केंद्रीय भंडारण का उत्तराखंड सचिवालय में खुला आउटलेट, बाजार दर से 35 प्रतिशत सस्ते में मिलेगा ब्रांडेड सामान

उत्तराखंड राज्य कर्मचारी कल्याण निगम व केंद्रीय भंडार (भारत सरकार) का संयुक्त उपक्रम, का सचिवालय में आउटलेट का शुभारंभ सहकारिता मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज मंगलवार शाम को किया।

डॉ रावत ने इस अवसर पर कहा कि सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों को ब्रांडेड सामान 25 प्रतिशत से लेकर 35 प्रतिशत तक सस्ता मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय भंडार भारत सरकार, रेलवे, एम्स, ओएनजीसी तथा अन्य उच्च संस्थानों में ब्रांडेड सामान की आपूर्ति करता है। देहरादून के सचिवालय में इसकी आवश्यकता को पूरा करने के लिए सचिव सहकारिता को निर्देश दिए गए थे। उन्होंने केंद्रीय भंडार भारत सरकार से वार्ता कर तथा सचिवालय के अधिकारियों से जगह उपलब्ध करानी सुनिश्चित की, जिससे अब सचिवालय कर्मचारियों और अधिकारियों को सचिवालय में ही उन्हें ब्रांडेड सामान सस्ते दाम में मिल जाएगा।

सहकारिता मंत्री डॉ रावत ने कहा कि सहकारिता एक मजबूत और आधुनिक व्यवस्था है जो समृद्धि और संगठित विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इस विचार को ध्यान में रखते हुए, उत्तराखंड राज्य कर्मचारी कल्याण निगम ने एक नया प्रयास किया है – उत्तराखंड सचिवालय में आउटलेट्स को शुरू करना।

उन्होंने कहा, आउटलेट्स में ब्रांडेड सामान के साथ-साथ सहकारिता विभाग द्वारा सहित महिला समूहों द्वारा जो चीजें बनाई जाती हैं, वह सामग्री भी मिलेंगी। जिनसे महिला और ग्रामीण क्षेत्रों के सदस्यों को आर्थिक लाभ भी पहुंचेगा।

डॉ रावत ने कहा कि यह आउटलेट्स समय की बचत भी करेगा। कर्मचारियों को यहां पर्याप्त समय मिलेगा ताकि वे अपने परिवार और स्वास्थ्य के लिए प्राथमिकता दे सकें। उन्होंने कहा यहाँ मिलेट्स भी मिलेगा। राज्य में मिलेट्स की डिमांड बढ़ रही है।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस अवसर पर कहा कि सहकारिता आउटलेट खुलने से सचिवालय में एक नई पहल हुई है, इससे महिलाओं को अधिक सुविधा होगी , वह सरकारी काम निबटा कर एक जगह सभी सामान सस्ते दरों में उपलब्ध कर सकेंगी। उन्होंने सहकारिता विभाग के सचिव डॉक्टर बीवीआरसी पुरुषोत्तम व निबंधक सहकारिता आलोक कुमार पांडेय से कहा कि वह इस तरह के आउटलेटस राज्य के प्रत्येक जनपद में खुलवाने का प्रयास करें।

सचिव सहकारिता डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने आउटलेट के लिए सचिवालय के अंदर जगह दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। इस तरह के आउटलेट जनपद में खोले जाएंगे।
उन्होंने कहा सहकारिता आउटलेट्स न केवल सहकारिता समूहों की मजबूती को बढ़ाने में मदद करेंगे, बल्कि ये सामाजिक और आर्थिक विकास की मुख्य दिशा होंगे। इन आउटलेट्स से सामग्री सस्ते मूल्यों पर उपलब्ध होगी, जिससे न्याय पंचायत पर महिला समूह और स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण समुदायों की आर्थिक हालत आदर्श होगी।

निबंधक सहकारिता आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि रेशम फेडरेशन नवरात्रों में सचिवालय में सिल्क एग्जीबिशन लगाई जाएगी और उसमें सचिवालय के कर्मचारी और अधिकारियों को डिस्काउंट दिया जाएगा उन्होंने कहा कि रेशम फेडरेशन ने गत वर्ष 10 ल
लाख रुपए का मुनाफा कमाया है। उत्तराखंड का रेशम अन्य प्रदेशों में भी चमक रहा है।

