मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता के लिए डीएसओ को दी जिम्मेदारी

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित जिला पूर्ति अधिकारी की जिम्मेवारी तय की जाएगी। योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की गड़बड़ी या कोताही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सचिव खाद्य, अपने स्तर पर इसकी नियमित रूप से समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को नवम्बर माह तक विस्तारित किया गया है। इससे देश के करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार का संकल्प है कि कोई गरीब भूखा न सोए। पिछले लगभग 4 माह में हर व्यक्ति को राशन उपलब्ध कराया गया है। राज्य में लौटे प्रवासियों के लिए भी राशन की व्यवस्था की गई।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य के 61.94 लाख व्यक्तियों को अप्रैल, मई व जून माह का खाद्यान्न दिया गया है। इसमें प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल और प्रति परिवार 1 किलो दाल निशुल्क वितरित की गई है।
अब योजना का विस्तार करने से जुलाई से नवम्बर तक 5 माह और यह लाभ पात्र व्यक्तियों को मिलता रहेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत नियमित खाद्यान्न भी वितरित किया जाता रहेगा।
बताया गया कि आत्मनिर्भर भारत योजना में लगभग 12 हजार प्रवासियों को मई व जून माह में प्रति माह 5 किलो चावल प्रति व्यक्ति और 1 किलो दाल प्रति परिवार निशुल्क उपलब्ध कराई गई है। वन नेशन वन राशन कार्ड 1 जुलाई से लागू की जा चुकी है। इसके तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशनकार्ड धारकों को अन्य राज्यों में और अन्य राज्यों के राशनकार्ड धारकों को राज्य में लाभ मिलेगा।

जल संरक्षण के लिए पौधे लगाना जरुरीः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चन्द्रबनी खालसा, क्लेमेंटाउन में वृक्षारोपण किया। वन विभाग द्वारा वन महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सीजन में प्रदेश में 2 करोड़ पौधे लगाये जायेंगे। वृक्षारोपण अभियान की शुरूआत आज से हो चुकी है। हरेला पर्व पर भी प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जायेगा। कोविड-19 के कारण अलग-अलग चरणों में पौधे रोपे जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में वनों एवं पर्यावरण के प्रति लोगों में सजगता है। जल संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। पर्यावरण संतुलन के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण जरूरी है। वृक्षारोपण के साथ ही उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चन्द्रबनी में वन विभाग द्वारा एक पार्क विकसित किया जायेगा।
वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है। प्रकृति के साथ हमें सामंजस्य बनाकर चलना होगा। एक अदृश्य वायरस ने हमें जीवन जीना सिखा दिया है। इस समय का हमें सदुपयोग करना होगा। प्रकृति का दोहन करने पर उसके दुष्परिणाम भी हमें झेलने पड़ते हैं। यह इस वायरस ने दुनिया को सिखा दिया है। राज्य सरकार द्वारा जल एवं वन संवर्द्धन की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ कार्य दीर्घकालिक सोच पर आधारित होते हैं, जिसके बाद में सुखद परिणाम देखने को मिलते हैं।
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण पर इस समय दुनिया का जोर है। कोरोना वायरस ने सबको सोचने पर विवश कर दिया है। यह समय चुनौतियों को अवसर में बदलने का है। मेडिसनल और ऐरोमैटिक प्लांट की दिशा में उत्तराखण्ड में अच्छा कार्य हो रहा है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक जयराज एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

खुशखबरीः मुख्यमंत्री ने निर्देश, अब एक रुपये में मिलेगा पानी का कनेक्शन

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल जीवन मिशन को सफल बनाने के लिये कार्य योजना तैयार की गई है। इसके तहत दिये जाने वाला कनेक्शन गरीब परिवारों को मात्र एक रूपये में दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अब जनहित में रूपये 2350 के स्थान पर उन्हें मात्र एक रूपये में जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन उपलब्ध करायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2024 तक हर घर को नल द्वारा मानकों के अनुसार शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की योजना का लाभ प्रदेश वासियों को मिल सकेगा। देश में इस प्रकार की पहल करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य होगा जो आम आदमी के जीवन से जुड़ी इस योजना के लिये मात्र एक रूपये में कनेक्शन उपलब्ध करायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जल जीवन मिशन’ के तहत होने वाले कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता में रखा गया है। 2024 से पूर्व हमें ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में जल पहुंचाना है। इसके लिए प्रत्येक वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें पानी की उपलब्धता के साथ ही शुद्धता का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है तथा पानी की गुणवत्ता के साथ सभी क्षेत्रों के लिए इसके तहत पूरा प्लान भी बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘जल जीवन मिशन’ के तहत आगामी 2 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 75 प्रतिशत तक पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष 3 लाख 58 हजार 880 घरों को इस मिशन के तहत पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि अर्द्ध नगरीय क्षेत्रों के लिए भी घरों में प्रतिदिन 16 घण्टे पेयजल की उपलब्धता के लिए 22 अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में कार्य किये जा रहे हैं। इस योजना के तहत 96797 घरों को लाभान्वित किया जायेगा।

