यमुनोत्री रोपवे प्रोजेक्ट के लिए पर्यटन विभाग ने किया अनुबंध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में यमुनोत्री रोपवे प्रोजेक्ट के लिए पर्यटन विभाग, निजी निर्माण कंपनी एस.आर.एम. इंजीनियरिंग एवं एफआईएल इंडस्ट्री प्रा. लि. के बीच अनुबंध किया गया। ले. कमान्डर दीपक खण्डूरी (से.नि.) निदेशक अवस्थापना एवं अविरल जैन ने एमओयू हस्ताक्षरित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस इस रोपवे परियोजना के पूर्ण होने के बाद यमुनोत्री धाम अपने शीतकालीन स्थल खरसाली से जुड़ जायेगा। इस रोपवे परियोजना के बनने के बाद श्रद्धालुओं को यमुनोत्री धाम के दर्शन करने में सुगमता होगी। अभी पैदल मार्ग से यमुनोत्री धाम पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 2 से 3 घण्टे का समय लग जाता है, रोपवे बन जाने के बाद मात्र 15 से 20 मिनट में श्रद्धालु यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंच जायेंगे एवं प्रदूषण मुक्त प्राकृतिक सौन्दर्य का लाभ उठा पायेंगे। इस रोपवे परियोजना के पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं को तो सुविधा मिलेगी ही साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों के रोजगार के संसाधन भी बढ़ेंगे।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि खरसाली से यमुनोत्री धाम तक बनने वाला यह रोपवे मॉ यमुना के ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन धामों को एक साथ जोड़ने एवं उत्तराखण्ड में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं में एक और नये अध्याय का कार्य करेगा। परियोजना का क्रियान्वयन तय सीमा में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने कहा कि जानकीचट्टी (खरसाली) से यमुनोत्री बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा साथ ही श्रद्धालुओं को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।
यमुनोत्री धाम के लिए बनने वाला 3.38 किमी लंबाई का यह रोपवे मोनोकेबल डिटैच्चेबल प्रकार का होगा। जिसका निर्माण यूरोपीय मानकों के अनुसार फ्रांस और स्विटजरलैंण्ड की तर्ज पर किया जायेगा। इस रोपवे की यात्री क्षमता एक घंटे में लगभग 500 लोगों को ले जाने की होगी। रोपवे के एक कोच की क्षमता आठ लोगों को ले जाने की होगी। यह रोपवे पर्यटन विभाग द्वारा पीपीपी मोड पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। यमुनोत्री को रोपवे से जोड़ने के साथ ही पार्किंग, आवासीय व्यवस्था, रेस्टोरेंट के निर्माण भी प्रस्तावित हैं। लगभग 166.82 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले रोपवे का लोअर टर्मिनल खरसाली में 1.787 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जायेगा, जबकि अपर टर्मिनल 0.99 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जायेगा।
इस अवसर पर विधायक यमुनोत्री संजय डोभाल, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (साहसिक विंग) कर्नल अश्वनि पुण्डीर (से.नि.), अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद, साहसिक खेल अधिकारी सीमा नौटियाल उपस्थित रहे।

स्कूली बच्चों को शिक्षा के साथ पोषण भी मिले-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की राज्य स्तरीय क्रियान्वयन समिति की 20वीं बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूली बच्चों को शिक्षा के साथ पोषण भी मिल सके इसके लिए योजना का सोशल ऑडिट के साथ ही स्थानीय लोगों से फीडबैक लेना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यालयों हेतु गठित निरीक्षण समितियों द्वारा अनुश्रवण सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने स्कूलों के किचन और खाने के बर्तन-थालियों आदि आवश्यक वस्तुओं के लिए कॉर्पस फंड भी बनाए जाने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि स्कूली बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री पोषण में मिलेट्स को शामिल करते हुए झंगोरे की खीर को मिड डे मील में शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में किचन एवं स्टोर आदि की मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। कहा कि जो भवन अधिक क्षतिग्रस्त हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत श्रीनगर, जनपद पौड़ी गढ़वाल में अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा केंद्रीयकृत किचन के निर्माण को स्वीकृति दी गई।
इस अवसर पर विधायक सहदेव पुंडीर, सचिव रविनाथ रमन, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सर्किल रेट बढ़ने से भूमि स्वामियों को फायदा मिलेगा-सुबोध उनियाल

