पर्यटकों को आकर्षिक करने को निकली साइकिल रैली, सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से मसूरी विंटर कार्निवाल के अंतर्गत साइकिल रैली का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी विंटर कार्निवाल पर्यटन को बढ़ावा देने वाला उत्सव है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए साइकिल रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह साइकिल रैली देहरादून से मसूरी तक होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में सड़क, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। राज्य में नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, अपर जिलाधिकारी के के मिश्रा, जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान, जिला कमांडेंट होमगार्ड डॉ. राहुल सचान उपस्थित थे।

देहरादून में धौलास परियोजना के 240 लोगों को निकली आवास की लॉटरी

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एमडीडीए की धौलास परियोजना के 240 आवासों की लॉटरी पूरी पारदर्शिता के साथ आज निकाली गई। इस मौके पर विभागीय मंत्री व मुख्य अतिथि डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने छोटी कन्याओं के हाथों लॉटरी निकलवाई।

शुक्रवार को नगर निगम सभागार में हुए कार्यक्रम में प्राधिकरण की धौलास परियोजना में कुल 240 आवास की लॉटरी निकाली गई। मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि कुल 710 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपना पंजीकरण शहरी निदेशालय में कराया था तथा प्राधिकरण की इस योजना हेतु अपना पंजीकरण भी कराया है। बताया कि पूरी पारदर्शिता के साथ 240 लाभार्थियों को चयनित किया गया है। साथ ही 96 अभ्यर्थियों को प्रतीक्षा सूची हेतु भी चयनित किया जाएगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड में भी पीएम आवास योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि काशीपुर में 7776 आवास जबकि हरिद्वार में 2464 आवास आवंटित किए गए हैं।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का मानना है कि भारत आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, आज भारत का लोहा पूरी दुनिया मान रही है, इस क्रम में भारत में निवास कर रहे प्रत्येक भारतीय के पास अपना आवास होना चाहिए। प्रत्येक भारतीय के सिर के ऊपर छत रहे।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना का शुभारंभ 25 जून 2015 को किया। जिसका लाभ देश की जनता को मिल रहा है। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने नववर्ष की शुभकामनाएं भी दी।

इस मौके पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, विधायक खजान दास, विधायिका सविता कपूर, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव रजा अब्बास, वित्त नियंत्रक स्मृति खंडूरी, अधीक्षण अभियंता एचसीएस राणा आदि विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

