जनसामान्य को नदी संरक्षण से जोड़ने की सीएम धामी की पहल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के मुख्य सेवक के रूप में अपने सफल चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड में मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की। साथ ही उन्होंने मां गंगा से प्रार्थना की कि हरिद्वार आने वाले सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों।

मुख्यमंत्री ने नदी उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नदियां केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि प्राचीन काल से ही सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन की आधारशिला रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भी नदियों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नदियों का ‘मां’ के समान सम्मान करें और उन्हें स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने में सहयोग करें। इस अवसर पर स्वयं मुख्यमंत्री सहित उपस्थित श्रद्धालुओं ने नदियों को प्रदूषित न करने और उन्हें सदैव स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि एवं अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। मां गंगा की पूजा विधिवत रूप से आचार्य अमित शास्त्री द्वारा संपन्न कराई गई।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

श्रीमद्भागवत ने आंतरिक शांति, समाधान और आत्म-साक्षात्कार का मार्ग दिखायाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से भीमगोड़ा, हरिद्वार में जगदीश स्वरूप विद्यानन्द आश्रम ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ-श्रीमद् भागवत कथा को वर्चुअली सम्बोधित किया।

भागवत कथा में उपस्थित परमपूज्य जगद्गुरु आचार्य गरीबदास जी महाराज, ब्रह्मसागर जी महाराज भूरी वाले, परम पूज्य स्वामी अमृतानन्द जी महाराज, युवा संत स्वामी पूज्य राम जी महाराज एवं कथा व्यास पूज्य इन्द्रेश उपाध्याय जी और सभी संतगणों, श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संतों का समागम और हरि कथा, दोनों ही दुर्लभ हैं और ये दोनों सौभाग्य से ही प्राप्त होते हैं। श्रीमद्भागवत महापुराण कोई सामान्य ग्रंथ नहीं, अपितु स्वयं श्रीकृष्ण की दिव्य वाणी का साकार रूप है। इसमें भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और धर्म इन चारों पुरुषार्थों का उत्कृष्ट वर्णन मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में जब मनुष्य भौतिकता की दौड़ में मानसिक और आत्मिक रूप से अशांत है, तो ऐसे समय में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण हमें आंतरिक शांति, समाधान और आत्म-साक्षात्कार का मार्ग दिखाता है। आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में लहरा रही है। आज चाहे अयोध्या जी में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ के गलियारे का विस्तार हो या महाकाल लोक का निर्माण हो। हमारी धार्मिक धरोहरों को संजोया और संवारा जा रहा है वो न भूतो न भविष्यति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। हम जहां एक ओर केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के लिए अनेकों कार्य कर रहे हैं। वहीं हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल के पुनरुद्धार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ-साथ शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। हमने भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना भी की है। हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, साथ ही, हमने प्रदेश में एक सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया है। समाज में व्याप्त असमानताओं को समाप्त करने तथा सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” कानून को लागू करने साहसिक कार्य भी किया है।

हरिद्वार में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास-पूज्य इन्द्रेश जी उपाध्याय, स्वामी राम जी महाराज, स्वामी भूपेन्द्र गिरी जी महाराज, स्वामी सतदेव जी महाराज, महामण्डलेश्वर निर्मला बा जी, गुजरात, स्वामी ऋषेश्वरानन्द जी महाराज, स्वामी हीरा योगी जी महाराज, आचार्य विशोकानन्द जी महाराज जी, आचार्य रामचन्द्र दास जी महाराज, योगी आशुतोष जी महाराज, सुप्रसिद्ध गायक बी०प्राक जी मौजूद रहे।

हरिद्वार की ग्रामसभा सलेमपुर का नाम लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर होगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर को नमन करते हुए कहा कि पाल-धनगर समाज प्राचीन काल से भारत की पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार रहा है। जिसने न केवल देश की प्रगति और उन्नति में आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण योगदान दिया है, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने और आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई है। आज भी ये समाज अपनी मेहनत, निष्ठा और आत्मसम्मान के बल पर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर नारी सशक्तिकरण की आदर्श – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी भारतीय इतिहास की एक ऐसी पुण्यात्मा हैं जिन्होंने नारी शक्ति का श्रेष्ठतम उदाहरण हमारे सम्मुख प्रस्तुत किया। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी का सम्पूर्ण जीवन सनातन जीवन मूल्यों और भारतीय संस्कृति की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए समर्पित रहा।

