अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर के छात्रों की ही परीक्षाएं होंगी आयोजित

(एनएन सर्विस)
राज्य के 11 सरकारी विश्वविद्यालयों में एक ही पैटर्न पर परीक्षाएं आयोजित होंगी। कुलाधिपति और राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के निर्देशानुसार सभी विवि इसकी तैयारियों में जुट गये हैं। अभी तय किया जा रहा है कि परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी या ऑफलाइन।
लॉकडाउन के बाद से सभी विश्वविद्यालय बंद हैं। वहीं, छात्र अपने घरों में ही ऑनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ रहे है। लॉकडाउन के चलते परीक्षाएं भी समय से शुरू नहीं हो पाईं। अब यह तय किया गया है कि फिलहाल अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर के छात्रों की ही परीक्षाएं कराई जाएंगी। बाकी छात्रों को 50 प्रतिशत पूर्व के अंकों और 50 प्रतिशत एसाइनमेंट के अंकों के आधार पर अगले सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा। 
अभी कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है। इस पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने पिछले दिनों सभी कुलपतियों से वार्ता की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी 11 राज्य विश्वविद्यालयों में एक समान परीक्षा पैटर्न होना चाहिए। इसकी जिम्मेदारी उन्होंने सभी कुलपतियों को सौंप दी है।
माना जा रहा है कि 20 जून के बाद यह तय हो जाएगा कि परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी या ऑफलाइन। अगर ऑनलाइन होंगी तो उसके लिए जरूरी इंतजाम क्या होंगे और अगर ऑफलाइन होंगी तो छात्रों को कैंपस में रोकने के क्या इंतजाम होंगे। कुछ विश्वविद्यालयों ने फिलहाल ऑफलाइन परीक्षाओं की तैयारी भी शुरू कर दी है।
एक समाचार पत्र के अनुसार, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र एस चैधरी ने कहा कि अगर अंतिम वर्ष के छात्रों की ऑफलाइन परीक्षाएं होती हैं तो वह अपने सभी कॉलेजों के छात्रों को कैंपस में 15 दिन पहले बुला लेंगे। इसके बाद वह अपना क्वारंटीन पीरियड पूरा करेंगे। इस दौरान अगर कोई दिक्कत हुई तो उस छात्र का इलाज कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके बाद जुलाई के आखिर में परीक्षाएं कराने की योजना है।

छात्र भी रख रहे अपनी मांग
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने जुलाई के दूसरे सप्ताह से परीक्षाएं प्रस्तावित की हैं। यहां छात्रों ने मांग उठाई है कि तमाम छात्र ऐसे हैं जो कि दूसरे राज्यों के हैं और इन दिनों अपने घर हैं। उनका अपने कॉलेज कैंपस पहुंचना खतरे से खाली नहीं है। लिहाजा, छात्र मांग कर रहे हैं कि या तो परीक्षाएं ऑनलाइन हों या फिलहाल टाली जाएं। उधर, एनएसयूआई की ओर से भी लगातार परीक्षाओं के बजाय सीधे प्रमोट करने की मांग की जा रही है।

