डीएम दरबारः निर्धन गंगा राम की पुत्री के विवाह के लिए 50 हजार मौके पर ही स्वीकृत

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जन दर्शन/जनता दरबार का आयोजन कर जनसमस्याओं का निस्तारण किया गया। जनता दरबार में उपस्थित फरियादियों ने भूमि विवाद, निजी भूमि का सीमांकन, अवैध कब्जा, फीस माफी, आर्थिक सहायता, बिजली-पानी बिल माफी, राशन कार्ड, मुआवजा से संबंधित कुल 239 शिकायतें एवं समस्याएँ जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। इसमें सबसे अधिक स्कूल फीस माफी को लेकर सामने आई। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बुजुर्ग नीलम ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पति की मृत्यु वर्ष 2020 में हो गई है तभी से उनकी आर्थिक स्थिति खराब है तथा मंदिर व भंडारों में भोजन कर अपना गुजर बसर कर रही है, उनका पानी का बिल रू0 18335 आया है जिसने माफ करने की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट को निर्देश दिए कि रू0 5579 धनराशि सेटलमेंट करते हुए शेष धन राशि 12776 का भुगतान जिला प्रशासन द्वारा जल संस्थान को कर दिया जाएगा।

समाज कल्याण से संबंधित मामलों में देहरादून निवासी गंगा राम को पुत्री विवाह हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के निर्देश समाज कल्याण अधिकारी को दिए गए। मालदेवता निवासी संध्या रमोला के पति के उपचार हेतु मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलाने के लिए प्रकरण अग्रसारित करने को कहा गया।

अजबपुर कलाम निवासी जरीना बानो के प्रकरण में, जिन्हें उनके पुत्र द्वारा घर से बेदखल कर दिया गया है, जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दायर करने के निर्देश दिए।

आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं एवं विधवाओं के प्रकरणों में जिलाधिकारी ने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। टर्नर रोड निवासी विधवा हसीना, प्रेम नगर निवासी कविता एवं रजनी कश्यप, राजपुर निवासी पायल गोयल तथा चंदरनगर निवासी नसीन द्वारा पुत्रियों की स्कूल फीस माफी की मांग पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) को आवश्यक पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

इसी क्रम में बीएससी नर्सिंग की एक छात्रा, जिसके पिता 50 प्रतिशत दिव्यांग हैं, को भी प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत सहायता दिलाने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच के उपरांत आवेदन प्रस्तुत कराने के निर्देश दिए गए। ऋषिकेश निवासी धीरज सिंह रावत, जो विगत दो वर्षों से कैंसर से पीड़ित हैं, की पुत्री की स्कूल फीस भी उक्त योजना के माध्यम से वहन करने के निर्देश दिए गए।

प्रेमनगर निवासी रजनी कश्यप, जिनके पति दुर्घटना के कारण दिव्यांग हो गए हैं, की पुत्री की फीस माफी हेतु भी प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

आतिशा खत्री, विधवा संतोषी नेगी तथा चंदरनगर निवासी सरिता की पुत्री की स्कूल फीस प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत वहन किए जाने के आवेदन पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास विभाग को समिति के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं कांवली रोड निवासी विधवा किरण धीमान की पुत्री की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत कराने तथा उनके पुत्र की स्कूल फीस माफी के लिए संबंधित विद्यालय (श्री गुरु राम राय स्कूल) प्रबंधन को जिला प्रशासन की ओर से अनुरोध पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, सरिता के रोजगार संबंधी प्रकरण में जिला प्रोबेशन अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

डांडीपुर निवासी विधवा मंजू देवी द्वारा सफेद राशन कार्ड बनाए जाने की मांग पर जिला पूर्ति अधिकारी को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खुडबुड़ा निवासी अनु के राशन कार्ड ब्लॉक होने की समस्या पर उसे अनब्लॉक कराने के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

शिवलोक कॉलोनी कावली रोड निवासी कनिष्का ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पति का निधन हो चुका है। अब तक उनके पिता ही उनका भरण-पोषण कर रहे थे, किंतु हाल ही में उनके पिता का भी दुर्घटना में घायल होने के कारण उपचार चल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। उन्होंने गृहकर (हाउस टैक्स) माफ करने की प्रार्थना पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को राइफल क्लब फंड से कनिष्का का गृहकर जमा कराने के निर्देश दिए।

अन्य प्रकरणों में वरिष्ठ नागरिक सूरज नाथ गौतम की एफआईआर दर्ज न किए जाने की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। धर्मपुर निवासी अंजू रानी की भूमि धोखाधड़ी के मामले में तहसीलदार को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