राज्य कर्मचारी कल्याण निगम की अधिशासी निदेशक ईरा उप्रेती ने सभी अतिथियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि आउटलेट में क्वॉलिटी मेंटेन की जाएगी। मिलेट्स उत्पाद को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस मौके पर सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुनील लखेड़ा महासचिव राकेश जोशी व एससीएसटी फेडरेशन के अध्यक्ष करमराम ने आउटलेट की तरह मंत्री डॉ रावत से सचिवालय परिसर में ब्लड कलेक्शन सेंटर व फिजियोथैरेपी मशीन लगाने की मांग की। इस अवसर पर केंद्रीय भंडार के एमडी मुकेश कुमार, डिविजनल मैनेजर प्रवीण कुमार राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के एजीएम शोभित श्रीवास्तव सहित सचिवालय के करीब 150 अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे। सचिव सहकारिता डॉक्टर बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने आउटलेट से 652 रुपए का सामान खरीद कर इसकी शुरूआत की। इससे पूर्व मंत्री डॉ रावत व अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने रिबन काटकर इस आउटलेट का शुभारंभ किया।

स्वैच्छिक रक्तदान कर मरीजों को जिंदगी बचाने के लिए आगे आएंः स्वास्थ्य सचिव

देहरादून। राज्य में डेंगू और वायरल संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद से ब्लड बैंकों में खून की मांग पहले के मुकाबले लगातार बढ़ने लगी है। आम दिनों के मुकाबले ब्लड बैंक में आजकल ज्यादा ब्लड डोनरों की आवश्यकता पड़ रही है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार लगातार आम जनमानस से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील कर रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव का कहना है कि डेंगू और वायरल बुखार के दौरान जिन मरीजों के प्लेटलेट्स कम हो रहे है उन्हें सबसे ज्यादा ब्लड इश्यू किया जा रहा है। इसके कारण ब्लड की मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए हर स्वस्थ्य व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने नजदीकी सरकारी ब्लड बैंक में पहुंचकर रक्तदान करे और दूसरों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करे।

वहीं इस सबके बीच स्वास्थ्य सचिव ने एक जरूरतमंद मरीज के लिए रक्तदान कर एक नई मिशाल पेश की है। स्वास्थ्य सचिव द्वारा रक्तदान कर संदेश दिया कि रक्तदान कर अन्य लोग भी खून की कमी के चलते जिंदगी की जंग लड़ रहे मरीजों को जिंदगी बचाने के लिए आगे आएं। हम सबको मिलकर इस लड़ाई को लड़ना होगा। आम जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आयें। स्वास्थ्य सचिव ने कहा रक्त प्रकृति का एक ऐसा अनुपम उपहार है जो वैैज्ञानिक तकनीकों के जरिये प्रयोगशालाओं में नहीं तैयार किया जा सकता है। ऐसे में रक्तदान करने से ही गंभीर मरीजों के लिए रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा डेंगू से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के दौरान खून में प्लेटलेट की संख्या 20 हजार से कम होने लगे तो खतरा बढ़ जाता है और आम तौर पर डाक्टर अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव देते हैं। ज्यादातर अस्पतालों में ब्लड प्लेटलेट की मांग बहुत बढ़ गई है और उसकी उपलब्धता बहुत कम है। इसकी आपूर्ति के लिए जरूरी है कि हम स्वैच्छिक रक्तदान करें जिससे कि गंभीर रूप से बीमार लोगों की जान बचाई जा सके।

संत समाज ने मंत्री अग्रवाल से की शराब का स्टोर निरस्त करने की मांग

अखिल भारतीय संत समिति तथा विरक्त वैष्णव मंडल के संत समाज ने शराब के डिपार्टमेंट स्टोर को निरस्त करने की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल को उनके जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया है।

बैराज रोड़ स्थित कैंप कार्यालय में बड़ी संख्या में साधु-संत पहुंचे। यहां मंत्री डा. अग्रवाल के जनसंपर्क अधिकारी ताजेंद्र सिंह नेगी को संत समाज ने ज्ञापन दिया। ज्ञापन के जरिए उन्होंने बताया कि देश ही नहीं विदेशों में भी ऋषिकेश की पहचान तीर्थस्थल के रूप में होती है। यहीं नहीं ऋषिकेश में आध्यात्म, योग और मन की शांति के लिए श्रद्धालु तथा पर्यटक बड़ी संख्या में प्रत्येक वर्ष पहुंचते है।

संत समाज ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि इन दिनों एम्स व सीमा डेंटल कॉलेज के निकट तथा नटराज चौक के निकट अंग्रेजी शराब का डिपार्टमेंट स्टोर आवंटित होने से तीर्थनगरी की छवि धूमिल हो रही है, जिसकी संत व साधु समाज निंदा करता है।

