूसरा स्थान

राज्य में आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत संचालित सेवा पखवाड़े के दौरान तीन हजार से अधिक लोगों ने अंगदान की शपथ लेते हुये राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। उत्तराखंड जनसंख्या के लिहाज से अंगदान हेतु पंजीकरण कराने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है जबकि तेलंगाना राज्य प्रथम स्थान पर काबिज है। प्रदेशभर में चल रहे आयुष्मान भव अभियान के समापन के उपरांत सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत अंगदान करने वाले महादानियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित करेंगे।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के आह्वान पर आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक चलाये गये सेवा पखवाडा कार्यक्रम के तहत अंगदान एवं देहदान के लिये उत्तराखण्ड के लोगों ने आगे आकर सामाजिक दयित्व का निर्वहन किया है। इस अभियान के तहत सूबे के 3059 लोगों ने अंगदान की शपथ लेते हुये राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। उत्तराखंड में कुल 1.25 करोड़ की आबादी के सापेक्ष एक लाख की जनसंख्या पर औसतन 24 लोगों द्वारा अंगदान हेतु पंजीकरण कराया गया है, जबकि तेलंगान में कुल 8.77 करोड़ की आबादी के सापेक्ष एक लाख पर 18 लोगों ने अंगदान हेतु पंजीकरण कराया है। इसी आधार पर उत्तराखंड अंगदान हेतु पंजीकरण कराने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है जबकि तेलंगाना प्रथम स्थान पर है। इसी प्रकार मध्य प्रदेश तीसरे, महाराष्ट्र चौथे, कर्नाटक पांचवे व आंध्राप्रदेश छठे स्थान पर है। इस अभियान के दौरान अन्य राज्यों में भी सैकड़ों लोग अंगदान हेतु अपना पंजीकरण करा रहे हैं इस प्रकार पूरे देश में अंगदान शपथ लेने के उपरांत पंजीकृत दानवीरों की संख्या 73 हजार 682 पहुंच गई है।

एक पखवाड़े तक चले अभियान के दौरान उत्तराखंड में सर्वाधिक 872 लोगों ने जनपद नैनीताल में अंगदान हेतु पंजीकरण कराया है। जबकि पिथौरागढ़ में 493, चमोली 340, देहरादून में 201, टिहरी 188, अल्मोड़ा 187, ऊधमसिंह नगर 118, पौड़ी गढ़वाल 103, बागेश्वर 100, उत्तरकाशी 85, चम्पावत 76, हरिद्वार 42, रूद्रप्रयाग में 23 लोगों ने राष्ट्रीय पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है, जबकि एक दानवीर का अभी जनपद चिन्हिकरण नहीं हो पाया है। उपरोक्त आंकड़े 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक चलाये गये सेवा पखवाड़ा अभियान में दर्ज किये गये हैं जबकि आयुष्मान भव अभियान आगामी 31 दिसम्बर तक चलाया जाना है, जिसमें आयुष्मान आपके द्वार 3.0, रक्तदान एवं अंगदान हेतु पंजीकरण, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान, सिकल सेल उल्मूलन आदि कार्यक्रम जारी रहेंगे। इस संबंध में अपर सचिव स्वास्थ्य एवं मिशन निदेशक स्वास्थ्य विभाग, भारत सरकार एल.एस. चॉगसन ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि 31 दिसम्बर 2023 के बाद आयुष्मान भव अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सम्मानित किया जायेगा।

क्या कहते हैं स्वास्थ्य मंत्री…
प्रदेश में पखवाड़े भर तक चले आयुष्मान भव अभियान में उत्तराखंड ने बेहतर प्रदर्शन किया है। यही वजह है कि राज्य में स्वैच्छिक रक्तदान हेतु एक लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है, इसी प्रकार अंगदान के लिये प्रदेश के तीन हजार से अधिक दानवीरों ने शपथ लेते हुये अपना पंजीकरण कराया है, जो उत्तराखंड के लिये गौरव की बात है। सभी स्वैच्छिक दानदाता बधाई के पत्र हैं, उम्मीद है कि प्रदेश के अन्य लोगों को भी इन दानवीरों से सामाजिक दायित्वों के प्रति प्रेरणा मिलेगी।

