स्व. बहुगुणा का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर के निकट एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहुगुणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश एवं समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि बहुगुणा केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पित एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय अंचलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा ने पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की। उनके प्रयासों से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि बहुगुणा का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श और विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें जनहित में कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा जी का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा,खजान दास, विधायक दुर्गेश्वर लाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

देश की आधी आबादी को उसका हक दिलाने के प्रयास को लोकसभा में विपक्ष ने किया विफलः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउण्ड, देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री, हजारों की संख्या में मौजूद महिलाओं के साथ परेड ग्राउंड से घंटाघर तक जन आक्रोश पदयात्रा में भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनका अधिकार दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था। परंतु लोकसभा में संख्या बल के कारण बिल पारित नहीं हो पाया। उन्होंने कहा विपक्ष ने षड्यंत्र करके नारी शक्ति का अधिकार छिनने का काम किया है। उन्होंने कहा देश की नारी, अन्याय के विरुद्ध अवश्य आवाज उठाएगी क्योंकि अब नारी अपने अधिकारों के प्रति सजग हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री द्वारा देश की आधी आबादी को उसका हक दिलाने के प्रयास को लोकसभा में विपक्ष ने विफल करके देश के साथ महा पाप किया है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति को नए भारत के निर्माण का आधार माना है। महिलाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान, उज्ज्वला योजना, एवं जन धन योजना द्वारा करोड़ों बहनों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा, स्टार्टअप योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को सशक्त बनाने, लखपति दीदी योजना द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर महिलाओं को आगे बढ़ने का काम किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से देश के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएँ आगे आ रही हैं। आदिवासी समाज की बेटी, देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद तक पहुंची हैं। केंद्रिय मंत्री निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य में महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू किया गया है। इसके साथ राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन गई हैं।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, रेनू बिष्ट, रुचि भट्ट, दीप्ति रावत, नेहा जोशी, हिमानी, रश्मि रस्तोगी एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद थी।

दीक्षांत समारोह वर्षों के अनुशासित प्रयासों और त्याग की परिणति के साथ समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत भीः सीपी राधाकृष्णन

भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। ऋषिकेश को चिंतन और उपचार का वैश्विक केंद्र होने के साथ-साथ हिमालय का प्रवेश द्वार के रूप में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसा वातावरण दीक्षांत समारोह की गंभीरता को और भी गहरा कर देता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह न केवल वर्षों के अनुशासित प्रयासों और त्याग की परिणति है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत भी है। उन्होंने स्नातकों से समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाने का आग्रह किया।

कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों पर विचार करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सतत नवाचार और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारत के व्यापक टीकाकरण अभियान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त टीके लगाए गए, जिससे स्वास्थ्य सेवा तक समान पहुंच सुनिश्चित हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने लाभ के लिए नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए टीके विकसित किए हैं।

उपराष्ट्रपति ने भारत की वैक्सीन मैत्री पहल के माध्यम से वैश्विक जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया, जिसके तहत 100 से अधिक देशों को टीके उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘‘वसुधैव कुटुंबकम’’ की भावना को दर्शाती है और एक दयालु और जिम्मेदार वैश्विक भागीदार के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करती है।

स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में देश भर में स्थापित नए एम्स संस्थानों ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच को मजबूत किया है, उन्होंने कहा कि सुशासन लोगों की जरूरतों को समझने और उनकी सेवा करने में निहित है।

एम्स ऋषिकेश की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान नैदानिक देखभाल, शैक्षणिक क्षमता, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के क्षेत्र में उत्कृष्टता का एक आदर्श प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से टेलीमेडिसिन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा को अस्पताल परिसरों से आगे बढ़कर दूरस्थ और कम सुविधा प्राप्त आबादी तक पहुंचना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने हेली एम्बुलेंस सेवाओं और चार धाम यात्रा के दौरान तथा दूरस्थ क्षेत्रों में दवा वितरण के लिए ड्रोन के उपयोग जैसी नवोन्मेषी स्वास्थ्य सेवाओं की भी प्रशंसा की और इन्हें स्वास्थ्य सेवा वितरण में लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का प्रभावी समाधान बताया।

