आईएएस अधिकारियों को पूरी प्रशासनिक नेतृत्व क्षमता से कार्य करना होगा-मुख्यमंत्री

उत्तराखण्ड को 2025 तक देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी आई.ए.एस. अधिकारियों को पूरी प्रशासनिक नेतृत्व क्षमता से कार्य करना होगा। राज्य के समग्र विकास एवं जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स कांफ्रेंस के शुभारंभ के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए मसूरी में आयोजित चिंतन शिविर में जो सुझाव सामने आये हैं, उन सभी सुझावों को धरातल पर लाया जाए। जन समस्याओं के समाधान के लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि अपने कार्यों के लिए आम जन को अनावश्यक रूप से दफ्तरों में न आना पड़ें। फाईल सिस्टम को ऑनलाईन लाने पर फोकस किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शासन स्तर पर फाइलें अनावश्यक रूप से लम्बित न हों। जो फाइलें रूकी हैं, उनका दुबारा परीक्षण करवाया जाए। अनावश्यक रूप से फाइलें लंबित होने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाए। जनपदों में जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी की सरकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह सुनिश्चित किया जाए कि समाज के अंतिम पंक्ति पर खड़े लोगों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिले। सभी जनपदों के तहसील दिवस और बीडीसी की बैठकें नियमित रूप से की जाए। अधिकारियों का जन सामान्य के साथ अच्छा व्यवहार होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस पर ग्राम चौपाल का आयोजन किया जायेगा, इसमें सभी आई.ए.एस अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों में ग्राम चौपालों में प्रतिभाग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ जनपदों में जिलाधिकारियों द्वारा अपने कार्यों के साथ ही अतिरिक्त समय में जन सेवा के कार्य किये जा रहे हैं, यह सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने प्रशासनिक कार्यों के अलावा जिस क्षेत्र में दक्ष हैं, अगर अपनी दक्षता से जन सेवा कर रहे हैं, तो यह राज्य हित में एक अच्छा प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में भारत में जी-20 शिखर सम्मेलन होगा। जी-20 से दो दल उत्तराखण्ड भी आयेंगे। इस दौरान हम उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प एवं अन्य क्षेत्रों में क्या कर सकते हैं, इस कांफ्रेंस में इस पर व्यापक चर्चा की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी का अमृत काल शुरू हो चुका है, इस अवधि में राज्य में क्या महत्वपूर्ण कार्य हो सकते हैं, इस पर भी मंथन किया जाए। उन्होंने कहा कि समय प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने कहा कि आईएएस वीक का मूल मंत्र एक दूसरे को जानना है। इससे एक दूसरे के साथ रहने से जो बॉन्डिंग होती है, यह हमारी कार्यकुशलत बढ़ा देती है। इससे धीरे -धीरे हमारी ऑफिसियल वर्किंग में बहुत सुधार आता है। मुख्य सचिव ने कहा कि अपने कार्यालय में फैमिलियर माहौल बनाने से भी कुशलता बढ़ती है। जिलों में तैनात अधिकारियों से उन्होंने कहा कि जनपद की सड़क, बिजली, पानी की समस्या या आमजन की किसी भी प्रकार की समस्याओं को सुनने के लिए हम कितने संवेदनशील हैं, इससे बहुत फर्क पड़ता है। समस्याओं को दूर करने के लिए समस्याओं को समझना जरूरी है और उसके लिए अधिकारी के मन में आमजन के प्रति संवेदनशील होना जरूरी है। आप उनकी समस्याओं को समझ जाएंगे, और साथ ही यह भी समझ जाएंगे कि इनकी समस्याओं को हल करना आपकी जिम्मेदारी है, तो उस समस्या को हल करने का रास्ता आप निकाल ही लेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि हमें हमेशा सकारात्मक रहना है। यह हम सभी के लिए, हमारी सर्विस लाईफ और पर्सनल लाईफ दोनों के लिए बेहतर है। उन्होंने कहा कि नियम काम को आसान बनाने के लिए बने हैं। इंटरप्रिटेशन की बात है, कई अधिकारी कर्मचारी नियमों की इस प्रकार व्याख्या करते हैं कि रूल्स में यह नहीं लिखा कि यह हो सकता है, परंतु इसमें व्याख्या इस प्रकार भी तो सकती है कि यह कहां लिखा है कि आप यह नहीं कर सकते हैं। अधिकारी सकारात्मक होगा तो यह कहेगा कि आमजन के लिए लाभप्रद है, और इस काम के लिए रोका नहीं गया है तो किया जा सकता है। हमें सकारात्मक सोच रखनी है। मुख्य सचिव ने कहा कि आपको यदि कोई दिक्कत आती है तो आपके पास वरिष्ठ अधिकारी हैं, आपको लगता है कि इस मामले ने आपको कौन अधिकारी गाइड कर सकता है, उन्हें लेटर लिखने से पहले फोन लगाकर बात कर लें। मैं हमेशा आप लोगों के लिए उपलब्ध हूं।
मुख्य सचिव ने कहा कि हमारे प्रदेश में फूलों, फलों और सब्जी उत्पादन में बहुत अधिक सम्भावनाएं हैं। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिल सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में पॉलीहाऊस की बहुत अधिक मांग है, जिला प्लान से हम बहुत कम दे रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को 31 मार्च 2023 तक पॉलीहाऊस 100 प्रतिशत सैचुरेशन करने की बात कही। उन्होंने रिवर्स माईग्रेशन को रोकने के लिए ओल्ड एज लोगों से बात करके उन्हें शामिल करते हुए, उनकी आवश्यकताओं को जानकर उनके लिए सुविधाएं उपलब्ध कराकर रिवर्स माईग्रेशन को रोक सकते हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि हमें अपना दृष्टिकोण सकारात्मक रख कर संवेदनशील रहना है और करियर की शुरूआत में आईएएस ज्वाईन करते समय कुछ कर दिखाने का हम सपना देखते हैं, उसे मरने नहीं देना है। बहुत से ऑफिसर सर्विस ज्वाईन करने के बाद सोचते हैं कि नौकरी में आ गए अब सब खत्म, ये एंड नहीं है, ये बिगिनिंग है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली एवं अन्य आई.ए.एस अधिकारी उपस्थित रहे।

