वन भूमि हस्तांतरण के मामलों में समय के साथ तेजी लाने के निर्देश

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि बैठकों में लिए गए निर्णयों की अनुपालना समयबद्धता के साथ सुनिश्चित की जानी चाहिए। कार्यवाही केवल पत्राचार तक ही सीमित न रहे बल्कि इसका आउटपुट दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री, सचिवालय में उत्तराखण्ड राज्य वन्य जीव सलाहकार बोर्ड की 15 वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी बैठक का कार्यवृत्त उसी दिन बन जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएच 72-ए उत्तराखण्ड के लिए बहुत अधिक महत्व का है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, स्वीकृतियों के लिए आवश्यक औपचारिकताओं में किसी प्रकार की देरी न हो। कार्बेट रिजर्व व राजाजी टाईगर रिजर्व में गैण्डे के रिइन्ट्रोडक्शन का काम टाईमबाउंड तरीके से हो। राजाजी टाईगर रिजर्व के अंतर्गत चैरासी कुटिया का विकास इंटीग्रेटेड एप्रोच के आधार पर किया जाए। इसकी कार्ययोजना में वन्यजीवन, आध्यात्मिकता, संस्कृति सहित सभी पहलुओं का समावेश किया जाए। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान में स्थित गरतांग गली ट्रेल के मार्ग का पुनरूद्धार, इसकी मौलिकता को परिरक्षित रखते हुए किया जाए। आरक्षित वन क्षेत्रों में टोंगिया ग्रामों को राजस्व ग्रामों का दर्जा देने और संरक्षित क्षेत्रों से ग्रामों के विस्थापन के बाद वन भूमि पर बसाये गए नए स्थलों के नवीनीकरण और डिनोटिफिकेशन का काम शीघ्र किया जाए।
बैठक में गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण विभिन्न मार्गों के निर्माण के लिए प्रस्तावों को अनुमति के लिए राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड को भेजे जाने पर सहमति दी गई। इसी प्रकार सौंग बांध परियोजना के निर्माण से संबंधित वन भूमि हस्तांतरण और जौलीग्रान्ट हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए वन भूमि हस्तांतरण के लिए अनुमति का प्रस्ताव भी राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड को भेजा जाएगा।
बैठक में बताया गया कि कार्बेट टाईगर रिजर्व व राजाजी टाईगर रिजर्व में बाघों और जंगली हाथियों की धारण क्षमता का अध्ययन भारतीय वन्यजीव संस्थान से कराने के लिए प्रस्ताव प्राप्त हो गया है। इसी प्रकार गैण्डे के रिइन्ट्रोडक्शन के लिए साईट सूटेबिलिटी रिपेर्ट मिल गई है। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान की सीमा के रैशनलाईजेशन के लिए संबंधित जिलाधिकारियों, प्रभागीय वनाधिकारियों और भारतीय वन्यजीव संस्थान के प्रतिनिधि की एक समिति का गठन कर लिया गया है।
बैठक में जानकारी दी गई कि 6 जून से 8 जून तक तीन दिन उत्तराखण्ड में हाथियों की गणना की गई। इसमें पाया गया कि राज्य में कुल 2026 हाथी हैं। वर्ष 2012 में 1559 जबकि 2017 में 1839 हाथी थे। इस प्रकार वर्ष 2017 से हाथियों की संख्या में 10.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इसी प्रकार 22 से 24 फरवरी 2020 में जलीय जीवों की गणना की गई। इसमें पाया गया कि राज्य में 451 मगरमच्छ, 77 घड़ियाल और 194 ऊदबिलाव हैं। बताया गया कि वर्ष 2020 से 2022 तक राज्य में स्नो-लैपर्ड की जनसंख्या का आंकलन भी किया जाएगा। राज्य के 23 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में स्नो-लैपर्ड हैं।
बैठक में वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत, विधायक धन सिंह नेगी, दीवान सिंह बिष्ट, सुरेश राठौर, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रमुख सचिव आनंदबर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक जयराज, सचिव दिलीप जावलकर, सौजन्या, डीजीपी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार सहित बोर्ड के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

एसएसपी टिहरी ने सात हिल पेट्रोल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