लखवाड़ बांध प्रभावितों-चतर सिंह, लुदर सिंह, महिपाल सिंह एवं रोशनकृद्वारा मुआवजा न मिलने की शिकायत पर संबंधित अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार में पहुंची फ्रीडम फाइटर समिति की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष आशा लाल ने जिलाधिकारी सविन बंसल के संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से जिले में बुजुर्गों, पीड़ित नागरिकों तथा महिलाओं को त्वरित एवं न्यायसंगत समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे सतत् और प्रभावी कार्यों को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने जिलाधिकारी को संविधान के अनुच्छेद-21 पर आधारित एक पुस्तक भेंट कर उनके प्रयासों के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया।

जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी(वि.रा) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रे राहुल आनंद, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

एलपीजी सिलेंडर कालाबाजारी पर डीएम दून ने लिया सख्त एक्शन, प्राथमिकी दर्ज

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सत्त प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है।
जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा निरंतर प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में क्यूआरटी को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सुधोवाला चौक से मांडूवाला मार्ग पर आनंदी हाउस के समीप एक मकान में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा है। सूचना का संज्ञान लेते हुए क्यूआरटी टीम द्वारा तत्काल मौके पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान मौके बरामद सामग्री को पुलिस के सहयोग से कब्जे में ले लिया गया हैं, जिनमें 19 किलोग्राम के 02 गैस सिलेंडर, 14 किलोग्राम के 04 गैस सिलेंडर, 01 इलेक्ट्रॉनिक कांटा, 01 हैंगिंग वेटिंग मशीन, 01 बांसुरी (रिफिलिंग उपकरण) जब्त किए गए हैं। मौके पर शिवम पुत्र मुकेश को अवैध रिफिलिंग कार्य करते हुए पाया गया। जांच में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 तथा एलपीजी (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। उक्त प्रकरण में संबंधित के विरुद्ध थाना प्रेमनगर में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं रिफिलिंग जैसे अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन की टीमें आगे भी जनपद में सत्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्यवाही जारी रखेंगी, जिससे उपभोक्ताओं को सुचारू एवं सुरक्षित रूप से एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 09 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 13913 से अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 1005 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।एलपीजी का घरेलू 25861 तथा व्यवसायिक का 4313 स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।

ऋषिकेश से चार धाम जाने वाली बसों को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित चारधाम यात्रा-2026 के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए स्थापित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने देश भर से आए श्रद्धालुओं का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा – आस्था, साधना और आत्मा को जोड़ने का मार्ग है। यह यात्रा हर कठिनाई को पार करने की शक्ति देती है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि यात्रा सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य हो। चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा माँ गंगा के आशीर्वाद से यात्रा हर साल नया कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दृढ़ संकल्पित है, वे स्वयं लगातार यात्रा की तैयारियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य, हर श्रद्धालु को सुरक्षा, सम्मान और दिव्य अनुभव प्रदान कराना है। हर श्रद्धालु देवभूमि में बिताए गए पलों की स्वर्णिम स्मृतियाँ अपने साथ लेकर जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों एवं यात्रा मार्ग में विशेष स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास है, इस पवित्रता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने इस वर्ष ग्रीन चारधाम यात्रा और प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ धाम का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार द्वारा यात्रा मार्गों पर नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी वाहनों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा जैसे हम अपने घर के मंदिर को साफ और पवित्र रखते हैं, वैसे ही देवभूमि को भी स्वच्छ और पवित्र बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में ₹ 12 हजार करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ है, जिससे यात्रा सुगम और तेज हो गई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य गतिमान हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत यात्रा मार्गों को सुगम बनाया गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक के लिए रोपवे परियोजनाओं का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा चारधाम यात्रा लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। इसलिए यात्रा के दौरान स्थानीय उत्पादों, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यात्रियों से अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने का भी आवाहन किया।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार, यात्रियों की सुविधा, सुगमता और स्वास्थ्य को लेकर पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने यात्रियों से निवेदन करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अवलोकन अवश्य करें। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य जांच करने के बाद ही यात्रा में आए। उन्होंने बताया केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो गया है। बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार हो जाएगा। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है।