गढ़वाल महासभा ने किया गढ़ फिल्म पोथली की स्टारकास्ट का अभिनंदन

प्रज्ज्वल फ़िल्म प्रोडक्शन द्वारा निर्मित उत्तखण्डी फीचर फिल्म पोथली की स्टारकास्ट का अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के देहरादून रोड स्तिथ कार्यालय में फिल्म के पोस्टर का लोकार्पण महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे नेगी, फ़िल्म के निर्देशक रवि ममगई, समाजसेविका सीता पयाल व रोशन उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे नेगी एवं महामंत्री उत्तम असवाल ने फ़िल्म से जुड़े कलाकारो को माला एवं पटका पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर फ़िल्म के निर्माता निर्देशक रवि ममगई ने बताया कि उनकी फ़िल्म पोथळी देवभूमि में बालिकाओं पर बढ़ रहे घिनोने अपराध एवं अत्याचार पर सच्ची घटना पर आधारित है जोकि अबतक देहरादून, कोटद्वार,पौड़ी एवं श्रीनगर में सफलतम प्रदर्शन कर चुकी है।

बताया कि 6 अक्टूबर से रोजाना एक शो सुबह 10 बजकर 45 बजे से ऋषिकेश के रामा पैलेस सिनेमा हॉल में प्रदर्शित की जा रही है। फ़िल्म एक पिता द्वारा बेटी के लिए न्याय दिलाने के संघर्ष की कहानी है। फ़िल्म में मुख्य भूमिका में गोकुल पंवार, बृजेश भट्ट, इंदु भट्ट, रामरवि, सते सिंह पटवाल, नवल सेमवाल, बबिता महंत, योगेश सकलानी ने निभाई है। फ़िल्म के गीत स्वर कोकिला मीना राणा एवं जितेंद्र पंवार, संगीत वी कपूर द्वारा दिया गया है फ़िल्म की कहानी रुचि ममगई द्वारा लिखी गयी है।

अक्टूबर अंत तक लोनिवि कार्यों का पूर्ण करें निर्माणः अग्रवाल

कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने राज्य योजना के अंतर्गत हरिद्वार रोड पर आराघर से रिस्पना पुल तक मार्ग में ऐज से ऐज चौड़ीकरण, नाली एवं फुटपाथ निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधूरे निर्माण कार्य में जमा पानी पर डेंगू का लार्वा जमा होने की आशंका जताते हुए मंत्री डॉ अग्रवाल ने नाराजगी जताई। साथ ही निर्माण कार्य को इसी माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मंत्री डॉ अग्रवाल ने 1.61 किमी लंबाई पर 978.14 लाख रुपए की लागत से किये जा रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि 111 विद्युत पोलों के सापेक्ष 98 पोल अभी तक शिफ्ट किया जा चुके हैं। बताया कि 93 पोलों पर विद्युत लाइन शिफ्ट की जा चुकी है तथा शेष में कार्य गतिमान है।

उन्होंने बताया कि कर ट्रांसफार्मर शिफ्ट किया जा चुके हैं, जबकि 33 वृक्षों के सापेक्ष 33 वृक्षों का ट्रांसप्लांटपूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मार्ग के दोनों ओर 1610 मीटर लंबाई में पानी की लाइन शिफ्टिंग के सापेक्ष पूर्ण लंबाई में पानी की लाइन शिफ्ट कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया कि अधूरे पड़े निर्माण कार्यों में पानी जमा होने से डेंगू के लार्वा के पनपना की आशंका है। उन्होंने निर्देशित कर कहा कि तुरंत इनकी सफाई की जाए। साथ ही नालों में पड़े केबिल और गंदगी के लिए भी निर्देशित किया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि इन दिनों डेंगू, टाइफाइड जैसी खतरनाक बीमारियां पनप रही है। इसके चलते हुए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि हर हालत में निर्माण कार्य इसी माह के अंत तक पूर्ण किया जाए।

