प्रभावित क्षेत्रों का सीएम कर रहे निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक में भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्र का हवाई निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन रंजीत सिन्हा और पौड़ी के जिलाधिकारी आशीष चौहान को प्रभावित लोगों को जल्द से राहत और सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए लगातार अलर्ट मोड में रहने की जरूरत है। कम से कम रिस्पॉन्स टाइम में प्रभावितों तक अधिकाधिक मदद पहुंचानी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भारी बरसात के दृष्टिगत 15 अगस्त तक चाारधाम यात्रा स्थगित की गई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर स्थिति की निरन्तर समीक्षा की जा रही है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर बाधित हुई सड़कों की आवश्यक मरम्मत करने के भी निर्देश दिये है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर आपदा से प्रभावित हुए लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने, जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी को दुरुस्त करने तथा उन स्थानों पर दवा आदि के छिड़काव पर ध्यान देने को कहा है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुई विभिन्न प्रकार की क्षति का व्यापक रूप से आकलन करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पहला प्रयास है कि राज्य में मानसूनी बरसात से जो चीजें अस्त व्यस्त हुई है उनको सामान्य किया जाय तथा आपदा से प्रभावित हुए लोगों को आवश्यकता के अनुरूप त्वरित सहायता और राहत प्रदान की जाय।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को किया संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अमर शहीदों, वीर वीरागंनाओं, राज्य आंदोलनकारियों सहित राष्ट्र निर्माण के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान करने वाले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश और राज्य की प्रगति एवं विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले उत्तराखण्ड वासियों का भी अभिनन्दन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की इस स्वर्णिम यात्रा में उत्तराखण्ड का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। हमें अपनी सैनिक परम्परा और देशभक्ति की विरासत पर गर्व हैं। सैनिक परम्परा वाले वीरभूमि उत्तराखण्ड में पीढ़ियों से लगभग हर परिवार से वीर व वीरांगनाएं देश की रक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के सम्मान में देहरादून में शौर्य स्थल का निर्माण किया गया है। राज्य में पांचवे धाम के रूप में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य का सरकारी नौकरी में समायोजन का निर्णय लिया है। उत्तराखण्ड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीर वीरागंनाओं की पेंशन वृद्धि के साथ ही वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों के अनुदान में भी बढ़ोतरी की गई है। हिम प्रहरी योजना के तहत राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को सीमाओं में बसने के लिए आवश्यक मदद दी जा रही है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी विधवाओं की पेंशन 21 हजार से बढ़ाकर 25 हजार कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान हमारी परम्परा रही है। राज्य निर्माण आन्दोलन तथा इसके बाद प्रदेश के विकास व प्रगति में राज्य की महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज भी राज्य की मातृ शक्ति ग्रामीण जनजीवन, आर्थिकी, सामाजिक व सांस्कृतिक ताने बाने की रीढ़ हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु लखपति दीदी योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। 2025 तक 1.25 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। आंगनबाड़ी बहनों का मानदेय 7500 रूपए से बढ़ाकर 9300 रूपए, मिनी आंगनबाड़ी का मानदेय 4500 रूपए से बढ़ाकर 6250 रूपए और सहायिकाओं का मानदेय 3550 रूपए से बढ़ाकर 5250 रूपए किया गया है। इसी प्रकार आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में 1500 रूपए की वृद्धि की है। अब उन्हें मिलने वाली धनराशि 4500 रूपए से बढ़कर 6000 रूपये हो गई है। राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरी में क्षैतिज आरक्षण के लिए कानून बना दिया गया है। अन्त्योदय निःशुल्क गैस रिफिल योजना के तहत वर्ष में 3 गैस सिलैण्डर रिफिल मुफ्त दिये जा रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं के व्यापक हित में राज्य सरकार द्वारा अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गये हैं। देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून सीमित समय में लागू कर प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा भर्तियों में घोटाले करने वाले दोषियों के खिलाफ प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर सख्त कार्यवाही की गई है। राज्य में नकल माफिया को जड़ से समाप्त करने के लिए की गई पहल पूरे देश में एक नजीर बन गई है। राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा जारी कैलेण्डर के अनुसार पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। समूह ’ग’ की परीक्षाओं में साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त करने की पहल की जा रही है। स्वरोजगार के आवेदकों की सुविधा के लिए कैम्प लगाकर एक ही स्थान पर सारी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। राज्य के युवाओं को देश से बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के लिये राज्य में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ का वेंचर फण्ड तैयार करने जा रही है। इससे युवा उद्यमियों को सरकारी स्तर पर फण्ड मिल सकेगा। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा संघ लोक सेवा आयोग, एन.डी.ए, सी.डी.एस एवं उसके समकक्ष लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिये 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड के सरकारी और अशासकीय स्कूलों के छठवीं से 12वीं कक्षा तक के मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के तहत हर महीने 600 से 1200 रूपये तक की छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश बनाने में सौर ऊर्जा का बड़ा महत्वपूर्ण योगदान होगा। राज्य में सोलर पॉवर उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार सौर ऊर्जा के प्रोजेक्ट लगाने वालों को बड़े पैमाने पर छूट तथा सुविधाएं दे रही है। नई सौर ऊर्जा नीति को लागू कर दिया गया है। हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में 2500 मेगावाट सोलर पॉवर का उत्पादन हो। इससे सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में जैविक कृषि तथा बागवानी की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार द्वारा बागवानी के क्षेत्र में सेब की खेती को विशेषरूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारी सरकार ने मिशन एप्पल शुरू किया है। जिसके तहत राज्य में सेब के 500 बगीचों की स्थापना का लक्ष्य है। हमने मिशन एप्पल का बजट दुगुना कर दिया है, ताकि कम खर्च में बागवानी के जरिए किसानों की आय को बढ़ाया जा सके। अब सेब के बगीचों की स्थापना के लिए किसानों को 80 प्रतिशन अनुदान दिया जा रहा है। देश दुनिया में उत्तराखण्ड के सेब को पहचान मिले इसके लिए प्रयास करने होंगे। राज्य में नई तकनीकी के बल पर सेब के उन्नत किस्म के पेड़ लगाने से हम जम्मू कश्मीर तथा हिमाचल से अच्छी क्वालिटी के सेब उत्पादन कर अच्छे निर्यातक बन सकते हैं। एप्पल मिशन से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही राज्य के किसानों के लिए 304 करोड़ रूपये की पॉलीहाउस योजना शुरू किया है। योजना के तहत प्रदेशभर में लगभग 18000 पॉलीहाउस बनाने का लक्ष्य रखा गया है जिनके माध्यम से राज्य के एक लाख से अधिक कृषकों को रोजगार मिलेगा। किसानों को पॉलीहाउस बनाने के लिए सरकार द्वारा 70 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। राज्य के पर्वतीय जिलों में खेती और बागवानी से किसानों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शिकायत दर्ज करने के लिए जनता के लिए 1064 वेब एप लॉच किया गया है। अपणि सरकार पोर्टल, ई-केबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम डैश बोर्ड उत्कर्ष, सीएम हेल्पलाईन 1905, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था अपनाकर राज्य में भ्रष्टाचार केे समूल नाश का प्रयास किया है। जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा चौपाल लगाकर जन समस्याएं सुनने तथा उनका त्वरित निवारण किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का आमजन को लाभ मिले इसके लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के भाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। यूसीसी सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के मूलमंत्र की दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। आमजन का दृष्टिकोण भी इस विषय पर सकारात्मक है। हमारा ड्राफ्ट अन्य राज्यों को भी पसंद आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक देवभूमि उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ एवं अग्रणी राज्य बनाने का हमारा संकल्प है। हम एक समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाने के लिए कार्य कर रहे है। आज अनुकूल औद्योगिक नीति, दक्ष मानव संसाधन और उदार कर लाभों से उत्पन्न पूंजी निवेश में भारी वृद्धि के कारण उत्तराखंड भारत में सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में से एक बन गया है। आगामी नवम्बर-दिसम्बर में राज्य में ग्लोबल इनवेस्टर समिट होने जा रहा है। इसमें भारी संख्या में दुनियाभर के निवेशक उत्तराखण्ड में निवेश का निर्णय लेंगे। इसके साथ ही उत्तराखण्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम नीति 2023 के तहत एम.एस.एम.ई. क्षेत्र में समावेशी विकास, अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के दृष्टिगत प्रदेश में 50 कलस्टर विकसित किये गये हैं। पूंजीगत उपादान के रूप में एमएसएमई को श्रेणीवार जनपदों हेतु 20 लाख से 4 करोड़ की उपादान सहायता दिये जाने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड में एक लाख पचास हजार करोड़ की योजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य सरकार के प्रयासों से उत्तराखण्ड पर्यटन हब, ऐडवेंचर टूरिज्म हब, फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। दिल्ली देहरादून एलिवेटेड रोड तैयार होने तथा वंदे भारत एक्सप्रेस से देहरादून जल्द ही दिल्ली एनसीआर का हिस्सा बन जाएगा, जिससे यहाँ निवेश, उद्योगों के विकास, रोजगार, के नए-नए अवसर उपलब्ध होंगे। 1930 करोड़ रूपये की टिहरी लेक डेवलपमेंट परियोजना से टिहरी झील प्रमुख टूरिस्ट डेस्टीनेशन बन रही है। केदारनाथ धाम में 750 करोड़ रूपये से पुनर्निर्माण कार्य, बदरीनाथ धाम में 550 करोड़ रूपये से पुनर्विकास कार्य, 2430 करोड लागत के़ गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास हो चुका है। 16 हजार 216 करोड़ रूपए की 125 किमी लम्बी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इससे प्रदेश में कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने के साथ विकास के नये आधार तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समावेशी विकास के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के सभी क्षेत्रों के सतुंलित एवं समान विकास के साथ कार्य कर रही है। केदारनाथ व बद्रीनाथ की तर्ज पर कुमायूं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन की कार्ययोजना पर कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को जी-20 की तीन बैठकों के आयोजन का सुअवसर मिलना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी तथा केन्द्र सरकार का देवभूमि उत्तराखण्ड की सरकार, प्रशासनिक अमले एवं लोगों की क्षमता व प्रतिभा पर अटूट विश्वास का प्रतीक है। राज्य में जी-20 के सम्मेलनों का आयोजन हमारे लिए नए अवसर, नए अनुभव, अपनी पारम्परिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक विरासत, पर्यटन की क्षमताओं को अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का स्वर्णिम अवसर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने का सपना है। भविष्य में पूरी दुनिया से लोग यहाँ आत्मिक शांति के लिए आंएगे। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि इक्कीसवीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा। यह हम हर उत्तराखण्डवासी के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के सभी नागरिकों से अपने कर्तव्य एवं दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने के साथ एक उन्नत, श्रेष्ठ और प्रगतिशील उत्तराखण्ड बनाने में मददगार बनने की भी अपेक्षा की है।