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि परिवहन विभाग लगातार आगामी यात्रा की तैयारी कर रहा है। हमारा कर्तव्य है कि प्रदेश में आने वाले हर श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। उन्होंने बताया इस वर्ष यात्रा मार्ग में सिंगल लेन सड़कों, लैंडस्लाइड जोन, जैसे स्थानों पर शटल सर्विस की शुरुवात की गई है। इसके साथ मूवेबल शटल सर्विस के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध करवाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर एल.ई.डी लगाकर लोगों को जानकारियां दी जाएंगी।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, अध्यक्ष हेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट नरेंद्रजीत बिंद्रा, भास्करानंद भारद्वाज, जितेंद्र नेगी, अजय सिंह, मनोज ध्यानी, संजय शास्त्री, भोपाल सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत की पड़ताल की, मौके पर जानी स्थिति

सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायत को फाइलों में हल करने के बजाय, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मौके पर जाकर जन समस्याओं की पड़ताल की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्य में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए, अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
देहरादून के जाखन निवासी विवेक मदान ने, राजपुर रोड पर विद्युत लाइन अंडरग्राउंड किए जाने के कारण फुटपाथ को हुए नुकसान की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई थी। मदान ने शिकायत में उल्लेख किया था कि जाखन में पहले सड़क किनारे फुटपाथ बनाया गया, बाद में यूपीसीएल ने इस फुटपाथ को खोदकर, अंडरग्राउंड लाइन बिछा डाली। लेकिन इस दौरान मिट्टी का भरान ठीक से नहीं किया गया, जिस कारण फुटपाथ की टाइल्स बैठ गई हैं। इससे फुटपाथ का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करनी थी, लेकिन सीएम ने समीक्षा बैठक से पहले शिकायत की पड़ताल करने सीधे जाखन का रुख किया।

अपने मोबाइल से अधिकारियों को दिखाई हकीकत

मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता विवेक मदान को साथ लेकर अपने मोबाइल से ही अधिकारियों को वीडियो कॉल के जरिए फुटपाथ की स्थिति दिखाई। मुख्यमंत्री ने स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड होने के बावजूद कई जगह बिजली लाइन ऊपर दिखाई दे रही है। जिस कारण जन सामान्य को खतरा पैदा हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी प्लानिंग के साथ काम करें, वरना बार बार कार्य होने से एक और पब्लिक को परेशानी का सामना करता है, वहीं धन की भी बर्बादी होती है।

प्रदेश भर में चलाएं अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वे प्रदेश भर के आगामी दौरों पर इसी तरह नियमित निरीक्षण करेंगे। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि प्रदेश में यदि कहीं और भी इस तरह की शिकायत आ रही है तो उन्हें दूर किया जाए, इसके लिए प्रदेश भर में अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री इस दौरान स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से भी बातचीत की।

सीएस बर्द्धन ने देहरादून शहर के यातायात संतुलन को लेकर देहरादून मोबिलिटी प्लान की बैठक ली

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून शहर के यातायात संतुलन को लेकर देहरादून मोबिलिटी प्लान की बैठक ली।

मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर के बन जाने से सप्ताहांत एवं चारधाम यात्रा के कारण अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा. इसके लिए उन्होंने लगातार देहरादून के यातायात को अपग्रेड किए जाने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने इकोनॉमिक कॉरिडोर के बाद बढ़ने वाले यातायात के प्रबंधन के लिए शीघ्र यातायात प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आढ़त बाज़ार की रजिस्ट्री एवं मुआवजा का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने आढ़त बाज़ार के अंतर्गत हो भी ध्वस्तीकरण कार्य किया जाना है, उसे भी शीघ्र शुरू किया जाए। उन्होंने 15 मई, 2026 तक रजिस्ट्री कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निरंजनपुर मंडी को भी शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने हेतु तत्काल एक साईट सिलेक्शन कमेटी बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सचिवालय एवं परेड ग्राउंड के पास अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए फीजीबिलिटी एवं डीपीआर को शीघ्र तैयार कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने देहरादून के विभिन्न जंक्शनों के सुधारीकरण कार्य की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि कारगी चौक सुधारीकरण कार्य को तत्काल कराया जाए। बताया गया कि 4 जंक्शनों में कार्य प्रारम्भ हो गया है, 6 का प्रस्ताव गतिमान है। उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने बताया किआढ़त बाज़ार की 52 रजिस्ट्री कम्पलीट हो चुकी है, बाकी का कार्य गतिमान है।