पुरातन छात्र रहे योगी आदित्यनाथ ने श्री भरत मंदिर परिवार से चर्चा की

श्री भरत मंदिर परिवार के सदस्यों ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के पुरातन छात्र रहे सीएम योगी से शिक्षा को बेहतर बनाने को लेकर चर्चा की।
शुक्रवार को श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य ने लखनऊ में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छात्र-छात्राओं को गीता ज्ञान, संस्कृति ज्ञान और नैतिक शिक्षा अवश्य दी जाए, जिससे एक अच्छे और उत्कृष्ट समाज का निर्माण हो सके। साथ ही बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने को भी प्रेरित किया जाए, ताकि बच्चे समाज में फैल रहे नशे से और अन्य कुरीतियों से भी बच सकें। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को उनकी रुचि और कौशल के हिसाब से आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज से संबंधित बातें भी पूछी। महंत वत्सल शर्मा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के पुरातन छात्र रहे हैं। उनसे स्कूल की पाठ्य प्रणाली, शिक्षा के विकास सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने बहुत आत्मीयता से शिष्टमंडल से बात की और सभी को शॉल और स्मृति चिन्ह से सम्मानित भी किया। सीएम योगी से मुलाकात करने वालों में वरुण शर्मा, प्रवक्ता जयकृत सिंह रावत आदि शामिल रहे।

धामी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की सराहना की

उत्तराखंड विधानसभा सचिवालय से बर्खास्त किए गए कर्मचारियों के बर्खास्तगी के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी। कोर्ट ने कर्मचारियों की विशेष याचिका को निरस्त कर दिया। विधानसभा भर्ती प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने भी कर्मचारियों को हटाए जाने के फैसले को सही माना है। दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकरण में पहल करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से जांच का अनुरोध किया था जिसके बाद मामले में जांच कमेटी गठित की गई थी। इस जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में 2016 के बाद लगे कर्मचारियों की नियुक्ति को अवैध पाते हुए इनकी बर्खास्तगी की सिफारिश की थी।
उत्तराखंड विधानसभा में अवैध नियुक्तियों को लेकर पिछले दिनों जमकर हंगामा बरपा। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बगैर देर किए इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच का अनुरोध किया था। इसके बाद ही विधानसभा अध्यक्ष ने रिटायर्ड आईएएस डीके कोटिया की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने वर्ष 2016 के बाद लगे सभी कर्मचारियों की नियुक्तियों को अवैध मानते हुए इन्हें हटाने की सिफारिश की थी जिस पर इन सभी को हटा भी दिया गया।
जांच समिति के फैसले के विरुद्ध कर्मचारी हाइकोर्ट की सिंगल बेंच में गए। हाइकोर्ट ने कमेटी के फैसले को स्टे कर दिया। हालांकि बाद में डबल बेंच ने कमेटी के निर्णय को सही ठहराते हुए कर्मचारियों को हटाने के फैसले को सही ठहराया। इस फैसले के विरुद्ध कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने भी हाइकोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस मामले में जो पहल की गई थी वो आज अपने मुकाम तक पहुँच गई। बता दें कि इससे पहले नैनीताल हाईकोर्ट ने भी विधानसभा कर्मचारियों को बर्खास्त करने के विधानसभा सचिवालय के आदेश को सही ठहराया था।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि कोर्ट का यह फैसला उत्तराखंड के युवाओं की जीत है। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि कठोर निर्णय है, लेकिन युवाओं की भलाई के लिए मैं ये निर्णय लेने से पीछे नहीं हटूंगी। उन्होंने इस फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया।