प्रभावित क्षेत्रों में किये जा रहे बचाव कार्यों की सीएम ने लीं जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्चाधिकारियों की बैठक लेते हुए निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही अतिवृष्टि के दृष्टिगत सभी अलर्ट मोड पर रहें। उन्होंने अधिकारियों से अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों एवं वहां किए जा रहे राहत व बचाव कार्यों की जानकारी भी प्राप्त की। अतिवृष्टि के दृष्टिगत 2 दिनों के लिए चारधाम यात्रा भी स्थगित कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही यात्रा करें।
मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि के कारण जनपद पौड़ी में हताहत हुए लोगों की आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घायलों को शीघ्र उचित उपचार दिलवाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि अतिवृष्टि से प्रदेश में जहां भी नुकसान हो रहा है, प्रभावितों को मानकों के अनुसार मुआवजा राशि यथाशीघ्र मिल जाय। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि से प्रदेश में हुई क्षति का पूरा आंकलन किया जाए।
मुख्यमंत्री जिलाधिकारियों से भी अतिवृष्टि के कारण हुए नुकसान एवं राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी के संबंध में लगातार जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जिला प्रशासन एवं राहत-बचाव में लगे सभी दलों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, डॉ रंजीत सिन्हा, एडीजी ए.पी.अंशुमान, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं अपर सचिव जगदीश चन्द्र काण्डपाल उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने अपने घर में तिरंगा फहराने की अपील की