मुख्य सचिव ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवहन विभाग को देहरादून के लिए बसों और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लगातार फॉलोअप करते हुए सितंबर तक देहरादून के रूट्स पर 100 बसें संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि नो पार्किंग में पार्किंग करने वाले लोगों पर चालान, लेफ्ट टर्न फ्री रखना जैसे छोटे छोटे परंतु महत्त्वपूर्ण कार्यों को लगातार प्रवर्तन कराया जाए। उन्होंने बड़े दिवसों पर शोभायात्रा एवं धरने प्रदर्शन आदि के दौरान ट्रैफिक प्लान का प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि टोइंग वैन्स की संख्या को बढ़ाया जाए। इसके लिए शीघ्र प्रस्ताव भेजा जाए।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को रात को ओवरस्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोके जाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जाने के निर्देश दिए। स्पीडब्रेकर, साईनेज आदि के साथ ही एएनपीआर कैमरों के द्वारा लगातार मॉनिटरिंग करायी जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि देहरादून के भीतर चिह्नित पार्किंग स्थलों, सरकारी एवं व्यावसायिक संस्थानों की पार्किंग कैपेसिटी को पूर्ण रूप से उपयोग किया जाए। उन्होंने यूपीसीएल द्वारा विद्युत के अंडरग्राउंड कार्य एवं गैस पाइप लाइन कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाने सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ. आर राजेश कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, एसएसपी देहरादून परमेन्द्र डोभाल सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः लोकभवन में राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने किया बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक भवन परिसर में बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास किया। लोक भवन परिसर में निर्मित किए जाने वाले इन भवनों में विभिन्न आवश्यक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा। प्रथम भवन में एक समेकित डिस्पेंसरी का निर्माण किया जाएगा, जिसमें आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक एवं एलोपैथिक चिकित्सा कक्ष शामिल होंगे। वहीं दूसरे भवन में सूचना परिसर एवं कैफेटेरिया, तृतीय भवन में लोक निर्माण विभाग कार्यालय एवं चतुर्थ भवन में उद्यान विभाग कार्यालय का निर्माण किया जाना है। इन भवनों का निर्माण पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप किया जाएगा, जिससे स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ किया जा सके।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इन नवीन भवनों के निर्माण से लोक भवन परिसर में विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे कार्यप्रणाली अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि आमजन को भी बेहतर एवं त्वरित सेवाएं प्राप्त होंगी। समेकित सुविधाओं के माध्यम से समय एवं संसाधनों की बचत होगी तथा कार्यों में दक्षता आएगी।

राज्यपाल ने कहा कि इस परियोजना में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत का समन्वय किया गया है, जो इसे विशिष्ट बनाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बहुउद्देशीय भवन लोक सेवा की भावना को और अधिक सशक्त करेगा तथा प्रशासनिक कार्यों के कुशल एवं प्रभावी निष्पादन में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोक भवन परिसर में विकसित की जा रही यह बहुउद्देशीय अवसंरचना सुशासन एवं सेवा प्रदान करने की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एक ही परिसर में विभिन्न विभागों एवं सुविधाओं के उपलब्ध होने से प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा तथा नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्राप्त होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भवनों का निर्माण पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप किए जाने से न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों एवं कारीगरों को भी प्रोत्साहन देगा।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, उप सचिव लक्ष्मण राम आर्य, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग नीरज त्रिपाठी, सहायक अभियंता दिवाकर धस्माना, अपर सहायक अभियंता अमित सेमवाल सहित लोक भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

फ्यूचर रेडी बने युवा, नेशन फर्स्ट को ध्यान रखें हमेशाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में ओहो रेडियो एवं ड्रीमर्स एड्यु हब के सौजन्य से आयोजित “राष्ट्र निर्माण उत्सव” कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए तीन नए रेडियो चौनलों का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वे इस प्रेरणादायी आयोजन में उपस्थित सभी अतिथियों एवं युवा साथियों का स्वागत और अभिनंदन करते हैं तथा ओहो रेडियो के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक मजबूत, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब रेडियो घरों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता था और इसकी उपस्थिति से अधिक उस पर प्रसारित होने वाली सूचनाएं महत्वपूर्ण होती थीं। गांवों में सीमित घरों में रेडियो होने के बावजूद लोग एकत्र होकर समाचार सुनते और गीतों का आनंद लेते थे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके पास भी एक छोटा रेडियो था, जो उनके लिए किसी खजाने से कम नहीं था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ तकनीक में परिवर्तन आया है, लेकिन रेडियो की आत्मीयता और विश्वसनीयता आज भी बनी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “मन की बात” कार्यक्रम के माध्यम से रेडियो को पुनः मुख्यधारा में स्थापित करने के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ओहो रेडियो भी उत्तराखंड में इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके बीच उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए युवा अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ देवभूमि उत्तराखंड को गौरवान्वित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे और उनका आह्वान था कि लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी अनेक युवा उनके विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित न हो। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा, समर्पण और सृजनात्मकता को राष्ट्र की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्र के प्रति निष्ठा और समर्पण की भावना को सशक्त करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें समाज के सभी वर्गोंकृयुवा, किसान, महिलाएं, श्रमिक, उद्यमी और बुद्धिजीवीकृकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करता है, तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा मिले, तो भारत न केवल आर्थिक महाशक्ति बनेगा, बल्कि पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार भी युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, कौशल विकास को प्राथमिकता देने और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में रोजगार के स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है, इसलिए युवाओं को फ्यूचर-रेडी बनाना आवश्यक है। इसी दिशा में राज्य सरकार डिमांड-बेस्ड स्किल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि का राष्ट्र निर्माण में योगदान सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने “स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर” के निर्माण और दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना को इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें राष्ट्र का भावी प्रहरी बताया और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखें।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि युवाशक्ति के समर्पण, नवाचार और संकल्प से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता राकेश बेदी, मेजर प्राजुक्ता देसाई, आरजे काव्या सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