उन्होंने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, द्वारका, रामेश्वरम, अयोध्या और मथुरा के साथ ही हमारी देवभूमि के बद्रीनाथ, केदारनाथ और हरिद्वार में मंदिरों और घाटों का पुनर्निर्माण कराया। रानी अहिल्याबाई होलकर जी ने उस कालखंड में नारी सशक्तिकरण की भी ऐसी अनुपम मिसाल प्रस्तुत की, जिसकी कल्पना कर पाना भी उस समय कठिन था।

प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैकड़ों वर्षों तक विदेशी आक्रांताओं ने और फिर स्वतंत्रता के बाद भी गुलामी की मानसिकता से ग्रसित सरकारों ने हमारी महान विभूतियों के योगदान को वो सम्मान नहीं दिया, जिसके वे वास्तव में हक़दार थे। हमारी युवा पीढ़ी को उनके गौरवशाली इतिहास से वंचित रखने का सुनियोजित षड़यंत्र रचा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। वर्षों तक उपेक्षित रहे हमारे गौरवशाली इतिहास, महान राष्ट्रनायकों के योगदान और सांस्कृतिक विरासत को आज न केवल पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय चेतना का आधार भी बनाया जा रहा है। आज हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व से लहरा रही है और भारत अपनी जड़ों से जुड़ते हुए पुनः विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। आज चाहे भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ के गलियारे का विस्तार हो या महाकाल लोक का निर्माण हो।

प्रधानमंत्री जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए किये अभूतपूर्व कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। चाहे महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की मंजूरी देना हो, बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान द्वारा बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देना हो, उज्ज्वला योजना से महिलाओं को चूल्हे के धुंयें से मुक्ति दिलाना हो, लखपति दीदी योजना द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना हो या फिर ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करना हो। ऐसे अनेकों निर्णयों के माध्यम से आदरणीय मोदी जी ने मातृशक्ति का सम्मान सुनिश्चित करने का काम किया है।

आज जो दुश्मन हमे आँख दिखाया करते थे वो बचने के लिए दुनिया भर के देशों से गुहार लगाते फिर रहे हैं। आप सभी भलीभांति जानते हैं एक समय वो भी था जब भारत का कोई भी बड़ा शहर आतंकवाद से सुरक्षित नहीं था। लेकिन आज दुश्मन देश के किसी भी आतंकी हमले का मुँहतोड़ जवाब दिया जाता है। जैसे उरी हमले का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक द्वारा दिया गया, पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक की गई और अब पहलगाम हमले के बाद “ऑपरेशन सिंदूर” के माध्यम से आतंकियों का उनके बिल में ही सफाया किया गया। वहीं आतंकियों की मदद करने वाली पाक सेना के हवाई अड्डों से लेकर डिफेन्स सिस्टम तक तबाह कर दिए गए।

उत्तराखण्ड में धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए किये जा रहे महत्वपूर्ण कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी राज्य में धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हम जहां एक ओर केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के अनेकों कार्य कर रहे हैं। वहीं हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल के पुनरुद्धार की दिशा में भी प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ-साथ शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण एवं प्रगति के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए भी विभिन्न कार्य कर रहे हैं। हमारी सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना‘, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं। आज इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की बेटियाँ न केवल विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित हो रही हैं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर भी बन रही है। हमारी सरकार ने राज्य हित में भी कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिन्हें पूर्व की सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध – सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। हमने प्रदेश में लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश में सख्त दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को भी लागू किया है। हम राज्य में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं।

भ्रष्टाचार के मामलों में छोटी मछलियों के साथ ही भ्रष्टाचारी मगरमच्छो को भी पकड़ा जा रहा- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पहले धारणा थी कि केवल छोटे कर्मचारियों पर ही भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है। परन्तु आज राज्य में छोटी मछलियों को ही नहीं भ्रष्टाचारी मगरमच्छो को भी पकड़ा जा रहा है। अभी पिछले दिनों हरिद्वार भूमि घोटाले में दो आईएएस और एक पीसीएस अफसर को निलंबित किया गया है।

इस दौरान उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन विनय कुमार रोहिला, राज्यमंत्री डॉ. जयपाल सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल, ओम प्रकाश जमदग्नि, न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह, विधायक आदेश चौहान, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, प्रणव सिंह चौंपियन, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, अपर सचिव अनुराधा पाल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सौरभ असवाल एवं धनगर समाज के लोग उपस्थित थे।

