देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद सकुशल संपन्न हो चुकी हैं तीन परीक्षाएं

देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून उत्तराखंड में धामी सरकार लागू कर चुकी है और इसके लागू होने के बाद से राज्य में तीन परीक्षाएं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न भी हो गई हैं। ऐसे में परीक्षार्थियों को भरमाने वालों को सरकार के लगातार छात्र हितैषी कदम रास नहीं आ रहे। यही वजह है कि छात्रों पर अपना बस न चलता देख विघ्नसंतोषियों ने परीक्षाओं को लेकर तमाम तरह के भ्रम फिर से फैलाने शुरू कर दिए हैं।
ये पुष्कर सिंह धामी ही हैं जिन्होंने परीक्षाओं में विगत कई वर्षों से चल रही धांधलियों का न केवल खुलासा करने की हिम्मत जुटाई बल्कि किसी के दबाव में न आते हुए बड़े से बड़े को जेल के अंदर डाल दिया। अब तक 60 से ज्यादा लोगों को विभिन्न परीक्षाओं में जेल भेजने वाले धामी यहीं नहीं रुके उन्होंने राज्य के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करते हुए देश का सबसे कड़ा कानून भी लागू करने में देर नहीं लगाई। जब विघ्नसंतोषियों और विरोधियों को लगने लगा कि यहां उनकी अब दाल नहीं गल रही तो उन्होंने पहले तो छात्रों को सीबीआई जांच के लिए बरगलाने का काम शुरू किया लेकिन राज्य के समझदार छात्र इस बात को समझ गए कि उन्हें केवल सीबीआई जांच के नाम पर मोहरा बनाया जा रहा है। जब छात्रों को भरमाने वालों को लगा कि अब तो उनकी राजनीति नहीं चल पा रही तो अबकी बार कनिष्ट सहायक भर्ती परीक्षा को लेकर ये फैला दिया कि परीक्षा के चारों सेट एक ही थे। यहां समझने की जरूरत है कि केवल सेट ही एक से आए। इससे कहीं ये साबित नहीं हो रहा कि परीक्षा में किसी तरह की कोई नकल हुई या फिर पेपर लीक हुआ लेकिन इस मामले को बेवजह अपना उल्लू सीधा करने के लिए कल से ही हवा देने के कुप्रयास किये जा रहे हैं। बता दें कि नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पीसीएस, कनिष्ठ सहायक व एक अन्य जो परीक्षा हुई उसमें कहीं भी कोई पेपर लीक, नकल होने जैसी बातें सामने नहीं आई। अब यही बात विघ्नसंतोषियों को हजम नहीं हो पा रही। छात्रों के बीच बैठे बेहरुपीये किसी भी तरह से अपने चेहरे को चमकाने और खुद को राजनीति में फिट करने के लिए कुछ भी करने को तैयार बैठे हैं जबकि युवा अब इनकी सारी बात समझ रहा है। वह समझ रहा है कि कौन चुनाव लड़ने की फिराक में उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री देंगे 824 एएनएम को नियुक्ति पत्र

स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 824 ए.एन.एम. पदों की भर्ती पर लगी रोक को नैनीताल हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के निर्णय के पश्चात सरकार शीघ्र ही चयनित अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने जा रही है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा कोर्ट के फैसले के पश्चात बताया गया की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही आरंभ की जाएगी तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिहं रावत द्वारा रोजगार मेले के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य सचिव द्वारा बताया गया कोर्ट के निर्णय के बाद शीघ्र ही चयनित 824 ए.एन.एम. प्रदेश की स्वास्थ्य इकाइयों में नियुक्ति हो जाने से प्रदेश के चिकित्सा इकाइयों में आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में तेजी आएगी। ए.एन.एम. अस्पताल, स्वास्थ्य कार्यक्रमों व परियोजनाओं के अनुरुप मरीजों को सुरक्षित एवं कारगर देखभाल के लिए नियुक्त होंगे साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चलाये जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भी सहयोग करेंगे।
ए.एन.एम. द्वारा सही तरीके से मरीजों को इलाज का ध्यान रखना है। मरीजों को समय समय पर दवाई देना एवं उन्हें देखभाल करना है। प्रथम उपचार, नुट्रिशन, सामान्य बीमारियों का उपचार प्रदान करना व बच्चों का टिकाकरण करवाना है तथा डॉक्टर के आदेशनुसार मरीजों को दवाई देना या मरीजों को दिए गए दवाइयों को लेने के लिए प्रोत्साहित करना है साथ ही आमजनमानस में जागरुकता को बढ़ावा देने का भी कार्य ए.एन.एम. द्वारा किया जाता है।