उपराष्ट्रपति ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे सहित क्षेत्र में अवसंरचना के तीव्र विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने समावेशी विकास को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के प्रयासों की सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा एक सार्वजनिक जिम्मेदारी है और राष्ट्र निर्माण में चिकित्सा पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले डॉक्टरों से निवारक देखभाल, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से योगदान देने और सहानुभूति, ईमानदारी और सेवा के मूल्यों का पालन करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का देवभूमि उत्तराखण्ड में हार्दिक स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन से युवा चिकित्सकों को राष्ट्रसेवा की नई ऊर्जा एवं दिशा प्राप्त होगी।

राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की साधना, समर्पण और सेवा भाव का उत्सव है तथा यह वह महत्वपूर्ण क्षण है, जब वर्षों की कठिन मेहनत एक नई जिम्मेदारी में परिवर्तित होती है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता में माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और राष्ट्र की अपेक्षाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सा का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ और आधुनिक अनुसंधान पद्धतियाँ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बना रही हैं। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश इस दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जो स्वास्थ्य तंत्र को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है।

राज्यपाल ने युवा चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का क्षेत्र है। मरीज केवल उपचार ही नहीं, बल्कि विश्वास और आशा लेकर चिकित्सक के पास आता है। ऐसे में चिकित्सकों का व्यवहार, सहानुभूति और समर्पण ही मरीज को सुरक्षा और विश्वास प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच अभी भी चुनौतीपूर्ण है और उन्होंने युवा चिकित्सकों से अपेक्षा है कि वे इन चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित करते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा प्रदान करें तथा समाज में विश्वास का संचार करें। उन्होंने आह्वान किया कि वे अपने जीवन में नैतिकता, ईमानदारी और सेवा के मूल्यों को सर्वाेपरि रखें तथा रोगी के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह अवसर विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है और चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का देवभूमि उत्तराखंड की जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने उपराष्ट्रपति के सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, जनसेवा के प्रति समर्पण और प्रेरणादायी जीवन यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वाेच्च माध्यम है, जिसे निष्ठा, संवेदनशीलता और करुणा के साथ निभाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित एम्स ऋषिकेश आज प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रक्षक संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां कैंसर उपचार, न्यूरोसर्जरी, रोबोटिक सर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। साथ ही, हेली एम्बुलेंस सेवा राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंह नगर में एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र की जनता को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयों की उपलब्धता तथा निःशुल्क पैथोलॉजिकल जांच जैसी योजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

समारोह केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उपाधि प्राप्त कर रहे डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा पेशा केवल करियर नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वाेच्च माध्यम है। उन्होंने मरीजों के विश्वास को बनाए रखने और हर परिस्थिति में उनके हित को सर्वाेपरि रखने का आह्वान किया, साथ ही नैतिकता और ईमानदारी को अपने कार्य का आधार बनाने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर हो रहे बदलावों के बीच डॉक्टरों के लिए आजीवन सीखते रहना आवश्यक है, ताकि बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, मरीजों के साथ प्रभावी संवाद को भी उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे विश्वास और उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट, एम्स ऋषिकेश के अध्यक्ष प्रो. राज बहादुर, एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डीन (अकादमिक) प्रो. सौरभ, संकाय सदस्यों, छात्रों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित कई गणमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया।

बारिश से क्षतिग्रस्त हुए पुल की कार्य प्रगति की जानकारी लेकर सीएम ने दिए जल्द निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बारिश से क्षतिग्रस्त हुए पुल की कार्य प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुल निर्माण का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को आवागमन में सुविधा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल देहरादून और मसूरी को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों का आवागमन होता है। उन्होंने कहा कि यातायात को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों ओर से आवागमन के लिए वैली ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है, जो दूसरी ओर से भी शीघ्र ही पूर्ण होकर संचालित हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थान पर स्थायी पुल का निर्माण कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है, जिसे आगामी 2 से 3 माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़कों एवं पुलों के सुदृढ़ीकरण हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सड़क एवं पुल निर्माण से संबंधित अनेक परियोजनाएं तेजी से क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा एवं आदि कैलास यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक अवसंरचनात्मक कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों की प्रगति की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