संत समाज ने कहा कि तीर्थनगरी में शराब का डिपार्टमेंट स्टोर खुलने से जहां धार्मिक भावनाएं आहत होंगी। वहीं, युवा पीढ़ी पर भी बुरा असर पड़ेगा। संत समाज ने एक स्वर में शराब के आवंटित स्टोर को निरस्त करने की मांग की। साथ ही निरस्त न होने पर चेतावनी देते हुए कहा कि संत व साधु समाज द्वारा आंदोलन करते सड़क पर उतरकर विरोध किया जाएगा।

इस मौेके पर अध्यक्ष विरक्त वैष्णव मंडल महामंडलेश्वर दयाराम दास जी महाराज, अध्यक्ष अखिल भारतीय संत समिति स्वामी गोपालाचार्य जी महाराज, महामंडलेश्वर वृंदावन दास जी महाराज, महंत निर्मल दास जी महाराज, महंत छोटनदास जी महाराज, महंत रवि प्रपन्नाचार्य जी महाराज, स्वामी करूणाकरण दास जी महाराज, स्वामी रविन्द्र दास जी महाराज, स्वामी प्रकाशानंद, स्वामी हरिदास जी महाराज, स्वामी हरिचरण जी महाराज, स्वामी भरतदास जी महाराज, स्वामी अखंडानंद सरस्वती, स्वामी राम मिलन दास, स्वामी राम पदम दास, स्वामी प्रेमदास, स्वामी सुरेश दास, स्वामी परमेश्वर दास, स्वामी मोहनदास, स्वामी महावीर दास, स्वामी प्रमोद दास आदि संत समाज उपस्थित रहे।

सीएम ने मसूरी मे शहीद आंदोलनकारियों के परिवारजनों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मसूरी में शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के परिवारजनों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोनकारियों ने जिस उद्देश्य से अलग राज्य की मांग की थी, उसके अनुरूप ही राज्य को आगे बढ़ाने के लिए सरकार निरन्तर कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मसूरी शहीद स्थल पर शेड का निर्माण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हित प्रमाण पत्र बनाने के लिए 06 माह का अतिरिक्त समय दिया गया था। बहुत जिलों में इस पर कार्य हुआ। इसके लिए ऐसी व्यवस्था की गई है कि इसका दुबारा आंकलन कर व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाय। जनपद देहरादून में चिन्ह्ति सभी 4164 राज्य आन्दोलनकारियों को पहचान पत्र निर्गत किये गये है। राज्य आन्दोलनकारियों को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है। राज्य आन्दोलनकारियों के अधिकतम दो बच्चों को राजकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा सुविधा प्रदान की गयी है। उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों को पेंशन सुविधा प्रदान की गई है। शहीद आन्दोलनकारी के पिता को और पिता के जीवित न होने पर माता को और आश्रित को प्रतिमाह पेंशन की सुविधा प्रदान की गयी है। राज्य आन्दोलन के दौरान 172 घायल राज्य आन्दोलनकारियों को 06 हजार रूपये प्रतिमाह तथा 2414 सक्रिय राज्य आन्दोलनकारियों को 4500 रूपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। 06 घायल एवं 26 सक्रिय राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों को भी प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 02 सितम्बर 1994 में मसूरी गोलीकांड की घटना हमेशा हमारे स्मरण में रहेगी। पुलिस की तानाशाही एवं हटधर्मिता को सबने देखा, जो उस समय की सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से करवाया। इस गोलीकाण्ड में हमारे 06 आन्दोलनकारी शहीद हो गये और दर्जनों घायल हो गये। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण में हमारी मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों को पूरा करने के लिए हम सबको प्रदेश के विकास में मिलकर योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों एवं सड़कों का नाम संबंधित क्षेत्रों के शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के नाम पर करने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।
इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, मसूरी नगर पालिका परिषद् के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, मसूरी नगर पालिका परिषद् के पूर्व अध्यक्ष मन्नू मल, सिद्धार्थ अग्रवाल, मोहन पेटवाल आदि मौजूद थे।

मुनिकीरेती नगर पालिका होगी उच्चीकृत, वित्त मंत्री के अनुमोदन के बाद अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार

अब नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती उच्चीकृत होकर ग्रेड-02 से ग्रेड-01 श्रेणी में शामिल होने जा रही है। वित्त व शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने इस प्रस्ताव पर अपना अनुमोदन दिया है। ग्रेड-01 में शामिल होने के बाद मुनिकीरेती पालिका को अधिक अनुदान तो मिलेगा ही। साथ ही निर्धारित मानकों के अनुसार पदों में भी वृद्धि होगी।

