सीएम धामी ने स्वेच्छा से स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग कर किया श्रमदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बल्लूपुर चौक में नगर निगम, देहरादून द्वारा आयोजित “स्वेच्छा से स्वच्छता” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रदेशवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सफाई अभियान में भाग लेते हुए जनसामान्य को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

नगर निगम, देहरादून द्वारा 7 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक चलाए गए इस विशेष सफाई अभियान का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाना है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न वार्डों में सफाई, कूड़ा निस्तारण तथा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए। जब तक प्रत्येक नागरिक स्वेच्छा से इस दिशा में योगदान नहीं देगा, तब तक स्थायी परिवर्तन संभव नहीं है। हमें अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम, देहरादून के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं, ताकि स्वच्छता के प्रति जागरूकता निरंतर बनी रहे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, विधायक सविता कपूर, महामंत्री संगठन अजेय कुमार एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

डीएवी कॉलेज के छात्रसंघ समारोह में पहुंचे सीएम धामी, दिया संबोधन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून में आयोजित छात्रसंघ समारोह में प्रतिभाग करते हुए छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्य शक्ति बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं। उनकी ऊर्जा, संकल्प और नवाचार की सोच ही भारत के विकास की दिशा निर्धारित करती है। उन्होंने छात्र राजनीति को नेतृत्व विकास, संगठन क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठनों से जुड़कर युवाओं में राष्ट्र सेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि परिषद के कार्यकर्ता, शिक्षा संस्थानों से लेकर देश की सीमाओं तक राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महान समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण करना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें ‘मेक इन इंडिया’, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलें शामिल हैं, जिन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसे परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना, 20 मॉडल कॉलेजों का निर्माण, महिला छात्रावास, आईटी लैब एवं परीक्षा भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए नई भर्तियां भी की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डी०ए०वी० पीजी कॉलेज के अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शैक्षणिक ब्लॉक की छत पर दो अतिरिक्त तल (प्रथम एवं द्वितीय) के निर्माण की घोषणा भी की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, रामसिंह कैड़ा, विधायक उमेश कुमार, प्राचार्य डी.ए.वी पीजी कॉलेज प्रो. कौशल कुमार, छात्र संघ अध्यक्ष ऋषभ मल्होत्रा, महामंत्री करन नेगी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।

बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।

पुत्र की मृत्यु उपरान्त 2023 से न्याय को भटकती मां को मिला डीएम का सहारा, नियोक्ता फर्म पर मुकदमा व लेबर कोर्ट में वाद दर्ज

जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनता दर्शन में आज 212 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने अपनी कोर टीम संग जनमानस की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
छबीलबाग कांवली रोड निवासी 82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई की उनका पुत्र 12-13 वर्षों से लापता है तथा 02 पोतों की जिम्मेदारी उनपर है घर के पानी का बिल 31657 बिल आया है उन्होंने जिलाधिकारी से बिल माफी की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जल संस्थान द्वारा ब्याज की धनराशि रू0 11487, वन टाइम सेटलमेंट कराते हुए शेष धनराशि 20170 रू0 रायफल फंड से जिला प्रशासन जल संस्थान के खाते में जमा कराई जा रही है।
विकासनगर निवासी मीना बंसल ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पुत्र वर्ष 2023 में डिक्शन होटल में दुर्घटना में गंभीर घायल होने पर उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी कम्पनी द्वारा कोई मुआवजा नही दिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने एएलसी को एफआईआर दर्ज कराने तथा लेबरकोर्ट में मामला दर्ज करते हुए 02 माह के भीतर प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए।
ऋषिकेश निवासी बुजुर्ग दम्पति नीलम अरोड़ा व उनके पति ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी पुत्रवधु द्वारा उनके घर में रहते हुये प्रार्थिनी एवं उसके पति के साथ अनावश्यक मारपीट करने, प्रताडित करने, गाली गलौज करने एवं जान से मारने की धमकी देते हैं जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम कोर्ट ऋषिकेश में वाद भरणपोषण एक्ट में वाद दर्ज करने के निर्देश दिए।
धर्मपुर निवासी रोशनी रावत ने जिलाधिकारी ने गुहार लगाई कि उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति उनकी 02 पुत्रियां है जिनकी शिक्षा-दीक्षा एवं लानपोषण में समस्या आ रही है जिस पर जिलाधिकारी ने रोशनी की दोनों पुत्रियों की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से कराने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
हर्रावाला निवासी बाबूराम मौर्य ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी भूमि से लगती हुई लघु सिंचाई विभाग की सरकारी नहर कुछ व्यक्तियों द्वारा बंद कर दी गई है जिससे भूमिधरों की गेंहू की फसल में पानी नही लग पाने से फसल खराब हो रही है, नहर को जेसीबी लगाकर पूर्णतः क्षतिग्रस्त कर दिया है। जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी, एसडीएम डोईवाला, अधि.अभि लघु सिंचाई को तत्काल कार्यवाही कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में अपर जिलाधिकारी वित एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्टेªट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजित सिंह, उप नगर आयुक्त नगर निगम संतोष पाण्डेय, उप जिलाधिकारी मुख्यालय कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग जितेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने किया दून बुक फेस्टिवल 2026 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित “दून बुक फेस्टिवल 2026” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाये गये स्टॉल का अवलोकन और गढ़वाली एवं कुमांऊनी पुस्तकों का विमोचन भी किया। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए साहित्यकारों, कलाकारों एवं साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह महोत्सव साहित्य, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है, जो समाज में ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 9 दिवसीय महोत्सव में विभिन्न सत्रों, संवाद कार्यक्रमों, पुस्तक परिचर्चाओं तथा “लेखक से मिलिए” जैसे आयोजनों के माध्यम से साहित्यिक विमर्श को समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए स्थापित “चिल्ड्रेन पवेलियन” को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में पठन-पाठन की रुचि विकसित होगी।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि की इस पावन भूमि ने अनेक महान साहित्यकारों को जन्म दिया है और यह प्रदेश सदैव ज्ञान, संस्कृति एवं सृजन का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान”, “साहित्य भूषण” तथा अन्य पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में साहित्य ग्रामों की स्थापना की जा रही है, जिससे साहित्यकारों को सृजन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सकेगा तथा उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकें केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान का स्थायी स्रोत हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे विभिन्न अवसरों पर उपहार स्वरूप पुस्तकों एवं पौधों को प्रोत्साहित करें, जिससे समाज में ज्ञान और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूकता बढ़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड की साहित्यिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश की साहित्यिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, आचार्य बालकृष्ण, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिन्द मराठी, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक, देवभूमि उत्तराखण्ड युनवर्सिटी के उपाध्यक्ष अमन बंसल मौजूद थे।

धामी सरकार का मास्टर स्ट्रोक : देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर को मिलेगा स्मार्ट और जाम मुक्त परिवहन नेटवर्क

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड में आधुनिक और सुदृढ़ आधारभूत ढांचे के निर्माण की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक कॉरिडोर, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए कॉम्प्रीहेन्सिव मोबिलिटी प्लान (CMP)-2024 पर उच्चस्तरीय मंथन किया गया। आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक राज्य सचिवालय में आयोजित हुई, जिसमें इस पूरे कॉरिडोर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक की शुरुआत मैसर्स यूएमटीसी द्वारा CMP-2024 के अद्यतन प्रस्तावों के प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसमें देहरादून (देहरादून शहर, विकासनगर, ऋषिकेश) और हरिद्वार (हरिद्वार शहर, रुड़की, भगवानपुर) क्षेत्र की मौजूदा यातायात चुनौतियों और उनके समाधान को विस्तार से रखा गया। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजना के तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया। सचिव आवास ने निर्देश दिए कि CMP के सभी प्रस्तावों को संबंधित मास्टर प्लान में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि आने वाले समय में शहरी परिवहन अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में तैयार होने वाली सभी योजनाओं में एकीकृत परिवहन प्रणाली की अवधारणा को केंद्र में रखा जाए।