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत स्वामी सत्यमित्रानंद राजकीय इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इस दौरान डा. अग्रवाल ने शहीद स्मारिका का भी लोकार्पण किया। साथ ही मिट्टी को हाथ मे लेकर पंचप्रण शपथ ली गयी। साथ ही पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया।
हरिपुरकलां में ब्लॉक स्तरीय मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत मंत्री डा. अग्रवाल ने तिरंगा फहराकर कहा कि हम सभी आजादी का जश्न मना रहे है। इस मौके पर हमें उन सभी वीर-वीरांगनाओं को नमन करना है, जिनके तप, त्याग एवं बलिदान के कारण हमने आजादी पाई है। इसके अलावा प्रत्येक किसान, मजदूर, वकील, गरीब, अमीर सभी को नमन करना है जिन्होंने अपने कैरियर की परवाह किए बिना अपने जीवन का उद्देश्य आजादी को पाना बना लिया था।
डा. अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूरे विश्व में भारत का परचम लहराया है। विदेशी नीति को सार्थक बनाते हुए मोदी ने विश्व के साथ अच्छे रिश्ते स्थापित किए है। इस वर्ष 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के ख़ास मौके पर नए अवसरों के खुलने का समय है और नई जीत और उपलब्धियां भारत की प्रतीक्षा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज देश के नाम अनगिनत उपलब्धियां हैं जो हमारे देश को महान बना रही हैं और हमें गर्व महसूस करा रही हैं। अब हम गुलामी की ज़ंज़ीर को हटाकर आज़ादी के रंग में रंग चुके हैं।
डा. अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन पर आज पूरे देश की जनता मेरी माटी मेरा देश अभियान में अपना योगदान दे रही है। हमारे राज्य में भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में नौ अगस्त से 15 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
डा. अग्रवाल ने बताया कि उनके निर्देश पर शहरी विकास विभाग की ओर से प्रत्येक निकायों में शिला फलकम की स्थापना की जा रही है, जिसमें प्रत्येक निकायों में अमृत सरोवर के किनारे, स्कूल अथवा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान पर स्मारक पट्टिका की स्थापना की जा रही है। यह शिला फलकम अभियान की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।
डा. अग्रवाल ने बताया कि पंचप्रण शपथ एवं सेल्फी अभियान के तहत प्रत्येक निकायों में मिट्टी अथवा मिट्टी का दीया लेकर पंचप्रण शपथ ली जा रही है एवं शपथ लेते समय व्यक्तिगत अथवा सेल्फी को अभियान हेतु निर्मित वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि वसुधा वन्दन के तहत प्रत्येक निकाय में अमृत वाटिका बनाई जा रही है, जिसमें कम से कम 75 स्थानीय प्रजाति के पौधों का रोपण किया जा रहा है। बताया कि वीरों का वन्दन के तहत स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीदों के परिवारों को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
डा. अग्रवाल ने कहा कि हर घर तिरंगा के तहत 13 से 15 अगस्त के मध्य अपने घरो में राष्ट्रीय ध्वज लगाये जाने के लिए आम जनता को प्रोत्साहित करने के लिए सार्वजनिक अपील की जा रही है।
इस मौके पर प्रधान गीतांजलि जखमोला, खंड विकास अधिकारी जगत सिंह, मनोज जखमोला, पूर्व सैनिक जगदीश देवली, रविदत्त जुगलान, राजेन्द्र रावत, ललित मोहन कंडवाल, मनोज शर्मा, बृज मोहन राणा, सुरेंद्र रयाल आदि उपस्थित रहे।