परीक्षा को लेकर सीएम ने दिये ये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कल रविवार को उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली कनिष्ठ सहायक परीक्षा हेतु सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं मुख्य पुलिस अधीक्षकों को कड़े निर्देश दिये हैं कि कनिष्ठ सहायक परीक्षा हेतु सम्पूर्ण व्यवस्था का निरीक्षण कर लें। परीक्षा शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से हो इसका पूर्ण ख्याल रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले सभी परिक्षार्थियों को शुभकामना देते हुए कहा कि वह सभी को विश्वास दिलाते हैं कि राज्य सरकार द्वारा नकल रोकने हेतु कड़े से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिये देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया है। किसी भी युवा साथी के भविष्य से खिलवाड़ नही होने दिया जायेगा।

होली त्यौहार को लेकर विशेष सतर्कता बरतें पुलिस विभागः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह विभाग तथा पुलिस विभाग को प्रदेश में होली पर्व के दृष्टिगत कानून व्यवस्था पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि होली को लेकर पुलिस विभाग पुख्ता इंतजाम करें। प्रदेश की सीमा से लगे जनपदों में विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होने पुलिस महानिदेशक को सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से इस सम्बन्ध में तैयारियों की समीक्षा के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुलिस अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रदेश में होली पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की कोई अव्यवस्था या अप्रिय घटना न होने पाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने गृह विभाग तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होली की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा की। पुलिस विभाग होली पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए अपनी तैयारियां समय से पूरी कर लें। पुलिस अधिकारी व्यवस्था पर निरन्तर निगरानी बनाएं रखे। आसामाजिक तत्वों व संदिग्ध लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाय। पुलिस तंत्र फील्ड पर सतर्क एवं सक्रिय रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उल्लास और उमंग का यह पर्व देवभूमि उत्तराखण्ड में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाए, यह परम्परा आगे भी बनाए रखनी है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार उपस्थित थे।

इंडियन डेंटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का हुआ सम्मान

अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा ने आईडीए की ऋषिकेश शाखा के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ मनोज कांडपाल व उनकी टीम के पद्दाधिकारियों को सम्मानित किया। इस मौके पर इंडियन डेंटल ऐसोसिएशन ने जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों में अपनी भागेदारी सुनिश्चित करने के साथ चरणबद्ध श्रंखला में निर्धन रोगियों के लिए निःशुल्क डेंटल कैंप आयोजित करने का संकल्प लिया।

गढ़वाल महासभा के देहरादून रोड़ स्थित कार्यालय में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे नेगी ने ऋषिकेश डेंटल एसोसिएशन के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ मनोज कांडपाल, उपाध्यक्ष डॉ मनीष भट्ट,सचिव डॉ नवीन शुक्ला एवं कोषाध्यक्ष डॉ लवित चन्डोक को शॉल ओढ़ाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस मौके पर आरडीए के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ मनोज कांडपाल ने कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य रहा है कि हर जरूरतमंद तक बेहतर एवं लाभकारी दंत चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सकें। इसके लिए एसोसिएशन द्वारा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र की मलिन बस्तियों में हर माह निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर महासभा के तमाम सदस्यों सहित मनोज नेगी,डॉ मयंक भट्ट,अंजली वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का सीएम ने किया उद्धाटन, यह मंत्री भी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित योग भरत घाट में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड देश की सांस्कृतिक राजधानी ही नहीं अपितु योग और वेलनेस का उत्कृष्ट केंद्र भी है। इसलिए राज्य सरकार प्रदेश में योग व वेलनेस केंद्रों का विकास करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। योग हमारे प्रदेश की प्राचीनतम परंपरा है, योग के माध्यम से उत्तराखंड के लोगों को देश विदेश में नई पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा योग के क्षेत्र में काम कर रहे उत्तराखंड के लोगों को सम्मानित किया जाना समस्त प्रदेशवासियों के लिए सम्मान का विषय है। यह हमारा सौभाग्य है कि इस अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में पद्मश्री से सम्मानित आदरणीय योगाचार्य स्वामी शिवानंद जी, रजनीकांत जी का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। योग महोत्सव में आगंतुकों को जहां एक ओर योग, ध्यान और प्राणायाम की बारीकियों को सीखने का मौका मिलता है, वहीं दूसरी ओर वे नाड़ी परीक्षण और आयुर्वेद शिविरों के माध्यम से अपनी समस्याओं का निःशुल्क समाधान भी पाते हैं।