*बढ़ते यातायात दबाव का समाधान, लोगों को मिलेगा राहतभरा सफर*
देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर वर्तमान में राज्य का सबसे व्यस्त क्षेत्र बन चुका है। SIDCUL जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, तेजी से हो रहे शहरीकरण और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि के चलते यहां यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पीक आवर्स में जाम, अव्यवस्थित पार्किंग, सीमित सड़क क्षमता और सार्वजनिक परिवहन की कमी जैसी समस्याएं आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। CMP-2024 इन चुनौतियों का दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है, जिससे आमजन को राहत मिलने की उम्मीद है। इस योजना के तहत परिवहन को लोग-केंद्रित, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और पैदल व साइकिल चालकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में कई ठोस कदम प्रस्तावित किए गए हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।

*ई-बीआरटीएस, रोपवे और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से बदलेगा कॉरिडोर का स्वरूप*
CMP-2024 के अंतर्गत कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जो इस पूरे कॉरिडोर की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती हैं। देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच लगभग 73 किलोमीटर लंबी ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) प्रणाली विकसित करने की योजना है, जिससे तीनों शहरों के बीच आवागमन तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। इसके अलावा हरिद्वार में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव है, जो विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा। धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए रोपवे परियोजनाओं का विकास भी इस योजना का अहम हिस्सा है, जिससे यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITS), आधुनिक सिग्नलिंग, पार्किंग प्रबंधन और बाईपास सड़कों के निर्माण पर भी जोर दिया गया है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के माध्यम से शहरों का समेकित विकास सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे परिवहन और शहरी जीवनशैली के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।

*कांवड़ और कुंभ जैसे आयोजनों में मिलेगी बड़ी राहत*
विशेषज्ञों का मानना है कि CMP-2024 के लागू होने से कांवड़ मेला और कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। हर साल लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से इस कॉरिडोर पर भारी दबाव पड़ता है, लेकिन नई योजना के लागू होने के बाद यातायात अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकेगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रशासन के लिए भी व्यवस्थाएं संभालना आसान होगा। कुल मिलाकर यह योजना धामी सरकार की विकासोन्मुखी और दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है, जो उत्तराखंड को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी. पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने CMP-2024 को राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

*सरकार की दूरदर्शी सोच, विकास को मिलेगी नई रफ्तार*
आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के प्रमुख शहरी क्षेत्रों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। CMP-2024 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें एकीकृत और आधुनिक परिवहन प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया है। हमारा उद्देश्य है कि देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनाया जाए। ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम), रोपवे, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जैसी योजनाएं न केवल यातायात समस्याओं का समाधान करेंगी, बल्कि राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति देंगी। आने वाले समय में यह कॉरिडोर देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने किया देहरादून से पिथौरागढ़ विमान सेवा का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून विमान सेवा का शुभारंभ किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामनवमी के शुभ अवसर पर देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए 42 सीटर विमान सेवा शुरु होने से पिथौरागढ़ – देहरादून का सफर एक घंटे में पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह विमान सेवा सामरिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब हवाई यात्रा करना केवल विशिष्ट और सम्पन्न वर्ग के लोगों के लिए ही संभव माना जाता था। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हवाई चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी हवाई यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2016 में UDAN योजना की शुरुआत कर देश में नागरिक विमानन के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात किया था। जिसके माध्यम से छोटे शहरों, दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर आम नागरिकों को सस्ती दरों पर हवाई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो दिन पूर्व ही उड़ान योजना 2.0 को मंजूरी प्रदान की है। जिसके अंतर्गत, आगामी 10 वर्षों में लगभग 29 हजार करोड़ रुपये के बजट से 100 नए हवाई अड्डों और 200 नए हेलीपैड के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना का विस्तार विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने तथा दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में सस्ती एवं सुगम हवाई सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

*जीवन रेखा बन चुकी है हवाई सेवाएं*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए हवाई सेवाएँ मात्र एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन चुकी है। दुर्गम और दूरस्थ अंचलों में आवश्यक सामग्री पहुँचाने से लेकर गंभीर रोगियों को त्वरित उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक लाने में हवाई सेवाएं कारगर साबित हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में उड़ान योजना के अंतर्गत राज्य में 26 हवाई मार्गों का संचालन किया जा रहा है। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए वर्ष 2023 में “उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी योजना” प्रारंभ की गई है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 6 हवाई मार्गों पर उड़ानों का नियमित संचालन किया जा रहा है। बीते चार वर्षों में प्रदेश में हेलिपोर्ट्स की संख्या 2 से बढ़कर 12 हो गई है। साथ ही, हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो चुकी है। उत्तराखंड को “बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम” जैसा राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।