संक्रमित पाए जा रहे मरीजों की निकल रही ट्रेवल हिस्ट्री

(एनएन सर्विस)
प्रदेश में आज 34 और कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 1819 पहुंच चुकी है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है। 
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, आज देहरादून में 14, टिहरी में नौ, हरिद्वार में पांच, उत्तरकाशी में तीन, उधम सिंह नगर, चमोली और नैनीताल में एक-एक कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आए हैं। संक्रमित पाए गए मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री है। अभी तक प्रदेश में 1000 से अधिक मरीज इलाज के बाद घर भेजे जा चुके हैं। जबकि 705 एक्टिव केस हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश के बाद आयुष विभाग और आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने बालावाला क्वारंटीन सेंटर के नोडल अधिकारी आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ.नवीन जोशी और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.जसप्रीत के निलंबन आदेश जारी कर दिए है। आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने विभागीय जांच के लिए प्रोफेसर पंकज कुमार शर्मा को जांच अधिकारी नामित किया है। बता दें कि 12 जून को बालावाला स्थित क्वारंटीन सेंटर में रेल कर्मी ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सख्त कार्रवाई कर नोडल अधिकारी व डॉक्टर को निलंबित करने के निर्देश दिए थे।
गौरतलब है कि बीते सप्ताह प्रदेश में सैंपलिंग में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जबकि संक्रमित मरीजों के मामलों में 13 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के आंकड़े बढ़े हैं। अब तक 25 संक्रमितों की मौत हो चुकी हैं। 
प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या 18 सौ पार करने वाली है। हालांकि इसमें 1077 मरीज ठीक हो चुके हैं। 677 संक्रमित मरीज ही अस्पताल में भर्ती है। प्रदेश की रिकवरी दर लगभग 60 प्रतिशत पहुंच गई है। वहीं, डबलिंग रेट 20 दिन हो गई है। कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि कोरोना संक्रमण के लिहाज से 13वां सप्ताह उत्तराखंड के लिए मुफीद रहा है। 12वें सप्ताह की तुलना में रिकवरी दर में 104 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। लेकिन संक्रमित मरीजों की मौत की संख्या चिंताजनक है।

शराब के नशे में दो प्रवासियों ने केन्द्र व्यवस्थापक को पीटा

(एनएन सर्विस)
मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के एक संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में प्रवासियों की दबंगई के चलते यहां केंद्र व्यवस्थापक को पीट दिया गया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा कायम किया है। वहीं, रविवार को आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। यहां से न्यायिक हिरासत में दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, तपोवन स्थित एक संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में दीवान सिंह रावत सहायक अध्यापक ब्लॉक नरेन्द्र नगर केंद्र व्यवस्थापक के रूप में तैनात है। बीते शनिवार की शाम करीब छह बजे यहां आंध्र प्रदेश से पहुंचे 16 दिन से क्वारंटीन दो युवकों ने शराब के नशे में मारपीट कर दी। मामले को लेकर पीड़ित अध्यापक ने मुनिकीरेती थाने में तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर पाकर दोनों आरोपियों कुलदीप जोशी पुत्र डा. व्योम जोशी निवासी जी ब्लॉक, नई टिहरी और जगमोहन पुत्र राजेन्द्र रमोला निवासी रामोल गांव प्रतापनगर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों पर आईपीसी की धारा 186,188,323,332,353,504,506 और 51 आपदा प्रबंधन अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया है। रविवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यहां से न्यायिक हिरासत में उन्हें जेल भेज दिया गया है।

योगाचार्य को धन वसूली और जान से मारने की धमकी मिली

(एनएन सर्विस)
मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में योग शिक्षक को अमेरिका के नंबर से व्हाट्सअप पर जबरन धन वसूली और जान से मारने की धमकी मिली है। योग शिक्षक ने थाना मुनिकीरेती में तहरीर दी है। वहीं पुलिस की साइबर सेल मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, तपोवन स्थित वेदांशा इंटरनेेशनल योग एकेडमी के संचालक संजीव कुमार पांडेय को बीते माह 21 मई को व्हाट्सअप घ्पर विदेशी नंबर से मैसेज आया। उन्होंने मैसेज को पढ़ा तो अमेरिकन लैंग्वेज में उनकी पूरी लोकेशन बताई हुई थी। साथ ही कुछ रूपयों की डिमांड की गई थी। मैसेज में साफ तौर पर यह भी कहा गया था कि यदि मामले में पुलिस की शरण ली तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। मैसेज में उक्त व्यक्ति ने अपना नाम न बताकर किसी से उनके नाम की सुपारी देने की बात कही है। घबराए संचालक संजीव कुमार ने मुनिकीरेेती पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की।
वहीं, थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी ने कहा कि मामले को लेकर तहरीर प्राप्त हुई है। साइबर सेल से जांच कराने पर मालूम हुआ है कि उक्त नंबर अमेरिका का है। फिलहाल इस मामले में साइबर एक्सपर्ट उक्त नंबर की लोकेशन तलाश रहे है।