सीएम ने की थी पहल
विधानसभा में बैकडोर एंट्री पर लगे कर्मचारियों को हटाने की कार्रवाई सीएम पुष्कर सिंह धामी की पहल के बाद हुई थी। कार्रवाई के लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अनुरोध किया था। जांच के बाद कर्मियों को हटाने की फाइल आते ही उन्होंने अनुमोदन दे दिया था।

228 कर्मियों को किया था बर्खास्त
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने पूर्व प्रमुख सचिव डीके कोटिया की अध्यक्षता में बनाई समिति की सिफारिशों के आधार पर 228 कर्मचारियों को बर्खास्त किया था।

उत्तराखंड में खत्म होगा धार्मिक कब्जों का खेल

उत्तराखंड सरकार में इन दिनों अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने का काम जोरों पर चल रहा है। अवैध कब्जों पर सीएम धामी के निर्देश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। राजधानी देहरादून में दो दिनों में लगभग 15 से अधिक मजारों को हटाया गया है तो अब यह सिलसिला दूसरे जिलों में भी शुरू हो गया है। पौड़ी में भी एक चर्चित मजार को जिला प्रशासन ने हटा दिया है। चर्चित इसलिए क्योंकि इस मजार के जीर्णाेद्धार के लिए विधायक राजकुमार ने 2 लाख अपनी विधायक निधि से दिए थे। प्रशासन ने इसे भी अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त कर दिया है।
पौड़ी जिले के कल्जीखाल ब्लॉक में बरसों पहले बनी एक मजार को राजस्व प्रशासन ने बुधवार को ध्वस्त कर दिया है। बताया गया है कि जब मजार की जांच की गई तो दस्तावेजों में यह चारागाह में निर्मित पायी गई। इसे प्रशासन ने अतिक्रमण मानते हुए बुधवार को यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस संबंध में डीएम ने भी पौड़ी के एसडीएम से रिपोर्ट मांगी थी। बताया जा रहा है कि यह मजार करीब 20 साल पहले बनाई गई थी। पौड़ी एसडीएम आकाश जोशी ने पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कल्जीखाल ब्लॉक के गांव चिलोली की सरहद में एक मजार चारागाह भूमि पर बनी थी। राजस्व रिपोर्ट मिलने के बाद बुधवार को मजार को ध्वस्त कर दिया गया। चारागाह वाली भूमि पर किसी तरह भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है। यह अतिक्रमण की श्रेणी में आता है।
हालांकि, इस मजार के पास विधायक निधि से एक टिनशेड निर्माण को लेकर भी सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से चर्चाएं हो रही है। पौड़ी के विधायक राजकुमार पोरी से संपर्क करने पर दूरभाष पर बताया कि उन्होंने किसी धर्मस्थल को बनाने के लिए कोई निधि नहीं दी है। मंडल अध्यक्ष ने इस संबंध में यहां एक टिनशेड स्थानीय लोगों के धूप और बारिश से बचने के लिए बनाने का प्रस्ताव दिया था। सरकार ने बताया प्लान तो विपक्ष ने किया पलटवारपोरी ने कहा कि मणधार में उन्होंने विधायक निधि से दो लाख की धनराशि टिनशेड निर्माण के लिए स्वीकृत की। विधायक ने कहा कि कुछ मीडिया खबरों में इसे गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है और उसे दूसरा रंग देने की कोशिश की जा रही है, जो कि सही नहीं है।