महिला अधिवक्ता ने आईडीपीएल चौकी सस्पेंड करने की मांग की

महिला एडवोकेट भावना जोशी ने मीडिया के सामने नौ अगस्त की रात की आपबीती सुनाई। कहा कि एक फिल्म की शूटिंग कर रहे फिल्म निर्देशक पूरी टीम के साथ एक होटल में ठहरे हुए थे। होटल मालिक के साथ उनका विवाद हुआ। वकील होने के नाते उन्होंने उनसे संपर्क किया। उन्होंने फिल्म निर्देश को पुलिस से शिकायत करने की सलाह दी। उन्होंने ऐसा किया तो पुलिस होटल से उन्हें ही उठा ले आई और उनके साथ चौकी में दुर्व्यहार किया। इस पर देर रात वो चौकी पहुंची और पुलिस को परिचय देते हुए न्याय करने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि रात में पुलिस कर्मी बगैर वर्दी के चौकी में थे और शराब पीए हुए थे। इन हरकतों पर सवाल उठाना पुलिस के चौकी प्रभारी और पुलिस कर्मियों को नागवार गुजरा। पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। एडवोकेट भावना जोशी ने कहा कि पुलिस की हरकतों का वीडियो बनाने पर फिल्म निर्देशक और उनके पति के साथ दो पुलिस कर्मियों ने मारपीट की और मेडिकल कराने के नाम पर एक जीप में ले गए। उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ भी हैंडलिंग की गई। उन्होंने पुलिस कर्मियों को बताया कि वो गर्भवती हैं बावजूद पुलिस का रवैया नहीं बदला। बाद में उनका भी ये कहकर मेडिकल कराया गया कि वो नशे में हैं। मेडिकल में स्पष्ट हो गया कि पुलिस झूठ बोल रही थी। कहा पुलिस को कुछ नहीं मिला तो सरकारी कार्य में बाधा डालने में चालान किया गया।
एडवोकेट भावना ने बताया उन्हें उम्मीद नहीं थी कि देवभूमि उत्तराखंड में पुलिस का ऐसा रवैया हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रमुख से शिकायत के बाद चौकी प्रभारी लाइन हाजिर हुए हैं। ये कोई सजा नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरी पुलिस चौकी को पहले सस्पेंड और जांच के बाद बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस एक महिला के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कैसे कर सकती है। अपनी कमियों को छिपाने के लिए पुलिस इस मामले को दूसरा रंग देने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने बेहद भावुक होकर कहा कि उन्हें कतई उम्मीद नहीं थी कि उनके राज्य की पुलिस की कार्य प्रणाली ऐसी है। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। इस मौके पर अनिल रतूड़ी, सुशील रणाकोटी आदि मौजूद थे।