पूर्व में भी हो चुकी है धनवसूली
वेदांशा इंटरनेेशनल योग एकेडमी के संचालक संजीव कुमार पांडेय के साथ पूर्व में भी जबरन धन वसूली का मामला हो रखा है। वर्ष 2018 में ऋषिकेश कोतवाली में स्पेशल ब्रांच में तैनात महिला एसआई ने कुछ स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पांच लाख रूपये की धनवसूली की थी। उक्त मामले में स्थानीय पुलिस का सहयोग न मिलने पर संजीव कुमार उच्चाधिकारियों से मिले थे। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उक्त महिला एसआई सहित छह लोगों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। फिलहाल महिला एसआई का कुमांऊ मंडल में स्थानांतरण हो चुका है।

मुकदमा वापस लेने का बन चुका है दबाव
पीड़ित को उक्त मुकदमें को वापस लेने के लिए छह माह बाद 2018 में ही चार लोगों ने घर में घुसकर दबाव बनाया था। साथ ही मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी तक दे डाली थी। उक्त मामले में भी पुलिस ने चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था।

333 युवा सैन्य अफसर बनकर देश सेवा को हुए समर्पित

देश के 333 भावी सैन्य अफसर आज देश सेवा में समर्पित हुए। इसके अलावा 90 विदेशी कैडेट्स भी अपने देश की सेना में शामिल हुए। इनमें 90 युवा सैन्य अधिकारी नौ मित्र देशों अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, भूटान, मॉरीशस, मालद्वीव, फिजी, पपुआ न्यू गिनी, श्रीलंका व वियतनाम की सेना का अभिन्न अंग बने। कड़े प्रशिक्षण में खरा उतरने के बाद जांबाज कैडेट्स ने आज आईएमए में अंतिम पग भरा। इसके साथ ही वे भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। परेड में सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बतौर रिव्यूइंग ऑफिसर भाग लिया।

आज सुबह छह बजकर 42 मिनट पर कैडेट परेड स्थल पहुंचे और परेड शुरू हुई। डिप्टी कमांडेंट ने सबसे पहले परेड की सलामी ली। ठीक सात बजकर पांच मिनट पर कमांडेंट ले. ज. जयवीर सिंह नेगी ने परेड की सलामी ली। इसके बाद सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने परेड का निरीक्षण किया। रिव्यूइंग ऑफिसर ने विजेताओं को पुरुस्कार वितरित किए। फिर ये जांबाज अंतिम पग भर सेना में शामिल हो गए। पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद 423 जेंटलमैन कैडेट बतौर लेफ्टिनेंट देश-विदेश की सेना का अभिन्न अंग बन गए।

मुंह पर मास्क पहनकर की परेड
इस बार 333 भारतीय और 90 विदेशी कैडेट आईएमए से प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना और विदेशी कैडेट अपने देशों की कमान संभालने को तैयार हो गए हैं। ऐसा पहली बार है जब कैडेट बिना अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के अंतिम पग भरा। परेड भी कैडेट मुंह पर मास्क पहनकर कर रहे हैं।
पहली बार ऐसा हुआ कि आईएमए की पासिंग आउट परेड (पीओपी) के दौरान ड्रिल स्क्वायर पर सीना चैड़ा किए कदमताल करके अपने बेटे को देखने और उसके कंधों पर पीप्स (सितारे) सजाने की माता-पिता की इच्छा पूरी नहीं हुई।
बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार पीओपी में आईएमए की ओर से किसी भी कैडेट्स के परिजनों को बुलावा नहीं भेजा गया है।

ये बने सर्वश्रेष्ठ
– स्वार्ड आफ आनर-आकाशदीप सिंह ढिल्लो
– स्वर्ण-शिवकुमार सिंह चैहान
– सिल्वर-सक्षण राणा
– ब्रांज-सूरज सिंह
– टीजी सिल्वर-भरत योगेंद्र
– सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट-डोनवान सोन वियतनाम
– चीफ आफ आर्मी स्टाफ बैनर-अलामिन/सिंहगढ कंपनी