उत्तरायणी मेले पर प्रदेशभर में किया जाएगा भव्य आयोजन-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तरायणी मेले, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती पर सुशासन दिवस एवं वीर बाल दिवस की तैयारियों को लेकर बैठक ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तरायणी मेले में प्रदेशभर में भव्य आयोजन किये जाएं। यह मेला संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन को बढ़ावा देता है। 14 जनवरी को पूरे देश में अलग-अलग रूपों में सूर्य उपासना के पर्व मनाये जाते हैं। उत्तरायणी मेले का उत्तराखण्ड की संस्कृति में विशेष महत्व है। 14 जनवरी को उत्तरायणी उत्सव का मुख्य आयोजन बागेश्वर में किया जायेगा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से भव्य आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को उत्तरायणी मेले के महत्व की जानकारी हो और अन्तराष्ट्रीय फलक पर इसे पहचान दिलाने के लिए प्रदेशभर में भव्य आयोजन किये जाएं। पंच प्रयागों एवं राज्य के अन्य संगम स्थलों एवं महत्वपूर्ण घाटों पर भी उत्तरायणी के दिन सूर्य उपासना के पर्व का आयोजन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरायणी पर्व पर सौर ऊर्जा के प्रति जन जागरूकता के लिए इससे सबंधित योजनाएं लांच की जाएंगी। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा संरक्षण पर निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए। बागेश्वर में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाए। जिसमें लोक गीत, लोक नृत्य एवं अन्य आयोजन भी किये जाए। इस पर्व पर उत्तराखण्ड की प्रमुख हस्तियों को भी सांस्कृतिक संध्या के लिए आमंत्रित किया जाए। संगमों पर भव्य आरती की व्यवस्था भी की जाए। हस्तशिल्प एवं फूड फेस्टिवल का आयोजन भी किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती पर सुशासन दिवस के अवसर पर प्रदेश में भव्य आयोजन किये जायेंगे। सभी जनपदों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया जायेगा। जिनमें मंत्रीगण एवं अन्य जन प्रतिनिधि भी प्रतिभाग करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन दिवस पर वे स्वयं भी ग्राम चौपाल में प्रतिभाग करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन दिवस पर प्रदेश के सभी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रमाण पत्रों का वितरण किया जायेगा। 25 दिसम्बर 2022 से 09 फरवरी 2023 तक प्रमाण पत्रों के वितरण की प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस पर सिख समाज के दसवें गुरू, गुरू गोविन्द सिंह के पुत्रों साहिब जादा जोरावर सिंह और साहिब जादा फतेह सिंह के बलिदान दिवस पर राज्य स्तर पर मुख्य कार्यक्रम देहरादून में आयोजित किया जायेगा। जिला मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। प्रदेश के सभी स्कूलों में वीर बाल दिवस मनाया जायेगा।
बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, एच.सी.सेमवाल, विनोद कुमार सुमन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट, अपर सचिव जगदीश चन्द्र काण्डपाल उपस्थित रहे।

राज्य में औद्योगिक संस्थानों को हर प्रकार की सुविधा देने के किये जा रहे प्रयास-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक नीति में उद्योगपतियों के सुझावों को भी शामिल किया गया है। सरकार का प्रयास है कि राज्य में अधिक से अधिक निवेश हो तथा पूर्व से स्थापित उद्योगों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो। गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में एग्रो फूड प्रोसेसिंग कॉन्क्लेव 2022 में कृषि, उद्यान, फूड प्रोसेसिंग से जुड़े देश एवं विदेश के उद्योगपतियों के साथ राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लॉजिस्टिक पॉलिसी शुरू की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भूमि संस्कृति और आध्यात्म का केंद्र है। प्राकृतिक सौंदर्य एवं बेहतर मानव संसाधन दोनों उत्तराखण्ड के पास हैं। राज्य में औद्योगिक संस्थानों को हर प्रकार सुविधा देने के प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में हवाई, रेल एवं संड़क कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसके लिए औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से समय-समय पर संवाद स्थापित किये गये हैं। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए जो महत्वपूर्ण सुझाव मिले हैं, उन्हें राज्य की औद्योगिक नीति में शामिल किया गया है। इस कॉन्क्लेव को “एडवांटेज उत्तराखण्ड“ हेतु समर्पित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लघु उद्योगों के लिए अनेक संभावनाएं हैं। राज्य में बागवानी, जैविक खेती, औषधीय व सुगंधित पौधों की खेती के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। राज्य में फार्मास्युटिकल उद्योग, ऑटोमोबाइल उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आज अच्छा कारोबार कर रहा है। राज्य ने हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, एक फार्मास्युटिकल पार्क और एक अरोमा पार्क स्थापित किया है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देश के विकास में कृषि का बहुत बड़ा योगदान है। उत्तराखण्ड में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है। उद्योगों के विकास के लिए राज्य में विभिन्न अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू है। 11 फसलों को जी.आई. टैग किया जा रहा है। कीवी, सेब एवं मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं।
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में आजीविका का सबसे बड़ा संसाधन पशुपालन, दुग्ध एवं इससे संबंधित उत्पाद हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में डेयरी उत्पादों के प्रोडक्शन के साथ ही उनकी मार्केटिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है। दुग्ध एवं उनसे संबंधित उत्पादों के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं, इन प्रतिभाओं को उजागर करने की दिशा में ध्यान देने की जरूरत है। इसमें औद्योगिक संस्थानों की बड़ी भूमिका हो सकती है।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए औद्योगिक संस्थानों को हर संभव सुविधा देने के प्रयास किये गये हैं। राज्य में निवेशकों को लाईजन ऑफिसर की जरूरत होगी तो, उपलब्ध कराये जायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सड़क कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। अवस्थापना विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। औद्योगिक शांति में उत्तराखण्ड अग्रणी राज्य है। राज्य में औद्योगिक विकास की अनेक संभावनाएं हैं। राज्य में निवेश से निवेशकों को भी फायदा होगा एवं स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि राज्य में दो मेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क हैं। काशीपुर में अरोमा पार्क भी बनाया गया है। कीवी के उत्पादन में राज्य में अच्छा कार्य हो रहा है। हर्बल उत्पादों एवं डेयरी के विकास में भी राज्य में अनेक संभावनाएं हैं।
सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने लॉजिस्टिक नीति, र्स्टाटअप नीति, नई औद्योगिक नीति, सर्विस सेक्टर नीति सहित राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक विकास से संबंधित विभिन्न प्रयासों की जानकारी दी।
सचिव बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम ने सभी निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर एवं डेयरी पर आधारित इस कॉन्क्लेव में इन क्षेत्रों से जुड़े निवेशकों को आमंत्रित किया गया है। इन क्षेत्रों में राज्य में कार्य करने के लिए अनेक संभावनाएं हैं।
पतंजलि ग्रुप के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में अनेक संभावनाएं हैं। राज्य में 4 तरह के एग्रो क्लाइमेटिक जोन हैं। भारत का पहली फूड प्रोसेसिंग यूनिट उत्तराखण्ड में स्थापित हुई। एरोमैटिक एवं मेडिसनल क्षेत्र में राज्य में काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य बद्री गाय के दूध, घी एवं एन्य उत्पादों को और अधिक प्रमोट करना होगा। राज्य की औषधीय गुणों वाली दालों की ब्रांडिंग पर भी ध्यान देना होगा।
इस अवसर पर विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिये।