वित्त व शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमंचद अग्रवाल ने बताया कि नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती के उच्चीकृत होने का प्रस्ताव उनके समक्ष आया था। बताया कि उच्चीकृत होने के सभी मानकों (स्वयं के स्त्रोत से पालिका की आय एक करोड़ रूपये से अधिक हो, स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार सुधार तथा कर एकत्रीकरण की परफारमेंस बेहतर हो) को नगर पालिका मुनिकीरेती ने पूर्ण किया है। जिसके आधार पर वित्त व शहरी विकास मंत्री डा. अग्रवाल ने अपना अनुमोदन दिया है। डा. अग्रवाल ने बताया कि मुनिकीरेती पालिका ग्रेड-01 में शामिल होने वाली यह सातवीं नगर पालिका होगी।

डा. अग्रवाल ने बताया कि ग्रेड-01 में उच्चीकृत होने के बाद मुनिकीरेती पालिका में पदों का विस्तार होगा। बताया कि 12 जून 2016 के शासनादेश के आधार पर पालिका में मुख्यतः सहायक अभियन्ता, कर एवं राजस्व अधीक्षक, मुख्य सफाई निरीक्षक, लेखाकार सहित अन्य पदों में वृद्धि होगी। बताया कि जिससे निकाय अपने क्षेत्रान्तर्गत किये जा रहे कार्यों का और अधिक रूप से निरीक्षण कर सकती है तथा करों के निर्धारण में अधिक वृद्धि कर सकती है।

डा. अग्रवाल ने बताया कि ग्रेड-01 में उच्चीकृत होने के बाद मुनिकीरेती पालिका को राज्य वित्त आयोग की आगामी संस्तुतियों में ग्रेड-01 का लाभ प्राप्त करते हुए अधिक अनुदान प्राप्त होगा।

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’एक नजर मुनिकीरेती नगर पालिका पर’
वर्ष 1997 तक इस क्षेत्र की टाउन एरिया में गिनती होती थी। वर्ष 1998 में इसे नगर पंचायत मुनिकीरेती का स्वरूप दिया गया। नगर पंचायत के बेहतर प्रदर्शन के आधार पर वर्ष 2014 में इसे ग्रेड-02 की नगर पालिका परिषद में उच्चीकृत किया गया। मगर, अब ग्रेड-02 से ग्रेड-01 में उच्चीकृत होने के सभी मानकों पर खरा उतरने तथा वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल के अनुमोदन के बाद इसे ग्रेड-01 की नगर पालिका परिषद के रूप उच्चीकृत किया जायेगा।
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’लगातार चार बार स्वच्छता रैंकिंग में प्रथम रही है नगर पालिका मुनिकीरेती’
नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2021-22 तक लगातार चार बार स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में प्रदेश में प्रथम स्थान पर काबिज है। इससे पूर्व भी पालिका वर्ष 2015-16 में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट पुरस्कार भी हासिल कर चुकी है। यहीं नहीं, ऑल इंडिया रैंकिंग में भी पालिका वर्ष 2021-22 में देश में पांचवें स्थान पर काबिज है।

स्वास्थ्य सचिव ने किया दून अस्पताल का औचक निरीक्षण, डेंगू की रोकथाम को गाइडलाइन जारी


राज्य में तेजी से बढ़ते हुए डेंगू के मामले को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार ने सबसे पहले ब्लड बैंक में व्यवस्थाएं देखी यहां पर उन्होंने सख्ती से कहा कि 24 घंटे आरडीपी और एसडीपी की प्रक्रिया होनी चाहिए। प्राचार्य डॉक्टर आशुतोष स्याना ने उन्हें जानकारी दी कि अगले 10 दिन में एसडीपी यानी जंबो पैक बनाने वाली दूसरी एप्रेसेस मशीन यहां इंस्टॉल हो जाएगी। जिसकी वजह से मरीजों को इंतजार कम करना पड़ेगा।

इसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू वार्ड और पीडिया वार्ड का निरीक्षण किया। डेंगू वार्ड में 67 बेड लगाए गए हैं वहीं पीडिया में 30 बेड डेंगू के लिए आरक्षित है। स्वास्थ्य सचिव ने अधकारियों को हिदायत दी की मेडिसिन और पीडिया के डेंगू मरीजों के संबंध में समन्वय बना रहे। इस दौरान उन्होंने डेंगू से पीड़ित मरीजों व उनके परिजनों से अस्पताल में मिल रहे इलाज से संबंधित जानकारी ली।