खेलों से होते हैं अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्य विकसितः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून स्थित बहुद्देशीय क्रीड़ा हॉल में 87वें इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चौंपियनशिप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने टेबल टेनिस खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि राज्य को पहली बार इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसके लिए भारतीय टेबल टेनिस महासंघ का भी आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त आधार है। खेलों के माध्यम से अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्य विकसित होते हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे न केवल अपने-अपने राज्यों का बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और संकल्प ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेबल टेनिस ऐसा खेल है जिसमें गति, संतुलन, तकनीक और मानसिक दृढ़ता का समन्वय आवश्यक होता है। यह खेल खिलाड़ियों को त्वरित निर्णय क्षमता, रणनीतिक सोच और आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है। ‘खेलो इंडिया’ एवं ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से भारत ने खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश वैश्विक मंचों पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों एवं कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता प्रधानमंत्री के खिलाड़ियों के प्रति विश्वास, प्रोत्साहन और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के माध्यम से उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में स्थापित किया गया है, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हार और जीत महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि खिलाड़ियों का जज्बा, अनुशासन और आत्मविश्वास ही उन्हें सच्चा विजेता बनाता है।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, अध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद कुलदीप बुटोला, उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा और उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन गुरुंग मौजूद थे।

एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने पहाड़ी बोली भाषा के शब्दों को दी अपने भाषण में जगह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-दून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुभारंभ पर उत्तराखंडवासियों से सीधे कनेक्ट किया। उन्होंने सिर पर ब्रहमकमल टोपी, भाषण के शुरूआत में गढ़वाली-कुमाऊंनी के छोटे-छोटे वाक्य रखे। मौके पर प्रधानमंत्री ने अपने चिर परिचित अंदाज में एक बार फिर साबित किया कि उत्तराखंड की प्रगति से उनका खास वास्ता है।

उन्होंने कहा एक्सप्रेस वे के निर्माण में मां डाटकाली के आशीर्वाद का प्रधानमंत्री ने खास तौर पर जिक्र किया। ये भी जोड़ा कि देहरादून पर मां डाटकाली की कृपा है। उत्तराखंड से लगे उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में स्थित संतला माता मंदिर का भी उन्होंने स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने हरिद्वार कुंभ, नंदा राजजात से लेकर पंच बदरी, पंच केदार, पंच प्रयाग का भी प्रभावपूर्ण जिक्र कर जबरदस्त लोकल कनेक्ट किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेे जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित समारोह में 210 किमी लंबे, दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रिमोट बटन दबाकर लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने गढ़ी कैंट तक 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में प्रतिभाग करने के साथ ही डाटकाली मंदिर में दर्शन करने के उपरांत पूजा भी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गढ़ी कैंट में आयोजित, समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को बैसाखी और बिहू पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तराखंड में स्थित पवित्र चार धामों की भी यात्रा शुरु होने वाली है, जिसका देशभर के आस्थावान लोग प्रतीक्षा करते हैं। दिल्ली- देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से चारधाम के यात्रियों को भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य अपने स्थापना के 26वें प्रवेश कर चुका है, अब राज्य की प्रगति में दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले उन्होंने बाबा केदार की धरती पर अनायास ही कहा था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड के नाम होने जा रहा है, उन्हें यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि डबल इंजन वाली सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से उत्तराखंड तेजी से इस राह पर बढ़ रहा है।