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जमीनों के सर्किल रेट मे संशोधन को जन हित मे उचित बताते हुए कहा कि कोविड के बाद हुई वृद्धि से न केवल राजस्व वृद्धि होगी, बल्कि इससे विकास कार्याे को गति मिलेगी और काश्तकारों को भी भूमि का उचित मुआवजा मिलेगा। साथ ही क्रेता को वित्तीय संस्थानों और बैंको से तदनुरूप वित्त पोषण हो सकेगा।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सर्किल रेट संशोधन मे सभी पहलुओं का पूरा होमवर्क किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में कोविड महामारी के चलते सर्किल दरों को पुनरीक्षित नहीं किया गया। वर्ष 2022 में विकासात्मक गतिविधियां तीव्र होने के पश्चात् सम्पत्तियों के क्रय-विक्रय में वृद्धि होने के साथ-साथ उनके सम्पत्ति के मूल्य में वृद्धि हुई। सर्किल दरों को पुनरीक्षित करने में अनौपचारिक बाजारी सर्वे जैसे कि तहसीलदार, नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी आदि की रिपोर्ट, रियल स्टेट पोर्टल पर प्रख्यापित दरें, अधिक मूल्य पर पंजीकृत विलेखों के औसत के आधार पर प्राप्त दर, तहसील जनपद स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियों, अंर्तजनपदीय सीमाओं पर स्थित समतुल्य विकासात्मक दशाओं तथा नई टाउनशिप प्रोजेक्ट, प्रस्तावित राजमार्ग,/बाईपास आदि तथ्यों के अतिरिक्त जीआईएस मैपिंग आधारित अध्ययन का भी विश्लेषण किया गया। राज्य में कुल 49000 (86 प्रतिशत) क्षेत्रों में वृद्धि प्रतिशत 50 प्रतिशत से कम है. 5200 ( 9 प्रतिशत) क्षेत्रों में वृद्धि प्रतिशत 51-100 प्रतिशत के मध्य है तथा शेष 2832 (5 प्रतिशत) क्षेत्रों में वृद्धि प्रतिशत 100 प्रतिशत से अधिक है।
राज्य में 22912 कृषि क्षेत्रों के अंतर्गत 87 प्रतिशत क्षेत्रों में दरों की वृद्धि 50 प्रतिशत से कम है और इन क्षेत्रों में औसत प्रतिशत वृद्धि 32.47 प्रतिशत है। अकृषि क्षेत्र राज्य में 34082 अकृषि क्षेत्रों में से 85 प्रतिशत क्षेत्रों में दरों की वृद्धि 50 प्रतिशत कम है और इन क्षेत्रों में औसत प्रतिशत वृद्धि 34.83 प्रतिशत है। राज्य में उक्त वृद्धि 03 वर्ष के अंतराल पर की गई है। राजस्व को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एवं भूमि की बाजारी मूल्य में औसत वार्षिक वृद्धि को न्यूनतम 10 प्रतिशत की दर से लेते हुए सम्पूर्ण प्रदेश के 85 प्रतिशत क्षेत्रों में वृद्धि अधिकतम 10 प्रतिशत प्रति वर्ष तक है तथा औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की दर 7 प्रतिशत प्रति वर्ष को सम्मिलित करते हुए 17 प्रतिशत प्रति वर्ष है। पर्वतीय जनपदों के कृषि एवं अकृषि क्षेत्रों में औसत प्रतिशत वृद्धि 5 प्रतिशत प्रति वर्ष से कम है. जो कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से भी कम है। उल्लेखनीय है कि सर्किल दरों में विसंगति दूर करने के लिए 48 पर्वतीय क्षेत्रों में 40 प्रतिशत तक की कमी की गई है एवं सम्पूर्ण प्रदेश में 658 यूनिट ईकाईयों में कोई वृद्धि प्रस्तावित नहीं की गई है।