बेहतर स्वास्थ्य के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्णः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास देहरादून में उत्तराखण्ड स्वास्थ्य रोजगार सृजन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में नियुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सी.एच.ओ) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर 13 जिलों में 604 नए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में मौजूद सभी नवनियुक्त कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा आम जनमानस के बेहतर स्वास्थ्य के लिए हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, साथ ही वेलनेस सेन्टर ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य करते हैं। कोरोना महामारी के दौरान हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों की अहम भूमिका रही। कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर्स इन सेंटरों के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस प्रकार के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दूर दराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। प्रधानमंत्री ने 10 लाख युवाओं को प्रतिवर्ष रोजगार देने का संकल्प लिया है। यह कार्यक्रम उसी संकल्प का एक हिस्सा है। वर्तमान में उत्तराखंड में करीब 1790 हेल्थ एण्ड वैलनेस सेंटर कार्य कर रहे हैं और अब राज्य को 604 नए सीएचओ मिल गये हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। भारत को ’विकसित राष्ट्र“ बनाने के संकल्प की सिद्धि के लिए हर क्षेत्र में नए- नए कार्य किए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों में जनता के कार्यों के प्रति अधिक तत्परता आई है। “स्टार्टअप इंडिया“ अभियान ने देश के युवाओं के सामर्थ्य को पूरी दुनिया के सामने स्थापित कर दिया है। आज 80,000 से ज्यादा स्टार्टअप भारत में स्थापित किए जा चुके है। देश में रोजगार के कई नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। गाड़ियों से लेकर मेट्रो कोच, ट्रेन के डिब्बे, डिफेंस के साजो- सामान, मोबाइल फोन आदि के निर्यात में तेजी आई है। सभी सेक्टरों में निर्यात तेजी से बढ़ रहा है। आज का युवा स्वयं कार्य करने के साथ कार्य देने वाला भी बनना चाहता है। राज्य सरकार स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न कर रही है, “होम स्टे“ इस क्षेत्र एक बड़ा उदाहरण है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष लगभग 19 लाख व्यक्ति हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों में जांच हेतु आए और 07 लाख लोगों की मुफ्त जांचें की गई है। 5 लाख लोगों को टेली कंसल्टेशन सुविधा के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया है। राज्य सरकार द्वारा “जन आरोग्य अभियान- एक कदम स्वस्थ जीवन की ओर“ का भी संचालन किया गया, जिसकी भारत सरकार द्वारा भी प्रशंसा की गई। अभियान के अन्तर्गत कार्यरत सी०एच०ओ० द्वारा लगभग 3.50 लाख व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया, जिनकी उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुख व स्तन कैंसर, नेत्र जांच की गयी, साथ ही टी०बी० रोग से ग्रसित लोगों का उपचार भी किया गया। राज्य सरकार 2024 तक राज्य को टीबी मुक्त बनाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि नव नियुक्त सी०एच०ओ० हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों में आम लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनी सेवाओं का सफल निष्पादन करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है। राज्य सरकार मार्च 2023 तक हेल्थ सेक्टर में 10 हजार लोगों को नौकरी देगी, जिसमें नर्सिंग स्टाफ के 2900 पदों, ए.एन.एम. के 850 पदों, मेडिकल कॉलेजों में 339 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों, एमबीबीएस के 376 पदों, एन.एच.एम. के अंतर्गत 1600 लोगों की भर्ती के साथ ही विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में रिक्त 2000 से अधिक तकनीशियनों के पदों पर भर्ती की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 1800 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं, जिनमें 1200 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तैनात हैं जबकि आज 604 सीएचओ को नवीन तैनाती दी गई है। इसके साथ ही भारत सरकार के मानकों के अनुरूप राज्य के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सीएचओ की शत प्रतिशत तैनाती कर दी गई है। सभी सीएचओ वेलनेस सेंटरों में स्थानीय लोगों का चिकित्सा परीक्षण करेंगे साथ गांव-गांव जाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करेंगे। उन्होंने नव नियुक्त सीएचओ को गांवों में जाकर स्वास्थ्य चौपाल लगाकर आम जनता का स्वास्थ्य जांच करने के साथ ही वेलनेस सेंटर पर आने वाले लोगों को योग के प्रति जागरूक किये जाने की बात भी कही।

इस अवसर मेयर सुनील उनियाल गामा, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, एच.एन.बी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 हेम चन्द्र, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

देहरादून शहर की यातायात समस्या के समाधान को लेकर मुख्य सचिव ने की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में देहरादून शहर की यातायात समस्या के समाधान के लिए सभी सम्बन्धित विभागों के साथ विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरादून में ट्रेफिक कंजेशन को दूर करने के लिए सभी सम्बन्धित विभाग एक टीम बनाकर ट्रेफिक कंजेशन वाली सड़कों के लिए विशेष प्लान तैयार करें।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिए कि इस सम्बन्ध में टीम गठित कर यातायात की समस्या वाले स्थलों पर मौके पर जाकर क्षेत्रवार विशिष्ट योजना तैयार की जाए। जिला प्रशासन, एमडीडीए, नगर निगम, यातायात पुलिस और लोक निर्माण विभाग और उस सड़क का निर्माणकारी विभाग सभी से एक-एक सदस्य अवश्य शामिल हो ताकि मौके पर सम्बन्धित विभागों से जो भी सुझाव प्राप्त हों वे अमल में लाए जाने योग्य है या नहीं इसका भी मौके पर ही फैसला लिया जा सके।