डीएम दरबारः निर्धन गंगा राम की पुत्री के विवाह के लिए 50 हजार मौके पर ही स्वीकृत

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जन दर्शन/जनता दरबार का आयोजन कर जनसमस्याओं का निस्तारण किया गया। जनता दरबार में उपस्थित फरियादियों ने भूमि विवाद, निजी भूमि का सीमांकन, अवैध कब्जा, फीस माफी, आर्थिक सहायता, बिजली-पानी बिल माफी, राशन कार्ड, मुआवजा से संबंधित कुल 239 शिकायतें एवं समस्याएँ जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। इसमें सबसे अधिक स्कूल फीस माफी को लेकर सामने आई। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बुजुर्ग नीलम ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पति की मृत्यु वर्ष 2020 में हो गई है तभी से उनकी आर्थिक स्थिति खराब है तथा मंदिर व भंडारों में भोजन कर अपना गुजर बसर कर रही है, उनका पानी का बिल रू0 18335 आया है जिसने माफ करने की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट को निर्देश दिए कि रू0 5579 धनराशि सेटलमेंट करते हुए शेष धन राशि 12776 का भुगतान जिला प्रशासन द्वारा जल संस्थान को कर दिया जाएगा।

समाज कल्याण से संबंधित मामलों में देहरादून निवासी गंगा राम को पुत्री विवाह हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के निर्देश समाज कल्याण अधिकारी को दिए गए। मालदेवता निवासी संध्या रमोला के पति के उपचार हेतु मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलाने के लिए प्रकरण अग्रसारित करने को कहा गया।

अजबपुर कलाम निवासी जरीना बानो के प्रकरण में, जिन्हें उनके पुत्र द्वारा घर से बेदखल कर दिया गया है, जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दायर करने के निर्देश दिए।

आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं एवं विधवाओं के प्रकरणों में जिलाधिकारी ने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। टर्नर रोड निवासी विधवा हसीना, प्रेम नगर निवासी कविता एवं रजनी कश्यप, राजपुर निवासी पायल गोयल तथा चंदरनगर निवासी नसीन द्वारा पुत्रियों की स्कूल फीस माफी की मांग पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) को आवश्यक पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

इसी क्रम में बीएससी नर्सिंग की एक छात्रा, जिसके पिता 50 प्रतिशत दिव्यांग हैं, को भी प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत सहायता दिलाने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच के उपरांत आवेदन प्रस्तुत कराने के निर्देश दिए गए। ऋषिकेश निवासी धीरज सिंह रावत, जो विगत दो वर्षों से कैंसर से पीड़ित हैं, की पुत्री की स्कूल फीस भी उक्त योजना के माध्यम से वहन करने के निर्देश दिए गए।

प्रेमनगर निवासी रजनी कश्यप, जिनके पति दुर्घटना के कारण दिव्यांग हो गए हैं, की पुत्री की फीस माफी हेतु भी प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

आतिशा खत्री, विधवा संतोषी नेगी तथा चंदरनगर निवासी सरिता की पुत्री की स्कूल फीस प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत वहन किए जाने के आवेदन पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास विभाग को समिति के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं कांवली रोड निवासी विधवा किरण धीमान की पुत्री की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत कराने तथा उनके पुत्र की स्कूल फीस माफी के लिए संबंधित विद्यालय (श्री गुरु राम राय स्कूल) प्रबंधन को जिला प्रशासन की ओर से अनुरोध पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, सरिता के रोजगार संबंधी प्रकरण में जिला प्रोबेशन अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

डांडीपुर निवासी विधवा मंजू देवी द्वारा सफेद राशन कार्ड बनाए जाने की मांग पर जिला पूर्ति अधिकारी को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खुडबुड़ा निवासी अनु के राशन कार्ड ब्लॉक होने की समस्या पर उसे अनब्लॉक कराने के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

शिवलोक कॉलोनी कावली रोड निवासी कनिष्का ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पति का निधन हो चुका है। अब तक उनके पिता ही उनका भरण-पोषण कर रहे थे, किंतु हाल ही में उनके पिता का भी दुर्घटना में घायल होने के कारण उपचार चल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। उन्होंने गृहकर (हाउस टैक्स) माफ करने की प्रार्थना पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को राइफल क्लब फंड से कनिष्का का गृहकर जमा कराने के निर्देश दिए।