उत्तराखंड ने देश को दिखाई राह
प्रधानमंत्री ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ बीआर अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बीते एक दशक से उनकी सरकार ने जो भी निर्णय लिए वो देश के संविधान की गरिमा को बढ़ाने वाले साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति और देश से माओवाद खत्म होने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड ने संविधान की भावना के अनुरूप, समान नागरिक संहिता लागू कर, पूरे देश को नई राह दिखाई है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्याय पूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित रहा है, केंद्र सरकार भी इसी भावना के साथ हर गरीब को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि देश का संतुलित विकास, सबको सुविधा और सबकी समृद़धि ही सामाजिक न्याय का माध्यम बन सकती है। इसलिए बाबा साहेब भी औद्योगिकरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भरपूर वकालत करते थे।

सड़कें बनेगी भविष्य की रेखा
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में सड़क, रेलवे, रोपवे और वाटरवे की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग, भविष्य जानने के लिए हाथ की रेखाओं को दिखाने के लिए ज्योतिष शास्त्र की शरण में जाते हैं। आज इसी तरह सड़कें, राष्ट्र की भाग्य रेखाएं बनती जा रही हैं। उन्होनें कहा कि बीते एक दशक से सरकार विकसित भारत के लिए ऐसी ही भाग्यरेखाओं के निर्माण में जुटी हुई है। ये भाग्य रेखाएं, सिर्फ आर्थिकी का आधार नहीं बनेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी की समृद्धि की गारंटी भी बनेगी और यही मोदी की गारंटी भी है। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में सरकार ने इन विकास रेखाओं के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश किया है। वर्ष 2014 तक, पूरे देश के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर दो लाख करोड़ भी खर्च नहीं हो पाते थे, जबकि आज यह राशि छह गुना अधिक बढ़कर 12 लाख करोड़ के पार पहुंच चुकी है। इस दौरान अकेले उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़कों के इंतजार में पीढ़ियां बूढ़ी हो जाती थी, आज डबल इंजन की सरकार के कारण गांव गांव सड़क पहुंच रही है। इससे वीरान गांव फिर जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजना, केदारनाथ, हेमकुंड रोपवे जैसे परियोजनाएं उत्तराखंड की भाग्य रेखाएं बन रही हैं।

नए भारत में स्पीड और स्केल पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत जिस स्पीड और स्केल पर काम कर रहा है, उसकी चर्चा दुनियाभर में हो रही है। उन्होने कहा कि बीते कुछ महीनों के भीतर ही दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ है, साथ ही मेरठ तक मेट्रो पहुंची है, नोएडा में एयरपोर्ट शुरु हुआ है और अब दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर भी शुरु हो चुका है। इतने छोटे से क्षेत्र में इतना सबकुछ हो रहा है तो आप देशभर की प्रगति का आंकलन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में कई इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम चल रहा है। ये इकोनॉमी कॉरिडार प्रगति के नए द्वार बनने जा रहे हैं जिनसे हमारी उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली दृ देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जहां लोगों का आने जाने में समय बचेगा, वहीं ईंधन की खपत कम होने से किराया और माल भाड़ा भी बचेगा। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद, तेजी से बड़ी मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। इस शानदार एक्सप्रेस वे का सर्वाधिक लाभ उत्तराखंड के पर्यटन को मिलेगा ।

बारामासी पर्यटन की ओर बढ़ा उत्तराखंड
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड सरकार द्वारा विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और वेड इन उत्तराखंड जैसे अभियानों को बढ़ावा दिए जाने के लिए जारी प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि, अब उत्तराखंड बारामासी पर्यटन की तरफ बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने 2023 में अपनी आदि कैलाश- ओमपर्वत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि, पहले यहां साल में कुछ सौ लोग ही आते थे, जबकि 2025 में यह संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई है। इसी तरह उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा में आने वाले पयर्टकों और तीर्थयात्रियों की संख्या भी 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख पहुंच गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए, प्रगति, प्रकृति और संस्कृति को साथ रखा जाना जरूरी है। इसलिए आज हर निर्माण का इस त्रिवेणी को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें ध्यान देना होगा कि इंसानों के लिए होने वाले विकास कार्यों से वन्य जीवों को कोई कष्ट न हो। इसलिए दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर 12 किमी लंबा एलिवेट रोड बनाया गया है।