मुख्य सचिव ने आरटीओ देहरादून द्वारा दिए सुझाव को भी धरातल पर उतारने के लिए सभी सम्बन्धित विभागों से सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अच्छे प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए हर सम्भव प्रयास किए जाने चाहिए, इसके लिए बजट की भी कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को सार्वजनिक वाहनों की सुगम उपलब्धता के साथ ही यातायात का एक ऐसा प्लान तैयार किया जाए कि आमजन को विश्वास हो कि उसे देहरादून में कहीं भी जाने के लिए 100, 200 मीटर से ज्यादा पैदल नहीं जाना पड़ेगा। लोगों को विश्वास हो कि उन्हें कहीं भी जाने के लिए कुछ न कुछ मिल ही जाएगा और लोग अपने व्यक्तिगत वाहनों को घर पर छोड़ कर सार्वजनिक अथवा प्राईवेट यातायात सुविधा के माध्यमों पर विश्वास कर सकेंगे। इससे शहर के यातायात पर पड़ने वाला दबाव निश्चित रूप से कम होगा। उन्होंने इसके लिए शहर के ट्रेफिक प्लान को मजबूत करते हुए उस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप वन-वे, डायवर्जन और पार्किंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करके ट्रेफिक सिस्टम विकसित किए जाने की भी जरूरत बतायी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव दीपेन्द्र चौधरी एवं जिलाधिकारी देहरादून सोनिका सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम आवास पहुंचे फरियादी, मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को मौके पर दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आए लोगों की शिकायतों और समस्याओं को सुना और मौके पर ही अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन कार्यक्रम में प्राप्त सभी जन शिकायतों की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। अधिकारी पूरी गंभीरता से सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्धता से करें।

मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी की शिकायतों को पूरी गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जन समस्याओं और शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उन्हें यथाशीघ्र संबंधित विभागों को भेजा जाए।

निःशुल्क पैथोलॉजी जांच योजना का लाभ उठा रहे राज्यवासी

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुढृढ़िकरण को लेकर राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। लोगों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार द्वारा ‘निःशुल्क पैथोलॉजी जांच योजना’ चलाई जा रही है, जिसके तहत आम जनता को 266 पैथोलॉजी जांच निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इस महत्वकांक्षी योजना के तहत सभी सरकारी अस्पतालों में हर प्रकार की पैथोलॉजी जांचे जिसमें बायोप्सी, कैंसर मार्कर, हार्माेन प्रोफाइल, विटामिन स्तर नापने जैसी तमाम महंगी जांचें शामिल है। अब तक प्रदेशभर में 6.72 लाख से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं जबकि अबतक 23 लाख से अधिक पैथोलॉजी जांचे हो चुकी हैं। निःशुल्क योजना के तहत प्रत्येक दिन औसतन 1500 लोगों की 5 हजार से अधिक पैथोलॉजी जांचे निःशुल्क की जा रही हैं।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश के आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करने के लिये राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। डॉ रावत ने बताया कि सरकार ने आम लोगों की विकट परिस्थिति को देखते हुये राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ‘निःशुल्क पैथोलॉजी जांच योजना’ संचालित की है, जिसके तहत लोगों के विभिन्न रोगों से संबंधित 266 पैथोलॉजी जांच मुफ्त में की जा रही है, जो कि प्रदेशभर के सभी राजकीय चिकित्सालयों में उपलब्ध है। विभागीय मंत्री ने बताया कि ‘निःशुल्क पैथोलॉजी जांच योजना’ 12 अगस्त 2021 को शुरू की गई थी तब से लेकर अब तक प्रदेशभर में 6 लाख 72 हजार 154 लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इस योजना के तहत अबतक कुल 23 लाख 10 हजार 305 पैथोलॉजी जांच मुफ्त में की जा चुकी है। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 38344 मरीजों की 128518 पैथोलॉजी जांचे मुफ्त में की गई जबकि बागेश्वर में 16382 मरीजों की 64307 जांचे, चमोली में 23246 मरीजों की 70944 जांचे, चम्पावत में 25685 मरीजों की 92226, देहरादून में 165016 मरीजों की 513920 जांचे, हरिद्वार में 90829 मरीजों की 324567 जांचे, नैनीताल में 60786 मरीजों की 177295 जांचे, पौड़ी जनपद में 32904 मरीजों की 115710, पिथौरागढ़ में 45008 मरीजों की 180797 जांचे, रूद्रप्रयाग में 11462 मरीजों की 45272 जांचे, टिहरी गढ़वाल में 28680 मरीजों की 98872 जांचे, ऊधमसिंह नगर में 112523 मरीजों की 428805 जांचे, उत्तरकाशी में 21289 मरीजों की 69072 जांचे की जा चुकी हैं। डॉ रावत ने बताया कि प्रदेशभर के सभी राजकीय चिकित्सा इकाईयों में प्रत्येक दिन में औसतन 1500 लोगों की 5 हजार से अधिक पैथोलॉजी जांचे मुफ्त में की जा रही है। उन्होंने कहा कि निःशुल्क पैथोलॉजी जांच योजना के अंतर्गत ऐसी पैथोलॉजी जांचे जो प्रदेश के चिकित्सालयों में उपलब्ध नहीं हो पा रही थी ऐसी जांचे निजी क्षेत्र के सेवा प्रदाता के माध्यम की उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना के तहत हर प्रकार की पैथोलॉजी जांचे जिसमें बायोप्सी, कैंसर मार्कर, हार्माेन प्रोफाइल, विटामिन स्तर नापने जैसी तमाम महंगी जांचें भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, यह सम्पूर्ण कार्यप्रणाली ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है, साथ ही रोगियों को एस0एम0एस0 के माध्यम से रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि निःशुल्क जांच सैम्पल का टी0ए0टी0 (टर्न अराउण्ड टाइम) निर्धारण किया गया है जिससे रोगियों की जांच रिपोर्ट ससमय उपलब्ध करायी जा रही है।
डॉ रावत ने कहा कि निःशुल्क पैथोलॉजी जांच योजना प्रदेश के आम लोगों को खासकर पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्र के लोगों के लिये वरदान साबित हो रही है। इस योजना से जहां लोगों को अस्पताल में ही निःशुल्क जांच की सुविधा मिल रही है वहीं उन्हें निजी पैथोलॉजी सेंटरों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ रहे हैं। जिससे उनका समय और पैसा बच रहा है।