अन्य प्रकरणों में वरिष्ठ नागरिक सूरज नाथ गौतम की एफआईआर दर्ज न किए जाने की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। धर्मपुर निवासी अंजू रानी की भूमि धोखाधड़ी के मामले में तहसीलदार को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

लखवाड़ बांध प्रभावितों-चतर सिंह, लुदर सिंह, महिपाल सिंह एवं रोशनकृद्वारा मुआवजा न मिलने की शिकायत पर संबंधित अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार में पहुंची फ्रीडम फाइटर समिति की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष आशा लाल ने जिलाधिकारी सविन बंसल के संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से जिले में बुजुर्गों, पीड़ित नागरिकों तथा महिलाओं को त्वरित एवं न्यायसंगत समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे सतत् और प्रभावी कार्यों को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने जिलाधिकारी को संविधान के अनुच्छेद-21 पर आधारित एक पुस्तक भेंट कर उनके प्रयासों के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया।

जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी(वि.रा) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रे राहुल आनंद, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

एलपीजी सिलेंडर कालाबाजारी पर डीएम दून ने लिया सख्त एक्शन, प्राथमिकी दर्ज

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सत्त प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है।
जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा निरंतर प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में क्यूआरटी को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सुधोवाला चौक से मांडूवाला मार्ग पर आनंदी हाउस के समीप एक मकान में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा है। सूचना का संज्ञान लेते हुए क्यूआरटी टीम द्वारा तत्काल मौके पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान मौके बरामद सामग्री को पुलिस के सहयोग से कब्जे में ले लिया गया हैं, जिनमें 19 किलोग्राम के 02 गैस सिलेंडर, 14 किलोग्राम के 04 गैस सिलेंडर, 01 इलेक्ट्रॉनिक कांटा, 01 हैंगिंग वेटिंग मशीन, 01 बांसुरी (रिफिलिंग उपकरण) जब्त किए गए हैं। मौके पर शिवम पुत्र मुकेश को अवैध रिफिलिंग कार्य करते हुए पाया गया। जांच में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 तथा एलपीजी (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। उक्त प्रकरण में संबंधित के विरुद्ध थाना प्रेमनगर में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं रिफिलिंग जैसे अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन की टीमें आगे भी जनपद में सत्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्यवाही जारी रखेंगी, जिससे उपभोक्ताओं को सुचारू एवं सुरक्षित रूप से एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 09 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 13913 से अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 1005 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।एलपीजी का घरेलू 25861 तथा व्यवसायिक का 4313 स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।

ऋषिकेश से चार धाम जाने वाली बसों को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित चारधाम यात्रा-2026 के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए स्थापित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने देश भर से आए श्रद्धालुओं का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा – आस्था, साधना और आत्मा को जोड़ने का मार्ग है। यह यात्रा हर कठिनाई को पार करने की शक्ति देती है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि यात्रा सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य हो। चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा माँ गंगा के आशीर्वाद से यात्रा हर साल नया कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दृढ़ संकल्पित है, वे स्वयं लगातार यात्रा की तैयारियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य, हर श्रद्धालु को सुरक्षा, सम्मान और दिव्य अनुभव प्रदान कराना है। हर श्रद्धालु देवभूमि में बिताए गए पलों की स्वर्णिम स्मृतियाँ अपने साथ लेकर जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों एवं यात्रा मार्ग में विशेष स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास है, इस पवित्रता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने इस वर्ष ग्रीन चारधाम यात्रा और प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ धाम का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार द्वारा यात्रा मार्गों पर नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी वाहनों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा जैसे हम अपने घर के मंदिर को साफ और पवित्र रखते हैं, वैसे ही देवभूमि को भी स्वच्छ और पवित्र बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में ₹ 12 हजार करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ है, जिससे यात्रा सुगम और तेज हो गई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य गतिमान हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत यात्रा मार्गों को सुगम बनाया गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक के लिए रोपवे परियोजनाओं का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा चारधाम यात्रा लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। इसलिए यात्रा के दौरान स्थानीय उत्पादों, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यात्रियों से अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने का भी आवाहन किया।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार, यात्रियों की सुविधा, सुगमता और स्वास्थ्य को लेकर पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने यात्रियों से निवेदन करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अवलोकन अवश्य करें। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य जांच करने के बाद ही यात्रा में आए। उन्होंने बताया केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो गया है। बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार हो जाएगा। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है।