जनपद अल्मोड़ा के गरकोट, लोहेडा रीठा, कुनियाल गाव आदि कुल 47 क्षेत्रों के सर्कल रेट में 46 प्रतिशत तक की कमी की गयी है अर्थात 49 लाख से घटाकर 25 लाख प्रति हेक्टर की गयी है। जनपद देहरादून के विकासनगर के भलैर, पपडियान बावनधार, मदर्स एवं मटोगी आदि क्षेत्रों में कोई वृद्धि नहीं की गयी है। जनपद नैनीताल के डोली गांव जसपुरिया लाईन कसेरा लाईन खन्सय काला आगर आदि 33 क्षेत्रों में 10 प्रतिशत से कम वृद्धि की गयी है। जनपद हरिद्वार के रोशनाबाद-बिहारीगढ़ मार्ग पर सर्किल रेट में कोई वृद्धि नहीं की गयी है। हरिद्वार के अब्दुल हसनपुर अलमासपुर की दर 1300 से 1350 प्रति वर्ग मी० सलेमपुर बवाल 3350 से 3500 प्रति वर्ग मी० तानपुरा में 18000 से 10000 प्रति वर्ग भगवानपुर बजार मे खुर्द अलमासपुर इत्यादि 13 वृद्धि 10 प्रतिशत से भी कम है।
जनपद चमोली में बी एवं अन्य 626 क्षेत्र में वृद्धि 10 प्रतिशत से भी कम है। जनपद मे दानकोट कोटबासी धारको नरकोट जरी कोठीपाडा आदि कुल 200 क्षेत्री मे वृद्धि 10 प्रतिशत से भी कम है। जनपद के जनपद देहरादून के विकास नगर में इटावा आडिया डोईवाल जनपद हरिद्वार में एईएस रोड एवं जनपद नैनीताल के माल रोड के किनारे) क्षेत्रा में 50-100 प्रतिशत तक वृद्धि की गयी है। जनपद देहरादून के गुनियाल गांद जनपद हरिद्वार के बहादराबाद जनपद उपमहनगर के किच्छा में एम्स/पराग फॉम इण्डस्ट्रीयल पार्क एवं जनपद नैनीताल के सत्बुमा क्षेत्रों में 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गयी है। इन क्षेत्रों में विकास गतिविधियां जैसे कि नई टाउन शिप, प्रस्तावित नेशनल हाइवे रिंग रोड रेल परियोजनाएं एवं औद्योगिक विकास आदि के भी होने एवं औपचारिक बाजारी एवं रियल स्टेट पोर्टल पर उच्च दरें उपनिबंधक कार्यालयों में राज्य मूल्य पर लेख पत्र पंजीकृत होने के दृष्टिगत सर्किल दरी का पुनरीक्षण किया गया है।
सुबोध उनियाल ने कहा की सर्किल दरों के पुनरीक्षण से राजस्व वृद्धि के अतिरिक्त काश्तकारों की मुआवजा राशि में वृद्धि होगी और भू स्वामी को उचित दाम प्राप्त होगा। गृह स्वामी/व्यवसायियों एवं निवेशकों को वित्तीय संस्थाओं से समुचित वित्त की प्राप्ति होगी, जिससे विकास को गति मिलेगी एवं सर्किल दरों और प्रचलित वास्तविक बाजार दरों में अंतर को कम करने से रियल स्टेट में काले धन के प्रवाह को रोकने में सहायता प्राप्त होगी।

