चार लाख की चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, दो आरोपी दबोचे

कोतवाली पुलिस ने ज्वेलर्स के यहां चोरी करने वाले एक महिला व एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। सरत सिंह पवार पुत्र बलबीर सिंह पवार निवासी प्रगति पुरम लक्कड़ घाट रोड श्यामपुर ऋषिकेश ने तहरीर देकर बताया कि उनकी लक्कड़ घाट रोड स्थित ज्वेलरी की दुकान में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लगभग चार लाख की ज्वेलरी चोरी कर दी गई थी।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मनसा देवी फाटक के पास से एक महिला एवं एक पुरुष अभियुक्त को चोरी में प्रयुक्त कार के साथ गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि हम लोग ज्वेलरी की दुकान में सामान लेने के बहाने गहने आदि चोरी करते हैं ,उनके द्वारा कुछ दिन पहले भी श्यामपुर में एक दुकान से इसी तरह ज्वेलरी चोरी की गई थी आज हम इस ज्वेलरी को लेकर कहीं बेचने की फिराक में जा रहे थे, की उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया ।अभियुक्तगण की पहचान रोहित उर्फ नन्हे पुत्र राम सिंह निवासी आजाद नगर थाना गजरौला जिला अमरोहा उत्तर प्रदेश, सुनीता पत्नी राजकुमार निवासी अब्दुल्ला बाड़ा थाना बिलारी जिला मुरादाबाद उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक केआर पांडेय, वरिष्ठ उप निरीक्षक दर्शन प्रसाद काला, उप निरीक्षक जगत सिंह, चौकी प्रभारी श्यामपुर हेड कांस्टेबल अमित राणा, नीरज कुमार, शीशपाल, दुष्यंत, महिला कांस्टेबल कविता व एसओजी देहात टीम में उप निरीक्षक दीपक धारीवाल, प्रभारी एसओजी देहात, कांस्टेबल नवनीत, एसओजी देहात, महिला कांस्टेबल जमुना, एसओजी देहात शामिल थे ।

देश की आजादी के नायकों को देश कर रहा याद-कैबिनेट मंत्री अग्रवाल

आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत आज गांधी पार्क पर मेरी माटी मेरा देश अभियान में शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर देहरादून सुनील उनियाल गामा ने की।
शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने सर्वप्रथम झण्डा रोहण, राष्ट्रगान के उपरांत शिला फालकम का उद्घाटन किया। साथ ही इस अवसर पर पवित्र मिट्टी व दीयो को हाथ में लेकर सभी को पंच प्रण शपथ दिलाई गई। इसके बाद कार्यक्रम मे आए हुए सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके परिजनों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
गांधी पार्क के खुले प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि 15 अगस्त 1947 भारतीय इतिहास का सर्वाधिक भाग्यशाली और महत्वपूर्ण दिन था। जब हमारे भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर भारत देश के लिए आजादी हासिल की। आज हम उनकी महान सेनानियों की याद में एवं उनके सम्मान में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। भारत को आजाद हुए 77 साल हो गए हैं और हम सभी 140 करोड़ देशवासी हमारे सेनानियों के इस बलिदान को कभी भूल नहीं सकते। मिट्टी को नमन, वीरों का वंदन, मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के अंतर्गत हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजनों को सम्मानित करने का अवसर आज प्राप्त हुआ है।
महापौर सुनील उनियाल गामा द्वारा कहा गया कि आजादी के लिए जिन्होंने अपना योगदान दिया ,बलिदान दिया, त्याग किया है, तपस्या की है, उन सभी का आज के कार्यक्रम में आदरपूर्वक में नमन करता हूं। स्वतंत्रता के आंदोलन में हमारी नारी शक्ति, देश की युवा शक्ति, देश के किसान, गांव के लोग, हमारे सिपाही, ऐसे अनेकजनों ने अपना योगदान दिया है, गुलामी की मानसिकता से बाहर निकल कर, हमारा देश पंच प्रण को समर्पित होकर एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में नगर आयुक्त मनुज गोयल, सहायक निदेशक शहरी विकास विनोद, नगर निगम ब्रांड एम्बेसडर, पार्षद गण, अपर नगर आयुक्त जगदीश लाल, उप नगर आयुक्त रोहिताश शर्मा, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आदि मौजूद रही।

10 भूतपूर्व सैनिक संगठनों को दिए आर्थिक सहायता के चेक

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिक संगठनों के साथ बैठक कर उपनल के सीएसआर मद से प्रदेश के 10 भूतपूर्व सैनिक संगठनों को पूर्व सैनिक एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए आर्थिक सहायता के चेक वितरित किये।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा हमारे विभिन्न पूर्व सैनिक संगठनो द्वारा अपने क्षेत्र में मेडिकल केम्प लगाकर जन सेवा की जाती है। सिविल प्रशासन से मिलाप कर सैनिको की समस्याओं का समाधान कराया जाता है। सैनिको के आश्रितों की पेंशन इत्यादि सस्याओं के लिये विभिन्न रिर्काड कार्यालयों से संपर्क स्थापित कर सुलझाया जाता है। मंत्री ने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शहीदों और उनके आश्रितों के उत्थान और उनके कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। मंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिए जाने के क्रम में शहीद सैनिक के 24 आश्रितों को सेवायोजित किया जा चुका है। उन्होंने कहा वीरता पदक धारकों को देय राशि सम्मान राशि में बढ़ोतरी की गई है। पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के लिए आईटीडीए के माध्यम से एक वर्षीय कम्प्यूटर संचालित किया जा रहा है।