उन्होंने कहा कि ऋषिकेश की आध्यात्मिक भूमि पर संध्या काल में गंगा आरती, भजन, संकीर्तन और आंचलिक लोक-संगीत की धुन योग महोत्सव में भाग लेने वालों को उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत से रूबरू कराने का कार्य करेगी। आज हम कितने तनावपूर्ण माहौल में क्यों न हों, कुछ मिनट का ध्यान हमें आराम देता है, हमारी क्षमताओं को बढ़ा देता है। इसलिए, हमें योग को एक अतिरिक्त काम के तौर पर नहीं लेना है, हमें योग को जानना भी है, हमें योग को जीना भी है, हमें योग को पाना भी है और हमें योग को अपनाना भी है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, विश्व को योग का संदेश दे रहा है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का महत्व और भी बढ़ जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा की ऋषिकेश की नैसर्गिक सुंदरता भी ऐसी है कि लोग स्वयं यहां प्रकृति का आनंद लेने के लिए आते हैं और योग महोत्सव के दौरान यह सौंदर्य और आनंद अपने चरम को छू लेता है। संपूर्ण विश्व में आज हमारे ऋषिकेश को योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी कहा जाता है, यह हम सभी के लिए बड़ी गौरव की बात है।

उन्होंने कहा की कुछ ही दिनों बाद यहां होने वाली जी20 बैठक के बाद तो ऋषिकेश की इस आध्यात्मिक भूमि से विश्व का कोना कोना परिचित हो जायेगा। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में घर-घर में योग का प्रचार हुआ है, आज योग ’पार्ट ऑफ लाइफ’ नहीं बल्कि अब ’वे ऑफ लाइफ’ बन चुका है। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों की तपस्थली ऋषिकेश जैसे भारत के आध्यात्मिक केन्द्रों ने जिस योग-ऊर्जा को सदियों से पोषित किया, आज वो योग ऊर्जा विश्व स्वास्थ्य को दिशा दे रही है। आज योग वैश्विक सहयोग का पारस्परिक आधार बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज योग मानव मात्र को निरोगी जीवन का विश्वास दे रहा है, आज दुनिया के अलग-अलग देशों में सूर्याेदय के साथ, सूर्य की गति के साथ, लोग योग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि कि इस महोत्सव में आयोजित होने वाले सत्रों की सार्थक चर्चा, हमारी सरकार को योग के क्षेत्र में और अधिक कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशन में उत्तराखण्ड की हमारी डबल इंजन की सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध होकर निरंतर कार्य कर रही है। आज जब पूरी दुनिया में हमारे प्रदेश की पहचान योग और आध्यात्म की जननी के रूप में है, तब हम सभी का दायित्व है कि इस पहचान को उत्कृष्टता प्रदान करने का कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चार धाम यात्रा यहां आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों को सुगम और सरल हो इसके लिये व्यापक तैयारियों की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बार की यात्रा में तमाम चुनौतियों के बावजूद 50 लाख से अधिक यात्री देवभूमि के दर्शन हेतु आये। इस बार अभी तक 1.51 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके है तथा जीएमवीएन को 4 करोड़ की बुकिंग प्राप्त हो चुकी है। होटल व्यवसायियों की भी बुकिंग यात्रियों द्वारा की जा रही है। इस अवसर मुख्यमंत्री ने आस्थापथ सेतु के विस्तार की भी घोषणा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पद्मश्री स्वामी शिवानन्द को सम्मानित किया। जबकि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा पद्मश्री रजनीकान्त को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री गंगा आरती में भी शामिल हुए, उन्होंने गंगा पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने योग पर आधारित आकर्षक ड्रोन शो का भी अवलोकन किया।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखण्ड के पर्यटन को नये आयाम प्रदान करेगा। इससे हमारे परम्परागत उत्पादों को भी पहचान मिलेगी। देश व दुनिया के लोगों को यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा की यहां की बर्ड वाचिंग के साथ कई क्षेत्रों में पहचान बन रही है। राज्य के अन्य पर्यटन क्षेत्रों को पहचान दिलाने का भी कार्य किया जा रहा है। वेडिंग डेस्टिनेशन को भी उत्तराखण्ड में प्रमोट करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे लोग यहां विवाह कर देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करें। अनेक धार्मिक सर्किटों के माध्यम से प्रदेश को पहचान दिलाने का कार्य भी किया जा रहा है। इससे पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि चारधाम के साथ लगे अन्य दर्शनीय स्थलों का भी भ्रमण करें।

सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने सभी आगन्तुको का स्वागत करते हुए अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। सचिव पर्यटन ने कहा कि यह योग महोत्सव उत्तराखण्ड के पर्यटन को बढ़ावा देने के हमारी अतिथि देवो भवः की परम्परा को और अधिक प्रभावी बनाने मे मददगार होगा। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2023 में 6 प्रतिष्ठित योग संस्थान भाग ले रहे हैं ईशा फाउंडेशन, आर्ट ऑफ लिविंग, रमामणि अयंगर स्मृति योग संस्थान, कैवल्यधाम, कृष्णमाचार्य योग मंदिरम तथा शिवानंद योग वेदांत सेंटर।

कार्यक्रम को कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल ने भी सम्बोधित किया।

सीएम का ऋषिकेश में भव्य स्वागत, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय कैंपस में 2519 लाख के कार्यो का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ऋषिकेश में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं० ललित मोहन शर्मा परिसार, के 2519.15 लाख लागत के शैक्षणिक, प्रशासनिक भवन का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय हेतु निर्धारित कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम पर आधारित “गढ़वाली भाषा एवं संस्कृति“ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया। इससे पूर्व नकल विरोधी कानून बनाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नगर में एक रोड शो निकाला गया। जिसमें युवाओं ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री का नगर में विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत भी किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पं०ल०मो०शर्मा परिसर, ऋषिकेश में वर्तमान में स्नातक स्तर पर संचालित पाठ्यक्रमों (गृह विज्ञान, समाजशास्त्र, संस्कृत, शिक्षा शास्त्र, संगीत) को स्नात्तकोत्तर स्तर पर संचालित किये जाने हेतु राज्य सरकार के स्तर से परीक्षण कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने पं०ल०मा०शर्मा परिसर, ऋषिकेश में स्नातकोत्तर स्तर पर संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों हिन्दी, इतिहास, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, भूविज्ञान एवं भूगोल में कार्यभार के अनुरूप भविष्य में पद सृजन किए जाने, विश्वविद्यालय परिसर के अधिकारियों एवं प्राध्यापकों हेतु विभिन टाईप के आवासों की डी.पी.आर बनाकर उस पर कार्य करने, ऋषिकेश क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का प्रेक्षागृह बनाए जाने पर भारत सरकार से आग्रह करने, ऋषिकेश क्षेत्र में पार्किंग हेतु स्थल का चयन एवं डीपीआर बनाने की भी बात कही। उन्होंने कहा प्रत्येक विधानसभा की प्रमुख 10 कार्य योजनाओं को राज्य सरकार गंभीरता के साथ उन योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल द्वारा दिये गये ऋषिकेश के विकास से सम्बन्धित ज्ञापन के विभिन्न विषयों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय श्रीदेव सुमन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान, विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों के विद्यार्थियों में राष्ट्रवाद की भावना का संचार किया। आज उच्च शिक्षा एवं देश की आजादी के लिए अदम्य साहस एवं सत्याग्रह के पर्याय श्रीदेव सुमन जी के विचारों से विद्यार्थियों में राष्ट्रवाद की भावना उत्पन्न करने का कार्य विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है। शिक्षा के सर्वश्रेष्ठ मापदंड स्थापित करने में उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। उच्च शिक्षा व्यक्ति और समाज के निर्माण के साथ व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उत्तराखंड में उच्च स्तरीय शिक्षा के माध्यम से उच्च कोटि के व्यक्तित्व का निर्माण करने में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की भूमिका एवम् प्रतिबद्धता, अभूतपूर्व है। विश्वविवद्यालय द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियां निश्चित रूप से विश्वविद्यालय के कुशल नेतृत्व और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के अथक परिश्रम का प्रतिफल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण विश्व हमारी शक्ति और ज्ञान परंपरा से परिचित हो रहा है। आज पूरा विश्व युवाओं के सामर्थ्य से लाभान्वित होने के लिए लालायित है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत वे सभी विभिन्न क्षेत्रों में समाज को नेतृत्व प्रदान करेंगे। आज का नया भारत अपनी प्राचीन शैक्षणिक व सांस्कृतिक पद्धति को केंद्र में रखते हुए नए बदलावों की ओर अग्रसर है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप नई शिक्षा नीति को अपनाया है। जो देश के युवाओं के संपूर्ण विकास मे अपनी की नींव रखेगी। भारत आज विज्ञान आधारित गर्वनेंस मॉडल की ओर अग्रसर है, जिसमें इकोलॉजी और इकोनॉमी का उचित समन्वय समाहित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में नकल विरोधी कानून को लागू किया जाना, उत्तराखंड के भविष्य यानि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा यह नकल विरोधी कानून स्कूल व कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं के लिए नही अपितु प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए है। आपराधिक रूप से परीक्षाओं में नकल करवाने वाले लोगों को यह सरकार जेल के अंदर डालेगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य में जी-20 की जिन 3 बैठकों का आयोजन होना है। उस दौरान हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का कार्य करेंगे। जी 20 के माध्यम से भारत लोकल टू ग्लोबल की दिशा में कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ के स्वप्न को साकार करने हेतु उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार के ‘सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड‘ निर्माण के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प‘ से 21वी सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिये प्रयासरत है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आगामी चार धाम यात्रा में पिछले वर्ष के मुकाबले और अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावनाएं हैं। जिसके लिए राज्य सरकार पूरी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि आप लोग भी सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।आगामी वर्षों में उत्तराखंड देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य हो, इस भावना के साथ हम सभी को साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल ने कहा कि नकल विरोधी कानून, सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण जैसे फैसलों से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में एक नया इतिहास बनाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड लगातार आगे बढ़ रहा है पूरे प्रदेश में आज चौतरफा विकास कार्य हो रहे हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मेयर अनिता ममगाई, कुलपति प्रो० महाबीर सिंह रावत (श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड वि०वि०), अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य महिला आयोग कुसुम कंडवाल, अपर सचिव उच्च शिक्षा प्रशांत आर्या, कुलसचिव खेमराज भट्ट, जिला अध्यक्ष भाजपा रविंदर सिंह राणा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