मंत्री चंदनराम दास ने ली लघु व ग्रामोद्योग विभाग की बैठक

लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री चन्दन राम दास द्वारा विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम तथा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के विकास करने तथा बेरोजगारी को दूर करने के उद्देश्य हेतु एम.एस.एम.ई. विभाग की भूमिका अहम है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को तत्परता तथा पारदर्शिता के आधार पर कार्य किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत 6000 ऋण वितरण के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक कुल 5714 ऋण वितरित किये जा चुके हैं तथा लगभग 1500 प्रक्रियाधीन हैं। अतः वित्तीय वर्ष में लक्ष्य से अधिक ऋण वितरित किये जाने की संभावना है। भारत सरकार की मुद्रा तथा स्वनिधि योजना संचालित होने के फलस्वरूप मुख्यमंत्री नैनो योजना के ऋण लक्ष्य 10000 के सापेक्ष 4198 ऋण वितरित किये जा चुके हैं। उन्होंन बताया कि मुख्यमंत्री नैनो योजना के नियमों में संशोधन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना हेतु स्वीकृत रु0 55.27 करोड़ के सापेक्ष 36.75 करोड़ खर्च किये जा चुके हैं तथा अन्य योजनाएं विभाग तथा बैंक में प्रक्रियाधीन हैं। एकल खिड़की योजना के अन्तर्गत रू0 10393 करोड़ का निवेश हो चुका है जिसके अन्तर्गत 1723 ईकाईयां लग चुकी हैं और लगभग 37000 रोजगार सृजित हुए हंै।

मंत्री द्वारा विभागीय अधिकारियों को विश्व बैंक प्रायोजित त्।डच् योजना के तहत एम.एस.एम.ई से सम्बन्धित सूचनाओं के प्रचार प्रसार उत्तराखण्ड स्टार्टअप नीति के तहत स्टार्टअप योजनाओं हेतु रू0 40 करोड़ का बजट आवंटन, प्राइवेट इंडस्ट्रियल स्टेट नीति के अन्तर्गत पहाड़ी क्षेत्रों में 2 एकड़ तथा मैदानी क्षेत्रों में 30 एकड़ क्षेत्रफल को विकसित किये जाने हेतु 10 लाख तक के अनुदान को पारदर्शी तरीके से वितरित किये जाने के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि इन्डस्ट्रियल पार्कों में खर्च को घटाने हेतु उत्तराखण्ड लोजिस्टिक नीति के अन्तर्गत लोजिस्टिक पार्क वेयरहाउस, कोल्डस्टोर, ट्रक टर्मिनल बनाये जाने हेतु अनुदान का प्रावधान किया गया है।

भारत में होने वाले आगामी जी-20 सम्मेलन उत्तराखण्ड राज्य में 02 स्थानों पर भी आयोजित किये जाने हेतु एम.एस.एम.ई. को जिम्मेदारी दी गयी है। मंत्री ने कहा कि उक्त आयोजन से उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों का प्रचार-प्रसार हो सकेगा।

समीक्षा बैठक में पंकज पाण्डेय, सचिव, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, रोहित मीणा, महानिदेशक उद्योग मुख्य कार्यपालक अधिकारी, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, देव कृष्ण तिवारी, अपर सचिव, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, सुधीर चन्द्र नौटियाल, निदेशक उद्योग तथा उद्योग विभाग एवं खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ मंत्री चंदन रामदास ने की समीक्षा बैठक

प्रदेश के परिवहन मंत्री चन्दन राम दास ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली।