यात्रा मार्ग पर सात थानों के अंतर्गत सड़क दुर्घटना होने पर पुलिस तुरंत मौके पर मिलेगी। इससे घायलों को मदद मिलेगी। साथ ही आपराधिक प्रवृत्तियों पर भी अंकुश लगेगा। यह बात पुलिस कप्तान टिहरी डा. योगेन्द्र सिंह रावत ने कही।

भद्रकाली चौकी के बाहर आयोजित कार्यक्रम में एसएसपी टिहरी ने बताया कि हरिद्वार की हीरो कंपनी ने उत्तराखंड पुलिस को 45 मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई हैं, इसमें सात मोटरसाइकिल टिहरी पुलिस को मिली है। यह सात मोटर साइकिल यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले सात थाने को दी गई हैं। बताया कि यह मोटरसाइकिल का पिकअप अच्छा है, इस कारण सड़क दुर्घटना होने पर घायलों को न सिर्फ फौरन मदद मिलेगी, बल्कि इसका फीडबैक भी पुलिस को मिलेगा। इस दौरान सात हिल पेट्रोल यूनिट को हघ्री झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मौके पर सीओ टिहरी जूही मनराल, सीओ नरेन्द्रनगर प्रमोद शाह, आरआई सुशील रावत, थानाध्यक्ष मुनिकीरेती राम घ्किशोर सकलानी, एसआई विकेन्द्र कुमार आदि उपस्थित रहे।

साढ़े चार लाख रूपये के 29 मोबाइल बरामद किए
ऋषिकेश। एसएसपी टिहरी ने मुनिकीरेती स्थित पुलिस गेस्ट हाउस में 29 लोगों को उनके मोबाइल सौंपे। उन्होंने बताया कि एक जनवरी से जून माह तक टिहरी पुलिस ने 29 लोगों के खोए मोबाइल बरामद किए हैं। इनकी कीमत करीब चार लाख 27 हजार 199 रूपये बताई।

इन्हें मिला मोबाइल
ऋषिकेश। विनोद नौटियाल, उमेश चौहान, बिट्टू, वत्सल गोयल, सीओ नरेन्द्रनगर का चालक, मकान सिंह, विजय, रघुवीर, कमलकांत, अमित अरोड़ा, मेवालाल, मंजू देवी, सियाराम, विपिन, बृजेश, सद्दाम अली, काजल, विशेष कुमार, रेखा, अनुज, कृष्णा, विजय जोशी, टिहरी रेंजर आशीष, बब्बू सजवाण, नीतिश, गंगा प्रसाद, सुखबीर सैनी, संदीप और शीला देवी।

अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने को एमएसएमई सेक्टर में किये गये बदलाव का लाभ उठाये उद्योग जगतः गडकरी