धामी सरकार ने किसानों के हितों में आज कई कदम उठाए

कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा विधानसभा स्थित कक्ष में उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की 35वीं बैठक की अध्यक्षता की गई।
मंत्री ने कहा कि पूर्व में किसानों को कृषि कार्य करते हुए दुर्घटना होने पर मिलने वाले मुआवजा राशि एक लाख रूपये को बढ़ाकर अब डेढ़ लाख रूपये, दुर्घटना से अगर दो या एक हाथ, पैर से दिव्यांग होने पर किसानों को पूर्व में मिलने वाली राशि 60 हजार रूपये को एक लाख रूपये, एक अंग से दिव्यांग होने पर मिलने वाली राशि 30 हजार रूपये को 50 हजार रूपये कर दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि किसानों के बच्चे कृषि के क्षेत्र में अच्छी पढ़ाई कर पायें इस संबंध में योजना की आय सीमा 2 लाख रूपये को बढ़ाकर 3 लाख रूपये प्रति वर्ष कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत दुर्घटना की पात्रता 18-60 वर्ष को भी समाप्त कर दिया गया है अब कृषि कार्य करते हुए दुर्घटना होने पर किसान को मुआवजा राशि दी जायेगी।
मंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की मंडियां प्रोफिट में हैं और मंडियों के माध्यम से किये जाने वाले विकास कार्यों तथा किसानों के लिए हितकारी योजनाओं हेतु बोर्ड के पास पर्याप्त बजट है। उन्होंने कहा कि रामनगर में 25 दुकानों के निर्माण हेतु प्रस्ताव के लिए सेल्फ फाइनेन्स पर सहमति प्रदान की गई।
मंत्री ने लोकल उत्पाद जैसे मडुवा आदि की खेती को प्रोत्साहित करने तथा लोकल उत्पादन को बढ़ाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में इस प्रकार की नीतियां बनायी जानी चाहिए जिससे किसानों को लगे कि सरकार हमारे लोकल उत्पादों को उचित दामों पर खरीदे।
इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक निधि यादव, निदेशक कृषि केसी पाठक, संयुक्त आयुक्त खाद्य डॉ महेंद्र सिंह बिसेन, विभागीय अधिकारी तथा उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहे।