मंत्री ने कहा कि ससमय तथा पारदर्शी सेवा प्रदान किये जाने से सम्बन्धित सेवा के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत परिवहन विभाग की पूर्व की 43 सेवाओं के अतिरिक्त 06 अन्य सेवाओं को भी सम्मिलित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कर ढांचे में सरलीकरण किये जाने के दृष्टिगत प्रवेश उपकर के स्थान पर ग्रीन सेस तथा आनलाइन शुल्क के रीफन्ड हेतु नियमावली में संशोधन किये जाने की प्रक्रिया गतिमान है।
मंत्री ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु नई सुरक्षा नीति का मसौदा, गति सीमा निर्धारण हेतु आरटी प्राधिकरण, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के चिन्हीकरण के साथ-साथ उक्त क्षेत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर क्रैश बैरियर लगाये जाने की प्रक्रिया गतिमान है। चालकों की क्षमता विकास हेतु आईटीडीआर जाझरा, देहरादून द्वारा वर्तमान वर्ष में 281 चालकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा 500 चालकों का प्रशिक्षण प्रस्तावित है। त्वरित सहायता हेतु एस.डी.आर.एफ.ध्रेडक्रासध् 108 के माध्यम से फर्स्ट रेस्पोन्डर प्रशिक्षण हेतु प्रत्येक जनपद को रु 1.00 लाख की धनराशि स्वीकृत की गयी है जिससे दुर्घटना के समय तत्काल प्राथमिक सहायता प्रदान की जा सके। इसके अतिरिक्त प्रत्येक सम्भाग व उपसम्भाग में सुरक्षा कोष खाता खोल दिया गया है।
मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले चालक व परिचालकों के आराम व भोजन की व्यवस्था हेतु चालक कल्याण योजना का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। दुर्घटना राहत निधि में मजिस्ट्रेट जांच की बाध्यता को समाप्त किये जाने तथा धनराशि रू0 2.00 लाख किये जाने का संशोधन प्रस्तावित है।
वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड 688 पुरानी गाड़ियो की नीलामी होने के फलस्वरूप राजस्व की प्राप्ति के साथ-साथ सम्भागीय परिवहन कार्यालय व पुलिस स्टेशन की साफ सफाई से सुन्दरता में बढोत्तरी हुई नीलामी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने हेतु भारत सरकार की एम. एस. टी. सी. कम्पनी द्वारा ई-आक्शन किये जाने हेतु करार किया जा चुका है।
मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि अन्तर्राज्यीय परिवहन नियमों के दृष्टिगत राज्य के बाहर दूसरे राज्यों में चलने वाले उत्तराखण्ड परिवहन निगम के वाहनों के किराया भाड़े में तत्समय बढ़ोतरी नहीं की गयी थी परन्तु वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गयी किराये भाड़े की बढ़ोत्तरी के फलस्वरूप उक्त रूट पर जाने वाली बसों के किराये भाड़े में बढ़ोत्तरी की गयी है।

मंत्री द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि पर्वतीय जनपदों में मोबाइल वैन के माध्यम से फिटनेस किये जाने हेतु मोबाइल फिटनेस वाहन का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेषित किया गया है। भारत सरकार द्वारा टनकपुर बस स्टेशन हेतु लगभग रु0 33 करोड़ अवमुक्त किया जा चुका है। बस स्टेशन के आधुनिकीकरण के सम्बन्ध में अवगत कराया कि हाइटेक बस स्टेशन में यात्रियों को सभी आधुनिक सुविधा के साथ- साथ अन्य सभी सुविधाएं भी स्टेशन पर ही उपलब्ध होगी।
समीक्षा बैठक में अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिव, परिवहन, रोहित मीणा, प्रबन्ध निदेशक, परिवहन निगम, दीपक जैन, महाप्रबन्धक, परिवहन निगम तथा परिवहन विभाग तथा परिवहन निगम के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मिलेगा पर्वतीय जनपदों को स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का लाभ-राजेश कुमार

प्रदेश के पर्वतीय जनपदों के लोगों को शीघ्र मिलेगा स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का लाभ यह बात स्वास्थ्य सचिव डॉ आर. राजेश कुमार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ‘यू कोट, वी पे’ के माध्यम से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के हुए साझात्कार में उत्साह को देखते हुए कही।
डॉ. आर राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि प्रदेश के पर्वतीय जनपदों में प्रायरू देखा गया है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, दवाईयां, आधुनिक चिकित्सा उपकरण की सुविधाएँ हैं पर प्रदेश के कुछ स्थानों पर स्पेशलिस्ट डाक्टरों के रिक्त पदों के कारण आमजन को पूर्णता सुविधाओं का लाभ नही मिल पा रहा था। शीघ्र ही इन रिक्त पदों पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति हो जाएगी, जिससे आम जन को गुणवत्ता पूर्ण उच्च स्वास्थ्य सुविधा अपने नजदीकी चिकित्सालय में मिल सकेगी ताकि स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ अपने ही क्षेत्र में मिल सके।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया की प्रथम चरण में 47 स्पेशलिस्ट डॉक्टर जिसमें पैथोलॉजिस्ट, गायनोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिक, सर्जन, पीडियाट्रिशन, ऑर्थोपेडिक, आदि ने साझात्कार में प्रतिभाग किया गया है। शीघ्र ही ‘यू कोट, वी पे’ मॉडल का दूसरा चरण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया चयनित डॉक्टरों की सूची तैयार कर जल्द नियुक्ति दी जाएगी जिससे की आमजन को स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