ईको टूरिज्म की गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिए जाने के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश का 72 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र होने के कारण ईको टूरिज्म की अत्यधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा वन क्षेत्र में विभिन्न ऐसी गतिविधियां हैं जो रोजगार सृजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय और जनपद स्तरीय समितियों का गठन किया जा रहा है। समिति में निजी क्षेत्र की भागीदारी से अधिक अच्छे सुझाव आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र में वन विभाग और वन क्षेत्र से बाहर वन से लगे क्षेत्रों में पर्यटन विभाग विभिन्न ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए।
मुख्य सचिव ने वन क्षेत्र में बंबू हाउसेज, साइक्लिंग ट्रेल, ईको हट्स और ट्री हाउसेज के लिए अत्यधिक संभावनाएं हैं। ये गतिविधियां रोजगार सृजन के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बायो डायवर्सिटी पार्क और बर्ड वॉचिंग के लिए स्थान चिन्हित कर प्रस्तुत तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेस्टिनेशन डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाना चाहिए। यह इंडिविजुअल प्रोडक्ट भी हो सकता है और किसी सर्किट के रूप में भी।
मुख्य सचिव ने प्रत्येक जनपद को ईको टूरिज्म कंसल्टेंट उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि इससे स्थान विशिष्ट योजना बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी जनपदों से जनपदवार प्रस्ताव भेजे जाने के निर्देश दिए। कहा कि कौन जनपद क्या कर रहा है इसकी जनपदवार रैंकिंग भी की जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस क्षेत्र में आयुष एवं हर्बल पार्क में भी अत्यधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को विभिन्न प्रकार के अनुभव एक जगह पर देने की आवश्यकता है। जनपद अपनी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं से अवगत कराएं, जिनका समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रखरखाव हेतु फंड की व्यवस्था की कमी के कारण विभिन्न योजनाएं बीच में बंद हो जाती हैं, ऐसी स्थिति से बचने के लिए इन योजनाओं के रखरखाव की दिशा में भी सिस्टम विकसित किया जा रहा है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) विनोद कुमार, सचिव सचिन कुर्वे, बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं विजय कुमार यादव सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

धामी की अधिकारियों को दो टूक-मंडलीय कार्यालय में नियमित बैठे अधिकारी

पौड़ी के मण्डल कार्यालयों को सशक्त बनाने के लिए मण्डल स्तरीय अधिकारी नियमित मण्डलीय कार्यालयों में बैठें। मण्डलायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र भी मण्डल कार्यालयों में बैठने का अपना पूरा रोस्टर जारी करें। जिससे जन समस्याओं का समाधान मण्डल स्तर पर भी हो सके। जिन मण्डलीय अधिकारियों को विभागीय निदेशालयों में भी अतिरिक्त प्रभार दिये गये हैं, यदि अति आवश्यक न हो तो उन्हें सिर्फ मण्डलीय कार्यालय में ही तैनात किया जाए। मण्डल मुख्यालय में संचालित विभागीय कार्यालयों में कार्यरत अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी अन्यत्र सम्बद्ध न किया जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री ने सचिवालय में जनपद पौडी़ के मण्डलीय मुख्यालय में मण्डल स्तरीय कार्यालयों के संचालन एवं पौड़ी के सर्वांगीण विकास के सबंध में समीक्षा बैठक के दौरान दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डल कार्यालयों को सशक्त बनाना जरूरी है, यह सुनिश्चित