मुख्यमंत्री नाराज, क्वारंटीन सेंटर में आत्महत्या करने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरी गाज

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा जिलाधिकारियों के साथ प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा व आंगनबाङी कार्यकत्रियों की सहायता से सर्विलांस को बढाएं। यह सर्विलांस नियमित रूप से होना है। वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप लोगों में व्यवहारात्मक परिवर्तन लाने होंगे। देहरादून के क्वारेंटाईन सेंटर में युवक के आत्महत्या पर संबंधित नोडल अधिकारी व डाक्टर को निलंबित किया जाए। कोविड-19 से संबंधित हर मृत्यु की ऑडिट कराई जाए।

कोविड-19 से संबंधित लक्षण पर अनिवार्य तौर पर सेम्पलिंग
सर्विलांस में जिन लोगों में कोविड-19 से संबंधित लक्षण दिखाई दें, उनकी हेल्थ टीम के माध्यम से अनिवार्य रूप से सेम्पलिंग कराई जाए। फ्रंटलाईन वर्कर्स को आवश्यकताअनुसार थर्मल स्कैनर, फेस शील्ड, पीपीई किट, मास्क आदि जरूर उपलब्ध कराए जाएं। इससे उनका कार्य के प्रति उत्साह बढ़ता है। ओपीडी में ड्यूटी करने वाले चिकित्सकों को भी फेस शील्ड उपलब्ध हों।

लोगों में व्यवहारात्मक परिवर्तन लाने होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप लोगों में व्यवहारात्मक परिवर्तन लाने होंगे। इसके लिए आईईसी कार्यक्रम संचालित करें। फिजीकल डिस्टेंसिंग, मास्क का अनिवार्यता से उपयोग, नियमित रूप से हाथ धोना आदि बातों को आदत में लाना होगा। बाजारों में एक जगह पर भीड़ को सख्ती से नियंत्रित किया जाए।

कोविड-19 से संबंधित हर डेथ का आडिट
मुख्यमंत्री ने देहरादून के क्वारेंटाईन सेंटर में युवक के आत्महत्या पर संबंधित नोडल अधिकारी व डाक्टर को निलंबित करते हुए जांच के निर्देश दिये। देहरादून में एक गर्भवती महिला की इलाज न मिलने पर मृत्यु की भी शीघ्र जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाए। कन्टेनमेंट जोन में पूरी सख्ती रखी जाए। कान्टेक्ट ट्रेसिंग बहुत महत्वपूर्ण है। कोविड-19 से संबंधित हर डेथ का आडिट किया जाए। हर मृत्यु के कारण का विश्लेषण किया जाए। कोविड केयर सेंटर में सारी आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। क्वारेंटाईन सेंटर में भी सुविधाएं उपलब्ध हों। यह सुनिश्चित किया जाए कि होम आइसोलेशन में सारे प्रोटोकोल का पालन हो। डिस्चार्ज कर होम आइसोलेशन में भेजे जाने वालों की काउंसिल की जाए।

कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु पर अंतिम संस्कार सम्मानजनक तरीके से हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु पर उसके अंतिम संस्कार में विवाद न हो। लोगों को इस संबंध में जारी दिशानिर्देशों की जानकारी दी जाए। मृत्यु के बाद भी व्यक्ति का सम्मान बरकरार रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी व हरिद्वार में विद्युत शव-दाह गृह का कार्य शुरू करने के निर्देश देते हुए देहरादून में भी शव-दाह गृह की घोषणा की।

जिला स्तर पर अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि धन की कोई समस्या नहीं है। आवश्यकता अनुसार कार्मिकों की नियुक्ति के लिए जिलाधिकारियों को अधिकार दिए गए हैं। इसी प्रकार आवश्यक चिकित्सा संबंधित उपकरणों के क्रय के लिए भी अधिकार दिए गए हैं।