नेता नहीं, जनसैनिक हैं धामीः खेत, गांव, संविधान और संकल्प सब साथ लेकर चल रहे

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जनपद के लिब्बरहेड़ी में भव्य रोड शो और जनसंवाद कार्यक्रम में भाग लेकर प्रदेशवासियों को एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि उनकी राजनीति का केंद्र बिंदु जनता और ज़मीन से जुड़ाव है। इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान सीएम धामी न केवल मंच से जनता को संबोधित करते दिखाई दिए, बल्कि खुद ट्रैक्टर चलाकर प्रदेश के किसानों के कठिन परिश्रम के प्रति आभार भी व्यक्त कर रहे थे।

ट्रैक्टर की सवारीरू संदेशों से भरपूर एक क्षण
मुख्यमंत्री धामी ने जब पारंपरिक मंच से उतरकर ट्रैक्टर की स्टेयरिंग संभाली, तो सड़क पर उत्साह की लहर दौड़ गई। किसान, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा, सभी यह दृश्य देखने को उमड़ पड़े। मुख्यमंत्री ने कहारू किसान हमारे देश की रीढ़ हैं। जब मैं ट्रैक्टर चलाता हूं, तो यह केवल एक ड्राइव नहीं, बल्कि हमारे अन्नदाता भाइयों के परिश्रम को नमन करने का एक छोटा-सा प्रयास है। इस दृश्य ने यह स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री का नेतृत्व केवल योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर सहभागी बनना उनकी शैली का अभिन्न अंग है।

’समान नागरिक संहिता पर जनसंवाद’
लिब्बरहेड़ी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य हाल ही में उत्तराखंड में लागू की गई समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर जनता का आभार प्रकट करना और इस ऐतिहासिक कानून के महत्व को जनमानस तक पहुंचाना था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहारू न्ब्ब् न किसी मजहब के खिलाफ है और न किसी वर्ग के। यह समानता, न्याय और पारदर्शिता का मूल आधार है। यह वही सपना है जिसे बाबा साहब डॉ. आंबेडकर ने संविधान निर्माण के समय देखा था। यह कानून प्रदेश की एकता, भाईचारे और नागरिकों के समान अधिकारों की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

’गांव, किसान और युवा, यही है धामी सरकार की प्राथमिकता’

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें किसानों को आधुनिक खेती के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, युवा उद्यमियों के लिए स्टार्टअप योजनाएं, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और सड़कों व स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन शामिल हैं। उन्होंने कहारू हमारा लक्ष्य सिर्फ विकास करना नहीं, बल्कि विकास को गांव-गांव और व्यक्ति-व्यक्ति तक पहुंचाना है।

लिब्बरहेड़ी की इस यात्रा ने साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नेतृत्व केवल शासकीय सीमाओं में बंधा नहीं है। वे एक जननेता हैं, जो न केवल सुनते हैं, बल्कि जमीन पर उतरकर भागीदारी भी निभाते हैं। ट्रैक्टर की सवारी हो या समान नागरिक संहिता पर जनसंवाद कृ हर पहलू यह दर्शाता है कि उत्तराखंड एक नए युग की ओर अग्रसर है, जहां विकास और संवेदना दोनों साथ चलती हैं।

नगर निगम हरिद्वार भूमि घोटाला प्रकरण की होगी विजिलेंस जांच, सीएम धामी ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम हरिद्वार में हुए जमीन घोटाले पर सख्त रुख अपनाते हुए, दो आईएएस, एक पीसीएस अधिकारी सहित सात अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं, इस मामले में तीन अधिकारी पूर्व में निलंबित हो चुके हैं, जबकि दो की पूर्व में सेवा समाप्त की जा चुकी है। इस तरह इस प्रकरण में अब तक 10 अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं।

हरिद्वार नगर निगम द्यारा ग्राम सराय में कूड़े के ढेर के पास स्थित अनुपयुक्त 2.3070 हैक्टेयर भूमि को करोड़ों रुपये में खरीदने पर सवाल उठने के बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे। जिसके बाद सचिव रणवीर सिंह चौहान ने मामले की प्रारंभिक जांच कर, रिपोर्ट 29 मई को ही शासन को सौंपी थी। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री ने कार्मिक विभाग को दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिस पर कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने मंगलवार को सभी सात आरोपित अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, कार्मिक विभाग ने मंगलवार को हरिद्वार नगर निगम के तत्कालीन प्रशासक और मौजूदा डीएम कर्मेंद्र सिंह, तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, हरिद्वार के तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह, वरिष्ठ वित्त अधिकारी निकिता बिष्ट, वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक विक्की, रजिस्ट्रार कानूनगो राजेश कुमार, हरिद्वार तहसील के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कमलदास को निलंबित कर दिया है।