प्लास्टिक को ना कहने की आदत ही पर्यावरण को बचाएगी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आईटी पार्क देहरादून स्थित गौरा देवी पर्यावरण भवन में उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आयोजित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट कार्यशाला को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की पहली वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, काशीपुर ईकाई का वर्चुअल एवं प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर आधारित लघु फिल्म का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर आधारित स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस कार्यशाला में प्लास्टिक प्रदूषण से होने वाली चुनौतियों के निस्तारण के सबंध में की जाने वाली चर्चा निश्चित रूप से राज्य में पर्यावरण के मानक व स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि आज हमारे घरों, उद्योगों, होटलों, रेस्टोरेंट, प्रतिष्ठानों से निकलने वाला प्लास्टिक वेस्ट हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। इस चुनौती से निपटने के लिए हमें आधुनिक तकनीक से प्लास्टिक कचरे के रिसाइक्लिंग तकनीक को विकसित करने की दिशा में जागरूक और संवेदनशील बनने की आवश्यकता है। सिंगल यूज प्लास्टिक को हमारे जीवन की उपयोगिता से बाहर करने की दिशा में हम सबको सामूहिक रूप से अधिक गंभीर होने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्लास्टिक उत्पादन से संबंधित उद्योगध्इकाई द्वारा ई.पी.आर रजिस्ट्रेशन के सम्बन्ध में उत्तर भारत में उत्तराखण्ड वर्तमान में अग्रणी है, जो निश्चित रूप से एक गौरव का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला में किया जाने वाला मन्थन निश्चित रूप से हमारे उद्यमियों और आम जनता को अपने प्रतिष्ठान, घर, शहर और गांव के साथ ही पूरे राज्य को स्वच्छ बनाने में सहयोग करेगा। अब समय आ गया है कि हमें उत्तराखण्ड में वेस्ट टू वैल्थ और वेस्ट टू एनर्जी की दिशा में काम करने की ओर अग्रसर होना होगा। अब सर्कुलर इकोनॉमी का कॉन्सेप्ट आ चुका है, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में कारगर साबित होगा। कचरे को सिर्फ कचरा न समझ कर एक संसाधन के तौर पर देखने की आवश्यकता है। इससे आम लोगों को आजीविका के साथ-साथ रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध होंगे। आज देश में कई स्टार्टअप इस दिशा में नई तकनीक व उत्पाद के साथ सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता अभियान, शौचालय निर्माण, नमामि गंगे अभियान जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत करके सम्पूर्ण विश्व को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में स्वच्छ भारत अभियान के द्वारा तथा अन्य स्वच्छता कार्यक्रमों के माध्यम से प्लास्टिक हटाओ अभियान में तेजी आयी है। प्लास्टिक व अन्य प्रकार के वेस्ट मैनेजमेंट हेतु रिड्यूस, रियूज और रीसाइकिल के सिद्धान्त को अपनाते हुए भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा नीति, गाईडलाईन्स व एसओपी बनाये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में शुरू किया गया मिशन लाईफ हर व्यक्ति के जीवन से जुड़ा विषय है। यदि हम अपनी जीवनशैली में थोड़ा सा बदलाव करे तो आज पर्यावरण प्रदूषण की जो बड़ी चुनौती हमारे सामने खड़ी है, उससे निपटा जा सकता है और धरती को एक बड़े खतरे से बचाया जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण से सम्बन्धित जीवनशैली व दिनचर्या को अपनाते हुए हम पूरे विश्व को यह सन्देश दे सकते हैं कि हमारे प्रदेश व देश के नागरिक पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग व प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आर.के सुधांशु, निदेशक पर्यावरण एस. पी सुबुद्धि, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव सुशांत पटनायक, संयुक्त निदेशक पर्यावरण नितेश मणि, वर्चुअल माध्यम से विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर युगल किशोर पंत एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