भारत दर्शन जा रहे छात्रों ने सीएम धामी से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में भारत दर्शन पर जा रहे विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के मेधावी छात्रों से भेंट की। उन्होंने कहा कि देवप्रयाग के विधायक विनोद कण्डारी द्वारा मेधावी बच्चों को शैक्षिक भ्रमण पर ले जाने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। मेधावी छात्रों को भारत भ्रमण में नई-नई चीजें सीखने को मिलेंगी। भारत दर्शन करने के साथ-साथ ये भविष्य दर्शन भी करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य मेधावी छात्रों को भी इस तरह से भारत भ्रमण पर ले जाने के लिए भविष्य में राज्य सरकार की ओर से कार्य योजना बनाई जायेगी।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वे भविष्य में जिस भी क्षेत्र में कार्य करें, एक लीडर की भूमिका में कार्य करें। यदि हम किसी कार्य को पूर्ण मनोयोग एवं दृढ़ निश्चय से करते हैं, तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अनंत ऊर्जा का भंडार है। ऊर्जा का संचार सकारात्मक दृष्टि से हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भ्रमण के दौरान इन मेधावियों को शैक्षिक एवं औद्योगिक संस्थानों के बारे में भी जानकारी प्राप्त होगी।
विधायक विनोद कण्डारी ने बताया कि 19 दिसम्बर 2022 तक देवप्रयाग विधानसभा के हाईस्कूल में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को विभिन्न स्थानों पर शैक्षिक भ्रमण कराया जा रहा है। शैक्षिक संस्थानों के अलावा इन मेधावी छात्रों को औद्योगिक एवं अन्य संस्थानों का भ्रमण भी कराया जायेगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सोना सजवाण उपस्थित रहे।

क्षेत्र के विकास में धन की कमी नही आयेगी-अग्रवाल

ग्रामसभा चकजोगीवाला में क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने विकास कार्यों को गति देते हुए 10 लाख रुपए विधायक निधि से देने की घोषणा की। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने राज्य सरकार की योजनाओं को जनता के सामने रखा।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल के दौरान अनेक विकास कार्य किये गए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की आज परिभाषा बदली है, अब ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति शहर जैसी है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि उन्हें चौथी बार जनता ने अपना भरपूर आशीर्वाद दिया। विकास कार्याे पर जनता ने मोहर लगाई है। कहा कि ऋषिकेश के विकास के लिए वचनबद्ध हैं।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि वह जनता के ऋणी है और अंतिम छोर तक बैठे हर व्यक्ति की जनसमस्या का निदान करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जनता के लिए उन्होंने अपनी रिश्तेदारी त्याग दी है, यही कारण है कि मैं पहली प्राथमिकता अपनी विधानसभा को देता हूं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में महिलाओं का सम्मान होता है, महिलाओं ने राज्य आंदोलन में अहम भूमिका निभाई, इसके चलते सरकार ने 30 प्रतिशत क्षेतिज महिला आरक्षण दिया है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने 2025 तक उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है, इसके लिए जनता को भी अपना सहयोग देना होगा। कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर कार्य कर रही है।
डॉ अग्रवाल ने इस मौके पर 10 लाख रूपए विधायक निधि से ग्रामसभा चकजोगीवाला को देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकास का पहिया ऋषिकेश विधानसभा में सदैव अग्रसर रहा है और आगे भी रहेगा।
इस मौके पर पूर्व जिपंस देवेंद्र सिंह नेगी, बलविंदर सिंह, प्रधान भगवान सिंह मेहर, प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, बैसाख सिंह कैंतुरा, हुकुम रांगड़, निवर्तमान मण्डल अध्यक्ष गणेश रावत, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष समा पंवार, महामंत्री सुशीला नेगी, राहुल अग्रवाल, अनिता राणा, शैलेन्द्र रांगड़, कुलवीर बिष्ट, बीडीसी अमर खत्री, कैलाश रतूड़ी, उत्तम सिंह, राकेश पोखरियाल, भरत सिंह नेगी, मनोहर लाल सेमवाल, शांति प्रसाद जोशी, चंद्र सिंह, सोबन सिंह रावत, राजेन्द्र प्रसाद जोशी, सूरज मणि उनियाल, सुरेंद्र सिंह मेवाड़ी, रामेश्वर प्रसाद उनियाल, उत्तम सिंह जेठूरी, भरत सिंह नेगी, प्यार सिंह रावत, खुशहाल सिंह, लखन सिंह कैंतुरा, जसपाल सिंह रावत, कृपाल सिंह पंवार आदि सेकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