इस मौके पर अधीक्षण अभियंता नवावृत लोनिवि अनिल पांगती, अधिशासी अभियंता धीरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता सन्दीप सेमवाल, अपर सहायक अभियंता संतोष आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगी लंदन-बर्मिघम यात्रा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश को वर्ष 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शुमार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने रोडमैप तैयार किया है और उस पर तेजी से काम कर रहे हैं। ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मिट इस दिशा में एक बड़ा और कारगर कदम साबित होगा। हाल में मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय ब्रिटेन यात्रा की सफलता और 12500 करोड़ के निवेश करार से संकेत मिल रहे हैं कि निकट भविष्य में प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिकी भी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि ब्रिटेन में मिले निवेश प्रस्तावों से सम्मिट की अवधारणा को बल मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड निवेश के लिए सबसे सुरक्षित स्थान है।
धामी सरकार दिसम्बर में ग्लोबल इंवेस्टर सम्मिट का आयोजन कर रही है। इस सम्मिट में ढाई लाख करोड़ के निवेश करार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने निवेश के लिए 6000 एकड़ का लैंड बैंक भी तैयार किया है। केंद्र द्वारा हाल में जारी एमएसएमई आंकड़ों के अनुुसार उत्तराखंड में मौजूदा समय में लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों की संख्या 59026 है। इन उद्योगों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर दस लाख से भी अधिक लोगों को रोजगार मिला है। धामी सरकार का फोकस है कि औद्योगिक इकाइयों में पांच लाख रोजगार सृजन हो। उत्तराखंड में अभी अधिकांश सर्विस इंडस्ट्रीज हैं। इसकी तुलना में मदर्स इंडस्ट्रीज यानी अंतिम उत्पादन उद्योग कम हैं। सीएम धामी का फोकस सर्विस के साथ ही मदर्स इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देना भी है।
प्रदेश में वन संपदा के अलावा चूना पत्थर, रॉक फॉस्फेट, डोलोमाइट, मैग्नेसाइट, कॉपर ग्रेफाइट, सोप स्टोन, जिप्सम की उपलब्धता है। इसका दोहन करने से भी रोजगार और राजस्व की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा फार्मा, मेडिकल डिवाइस, आटोमोबाइल, एरोमा के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। पर्यटन और साहसिक पर्यटन सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। आईटी सेक्टर के लिए प्रदेश में कनेक्टिविटी और मैनपावर दोनों ही उपलब्ध हैं।
प्रदेश सरकार अगले पांच वर्ष में एसजीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस दिशा में धामी सरकार उत्तराखंड में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सुगम व्यवसायिक वातावरण तैयार करने के विजन को लेकर काम कर रही है.। राज्य में अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां लागू करने के साथ ही आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है. इन नीतियों में प्रमुख रूप से पर्यटन नीति-2023, एमएसएमई नीति-2023, स्टार्टअप नीति-2023, लॉजिस्टिक्स नीति-2023, निजी औद्योगिक आस्थानों की स्थापना के लिए नीति-2023 शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिटेन यात्रा के दौरान अप्रवासी भारतीयों और वहां के निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं और कानून-व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री धामी की ब्रिटेन यात्रा का एक अहम पहलू यह भी रहा है कि उन्होंने देश का पहला रोपवे मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए की संभावनाएं तलाशने का भी काम किया। इसके लिए उन्होंने फ्रांस की पोमा ग्रुप को उत्तराखंड में संभावनाएं तलाशने का प्रस्ताव दिया है।
ब्रिटेन के तीन दिवसीय दौरे के दिन शिक्षा के क्षेत्र में सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अप्रवासी भारतीयों के साथ मंथन, ब्रिटेन से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए कार्ययोजना, विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन और अप्रवासी सेल बनाने की दिशा में भी अहम कार्य किये।
मुख्यमंत्री धामी ने जर्मनी के साथ भी तकनीक और कौशल विकास के लिए करार किये हैं। उत्तराखंड में श्रमशक्ति और संसाधन हैं यदि कौशल विकास होगा तो यहां रोजगार की अपार संभावनाएं भी विकसित होंगी। बहरहाल, सीएम की ब्रिटेन यात्रा के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों से ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मिट 2023 के लिए मनोबल बढ़ा है और साथ ही यदि ब्रिटेन में किये गये निवेश प्रस्तावों पर अमल हो गया तो सीएम धामी की ब्रिटेन यात्रा उत्तराखंड के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