मिश्र परिवार ने कराई ऐतिहासिक रही दंगल प्रतियोगिता

ऋषिकेश नगर निगम के प्रांगण में स्वर्गीय कमल नारायण मिश्र और स्वर्गीय शिव मोहन मिश्र की स्मृति में दंगल प्रतियोगिता आयोजित की गई। दंगल में विभिन्न प्रदेशों से आए पुरुष पहलवानों और रुड़की से आई महिला पहलवानों ने अपने दांव दिखाए।
लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के सहयोग से आयोजित दंगल में देश के विभिन्न शहरों से आए नामी-गिरामी पहलवानों ने अपने जबरदस्त दांव पेच से दर्शकों की जहां खूब तालियां बटोरी। वहीं कुछ हैरतअंगेज अदाओं से लोगों को दातों तले उंगली दबाने पर मजबूर भी कर दिया।
दर्शकों की खचाखच भीड़ के बीच दंगल का शुभारंभ भारत माता मंदिर के महामंडलेश्वर महाराज ललितानंद गिरी ने किया। दंगल में कुल 32 कुश्तियां आयोजित हुई जिसमें सबसे बड़ी इनामी कुश्ती ₹11000 की मेरठ के उमेश पहलवान और दिल्ली के जसविंदर पहलवान के बीच हुई लेकिन तमाम जोर आजमाइश के बावजूद बराबरी का मुकाबला रहा जिसके चलते दोनों पहलवानों को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया गया।
दोनों पहलवानों को दंगल के आयोजक ललित मोहन मिश्र और लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के अध्यक्ष रजत भोला ने ट्रॉफी एवं इनामी राशि प्रदान की।
लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने दंगल की अभूतपूर्व सफलता पर नगर वासियों का आभार जताया। ऋषिकेश का यह दंगल ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। दिल्ली मेरठ बिजनौर मध्य प्रदेश और अयोध्या, मध्यप्रदेश व उत्तराखंड के पहलवानों ने ऋषिकेश में अपना हुनर दिखाया। रेफरी जयप्रकाश ठेकेदार, राम प्रसाद भारद्वाज और श्याम बहादुर ने संयुक्तरुप से किया।
दंगल के दौरान लायंस क्लब डिवाइन के अध्यक्ष रजत भोला एवं उनकी पूरी टीम पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, पूर्व पार्षद रवि जैन, समाजसेवी अजय गर्ग, घनश्याम, नगर निगम पार्षद मनीष शर्मा, राकेश मियां, राजेंद्र सिंह बिष्ट, नरेंद्र मैनी, राजेश अग्रवाल, हरदेव पनेसर, विनय उनियाल, दीप सुनेजा, संदीप खुराना, जोगेंद्र कुमार, अभिषेक शर्मा, सुनील तिवारी, नागेंद्र सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कैबिनेट में लाया जायेगा परिषदीय परीक्षा अंक सुधार का प्रस्ताव