किया जाए कि अधिकांश जन समस्याओं का समाधान मण्डल स्तर तक अवश्य हो जाए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के सफल संचालन की गढ़वाल मण्डल के अधिकारियों पर बड़ी जिम्मेदारी है। चारधाम यात्रा के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से हों इसकी भी मण्डलायुक्त द्वारा नियमित समीक्षा की जाए। तकनीकि विभागों के अधिकारियों जिनका कार्यक्षेत्र गढ़वाल मण्डल है, उन्हें नियमित मण्डल मुख्यालय में रखा जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा पर जो श्रद्धालु आते हैं, उनको चारधामों के अलावा इसके आस-पास के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन आधारित क्षेत्रों की भी जानकारी दी जाए। प्रमुख स्थलों को और विकसित किया जाए। श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा के बाद कुमाऊॅ मण्डल के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाए, ताकि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड का पूरा भ्रमण कर सकें। सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी को निर्देश दिये कि जनपद के विकास के लिए जनपद स्तर पर जो कार्ययोजना बनाई गई है, इस कार्ययोजना पर तेजी से कार्य हो इसके लिए शासन स्तर पर संबंधित विभागीय सचिवों से सम्पर्क में रहकर जनपद में कार्य तेजी से किये जाएं। उन्होंने कहा कि जनपद के विकास के लिए जो कार्ययोजना बनाई गई है इसमें धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों, विभिन्न क्षेत्रों की कनेक्टिविटी एवं लोगों के आजीविका बढ़ाने के उद्देश्य से अच्छी कार्ययोजना बनाई गई है। पौड़ी को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना भी बनाई जाए।
जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चौहान ने वर्चुअल माध्यम से पौड़ी जनपद के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार की गई योजना का विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने कहा कि प्रेमनगर, गडोली, बुआखाल बाईपास बनना जरूरी है, इसके बनने से जाम की समस्या का समाधान होगा और चारधाम यात्रा के लिए कोटद्वार की साइड से जाने में भी श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। ज्वालपा देवी-गडोली, सतपुलि-दुगड्डा एवं गडोली पाबो के बीच टनल बन जायेगा तो इससे लोगों को काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि पौड़ी में बस डिपो के लिए दो स्थानों का चयन किया गया गया है। जिलाधिकारी पौड़ी ने कहा कि कोटद्वार तहसील में मल्टीस्टोरी प्लाजा के लिए काफी जगह है, इसमें तहसील के अलावा मल्टीस्टोरी बिल्डिंग एवं पार्किंग की अच्छी व्यवस्था हो सकती है।
जिलाधिकारी पौड़ी ने कहा कि रांसी स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप हाई अल्टीट्यूड स्पोर्ट्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के रूप में विकसित किये जाने की योजना बनाई जा रही है। पौड़ी में माउण्टेन म्यूजियम का प्रस्ताव भी रखा गया है।
ल्वाली एवं सतपुली लेक में वाटर स्पोर्ट्स की अच्छी संभावनाएं हैं, इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। कोडियाला एवं देवप्रयाग में रिवर राफ्टिंग को बढ़ावा दिया जायेगा। लैंसडाउन में 4.5 लाख लीटर के वाटर टेंक बनाने की आवश्यकता है।
बैठक में विधायक रेनू बिष्ट, राजकुमार पोरी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, अरविन्द सिंह ह्यांकी, एच.सी. सेमवाल, गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, अपर सचिव विनीत कुमार, उदयराज, जगदीश चन्द्र काण्डपाल एवं सबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राजस्व प्राप्ति की समीक्षा में सीएम ने अधिकारियों को दिये निर्देश