(एनएन सर्विस)
केन्द्रीय एमएसमई मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदयुरप्पा, मेघालय के मुख्यमंत्री के. संगमा, पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इन्द्र सिंगला ने संयुक्तरुप से ग्लोबल एलायन्स फाॅर मास एन्टरप्रिन्योरशिप की नेशनल टास्क फोर्स की रिपोर्ट का वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विमोचन किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय एमएसमई मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कोविड 19 के दृष्टिगत अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए हमें एमएसमई के क्षेत्र में तेजी से कार्य करने होंगे। एमसएमई ऐसा क्षेत्र है, जिसमें रोजगार सृजन के साथ ही अर्थव्यवस्था में तेजी से प्रगति की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है कि हम किन क्षेत्रों में अपनी स्ट्रेन्थ को और मजबूत कर सकते हैं। राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार उनमें कुछ विशिष्टताएं हैं। एग्रो एमएमई, हेण्डलूम, हेन्डीक्राफ्ट के क्षेत्र में अनेक राज्यों में कार्यों की प्रबल संभावनाएं हैं।
केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में एमएसमई क्षेत्र में अनेक कार्य किये जा सकते हैं, हमें उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही राज्यों में औद्योगिक स्थापना के लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण की ओर ध्यान देने की जरूरत है। कोविड 19 के दृष्टिगत पीपीई किट, सेनिटाईजर एवं अन्य उपयोगी उत्पादों को एमएसमई के माध्यम से बढ़ावा दिया जा सकता है। लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम क्षेत्र के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों तक इन गतिविधियों को बढ़ाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था विशेषकर उत्तराखण्ड जैसे राज्यों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने और आर्थिक विकास के लिए के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। कोविड-19 से पूरा विश्व प्रभावित हुआ है। व्यापार करने और काम करने के तरीकों में बदलाव आया है। लाॅकडाउन में प्रभावित उद्योगों को पुनः संचालित करने के लिए आत्मनिर्भर पैकेज में एमएसएमई सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है। एमएसएमई ही ऐसा क्षेत्र है जहां रोजगार के अवसर बड़े पैमाने पर सृजित किए जा सकते हैं और अर्थव्यवस्था में तेजी लाई जा सकती है।
आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अंतर्गत एमएसएमई के लिए लागू इमरजेंसी क्रेडिट लाईन गारंटी स्कीम का लाभ पात्र इकाईयों को पहुंचाने के लिए राज्य सरकार एसएलबीसी, बैंकों और औद्योगिक संगठनों के साथ मिलकर कार्य कर रही है। इस योजना में उत्तराखण्ड राज्य में 34671 पात्र खातों में 1835 करोड़ रूपए की स्वीकृति और 1067 करोड़ का वितरण यिका जा चुका है। इस योजना के क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड राज्य की परफोरमेंस सर्वश्रेष्ठ राज्यों में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए लगातार सुधार कर रहे हैं। ईज आॅफ डूईंग बिजनेस के लिए सतत क्रियाशील हैं। सिंगल विंडो सिस्टम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य देश में लगातार अच्छी उपलब्धि अर्जित कर रहा है। कोविड-19 की परिस्थितियों में युवाओं और बाहर से घर लौटे प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना प्रारम्भ की है। इस योजना में विनिर्माण और सेवा के साथ ही व्यवसाय और एलाईड एग्रो गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। जिला स्तर पर भी जिला स्वरोजगार प्रोत्साहन एवं अनुश्रवण समिति गठित की गई हैं। ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में उद्यमियों को उद्यम स्थापना के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं में सहयोग, तकनीकी ज्ञान आधारित उद्यमों की स्थापना और स्थानीय स्तर पर स्केलेबल बिजनेस माॅडल चिह्नित करने, मूल्य संवर्द्धन, पैकेजिंग और विपणन में सहयोग के लिए 2 रूरल बिजनेस इन्क्यृबेटर स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने ग्लोबल एलायन्स फाॅर मास एन्टरप्रिन्योरशिप के उत्तराखण्ड में उद्यमिता विकास के लिए ईको सिस्टम विकसित करने के लिए दिए गए प्रस्ताव पर सहमति देते हुए कहा कि राज्य में निवेश के प्रोत्साहन के लिए सुनियोजित तरीके से काम किया जा रहा है। मेडिकल डिवाईसेस पार्क, फार्मा सिटी, अरोमा पार्क आदि के लिए सिडकुल के माध्यम से काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, आर्थिक सलाहकार आलोक भट्ट, निदेशक उद्योग सुधीर चन्द्र नौटियाल आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 की समीक्षा की, लोगों को दी कई राहते, आप भी जानें

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को सचिवालय में कोविड-19 एवं डेंगू के रोकथाम एवं बचाव के लिए सभी जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाय। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाय। जिन जनपदों में पिछले वर्षों में डेंगू का फैलाव कम रहा, उन जनपदों में हम इसे पूरी तरह कैसे नियंत्रित कर सकते हैं, इसके लिए ठोस रणनीति बनायी जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि अस्पतालों में प्लेटलेट्स की पर्याप्त उपलब्धता हो। नगर निकायों द्वारा समय-समय पर फोगिंग की जाए। डेंगू से बचाव में रोकथाम के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार हो इसके लिए डाॅक्टर समय-समय पर मीडिया से समन्वय स्थापित करे। शहरी क्षेत्रों में डेंगू से बचाव के लिए स्वच्छता एवं जल निकासी पर विशेष ध्यान दिया जाय। प्रत्येक जनपद में सप्ताह में एक दिन व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाय।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वर्षाकाल को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल व्यवस्था की ओर विशेष ध्यान दिया जाय। पर्वतीय जनपदों में वर्षाकाल में पेयजल लाईनें क्षतिग्रस्त होने से व दूषित जल से बीमारियों की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जन प्रतिनिधियों से निरन्तर संवाद बनाये रखें। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू की रोकथाम एवं जनजागरूकता के लिए किये जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए सर्विलांस सिस्टम को और अधिक मजबूत किया जाय। जो लोग होम क्वारंटीन एवं होम आईसोलेशन है उनकी लगातार निगरानी की जाय। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी जनपदों में दुकानों को शाम 8 बजे तक खोलने की अनुमति दी जाय। देहरादून में अगले सप्ताह से शनिवार और रविवार को भी मार्केट को खोलने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लोगों को सुबह 5 बजे से माॅर्निंग वाॅक की अनुमति दी जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना पाॅजिटव की रिकवरी रेट में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता एवं सुरक्षात्मक दृष्टि से कार्य करने को कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में अब 1700 से अधिक टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं। सोमवार से मुक्तेश्वर में भी कोरोना की टेस्टिंग शुरू हो जायेगी। यहां पर प्रतिदिन 100 टेस्ट होंगे।
बैठक में सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, सचिव शैलेष बगोली, सौजन्या, एस.ए. मुरूगेशन, पंकज पाण्डेय, डीजी स्वास्थ्य श्रीमती अमिता उप्रेती आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री आवास में रोजगार के क्षेत्र में किये जा उद्यानिकी विभाग के ट्रायल हो रहे सफल