बाढ़ सुरक्षा के तहत सिंचाई विभाग मुस्तैद, मंत्री ने दी जानकारी

(एनएन सर्विस)
बरसाती मौसम में उत्तराखंड की प्रमुख नदियों में बढ़ते जलस्तर से बाढ़ के खतरों को भांपते हुए राज्य का सिंचाई विभाग पूरी तैयारियों के साथ बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि मुस्तैद है। उत्तराखंड में बाढ़ सुरक्षा सम्बन्धी तैयारियों की जानकारी देते हुए प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि बरसात के मौसम में राज्य की प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग ने समय से अपनी पूरी तैयारियां कर दी हैं।
सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की प्रमुख नदियों भागीरथी, अलकनंदा, पिंडर, मंदाकिनी, नयार और गंगा जिनका कि बरसात में जलस्तर बढ़ जाने से कई स्थानों पर भवन, भूमि, फसलों, मार्गों आदि को हमेशा खतरा बना रहता है। उस खतरे से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने बाढ़ सुरक्षा के तहत अपनी योजनाओं का काम पूरा कर लिया है।
श्री केदारनाथ धाम स्थित केदारपुरी में मंदाकिनी नदी से सुरक्षा, श्री केदारनाथ के सीतापुर/गौरीकण्ड के पूर्ननिर्माण कार्य, सौंग नदी के दायें तट पर स्थित गौरी माफी ग्राम में जल भराव से निजात दिलाने के लिए 379.49 लाख रूपये की लागत से लगभग 500 मीटर के बन्दे का निर्माण किया गया है। अल्मोडा के विकासखण्ड चैखुटिया में शीर्ष बन्धों का पुनर्निमार्ण कराया गया है। विकासखण्ड स्याल्दे, विकासखण्ड मुनस्यारी एवं चमोली जनपद के विकासखण्ड घाट में भी पुनर्निमार्ण के कार्य गतिमान हैं।
सतपाल महाराज ने बताया कि मानसून में बाढ़ तथा जल भराव की दृष्टि से हरिद्वार, पौड़ी, रूद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ, चम्पावत, उधमसिंह नगर, देहरादून और उत्तरकाशी जनपदों के सभी संवेदनशील स्थलों का चिन्हीकरण कर बाढ़ सुरक्षा की तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। उन्होने बताया कि देहरादून के सिंचाई खण्ड परिसर में राज्य का केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाने के अलावा दोनों मण्डलों सहित जिला स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किये गये हैं। इतना ही नहीं प्रदेश स्तर पर सभी अधिकारियों का बाढ़ से सम्बन्धित सूचनाओं के आदान प्रदान हेतु एक वाट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया है। जिसके माध्यम से सुबह के समय नदी का डिसचार्ज एवं क्षेत्र में हुई वर्षा की माप की सूचना केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को करवाई जायेगी।
सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बाढ़ सुरक्षा तैयारियों के बारे में बताया केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त नदियों के जलस्तर का पूर्वानुमान शासन द्वारा सम्बन्धित जिलाधिकारी एवं विभाग के क्षेत्रीय एवं स्थानीय अधिकारियों को उपलब्ध करवाने के साथ-साथ केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के द्वारा प्रतिदिन बाढ़ संबंधित सूचनाएं शासन और उच्चाधिकारियों को भी पहुंचाई जायेंगी।
सतपाल महाराज ने बताया कि नैनीताल, उधमसिंह नगर, चम्पावत, हरिद्वार और टिहरी जनपदों में कुल 72 बाढ़ चैकियां स्थापित कर दी गई हैं जिनके माध्यम से ग्रामीणों को सजग रहने की व्यवस्था की गई है। सिंचाई मंत्री ने बताया कि बाढ़ सम्बन्धी सूचनाओं के लिए अल्मोडा, श्रीनगर और देहरादून में नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। उन्होने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मानिटरिंग के लिए जनपदों में एक स्टीयरिंग ग्रुप का भी गठन किया गया है।