राज्य के विकास को लेकर पीएम से की धामी ने चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संसद भवन, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने सशक्त उत्तराखण्ड@25 के क्रम में राज्य सरकार के रोडमैप को साझा करते हुए प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लोहाघाट स्थित मायावती आश्रम आने के लिये भी आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने केदारनाथ में हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों तथा बदरीनाथ मास्टर प्लान की प्रगति के संबंध में प्रधानमंत्री को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को बताया कि सशक्त उत्तराखण्ड @25 थीम पर नवम्बर माह में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी में चिन्तन शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के सभी वरिष्ठ अधिकारियों सहित मंत्रीगणों द्वारा प्रतिभाग किया गया। चिन्तन शिविर में राज्य के विकास हेतु अल्पकालिक, मध्यकालिक तथा दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति आयोग की भांति State Institute for Empowering & Transforming Uttarakhand (SETU) के गठन का कार्य आरम्भ कर दिया गया है।
जनपद चमोली में माणा गाव को प्रदेश का प्रथम गाँव मानते हुए वहां कैबिनेट की बैठक आयोजित करना प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री के गत उत्तराखण्ड भ्रमण पर पर्यटकों से कम से कम पाँच प्रतिशत व्यय स्थानीय सामग्री क्रय करने की अपील को राज्य सरकार ने अपने प्रमुख एजेण्डा में शामिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ग्रीन फील्ड सिटी विकसित करने के लिए पर्वतीय एवं मैदानी जनपदों में 15 स्थलों को चिन्हित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कुपोषण को समाप्त करने तथा पारम्परिक तौर पर उत्पादित मोटे अनाज उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु State Millet Mission लाया जा रहा है।
अधिक मूल्य वाली कृषि/बागवानी को क्लस्टर फार्मिंग एप्रोच के रूप में प्रोत्साहित किया जा रहा है, वर्तमान में 6624 क्ल्सटर चिन्हित किये गये है।