होम क्वारेंटाईन में प्रोटोकॉल का पालन
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि हर केस को पूरी गम्भीरता से लिया जाना है। होम क्वारेंटाईन के लिए डिस्चार्ज करने से पूर्व पूरी तरह आश्वस्त हो जाएं कि घर में मानकों के अनुरूप सारी व्यवस्थाएं उपलब्ध हों। सर्विलांस को बढाया जाना है।

पेशेंट केयर मेनेजमेन्ट से मृत्यु दर पर नियंत्रण
सचिव अमित नेगी ने कहा कि अगले 15-20 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमारी रिकवरी रेट और डबलिंग रेट में सुधार हो रहा है। एक्टिव केस लगभग स्थिरता की ओर जा रहे हैं। पेशेंट केयर मेनेजमेन्ट पर अधिक ध्यान दिया जाए। कोविड-19 के अलावा सामान्य चिकित्सा भी प्रभावित नहीं हो। लोगों को सामान्य इलाज मिलता रहे।

प्रदेश में आने वालों का ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी
सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि बाहर से प्रदेश में आने वालों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इससे भविष्य में उन्हें ट्रेक करने में आसानी होगी।

वीडियो कांफ्रेंसिग में आयुक्त कुमाऊँ अरविंद सिंह ह्यांकी, आयुक्त गढवाल रविनाथ रमन, सचिव डाॅ पंकज पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी व जिलाधिकारी उपस्थित थे।

ओएसडी पंवार पहुंचे क्वारंटीन सेंटर, अधिकारियों में मचा हड़कंप

देहरादून के क्वारंटीन सेंटर में हुई युवक की मौत को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बेहद नाराज बताये जा रहे है। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को क्वारंटीन सेंटरों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलने पर आज मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी धीरेंद्र सिंह पवार ने बीते रोज हुए मृतक के क्वारंटाइन सेंटर में जाकर निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद डाक्टरों व अधिकारियों से जानकारी ली, मौके पर उन्होंने जरुरी निर्देश भी दिये।
धीरेंद्र सिंह पवार ने डोईवाला विधानसभा के ग्राम सभा कालूवाला में प्राथमिक विद्यालय और बड़ोवाला इंटर कॉलेज के साथ ही नगरपालिका डोईवाला के अंतर्गत लच्छीवाला पंचायत घर व केशवपुरी बस्ती के प्राथमिक विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। वह व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो वहीं अधिकारियों के समय-समय पर क्वारंटाइन सेंटरों में निरीक्षण न करने की शिकायत के बाद अपनी नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को जमकर फटकार भी लगाई ।
धीरेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि इन क्वारंटाइन सेंटरों में रह रहे उत्तराखंड राज्य के प्रवासी इस राज्य का अभिन्न अंग है और उनकी सुरक्षा खाने पीने की व्यवस्था रहने की व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी है जिसके लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है। इन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो इसके लिए सरकार भरसक प्रयास कर रही है जिसके लिए सरकार ने ग्राम सभाओं को एक निश्चित धनराशि भी उपलब्ध कराई है कि जिससे इन क्वारंटाइन सेंटरों में रह रहे लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत पेश न आये ।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अधिकारी इन सेंटरों में समुचित व्यवस्था बनाए रखने में अपना सहयोग दें अगर किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो सरकार कार्यवाही करने से पीछे नहीं हटेगी उन्होंने अधिकारियों को समय-समय पर इन क्वारंटाइन सेंटरों में रह रहे प्रवासियों के स्वास्थ्य परीक्षण साफ-सफाई व भोजन इत्यादि की व्यवस्था जांचने परखने हेतु समय-समय पर निरीक्षण के निर्देश दिए हैं तो वहीं उन्होंने कहा कि उनके द्वारा भी इन व्यवस्थाओं के लिए लगातार औचक निरीक्षण किया जाता रहेगा जिससे कि किसी को भी किसी प्रकार की दिक्कत पेश न आये।
निरीक्षण के दौरान कालूवाला व बड़ोवाला में ग्राम प्रधान पंकज रावत, पूर्व प्रधान नरेंद्र सिंह नेगी, पूर्व प्रधान राजकुमार सिंह पुंडीर सहित केशवपुरी में निरीक्षण के दौरान सभासद प्रतिनिधि अमित कुमार भी मौजूद रहे।