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री आवास में उद्यान विभाग के द्वारा राज्य के उद्यानिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में कई प्रकार के ट्रायल किये जा रहे है। जिनसे युवा इन क्षेत्रों को रोजगार के रुप में अपनाये। इसी क्रम में मुख्यमंत्री आवास परिसर में उद्यान विभाग द्वारा एक पेड पर आम की 42 प्रजातियों की ग्राफ्टिंग की गयी। अरूनिमा, अरूनिका, अम्लिका, सूर्या, लालिमा, मल्लिका, निलय, आम्रपाली इत्यादि को मिलाकर कुल 42 प्रजातियों की ग्राफ्टिंग एक पेड पर की गयी।
मुख्य उद्यान अधिकारी देहरादून डाॅ0 मीनाक्षी जोशी द्वारा मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को इन प्रजातियों के बारे में विस्तृत से जानकारी दी गयी। वहीं, आवास परिसर में मौनपालन से इस वर्ष 22 कि0ग्रा0 शहद का उत्पादन हुआ। जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा पुनः मौनपालन को बढ़ावा देने हेतु योजना बनाने हेतु निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री द्वारा उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को आवास परिसर में औद्यानिकी की अन्य गतिविधियां भी शुरू करने हेतु निर्देशित किया गया। पुरोहित द्वारा बताया कि आवास परिसर में अगले वर्ष तक अनुमानित आम की 200 से भी अधिक प्रजातियाँ लगायी जायेंगी।

यूपी-उत्तराखंड के नारसन बॉर्डर पर बिना पास के एंट्री कराने पर शिक्षक गिरफ्तार

(एनएन सर्विस)
यूपी-उत्तराखंड के नारसन बॉर्डर पर तैनात एक शिक्षक ने बिना पास के प्रदेश में एंट्री करवाने के लिए पैसे मांगे तो लोगों ने मौके पर हंगामा कर दिया। विवाद बढ़ा तो मौके पर मौजूद पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में लिया। साथ ही मामले की शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कर दी। बताया जा रहा कि शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की सिफारिश भी की है।
कोरोना संक्रमण के चलते अन्य प्रदेशों से आने वाले वाहनों के लिए पास अनिवार्य किया गया है। इसके लिए नारसन बॉर्डर पर पुलिस के साथ-साथ शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार रात अन्य प्रदेश से कुछ लोग यूपी-उत्तराखंड के नारसन बॉर्डर पर पहुंचे थे। शिक्षक को इन लोगों ने पास नहीं होने की जानकारी दी। आरोप है कि इस पर शिक्षक ने प्रति व्यक्ति के हिसाब से पर्ची बनवाने के लिए 300 रुपये लिए। जब यह लोग वहां से निकासी द्वार पर पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने रोककर पास मांगा। इस पर उन लोगों ने बताया कि पास नहीं होने पर ड्यूटी में तैनात एक कर्मचारी ने उनसे 300 रुपये लेकर पर्ची बनाई है, लेकिन पुलिस ने उन्हें जाने नहीं दिया। जिस पर लोगों ने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए मौके पर हंगामा कर दिया। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने संबंधित शिक्षक को हिरासत में ले लिया और उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी शिकायत की गई। चैकी प्रभारी लक्ष्मण सिंह कुंवर ने बताया कि एक शिक्षक मौके पर अवैध तरीके से 300 रुपये में पर्ची बना रहा था। हंगामा कर रहे लोगों के पहचान करने पर शिक्षक को हिरासत में ले लिया गया है। चेक पोस्ट प्रभारी जय सिंह ने बताया कि शिकायत से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। वहीं, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। वहीं, कुछ दिन पहले नारसन बॉर्डर पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर वसूली करते एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। मामले में पुलिस की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम से कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने स्वरोजगार के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरु की