सूबे में समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में रिक्त बीआरपी-सीआरपी के 955 पदों को आउट सोर्स के माध्यम से भरा जायेगा, जिसके लिये नियमानुसार आउटसोर्स एजेंसी का चयन करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को एक विषय में अंक सुधार का मौका दिये जाने संबंधी प्रस्ताव आगामी कैबिनेट में लाया जायेगा।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आज सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव एवं वित्त सचिव सहित विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में रिक्त चल रहे बीआरपी-सीआरपी के करीब 955 पदों को शीघ्र ही आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से भरा जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार आउटसोर्स एजेंसी के चयन एवं बीआरपी-सीआरपी के रिक्त पदों को भरने हेतु शैक्षिक अर्हताएं तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं।
विभागीय मंत्री ने बताया कि गत वर्षों में विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाओं में काफी छात्र-छात्राएं एक विषय में कम अंक आने के कारण उत्तीर्ण नहीं हो पाये जबकि अन्य विषयों में उनके द्वारा अच्छे अंक प्राप्त किये गये। जिसे देखते हुये राज्य सरकार ने 10वीं एवं 12वीं की परिषदीय परीक्षाओं में एक विषय में अनुत्तीर्ण छात्रों के लिये अंक सुधार की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। जिसका प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जायेगा। बैठक में विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत अध्ययनरत मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना से अच्छादित करने का निर्णय लिया गया, जिस हेतु विभागीय अधिकारियों को आगामी कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिये गये।
शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में 31 मार्च से पहले विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना कर दी जायेगी इसके लिये कार्यदायी संस्था टीसीआईएल के अधिकारियों को नियत समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये है। डॉ0 रावत ने बताया कि राज्य के जिन विद्यालयों में छात्र संख्या 250 से अधिक है उनमें हाईब्रिड मोड में वर्चुअल एवं आईसीटी लैब की स्थापना की जायेगी जबकि शेष विद्यालयों में आईसीटी लैब ही स्थापित की जायेगी। शासन स्तर पर लम्बित एससीईआरटी के अंतर्गत शिक्षक-शिक्षा संवर्ग के ढांचे पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू, वित्त सचिव दिलीप जावलकर, सचिव राज्यपाल एवं विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, अपर निदेशक एवं प्रभारी निदेशक बेसिक शिक्षा आर.के. उनियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

विद्युत दरों के संबंध में जनसुनवाई की तिथियां जारी

प्रस्तावित विद्युत दरों के सम्बन्ध में विद्युत नियामक आयोग द्वारा जनसुनवाई आयोजित की जा रही है। आयोग के समक्ष उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लि., पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लि०, यूजेवीएन लि० तथा एस०एल०डी०सी० द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए दायर ए०आर०आर० एवं टैरिफ प्रस्ताव वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए सहीकरण तथा वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए वार्षिक निष्पादन समीक्षा पर उपभोक्ताओं व अन्य सम्बन्धित संस्थाओं, व्यक्तियों से सुझावों/मतों को जानने हेतु उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग द्वारा जन सुनवाई आयोजित की जा रही है।
सचिव विद्युत नियामक आयोग के अनुसार प्रदेश में जन सुनवाई के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 22 फरवरी, 2023 को प्रातः 10ः30 बजे से 01 बजे तक सभागार, नगर निगम, रूद्रपुर (उधम सिंह नगर), 24 फरवरी को प्रातः 10ः30 बजे से 12ः30 बजे तक सभागार, जिला पंचायत कार्यालय पिथौरागढ़, दिनांक 27 फरवरी को प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक सभागार नगर पालिका परिसर श्रीनगर गढ़वाल तथा 01 मार्च में प्रातः 10ः30 बजे से 01 बजे तक (उद्योग/अघरेलू श्रेणी उपभोक्ता) एवं अपरान्ह 03 बजे से सांय 5 बजे तक (उघोग/अघरेलू श्रेणी को छोडकर अन्य शेष सभी श्रेणी के उपभोक्ता) देहरादून स्थित सुनवाई कक्ष उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग, विघुत नियामक भवन, माजरा देहरादून में आयोजित की गई है।
सचिव विद्युत नियामक आयोग ने बताया है कि टैरिफ दरों के प्रस्ताव के सम्बन्ध में यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था अपना मत आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना चाहते हैं तो वे जन सुनवाई में प्रतिभाग कर सकते हैं। टैरिफ याचिका प्रस्तावों का अवलोकन आयोग की वैबसाइट www.uerc.gov.in पर किया जा सकता है।