उत्तराखंड की पवित्रता का करें पालन
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के लोगों के साथ ही यहां आने वाले पयर्टकों से अपील करते हुए कहा कि वो देवभूमि की धरोहर बहुत पवित्र है, ऐसे स्थानों का साफ सुधरा रखना हम सबका कर्तव्य है। यहां जगह -जगह कूड़ा डालने, प्लास्टिक की बोतलें फेंकने से देवभूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचती है। इसलिए देवभूमि के तीर्थ स्थलों को स्वच्छ और सुंदर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले साल हरिद्वार में दिव्य, भव्य और स्वच्छ कुंभ मेले का आयोजन होगा, इसी के साथ उत्तराखंड में जल्द ही नंदा देवी राजजात भी आयोजित होने वाली है। ये यात्रा उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक चेतना का भी उदाहरण है, जिसमें मां नंदा को बेटी मानकर सम्मान के साथ विदा किया जाता है। उन्होंने कहा कि वो मां नंदा को प्रणाम करते हुए, विकसित भारत के निर्माण में माताओं बहनों की बड़ी भूमिका है।

2029 में आधी आबादी को मिलेगा पूरा हक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं को राजनैतिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए, संसद ने चार दशक के बाद नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कर दिया है, इससे लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तय हो गया है। अब इसे लागू करने में देर नहीं होने चाहिए, 2029 के लोकसभा और इससे आगे के विधानसभा चुनावों में इसे लागू किया जाना चाहिए। देश की इसी भावना के अनुरूप 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी दलों से इस संसोधन अधिनियम को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि, 2029 में देश की पचास प्रतिशत आबादी को उनका हक मिलकर रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश, 1962 में शहीद हुए बाबा जसवंत सिंह के शौर्य को भुला नहीं सकता। सैनिकों के सम्मान के क्रम में केंद्र सरकार ने वन रैंक, वन पेंशन लागू करते हुए पूर्व सैनिकों के खाते में सवा लाख करोड़ से अधिक की धनराशि जमा की है। जिसका लाभ उत्तराखंड के हजारों परिवारों को भी मिला है। सरकार देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति को जोडते हुए विकसित भारत का संकल्प सच करने का प्रयास कर रही है।

पीएम-सीएम की फिर दिखी मजबूत बांडिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मजबूत बांडिंग एक बार फिर प्रदर्शित हुई। अपने संबोधन में प्रधाानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री के लिए लोकप्रिय, कर्मठ और युवा जैसे शब्दों का प्रयोग किया। जिस वक्त केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जनसभा को संबोधित कर रहे थे, उस दौरान मोदी-धामी के बीच किसी विषय पर वार्तालाप हुआ। मुख्यमंत्री की बात को गौर से सुनते हुए प्रधानमंत्री दिखाई दिए।

अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारतः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि उनका प्रत्येक दौरा उत्तराखंड के लिए नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड को ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने एशिया के सबसे लंबे ऐलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की सौगात मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में विशेष है। एक ओर जहां दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई गति मिल रही है, वहीं यह अवसर भीमराव अंबेडकर की जयंती का भी है। उन्होंने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक सौहार्द एवं समरसता को मजबूत करने के लिए वंचित वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और सिख नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे सांस्कृतिक वैभव और कृषि परंपराओं का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक बताकर सभी का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने सीमांत गांव माणा में आकर उसे देश का प्रथम गांव घोषित किया, इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन पर वेड इन उत्तराखंड का संदेश दिया। आदि-कैलाश का दर्शन कर इस तीर्थ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई, राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन से देवभूमि को खेलभूमि के रूप पहचान दिलाई, हर्षिल मुखबा से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अगले 25 वर्षों के लिए राज्य को एक नया विजन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का श्रेष्ठ राज्य बनने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ ष्विकास भी और विरासत भी’’ की अवधारणा के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन ष्अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत अब नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से जीत रहा है भारत अब अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार के साथ-साथ नवाचार में भी कीर्तिमान बना रहा है भारत कविता से किया। मुख्यमंत्री ने कविता के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को सराहा और आभार व्यक्त किया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा पर आधारित स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसमें मां नंदा की डोली, यात्रा की अगुवाई करते खाड़ू तथा स्थानीय लोगों का सुंदर चित्रण किया गया है।


उत्तराखंड में एक लाख 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर चल रहा कामः गडकरी

सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने रखा विकास परियोजनाओं का विवरण
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखण्ड के विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में करीब एक लाख 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