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पर्यटन विभाग स्वरोजगार योजनाओं का लाभ देने के लिए कोई कमसर नही छोड़ना चाहता है। इसके लिए विभाग ने ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू कर दी है। ऑनलाइन सिस्टम से घर बैठे ही आवेदन किया जा सकता है। इससे आवेदकों को बड़ा फायदा होगा। अब उन्हें कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वहीं, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत इलेक्ट्रिक बस खरीदने पर 50 प्रतिशत या 15 लाख तक सब्सिडी मिलेगी।
कोरोना महामारी के चलते प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। स्वरोजगार की योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना और पंडित दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू कर दी है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में तहत अब बेरोजगार युवा प्रदेश के अंदर विभिन्न मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें खरीद कर रोजगार शुरू कर सकते हैं। बसों का संचालन परिवहन निगम के निर्धारित रूटों के साथ ही अंतर नगरीय क्षेत्रों में किया जाएगा। 
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में इलेक्ट्रिक बसों के अलावा अन्य वाहनों की खरीद पर पूर्व की भांति 25 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। वहीं, गैर वाहन मद में आवेदकों को पर्वतीय क्षेत्रों में 33 प्रतिशत या 15 लाख और मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत या 10 लाख तक सब्सिडी दी जा रही है। होम स्टे के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में 33 प्रतिशत  या 10 लाख और मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत या अधिकतम सात लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
पर्यटन विभाग के सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था लागू होने से योजना में पारदर्शिता आएगी और घर बैठे लोग आवेदन कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और योजना की रियल टाइम में मानीटरिंग हो सकेगी। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और होम स्टे योजना के लिए अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। 

यहां करें आवेदन 
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना और होम स्टे योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पर्यटन विभाग की वेबसाइट http://vcsgscheme-uk-gov-in पर किया जाएगा। स्वरोजगार शुरू करने का इच्छुक कोई भी व्यक्ति घर बैठे आवेदन कर सकता है।

सरकार ने कोविड सैंपल की दर आधी की, अब पूरे प्रदेश में एक समान हो गई जांच मूल्य

(एनएन सर्विस)
लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों के सैंपलों की जांच में तेजी लाने के लिए सरकार ने इसकी जांच दर में भी काफी कटौती कर दी है। अब प्राइवेट अस्पतालों और लैब में निर्धारित दरों से अधिक नही वसूल सकेंगे। प्राइवेट या सरकारी अस्पतालों की ओर से प्राइवेट लैब में भेजे जाने वाले सैंपलों के लिए दो हजार रुपये (जीएसटी सहित) और सीधे प्राइवेट लैब की ओर से खुद लिए जाने वाले सैंपलों के लिए 2400 रुपये निर्धारित किए गए हैं। राज्य सरकार ने यह बड़ी राहत दी है। बता दें कि अभी तक प्राइवेट लैब की ओर से सैंपल लेने पर 4500 रुपये लिए जाते थे।
वहीं, सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद प्रदेश में 104 दिनों में सवा करोड़ की आबादी पर सिर्फ 55 हजार सैंपलों की जांच हो पाई है। इसी चिंता के तहत सरकार का ये कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में रोजाना कोरोना संक्रमित के मामले बढ़ रहे हैं। 15 मार्च से लेकर अब तक कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 2700 पार हो चुका है। हालांकि कोरोना काल के शुरूआती दिनों की तुलना में प्रदेश में सैंपलों की जांच बढ़ी है। इसके बावजूद अन्य हिमालयी राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में सैंपलिंग की दर कम बताई जा रही है।
प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि पहले की तुलना में प्रदेश में कोविड सैंपलिंग बढ़ी है। इसमें और तेजी लाने के लिए मेडिकल कालेजों में स्थापित प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए हाईटेक मशीन लगाने के लिए सरकार ने 11.25 करोड़ की राशि मंजूर की है। प्रत्येक जिले में ट्रूनेट मशीन स्थापित की गई है। जिससे कोरोना संक्रमण की जांच में तेजी आये।