अब तक हुई कार्रवाई

कर्मेन्द्र सिंह – जिलाधिकारी और तत्कालीन प्रशासक नगर निगम हरिद्वार (निलंबित)
वरुण चौधरी – तत्कालीन नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार (निलंबित)
अजयवीर सिंह- तत्कालीन, उप जिलाधिकारी हरिद्वार (निलंबित)
निकिता बिष्ट – वरिष्ठ वित्त अधिकारी, नगर निगम हरिद्वार (निलंबित)
विक्की – वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक (निलंबित)
राजेश कुमार – रजिस्ट्रार कानूनगो, तहसील हरिद्वार (निलंबित)
कमलदास – मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, तहसील हरिद्वार (निलंबित)

पूर्व में हो चुकी कार्रवाई

रविंद्र कुमार दयाल- प्रभारी सहायक नगर आयुक्त (सेवा समाप्त)
आनंद सिंह मिश्रवाण- प्रभारी अधिशासी अभियंता (निलंबित)
लक्ष्मी कांत भट्ट्- कर एवं राजस्व अधीक्षक (निलंबित)
दिनेश चंद्र कांडपाल- अवर अभियंता (निलंबित)
वेदपाल- सम्पत्ति लिपिक (सेवा विस्तार समाप्त)

हमारी सरकार ने पहले ही दिन से स्पष्ट किया है कि लोकसेवा में “पद’ नहीं बल्कि ‘कर्तव्य’ और ‘जवाबदेही’ महत्वपूर्ण हैं। चाहे व्यक्ति कितना भी वरिष्ठ हो, अगर वह जनहित और नियमों की अवहेलना करेगा, तो कार्रवाई निश्चित है। हम उत्तराखंड में भ्रष्टाचार मुक्त नई कार्य संस्कृति विकसित करना चाहते हैं। सभी लोक सेवकों को इसके मानकों पर खरा उतरना होगा।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

नगर निगम हरिद्वार के चार अधिकारी निलंबित, जानिए क्या है मामला?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में नगर निगम हरिद्वार द्वारा सराय स्थित भूमि को क्रय किये जाने के प्रकरण में दोषी पाए गए अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई है।

इस प्रकरण में 4 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। एक कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये गए हैं जबकि एक अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

नगर आयुक्त, नगर निगम, हरिद्वार द्वारा उपलब्ध करायी गयी आख्या में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता पाए जाने पर प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए रणवीर सिंह चौहान, सचिव, गन्ना चीनी, उत्तराखण्ड शासन को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच में पाया गया है कि उक्त भूमि को क्रय किये जाने हेतु गठित समिति के सदस्य के रूप में रवीन्द्र कुमार दयाल, अधिशासी अधिकारी श्रेणी-2 (प्रभारी सहायक नगर आयुक्त), नगर निगम, हरिद्वार, आनन्द सिंह मिश्रवाण, सहायक अभियन्ता (प्रभारी अधिशासी अभियन्ता), नगर निगम, हरिद्वार, लक्ष्मीकांत भट्ट, कर एवं राजस्व अधीक्षक, नगर निगम, हरिद्वार और
दिनेश चन्द्र काण्डपाल, अवर अभियन्ता, नगर निगम, हरिद्वार द्वारा अपने दायित्वों का सम्यक् रूप से निर्वहन नहीं किया गया है। इस पर इन सभी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

इस प्रकरण में सेवा विस्तार पर कार्यरत सेवानिवृत्त सम्पत्ति लिपिक वेदपाल की संलिप्तता पायी गयी है। उनका सेवा विस्तार समाप्त करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश देने के साथ ही निकिता बिष्ट, वरिष्ठ वित्त अधिकारी नगर निगम, हरिद्वार का स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

पांच अनधिकृत कॉलोनियों पर एचआरडीए की नजर, जेसीबी चलाकर की ध्वस्त

हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस अंशुल सिंह ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत पांच ऐसे लोगों पर कार्रवाई की गई है, जो अवैध तरीके से कॉलोनियों को बसाने की फिराक में थे। बताया कि जेसीबी के जरिए कॉलोनियों की प्लांटिंग को ध्वस्त किया गया है। साथ ही मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद निर्माण व विकास कार्य करने के लिये संबंधितों को निर्देशित भी किया गया है।