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि शहीद सैनिकों के आश्रितों के लिए छात्रावास का निर्माण कुमाऊ मंडल के जनपद नैनीताल के हल्द्वानी में शहीद सैनिकों भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितो के लिए 150 बेड के छात्रावास का निर्माण किये जाने को मजूरी के साथ – साथ सैनिक विश्राम गृहों का जीर्णाेधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा दूरस्थ क्षेत्रों में पूर्व सैनिकों को कैंटीन का सामान लेने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए कैंटीन का निमार्ण पूर्व सैनिकों की सुविधा अनुसार और भौगोलिक दृष्टि को देखते हुए किया जा रहा है, ताकि कैंटीन में समान लेते वक्त पूर्व सैनिकों कोई असुविधा न हो। मंत्री ने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जहां सीमा पर खड़े जवान की चिंता करते है, वहीं दूसरी ओर किसान की भी चिंता करते हैं उन्होंने कहा पीएम मोदी ने देश का मान विश्व के पटल पर पहुंचाने का काम किया है। मंत्री ने कहा सैनिकों के सम्मान और उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। मंत्री ने कहा शीघ्र ही कुमाऊं में एक जो प्रतिभावान युवा सेना में जाना चाहता है उनके लिए कुमाऊं में एक कोचिंग संस्थान खोला जाएगा। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार सैनिकों और उनके आश्रितों के उत्थान के लिए संकल्पबद्ध है।

प्रदेश के इन 10 पूर्व सैनिक संगठनों के अध्यक्षों को सहायता राशि की गई प्रदान

1. उत्तराखंड पूर्व सैनिक एवं पूर्व सैनिक संगठन, देहरादून।
2. अध्यक्ष एक्स सरविसैज लीग बिन्दुखत्ता, नैनीताल।
3. प्रसाद विहार वेलफियर मैन्टीनेन्स सोसाइटी, रुड़की।
4. पीबीओआर पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन, देहरादून।
5. उत्तराखंड पूर्व सैनिक एवं अर्धसैनिक संगठन, डोईवाला, देहरादून।
6. उत्तराखंड पूर्व सैनिक एवं अर्धसैनिक संयुक्त समिति, देहरादून।
7. राठ पूर्व सैनिक जन कल्याण समिति, पौड़ी गढ़वाल।
8. देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति, हरिद्वार।
9. एक्स सर्विसमैन वेलफेयर कमिटी जोहड़ी गाँव, देहरादून।
10. अमर शहीद सैनिक सेवा समिति, सवाड, चमोली

इस अवसर पर उपनल के चेयरमैन मेजर जनरल सम्मी सबरवाल, प्रबन्ध निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, निदेशक ब्रिगेडियर अमृत लाल सहित विभिन्न पूर्व सैनिक सगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

धामी का दिल्ली प्रवास अहम, जानिए कैसे संवरेगा उत्तराखंड और देश को क्या संदेश देने जा रहा हिमालयी राज्य

– अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में मौजूद रहेंगे उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री
– भाजपा हाईकमान, केन्द्रीय मंत्रियों और उद्योगपतियों साथ करेंगे मंत्रणा
– ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023’ और ‘यूसीसी’ पर बनेगी खास रणनीति