*एक घंटे में पूरा होगा पिथौरागढ़ का सफर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून- पिथौरागढ़ हवाई सेवा के प्रारंभ होने से, पिथौरागढ़ के लोग एक घंटे में देहरादून तक पहुंच सकते हैं। इस सेवा से पिथौरागढ़ की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले हमारे सीमांत क्षेत्रों को वर्षों तक उपेक्षित रखा, जिस कारण इन क्षेत्रों में विकास की गति सीमित रही। आज केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं। इसी दिशा में चलते हुए पिथौरागढ़ और मुनस्यारी के बीच भी हेली सेवा प्रारंभ की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने का काम भी कर रही है। इसी क्रम में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री की उपस्थिति में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और उत्तराखंड सरकार के मध्य नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए एमओयू भी किया है, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र को और भी अधिक फायदा मिलेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने वीडियो संदेश के जरिए देहरादून- पिथौरागढ़ विमान सेवा के लिए अपनी शुभकामानाएं देते हुए राज्य में हवाई सुविधाओं को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया। समारोह में कैबिनेट मंत्री खजान दास, भरत चौधरी, विधायक बृजभूषण गैरोला, पूर्व विधायक चंद्रा पंत, दायित्वधारी हेमराज बिष्ट, एलाइंस एयर के सीएमडी अमित कुमार, उकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान, एसीईओ संजय टोलिया मौजूद थे।

सीएम धामी से की बार एसोसिएशन देहरादून के प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में बार एसोसिएशन देहरादून के अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड सरकार के सफलतापूर्वक चार वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं एवं राज्य के समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से अधिवक्ताओं के हितों के संरक्षण, न्यायालय परिसरों में सुविधाओं के विस्तार एवं न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस दौरान नई आपराधिक संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नई संहिताओं के लागू होने से न्याय प्रणाली अधिक सुदृढ़, त्वरित एवं जनोन्मुखी बनेगी। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिवक्ताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को प्रभावी बनाने में बार और बेंच के बीच समन्वय आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार न्यायिक अधोसंरचना के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। न्यायालय परिसरों का आधुनिकीकरण, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, ई-कोर्ट प्रणाली को बढ़ावा तथा न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की सुविधा हेतु बार भवनों के निर्माण, पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने, न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने तथा आमजन को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अधिवक्ताओं एवं बार संगठनों के सुझावों को प्राथमिकता के साथ लिया जाएगा तथा न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

देहरादून डीएम ने 136 से अधिक बालिकाओं की शिक्षा को किया पुनर्जीवित

ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में आज ‘‘ नंदा-सुनंदा’’ 14वें संस्करण का आयोजन किया गया। नवंरात्र के पावन अवसर पर जिलाधिकारी सविन बसंल ने नंदा-सुनंद देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर की देवियों की स्तुति। नंदा-सुनंदा देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा 2.03 लाख के चैक वितरित किए गए। जिला प्रशासन का प्राजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ से जनपद अंतर्गत अब तक 136 से अधिक असहाय जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा चुका है। यह पहल समाज के कमजोर वर्गों की बेटियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री का सकंल्प है कि जनमानस के विकास, शिक्षा आदि के लिए संचालित योजना के क्रियान्वयन में जिले स्तर पर यदि कहीं कोई गैप रह जाते हैं तो उनको भरते हुए जरूरममंदो को योजना से लाभान्वित किया जाना है।

मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’ का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि नंदा-सुनंदा देवी रूपी बालिकाओं को शिक्षित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है। इस योजना के माध्यम से ऐसी बालिकाओं को चिन्हित किया जा रहा है जिनके परिवार में किसी दुर्घटना/घटना से परिवार आर्थिक से शिक्षा बाधित हो गई है ऐसी होनहार बालिकाओं जिनमें शिक्षित होकर आगे बढने की ललक है उनकी शिक्षा को पुनर्जीवित कर सशक्त बनाना है।

जिलाधिकारी ने चयन समिति एंव ग्रांउड स्तर पर कार्य कर ही टीम के कार्यों की सराहना भी की। यदि हम किसी बेटी को सशक्त करते हैं तो पूरा कुल सशक्त होता है।