निर्मल ब्लॉक और वीआईपी कॉलोनी में एमडीडीए ने की कार्रवाई

(एनएन सर्विस)
मसरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शुक्रवार को निर्मल ब्लॉक में दो बहुमंजिला भवन और वीआईपी कॉलोनी में निर्मित दो भवनों के छह फ्लेटों को सील किया है। अवैध निर्माणों के खिलाफ हुई एमडीडीए की कार्रवाई से बिल्डरों में भगदड़ मची रही।
शुक्रवार को एमडीडीए के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर श्याममोहन शर्मा के नेतृत्व में टीम निर्मल ब्लॉक पहुंची। यहां पर दो अवैध निर्माणाधीन भवनों की सीलिंग के आदेश पूर्व में ही जारी हुए थे। इस पर अमल करते हुए एमडीडीए टीम ने निर्मल ब्लॉक बी प्लॉट गली नंबर एक में नीरज अग्रवाल का पांच मंजिला भवन, त्रिलोकीनाथ यादव का आमबाग ब्लॉक प्लॉट नंबर एक गली नंबर दो पशुलोक में पांच मंजिला भवन को सील किया। इसके बाद टीम वीआईपी कॉलोनी पहुंची। यहां टीम ने किरण सुनेजा पत्नी दीपक सुनेजा का श्री रेजीडेंसी में अवैध रूप से निर्मित तीन फ्लैट्स को सील किया, जबकि शेष छह फ्लैट्स में रिहाइश होने के कारण सील नहीं किये। टीम ने यहां अन्य व्यक्ति संजय कुमार अग्रवाल 29 फ्लैट और एक स्टोर के तीन फ्लैट्स को सील किया है, जबकि शेष 26 फ्लैट्स जो कि वन रूम सेट हैं सील नहीं किए। टीम ने बताया कि रिहायश होने के चलते नोटिस देकर इन्हें खाली करवाया जायेगा फिर सील की कार्रवाई पूरी की जायेगी।
प्राधिकरण की टीम में अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा, सहायक अभियंता मनोज जोशी, अवर अभियंता प्रेमपाल सिंह व पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

अपने प्रदेश के सुदूरवर्ती गांवों में तकनीक को बढ़ावा दे युवाः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जी.बी.पंत इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल द्वारा ‘‘स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग ‘‘ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल की ‘स्मार्ट कॉम-2020’’ पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण देश जिस विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रहा है। इन परिस्थितियों में तकनीक का महत्व और अधिक बढ़ गया है। समय की मांग एवं अभियांत्रिकी के इस युग में टेक्नॉलोजी को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का जितना अधिक इस्तेमाल होगा उससे कार्यों में और अधिक पारदर्शिता आयेगी और समय की बचत भी होगी। हमारा प्रयास है कि आने वाले डेढ़-दो वर्षों में अपने प्रदेश के सुदूरवर्ती गांवों में भी तकनीक के माध्यम से सम्पर्क कर सकें।
मुख्यमंत्री ने जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल को स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग ‘‘ विषय पर अन्तरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन करने पर बधाई देते हुए कहा कि तकनीकि शिक्षा कुशल जनशक्ति का सृजन कर, औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाकर और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करके देश के मानव संसाधन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट, उत्तराखण्ड राज्य में प्रमुख तकनीकि संस्थान होने के नाते स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग जैसे चुनौतीपूर्ण विषय पर अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर अपनी जिम्मेदारियों का कुशल निर्वाह कर रहा है। यह सम्मेलन तकनीकि क्षेत्र में अनुसंधान कार्य को बढ़ावा देने और नवीन विचारों का साझा करने में सफल होगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल के निदेशक प्रो. एम.पी.एस. चैहान, मुख्य संरक्षक डॉ.एस.एन सिंह, डॉ. अयूब खान, संस्थान के सभी शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।