पुलिस ने कार से टक्कर मारने वाले युवक को किया गिरफ्तार

(एनएन सर्विस)
बीते शनिवार को कोतवाली के सामने मिले किशोर का शव वाले मामले में ऋषिकेश पुलिस ने नगर के प्रतिष्ठित होटल व्यवसायी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि व्यवसायी ने मध्यरात्रि तेज रफ्तार से अपनी लग्जरी कार से एक युवक को टक्कर मारी थी। इस कारण युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, घटना में प्रयुक्त कार को भी सीज किया गया है।
बता दें कि मृतक के पिता राजकुमार पुत्र स्व. चेता सिंह निवासी झुग्गी झोपड़ी गोविंद नगर ऋषिकेश ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही कोतवाली के आसपास तथा देहरादून मार्ग के करीब 25 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए दो टीमें तैनात की। इसके अलावा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक लग्जरी पजेरो काले रंग की कार यूके07एवाई-1111 किशोर को टक्कर मारती दिखाई दे रही थी। उक्त कार के नंबर को ट्रेस करने पर यह होटल व्यवसायी की निकली। जिसे मुखबिर तंत्र की सूचना पर सिनेमा घर के पास खाली प्लाट से गिरफ्तार किया गया।
कोतवाल रितेश शाह ने आरोपी की पहचान अक्षत गोयल पुत्र संजीव गोयल निवासी 104/18 हनुमंत कृपा, देहरादून रोड, जोशी अस्पताल के सामने, ऋषिकेश के रूप में कराई है। बताया कि पुलिस ने कार को एमवी एक्ट में सीज किया है। वहीं, आरोपी अक्षत को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने दिखया सीसीटीवी फुटेज, प्रदर्शन करने आए परिजन हुए शांत, लौटे घर

(एनएन सर्विस)
शनिवार रात ऋषिकेश कोतवाली के सामने मिले किशोर के शव को हत्या बताकर परिजन कोतवाली पहुंचे। जहा पर परिजनों ने हत्या होने की बात कहकर आरोपियों को पकड़ने की मांग की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों को सीसीटीवी फुटेज दिखाई। जिसमें किशोर को एक तेज रफ्तार से जा रही कार के द्वारा टक्कर मारना दिख रहा है। पुलिस ने कार को ट्रेस करने और अभी अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात कही। जिस पर घटना की सत्यता जानने के बाद परिजन घर की ओर लौटे।
रविवार की सुबह दो दर्जन से अधिक महिलाओं का दल कोतवाली परिसर पहुंचा। यहां मृतक के परिजनों ने काफी विलाप किया और मृतक की हत्या की आशंका जताकर पुलिस ने न्याय दिलाने की मांग की। इस पर पुलिस टीम ने उन्हें कोतवाली क्षेत्र के करीब आधा दर्जन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज दिखाई। इस फुटेज में मध्य रात्रि को एक तेज रफ्तार से आ रही कार किशोर को टक्कर मारती दिखी। कोतवाल रितेश शाह ने परिजनों को बताया कि शुक्रवार की मध्यरात्रि किशोर शराब के नशे में कोतवाली पहुंचा। यहां वह अपनी महिला मित्र के संबंध में कुछ बताना चाहता था। मगर, नशे में होने के चलते स्पष्ट तौर पर बता पाने में असमर्थ था। इस पर कोतवाली में तैनात पुलिस ने किशोर को अगली सुबह कोतवाली आने को कहा। इसके बाद किशोर कोतवाली से बाहर गया और कुछ ही देर में तेज आवाज आई। पुलिस मौके पर पहुंची तो युवक लहुलूहान अवस्था में पड़ा मिला। पुलिसकर्मियों ने व्हील चेयर पर बैठाकर किशोर को राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। मगर, यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि उक्त समस्त घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रखा है। कोतवाल के समझाने के बाद परिजन शांत हुए और घर की ओर लौटे। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि घटना के संबंध में कार को जल्द ही ट्रेस कर लिया जाएगा।