वीरों को नमन कार्यक्रम में बोले धामी, अमर बलिदानियों का योगदान भुलाया नही जा सकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गुच्चु पानी, देहरादून में ‘मेरी माटी-मेरा देश’ अभियान के अन्तर्गत आयोजित ‘वीरों को नमन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, प्रेमचंद अग्रवाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक मुन्ना सिंह चौहान एवं सविता कपूर भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमर बलिदानियों की स्मृति में शिलापट्ट का अनावरण किया। उन्होंने सभी को पंच प्रण की शपथ दिलाई एवं गुच्चू पानी में अमृत वाटिका के लिए वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर पवित्र मिट्टी को हाथ में लेकर शपथ दिलाई गई एवं सेल्फी भी ली गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ’मेरी माटी-मेरा देश’ कार्यक्रम में उपस्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि आज मुख्य सेवक के रूप में उन्हें सभी को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमें उन वीरों की वंदना करने का अवसर प्राप्त हुआ है, जिन्होंने देश की माटी की खातिर अपने प्राणों की आहुति दी। प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृत काल में देशवासियों को पंच प्रण दिए हैं। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का प्रण, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का प्रण, भारत की समृद्ध विरासत पर गर्व एवं उसका संरक्षण करने का प्रण तथा देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने का प्रण। जिस प्रकार आज तक हमने प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए प्रत्येक अभियान को अपना सम्पूर्ण सहयोग एवं समर्थन दिया है, उसी प्रकार मुझे विश्वास है कि हम ’मेरी माटी-मेरा देश’ अभियान को भी अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भूमि देवभूमि के साथ ही वीरों की भूमि भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज सेना न केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति पताका सम्पूर्ण विश्व में फैल रही है। सरकार जहां एक ओर सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है, वहीं दूसरी ओर सैनिकों और उनके परिवारों को मिल रही सुख-सुविधाओं का भी ख्याल रख रही है। प्रधानमंत्री निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सैनिकों एवं उनके परिवार को मिलने वाली सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने से लेकर शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का निर्णय भी इसी आशय से लिया है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान राशि में वृद्धि की गई है। उत्तराखण्ड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगना एवं वेटरन की पेंशन प्रतिमाह 8 हजार रूपये से बढ़ाकर 10 हजार रूपये की गई है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी विधवाओं की प्रतिमाह पेंशन 21 हजार से बढ़ाकर 25 हजार की गई है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य में पांचवें धाम की नींव रखते हुए एक भव्य और राष्ट्र भक्ति से ओत-प्रोत सैन्य धाम का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। सवाड़ में भी सैनिकों की स्मृति में स्मारक बनाया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने स्वतंत्रता सेनानियों और वीर अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा आज यहां पर स्थापित शिलाफलकम् में 33 अमर शहीदों और सेनानियों का नाम अंकित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को समर्पित अभियान है। “मिट्टी को नमन, वीरों को वंदन“ नाम शीर्षक के साथ इस अभियान में उत्तराखण्ड में अब तक 2000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत की आज़ादी के 75 वर्ष के पूरे होने और आजादी के अमृत महोत्सव का समापन करने के लिए मेरी माटी मेरा देश अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान हमारे देश के शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत देश के अलग-अलग राज्यों के ग्रामों से 7500 कलशों में मिट्टी लाई जाएगी। इस मिट्टी से नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर अमृत वाटिका का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान उन्हीं गुमनाम शहीदों को सम्मान देने उनके बलिदान को सलाम करने का एक अवसर है। ग्राम्य विकास मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में वीर भूमि एवं देवभूमि उत्तराखण्ड के 95 विकासखण्डों से पवित्र माटी के कलशों को कर्तव्य पथ के लिए रवाना किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि देश के स्वतंत्रा सेनानियों एवं अमर शहीदों के सम्मान में देशभर में व्यापक स्तर पर मेरी माटी, मेरा देश अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में अनेक स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। हमारे इन महानायकों द्वारा देश सेवा के लिये दिये गये योगदान से हमारी युवा पीढ़ी अच्छी तरह परिचित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर सचिव राधिका झा, आयुक्त ग्राम्य विकास आनन्द स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, नगर आयुक्त मनुज गोयल, मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान उपस्थित रहे।