वीरता चक्र से अलंकृत सैनिक और वीरागंनाओं को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गांधी पार्क, देहरादून में विजय दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर भूतपूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि प्रदेश में शहीद द्वार/स्मारकों के निर्माण कार्य अब सैनिक कल्याण विभाग के माध्यम से कराया जायेगा, पहले यह संस्कृति विभाग के माध्यम से कराया जाता था। वीरता चक्र श्रृंखला से अलंकृत सैनिकों एवं वीर नारियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा अनुमन्य होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस को भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का दिन बताते हुए कहा कि आज ही के दिन 1971 में पाकिस्तान के 93,000 से अधिक सैनिकों ने हमारे वीर बहादुर सैनिकों के समक्ष घुटने टेक दिए थे। यह महान युद्ध भारत के वीरों के अटल संकल्प और बलिदान का प्रत्यक्ष उदाहरण था, जो कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी भी सेना का यह सबसे बड़ा आत्म समर्पण था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि, देवभूमि होने के साथ पराक्रम और बलिदान की भूमि भी है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 255 जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था। युद्ध में अपने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देने वाले प्रदेश के 74 सैनिकों को विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित कर देश स्वयं सम्मानित हुआ था। ऐसे सभी वीरों के बलिदान की अमर गाथाएं आज भी हमारे युवाओं को प्रेरणा देने का काम करती हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य में पांचवें धाम की नींव रखते हुए देहरादून में एक भव्य ‘सैन्य धाम‘ का निर्माण प्रारंभ किया है। यह स्मारक उन सभी वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह ना करते हुए, तिरंगे की शान एवं राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। यह सैन्य धाम आने वाली अनेकों पीढ़ियों के लिए राष्ट्र आराधना के एक दिव्य प्रेरणा पुंज के रूप में कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना को हर संभव सुविधा दी जा रही है। आज सैनिक अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए विश्व स्तरीय उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। जिसके परिणाम स्वरूप इस साल चार धाम यात्रा में 46 लाख से अधिक श्रद्धालु आए। राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर, आप सभी की सहभागिता से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैन्य परिवार में पैदा होने के कारण मैंने सैन्य परिवारों का संघर्ष एवं दुख-दर्द को नजदीक से देखा है। सैन्य परिवारों के लिए राज्य सरकार विशेष योजनाएं बना रही है, जिससे एक सैनिक को युद्ध में लड़ते समय अपने परिवार की चिंता न हो। राज्य सरकार ने सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने से लेकर शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार सैनिक विश्राम गृहों की संख्या बढ़ाने हेतुु भी प्रयासरत है। उत्तराखंड का संपूर्ण विकास राज्य सरकार की नीति ही नहीं बल्कि कर्तव्य है, और इस कर्तव्य का पालन करने हेतु हम संकल्पबद्ध हैं।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेना के जवान हर स्थिति में देश की रक्षा हेतु मोर्चा संभाले बैठे हैं, उन्होंने कहा 1971 के भारत-पाक युद्ध में उत्तराखंड राज्य के कई जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण हेतु दिन-रात कार्यरत है। लंबे समय से चली आ रही वन रैंक वन पेंशन की मांग प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में ही पूरी हुई। राज्य सरकार शहीदों के सम्मान में विशाल सैन्य धाम बनाने का कार्य कर रही है। साथ ही राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि सैन्य धाम के मुख्य द्वार का नाम उत्तराखंड के वीर सपूत एवं देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखा जाएगा।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, निदेशक सैनिक कल्याण (ब्रिगे.से.नि) अमृतलाल, पूर्व सैन्य अधिकारी एवं वीरांगनाएं मौजूद रहे।