भागीरथी फाउंडेशन ने फिर निभाई जिम्मेदारी, सेनिटाइजर, मास्क, साबुन, ग्लब्ज और फेस मास्क बांटे

भागीरथी फाउंडेशन भीमताल ने आज रामलीला मैदान मल्लीताल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में फाउंडेशन के सदस्यों ने कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु आशा कार्यकत्रियों को आवश्यक वस्तुएं सेनिटाइजर, मास्क, साबुन, ग्लब्ज, फेस मास्क आदि प्रदान किये।
फाउंडेशन के अध्यक्ष मनोज भट्ट ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौर में जहां सोशल डिस्टेंसिंग के चलते लोग घरों से बाहर नही निकल रहे है। वहीं इस परिस्थिति से निपटने के लिए में हमारी बहनें जो आशा कार्यकत्रियां है, दिन-रात सेवा में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में हमारा भी फर्ज है कि कोरोना वारियर के रुप में कार्य कर रही इन बहिनों के स्वास्थ्य की चिंता की जाये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने संस्था के सुझाव पर फाउंडेशन को सेनिटाइजर, मास्क, साबुन, ग्लब्ज, फेस मास्क आदि वस्तुएं उपलब्ध कराई गई। जिसे हमारे द्वारा लगातार कई क्षेत्रों में इनका वितरण किया जा रहा है। इसी क्रम में आज आशा कार्यकत्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया।
आशा कार्यकत्रियों ने भागीरथी फाउंडेशन के सभी सदस्यों का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसा वर्ग और संस्थाओं की जरुरत है जो जरुरतमंद लोगों की सेवा करने के लिए आगे आये। इस मौके पर भागीरथी फाउंडेशन के उपाध्यक्ष शरद पांडेय, कोषाध्यक्ष सुनीता पांडेय, सचिव भास्कर भगवाल, धन सिह राणा, आशु पाठक, सुरेश सुयाल, अनिल शर्मा, रमेश पलड़िया आदि मौजूद रहे।

याद है या भूल गए देहरादून की साप्ताहिक बंदी का आदेश इस शनिवार और रविवार को भी है लागू

राज्य सरकार द्वारा देहरादून में कोरोना संक्रमण को देखते हुए नगर निगम क्षेत्र के बाजारों को अगले आदेश तक यानि की शनिवार और रविवार के लिए बंद करने का निर्णय लिया था। साप्ताहिक बंदी के तहत कल शनिवार और रविवार को देहरादून नगर निगम क्षेत्र बंद रहेगा। बतातें चले कि 5 जून को जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी हुए थे। देहरादून नगर निगम क्षेत्र के बाजार पिछली बार की तरह इस बार भी बंद रहेंगे। इसके अलावा बंदी के दौरान वाहनों का भी संचालन नहीं होगा। सिर्फ आवश्यक सेवा से जुड़ी दुकानें, मेडिकल स्टोर और वाहन के संचालन की इजाजत दी गई है।इस दौरान पेट्रोल पंप, फल-सब्जी, मेडिकल स्टोर, डेयरी, गैसएजेंसी, टिफिन सर्विस, लाइसेंस धारक मीट की दुकानें, औद्योगिक इकाइयां और अस्पतालों की ओपीडी खुली रहेंगी। वहीं स्वास्थ्य, चिकित्सा, पेयजल, नगर निगम और विद्युत विभाग के दफ्तर भी खुले रहेंगे।
वहीं, सभी दुकानें, प्रतिष्ठान, शराब के ठेके, बैंक, सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी कार्यालय बंद रहेंगे। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन और एंबुलेंस को छोड़ परिवहन सेवाएं बंद रहेंगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने 5 जून को यह आदेश जारी किए थे।

डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर नगर निगम क्षेत्र में संख्या ज्यादा है। जिसे देखते हुए दो दिन की साप्ताहिक बंदी का निर्णय लिया गया है। डीएम ने बताया कि इस दौरान आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले चिंता की बात है। लेकिन, प्रशासन अपनी ओर से इसे रोकने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। लोगों से भी अपील है कि वह लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। जनसहयोग और जागरूकता के जरिये ही हम इस पर अंकुश लगा सकते हैं।

त्रिवेंद्र रावत के नेतृत्व में भाजपा ने उत्तराखंड से किया वादा निभायाः बंशीधर भगत

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर समय राजनीति करती है। अच्छे निर्णयों को लेकर जहां कांग्रेस को सरकार की पीठ थपथपानी चाहिए। कांग्रेस वहां भी लोगों को गुमराह करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण सवा करोड़ उत्तराखण्डियों की भावनाओं में है। प्रदेश के सभी लोग चाहते हैं कि गैरसैंण को लेकर जो सपना हमारे राज्य आंदोलनकारियों ने देखा था, वो आज पूरा हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी गैरसैंण को लेकर सदैव सकारात्मक रही है, यही वजह है कि हमारे घोषणापत्र में गैरसैंण प्रमुखता से था। मुझे खुशी है कि त्रिवेंद्र रावत के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ने उत्तराखण्ड के लोगों से किया वादा निभाया है। मैं प्रदेश सरकार, राज्य के समस्त जनता और आंदोलनकारियों को बहुत बहुत बधाई देता हूँ।
बंशीधर भगत ने कहा कि गैरसैंण को प्रदेश की ग्रीष्म राजधानी ऐसे समय बनाया गया है, जब न तो चुनाव हैं, न किसी तरह की मजबूरी है। हमारी पार्टी के प्रयास होता है कि जनभावनाओं को सर्वोपरि रखा जाय, उसी दिशा में ये कदम बढ़ाया गया है।
उत्तराखण्ड के सृजन से लेकर अब तक भाजपा की सरकारों ने इस पर्वतीय प्रदेश के लिए दिल खोलकर, बिना नफा नुकसान की परवाह किये काम किया है। याद कीजिये उत्तराखण्ड का सृजन स्व. अटल जी ने ही किया था। यही नहीं प्रदेश में आज जो औद्योगिक ढांचा है उसके लिए अटल जी की सरकार ने ही विशेष पैकेज दिया था, हालांकि बदकिस्मती से कांग्रेस की सरकार ने इस विशेष पैकेज को खत्म कर दिया था। आज के दौर में भी मोदी जी का उत्तराखण्ड के प्रति लगाव किसी से छिपा नहीं है। ऑल वेदर रोड, पहाड़ पर रेल लाइन, केदारपुरी का कायाकल्प, ये सारे काम भाजपा की सरकारों द्वारा ही संभव थे। गैरसैंण को ग्रीष्म राजधानी घोषित करना भी इसी विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। 
मगर ये बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि कांग्रेस अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। कांग्रेस की सरकारों ने 10 साल राज किया लेकिन गैरसैंण पर कोई ठोस फैसला नहीं ले पाए, और जब भाजपा की सरकार ने ये ऐतिहासिक कदम उठाया तो कांग्रेस जनता को गुमराह करने लगी है। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस नेतृत्व से पूछता हूँ, आखिर जब सरकार में थे तब क्यों सोए रहे? तब आपने जनभावना का अपमान क्यों किया? सच तो ये है कि कांग्रेस चाहती है नहीं है कि गैरसैंण की तरफ कदम आगे बढ़ाए जायँ, हां इनके नेता ढोंग करने, धरना देने जरूर वहां पहुंच जाते हैं। और जब जनभावनाओं के सम्मान की बात आती है तो ये पीछे हट जाते हैं।