डोईवाला में टाउनशिप को लेकर चल रही भ्रांतियां हुई दूर, नहीं बनेगी एरोसिटी

डोईवाला में एरोसिटी व इंटीग्रेटेड टाउनशिप को लेकर चल रही भ्रांतियों को दूर करने पर स्थानीय लोगों ने विभागीय मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल का आभार प्रकट कर धन्यवाद दिया।

लच्छीवाला गेस्ट हाउस में भाजपा जिला महामंत्री राजेन्द्र सिंह तड़ियाल के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर महामंत्री तड़ियाल ने कहा कि डोईवाला में एयरोसिटी व इंटीग्रेटेड टाउनशिप आदि को लेकर तमाम भ्रांतियां फैलाई जा रही है। जिसमें विपक्ष अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।

कहा कि जबकि इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि डोईवाला में किसी भी किसान की भूमि नहीं ली जाएगी और सरकार की डोईवाला में टाउनशिप आदि को लेकर ना कोई मंसा थी और ना ही इस संबंध में कोई निर्णय लिया गया है।

इस मौके पर मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि सरकार डोईवाला के लोगों के साथ है। इस तरह के कोई भी निर्णय सरकार स्थानीय लोगों को भरोसे में लिए बिना नहीं लेगी। डॉ अग्रवाल ने कहा कि डोईवाला में एयरोसिटी व इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनाने की सरकार की कोई योजना नहीं है और ना ही इस संबंध में सरकार की ओर से कोई निर्णय लिया गया है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है ऐसे में डोईवाला में दुष्प्रचार कर रहे विपक्ष के लोगों को बाज आना चाहिए। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने धन्यवाद ज्ञापन के जरिए मंत्री जी का स्वागत किया।

इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, महामंत्री मंगल रौथाण, रविन्द्र बेलवाल, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष नितिन कोठारी, पूर्व प्रधान पुरुषोत्तम डोभाल, जिला आईटी प्रभारी युवा मोर्चा सुबोध नौटियाल, आदेश पवार, मनमोहन नौटियाल, गुड्डू मिश्रा, गुरदीप सिंह, आनंद कुमार गुप्ता, जय जोशी, वर्षा वर्मा, मधु नेगी, अल्पना प्रजापति, कृष्णा तरियाल, आशा सेमवाल, संतोषी बहुगुणा, मनदीप बजाज, पम्मी राज सिंह, ताहिर हसन, गजेंद्र सिंह, श्याम सिंह, मुकेश थापा, कुशाल सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

वीर अमर शहीद प्रदीप रावत की पांचवीं पुण्यतिथि पर मंत्री अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि

वीर अमर शहीद प्रदीप रावत की 5वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। भारी बारिश के बीच क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