गडकरी ने कहा कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर छह लेन रोड़ का भी जून में उद्घाटन होने जा रहा है। इसी तरह 1650 करोड़ के लागत से पौंटा साहिब से देहरादून फोर लेन मार्ग अगले महीने तक शुरु हो जायेगा। 1600 करोड़ की लागत से हरिद्वार में फोर लेन ग्रीन फील्ड बाईपास फेज-1 अक्टूबर, 2026 तक पूरा हो जायेगा, जिससे हरिद्वार और ऋषिकेश जाने में ट्रेफिक जाम की समस्या हल होगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 1100 करोड़ की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है, जिस पर अगस्त तक काम शुरू हो जायेगा।

उन्होंने कहा कि 1050 करोड़ की लागत से 21 किमी. लम्बा रूद्रपुर में फोरलेन बाईपास इसी साल अक्टूबर और 936 करोड़ की लागत से 15 किमी. लम्बा काशीपुर से फोरलेन बाईपास दिसंबर 2026 में पूरा होगा। साथ ही 716 करोड़ की लागत से 12 किमी. लम्बा देहरादून – झाझरा – आशारोड़ी फोर लेन एलिवेडेट रोड़ अगले साल अप्रैल और 745 करोड़ की लागत से 20 किमी. लम्बा भानियावाला, जौलीग्रांट से ऋषिकेश तक फोर लेन मार्ग अप्रैल 2028 तक पूरा होगा। साथ ही साथ 800 करोड़ की लागत से श्रीनगर में भी टू लेन बाईपास की भी डीपीआर बन रही है।

उन्होंने कहा कि पहले हमें मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल और चीन से होकर जाना पड़ता था। लेकिन अब 5200 करोड़ रूपये की लागत से टनकपुर-पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख तक मार्ग बनाया जा रहा है। 370 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में से करीब 200 किमी. का कार्य पूरा हो चुका है।इसी तरह 12 हजार करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 825 किमी लंबी चारधाम सड़क परियोजना में 640 किमी. का काम पूरा हो चुका है। 1300 करोड़ की लागत से रूद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक का कार्य दिसम्बर 2026 तक शुरू किया जायेगा। इसके साथ-साथ गंगोत्री धाम जाने के लिए 142 किमी का काम पूरा हुआ है और बाकी 100 किमी. का काम चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। यमुनोत्री धाम में 2500 करोड़ की लागत से धरासू से यमुनोत्री तक 46 किमी. का काम पूरा हो चुका है तथा 30 किमी. का काम अप्रैल, 2028 तक पूरा हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार सोनप्रयाग – केदारनाथ रोपवे और गोंविदघाट से हेमकुंड साहिब पर भी काम कर रही है। प्रदेश में अनेक जगहों पर टनल भी बनाई जा रही है।

कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल ले.ज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, रेखा आर्य, खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, मदन कौशिक, राम सिंह कैड़ा, भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा, सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, नरेश बंसल उपस्थित हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।

देवभूमि में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत, 12 किमी लंबे रोड शो में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण के अवसर पर देहरादून पहुंचे, जहां उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना से की, जहां उन्होंने देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने देहरादून कैंट स्थित सभा स्थल तक लगभग 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। यह रोड शो कई मायनों में खास रहा, क्योंकि बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे लंबा रोड शो है।

रोड शो के दौरान सड़कों के दोनों ओर हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं और आमजन मौजूद रहे। “भारत माता की जय” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और हर कोई प्रधानमंत्री की एक झलक पाने को उत्सुक नजर आया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। जनता के इस अपार प्रेम और समर्थन से वे बेहद प्रसन्न और उत्साहित दिखाई दिए।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने इस अभूतपूर्व स्वागत का जिक्र करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से उन्हें हमेशा विशेष ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें देश के विकास के लिए और अधिक प्रेरित करता है, और वे इस बार भी उत्तराखंड से नई ऊर्जा लेकर जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रोड शो में उमड़े जन सैलाब और लोगों के प्यार पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में जनता का प्यार देखते हुए वह तेजी से वाहन चलवाकर जनसभा में नहीं पहुंच पाए । लोगों का अभिवादन करने के लिए उनके वाहन को हल्के हल्के चलाया गया और इस कारण जनसभा में पहुंचने में एक घंटे से अधिक का विलंब हो गया। इसके लिए उन्होंने जनसभा में उपस्थित लोगों से क्षमा मांगी ।

यह भव्य रोड शो न केवल इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व को दर्शाता है, बल्कि उत्तराखंड की जनता और प्रधानमंत्री के बीच गहरे जुड़ाव को भी प्रदर्शित करता है।