आईएएस अंशुल सिंह ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्रांतर्गत बेडपुर क्षेत्र, धनौरी रोड पर पांच अनाधिकृत कॉलोनियों को मौके पर ध्वस्त किया गया, जिनकी पहचान नदीम व शहजाद, महकार, हितबद्ध व्यक्ती, अनीश, राव शहजाद के रूप में हुई है। बताया कि बिना मानचित्र स्वीकृत किये कॉलोनियों का निर्माण कार्य किया जा रहा था। जिन्हें मोके पर जाकर प्राधिकरण की टीम ने ध्वस्त किया है।

हरिद्वार में वोट डालने पहुंची 113 वर्षीय राम भजन माता

मतदान जागरूकता का अहम संदेश देते हुए हरिद्वार में 113 वर्षीय संन्यासिन राम भजन माता ने हरिद्वार नगर निगम चुनाव में उत्साह के साथ मत दिया।

खडखड़ी स्थित सनातन धर्म विद्यालय में बृहस्पतिवार को राम भजन माता अपने शिष्य स्वामी सत्यदेव के साथ मतदान करने व्हील चेयर में पहुंची।

राम भजन माता ने बताया की कई दशकों से वो लोक सभा, विधान सभा सहित निकाय चुनाव में मतदान करती आई है और आज भी संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का प्रयोग कर वे जिम्मेदार नागरिक का बोध करती है।

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, मतदान कर्मियो के साथ मतदान देने आए लोगों ने राम भजन माता की इस उम्र के पड़ाव में वोट देने की जागरूकता और कर्त्तव्य बोध की भूरी भूरी प्रशंसा की।

वही उनके शिष्य स्वामी सत्यदेव ने बताया की राम भजन माता गंगा भजन आश्रम, कुंज गली, खडखडी ,हरिद्वार में निवास करती है।

स्वामी श्रद्धानंद के विचारों से प्रभावित होकर हजारों दूसरे धर्म के लोगों ने पुनः सनातन को अपनायाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओल्ड गुरूकुल कांगड़ी में अमरहुतात्मा स्वामी श्रद्धानन्द महाराज के 99वे बलिदान दिवस पर आयोजित राष्ट्रभक्त महायज्ञ में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने देश की समता के लिए जो प्रयास और संघर्ष किया, वह स्मरण करने का दिन भी है। स्वामी श्रद्धानंद महाराज ने 20वीं सदी के प्रारंभ में भारत में स्वतंत्रता और वैदिक शिक्षा का एक ऐसा आंदोलन खड़ा किया था, जिसने कट्टरपंथियों की ओर अंग्रेजों की नींव हिलाने का काम किया था। स्वामी श्रद्धानन्द के विचारों से प्रभावित होकर, हजारों की संख्या में दूसरे धर्म के लोगों ने पुनः सनातन को अपनाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धानंद महाराज ने 1902 में हरिद्वार की पवित्र धरती पर गुरुकुल रूपी बीज रोपित किया था, जो आज एक विशाल वट वृक्ष बनकर पूरी दुनिया को वैदिक शिक्षा का प्रकाश एवं शिक्षा देने का काम कर रहा है। यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है बल्कि राष्ट्र निर्माण और वैदिक संस्कृति के प्रचार प्रसार का भी एक मजबूत स्तंभ है। इस विश्वविद्यालय की शिक्षा प्रणाली में जहां एक ओर गौतम, कपिल, कणाद, जैमिनी आदि ऋषियों के जीवन दर्शन का पूरा समावेश है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रवाद की भावना का तत्व भी विद्यमान है। इसी विश्वविद्यालय से हजारों शिक्षार्थियों ने विश्व बंधुत्व का भाव लेकर शिक्षा धर्म और समाज सेवा के क्षेत्र में एक वैश्विक पहचान स्थापित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश कुटुंबकम की भावना से एक पृथ्वी-एक परिवार और एक भविष्य की अवधारणा को वैश्विक मंचों पर साकार कर रहा है। आज भारत की हर उस बात को जो दुनिया के हित में है, मानवता के हित में है, जो प्रधानमंत्री के द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है, उन्हें पूरी दुनिया अपना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना काल में 100 से भी अधिक देशों को हमारी सरकार ने कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराने का काम किया था। योग एवं आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर ले जाने, मानवता के एक सूत्र में पिरोने का कार्य प्रधानमंत्री ने किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, सहयोग से राज्य सरकार भी प्रदेश में सनातन संस्कृति के उन्नयन, संरक्षण, संवर्धन के लिए लगातार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। केदारनाथ के पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान पर तेजी से कार्य हुए हैं। मानसखंड मंदिर माला मिशन पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज़ की पढ़ाई प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। जिसमें अनेक प्रकार के शोध और अनुसंधान के कार्य होंगे। इस केंद्र में हिंदू सभ्यता और संस्कृति से जुड़े हुए विभिन्न विषयों पर शिक्षण और शोध के कार्य के साथ अन्य नवाचार के कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर सनातन संस्कृति के संवर्धन एवं वैदिक शिक्षा के प्रचार प्रसार के माध्यम से भारत को फिर से पुनः विश्व गुरु बनाने में अवश्य सफल होंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कुलाधिपति सत्यपाल मलिक, विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, कुंवर प्रणव चौम्पियन, संजय गुप्ता, विवेक ऑबराय, योगानंद शास्त्री, जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल उपस्थित थे।