पुरानी चुंगी निकट परशुराम चौक पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि 10 अक्टूबर 1990 को सैनिक कुंवर सिंह रावत के परिवार में हुआ। तीन बहनों के एकलौते भाई प्रदीप ने प्रारंभिक शिक्षा भगवती देवी पूर्णानंद महाराष्ट्र निवास सरस्वती शिशु मंदिर से की। कहा कि इसके बाद कक्षा छह से उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिर आवास विकास तथा 12वीं की परीक्षा उन्होंने श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज से उत्तीर्ण की। 19 मार्च 2010 में उन्होंने सेना में दाखिला पाया। 10 अक्टूबर 2013 को स्पेशल फ्रन्टियर फोर्स में उनका चयन किया। कहा कि 02 अप्रैल 2017 में उनकी तैनाती उड़ी सेक्टर में हुई। इसके बाद 12 अगस्त 2018 को वह सीमा पर शहीद हो गए।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, चाहे कोई भी चुनौती क्यों न हो, देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत एक शांतिप्रिय राष्ट्र है जो अपने सदियों पुराने मूल्यों में विश्वास करता है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन अपने हितों की रक्षा के लिए हम नियंत्रण रेखा पार करने में संकोच नहीं करेंगे। पहले देश और सशस्त्र बलों में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली हमारी सरकार ने इस कमी को दूर कर दिया है। हम अपनी सेनाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमें सदैव सैनिकों का सम्मान करना चाहिए। सैनिकों के योगदान को सदा स्मरण करना चाहिए, उन्हीं की वजह से हम अमन से रह पाते है। हम सभी को सैनिकों से प्रेरणा लेना चाहिए और अपने कार्य को देश की प्रगति में लगाना चाहिए।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जीवन में अनुशासन का सही उदाहरण देखना हो तो एक सैनिक से अवश्य मिलें। उनका अपने देश के लिए पागलपन देखते बनता है। उनका अनुशासन उन्हें अपने घर-परिवार से दूर तो रखता ही है, साथ ही साथ भोजन, नींद और आराम को भी त्यागना पड़ता है। वाकई यह किसी तपस्या से कम नहीं।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जिस घर, परिवार से सैनिक निकलते हैं, वह घर और परिवार पूजनीय होता है। उस परिवार पर ईश्वर की विशेष कृपा होती है। कहा कि हमीर ने देश सेवा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, ऐसे सच्चे देशभक्त समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनते है। कहा कि हमीर आज हमारे दिलों और दिमाग में आज भी जिंदा हैं।

इस मौके पर शहीद की माता उषा देवी, पिता कुँवर सिंह रावत, पत्नी नीलम, बेटी प्रतिष्ठा, बेटा प्रतीक, चाचा भगवान सिंह, वीर सिंह, बहनें अनिता, विनीता, सुषमा, मण्डल अध्यक्ष ऋषिकेश सुमित पंवार, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, प्रतीक कालिया, प्यारे लाल जुगलान, सुरेन्द्र सिंह कैंतुरा, इंद्र कुमार गोदवानी, मेजर गोविंद सिंह रावत, गुलाब सिंह रावत, शम्भू पासवान, राजू नरसिम्हा, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष माधवी गुप्ता, रंजन अंथवाल, नितिन सक्सेना, भावना गौड़, सुधा असवाल, गोपाल सती, वीरेंद्र रमोला, जगावर सिंह सहित कई लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

शुक्लापुर में बनाया जाएगा नेचर पार्क, प्रकृति प्रदत्त चीजों का होगा प्रयोगः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हैस्को गाँव शुक्लापुर में प्रकृति के संरक्षण के लिए किये जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हैस्को के संस्थापक डॉ. अनिल प्रकाश जोशी द्वारा इस क्षेत्र में प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए अनेक कार्य किये जा रहे हैं। जल छिद्रों के माध्यम से जल संचय की दिशा में अच्छा कार्य किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह क्षेत्र आने वाले समय में केवल प्रदेश के लिए ही नहीं देश-दुनिया के लिए भी एक मॉडल बनेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्लापुर में जो नेचर पार्क बनाया जायेगा इसमें प्रकृति प्रदत्त चीजों का उपयोग किया जायेगा। इसे एक मॉडल के रूप में विकसित किया जायेगा। पर्यावरण प्रेमियों एवं शोधार्थियों के लिए यह नेचर पार्क बहुत उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि इकोनॉमी और इकोलॉजी में संतुलन बना रहे, इस दिशा में सरकार कार्य कर रही है। प्रकृति के प्रति जागरूक होने के साथ ही हमें अन्य लोगों को भी जागरूक करना होगा। पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्द्धन के साथ ही हमें प्रकृति प्रदत्त चीजों का सही तरीके से उपभोग करना होगा।
हैस्को के संस्थापक पदम भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि 2010 में जब इस क्षेत्र से जुड़ी हुई छोटी नदी जो आसन की सहधारा भी है वह सूखने लगी तो एक विचार आया कि क्यों न इस सूखती नदी की वापसी संभव की जाय। यह प्रयोग भी हो, वहीं दूसरी तरफ विज्ञान आधारित प्रकृति के साथ जोड़कर देखे जाने की कोशिश भी। वन विभाग व हेस्को ने आपसी भागीदारी जुटाई जल छिद्रों को बनाने का कार्य किया। प्रति हेक्टेयर लगभग 300 जल छिद्रों ने पानी को इकट्ठा करना शुरू किया। करीब पूरे 44 एकड़ में विभाग और हैस्को की भागीदारी से जब यह कार्य हुआ तो दूसरे ही वर्ष पानी की वापसी आसन गंगा में हो गई। अनेक वन्यजीव साही, जंगली सुअर, हिरन और लैपर्ड यहां आने लगे। यहाँ चिड़ियाओं की अभी 100 से भी अधिक प्रजातियां हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी कि शुक्लापुर क्षेत्र में लगभग 46 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बनने वाले इस नेचर पार्क की अनुमानित लागत 02 करोड़ 55 लाख रूपये है। इसमें पूरे नेचर पार्क में फैनसिंग और चेनिंग, ईको फ्रेंडली गेटों का निर्माण, ईको हट्स, इंटर लॉकिंग टाइल्स एवं अन्य कार्य किये जायेंगे।
इस अवसर पर महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी प्रो. कलाचंद सेन, डीएफओ देहरादून नितीश मणि त्रिपाठी एवं पर्यावरण से जुड़े अन्य लोग उपस्थित थे।