गांव की सबसे बुजुर्ग महिला का निधन, 116 वर्ष बताई जा रही उम्र

(एनएन सर्विस)
रानीपोखरी न्यायपंचायत की सारंगधरवाला गांव निवासी रतनदेई पत्नी स्व.जयपाल सिंह तोमर 116 वर्ष की उम्र में बैकंठवासी हो गई। परिजनों ने उनकी अंतिम यात्रा बैंडबाजों के साथ निकाली। अंतिम यात्रा में आसपास के गांवों के कई लोग शामिल हुए। वहीं, पूर्णानंद घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सारंगधरवाला गांव में रतनदेई के परिवार में अब तक चार पीढ़ी हो गई है। उनके परिवार में सबसे छोटा बेटा भगवान सिंह तोमर 83 वर्षीय सहित चार पोते
अनिल तोमर, अजित तोमर, प्रवीण तोमर, प्रमोद तोमर और एक पोती अनिता शाह सहित नाती, पोते 20 सदस्य हैं। उनके प्रपौत्र विशाल तोमर और सारंगधरवाला के उपप्रधान ने बताया कि उनकी दादी कहती थी कि जब इंदिरा गांधी 18-19 साल की थी तो भोगपुर स्थित सिंचाईं विभाग के बंगले में आई थी। आसपास के गांवों के लोगों से भी उनके अच्छे संबंध थे। ब्रिटिश शासनकाल में हुए किस्से कहानियों को सुनने के लिए कई लोग उनके पास आते थे। कई अखबारों और टीवी चैनलों में भी उनका इंटरव्यू छप चुका है। वह काफी मिलनसार थीं। उनके प्रपौत्र विशाल तोमर ने बताया कि उनकी दादी उम्र का शतक पार करने के बाद भी बिना लाठी के सहारे चलती थी, खेतों में साग सब्जी की खुद ही निराई गुड़ाई आदि का काम भी करती थी। बताया कि 15 साल की उम्र में उनकी दादी की शादी हुई थी। एक साल पहले उत्तराखंड के विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी उनकी दादी से आशीर्वाद लेने के लिए उनके घर पर आए थे।

मोदी रिट्रीट योगा होटल की महिला यात्री की ट्रेवल हिस्ट्री छुपाई, निकली पाॅजीटिव

(एनएन सर्विस)
ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने प्रशासन को गुमराह करने पर होटल मोदी रिट्रीट योगा के मैनेजर और महिला यात्री पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के नियमों का उल्लंघन पाते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि होटल मोदी रिट्रीट योगा में एक महिला दिल्ली रेड जोन से आई। लेकिन महिला यात्री सहित होटल के मैनेजर ने रेड जोन से आने की सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को नहीं दी। पुलिस को जब इस मामले का पता चला तो होटल मैंनेजर सतीश से दिल्ली से ऋषिकेश आने का ई-पास मांगा गया तो वह उचित जवाब नहीं दे सका। मैंनेजर की ओर से न ही महिला यात्री शीतल को क्वारंटीन किया गया। बता दें कि उक्त महिला की कोविड रिपोर्ट दो जुलाई को पॉजीटिव आई है।
इस बावत जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों की अवहेलना करने पर होटल के मैनेजर और महिला यात्री के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल ने आरोपियों की पहचान मैनेजर सतीश पुत्र धर्मपाल निवासी अमर एंटा पंचरुखी तहसील पालमपुर कांगड़ा हिमाचल प्रदेश और महिला यात्री शीतल के रूप में कराई है।

पोस्टमैन रामदेव से था प्रेरित, स्टंट के चक्कर में गई जान

(एनएन सर्विस)
बीते दिनों पेट के नीचे गहरे जख्म होने से अत्यधिक मात्रा में रक्त निकलने से जिस पोस्टमैन की मौत हो गई। वह मौत, दरअसल स्टंट करने के चक्कर में हुई। इस बात को परिजनों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है। परिजनों ने पुलिस को पत्र लिखकर मृतक पोस्टमैन की वास्तविकता से भी रूबरू कराया है।
बता दें कि रविवार को मृतक अधेड़ पोस्टमैन गंगाराम कुकरेती की पत्नी संगीता और उनके भाई भगतराम कुकरेती ने श्यामपुर चैकी में पुलिस को पत्र लिखा। उन्होंने पुलिस को बताया कि मृतक पोस्टमैन अपने पेट को स्वामी रामदेव के पेट के समान स्ट्रांग बताया करता था। इसके चलते उन्होंने पूर्व में एक शादी समारोह और एक अन्य कार्यक्रम में भी पेट में चाकू से वार किया था। मगर, उस वक्त हल्की चोट आई थी। इस कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मगर, शनिवार को पोस्टमैन को स्टंट महंगा साबित हो गया। ओवर कॉन्फिडेंस की वजह पोस्टमैन की मौत का कारण बनी।

साथी के साथ भी नहीं हुई कोई कहासुनी
चैकी इंचार्ज श्यामपुर आशीष गुसांई ने बताया कि शनिवार को रेस्टोरेंट में पोस्टमैन के साथ ‌उनके साथी ‌पूर्ण प्रकाश पैंयूली भी पहुंचे थे। पूर्ण प्रकाश छिद्दरवाला पोस्ट आफिस में डाक राइडर के पद पर कार्य कर रहे है। पुलिस पूछताछ में पूर्ण प्रकाश ने बताया कि उनकी मृतक के साथ कोई कहासुनी नहीं हुई थी। मृतक ने उनसे पेट पर चाकू से वार कर स्टंट करने की बात कही। यह सुन वह घबरा गए। देखते ही देखते उन्होंने रेस्टोरेंट के कारीगर से चाकू लिया और स्वयं पर वार कर दिया। यह देखकर वह घबरा गये और पोस्ट आफिस चले गए।