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यूं ही दिल्ली का दौरा नहीं करते। वह जब भी दिल्ली जाते हैं, राज्य के लिए कुछ न कुछ सौगात लेकर ही लौटते हैं। अगले कुछ दिनों तक वह दिल्ली में रहेंगे, लेकिन इस बार सीएम धामी उत्तराखण्ड के लिए कुछ मांगने नहीं जा रहे बल्कि दो महत्वपूर्ण मसलों पर फील्डिंग सजाने के लिए वह देश की राजधानी में प्रवास करेंगे। मौजूदा समय में उनका फोकस ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023’ और ‘यूसीसी’ पर है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार से 22 अगस्त तक दिल्ली में मौजूद रहेंगे। उनका यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान उनकी भाजपा हाईकमान, केन्द्रीय मंत्रियों के साथ ही देश के बड़े उद्यमियों के साथ मुलाकात और बैठकें प्रस्तावित हैं। उनकी सबसे अहम बैठक 21 अगस्त को देश के नामी उद्योगपतियों के साथ होनी है। इस बैठक का एकमात्र एजेंडा ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023’ है। यह मेगा इवेंट दिसंबर में आयोजित होना है जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं। दरअसल, धामी सरकार समिट के जरिए देश विदेश के निवेशकों को राज्य में आकर्षित करना चाहती है। धामी जानते हैं कि उत्तराखण्ड में गरीबी दूर करने के लिए रोजगार अवसर बढ़ाने होंगे। उद्योग आएंगे तो निवेश आएगा और रोजगार मिलेगा तो गरीबी दूर होगी। यही वजह है कि दिसंबर में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए प्रदेश सरकार ने 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। राज्य में निवेश बढे, आर्थिक संसाधनों में वृद्धि एवं औद्योगिक वातावरण का सृजन हो, इसके लिए लैंड बैंक तैयार कर सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाया जा रहा है। धामी इस बात पर फोकस कर रहे हैं कि यह निवेश सिर्फ कागजों में न हो बल्कि शत प्रतिशत धरातल पर उतरे। उनकी योजना है कि निवेशकों को राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के मौके बढ़ेंगे और पलायन भी रूकेगा। समिट का प्रोमोशन करने धामी कई राज्यों के साथ ही विदेश में भी कई रोड शो करेंगे और बताएंगे कि उत्तराखण्ड का शांत वातावरण उद्यमियों के लिए सर्वथा अनुकूल है। ये भी बताया जाएगा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों एवं उद्यमियों की लगन, फीडबैक से हमारा राज्य कैसे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग में देश में अचीवर्स की श्रेणी में अन्य कई बड़े राज्यों के समकक्ष खड़ा हुआ है।
दिल्ली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ चर्चा वार्ता का दूसरा विषय समान नागरिक संहिता (यूसीसी) रहेगा। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यूसीसी पर की गई जबरदस्त पहल से समूचे देश में हलचल मची हुई है। 2022 के विधानसभा चुनाव के वक्त के प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक ऐसा मुद्दा उछाल दिया था जिसकी राज्य स्तर पर कल्पना तक किसी ने नहीं की थी। खटीमा में बाकायदा प्रेस कॉफ्रेंस कर धामी ने ऐलान किया था कि यदि भाजपा सत्ता में बरकरार रही तो देवभूमि में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। भाजपा सत्ता में लौटी तो धामी ने पहली कैबिनेट में ही एक्सपर्ट कमेटी का गठन कर अपने इरादे साफ कर दिए। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति को समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस संबंध में 27 मई, 2022 को एक अधिसूचना जारी कर समिति को उत्तराखंड के निवासियों के व्यक्तिगत दीवानी मामलों से जुड़े विभिन्न मौजूद कानूनों पर गौर करने और विवाह, तलाक, संपत्ति के अधिकार, उत्तराधिकार, विरासत, गोद लेने और रखरखाव जैसे विषयों पर मसौदा कानून या कानून तैयार करने या मौजूदा कानूनों में बदलाव का सुझाव देने के लिए कहा गया था। अब यह एक्सपर्ट कमेटी उत्तराखण्ड के लिए यूसीसी का मसौदा तैयार कर चुकी है जो प्रकाशन के बाद शीघ्र ही धामी सरकार को सौंप दिया जाएगा। इस मामले में मोदी सरकार की दिलचस्पी के बाद अब दो परिस्थितियां बनती दिख रही हैं या तो प्रयोग के तौर पर पहले उत्तराखण्ड में यूसीसी लागू किया जाएगा या फिर पूरे देश के यह संहिता लागू कर दी जाएगी। इसी विषय पर मुख्यमंत्री धामी का डिस्कशन भाजपा हाईकमान के साथ होना है। आने वाले कुछ दिनों में इसे लेकर स्थिति साफ हो जाएगी। मुद्दे की संवेदनशीलता को देखते हुए विपक्षी दल भी इसका खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। इस मसले पर लिया जाने वाला फैसला भाजपा के साथ ही धामी की सियासी पारी के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।

भारी वर्षा से लोगों को राहत दिलाने के लिए मंत्री का ग्राउंड सर्वे जारी

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने और पीड़ितों का हाल जानकर प्रशासन को सख्त निर्देश दे रहे है। बीते रोज देर शाम डा. अग्रवाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में भारी वर्षा के बाद घरों में घुसे पानी की स्थिति जानी। लोगों की समस्या जानने के बाद डीएफओ को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी देहरादून को आपदा मद से यहां राहत पहुंचाने के भी निर्देश दिए।
देर शाम डा. अग्रवाल गुमानीवाला चीनी गोदाम रोड पहुंचे। यहां स्थानीय नागरिकों के घरों में पानी घुसने की समस्या देखने को मिली। यहां पानी से भरे दून घाटी शिक्षण संस्थान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया। स्थानीय पार्षद वीरेंद्र रमोला ने बताया कि जंगल से पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर रहा है।
इस पर डा. अग्रवाल ने मौके से ही डीएफओ को दूरभाष पर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जंगल से आने वाले पानी को तुरंत रोका जाए। साथ ही जिलाधिकारी को भी दूरभाष पर इस संदर्भ में आपदा मद से फंड देने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम सौरभ असवाल, पार्षद वीरेंद्र रमोला, मानवेंद्र कंडारी, मोर सिंह रावत, विनोद सेमवाल, शीशपाल नेगी, शिवानंद जोशी, पीएस गौड़, चमन प्रकाश जोशी, लक्ष्मी सजवाण, विशालमणी भट्ट, नागेंद्र पोखरियाल आदि उपस्थित रहे।
इसके बाद डा. अग्रवाल ने मंशा देवी गुज्जर प्लाट का भी निरीक्षण किया। यहां भारी बारिश से रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां स्थानीय पार्षद विजेंद्र मोंगा की देखरेख में जेसीबी की मदद से रास्ता खोला जा रहा है। डा. अग्रवाल ने यहां भी पानी की समस्या जंगल से आने पर डीएफओ को सख्त निर्देश दिए। इस मौके पर पार्षद विजेंद्र मोंगा, विजय जुगलान, विजया भट्ट आदि उपस्थित रहे।
इसके बाद गंगानगर में भी डा. अग्रवाल ने जलभराव की स्थिति जानी। यहां एमएनए ऋषिकेश को जलभराव को सोखने के लिए मशीन लगाने के निर्देश दिए। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष माधवी गुप्ता, सुरेंद्र सिंह कैंतुरा, पार्षद शिव कुमार गौतम, पुष्पा मित्तल, गोपाल सती आदि स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