मीडिया से बात करते हुए डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि डेगूं के बढ़ते मामलों को देखते हुए निरीक्षण किया गया है। मरीजों के लिए 100 वैड रिर्जव रखे गये हैं। डेंगू के गंभीर मरीजों के मुकाबले सामान्य मरीजों की संख्या ज्यादा है। जरूरत पढ़ने पर अस्पताल में बैडों की संख्या बढ़ाई जायेगी। उन्होंने आम जनमानस से डेंगू को लेकर सर्तक और जागरूक रहने की अपील की। आने वाले समय में जरूरत के अनुसार संख्या बढ़ाई जायेगी। हमारा प्रयास है कि मरीज को समय पर प्लेटलेट्स उपलब्ध हो जाये। स्वास्थ्य सचिव ने कहा डेंगू मरीजों से इलाज के नाम पर मनमानी फीस या प्लेटलेट्स व जैंबो पैक की अधिक वसूलने वाले अस्पतालों, ब्लड बैंको और पैथोलॉजी लैबों की शिकायत सामने आने पर कार्रवाई की जायेगी। कालाबाजारी वालों को छोड़ा नहीं जायेगा। सीएमओ के स्तर से रेट का निर्धारण किया गया है।

पत्रकारों के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य सचिव ने कहा मिलावट खोरी को लेकर राज्यभर में अभियान चलाया जा रहा है। मोबाइन वैन के आ जाने से इस प्रक्रिया को गति मिली है। अभी विभाग के पास दो मोबाइल बैन है। जिनसे हम मौके पर जाकर खाध पदार्थों की शिकायत आने पर जांच करते हैं। जल्द ही 10 और मोबाइल वैन आ जायेंगी। जिसके बाद मिलावट खोरी रोकने में तेजी आयेगी। इसके साथ ही रूद्रपुर के बाद जल्द देहरादून जनपद में भी खाध सैंपल की जांच के लिए लैबोटरी की स्थापना की जायेगी। इस मौके पर स्वास्थ्य महानिदेशक, सीएमओ देहरादून, प्रचार्या दून मेडिकल कॉलेज व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

डेंगू रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु दिशा निर्देश जारी

जैसा कि आप विदित है कि विगत वर्षों से डेंगू रोग राज्य में एक प्रमुख जन स्वास्थ्य समस्या के रूप में परिलक्षित हो रहा है। इसी क्रम में अवगत कराना है कि माह जुलाई से नवम्बर तक का समय डेंगू वायरस के संक्रमण के लिये अनुकूल होता है। आगामी माहों में डेंगू रोग के प्रसारित होने की सम्भावना को देखते हुए डेंगू रोग रोकथाम किये जाने हेतु निम्न कार्यवाहियां करना सुनिश्चित करें.

1. राज्य में डेंगू रोग को Notifiable Disease घोषित करने की अधिसूचना “उत्तराखण्ड महामारी (मलेरिया एवं डेगू) विनियम 2019” दिनांक 27 सितम्बर 2021 को जारी की जा चुकी है जिसमें निहित समस्त तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यवाहियों का जनपद स्तर पर क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें।

2. डेंगू एवं चिकनगुनिया रोग की समुचित रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु अन्य समस्त विभागों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी होती है। समस्त विभागों द्वारा डेंगू रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु उनके द्वारा की जाने वाली गतिविधियां समयान्तर्गत की जायें। डेंगू मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए की जाने वाली समस्त गतिविधियां समस्त विभाग निरन्तर करते रहें ताकि डेंगू के मच्छर को पनपने से रोका जा सके और इसकी सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरन्तर प्राप्त की जाए।

3. शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निरन्तर स्वच्छता अभियान चलाए जाये ताकि डेंगू रोग के मच्छरों को पनपने से

रोका जा सके। पर्वतीय जनपदों के मैदानी एवं घाटी क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखी जाये डेंगू रोग के मच्छरों के पनपने के स्थानों की साफ सफाई, नाले-नालियों की सफाई, ठोस कचरे का उचित निस्तारण, टीमों का गठन कर क्षेत्रों में डेंगू निरोधात्मक कार्यवाहियां बचाव उपायों पर जनजागरूकता, रोस्टर अनुसार फॉगिंग व कीटनाशक का छिडकाव आदि गतिविधियां की जाये। जन सहभागिता बढ़ाये जाने के लिए जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों, ग्राम प्रधानों का सहयोग भी प्राप्त किया जाये।

4. मलिन बस्तियों में डेंगू लार्वा पनपने की अत्यधिक संभावना के दृष्टिगत विशेष सफाई अभियान चलाए जायें। लोगों को पानी को ढक कर रखने के लिए व ऐसे स्थान जहां पानी जमा होने की सम्भावना है को लगातार साफ करने के लिए जागरूक किया जाये।

5. डेंगू रोग के दृष्टिगत भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र जैसे सब्जी मंडी, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, पार्क आदि पर विशेष
निगरानी रखी जाये एवं साफ सफाई व डेंगू निरोधात्मक कार्यवाहियां निरन्तर की जाये।