मिशन प्राकृतिक खेती का क्रियान्वयन 11 जनपदों में आरम्भ किया जाना प्रस्तावित
है। यह मिशन क्ल्सटर फार्मिंग एप्रोच के आधार पर प्रस्तावित है, जिसमें प्रत्येक जनपद में 500-500 हेक्टेयर के दो क्ल्सटर का गठन किया जायेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतमाला योजना के अन्तर्गत 35 रोपवे चिन्हित किये गये है, जिन पर निर्धारित अवधि में कार्य आरम्भ तथा उसे पूर्ण करने हेतु रणनीति तैयार की जा रही है।
आर०सी०एस० के अन्तर्गत 13 हैलीपोर्टस क्रियाशील है, जबकि राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों हेतु 19 हेलीपैड प्रस्तावित किये गये है।
राज्य में स्थानीय नागरिकों को पर्यटन गतिविधि से जोड़ने हेतु होम स्टे विकास किया जा रहा है। पर्यटकों के लिए सिंगल विंडो के अन्तर्गत ऑनलाइन एग्रीगेटर की व्यवस्था की जा रही है, जिससे होमस्टे में देश-विदेश के पर्यटकों को आसानी से आने-जाने में सुविधा हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चारधाम जैसे धार्मिक पर्यटन की तरह “मानसखण्ड माला तैयार करने का कार्य आरम्भ किया गया है, जिसके अन्तर्गत वे सभी पौराणिक धार्मिक क्षेत्र पर्यटन सर्किट से जुड़ेंगे, जो अभी तक मुख्यधारा में शामिल नहीं थे। इस कॉरिडोर को तैयार करने से स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार की सम्भावना है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए स्वदेश दर्शन 2.0 के अन्तर्गत वित्तीय सहयोग का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति (2020 के अन्तर्गत प्रस्तावित बाल वाटिका कार्यक्रम आरम्भ कर दिया गया है। पी०पी०पी० मॉडल के अन्तर्गत सैनिक स्कूल के गठन हेतु 04 जनपदों में स्थल चयनित कर दिये गये है।
पी0एम0 गतिशक्ति के अन्तर्गत राज्य गतिशक्ति मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बङे पैमाने पर रोजगार सृजन हेतु जहाँ विभिन्न उद्योगों के साथ नये एमओयू कराये जाने का प्रस्ताव है, वहीं औद्योगिक पार्कों की स्थापना तथा नये औद्योगिक क्ल्सटर व ग्रोथ सेन्टर का विकास करते हुए एक जिला- दो उत्पाद के अन्तर्गत स्वरोजगार को बढ़ावा देने की रणनीति तैयार की जा रही है।
राज्य में उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु लॉजिस्टिक पॉलिसी, सर्विस सेक्टर पॉलिसी, प्राईवेट औद्योगिक नीति और नयी एमएसएमई नीति लायी जा रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अन्तर्गत सिंगल विंडो सिस्टम को सुदृढ़ करते हुए कम्प्लाइन्स बर्डन को कम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में यदि वर्षा पर निर्भर नदियों को ग्लेशियर आधारित नदियों से जोड़ दिया जाए तो इस अभिनव प्रयोग का लाभ राज्य ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत को प्राप्त हो सकता है। हिमालयी राज्यों में ग्लोबल वार्मिंग के कारण जल स्रोत का तेजी से हास हो रहा है। इन जलधाराओं के पुनर्जीवीकरण हेतु एक वृहत कार्यक्रम मिशन मोड में करने की प्रबल आवश्यकता है। बहुप्रदेशीय महत्व का यह कार्यक्रम भारत सरकार के तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग के बिना सम्भव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा तथा हरिद्वार में कांवड यात्रा सहित अन्य धार्मिक यात्राओं के कारण राज्य में फ्लोटिंग जनसंख्या, जो लगभग प्रतिवर्ष 4-5 करोड़ होती है, के लिए न्यूनतम अवस्थापना सुविधाओं आवश्यक है। सामान्यतः तीर्थ यात्रियों के माध्यम से राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी नहीं के बराबर है। मुख्यमंत्री ने वित्तीय संसाधनों के आवंटन में इस महत्वपूर्ण तथ्य को ध्यान में रखे जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि ऑलवेदर रोड का कार्य राज्य में द्रुतगति से चल रहा है, परन्तु सामरिक दृष्टिकोण से इसे सीमान्त क्षेत्र तक बढ़ाने की आवश्यकता है।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन की तरह टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का निर्माण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य तथा सीमित संसाधनों के कारण तथा राज्य को रेल परियोजनाओं की लागत में 50 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी वहन करने की शर्त पर छूट आवश्यक है। जिन रेल परियोजनाओं का रेट ऑफ रिटर्न नेगेटिव है उनकी भी स्वीकृति इस राज्य हेतु आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामरिक दृष्टिकोण तथा पर्यटन एवं पर्वतीय क्षेत्र की आर्थिकी को बढ़ावा देने नैनी सैनी, गौचर तथा चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टियों का विस्तारीकरण एयरपोर्ट के रूप में आवश्यक है। सामरिक दृष्टिकोण तथा पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु जौलीग्रान्ट तथा पन्तनगर एयरपोर्ट का भी विस्तारीकरण आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के निकट स्थित चौखुटिया क्षेत्र में नये एयरपोर्ट/ हवाई पट्टी की स्थापना करना आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टि से आवश्यक होगा। आपदा भूस्खलन, अतिवृष्टि वनाग्नि ग्लेशियर खिसकना आदि के दृष्टिगत एक सशक्त वेदर फोरकास्टिंग सिस्टम, डॉप्लर रडार से युक्त अवस्थापना की अत्यन्त आवश्यकता हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा व लघु जल विद्युत परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु नवीकरणीय ऊर्जा/ लघु जलविद्युत् नीति बनायी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में परिवार पहचान पत्र तैयार करने का कार्य आरम्भ किया जा रहा है, जिसमें सभी प्रकार की लाभार्थीपरक योजनाओं को इस प्रकार से लिंक किये जाने का प्रस्ताव है कि किसी भी परिवार से लाभार्थी का चयन निर्धारित मानकों एवं योग्यता के आधार पर ऑटोमेटिक हो जाए। ईज ऑफ लिविंग के अन्तर्गत नागरिकों की आसानी के लिए अपुणी सरकार पोर्टल में 475 से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कंडाली के रेशों से निर्मित शाॅल भी भेंट किया।