विभागों द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष अधिक से अधिक राजस्व प्राप्ति के प्रयास किये जाएं। विभिन्न विभागों एवं राजस्व बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का भी गहनता से अध्ययन किया जाए। जिन विभागों का लक्ष्य के हिसाब से राजस्व प्राप्ति कम है, इसके कारणों का गहनता से अध्ययन किया जाए, जहां पॉलिसी में सुधार की आवश्यकता है, वो करवाई जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राजस्व प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए अप्रैल में राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के सबंध में बैठक की जायेगी। जिसमें सभी विभाग लक्ष्य प्राप्ति के लिए अपनी पूरी योजना बतायेंगे। जिन विभागों का अभी लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति कम है, मुख्यमंत्री ने उन विभागों के सचिवों को निर्देश दिये कि इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक इसको अधिक से अधिक बढ़ाने के प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ऊर्जा, खनन एवं वन विभाग में राजस्व प्राप्ति बढ़ाने के लिए विभागों को विशेष प्रयासों की जरूरत है। विभागीय सचिव राजस्व बढ़ाने के लिए इसकी नियमित समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्राप्ति को बढ़ाने के लिए विभागों को ऑनलाईन सिस्टम पर अधिक ध्यान देना होगा। ऑनलाईन व्यवस्थाओं से जहां सबको कार्य करने में सुविधा होती है, वहीं सिस्टम पारदर्शी भी होता है। आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर अधिक ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति में कठिनाई आ रही है, इन समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय सचिवों को ही रास्ता निकालना है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए जब पूरा विश्लेषण होता है तो उसका समाधान अवश्य निकलता है।
बैठक में जानकारी दी गई कि राजस्व प्राप्ति के मुख्य स्रोत में एसजीएसटी, नोन-जीएसटी, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन फीस,परिवहन, स्टेट एक्साइज ड्यूटी में लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति की स्थिति अच्छी है। ऊर्जा, वन एवं खनन में लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति में और प्रयासों की जरूरत है।
बैठक में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, एच.सी. सेमवाल, बृजेश कुमार संत, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, अपर सचिव गण एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।