महिलाओं का सशक्त होना, समाज के लिए जरुरी-गीता धामी

उत्तरांचल प्रेस क्लब की ओर से तीजोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत गीता धामी ने बतौर मुख्य अतिथि, विशिष्ठ अतिथि कंचन गुनसोला समाज सेवी व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भाजपा, उत्तराचंल प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा, महामंत्री विकास गुसाई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। मुख्य अतिथि गीता धामी का स्वागत प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा ने पुष्पगुच्छ देकर किया। इसके पश्चात इला पंत के डांस ग्रुप नृत्यांगन की टीम ने रंगारंग प्रस्तुति दी। जिसमें बच्चों ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत की। तीज क्वीन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर वंदना अग्रवाल, द्वितीय स्थान पर माधुरी दानु, तीसरे स्थान पर रश्मि कुकरेती रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीता धामी ने कहा कि प्रेस क्लब के इस आयोजन के लिए प्रेस क्लब कार्यकारिणी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज महिलायें हर क्षेत्र में आगे आ रही है। चाहे वे राजनैतिक दृष्टीकोण हो या फिर समाजिक दृष्टिकोण में अपनी भूमिका निभाने में आज आगे है। वे घर के साथ बाहर के काम को बखूबी निभा रही है। बाहर भी पूरी तरह से जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलायें अपनी संस्कृति को भी कायम रखने में अपनी पूरी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए बधाई दी। उन्होंने सभी तीज विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
तीज क्वीन में प्रथम स्थान पर वंदना अग्रवाल, दूसरे स्थान पर माधुरी दानु, तीसरे स्थान पर रश्मि कुकरेती, फर्स्ट रनरअप सुधा बडत्थवाल, सेकेंड रनर अप दीपशिखा वर्मा रही। कार्यक्रम में वंदना अग्रवाल ने ‘गोरी है कलियां दिलादे मुझे हरी-हरी चुडियां’, दूसरे स्थान पर रही माधुरी दानु ने ‘थलकी बाजार’ पर डांस कर रंगारंग प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त मं़त्री मीना नेगी व अर्चना शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। निर्णायक की भूमिका रूपा सोनी, अर्चना वर्षा माटा व साधना शर्मा ने निभाई।
इस दौरान महिला पत्रकारों समेत प्रेस क्लब सदस्यों की पत्नियों ने बढ चढकर हिस्सा लिया। इस इस अवसर पर क्लब की वरिष्ठ उपाध्यक्ष रश्मि खत्री, कनिष्ठ उपाध्यक्ष दरवान सिंह, कोषाध्यक्ष मनीष भट्ट, संप्रेक्षक मनोज सिंह जयाड़ा, कार्यकारिणी सदस्य, लक्ष्मी बिष्ट, विनोद पुंडीर, मंगेश कुमार, भगवती कुकरेती, दया शंकर पाण्डे समेत कई लोग मौजूद रहे।

राज्य में निवेश के लिए सीएम ने की चर्चा, उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने दिए सुझाव

उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के सफल आयोजन हेतु नीतिगत आधार तथा मार्गदर्शन उपलब्ध कराये जाने के लिए गठित मुख्यमंत्री सलाहकार समूह की पहली बैठक सुभाष रोड स्थित एक होटल में आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने, रोजगार को बढ़ावा देने एवं राज्य की आर्थिकी में वृद्धि के लिए आगे की कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई। राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए और क्या बेहतर प्रयास किये जा सकते हैं, इसके लिए औद्योगिक जगत से जुड़े लोगों से सुझाव लिये गये। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए निवेशकों द्वारा जो भी सुझाव दिये जा रहे हैं, उन सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उनको कार्यरूप में लाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि इन्वेस्टर समिट होने तक राज्य में निवेश की अच्छी ग्राउंडिंग हो जाय। इसके लिए नीतियों का सरलीकरण के साथ उन पर तेजी से क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों को सभी अनुमतियां समय पर मिल जाएं इसके लिए समय सीमा निर्धारित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में निवेश के लिए अनुकूल माहौल है, राज्य में निवेशकों को हर सम्भव सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के प्रयास राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में शांति व्यवस्था के साथ ही बेहतर मानव संसाधन भी उपलब्ध है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि उन्हें जिन-जिन क्षेत्रों में दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता है, वह बताई जाए। राज्य सरकार द्वारा ऐसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण की पूरी व्यवस्थाएं की जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। इन्वेस्टर समिट में 2.5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा निवेशकों को राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों के रोजगार के संसाधन बढ़ेगे ओर पलायन भी रूकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को वर्ष 2025 तक देश का अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें हमारे उद्योग जगत से जुड़े लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों से लगातार संवाद हो रहे हैं। विभिन्न बैठकों में निवेशकों द्वारा उठाई गई समस्याओं के निस्तारण के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 से निवेश एवं रोजगार के अवसर बढ़ेगें एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्योग जगत में हो रहे नए नवाचारों से हमारे उद्यमियों को भी लाभ प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों एवं उद्यमियों की लगन, फीडबैक से हमारा राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में देश में अचीवर्स की श्रेणी में सम्मिलित होकर अन्य कई बड़े राज्यों के समकक्ष खड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ किये गये मेक इन इण्डिया और पी. एम. गति शक्ति जैसी केन्द्र सरकार की विभिन्न परियोजनाओं में उत्तराखण्ड के उद्यमी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आजादी के इस अमृत काल में उत्तराखण्ड को भी आगे बढ़कर अपना योगदान देना है, इसमें उद्योग जगत की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। औद्योगिक विकास के बैकबोन लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूत करने और राज्य में व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनायें शुरू की गयी है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए स्टेट ऑफ आर्ट के रूप में आई०सी०डी० की स्थापना की गयी है। शीघ्र ही अमृतसर कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का कार्य आरम्भ होने वाला है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड लॉजिस्टिक्स नीति-2023 प्रख्यापित की गयी है, जिससे आधारभूत संरचना के विकास में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने विकसित उत्तराखंड को केंद्र में रख कर अपनी नीतियां बनाई हैं और यहीं कारण है कि आज उत्तराखंड तेजी से बिजनेस फ्रेंडली डेस्टिनेशन के तौर पर उभर रहा है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचन्द अग्रवाल, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल एवं सौरभ बहुगुणा ने राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव दिये।
इस अवसर पर निवेशकों द्वारा राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए अनेक सुझाव दिये गये। बैठक में औषधीय पादपों को बढ़ावा देने, राज्य में संचालित उद्योगों का सर्वे करने, उद्योगों की स्थापना के लिए अनुमतियां प्राप्त करने के लिए समय सीमा निर्धारित करने, उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लैण्ड बैंक बनाने के सुझाव प्राप्त हुए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, औद्योगिक जगत से पतंजलि से आचार्य बालकृष्ण, सुभाष त्यागी, आईआईएम काशीपुर से प्रो. कुलभूषण बलूनी, आईआईटी रूडकी से प्रो. कमल किशोर पंत, चेयरमैन ग्राफीक ऐरा कमल घनशाला, अनिल गोयल, विजय धस्माना, डॉ. एस. फारूक, मुकुन्द प्रसाद, पंकज गुप्ता एवं औद्योगिक जगत से जुडे़ अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

एक के बाद एक फैसले लेकर धामी सरकार ने जीता सिख समुदाय का दिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सहारनपुर चौक स्थित गुरूद्वारा में श्री गुरू सिंह सभा देहरादून द्वारा सिख समुदाय में होने वाले ‘आनन्द कारज’ की रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करने के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आढ़त बाजार के इस गुरुद्वारे में स्थित सराय को संसाधन युक्त किए जाने हेतु अल्पसंख्यक कल्याण निधि से 25 लाख रुपए की धनराशि दी जायेगी। सिख समाज में सेवा का जो विशेष भाव है, उसी भाव के अंतर्गत गरीब सिख परिवारों के बच्चों और समाज के अन्य गरीब तबकों के लिए सिख समाज ने विद्यालय खोले हैं। ऐसे विद्यालयों में संसाधन उपलब्ध किए जाने हेतु 25 लाख रुपए प्रदान किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुनानक देव को नमन करते हुए कहा कि उनके अंदर का सेवाभाव दिनों दिन बढ़ता रहे और गुरूनाकदेव जी का आशीर्वाद ऐसे ही पूरे प्रदेश पर बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आनंद कारज एक्ट के लिए वर्ष 1909 में पहली बार मांग उठी थी, इसके बाद एक्ट बनवाने तथा पास करवाने के लिए सिख समाज को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। प्रदेश में राज्य सरकार ने कैबिनेट में आनंद कारज एक्ट को मंजूरी देकर सिख समाज की एक सदी पुरानी मांग को पूरा किया है। इस एक्ट के लागू होने से एक ओर जहां सिख समुदाय में महिला सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा मिलेगा, वहीं सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य होने से बाल विवाह, बहुविवाह को रोकने में भी मदद मिलेगी। यह एक्ट महिलाओं को पति से भरण-पोषण और बच्चों को अपनाने के अपने अधिकारों का उपयोग करने में भी सहायक सिद्ध होगा, इसके साथ ही विधवा महिलाओं को विरासत का दावा करने में सक्षम बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व का ही प्रतिफल है कि आज करतारपुर कॉरिडोर बनाने की सिख समाज की वर्षों पुरानी मुराद पूरी हो पाई। 26 दिसंबर को गुरू गोविंद सिंह के साहिबजादों की शहादत को याद करने के लिए पहली बार ’’वीर बाल दिवस’’ मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। देवभूमि उत्तराखण्ड में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे का निर्माण किया जा रहा है। इस रोपवे के निर्माण के बाद हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी, क्योंकि 19 किमी की पैदल चढ़ाई रोपवे से महज 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। राज्य सरकार उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प को लेकर निरन्तर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड देहरादून में राज्य के मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया एवं फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 05 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशिष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया। हेड कांस्टेबल चमन कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, अपर पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल एवं आरक्षी धीरेन्द्र सिंह चौहान को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यहित में 13 घोषाणाएं की।