भर्ती घोटाले पर हरीश रावत के बयान पर भटट ने किया पलटवार

भर्ती घोटाले मे पूर्व सीएम हरीश रावत के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा ने उन्हे आधा सच बोलने मे माहिर बताया। उन्होंने सीएम पर की गयी टिप्पणी को आपत्तिजनक करार देते हुए कहा कि धामी आज विकास के पर्याय हो गए है और पार्टी तथा जनता को उन पर फक्र है, लेकिन आरोप लगाने वालों को आत्म अवलोकन करने की जरूरत है कि वह दोनो स्थानों मे कहां खड़े है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रदेश मे सुचिता भ्रष्टाचार की बात करने वाले पूर्व सीएम हरीश रावत के कार्यकाल मे भी या तो पूर्व मे हुए भृष्टाचार को परंपरा मान कर आगे बढ़ाया गया और कुछ नई शुरुआत की गयी। उनके कार्यकाल मे विधान सभा मे निकटस्थ रहे तत्कालीन विधान सभा अध्यक्ष के द्वारा की गयी नाते रिश्तेदारों की नियुक्ति पर भी वह आधा सच बोल पाए। उन्होंने यह कहकर पल्ला छुड़ा लिया कि उन्होंने तब तत्कालीन विस अध्यक्ष को इसके नतीजो को लेकर चेताया था, लेकिन फिर भृष्टाचार को समर्थन देते नजर आये। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल मे दर्जनों घपले सामने आये और वह भूल गए कि उन्होंने अपनी सरकार की गलतियों को स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी थी।
भट्ट ने कहा कि रावत भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा पर टिप्पणी कर रहे है, लेकिन धामी सरकार उन घपले घोटालों पर कार्यवाही कर रही है जो कि दबा दिये गए थे। कांग्रेस के कार्यकाल मे हुए ऐसे घपलों की लंबी फेरहिस्त है। उन्होंने पूछा कि पटवारी घोटाले में उन्होंने क्या कार्यवाही की। दरोगा भर्ती घोटाला, उद्यान, छात्रवृति, एन एच, 2016 की बीडीओ भर्ती और अन्य घोटालों में भी वह मौन क्यों रहे। अगर, कुछ मामलों मे दिखावे के लिए कुछ किया भी गया तो वह भी भाजपा के द्वारा विरोध प्रदर्शन और जन दबाव मे की गयी। जबकि धामी सरकार ने बिना काल खंड को देखते हैं नैतिक साहस दिखाया। हैरानी की बात है कि तब न नैतिक साहस था और न ही विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का असर और सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार मे लिप्त रही।
भ्रष्टाचार के दलदल मे डूबी कांग्रेस अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर ही आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे है। जबकि पूर्व मे हरीश रावत खुद धामी की शान मे कशीदे भी गढ़ते रहे। हरीश रावत अपने कार्यकाल मे हुए तमाम स्टिंग के बाद कंफ्यूज हो गए है और कभी भी पूरा सच नही बोल पाए। कभी राजनीति से विरक्ति, कभी विकास न कर पाने का मलाल और कभी अपने सहयोगियों से उपेक्षा की पीड़ा सुनाकर समय व्यतीत कर रहे है। राज्य यशस्वी मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व मे पार्टी के विकास के एजेंडे पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं और वह धाकड़ धामी की उपमा के साथ पूरी तरह न्याय कर रहे है। जनता और पार्टी को उन पर फक्र है, लेकिन उनके मामले मे यह बात कहीं से भी फिट नही बैठती है जो उन पर लगातार दुर्भावनावश टिप्पणी कर रहे है।

पहाड़ी उत्पाद मुंडवा, रामदाना, झंगोरा पर प्रदेश सरकार का विशेष फोकस हैः गणेश जोशी