बनियावाला निवासी आराध्या सिंह जिनके पिता की मृत्यु होने के उपरान्त कक्षा 4की शिक्षा बाधित हो गई थी। ग्राम सुद्धोवाला निवासी मान्यता ठाकुर जिनके पिता लापता हैं तथा 05 भाई-बहन है तथा बड़ी बेटी विकलांग है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है बेटी की 10वीं शिक्षा बाधित हो गई है। मोलाराम कालोनी सहस्त्रधारा निवासी माही चौहान जिनके पिता की मृत्यु 2021 में हो गई है परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। एमडीडीए कालोनी डालनवाला निवासी नियति वासुदेव जिनके पिता नशे के आदी है नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती है परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है तथा कक्षा 06 की शिक्षा बाधित हो गई थी। नई बस्ती गुरूरोड पटेलनगर निवासी सोफिया अल्वी पिता की मृत्यु हो चुकी है परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है।

झंडाबाजार निवासी अनुष्का शर्मा पिता की मृत्यु 2022 में हो गई चुकी माता कपड़े की दुकान काम करती है परिवार की आर्थिक स्थिति रूप से अत्यंत कमजोर होने से कक्षा 9 की शिक्षा बाधित हो गई है। ओगल भट्टा सुभाषनगर निवासी नंन्दनी व नंदिता जिनके पिता 01 वर्ष से अलग रह रहे है तथा माता घरों मे साफ-सफाई कर घर का खर्चा चलाती हैं, माता हार्ट पेंशेंट है तथा नंदनी की कक्षा 6 व नंदिता की कक्षा 4 की शिक्षा बाधित हो गई है। हरिपुर रायवाला निवासी हर्षिता की जिनके पिता की मृत्यु हो गई है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बीकॉम की शिक्षा बाधित हो गई है। हर्रावाला निवासी त्रिशा जिनकी माता की कैंसर से मृत्यु हो गई है माता के उपचार पर अत्यधिक खर्चा होने के उपरान्त आर्थिक स्थिति खराब हो गई है पिता फीस देने में असमर्थ है तथा कक्षा 5 की शिक्षा बाधित हो गई थी सभी बालिकाओं की शिक्षा को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित कर दिया है। पारिवारिक घटनाओं से आर्थिक संकट में फंसे परिवार की बेटियों को प्रोजेक्ट नंदा-सुनदां से शिक्षा पुनर्जीवित सशक्त बनाने बेड़ा उठाया है अब तक 136 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बालिकाएं अपनी पढाई पर ध्यान दें प्रशासन आपकी आगे भी सहायता करता रहेगा। उन्होंने अपेक्षा की सफल होकर अपने जैसे अन्य जरूरतमंदो को आगे बढाएं। पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का यह प्रोजेक्ट सराहनीय है बालिकाओं एवं उनके परिजनों को पुलिस की सहायता की आवश्यकता है तो पुलिस सदैव तत्पर है।

कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने पर राज्य सरकार का जिला प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस योजना को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने किया सनातन परंपरा पर आधारित पंचांग कैलेंडर का भव्य विमोचन

हिन्दू नववर्ष के शुभ अवसर पर आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पंचांग कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने एवं जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी सनातन परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की परंपराएं केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली, सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग हैं। ऐसे में पंचांग कैलेंडर का प्रकाशन राज्य की इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंचांग कैलेंडर राज्यवासियों को न केवल तिथि, वार, पक्ष, मास, पर्व एवं विशेष दिवसों की सटीक जानकारी प्रदान करेगा, बल्कि पारंपरिक त्योहारों, व्रतों और धार्मिक आयोजनों की महत्ता से भी अवगत कराएगा। इससे लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं के साथ और अधिक गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस पंचांग में देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था स्थलों को विशेष रूप से स्थान दिया गया है। ये स्थल न केवल श्रद्धा के केंद्र हैं, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक भी हैं। इस प्रकार यह कैलेंडर एक जानकारीपरक दस्तावेज होने के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करने वाला प्रेरणादायक संकलन भी है।

मुख्यमंत्री ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह पंचांग कैलेंडर राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी सिद्ध होगा और आने वाले समय में इसे और अधिक समृद्ध एवं व्यापक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।