1. आमजन को वर्षभर भवन निर्माण सामग्री ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से सीधे घर तक पहुंचाने के लिए एक ’’खनिज प्रसंस्करण पोर्टल’’ बनाया जाएगा, जिससे एक ओर इन खनिजों की कालाबाजारी रूकेगी, वहीं लोगों को भी सस्ते खनिज पदार्थ आसानी से मिल सकेंगे।
2. दुर्गम इलाकों में गर्भवती माताओं-बहनो की सुरक्षा के लिए हम ’’मुख्यमंत्री जच्चा-बच्चा सुरक्षा योजना’’ प्रारंभ की जायेगी, जिसके अंतर्गत विषम परिस्थितियों में गर्भवती माताओं-बहनो को एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था के लिए तंत्र विकसित किया जाएगा। इस व्यवस्था को हम 108 एंबुलेंस सेवा से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
3. राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए उनके विषयों की पुस्तक हिन्दी तथा अंग्रेजी दोनों माध्यमों में निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
4. ’’अग्निवीर योजना’’ के विरोध प्रदर्शन में शामिल उन युवाओं पर लगे मुकदमें वापस लिए जाएंगे, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या स्कूल व कालेजों में पढ़ाई कर रहे हैं।
5. राज्य के प्रमुख चौराहों और सड़कों का नामकरण राज्य के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों, साहित्यकारों और महान विभूतियों के नाम पर किया जाएगा।
6. राज्य में एकल, निराश्रित, परित्यक्ता एवं विधवा महिलाओं को उनके निवास स्थान पर ही रोजगार सृजन हेतु प्रोत्साहित करने एवं उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने हेतु ’’मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’’ प्रारंभ की जाएगी।
7. पर्वतीय क्षेत्र के नगरों को विकसित करने के उद्देश्य से ’’मुख्यमंत्री पर्वतीय नगर विकास योजना’’ के अंतर्गत दोनों मंडलों में एक-एक शहर को ’’मॉडल सिटी’’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
8. मजदूर वर्ग के बच्चों के लिए उचित शिक्षा एवं संतुलित पोषण सुनिश्चित करने हेतु मोबाइल स्कूल और मोबाइल आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या में वृद्धि की जायेगी।
9. विकासनगर क्षेत्र में मां यमुना किनारे स्थित प्राचीन नगर ’’हरिपुर’’ को उसका ऐतिहासिक और पौराणिक स्वरूप दिलाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
10. प्रदेश में जनजातीय संस्कृति के संर्वधन हेतु शीघ्र ही राष्ट्रीय जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
11. सीमांत गांव के जनजातीय इलाकों में ’’एकलव्य स्कूलों’’ की संख्या में वृद्धि करने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा।
12. एक से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए प्रतियोगिओं के कारण रिक्त हुए पदों पर प्रतीक्षा सूची के आधार पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी, यह प्रतीक्षा सूची एक निश्चित समयावधि तक मान्य होगी तथा प्रभावी रहेगी।
13. प्रदेश में कुटीर उद्योगों तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए तथा इनके उत्पादों की बिक्री हेतु ’’यूनिटी मॉल’’ की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें आजादी के अमृतकाल में अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करते हुए भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने का प्रण लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्र के प्रति समर्पण का एक नया भाव जागृत हुआ है तथा उन्हीं के दिशा-निर्देशन में हमारा देश आज पहले से कहीं अधिक संगठित, सशक्त और सुरक्षित हो रहा है। प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है, पिछले नौ वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण व बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं। ’’अमृत भारत स्टेशन योजना’’ के तहत तीन स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए 83 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि प्रदान की है। आज जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है तथा ऊधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को भी विकसित किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के ’’रीजनल कनेक्टिविटी योजना’’ के अंतर्गत 13 स्थानों पर हैलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। राज्य के लिये स्वीकृत ’‘उत्तराखण्ड इंटिग्रेटेड हार्टिकल्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’’ उत्तराखंड में औद्यानिकी के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। 38 छोटे नगरों में पेयजल के लिए 1600 करोड़ रूपए की ’’उत्तराखण्ड अर्बन वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट’’ जैसी महत्वपूर्ण पेयजल योजना की भी स्वीकृति मिल चुकी है। 952 करोड़ रूपए का उत्तराखण्ड क्लाईमेट रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किया जा चुका है। देहरादून और मसूरी में विश्व स्तरीय ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिये भारत सरकार द्वारा 1750 करोड़ की परियोजना के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। जमरानी और सौंग बांध बनाने की अनुमति मिल चुकी है तथा 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना का कार्य गतिमान है। ऊधमसिंहनगर में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी, इसके लिए भारत सरकार द्वारा 700 करोड़ रूपये का बजट जारी कर दिया गया है, इसका भूमि पूजन शीघ्र ही किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको राज्य के मुख्य सेवक के रूप में कार्य करने का जो सौभाग्य मिला है, सदैव उत्तराखंड के विकास हेतु पूर्ण समर्पित रहकर कार्य करेंगे। सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र को ध्यान में रखकर राज्य में कार्य किये जा रहे हैं। अपणि सरकार पोर्टल, ई-कैबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था के चलते कार्य संस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। प्रदेश का कोई भी व्यक्ति 1064 पर शिकायत कर भ्रष्टाचार को समाप्त करने में योगदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द ही समान नागरिक आचार संहिता को लागू करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय परिवारों को मुफ्त में तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करनी हो, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाना हो, देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाना हो, आंदोलनकारियों को आरक्षण देना हो, पुनः सरकारी नौकारियों में खेल कोटा प्रारंभ करना हो या फिर हाल ही में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे प्रदेश के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के लिए उठाए गए कदम हों, सभी पर राज्य सरकार ने तेजी से कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ’’नई एमएसएमई पॉलिसी’’ को लागू किया गया है तथा ’’प्राइवेट इंडस्ट्रियल स्टेट पॉलिसी’’ को भी अपनाया है। राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए ’’स्मॉल हाईड्रो पॉवर पॉलिसी’’ और ’’सोलर पॉवर पॉलिसी’’ को क्रियाशील किया है। आने वाले समय में सर्विस सेक्टर, सेब की खेती और आयुष क्षेत्र से जुड़ी नीतियां लागू की जायेंगी। उन्होंने कहा कि नीति और निवेश का सीधा संबंध है। राज्य में प्रो-एक्टिव अप्रोच को अपनाते हुए पहले निवेश अनुकूल नीतियों को बनाने का कार्य किया है। प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ’’ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’’ आयोजित किया जा रहा है। जिससे प्रदेश में निवेश के अवसरों में भारी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में ’’नई पर्यटन नीति’’ लाई गई है। कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों को चार धाम की तर्ज पर विकसित करने के लिए ’’मानसखण्ड मंदिर माला मिशन’’ पर कार्य किया जा रहा है। मानसखंड पर आधारित राज्य की झांकी को इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। सरकार द्वारा आदि कैलाश मार्ग पर सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। ’’हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर’’ को स्वीकृति प्रदान की गई है। रोड, रेल तथा रोपवेज तीनों ही क्षेत्रों में केन्द्र सरकार के सहयोग से सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ ही वीरभूमि भी है। देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। सरकार शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित भी कर रही है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि की गई है। स्वतंत्रता सेनानियों और उनकी विधवाओं की पेंशन को बढ़ाने के साथ ही उत्तराखण्ड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगना एवं वेटरन की पेंशन में भी वृद्धि की गई है। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन में भी वृद्धि की गई है। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगजन पेंशन की राशि को एक हजार रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर पंद्रह सौ रूपए प्रतिमाह किया गया है। उत्तराखण्ड में अब वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत पात्र पति व पत्नी दोनों को लाभ मिल रहा है। पर्यावरण मित्रों और शिक्षा मित्रों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना की धनराशि को 5 लाख रूपए से बढ़ाकर 10 लाख रूपए किया गया है। प्रदेश में ’’नई शिक्षा नीति’’ को लागू किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ’‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ अभियान को आगे बढ़ाते राज्य में ’’मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना’’ प्रारम्भ की गई है। आंगनबाड़ी बहनों और आशा बहनों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं तथा स्वरोजगार के क्षेत्र मे कार्य कर रही महिलाओं के लिए ’’मुख्यमंत्री एकल महिला सशक्तिकरण स्वरोजगार योजना’’ तथा ’’मुद्रा लोन योजना’’ प्रारंभ की है, जिसमें 5 लाख तक का लोन शून्य ब्याज दर पर दिया जा रहा है। सीमांत तहसीलों के लिए ’’मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना’’ प्रारम्भ की है तथा पलायन की रोकथाम के लिए ’’मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’’ भी प्रारम्भ की है। ’’वोकल फॉर लोकल’’ मंत्र को आत्मसात करते हुए ‘’एक जनपद दो उत्पाद’’ योजना प्रारंभ की है। राज्य के आधारभूत ढांचे को विश्व स्तरीय बनाने और निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से ’’उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड’’ की स्थापना की जा रही है। नीति आयोग की तर्ज पर राज्य योजना आयोग को समाप्त कर ’’स्टेट इंस्ट्टियूट फॉर एम्पॉवरिंग एंड ट्रांसफार्मिंग उत्तराखंड’’ सेतु की स्थापना हेतु कैबिनेट ने अपनी संस्तुति प्रदान की है। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए ’’नई खेल नीति’’ लाई गई है। उभरते खिलाड़ियां को प्रोत्साहित करने के लिये ’’मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्ति योजना’’ प्रारंभ की है। राज्य में राष्ट्रीय खेल आयोजित होने वाले हैं, जिसके लिए अभी से कार्ययोजना बनानी प्रारंभ कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्ट अप शुरू करने की चाह रखने वाले देवभूमि के युवाओं के लिए हम 30 नए इंक्यूबेशन सेंटर खोलने की तैयारी की जा रही है। लैंड जिहाद के विरूद्ध कार्यवाही में अब तक देवभूमि में 2765 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जा चुका है। नदियों व जलस्त्रोतों को पुनर्जीवित करने की पहल बड़े स्तर पर की गई है। प्रत्येक जिले में वर्षा जल संचय के लिए झीलें विकसित की जा रही हैं। शीघ्र ही ’’राज्य स्प्रिंग एवं रेन फैड रिवर रिज्यूविनेशन आर्थाेरिटी’’ का गठन करने जा रहे हैं। उत्तराखंड में 304 करोड़ रूपये से 18 हजार पॉलीहाउस की स्थापना करने के लिए कार्ययोजनापर कार्य किया जा रहा है। इससे करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा। ’’एप्पल मिशन’’ के अंतर्गत 35 करोड़ रूपये की योजना स्वीकृत की गई है। ’’कीवी मिशन’’, ’’दालचीनी मिशन’’ ’’तिमूर मिशन’’ पर भी कार्य किया जा रहा है। राज्य में एरोमा वेलियां विकसित की जा रही हैं। काशीपुर में राज्य के पहले एरोमा पार्क का भी भूमि पूजन किया। 120 मेगावाट की ब्यासी परियोजना कमीशन कर दी है, जो कोविड काल में पूर्ण होने वाली अकेली जल विद्युत परियोजना थी। ऊपरी यमुना नदी में स्थित त्यूनी प्लासू परियोजना पीआईबी स्वीकृत हो चुकी है। उत्तराखंड को विद्युत उपभोक्ताओं की सेवाओं के लिए सर्विस सेक्टर में भारत सरकार की रेटिंग में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, वहीं प्रदेश को बेस्ट हाइड्रो पावर स्टेशन का अवार्ड भी केन्द्र सरकार द्वारा प्राप्त हुआ है। हाल ही में 220 के0वी0 रूद्रपुर-जाफरपुर ट्रॉसमिशन रेल लाइन का विद्युतीकरण भी किया गया है, इस लाइन के निर्माण से कुमायूँ क्षेत्र में विद्युत से रेल गाड़ियां चल सकेंगी। बहुप्रतीक्षित 132 के0वी0 पिथौरागढ-चम्पावत विद्युत लाइन की क्षमता को भी बढ़ाया गया है, जिससे चम्पावत ज़िले के विद्युत उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज व ट्रिपिंग की समस्या से राहत मिली है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पूर्व बलबीर रोड़ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी ध्वजारोहण किया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस सन्धु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव शैलेश बगौली, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