6. डेंगू रोग पर नियंत्रण हेतु लार्वा निरोधात्मक कार्यवाहिया (सोर्स रिडक्शन) एक कारगर व उपयुक्त उपाय है. जिसके लिए नगर निगम / नगर पालिका, आशा कार्यकत्री व अन्य विभागों के सहयोग से टीमें बनाकर क्षेत्र में कार्यवाही की जाए।

7. डेंगू रोग को महामारी का रूप लेने से रोकने के लिए नगर निगम / नगर निकाय द्वारा माइक्रो प्लान बनाकर
रोस्टर अनुसार फॉगिंग की जाए ताकि प्रत्येक क्षेत्र में सप्ताह में कम से कम एक बार फॉगिंग की जा सके।

8. निर्माणाधीन परियोजनाओं, अधूरे निर्माण कार्य क्षेत्र, नव निर्माण कार्य क्षेत्रों में अभियान के तौर पर सुनिश्चित रखा जाये कि डेंगू मच्छर न पनप पाएं।

9. समस्त राजकीय एवं निजी संस्थानों जैसे ऑफिस, बैंक, व्यापारिक संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, होटल, रिसॉर्ट, रेस्त्रां, चिकित्सालय, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आदि से सेल्फ डिक्लेरेशन सर्टिफिकेशन प्राप्त किया जाये कि उनके परिसर में कहीं भी पानी जमा नहीं है जिसमें डेंगू का मच्छर पनप सके व ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए उनके द्वारा नियमित तौर से निरीक्षण किया जा रहा है।

10. जिन स्थानों पर चेतावनी के पश्चात् भी पानी जमा होने से डेंगू मच्छर पैदा होने की स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं, ऐसे संस्थानों व लोगों पर आर्थिक दण्ड का प्रावधान किया जाये ताकि जनहित में डेंगू रोग के खतरे से लोगों को बचाया जा सके व महामारी का रूप लेने से रोका जा सके।

11. डेंगू रोग की रोकथाम के लिए आम जनमानस का सहयोग अत्यन्त आवश्यक है जिसके लिये इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया एवं अन्य नेटवर्क के माध्यम से डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण सम्बन्धित वृहद् जागरूकता की जाये। अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विभिन्न माध्यमों से प्रचार प्रसार किया जाये। जिला सूचना अधिकारियों द्वारा भी जनपद स्तर पर निरन्तर प्रेस विज्ञप्ति एवं अन्य माध्यमों से जागरूकता की जाये।

12. सभी विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिये जायें कि विद्यालय परिसर में कहीं पानी जमा न हो जिससे मच्छर पनपने की स्थिति उत्पन्न न हो। परिसर में साफ सफाई रहे, कबाड़ जमा न हो व निरन्तर घास कटान हो। प्रार्थना सभाओं/असेम्बली के दौरान विद्यार्थियों को डेंगू रोग से बचाव के उपायों पर सजग किया जाये। विद्यार्थियों को पूरी बाजू की शर्ट, पतलून, लेगिंग, लंबी जुराबों वाली ड्रेस पहनने के निर्देश दिये जाये ताकि डेंगू रोग के मच्छरों के काटने से बचाव किया जा सके। अभिभावकों को पेरेन्ट-टीचर मीटिंग एवं स्कूल एप के माध्यम से डेंगू से बचाव उपायों हेतू जागरूक किया जाये। डेंगू से बचाव के उपायों पर छात्र-छात्राओं की जागरूकता के लिए सेमिनार, वाद-विवाद, पोस्टर, चित्रकला, निबन्ध लेखन व प्रोजेक्ट वर्क आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाये।

13. जनपद स्तर पर आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा उपलब्ध निगरानी प्रणाली एवं संसाधनों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय में समस्त विभागों द्वारा की जा रही बचाव एवं रोकथाम गतिविधियों की निगरानी की जाये व समय-समय पर स्थिति अनुसार बचाव दिशा निर्देश प्रदान किये जायें व निरोधात्मक कार्यवाहियों में सहयोग किया जाये।

14. डेंगू रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य विभागों जैसे नगर निगम, शिक्षा विभाग, ग्राम्य एवं शहरी विकास, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, लोक निर्माण, जल संस्थान, जल निगम आदि के सहयोग व अंतर्विभागीय समन्वय हेतु जनपद स्तर पर बैठकों का समय से आयोजन किया जाए।

15, चिकित्सालयों में डेंगू रोगियों के उपचार हेतु पृथक आईसोलेशन वार्ड तैयार कर मच्छरदानी युक्त पर्याप्त
बेड व आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये तथा डेंगू आइसोलेशन वार्ड के लिए नोडल अधिकारी नामित किये जायें।