सीएम ने नवनिर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में नव निर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में 54 करोड़ 31 लाख रूपये की 239 योजनाओं को लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा हमारी सरकार जिन योजनाओं का शिलान्यास करती है, उनका लोकार्पण भी करती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास अनवरत रूप से चलते रहे, यह हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा जिन परियोजना का आज लोकार्पण हुआ है, उनसे आने वाले समय में धर्मनगरी हरिद्वार में विकास की गंगा भी बहेगी। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से नवनिर्मित सिटी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में बनाए गए लॉंग टेनिस कोर्ट, क्रिकेट प्रैक्टिस पिच, बैडमिंटन कोर्ट, हरिद्वार के साथ पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण और मददगार साबित होगा। निश्चित रूप से यह हमारे खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में हर प्रकार से उनके विकास में सहयोग करेगा। सिटी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स हमारे प्रदेश में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की दृष्टि से भी बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिथौरागढ़ में पिछले वर्ष 12 अक्टूबर को हमारे राज्य में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन का उद्घोष किया था, राष्ट्रीय खेलों की तैयारी जोरो शोरों से चल रही है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले हमने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर खेल स्टेडियम, इनडोर आउटडोर स्टेडियम का पुनर्निर्माण कार्य किया है। उन्होंने कहा हरिद्वार में भी राष्ट्रीय खेल का आयोजन किया जाएगा। जिससे कुंभ नगरी हरिद्वार को खेल नगरी के रूप में नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीतकालीन यात्रा की तेजी से तैयारी कर रही है। शीतकाल यात्रा शुरू होने से क्षेत्र में पूरे साल यात्रा अनवरत चलेगी। जिसका मुख्य आधार हरिद्वार होगा। जिससे रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। हरिद्वार में भी अनेकों विकास कार्य गतिमान है। हरिद्वार के अंदर निर्मित हो रहे मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लालढांग क्षेत्र में मॉडर्न डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्राम श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। धर्मनगरी हरिद्वार को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए राज्य सरकार हरिद्वार और ऋषिकेश में कॉरिडोर का कार्य कर रहे है। हरिद्वार में हैली सेवाओं के लिए हैलीपैड का निर्माण करने के साथ ही नगर की जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए कई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर की पैड़ी से माँ चंडीदेवी तक रोपवे के निर्माण को हरी झंडी दी गई है। जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो जायेगा। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन बनाकर खिलाड़ियों को वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, क्रिकेट सहित अन्य खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ दूधाधारी फ्लाई ओवर के नीचे बड़े स्तर पर पार्किंग, कमर्शियल एवं पार्क सहित विकास कार्य कराए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कावड़ पटरी मार्ग को स्थाई रूप से विकसित किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, पलायन को जड़ से समाप्त करने और राज्य के अंदर निवेश लाने, उद्योग स्थापित करने और स्वरोजगार को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगंधित फूलों की खेती और होम स्टे निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में पारदर्शिता के साथ 19000 से भी ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में किसी भी होनहार छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता को लागू करने वाली है। जिसके लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, कुंवर प्रताप सिंह चौंपियन, जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, देशराज कर्णवाल, जिलाधिकारी कमेन्द्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, एचआरडीए सचिव उत्तम सिंह चौहान, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।