सैनिक कल्याण निदेशालय में विभागीय अधिकारियों के साथ मंत्री जोशी ने की समीक्षा

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज सैनिक कल्याण निदेशालय में सैनिक कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

बैठक में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से वर्चुअल माध्यम से जुड़े अधिकारियों से जिले में सैनिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़े जिले सैनिक कल्याण अधिकारियों की जनपद में आ रही समस्याओं को भी रखा जिसपर मंत्री ने मौके पर कई समस्याओं का निस्तारण भी किया।

बैठक में अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिए जाने के क्रम में शहीद सैनिक के 24 आश्रितों को सेवायोजित किया जा चुका है। द्वितीय विश्व युद्ध अनुदान विगत वित्तीय वर्ष में कुल 567 पात्रों को रू 10,000.00 की दर से रू० 74001 लाख का द्वितीय विश्व युद्ध अनुदान प्रदान किया गया। वीरता पदक धारकों को देय राशि सम्मान राशि में विगत वर्ष में 1242 पात्रों को रू.1079.55 लाख की धनराशि का भुगतान किया गया है।गैर वीरता पदक धारकों को देय राशि सम्मान राशि में विगत वर्ष में 22 पात्रों को रू. 21.31 लाख की धनराशि का भुगतान किया गया है। पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के लिए आईटीडीए के माध्यम से एक वर्षीय कम्प्यूटर संचालित किया जा रहा है जिसमें 352 प्रक्षण प्राप्त कर रहे है।

मंत्री ने शहीद सैनिकों के आश्रितों के लिए छात्रावास का निर्माण कुमाऊ मंडल के जनपद नैनीताल के हल्द्वानी में शहीद सैनिकों / भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितो के लिए 150 बेड के छात्रावास का निर्माण किये जाने को मजूरी दी गयी है और चिन्हिकरण का कार्य गतिमान है। बैठक में मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में जिन सैनिक विश्राम गृहों की स्थिति दयनीय है उनका शीघ्र जीर्णाेधार किया जाए। मंत्री ने कहा सैनिक विश्राम गृहों के लिए 25 करोड़ रुपए की अलग से व्यवस्था की गई है। मंत्री ने कहा उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति अलग है जिसके दृष्टिगत अधिकारियों को यह सुनिश्चित किया गया है दूरस्थ क्षेत्रों में पूर्व सैनिकों को कैंटीन का सामान लेने में कोई असुविधा न हो इसके लिए कैंटीन का निमार्ण पूर्व सैनिकों की सुविधा अनुसार और भौगोलिक दृष्टि को देखते हुए किया जाए। ताकि कैंटीन में समान लेते वक्त पूर्व सैनिकों कोई असुविधा न हो।

मंत्री ने कहा शीघ्र ही डोईवाला में कैंटीन का निर्माण भी किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को खटीमा में कैंटीन के निर्माण कार्य को शीघ्र किए जाए। उन्होंने अधिकारियों को सैनिक विश्राम गृहों शहीद द्वारों के निर्माण कार्यों को शीघ्र कार्य शुरू करने तथा शासन से संबंधित कार्यों को भी सुनियोजित तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। मंत्री ने अधिकारियों को सैन्य धाम के निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। मंत्री ने अधिकारियों को पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार करने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव दीपेंद्र चौधरी, निदेशक ब्रिगेडियर अमृत लाल अपर सचिव धर्म सत्तू सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।