16, डेंगू पीड़ित गंभीर रोगियों हेतु ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। 17. डेंगू जांच केन्द्रों में आवश्यक सामग्री जैसे ELISA जांच किट व अन्य जांच सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये।

18. डेंगू के उपचार एवं नियंत्रण हेतु भारत सरकार की गाईडलाइन “National Guidelines for Clinical Management of Dengue fever” को समस्त राजकीय एवं निजी चिकित्सालायों / चिकित्सकों को आवश्यक कार्यवाहियों हेतु उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

19. डेंगू रोगियों की शुरूआती चरण मे पहचान हेतु फीवर सर्वे किये जायें, लक्षणों के आधार पर डेंगू रोग की संदिग्धता होने पर जांच की जाये।

20. डेंगू रोगी पाये जाने व किसी प्रकार की क्लस्टरिंग मिलने की स्थिति में रोगी के घर के आस-पास लगभग 50 घरों व 500 मीटर की परिधि में आवश्यक रूप से लार्वा निरोधात्मक कार्यवाहियां (सोर्स रिडक्शन), Space/Focal Spray, Fogging, सघन फीवर सर्विलेन्स एवं जनजागरूकता की जाये।

21. स्वास्थ्य विभाग व आई०एम०ए० प्रतिनिधियों / निजी चिकित्सालयों/पैथोलोजी लैबों के मध्य समन्वय बैठक (CME Meeting/Workshop) की जाये ताकि आमजन में डेंगू रोग के प्रति व्यापत भ्रान्ति / भय को दूर किया जा सके।

22 किसी भी प्रकार की आकस्मिक / आपातकालीन आवश्यकता के दृष्टिगत जनपद स्तर पर जिला कार्ययोजना मे भी डेंगू के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाये।

प्रभावित परिवारों को मंत्री अग्रवाल ने राशन किटें वितरित कीं

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने भारी बारिश से जलमग्न हुए प्रभावित परिवारों को राशन किटें वितरित की। इस दौरान डा. अग्रवाल ने कहा कि सरकार आपदा की घड़ी में प्रभावितों के साथ है। कहा कि प्रभावितों को सरकार अहेतुक राशि भी दे रही है।

चंद्रेश्वर नगर में राशन किटें (तेल, आटा, दालें, चावल, मसालें, चीनी) वितरित करते हुए डा. अग्रवाल ने कहा कि सरकार आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मॉनिटरिंग कर रही है, प्रभावितों के नुकसान का भी सर्वें करवा रही है।

डा. अग्रवाल ने कहा कि प्रभावित परिवारों को राशन की सुविधा मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा कि आपदा में सभी धैर्य रखें। अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पानी की निकासी कर दी गई है। साथ ही जहां शेष है, वहां कार्य गतिमान है।

डा. अग्रवाल ने कहा कि प्रभावितों के लिए लगातार मेडिकल की टीमें भी भेजी जा रही है। साथ ही नगर निगम को फॉगिंग और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव के भी निर्देश दिए गए है।

इस मौके पर मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, जिला कार्यालय प्रभारी देवदत्त शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि किशन मंडल, पार्षद शिव कुमार गौतम, माधवी गुप्ता, जगावर सिंह, सीमा रानी, जितेंद्र प्रसाद, संदीप साहनी, राहुल आदि उपस्थित रहे।

कोर्ट ने चेक बाउंस के आरोपी को किया बरी


चेक बाउंस मामले में न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट,ऋषिकेश श्रेय गुप्ता की अदालत ने आरोपी इंद्रपाल पुत्र राजेंद्र निवासी रूषा फार्म, गुमानीवाला, ऋषिकेश को दोषमुक्त किया है। आरोपी की ओर से अधिवक्ता शुभम राठी ने मजबूत पैरवी की थी।

अधिवक्ता शुभम राठी ने बताया कि गुमानीवाला निवासी विपिन पोखरियाल ने न्यायालय में वाद दर्ज करते हुए कथन किया कि इंद्रपाल द्वारा उनसे 2,50,000 रुपए उधार लिए थे जिन्हे लोटाने के एवज में एक चेक उन्हें दिया जो की बैंक में लगाने पर बैंक से बिना भुगतान अनादृत हो गया जिसके संबंध में न्यायलय में मुकदमा किया गया।

आरोपी इंद्रपाल द्वारा कोर्ट में बताया गया कि वह विपिन को जानता ही नहीं है और विपिन ने किसी और से इंद्रपाल का चेक प्राप्त कर झूठा मुकदमा किया है। इंद्रपाल के अधिवक्ता शुभम राठी ने परिवादी विपिन से जिरह की तथा अधिवक्ता शुभम राठी द्वारा पूछे गए सवालों का कोई भी संतोषजनक जवाब परिवादी नहीं दे पाए। जिसके पश्चात न्यायालय ने यह माना की परिवादी आरोपी के साथ अपनी जान पहचान या लेन देन साबित नही कर पाया और अधिवक्ता की ठोस पैरवी के चलते आरोपी इंदरपाल को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।