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सचिव वी. बी.आरसी पुरुषोत्तम अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान उद्यान निदेशक एचएस बवेजा कृषि निदेशक गौरीशंकर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री जोशी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मंत्री जोशी ने प्रदेश में उद्यान के गार्डनों को होल्टीकल्चर टूरिज्म के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। मंत्री जोशी रायवाला में गौहरीमाफी स्थित राजकीय उद्यान गंगालहरी में सेंटर फॉर एक्सीलेंस में फ्लोरी कल्चर के प्रोजेक्ट को 6 माह के भीतर धरातल पर तैयार करने के अधिकारियों निर्देश दिए। बैठक में मंत्री जोशी ने कृषि सचिव से लेकर विभाग के निदेशक को माह के 10 दिन फ़ील्ड में भ्रमण कर कार्य करने के भी निर्देश दिए। बैठक में धनोल्टी में होल्टीकल्चर टूरिज्म के रूप में विकसित करने पर भी विचार विमर्श किया गया।

बैठक में सेब की पेटियां किसानों को सही समय पर ओर अच्छी क्वालिटी की पेटी किसानों को मिले इसके लिए मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा अगली बार सेब बागवानों को सेब की पेटी के लिए बाहर न जाना पड़े इसके लिए अभी से तैयारी की जाए।बैठक में मंत्री जोशी ने कहा कि 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिलेट्स ईयर घोषित किया है।

मंत्री ने कहा मिलेट्स कि आज अधिक डिमांड है उन्होंने अधिकारियों को सुनिश्चित किया है कि सरकार का पहाड़ी उत्पाद जैसे मुंडवा, रामदाना, झंगोरा पर विशेष फोकस है। मंत्री जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि राशन की दुकान में जो गरीबों को राशन दिया जाता है उसमें 1 किलो मंडवा भी दिया जाएगा। इसी प्रकार मिड डे मील, आंगनवाड़ी में मोटे अनाज को भेजेंगे ताकि इसकी खपत बढ़े किसानों जो पैदावार पैदा करता है। उसको उचित दाम मिले इसके लिए मोबाइल वैन के जरिए किसान के खेत में जाकर उसकी उपज को खरीदें।

ताकि जो बीच में पैसा व्यापारी को मिलता है उसकी जगह सीधा लाभ किसान को मिले। मंत्री जोशी ने कहा इससे हमारे जो मिलेट्स है उसके उत्पाद में बढ़ावा होगा। इसके अलावा मंत्री जोशी ने जनवरी में जो क्रॉप्स लगाए जा रहे हैं वह उच्च गुणवत्ता युक्त क्रॉप्स हो। इसके साथ ही मंत्री जोशी ने अधिकारियों को मिलेट्स का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही मंत्री जोशी ने 25 दिसंबर से विभाग द्वारा रूप गार्डनिग के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भी अधिकारियों को समय पर सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।

सचिव वी. बी.आरसी पुरुषोत्तम अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान उद्यान निदेशक एचएस बवेजा कृषि निदेशक गौरीशंकर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

अंबेडकर पार्क के जीणोद्धार निर्माण कार्य का सीएम ने किया शिलान्यास

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने भारत रत्न व संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर पार्क का सौंदर्यीकरण व जीर्णाेद्धार निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। बता दें कि कारगिल दिवस पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने अंबेडकर पार्क के सौंदर्य करण व जीर्णाेद्धार करने की घोषणा की थी।

रेलवे रोड स्थित अम्बेडकर पार्क के सौंदर्यीकरण व जीर्णाेद्धार निर्माण कार्य का शिलान्यास कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि अंबेडकर पार्क हमारी धरोहर है, इसे संवारना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संविधान के शिल्पकार, वंचितों एवं शोषितों के उत्थान हेतु आजीवन समर्पित रहने वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का समाजिक न्याय हेतु किया गया संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि गरीब और दलित वर्ग की स्थिति में सुधार लाने में डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर का अहम योगदान रहा है। उन्होंने समाज से छूआछूत समेत कई प्रथाओं को खत्म करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि अम्बेडकर पार्क का सौंदर्यीकरण व जीर्णाेद्धार 10.83 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा, इसके बनने से यहाँ पर्यटकों का ध्यान आकर्षित होगा। मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि यहाँ बाबा साहेब की लगभग चार फुट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि इस प्रतिमा में बाबा साहेब के हाथ पर संविधान की पुस्तक होगी। बताया कि इसमें टाइल्स लगाकर सीमेंट के बेंच बैठने के लगाए जाएंगे। साथ ही बागवानी इसकी इस पार्क की शोभा बढ़ाएगी।

इस मौके पर मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, प्रदेश संयोजक नमामि गंगे कपिल गुप्ता, नंद किशोर जाटव, कार्यक्रम अध्यक्ष गंगा शरण, राधे जाटव, रविन्द्र बिरला, राजेश जाटव, कुलदीप मचल, जगावर सिंह, राहुल दिवाकर, मोहन लाल जाटव, व्यापारी नेता प्रतीक कालिया, पार्षद शिव कुमार गौतम, कविता शाह, माधवी गुप्ता, रूपेश गुप्ता, शीतल जाटव, राधा वाल्मीकि आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।