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि परिवहन विभाग लगातार आगामी यात्रा की तैयारी कर रहा है। हमारा कर्तव्य है कि प्रदेश में आने वाले हर श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। उन्होंने बताया इस वर्ष यात्रा मार्ग में सिंगल लेन सड़कों, लैंडस्लाइड जोन, जैसे स्थानों पर शटल सर्विस की शुरुवात की गई है। इसके साथ मूवेबल शटल सर्विस के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध करवाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर एल.ई.डी लगाकर लोगों को जानकारियां दी जाएंगी।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, अध्यक्ष हेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट नरेंद्रजीत बिंद्रा, भास्करानंद भारद्वाज, जितेंद्र नेगी, अजय सिंह, मनोज ध्यानी, संजय शास्त्री, भोपाल सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत की पड़ताल की, मौके पर जानी स्थिति

सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायत को फाइलों में हल करने के बजाय, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मौके पर जाकर जन समस्याओं की पड़ताल की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्य में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए, अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
देहरादून के जाखन निवासी विवेक मदान ने, राजपुर रोड पर विद्युत लाइन अंडरग्राउंड किए जाने के कारण फुटपाथ को हुए नुकसान की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई थी। मदान ने शिकायत में उल्लेख किया था कि जाखन में पहले सड़क किनारे फुटपाथ बनाया गया, बाद में यूपीसीएल ने इस फुटपाथ को खोदकर, अंडरग्राउंड लाइन बिछा डाली। लेकिन इस दौरान मिट्टी का भरान ठीक से नहीं किया गया, जिस कारण फुटपाथ की टाइल्स बैठ गई हैं। इससे फुटपाथ का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करनी थी, लेकिन सीएम ने समीक्षा बैठक से पहले शिकायत की पड़ताल करने सीधे जाखन का रुख किया।

अपने मोबाइल से अधिकारियों को दिखाई हकीकत

मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता विवेक मदान को साथ लेकर अपने मोबाइल से ही अधिकारियों को वीडियो कॉल के जरिए फुटपाथ की स्थिति दिखाई। मुख्यमंत्री ने स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड होने के बावजूद कई जगह बिजली लाइन ऊपर दिखाई दे रही है। जिस कारण जन सामान्य को खतरा पैदा हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी प्लानिंग के साथ काम करें, वरना बार बार कार्य होने से एक और पब्लिक को परेशानी का सामना करता है, वहीं धन की भी बर्बादी होती है।

प्रदेश भर में चलाएं अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वे प्रदेश भर के आगामी दौरों पर इसी तरह नियमित निरीक्षण करेंगे। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि प्रदेश में यदि कहीं और भी इस तरह की शिकायत आ रही है तो उन्हें दूर किया जाए, इसके लिए प्रदेश भर में अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री इस दौरान स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से भी बातचीत की।

सीएस बर्द्धन ने देहरादून शहर के यातायात संतुलन को लेकर देहरादून मोबिलिटी प्लान की बैठक ली

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून शहर के यातायात संतुलन को लेकर देहरादून मोबिलिटी प्लान की बैठक ली।

मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर के बन जाने से सप्ताहांत एवं चारधाम यात्रा के कारण अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा. इसके लिए उन्होंने लगातार देहरादून के यातायात को अपग्रेड किए जाने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने इकोनॉमिक कॉरिडोर के बाद बढ़ने वाले यातायात के प्रबंधन के लिए शीघ्र यातायात प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आढ़त बाज़ार की रजिस्ट्री एवं मुआवजा का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने आढ़त बाज़ार के अंतर्गत हो भी ध्वस्तीकरण कार्य किया जाना है, उसे भी शीघ्र शुरू किया जाए। उन्होंने 15 मई, 2026 तक रजिस्ट्री कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निरंजनपुर मंडी को भी शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने हेतु तत्काल एक साईट सिलेक्शन कमेटी बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सचिवालय एवं परेड ग्राउंड के पास अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए फीजीबिलिटी एवं डीपीआर को शीघ्र तैयार कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने देहरादून के विभिन्न जंक्शनों के सुधारीकरण कार्य की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि कारगी चौक सुधारीकरण कार्य को तत्काल कराया जाए। बताया गया कि 4 जंक्शनों में कार्य प्रारम्भ हो गया है, 6 का प्रस्ताव गतिमान है। उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने बताया किआढ़त बाज़ार की 52 रजिस्ट्री कम्पलीट हो चुकी है, बाकी का कार्य गतिमान है।