कोरोना को हराने के लिए सर्तकता और बचाव जरुरीः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि कोविड-19 को लेकर सर्विलांस, कान्टेक्ट ट्रेसिंग, सैम्पल टेस्टिंग, क्लिनिकल मैनेजमेंट और जन जागरूकता, इन पांच बातों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कोविंड-19 से लड़ाई के लिये हर प्रकार की तैयारी की गई है। स्थिति काफी कुछ नियंत्रण में होने पर भी हम पूरी तरह सतर्क हैं। राज्य में कोविड के दृष्टिगत हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को काफी मजबूत किया गया है। टेस्टिंग लैब, आईसीयू, वेंटिलेटर, पीपीई किट, एन 95 मास्क, आक्सीजन सपोर्ट की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है। नियमित सर्विलांस सुनिश्चित किया जा रहा है। घर-घर जाकर कोरोना जैसे संदिग्ध लक्षणों वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है। इसमें आशा और आंगनबाङी कार्यकत्रियों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। लगभग सभी जिलों में सर्विलांस का एक राउंड पूरा किया जा चुका है। कई जिलों में दूसरा तो कुछ में तीसरा राउंड चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेम्पल टेस्टिंग में पहले की तुलना में काफी सुधार किया गया है। कोरोना संक्रमण के शुरूआत में राज्य में एक भी टेस्टिंग लेब नहीं थी जबकि अब उत्तराखंड में 5 सरकारी और 2 प्राईवेट लेब में कोविड-19 संक्रमण के सैम्पल की जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त एनसीडीसी दिल्ली व पीजीआई चंडीगढ़ में भी सेम्पल टेस्टिंग के लिए भेजे जा रहे हैं। सेम्पल टेस्टिंग की सुविधा जिला स्तर पर कराने के लिए सभी जिलों को ट्रूनेट मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। प्रदेश के चिकित्सालयों में फ्लू क्लिनिक के माध्यम से आ रहे समस्त श्वास व इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले मरीजों का कोविड-19 संक्रमण जांच के लिए सेम्पल लिए जा रहे हैं। सेम्पल टेस्टिंग की संख्या बढाने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। प्रति मिलियन जनसंख्या पर 6408 सेम्पल लिए जा रहे हैं। जल्द ही इसे देश के औसत के बराबर कर लिया जाएगा। देहरादून व नैनीताल दो जिलों में प्रति मिलियन सेम्पल राष्ट्रीय औसत से अधिक हैं। देहरादून जिले का औसत तो राष्ट्रीय औसत से दोगुना है। अन्य जिलों को भी सेम्पल टेस्टिंग बढाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जरूरी संसाधन बढाए जा रहे हैं।
प्रदेश में बनाए गए डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में हर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वर्तमान में राज्य में 325 कोविड केयर सेंटर स्थापित हैं। इनमें कुल बेड क्षमता 22890 है जिनमें से 289 बेड उपयोगरत हैं जबकि 22601 बेड रिक्त हैं। इस प्रकार कोविड केयर सेंटर में पर्याप्त संख्या में बेड की उपलब्धता है।
राज्य में कोविड फेसिलिटी में आक्सीजन सपोर्ट बेड की संख्या 15 मई को 673 थी जो कि अब बढ़कर 1126 हो गई है। कोविड फेसिलिटी में आईसीयू बेड की संख्या 15 मई को 216 से बढाकर 247 और वेंटिलेटर की संख्या 116 से बढाकर 159 कर दी गई है। कोविड केयर सेंटर में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एक तरफ सैम्पल टेस्टिंग में लगातार वृद्धि हो रही है वहीं रिकवरी रेट और डबलिंग रेट भी राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है और इनमें लगातार सुधार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह से राज्य में सतर्कता बरती जा रही, उम्मीद है कि हम जल्द ही हालात पर नियंत्रण पा लेंगे। सभी जिलों में अधिकारी और कर्मचारी अपनी पूरी सजगता के साथ मिशनरी मोड में काम कर रहे हैं। उच्च स्तर से भी लगातार मानिटरिंग की जा रही है। जहां कमियां पाई जाती हैं उन्हें तत्काल दूर किया जाता है। इन लगभग चार माह में प्राप्त अनुभव से प्रशासनिक क्षमता में वृद्धि हुई है।