आंदोलनकारियों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता और कर्तव्य-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को शहीद स्थल रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर में राज्य आन्दोलनकारी शहीदों की पुण्य स्मृति पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर 1994 को उत्तराखण्ड के अलग राज्य की प्राप्ति के लिए आंदोलन कर रहे हमारे नौजवानों और माता-बहनों के साथ क्रूरता पूर्वक बर्ताव किया गया। अनेक आंदोलनकारियों की इसमें शहादत हुई। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। राज्य आन्दोलनकारियों के द्वारा किये गये संघंर्षों के परिणामस्वरूप हमें उत्तराखण्ड अलग राज्य मिला। राज्य आंदोलनकारियों के सपनों एवं संकल्पों के आधार पर राज्य के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर स्थित शहीद स्थल में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता एवं स्थानीय उत्पादों के स्थल के रूप में विकसित किए जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूर्ण करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सभी आंदोलनकारियों को पूरा मान-सम्मान और अधिकार देने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के साथ ही राज्य आंदोलकारियों की मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों को भी पेंशन देने का निर्णय लिया है। सरकार राज्य आंदोलनकारियों को ’एक समान पेंशन’ देने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रही है। उद्योगों में नौकरी के लिए राज्य आंदोलनकारियों को प्राथमिकता के लिए समुचित व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का ’’विकल्प रहित संकल्प’’ लेकर आगे बढ़ रही है। सरकार की नीतियों के केंद्र में राज्य का सर्वांगीण विकास है। राज्य सरकार उत्तराखंड को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मागदर्शन में उत्कृष्ट उत्तराखंड बनाने के लिए वचनबद्ध है। आज केदारनाथ पुनर्निर्माण, बदरीनाथ के मास्टर प्लान कार्य के साथ ही मानसखंड मंदिर माला मिशन पर कार्य चल रहा है। वाइब्रेंट विलेज के तहत सीमांत क्षेत्र में बसे गांवों को प्रथम पंक्ति में लाने का कार्य किया जा रहा है।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि हमारे शहीद आंदोलनकारियों के बलिदान की बदौलत हमें उत्तराखंड राज्य मिला। उन्होंने कहा कि भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई जी के प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखण्ड अलग राज्य बना। राज्य निर्माण के बाद उन्होंने उत्तराखण्ड को विशेष औद्योगिक पैकेज भी दिया। उन्होंने कहा आज केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि युवा साथियों एवं मातृशक्ति ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया। शहीदों के सपनों के अनुसार आज राज्य में विकास की नींव रखी जा रही है। मुजफ्फरनगर के स्थानीय लोगों ने भी आंदोलनकारियों का साथ दिया।
इस दौरान कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव कुमार बालियान, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उत्तर प्रदेश सरकार कपिल देव अग्रवाल, विधायक प्रदीप बत्रा, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड संस्कृत साहित्य एवं कला परिषद् मधु भट्ट, गौ सेवा आयोग अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा रूड़की शोभा राम प्रजापति, भाजपा जिला अध्यक्ष मुजफ्फरनगर सुधीर सैनी, सचिव संस्कृति हरि चंद्र सेमवाल, जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज सिंह गर्ब्याल, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

शहीद राज्य आंदोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए सरकार प्रयासरत-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्थल कचहरी में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष के परिणामस्वरूप ही हमें नया राज्य मिला। शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर 1994 को उत्तराखण्ड के अलग राज्य की प्राप्ति के लिए आंदोलन कर रहे हमारे नौजवान साथियों और माताओं-बहनों के साथ मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में क्रूरता पूर्वक बर्ताव किया गया। अनेक आंदोलनकारियों की इसमें शहादत हुई। उनके संघर्षों और शहादत के कारण ही हमें नया राज्य मिला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के जीवन पर डाला प्रकाश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी ने सत्य एवं अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए सबको प्रेरित किया। भारत को आजादी दिलाने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि हमें अपने आचरण में अहिंसा का भाव जागृत करने के साथ ही मानवता के प्रति करूणा का भाव पैदा करना होगा। यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री का भी स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और पद्म विभूषण अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें जय विज्ञान को जोड़ा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसमें जय अनुसंधान जोड़कर नये भारत का नारा ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़े के रूप में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास भी उपस्थित थे।