आपदा से निपटने के लिए राज्य की नदियों का अध्ययन जरुरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में पद्मभूषण एवं पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध पर्यावरणविद चण्डी प्रसाद भट्ट ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से हिमालय के पर्यावरणीय प्रभावों, आपदा की दृष्टि से चारधाम क्षेत्रों तथा अलकनंदा नदी के प्रवाह से होने वाली बाढ़ आदि की घटनाओं के रोकथाम के संबंध में चर्चा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भट्ट की अपेक्षानुसार इसरो के साथ विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों द्वारा पूर्व में चारधाम क्षेत्रों गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ तथा अलकनंदा नदी के जलस्तर पर किये गये अध्ययन रिर्पाेटों पर आपदा प्रबंधन की दृष्टि से आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र हैं जिस वजह से हमे कई प्रकार की आपदाओं का सामना करना पड़ता है और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति एक चिंतनीय विषय है। जोशीमठ में भू धंसाव की समस्या हम सभी के लिये एक उदाहरण है। इस पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और वैज्ञानिक सुझाव भी आमंत्रित है। राज्य के सतत विकास के लिए समाज के हर क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों के सुझावों के आधार पर ही आगे के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के पास हिमालय के रूप में बड़ी संपदा है। हिमालय देश एवं दुनिया को प्रभावित करता है। हिमालय को सतत विकास की अवधारणा के साथ संरक्षित करने एवं इसको संवर्धित करना एक बड़ा कार्य है। इसमें अनेक सांइंटिफिक इंस्टीट्यूट काफी कार्य कर चुके हैं। इसके लिए साइंटिफिक डेवलपमेंट प्लान जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालयी राज्य होने के नाते यहां की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। आपदा की दृष्टि से उत्तराखण्ड संवेदनशील राज्य है। किसी भी चुनौती से निजात पाने के लिए केन्द्र सरकार का राज्य को हर संभव सहयोग मिलता रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सबका सहयोग जरूरी है।
पद्मश्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने मुख्यमंत्री से हिमालय के पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिये अलग से विभाग बनाये जाने के लिये भारत सरकार से अनुरोध किये जाने की भी मुख्यमंत्री से अपेक्षा की।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी,विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार तथा महानिदेशक शिक्षा एवं सूचना बंशीधर तिवारी तथा ओमप्रकाश भट्ट भी उपस्थित रहे।