देहरादून गढ़ी कैंट में शहीद दुर्गा मल्ल को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित शहीद दुर्गा मल्ल पार्क में आजाद हिंद फौज के शहीद मेजर दुर्गा मल्ल की प्रतिमा एवं चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले गोरखा समुदाय के लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्प आयु में ही मेजर दुर्गा मल्ल ने देश की रक्षा के लिए अपने सभी सुख, सुविधाओं को त्याग कर अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने का जो दृढ़ साहस दिखाया था, उसे हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित होकर अपना सर्वस्व देश को अर्पण कर दिया। 1931 में दुर्गा मल्ल जी गोरखा राइफल्स में भर्ती हुए और यहीं से उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में भी हिस्सा लिया। 1942 में वे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के आह्वान पर आजाद हिन्द फौज में भर्ती हो गये। 27 मार्च 1944 में अंग्रेज सैनिकों द्वारा दुर्गा मल्ल को युद्धबंदी बना लिया गया और सैनिक अदालत द्वारा उन्हें फांसी पर चढ़ाने का हुक्म दिया गया। 25 अगस्त 1944 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में स्वाधीनता के इस दीवाने ने हंसते हंसते फांसी का फन्दा अपने गले में स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि एवं वीरों की भूमि है, बलिदानियों की भूमि है। यह बात हमारे सैनिकों ने आज तक हुए सभी युद्धों में सिद्ध भी की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति पताका चारों ओर फहरा रही है। केन्द्र सरकार जहां एक ओर सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है, वहीं दूसरी ओर सैनिकों और उनके परिवारों को मिल रही सुख-सुविधाओं का भी ख्याल रख रही हैं। प्रधानमंत्री निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे है। राज्य सरकार भी नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सैनिकों एवं उनके परिवार को मिलने वाली सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने से लेकर शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का निर्णय भी इसी आशय से राज्य सरकार ने लिया है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शहीद मेजर दुर्गा मल्ल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्हें आजाद हिन्द फौज में गुप्तचर का कार्य दिया गया था। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को कर्तव्यनिष्ठा से पूरा किया और देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। हम सबको उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। गणेश जोशी ने कहा कि गुनियालगांव, देहरादून में हमारे शहीद सैनिकों की स्मृति में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। इस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

चेक बाउंस के मामले में कोर्ट ने सजा रखी बरकरार

न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद की अदालत ने चेक बाउंस के सात वर्ष पुराने मामले में निचली अदालत से हुई सजा को बरकरार रखते हुए अपना फैसला सुनया है।

अधिवक्ता रूद्राक्ष शर्मा ने बताया कि सोनिया पुत्री शिव मोहन जौहरी निवासी कृष्णानगर कॉलोनी ऋषिकेश और रीता देवी पत्नी कैलाश निवासी कृष्णा नगर कॉलोनी ऋषिकेश एक-दूसरे को पूर्व से ही जानते थे। रीता देवी ने सोनिया से किसी काम के लिए एक लाख 60 हजार रूपये उधार मांगे, जिसे समय रहते वापस देने की बात कही। अधिवक्ता ने बताया कि तय समय पर उधार की धनराशि न लौटाने पर सोनिया ने रूपये वापस मांगे तो रीता देवी ने एक चेक 07 सितंबर 2026 को दिया। जो बाउंस हो गया। इसके बाद से मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत में चला। जिस पर तत्कालीन न्यायाधीश उर्वशी रावत की अदालत ने वर्ष 2022 में अपना फैसला सुनाते हुए रीता देवी को तीन माह की सजा और 1 लाख 75 हजार रूपये की जुर्माना लगाया।

न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत के इस फैसले के विरूद्ध रीता देवी ने न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील की। जिस पर बुधवार को फैसला सुनाया गया।

अधिवक्ता रूद्राक्ष शर्मा की मजबूत पैरवी की बदौलत प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा दी गई सजा को बरकरार रखा। न्यायाधीश के समक्ष अधिवक्ता रूद्राक्ष शर्मा ने यह साबित कर दिखाया कि रीता देवी ने सोनिया से एक लाख 60 हजार रूपये की धनराशि उधार ली, जो वक्त रहते नहीं लौटाई। जबकि रीता देवी न्यायालय के समक्ष अपनी बात को प्रस्तुत करने में नाकाम रही।