मुख्य सचिव ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवहन विभाग को देहरादून के लिए बसों और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लगातार फॉलोअप करते हुए सितंबर तक देहरादून के रूट्स पर 100 बसें संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि नो पार्किंग में पार्किंग करने वाले लोगों पर चालान, लेफ्ट टर्न फ्री रखना जैसे छोटे छोटे परंतु महत्त्वपूर्ण कार्यों को लगातार प्रवर्तन कराया जाए। उन्होंने बड़े दिवसों पर शोभायात्रा एवं धरने प्रदर्शन आदि के दौरान ट्रैफिक प्लान का प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि टोइंग वैन्स की संख्या को बढ़ाया जाए। इसके लिए शीघ्र प्रस्ताव भेजा जाए।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को रात को ओवरस्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोके जाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जाने के निर्देश दिए। स्पीडब्रेकर, साईनेज आदि के साथ ही एएनपीआर कैमरों के द्वारा लगातार मॉनिटरिंग करायी जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि देहरादून के भीतर चिह्नित पार्किंग स्थलों, सरकारी एवं व्यावसायिक संस्थानों की पार्किंग कैपेसिटी को पूर्ण रूप से उपयोग किया जाए। उन्होंने यूपीसीएल द्वारा विद्युत के अंडरग्राउंड कार्य एवं गैस पाइप लाइन कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाने सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ. आर राजेश कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, एसएसपी देहरादून परमेन्द्र डोभाल सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः लोकभवन में राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने किया बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक भवन परिसर में बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास किया। लोक भवन परिसर में निर्मित किए जाने वाले इन भवनों में विभिन्न आवश्यक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा। प्रथम भवन में एक समेकित डिस्पेंसरी का निर्माण किया जाएगा, जिसमें आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक एवं एलोपैथिक चिकित्सा कक्ष शामिल होंगे। वहीं दूसरे भवन में सूचना परिसर एवं कैफेटेरिया, तृतीय भवन में लोक निर्माण विभाग कार्यालय एवं चतुर्थ भवन में उद्यान विभाग कार्यालय का निर्माण किया जाना है। इन भवनों का निर्माण पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप किया जाएगा, जिससे स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ किया जा सके।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इन नवीन भवनों के निर्माण से लोक भवन परिसर में विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे कार्यप्रणाली अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि आमजन को भी बेहतर एवं त्वरित सेवाएं प्राप्त होंगी। समेकित सुविधाओं के माध्यम से समय एवं संसाधनों की बचत होगी तथा कार्यों में दक्षता आएगी।

राज्यपाल ने कहा कि इस परियोजना में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत का समन्वय किया गया है, जो इसे विशिष्ट बनाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बहुउद्देशीय भवन लोक सेवा की भावना को और अधिक सशक्त करेगा तथा प्रशासनिक कार्यों के कुशल एवं प्रभावी निष्पादन में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोक भवन परिसर में विकसित की जा रही यह बहुउद्देशीय अवसंरचना सुशासन एवं सेवा प्रदान करने की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एक ही परिसर में विभिन्न विभागों एवं सुविधाओं के उपलब्ध होने से प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा तथा नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्राप्त होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भवनों का निर्माण पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप किए जाने से न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों एवं कारीगरों को भी प्रोत्साहन देगा।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, उप सचिव लक्ष्मण राम आर्य, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग नीरज त्रिपाठी, सहायक अभियंता दिवाकर धस्माना, अपर सहायक अभियंता अमित सेमवाल सहित लोक भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।